इस खंड के बारे में
यह खंड अध्याय 2 से पिछले वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्नों (CBSE और राज्य बोर्ड) का संग्रह है, जिनमें आदर्श उत्तर दिए गए हैं, ताकि परीक्षा में अपेक्षित पैटर्न और गहराई को दर्शाया जा सके।
बोर्ड PYQ — अति लघु उत्तर (1 अंक)
Q1. बाबा रामचंद्र (Baba Ramchandra) के साथ अवध किसान सभा की स्थापना किसने की? उत्तर. जवाहरलाल नेहरू ने (अन्य लोगों के साथ)।
Q2. गांधीजी ने 'अछूतों' को क्या कहा? उत्तर. हरिजन (ईश्वर की संतान)।
Q3. व्यापारी वर्गों ने 1927 में कौन-सा संगठन बनाया? उत्तर. भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की / FICCI)।
बोर्ड PYQ — लघु उत्तर (3 अंक)
Q4. भारतीयों ने साइमन कमीशन का विरोध क्यों किया? उत्तर. साइमन कमीशन (Simon Commission) की स्थापना संवैधानिक व्यवस्था की समीक्षा के लिए हुई थी, परंतु इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था — सभी अंग्रेज थे। भारतीय अपने भविष्य का निर्णय करने से बाहर रखे जाने पर अपमानित महसूस करते थे, इसलिए सभी दलों ने इसका स्वागत 'साइमन वापस जाओ' के नारे से किया।
Q5. प्रथम विश्वयुद्ध ने भारत में आर्थिक कठिनाई कैसे पैदा की? उत्तर. युद्ध ने रक्षा व्यय बढ़ाया, जिसे युद्ध ऋणों और ऊँचे करों से वित्तपोषित किया गया; 1913 से 1918 के बीच कीमतें दोगुनी हो गईं; गाँवों को जबरन भर्ती का सामना करना पड़ा; और फसलों की विफलता तथा इन्फ्लूएंजा महामारी (1918–21) ने भयंकर खाद्य संकट पैदा किया, जिसमें 1 से 1.3 करोड़ लोग मारे गए।
बोर्ड PYQ — लघु उत्तर (3 अंक)
Q6. असहयोग आंदोलन शहरों में धीरे-धीरे कमजोर क्यों पड़ गया? उत्तर. खादी का कपड़ा मिल के कपड़े से महँगा था, इसलिए गरीब लोग अधिक समय तक मिल के कपड़े का बहिष्कार नहीं कर सके; और ब्रिटिश स्कूलों तथा अदालतों के बहिष्कार के लिए वैकल्पिक भारतीय संस्थाओं की आवश्यकता थी, जो धीरे-धीरे ही खड़ी हो पाईं। इसलिए छात्र, शिक्षक और वकील धीरे-धीरे सरकारी संस्थाओं में लौट गए।
Q7. समझाइए कि नमक यात्रा प्रतिरोध का एक प्रभावी प्रतीक कैसे बनी। उत्तर. नमक का उपयोग अमीर और गरीब समान रूप से करते थे और यह एक आवश्यक खाद्य पदार्थ था; इस पर लगा कर और सरकारी एकाधिकार ब्रिटिश शासन के दमन का प्रतीक था। दांडी (Dandi) तक 240 मील पैदल चलकर और नमक कानून तोड़कर, गांधी ने एक साधारण रोज़मर्रा की वस्तु को एक शक्तिशाली, एकजुट करने वाला प्रतीक बना दिया, जिससे सभी वर्ग जुड़ाव महसूस कर सकते थे।
बोर्ड PYQ — दीर्घ उत्तर (5 अंक)
Q8. विभिन्न सामाजिक समूहों ने सविनय अवज्ञा आंदोलन में कैसे भाग लिया? उत्तर. धनी किसान (पाटीदार, जाट) ऊँचे लगान के विरुद्ध शामिल हुए, परंतु जब दरें कम नहीं हुईं तो हट गए। गरीब किसान किराए में छूट चाहते थे और उग्र आंदोलनों में शामिल हुए। व्यापारी वर्ग (फिक्की / FICCI, बिड़ला, ठाकुरदास) आयात के विरुद्ध संरक्षण चाहते थे और धन दिया, परंतु बाद में आशंकित हो गए। औद्योगिक मजदूर अधिकतर दूर रहे, और महिलाओं ने जुलूस निकालकर, नमक बनाकर और धरना देकर बड़े पैमाने पर भाग लिया, यद्यपि कांग्रेस मुख्यतः उनकी प्रतीकात्मक उपस्थिति को ही महत्व देती थी।
Q9. असहयोग आंदोलन के दौरान विभिन्न समूहों द्वारा रखी गई स्वराज की भिन्न धारणाओं को समझाइए। उत्तर. शहरवासियों (छात्र, वकील) ने स्वराज को ब्रिटिश संस्थाओं के बहिष्कार के रूप में देखा; अवध के किसानों ने तालुकदारों, ऊँचे किराए और बेगार से मुक्ति के रूप में; गुडेम के आदिवासियों ने वनों के उपयोग के अधिकार के रूप में, जिसे उन्होंने बल द्वारा प्राप्त करने का प्रयास किया; और असम के बागान मजदूरों ने स्वतंत्र रूप से आने-जाने तथा अपने गाँवों को लौटने के अधिकार के रूप में। इस प्रकार 'स्वराज' का अर्थ अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग था।