हल किए गए उदाहरण

हल किए गए प्रश्नों का संग्रह। मुख्य नियम याद रखें:

  • दाहिने हाथ के अंगूठे का नियम - सीधे चालक के चारों ओर क्षेत्र (अंगूठा = धारा, अंगुलियाँ = क्षेत्र)।
  • फ्लेमिंग के बाएँ हाथ का नियम - क्षेत्र में धारा पर बल (तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा, अंगूठा = गति)। मोटर।
  • फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम - जनित्र में प्रेरित धारा (अंगूठा = गति, तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = प्रेरित धारा)।
  • घरेलू आपूर्ति: AC, 220 V, 50 Hz; विद्युन्मय = लाल, उदासीन = काला, भू = हरा।

उदाहरण 1: पावर लाइन का क्षेत्र (NCERT 12.1) क्षैतिज पावर लाइन में धारा पूर्व से पश्चिम बहती है। इसके नीचे व ऊपर क्षेत्र? हल: दाहिने हाथ के अंगूठे के नियम से वृत्तीय क्षेत्र पूर्व से देखने पर दक्षिणावर्त है; तार के नीचे उत्तर की ओर, ऊपर दक्षिण की ओर।

उदाहरण 2: इलेक्ट्रॉन पर बल (NCERT 12.2) एक इलेक्ट्रॉन क्षेत्र (पृष्ठ के भीतर) में दाईं ओर गति करते हुए प्रवेश करता है। बल की दिशा? हल: परंपरागत धारा इलेक्ट्रॉन के विपरीत (अर्थात बाईं ओर)। फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से बल पृष्ठ के भीतर (NCERT में विकल्प d)।

उदाहरण 3: अल्फा कण का विक्षेप (NCERT प्र.) पश्चिम की ओर गतिमान धनावेशित अल्फा कण क्षेत्र द्वारा उत्तर की ओर विक्षेपित होता है। क्षेत्र की दिशा? हल: धारा = पश्चिम (धन आवेश की गति), बल = उत्तर। फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से क्षेत्र ऊपर की ओर (विकल्प d)।

उदाहरण 4: क्षेत्र रेखाओं के गुण (NCERT प्र.) चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण बताइए। हल: (i) वे चुंबक के बाहर N से निकलकर S में मिलती हैं, बंद पाश बनाती हैं। (ii) स्पर्श रेखा क्षेत्र दिशा देती है। (iii) प्रबल क्षेत्र पर सघन होती हैं। (iv) कोई दो क्षेत्र रेखाएँ नहीं काटतीं।

उदाहरण 5: क्षेत्र रेखाएँ क्यों नहीं काटतीं (NCERT प्र.) दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों नहीं काटतीं? हल: यदि काटतीं, तो कटान बिंदु पर दिक्सूचक सुई को एक साथ दो दिशाओं में संकेत करना पड़ता, जो असंभव है। अतः क्षेत्र रेखाएँ कभी नहीं काटतीं।

उदाहरण 6: परिनालिका के भीतर क्षेत्र (NCERT MCQ) लंबी सीधी धारावाही परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र _ होता है। हल: यह सभी बिंदुओं पर समान (एकसमान) होता है - भीतर क्षेत्र रेखाएँ समांतर व समान अंतराल की हैं।

उदाहरण 7: दक्षिणावर्त पाश का क्षेत्र (NCERT प्र.) एक वृत्ताकार पाश मेज़ पर पड़ा है व धारा दक्षिणावर्त (ऊपर से देखने पर) बहती है। भीतर व बाहर क्षेत्र? हल: दाहिने हाथ के नियम से पाश के भीतर क्षेत्र नीचे की ओर (मेज़ में) व बाहर वापसी क्षेत्र ऊपर की ओर।

उदाहरण 8: प्रोटॉन का कौन-सा गुण बदलता है (NCERT प्र.) चुंबकीय क्षेत्र में स्वतंत्र गति करते प्रोटॉन का कौन-सा गुण बदल सकता है? हल: चुंबकीय बल प्रोटॉन का वेग, संवेग (दिशा) बदलता है, पर उसका द्रव्यमानचाल नहीं (चुंबकीय बल कार्य नहीं करता)। अतः वेग व संवेग बदल सकते हैं।

उदाहरण 9: छड़ AB का विस्थापन (NCERT प्र.) क्षेत्र में धारावाही छड़ का विस्थापन किससे प्रभावित होता है: (i) अधिक धारा, (ii) प्रबल चुंबक, (iii) लंबी छड़? हल: तीनों स्थितियों में बल - व विस्थापन - बढ़ता है: अधिक धारा, प्रबल क्षेत्र, व लंबा चालक प्रत्येक बल बढ़ाते हैं।

