विद्युत चुंबकीय प्रेरण
हमने देखा कि धारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। माइकल फैराडे ने उल्टा प्रभाव खोजा: एक बदलता चुंबकीय क्षेत्र किसी चालक में धारा उत्पन्न (प्रेरित) कर सकता है। इसे विद्युत चुंबकीय प्रेरण कहते हैं।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Motion of conductor | चालक की गति |
| Magnetic field | चुंबकीय क्षेत्र |
| Induced current | प्रेरित धारा |
| Galvanometer (G) | धारामापी (G) |
| Thumb = motion | अंगूठा = गति |
| Forefinger = field | तर्जनी = क्षेत्र |
| Middle finger = induced current | मध्यमा = प्रेरित धारा |
यदि किसी सीधे चालक को चुंबकीय क्षेत्र में गति कराई जाए (जिससे वह क्षेत्र रेखाओं को काटे), तो उसमें धारा प्रेरित होती है, जो धारामापी के विक्षेप से दिखती है। धारा कुंडली में चुंबक को पास या दूर ले जाकर, या पास की कुंडली में धारा बदलकर भी प्रेरित की जा सकती है - हर स्थिति में जो मायने रखता है वह है कुंडली से गुजरते चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन।
फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम
प्रेरित धारा की दिशा फ्लेमिंग के दाएँ हाथ के नियम से दी जाती है:
अपने दाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी व मध्यमा को परस्पर लंबवत फैलाएँ। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र के अनुदिश व अंगूठा चालक की गति की दिशा में संकेत करे, तो मध्यमा प्रेरित धारा की दिशा में संकेत करती है।
दोनों हाथों की तुलना:
- बायाँ हाथ → धारा पर बल (मोटर): क्षेत्र, धारा → बल।
- दायाँ हाथ → प्रेरित धारा (जनित्र): क्षेत्र, गति → प्रेरित धारा।
मुख्य बिंदु: प्रेरित धारा केवल तभी उत्पन्न होती है जब कुंडली से गुजरता चुंबकीय क्षेत्र बदल रहा हो।
[परीक्षा युक्ति] मोटर = बायाँ हाथ; जनित्र/प्रेरण = दायाँ हाथ। दोनों में तर्जनी क्षेत्र दर्शाती है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: विद्युत चुंबकीय प्रेरण क्या है?
विद्युत चुंबकीय प्रेरण को परिभाषित कीजिए।
हल: विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसी चालक में तब प्रेरित धारा (या वोल्टता) उत्पन्न होना है जब उससे गुजरता चुंबकीय क्षेत्र बदलता है - जैसे चालक को क्षेत्र में गति कराकर या चुंबक को कुंडली के सापेक्ष गति कराकर।
उदाहरण 2: कुंडली में धारा प्रेरित करने के उपाय
कुंडली में धारा प्रेरित करने के उपाय बताइए।
हल: (i) कुंडली की ओर या दूर चुंबक ले जाएँ। (ii) चुंबक के सापेक्ष कुंडली को गति दें। (iii) पड़ोसी कुंडली में धारा बदलें (जो इस कुंडली से गुजरते क्षेत्र को बदलती है)। हर उपाय कुंडली से गुजरते चुंबकीय क्षेत्र को बदलकर धारा प्रेरित करता है।
उदाहरण 3: प्रेरित धारा का नियम
प्रेरित धारा की दिशा कौन-सा नियम देता है, व अंगुलियाँ क्या दर्शाती हैं?
हल: फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम: दाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी व मध्यमा को परस्पर लंबवत रखकर - तर्जनी = चुंबकीय क्षेत्र, अंगूठा = चालक की गति, मध्यमा = प्रेरित धारा।
उदाहरण 4: विक्षेप का उलटना
एक चुंबक कुंडली में धकेला जाता है, फिर बाहर खींचा जाता है। धारामापी का क्या होता है?
हल: चुंबक को भीतर धकेलते समय धारामापी एक ओर विक्षेपित होता है (धारा प्रेरित)। बाहर खींचते समय क्षेत्र परिवर्तन उलट जाता है, अतः धारा - व धारामापी विक्षेप - विपरीत दिशा में होता है। चुंबक स्थिर होने पर कोई प्रेरित धारा नहीं होती।