धारावाही चालक पर बल
धारा एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है, और वह क्षेत्र पास के चुंबक पर बल लगाता है। न्यूटन के तृतीय नियम से, चुंबक भी धारावाही चालक पर बराबर व विपरीत बल लगाता है (जैसा ऐम्पियर ने सुझाया)।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Forefinger = Field | तर्जनी = क्षेत्र |
| Middle finger = Current | मध्यमा = धारा |
| Thumb = Force/motion | अंगूठा = बल/गति |
| Conductor | चालक |
| North pole (N) | उत्तरी ध्रुव (N) |
| South pole (S) | दक्षिणी ध्रुव (S) |
यदि धारावाही छड़ चुंबकीय क्षेत्र में रखी जाए, तो उस पर बल लगता है व वह विस्थापित होती है। प्रयोग दर्शाते हैं:
- धारा उलटने पर बल की दिशा उलट जाती है।
- चुंबकीय क्षेत्र उलटने पर भी बल उलट जाता है।
- बल तब सबसे अधिक होता है जब धारा चुंबकीय क्षेत्र के समकोण (लंबवत) पर हो।
फ्लेमिंग के बाएँ हाथ का नियम
जब धारा व चुंबकीय क्षेत्र लंबवत हों, तो बल दोनों के लंबवत होता है। दिशाएँ फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से दी जाती हैं:
अपने बाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी व मध्यमा को परस्पर लंबवत फैलाएँ। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र के अनुदिश व मध्यमा धारा के अनुदिश संकेत करे, तो अंगूठा चालक पर बल (गति) की दिशा में संकेत करता है।
याद रखने का सरल तरीका: तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा, अंगूठा = गति/बल। (अंग्रेज़ी: Fore=Field, ceNtre=curreNt, thuMb=Motion)
मुख्य बिंदु: बल तब सबसे अधिक होता है जब धारा ⟂ क्षेत्र, और यह दोनों के लंबवत होता है।
[परीक्षा युक्ति] मोटर प्रभाव: चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक बल अनुभव करता है → यही विद्युत मोटर, लाउडस्पीकर व मापी यंत्रों का आधार है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: इलेक्ट्रॉन पर बल की दिशा (NCERT 12.2)
एक इलेक्ट्रॉन चुंबकीय क्षेत्र में समकोण पर प्रवेश करता है। फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से उस पर बल की दिशा क्या है (क्षेत्र पृष्ठ के भीतर, इलेक्ट्रॉन दाईं ओर गतिमान)?
हल: परंपरागत धारा इलेक्ट्रॉन की गति के विपरीत होती है। तर्जनी को क्षेत्र के अनुदिश व मध्यमा को परंपरागत धारा के अनुदिश रखकर फ्लेमिंग के बाएँ हाथ का नियम लगाने पर, अंगूठा (बल) पृष्ठ के भीतर संकेत करता है। (NCERT आरेख में उत्तर "पृष्ठ के भीतर" है।)
उदाहरण 2: बल को प्रभावित करने वाले कारक
छड़-इन-क्षेत्र प्रयोग में छड़ का विस्थापन किससे प्रभावित होता है: (i) धारा बढ़ाना, (ii) प्रबल चुंबक, (iii) छड़ की लंबाई बढ़ाना?
हल: तीनों स्थितियों में बल (व विस्थापन) बढ़ता है: (i) अधिक धारा, (ii) प्रबल चुंबकीय क्षेत्र, तथा (iii) क्षेत्र में लंबा चालक - सभी चालक पर बल बढ़ाते हैं।
उदाहरण 3: चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
पश्चिम की ओर गतिमान एक धनावेशित अल्फा कण चुंबकीय क्षेत्र द्वारा उत्तर की ओर विक्षेपित होता है। क्षेत्र की दिशा ज्ञात कीजिए।
हल: धारा दिशा = धन आवेश की गति = पश्चिम। बल = उत्तर। फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम (तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा, अंगूठा = बल) से क्षेत्र ऊपर की ओर (ज़मीन से बाहर) होना चाहिए। अतः चुंबकीय क्षेत्र ऊपर की ओर निर्देशित है।
उदाहरण 4: बल कब सबसे अधिक होता है?
चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर बल कब सबसे अधिक होता है?
हल: बल तब सबसे अधिक होता है जब धारा की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के समकोण (लंबवत) पर हो।