सारांश तथा त्वरित पुनरावृत्ति

धारा, आवेश, विभवांतर

  • विद्युत धारा = आवेश के प्रवाह की दर: I=QtI = \dfrac{Q}{t}; SI मात्रक ऐम्पियर (A), 1 A=1 C/s1\ \text{A} = 1\ \text{C/s}
  • परंपरागत धारा इलेक्ट्रॉन प्रवाह के विपरीत होती है।
  • विभवांतर V=WQV = \dfrac{W}{Q}; SI मात्रक वोल्ट (V), 1 V=1 J/C1\ \text{V} = 1\ \text{J/C}
  • अमीटर → श्रेणी; वोल्टमीटर → समांतर।

ओम का नियम व प्रतिरोध

  • ओम का नियम: V=IRV = IR (नियत तापमान पर); VV-II ग्राफ मूल बिंदु से सीधी रेखा, ढाल = RR
  • प्रतिरोध R=VIR = \dfrac{V}{I}; SI मात्रक ओम (Ω)
  • R=ρlAR = \rho\dfrac{l}{A}: R ∝ लंबाई, R ∝ 1/क्षेत्रफल; ρ\rho = प्रतिरोधकता (Ω m), पदार्थ का गुण।

श्रेणी बनाम समांतर

श्रेणी समांतर
धारा प्रत्येक में समान बँटती: I=I1+I2+I = I_1+I_2+\dots
वोल्टता जुड़ती: V=V1+V2+V = V_1+V_2+\dots प्रत्येक पर समान
तुल्य R Rs=R1+R2+R_s = R_1+R_2+\dots (सबसे बड़ा) 1Rp=1R1+1R2+\dfrac{1}{R_p} = \dfrac{1}{R_1}+\dfrac{1}{R_2}+\dots (सबसे छोटा)
  • समांतर में दो: Rp=R1R2R1+R2R_p = \dfrac{R_1R_2}{R_1+R_2}
  • घरेलू वायरिंग समांतर होती है - प्रत्येक युक्ति को पूरी वोल्टता मिलती है व एक विफल होने पर अन्य काम करती रहती हैं।

तापीय प्रभाव, शक्ति व ऊर्जा

  • जूल का नियम: H=I2RtH = I^2Rt (साथ ही H=VItH = VIt)। ऊष्मा ∝ I2I^2, ∝ RR, ∝ tt
  • विद्युत शक्ति: P=VI=I2R=V2RP = VI = I^2R = \dfrac{V^2}{R}; SI मात्रक वाट (W), 1 kW=1000 W1\ \text{kW} = 1000\ \text{W}
  • ऊर्जा = शक्ति × समय; व्यावसायिक मात्रक किलोवाट-घंटा: 1 kW h=3.6×106 J1\ \text{kW h} = 3.6 \times 10^6\ \text{J}
  • फ्यूज़: कम गलनांक का पतला तार श्रेणी में; अधिक धारा पर पिघलकर परिपथ तोड़ता है।
  • टंगस्टन → बल्ब तंतु (उच्च गलनांक); मिश्रधातु (नाइक्रोम) → तापन तत्व; ताँबा/ऐलुमिनियम → संचरण लाइनें।

ऊर्जा की लागत = (kW में शक्ति) × (h में समय) × (प्रति यूनिट दर)। चूँकि HI2H \propto I^2, धारा दोगुनी करने से ऊष्मा।