परिचय — रासायनिक अभिक्रिया क्या है?
जरा सोचिए — गर्मियों में दूध बाहर रखा रहे तो खट्टा हो जाता है, लोहे की कील वर्षा में छोड़ दें तो उस पर भूरी परत चढ़ जाती है, अंगूर का रस कुछ दिनों में शराब बन जाता है, और हम जो भोजन खाते हैं वह हमारे शरीर में पच जाता है। ये सब अलग-अलग दिखते हैं, पर इन सभी में एक बात समान है — प्रारंभिक पदार्थ की प्रकृति या पहचान बदल जाती है।
जब किसी पदार्थ की रासायनिक संरचना और गुण बदल जाते हैं और एक नया पदार्थ बनता है, तो हम कहते हैं कि एक रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) हुई है।
मुख्य बिंदु: रासायनिक परिवर्तन में नए पदार्थ का निर्माण होता है, जबकि भौतिक परिवर्तन में केवल अवस्था या आकार बदलता है, पदार्थ की पहचान वही रहती है।
भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन में अंतर
| पहलू | भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
|---|---|---|
| नया पदार्थ | नहीं बनता | अवश्य बनता है |
| उत्क्रमणीयता | प्रायः उत्क्रमणीय | प्रायः अनुत्क्रमणीय |
| ऊर्जा परिवर्तन | बहुत कम | प्रायः उल्लेखनीय |
| उदाहरण | बर्फ़ का पिघलना, जल का उबलना | लोहे पर जंग लगना, दूध का खट्टा होना |
[बोर्ड महत्वपूर्ण] परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है — निम्न में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन है? तो हमेशा यह देखें कि क्या कोई नया पदार्थ बना है।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Magnesium ribbon | मैग्नीशियम रिबन |
| Tongs | चिमटा |
| Dazzling white flame | चमकदार सफ़ेद ज्वाला |
| Magnesium oxide (white ash) | मैग्नीशियम ऑक्साइड (सफ़ेद राख) |
| Watch glass | वाच ग्लास |
अभिक्रिया होने के संकेत — हमें कैसे पता चले?
यह जानने के लिए कि कोई रासायनिक अभिक्रिया हुई है या नहीं, हम कुछ पर्यवेक्षण-योग्य संकेतों पर ध्यान देते हैं। यदि निम्न में से कोई एक या एक से अधिक परिवर्तन दिखाई दे, तो समझ लीजिए कि एक रासायनिक अभिक्रिया घटित हुई है —
1. अवस्था में परिवर्तन (Change in State)
ठोस से द्रव, द्रव से गैस, या इसके विपरीत परिवर्तन यदि नए पदार्थ के साथ हो — जैसे लकड़ी जलकर राख और धुआँ बनाती है।
2. रंग में परिवर्तन (Change in Colour)
यह सबसे आसानी से दिखने वाला संकेत है। उदाहरण के लिए, फ़ेरस सल्फ़ेट का हरा रंग गर्म करने पर भूरा हो जाता है, चाँदी की वस्तु पर काली परत बनना, ताँबे की वस्तु पर हरी परत बनना।
3. गैस का उत्सर्जन (Evolution of Gas)
जब अभिक्रिया से बुलबुले (effervescence) निकलें, तो समझिए गैस बन रही है। उदाहरण — दानेदार ज़िंक पर तनु डालने पर हाइड्रोजन गैस के बुलबुले निकलते हैं।
4. तापमान में परिवर्तन (Change in Temperature)
कुछ अभिक्रियाओं में ऊष्मा निकलती है (बीकर गर्म लगता है) — जैसे बुझे चूने में पानी डालना। कुछ अभिक्रियाओं में ऊष्मा अवशोषित होती है (बीकर ठंडा लगता है) — जैसे बेरियम हाइड्रॉक्साइड + अमोनियम क्लोराइड।
5. अवक्षेप का निर्माण (Formation of Precipitate)