उदाहरण 10: चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने के दो उपाय (NCERT प्र.) चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने के दो उपाय बताइए। हल: (i) स्थायी चुंबक (छड़ चुंबक) का उपयोग। (ii) किसी चालक (सीधे तार, कुंडली या परिनालिका) से विद्युत धारा प्रवाहित करना - धारावाही चालक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।

उदाहरण 11: बल कब सबसे अधिक होता है? (NCERT प्र.) चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल सबसे अधिक कब होता है? हल: जब धारा की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के समकोण (लंबवत) पर हो।

उदाहरण 12: इलेक्ट्रॉन किरण का विक्षेप (NCERT प्र.) क्षैतिज गतिमान (पीछे से आगे) इलेक्ट्रॉन किरण चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आपकी दाईं ओर विक्षेपित होती है। क्षेत्र की दिशा? हल: परंपरागत धारा आगे से पीछे (इलेक्ट्रॉनों के विपरीत)। बल दाईं ओर। फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से क्षेत्र ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर।

उदाहरण 13: तीन दिशा नियम (NCERT प्र.) दिशा के लिए नियम बताइए: (i) सीधे चालक के चारों ओर क्षेत्र, (ii) चालक पर बल, (iii) घूमती कुंडली में प्रेरित धारा। हल: (i) दाहिने हाथ के अंगूठे का नियम, (ii) फ्लेमिंग के बाएँ हाथ का नियम, (iii) फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम

उदाहरण 14: 5 A परिपथ पर ओवन (NCERT प्र.) 2 kW ओवन 220 V, 5 A रेटेड परिपथ पर चलता है। क्या होता है? हल: I=P/V=2000/220=9.1I = P/V = 2000/220 = 9.1 A > 5 A। फ्यूज़ उड़ जाता है व परिपथ टूट जाता है; इस परिपथ पर ओवन नहीं चल सकता।

उदाहरण 15: भू-तार का कार्य (NCERT प्र.) भू-तार का क्या कार्य है व धातु उपकरणों को भू-संपर्कित क्यों करें? हल: भू-तार ज़मीन तक कम-प्रतिरोध पथ प्रदान करता है। भू-संपर्कन उपकरण के धातु ढाँचे को भू विभव पर रखता है, अतः लीकेज धारा भूमि में जाती है व उपयोगकर्ता को तीव्र आघात नहीं लगता।

उदाहरण 16: लघुपथन कब होता है? (NCERT प्र.) विद्युत लघुपथन कब होता है? हल: जब विद्युन्मय व उदासीन तार सीधे संपर्क में आ जाएँ (क्षतिग्रस्त विद्युतरोधन या दोष), तो प्रतिरोध घटता है व धारा अचानक बढ़ जाती है - लघुपथन।

उदाहरण 17: लंबे सीधे तार के पास क्षेत्र (NCERT MCQ) लंबे सीधे धारावाही तार के पास क्षेत्र का वर्णन कौन करता है? हल: तार पर केंद्रित संकेंद्रित वृत्त (विकल्प d)। न त्रिज्यीय, न तार के समांतर।

उदाहरण 18: क्षेत्र रेखाओं पर सही/गलत (NCERT प्र.) (क) लंबी वृत्ताकार कुंडली के केंद्र पर क्षेत्र समांतर सीधी रेखाएँ हैं। (ख) हरे विद्युतरोधन वाला तार विद्युन्मय तार है। हल: (क) सही - केंद्र पर क्षेत्र रेखाएँ लगभग समांतर सीधी रेखाएँ हैं। (ख) गलत - हरा तार भू-तार है; विद्युन्मय तार लाल है।

उदाहरण 19: मोटर बनाम जनित्र मोटर व जनित्र के लिए ऊर्जा रूपांतरण व हाथ-नियम बताइए। हल: मोटर: विद्युत → यांत्रिक, फ्लेमिंग बायाँ हाथ नियम। जनित्र: यांत्रिक → विद्युत, फ्लेमिंग दायाँ हाथ नियम।

उदाहरण 20: विभाजित वलय दिक्परिवर्तक की भूमिका DC मोटर में विभाजित वलय दिक्परिवर्तक क्यों प्रयुक्त होता है? हल: यह हर आधे घूर्णन पर कुंडली में धारा उलट देता है, अतः बल-आघूर्ण सदा एक ही घूर्णी दिशा में कार्य करता है व कुंडली एक दिशा में सतत घूमती है।

उदाहरण 21: AC बनाम DC जनित्र वलय AC जनित्र को DC जनित्र से क्या अलग करता है? हल: AC जनित्र दो सर्पी वलय प्रयोग करता है (निर्गत हर आधे घूर्णन पर उलटता = AC); DC जनित्र विभाजित वलय दिक्परिवर्तक प्रयोग करता है (निर्गत एक-दिशीय रहता = DC)।

