प्रतिरोध किस पर निर्भर करता है?
विभिन्न घटक धारा को कम या अधिक सरलता से बहने देते हैं। चालक में गति करते इलेक्ट्रॉन पदार्थ के परमाणुओं द्वारा रोके जाते हैं - यही विरोध प्रतिरोध है। अच्छे चालक का प्रतिरोध कम होता है; प्रतिरोधक का प्रतिरोध पर्याप्त होता है; विद्युतरोधी का प्रतिरोध बहुत अधिक होता है।
सावधानीपूर्वक किए प्रयोग दर्शाते हैं कि एकसमान धात्विक चालक का प्रतिरोध तीन बातों पर निर्भर करता है:

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Length (l) | लंबाई (l) |
| Area of cross-section (A) | अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A) |
| Material / resistivity | पदार्थ / प्रतिरोधकता |
| longer -> more resistance | अधिक लंबाई -> अधिक प्रतिरोध |
| thicker -> less resistance | अधिक मोटा -> कम प्रतिरोध |
- इसकी लंबाई ,
- इसका अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल , तथा
- इसके पदार्थ की प्रकृति।
सूत्र R = ρl/A
सटीक मापन दर्शाते हैं:
- प्रतिरोध लंबाई के अनुक्रमानुपाती है: (दोगुने लंबे तार का प्रतिरोध दोगुना)।
- प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती है: (मोटे तार का प्रतिरोध कम)।
इन्हें मिलाकर:
यहाँ (rho) पदार्थ की विद्युत प्रतिरोधकता है - एक नियतांक जो पदार्थ की विशेषता है। इसका SI मात्रक ओम मीटर (Ω m) है।
मुख्य बिंदु: लंबा तार → अधिक प्रतिरोध; मोटा तार → कम प्रतिरोध; पदार्थ तय करता है।
प्रतिरोधकता तथा पदार्थों का चयन
- धातुओं व मिश्रधातुओं की प्रतिरोधकता बहुत कम ( से Ω m) होती है - ये अच्छे चालक हैं।
- विद्युतरोधी जैसे रबर व काँच की प्रतिरोधकता बहुत अधिक ( से Ω m) होती है।
- प्रतिरोध व प्रतिरोधकता दोनों तापमान के साथ बदलते हैं।
किसी मिश्रधातु की प्रतिरोधकता सामान्यतः उसकी घटक धातुओं से अधिक होती है, और मिश्रधातुएँ उच्च तापमान पर आसानी से ऑक्सीकृत (जलती) नहीं होतीं। अतः नाइक्रोम जैसी मिश्रधातुएँ तापन युक्तियों (विद्युत इस्तरी, टोस्टर, हीटर) में प्रयुक्त होती हैं।
टंगस्टन (बहुत उच्च गलनांक) बल्ब के तंतुओं में प्रयुक्त होता है; ताँबा व ऐलुमिनियम (कम प्रतिरोधकता) संचरण लाइनों में प्रयुक्त होते हैं।
[परीक्षा युक्ति] प्रतिरोध आधा करने हेतु दोगुने क्षेत्रफल (मोटा) का तार लें। हीटर में उपयोग हेतु मिश्रधातु चुनें (उच्च प्रतिरोधकता + ऑक्सीकरण नहीं)।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: प्रतिरोध से प्रतिरोधकता (NCERT 11.5)
1 m लंबे धातु के तार का प्रतिरोध 20°C पर 26 Ω है। इसका व्यास 0.3 mm है। प्रतिरोधकता ज्ञात कीजिए व पदार्थ बताइए।
हल: , अतः । प्रतिरोधकता तालिका से यह मैंगनीज़ से मेल खाता है।
उदाहरण 2: तार का पुनराकार (NCERT 11.6)
लंबाई व क्षेत्रफल वाले तार का प्रतिरोध 4 Ω है। समान पदार्थ के लंबाई व क्षेत्रफल वाले दूसरे तार का प्रतिरोध क्या होगा?
हल: । नए तार के लिए,
उदाहरण 3: लंबाई दोगुनी करना
किसी तार का प्रतिरोध 6 Ω है। यदि इसे समान पदार्थ व क्षेत्रफल परंतु दोगुनी लंबाई के तार से बदल दें, तो नया प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
हल: चूँकि , लंबाई दोगुनी करने से प्रतिरोध दोगुना: ।
उदाहरण 4: मोटा तार
6 Ω… 8 Ω प्रतिरोध वाले तार को समान लंबाई व पदार्थ परंतु दोगुने अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के तार से बदल दें। नया प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
हल: चूँकि , क्षेत्रफल दोगुना करने से प्रतिरोध आधा: ।