सारांश तथा त्वरित पुनरावृत्ति
चुंबकीय क्षेत्र व क्षेत्र रेखाएँ
- चुंबकीय क्षेत्र चुंबक के चारों ओर का क्षेत्र है जहाँ उसका बल अनुभव हो; इसमें परिमाण व दिशा होती है।
- क्षेत्र रेखाएँ: चुंबक के बाहर N → S, भीतर S → N (बंद पाश); दिशा = जिधर दिक्सूचक N ध्रुव संकेत करे; सघन = प्रबल क्षेत्र; कभी नहीं काटतीं।
धारा के कारण क्षेत्र
- ओर्स्टेड: धारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
- सीधा तार: संकेंद्रित वृत्त; क्षेत्र ∝ धारा, दूरी से दुर्बल। दिशा दाहिने हाथ के अंगूठे के नियम से (अंगूठा = धारा, अंगुलियाँ = क्षेत्र)।
- वृत्ताकार पाश: केंद्र पर क्षेत्र पाश के ⟂; n फेरे → n × क्षेत्र।
- परिनालिका: छड़ चुंबक जैसा; भीतर एकसमान क्षेत्र। नरम लोहे की क्रोड विद्युत चुंबक (अस्थायी चुंबक) बनाती है।
बल, मोटर, प्रेरण, जनित्र
- चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक बल अनुभव करता है; सबसे अधिक जब धारा ⟂ क्षेत्र। दिशा फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से (तर्जनी=क्षेत्र, मध्यमा=धारा, अंगूठा=गति)।
- विद्युत मोटर: विद्युत → यांत्रिक ऊर्जा; कुंडली + चुंबक + विभाजित वलय दिक्परिवर्तक (हर आधे घूर्णन पर धारा उलटता) + ब्रश।
- विद्युत चुंबकीय प्रेरण (फैराडे): बदलता चुंबकीय क्षेत्र धारा प्रेरित करता है। दिशा फ्लेमिंग के दाएँ हाथ के नियम से (अंगूठा=गति, तर्जनी=क्षेत्र, मध्यमा=प्रेरित धारा)।
- विद्युत जनित्र: यांत्रिक → विद्युत ऊर्जा। सर्पी वलय → AC; विभाजित वलय दिक्परिवर्तक → DC।
| मोटर | जनित्र | |
|---|---|---|
| ऊर्जा | विद्युत → यांत्रिक | यांत्रिक → विद्युत |
| नियम | बायाँ हाथ | दायाँ हाथ |
| वलय | विभाजित वलय | सर्पी वलय (AC)/विभाजित वलय (DC) |
घरेलू परिपथ
- आपूर्ति: AC, 220 V, 50 Hz। तीन तार: विद्युन्मय = लाल, उदासीन = काला, भू = हरा।
- उपकरण समांतर में; प्रत्येक का स्विच व फ्यूज़ विद्युन्मय तार पर।
- फ्यूज़: अति-धारा पर पिघलता है, परिपथ व उपकरणों की रक्षा (विद्युन्मय तार पर श्रेणी में)।
- लघुपथन: विद्युन्मय व उदासीन स्पर्श करें → धारा तेज़ी से बढ़े।
- अतिभारण: एक सॉकेट में बहुत सारे उपकरण, या वोल्टता वृद्धि।
- भू-संपर्कन: धातु ढाँचा → भू-तार → ज़मीन; कम-प्रतिरोध पथ जो उपयोगकर्ता को आघात से बचाता है।
एक-पंक्ति स्मरण
- तार के चारों ओर क्षेत्र → दाहिने हाथ का अंगूठा; तार पर बल → बायाँ हाथ; प्रेरित धारा → दायाँ हाथ।
- मोटर = विभाजित वलय; AC जनित्र = सर्पी वलय; भू = हरा; फ्यूज़ विद्युन्मय तार पर।