जब दो विलयन मिलाने पर कोई अघुलनशील ठोस नीचे बैठ जाए, तो वह अवक्षेप कहलाता है। उदाहरण — लेड नाइट्रेट + पोटैशियम आयोडाइड से पीला अवक्षेप।
स्मरण-सूत्र (बोर्ड के लिए): "अ-र-गै-ता-अव" — अवस्था, रंग, गैस, तापमान, अवक्षेप — ये पाँच संकेत याद रखें।
क्रियाकलाप 1.1 — मैग्नीशियम रिबन का दहन
कक्षा में किया जाने वाला यह सबसे प्रसिद्ध प्रयोग है। आइए देखते हैं क्या होता है —
विधि:
- लगभग 3–4 cm लंबे मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल (sandpaper) से रगड़कर साफ़ करें।
- इसे चिमटे से पकड़कर बर्नर की ज्वाला पर जलाएँ।
- जलने से बनी राख को वॉच ग्लास में एकत्र करें।
प्रेक्षण:
- मैग्नीशियम रिबन चमकदार श्वेत ज्वाला के साथ जलता है।
- एक श्वेत चूर्ण (मैग्नीशियम ऑक्साइड) बनता है।
रासायनिक अभिक्रिया:
सावधानी: मैग्नीशियम जलते समय अत्यधिक तेज प्रकाश उत्पन्न करता है जो आँखों को क्षति पहुँचा सकता है। इसलिए सुरक्षा-चश्मा (goggles) पहनना ज़रूरी है।
मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से क्यों साफ़ करते हैं? वायु में रखने पर मैग्नीशियम की सतह पर मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) की परत जम जाती है, जो दहन में बाधक होती है। रेगमाल से रगड़ने पर यह परत हट जाती है और शुद्ध मैग्नीशियम धातु ऑक्सीजन से सीधे अभिक्रिया कर पाता है।
[बोर्ड में अक्सर पूछा गया] यह प्रश्न लगभग हर वर्ष पूछा जाता है।
क्रियाकलाप 1.2 एवं 1.3 — दो और महत्वपूर्ण प्रयोग
क्रियाकलाप 1.2 — ज़िंक + तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल
विधि: शंक्वाकार फ्लास्क में दानेदार ज़िंक लीजिए और उसमें तनु मिलाइए।
प्रेक्षण:
- ज़िंक के दानों के चारों ओर बुलबुले उठते हैं (हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन)।
- फ्लास्क गर्म हो जाता है (तापमान में वृद्धि)।
अभिक्रिया:
क्रियाकलाप 1.3 — लेड नाइट्रेट + पोटैशियम आयोडाइड
विधि: एक परखनली में लेड (II) नाइट्रेट का घोल लीजिए और उसमें पोटैशियम आयोडाइड का घोल मिलाइए।
प्रेक्षण:
- तुरंत पीले रंग का अवक्षेप बनता है (लेड आयोडाइड )।
अभिक्रिया:
रंग याद रखें (बोर्ड के लिए):
- — पीला (Yellow)
- — श्वेत (White)
- — श्वेत (White)
- — नीला (Blue)
- — हरा (Green)
ये तीनों क्रियाकलाप अलग-अलग संकेत दिखाते हैं — दहन (1.1) में रंग परिवर्तन और श्वेत राख, ज़िंक प्रयोग (1.2) में गैस उत्सर्जन और तापमान वृद्धि, और लेड प्रयोग (1.3) में अवक्षेप का निर्माण।
अभिकारक एवं उत्पाद (Reactants and Products)
प्रत्येक रासायनिक अभिक्रिया में दो प्रकार के पदार्थ होते हैं —
अभिकारक (Reactants): वे पदार्थ जिनसे अभिक्रिया प्रारंभ होती है — जो रासायनिक परिवर्तन से गुज़रते हैं। ये समीकरण के बायीं ओर (LHS) लिखे जाते हैं।
उत्पाद (Products): वे नए पदार्थ जो अभिक्रिया के पश्चात बनते हैं। ये समीकरण के दायीं ओर (RHS) लिखे जाते हैं।
सामान्य रूप:
तीर का चिह्न () अभिक्रिया की दिशा को दर्शाता है — अर्थात अभिकारक उत्पाद में परिवर्तित हो रहे हैं।
उदाहरण से समझें
