बोर्ड परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs)

अंक-वार व्यवस्थित। नियम सटीक बताएँ व जहाँ कहा जाए नामांकित आरेख बनाएँ (वे अंक दिलाते हैं)।

1-अंक प्रश्न

प्र1. सीधे धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा देने वाले नियम का नाम लिखिए। (उत्तर: दाहिने हाथ के अंगूठे का नियम।)

प्र2. भारत में AC आपूर्ति की आवृत्ति क्या है? (उत्तर: 50 Hz।)

प्र3. भू-तार के विद्युतरोधन का रंग बताइए। (उत्तर: हरा।)

प्र4. प्रेरित धारा की दिशा कौन-सा नियम देता है? (उत्तर: फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम।)

प्र5. नरम लोहे की क्रोड वाली धारावाही परिनालिका किस प्रकार का चुंबक कहलाती है? (उत्तर: विद्युत चुंबक।)

2-अंक प्रश्न

प्र6. चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण बताइए (कोई दो)। उत्तर: (i) वे चुंबक के बाहर उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर चलती हैं व बंद पाश बनाती हैं। (ii) वे कभी नहीं काटतीं। (iii) प्रबल क्षेत्र पर सघन होती हैं।

प्र7. AC जनित्र व DC जनित्र में अंतर कीजिए। उत्तर: AC जनित्र दो सर्पी वलय प्रयोग करता है, जिससे निर्गत धारा हर आधे घूर्णन पर उलटती है (प्रत्यावर्ती धारा)। DC जनित्र विभाजित वलय दिक्परिवर्तक प्रयोग करता है, जिससे धारा एक दिशा में (दिष्ट धारा) मिलती है।

प्र8. फ्यूज़ उदासीन तार के बजाय विद्युन्मय तार में क्यों जोड़ा जाता है? उत्तर: ताकि फ्यूज़ पिघलने पर वह उपकरण को विद्युन्मय (उच्च-विभव) तार से अलग कर दे, जिससे उपकरण छूने में सुरक्षित हो जाए। उदासीन तार में फ्यूज़ उड़ने के बाद भी उपकरण विद्युन्मय तार से जुड़ा रहता।

3-अंक प्रश्न

प्र9. फ्लेमिंग के बाएँ हाथ का नियम बताइए व इस पर आधारित दो युक्तियाँ बताइए। उत्तर: बाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी व मध्यमा को परस्पर लंबवत फैलाएँ; यदि तर्जनी क्षेत्र के अनुदिशमध्यमा धारा के अनुदिश हो, तो अंगूठा बल (गति) देता है। युक्तियाँ: विद्युत मोटर, लाउडस्पीकर (माइक्रोफोन, मापी यंत्र भी)।

प्र10. 2 kW विद्युत ओवन 220 V, 5 A परिपथ से जुड़ा है। क्या होता है, समझाइए। उत्तर: धारा =P/V=2000/220=9.1= P/V = 2000/220 = 9.1 A, जो 5 A रेटिंग से अधिक है। फ्यूज़ उड़ जाता है व परिपथ टूट जाता है, अतः ओवन इस परिपथ पर नहीं चल सकता।

प्र11. विद्युत चुंबक क्या है? इसकी क्रोड हेतु नरम लोहा क्यों प्रयुक्त होता है? उत्तर: विद्युत चुंबक विद्युतरोधी तार की कुंडली लिपटी नरम लोहे की क्रोड है जो धारा बहने पर चुंबकीय हो जाती है। नरम लोहा प्रयुक्त होता है क्योंकि यह धारा से प्रबलता से चुंबकित होता है व धारा रुकने पर चुंबकत्व खो देता है, जिससे चुंबक चालू/बंद हो सकता है।

5-अंक प्रश्न

प्र12. (क) विद्युत मोटर का नामांकित आरेख बनाइए। (ख) इसका सिद्धांत बताइए। (ग) विभाजित वलय दिक्परिवर्तक का कार्य क्या है? उत्तर: (क) आरेख: चुंबक ध्रुव N–S के बीच कुंडली ABCD, विभाजित वलय दिक्परिवर्तक, कार्बन ब्रश, बैटरी। (ख) सिद्धांत: चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही कुंडली बल (बल-आघूर्ण) अनुभव करती है - फ्लेमिंग बायाँ हाथ - जो उसे घुमाता है; यह विद्युत को यांत्रिक ऊर्जा में बदलता है। (ग) विभाजित वलय दिक्परिवर्तक हर आधे घूर्णन पर कुंडली में धारा उलट देता है, जिससे बल-आघूर्ण एक ही दिशा में रहता है व कुंडली सतत घूमती है।

प्र13. (क) विद्युत चुंबकीय प्रेरण क्या है? (ख) फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम बताइए। (ग) इस पर आधारित युक्ति का नाम व ऊर्जा रूपांतरण बताइए। उत्तर: (क) चालक से गुजरता चुंबकीय क्षेत्र बदलने पर उसमें प्रेरित धारा उत्पन्न होना (फैराडे)। (ख) दाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी व मध्यमा को परस्पर लंबवत: तर्जनी = क्षेत्र, अंगूठा = गति, मध्यमा = प्रेरित धारा। (ग) विद्युत जनित्र, जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।

प्र14. घरेलू विद्युत परिपथ का वर्णन कीजिए: तीन तार व उनके रंग, आपूर्ति वोल्टता व आवृत्ति, तथा भू-संपर्कन समझाइए। उत्तर: तीन तार: विद्युन्मय (लाल), उदासीन (काला), भू (हरा)। आपूर्ति: AC, 220 V, 50 Hz। उपकरण समांतर में जुड़े होते हैं, प्रत्येक का स्विच व फ्यूज़ विद्युन्मय तार पर। भू-संपर्कन उपकरणों के धातु ढाँचे को हरे तार द्वारा गड़ी भू-प्लेट से जोड़ता है, जो लीकेज धारा को ज़मीन तक कम-प्रतिरोध पथ देकर उपयोगकर्ता को तीव्र आघात से बचाता है।