उदाहरण 22: उपकरण द्वारा ली गई धारा 1000 W हीटर 220 V मेन्स पर चलता है। यह कितनी धारा खींचता है, व किस फ्यूज़ (5 A या 15 A) परिपथ पर होना चाहिए? हल: I=P/V=1000/220=4.55I = P/V = 1000/220 = 4.55 A। यह 5 A से कम है, अतः यह 5 A परिपथ पर सुरक्षित चल सकता है (5 A फ्यूज़ उपयुक्त)।

उदाहरण 23: एकसमान क्षेत्र आरेख (NCERT प्र.) आरेख में एकसमान चुंबकीय क्षेत्र कैसे दर्शाते हैं? हल: समांतर, समान अंतराल की सीधी क्षेत्र रेखाओं द्वारा जो सभी एक ही दिशा में हों (जैसे लंबी परिनालिका के भीतर)।

उदाहरण 24: अतिभारण से बचाव (NCERT प्र.) घरेलू परिपथों के अतिभारण से बचने की सावधानी क्या है? हल: एक ही सॉकेट में बहुत सारे उपकरण (विशेषकर उच्च-शक्ति) न जोड़ें, अलग उचित-रेटेड परिपथ (5 A, 15 A) प्रयोग करें, व सही रेटिंग का फ्यूज़ प्रयोग करें।

उदाहरण 25: AC की आवृत्ति AC मेन्स प्रति सेकंड 50 बार दिशा उलटती है। इसकी आवृत्ति क्या है, व भारतीय घरों में आपूर्ति वोल्टता क्या है? हल: आवृत्ति = 50 Hz; आपूर्ति वोल्टता = 220 V (AC)।

उदाहरण 26: n फेरों की कुंडली का क्षेत्र एक अकेला वृत्ताकार फेरा केंद्र पर क्षेत्र B उत्पन्न करता है। 20 ऐसे फेरों की कुंडली कितना क्षेत्र उत्पन्न करेगी? हल: हर फेरा जुड़ता है, अतः क्षेत्र 20 B (एक फेरे का n गुना) होता है, क्योंकि सभी फेरे एक ही दिशा में धारा ले जाते हैं।

उदाहरण 27: धारा ऊपर, क्षेत्र की दिशा एक तार ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर धारा ले जाता है। दाहिने हाथ के अंगूठे के नियम से क्षेत्र रेखाएँ वर्णित कीजिए। हल: अंगूठे को ऊपर (धारा) रखने पर अंगुलियाँ वामावर्त (ऊपर से देखने पर) मुड़ती हैं - संकेंद्रित क्षेत्र वृत्त तार के चारों ओर वामावर्त चलते हैं।

उदाहरण 28: नरम लोहा बनाम इस्पात क्रोड विद्युत चुंबक की क्रोड हेतु इस्पात के बजाय नरम लोहा क्यों पसंद किया जाता है? हल: नरम लोहा अस्थायी चुंबक है - धारा से प्रबलता से चुंबकित व धारा रुकने पर चुंबकत्व खो देता है, अतः विद्युत चुंबक चालू/बंद हो सकता है। इस्पात चुंबकत्व बनाए रखता (स्थायी), जो अवांछित है।

उदाहरण 29: घरेलू वायरिंग समांतर क्यों घर में उपकरण मेन्स के आर-पार समांतर में क्यों जोड़े जाते हैं, दो कारण दीजिए। हल: (i) प्रत्येक उपकरण को पूरा 220 V मिलता है। (ii) प्रत्येक का अपना स्विच होता है व एक उपकरण विफल/बंद होने पर अन्य काम करते रहते हैं। समांतर वायरिंग प्रत्येक को आवश्यक धारा भी लेने देती है।

उदाहरण 30: MRI व शरीर का चुंबकत्व (जानकारी) MRI किस सिद्धांत पर आधारित है, व कौन-से अंग महत्वपूर्ण चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं? हल: MRI (चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग) शरीर के भीतर दुर्बल आयन धाराओं द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्रों का उपयोग करके अंगों की छवि बनाता है। हृदयमस्तिष्क सबसे महत्वपूर्ण चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं।

उदाहरण 31: बल की दिशा उलटना चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल की दिशा उलटने के दो उपाय बताइए। हल: (i) धारा की दिशा उलटें, या (ii) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा उलटें (चुंबक के ध्रुव अदल-बदल करें)। कोई भी एक बल उलट देता है।

उदाहरण 32: युक्ति पहचानिए एक युक्ति में कुंडली चुंबकीय क्षेत्र में दो सर्पी वलयों व ब्रशों के साथ घूमती है, व कुंडली हाथ से घुमाने पर बल्ब जलता है। इसका नाम व ऊर्जा रूपांतरण बताइए। हल: यह AC जनित्र (डायनमो) है। यह विद्युत चुंबकीय प्रेरण द्वारा यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।