जब मैग्नीशियम वायु में जलता है —
यहाँ Mg और अभिकारक हैं तथा MgO उत्पाद है।
दैनिक जीवन के कुछ रासायनिक अभिक्रियाओं के उदाहरण
| स्थिति | अभिकारक | उत्पाद |
|---|---|---|
| दूध का खट्टा होना | दूध की शर्करा (लैक्टोज़) | लैक्टिक अम्ल |
| लोहे पर जंग | लोहा + ऑक्सीजन + जल | फ़ेरिक ऑक्साइड (जंग) |
| श्वसन | ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन | + जल + ऊर्जा |
| भोजन का पकना | विभिन्न प्रोटीन/स्टार्च | सरल अणु |
| प्रकाश-संश्लेषण | + जल | ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन |
[बोर्ड टिप] प्रश्न में पूछा जा सकता है — अभिक्रिया में अभिकारक और उत्पाद पहचानिए। याद रखें: तीर के बायीं ओर = अभिकारक, दायीं ओर = उत्पाद।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए — इस अनुभाग के सभी मुख्य बिंदु संक्षेप में।
मुख्य परिभाषाएँ
- रासायनिक अभिक्रिया: वह प्रक्रिया जिसमें अभिकारकों के परमाणुओं के बीच आबंध टूटकर तथा नए आबंध बनकर नए पदार्थ (उत्पाद) का निर्माण होता है।
- अभिकारक (Reactants): तीर के बायीं ओर — अभिक्रिया प्रारंभ करने वाले पदार्थ।
- उत्पाद (Products): तीर के दायीं ओर — अभिक्रिया से बने नए पदार्थ।
अभिक्रिया के 5 संकेत — स्मरण-सूत्र "अ-र-गै-ता-अव"
| क्रम | संकेत | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ | अवस्था में परिवर्तन | लकड़ी जलकर राख + धुआँ |
| र | रंग में परिवर्तन | हरा → भूरा |
| गै | गैस का उत्सर्जन | |
| ता | तापमान में परिवर्तन | (गर्म) |
| अव | अवक्षेप का बनना |
अनिवार्य रूप से याद रखने योग्य अभिक्रियाएँ
- मैग्नीशियम का दहन (श्वेत ज्वाला):
- ज़िंक + तनु अम्ल:
- अवक्षेपण (पीला अवक्षेप):
- श्वसन (ऊष्माक्षेपी):
अवक्षेप के रंग — चटपट याद कीजिए
- → पीला
- , → श्वेत
- → नीला
- → हरा
अवस्था के संकेत
= ठोस | = द्रव | = गैस | = जलीय विलयन
द्रव्यमान संरक्षण का नियम
मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से क्यों साफ़ करते हैं?
→ सतह पर बनी MgO की परत हटाने के लिए, ताकि शुद्ध Mg ऑक्सीजन से सीधे क्रिया कर सके। (लगभग हर बोर्ड परीक्षा में पूछा गया)
अंतिम सूत्र: नया पदार्थ बना तो रासायनिक, नहीं तो भौतिक — बस इतना देखें।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: रासायनिक परिवर्तन की पहचान
निम्नलिखित में से कौन-कौन से रासायनिक परिवर्तन हैं? (i) मोम का पिघलना (ii) मोमबत्ती का जलना (iii) जल का उबलकर भाप बनना (iv) लोहे पर जंग लगना (v) दूध से दही बनना
हल:
- पहचान का नियम: रासायनिक परिवर्तन में नया पदार्थ बनता है; भौतिक में नहीं।
- विश्लेषण:
- मोम का पिघलना → ठोस से द्रव; पदार्थ वही, भौतिक परिवर्तन।
- मोमबत्ती का जलना → मोम ऊष्मा; नया पदार्थ बना, रासायनिक परिवर्तन।
- जल का भाप बनना → ही रहा, भौतिक परिवर्तन।
- जंग लगना → , नया पदार्थ, रासायनिक परिवर्तन।
- दही बनना → लैक्टिक अम्ल का निर्माण, रासायनिक परिवर्तन।
- उत्तर: (ii), (iv) और (v) रासायनिक परिवर्तन हैं।
उदाहरण 2: मैग्नीशियम रिबन को क्यों साफ़ करते हैं?
वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से क्यों साफ़ किया जाता है?
हल:
- समस्या: मैग्नीशियम धातु अत्यंत क्रियाशील है।
- कारण: वायु में रखने पर मैग्नीशियम की सतह पर ऑक्सीजन से क्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) की एक पतली परत जम जाती है।
- समस्या का प्रभाव: यह MgO परत दहन में बाधा डालती है क्योंकि यह स्वयं नहीं जलती और अंदर के मैग्नीशियम को ऑक्सीजन से सीधे संपर्क में नहीं आने देती।
- समाधान: रेगमाल से रगड़ने से यह ऑक्साइड परत हट जाती है और शुद्ध मैग्नीशियम धातु ऑक्सीजन से सीधे अभिक्रिया कर पाती है।
उत्तर: मैग्नीशियम रिबन की सतह पर बनी MgO की परत हटाने के लिए, ताकि वह वायु में आसानी से जल सके।
[बोर्ड में बार-बार पूछा गया प्रश्न — अंक: 2]
उदाहरण 3: अभिकारक एवं उत्पाद पहचानिए
निम्न अभिक्रिया में अभिकारक और उत्पाद पहचानिए तथा बताइए कि कौन-कौन से संकेत इस अभिक्रिया के होने की पुष्टि करते हैं —
हल:
- अभिकारक: (ज़िंक) तथा (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) — तीर के बायीं ओर।
- उत्पाद: (ज़िंक क्लोराइड) तथा (हाइड्रोजन गैस) — तीर के दायीं ओर।
- अभिक्रिया के संकेत:
- गैस का उत्सर्जन: गैस बुलबुलों के रूप में निकलती है।
- तापमान में वृद्धि: यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है, अतः मिश्रण गर्म हो जाता है।
- ज़िंक का धीरे-धीरे घुलना: ज़िंक धातु धीरे-धीरे विलयन में घुल जाती है।
- उत्तर: अभिकारक — Zn और HCl; उत्पाद — और ।
उदाहरण 4: अवक्षेप के रंग से पदार्थ पहचानिए
जब लेड नाइट्रेट के विलयन में पोटैशियम आयोडाइड का विलयन मिलाया जाता है, तो किस रंग का अवक्षेप बनता है? बने यौगिक का नाम तथा अभिक्रिया लिखिए।
हल:
- प्रेक्षण: एक चमकीला पीले रंग का अवक्षेप बनता है।
- अवक्षेप का नाम: लेड (II) आयोडाइड ()।
- संतुलित समीकरण:
- यह कौन-सी अभिक्रिया है? यह द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया है, क्योंकि और आयन आपस में स्थान बदलते हैं।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] का चमकीला पीला रंग बहुत आसानी से पहचाना जा सकता है — परीक्षा में यह 'सोने की वर्षा (Golden Rain)' प्रयोग के रूप में भी पूछा जाता है।
उदाहरण 5: तापमान-परिवर्तन के आधार पर पहचान
एक छात्र ने तीन प्रयोग किए — (A) एक बीकर में बुझे हुए चूने में जल मिलाया। (B) एक परखनली में बेरियम हाइड्रॉक्साइड और अमोनियम क्लोराइड मिलाए। (C) एक बीकर में चीनी को जल में घोला।
तापमान-परिवर्तन के आधार पर बताइए कि कौन-सा परिवर्तन रासायनिक है और किस प्रकार का।
हल:
- (A) जल मिलाने पर बीकर बहुत गर्म हो जाता है। यह रासायनिक परिवर्तन है — ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया।
- (B) परखनली ठंडी हो जाती है (हथेली से पकड़ने पर ठंडक महसूस होती है)। यह रासायनिक परिवर्तन है — ऊष्माशोषी अभिक्रिया।
- (C) चीनी का जल में घुलना — कोई नया पदार्थ नहीं बनता, यह केवल भौतिक परिवर्तन है।
उत्तर: (A) ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया, (B) ऊष्माशोषी रासायनिक अभिक्रिया, (C) भौतिक परिवर्तन।
उदाहरण 6: रासायनिक अभिक्रिया की परिभाषा
रासायनिक अभिक्रिया को परिभाषित कीजिए। दैनिक जीवन से तीन उदाहरण दीजिए।
हल:
परिभाषा: वह प्रक्रिया जिसमें एक या एक से अधिक पदार्थ (अभिकारक) अपनी संरचना और गुण बदलकर एक या एक से अधिक नए पदार्थ (उत्पाद) में परिवर्तित हो जाते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।
मुख्य लक्षण:
- नए पदार्थ का निर्माण होता है।
- अभिकारकों के परमाणुओं के बीच आबंध टूटते और नए आबंध बनते हैं।
- द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन होता है।
दैनिक जीवन के तीन उदाहरण:
- लोहे पर जंग लगना:
- दूध से दही बनना: लैक्टोज़ → लैक्टिक अम्ल (किण्वन)
- भोजन का पाचन: स्टार्च, प्रोटीन और वसा छोटे अणुओं में टूटते हैं।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3 अंक का प्रश्न]
उदाहरण 7: रंग परिवर्तन से पहचान
कॉपर सल्फ़ेट के नीले विलयन में लोहे की कील डाली जाती है। 30 मिनट बाद क्या प्रेक्षण होंगे? यह कौन-सा परिवर्तन है?
हल:
- प्रेक्षण:
- कॉपर सल्फ़ेट के विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे फीका पड़ जाता है (हरा हो जाता है)।
- लोहे की कील पर भूरे रंग की पतली परत चढ़ जाती है (कॉपर का जमाव)।
- कारण: लोहा कॉपर से अधिक क्रियाशील है, अतः यह कॉपर को विस्थापित कर देता है —
- रंग परिवर्तन का कारण:
- (नीला) घटता है → (हल्का हरा) बनता है।
- कील पर भूरा कॉपर जमता है।
- उत्तर: यह एक रासायनिक परिवर्तन (विस्थापन अभिक्रिया) है। संकेत — रंग परिवर्तन और कील पर परत बनना।
उदाहरण 8: गैस के उत्सर्जन से पहचान
जब चूना पत्थर () पर तनु डाला जाता है, तो क्या होता है? कौन-सी गैस निकलती है? इसकी पहचान कैसे करेंगे?
हल:
- प्रेक्षण: तेज बुलबुले निकलते हैं — एक रंगहीन, गंधहीन गैस।
- अभिक्रिया:
- निकलने वाली गैस: कार्बन डाइऑक्साइड ()।
- गैस की पहचान (बोर्ड में पूछा जाने वाला प्रयोग):
- इस गैस को चूने के जल (lime water, ) में से प्रवाहित करते हैं।
- चूने का जल दूधिया (turbid) हो जाता है क्योंकि अघुलनशील बनता है —
- उत्तर: गैस उत्सर्जित होती है, जो चूने के जल को दूधिया कर देती है।
उदाहरण 9: एक से अधिक संकेतों का विश्लेषण
तनु में दानेदार ज़िंक डालने पर निम्न में से कितने अभिक्रिया-संकेत दिखाई देंगे — (i) रंग परिवर्तन (ii) गैस का उत्सर्जन (iii) तापमान परिवर्तन (iv) अवक्षेप निर्माण?
हल:
- अभिक्रिया लिखें:
- प्रत्येक संकेत की जाँच:
- (i) रंग परिवर्तन: रंगहीन, भी रंगहीन — स्पष्ट रंग परिवर्तन नहीं।
- (ii) गैस का उत्सर्जन: गैस के बुलबुले — हाँ।
- (iii) तापमान परिवर्तन: अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है, फ्लास्क गर्म होता है — हाँ।
- (iv) अवक्षेप निर्माण: सभी उत्पाद घुलनशील (या गैस), अवक्षेप नहीं बनता।
- उत्तर: दो संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं — गैस का उत्सर्जन तथा तापमान वृद्धि।
सीख: एक ही अभिक्रिया में एक से अधिक संकेत दिखाई दे सकते हैं।
उदाहरण 10: मैग्नीशियम के दहन में अभिक्रिया-संकेत
मैग्नीशियम रिबन के वायु में दहन के समय कौन-कौन से अभिक्रिया-संकेत दिखाई देते हैं? सभी का क्रमवार वर्णन कीजिए।
हल:
दिखाई देने वाले संकेत:
- प्रकाश का उत्सर्जन: अत्यंत चमकदार श्वेत ज्वाला उत्पन्न होती है।
- रंग परिवर्तन: चाँदी जैसा चमकीला मैग्नीशियम रिबन श्वेत चूर्ण (MgO) में बदल जाता है।
- अवस्था परिवर्तन: ठोस धात्विक रिबन ठोस ऑक्साइड चूर्ण में परिवर्तित।
- तापमान परिवर्तन: ज्वाला बहुत गर्म होती है (ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया)।
- नए पदार्थ का निर्माण: मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) का निर्माण।
निष्कर्ष: यह अभिक्रिया रासायनिक अभिक्रिया के लगभग सभी प्रमुख संकेत प्रदर्शित करती है — इसीलिए इसे NCERT की पहली पाठ्यपुस्तक-गतिविधि के रूप में चुना गया है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 5 अंक का प्रश्न]
उदाहरण 11: श्वसन एक रासायनिक अभिक्रिया है — सिद्ध कीजिए
सिद्ध कीजिए कि श्वसन एक रासायनिक अभिक्रिया है। इसकी समीकरण लिखिए।
हल:
श्वसन में होने वाली अभिक्रिया:
यह रासायनिक अभिक्रिया क्यों है?
- नया पदार्थ बनता है: ग्लूकोज़ () और ऑक्सीजन () मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड () और जल () बनाते हैं — ये नए पदार्थ हैं।
- ऊर्जा का उत्सर्जन: अभिक्रिया से ऊर्जा निकलती है (ATP के रूप में) — यह तापमान परिवर्तन का संकेत है।
- गैसों का आदान-प्रदान: अवशोषित होती है, निकलती है — गैस का संकेत।
- अनुत्क्रमणीय: एक बार बना वापस ग्लूकोज़ में नहीं बदलता।
निष्कर्ष: श्वसन में नए पदार्थ बनते हैं, ऊर्जा निकलती है, और परिवर्तन अनुत्क्रमणीय है — अतः यह स्पष्ट रूप से एक रासायनिक (ऊष्माक्षेपी) अभिक्रिया है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह प्रश्न बोर्ड परीक्षा में लगभग प्रत्येक वर्ष पूछा जाता है।
उदाहरण 12: अभिकारक एवं उत्पाद की पहचान
निम्न अभिक्रिया में अभिकारक और उत्पादों की पहचान कीजिए तथा सभी की भौतिक अवस्था बताइए —
हल:
| भूमिका | पदार्थ | भौतिक अवस्था |
|---|---|---|
| अभिकारक | (लोहा) | ठोस (s) |
| अभिकारक | (जलवाष्प) | गैस (g) |
| उत्पाद | (फ़ेरोसो-फ़ेरिक ऑक्साइड) | ठोस (s) |
| उत्पाद | (हाइड्रोजन गैस) | गैस (g) |
अतिरिक्त नोट: यहाँ के साथ (g) लिखा गया है, अर्थात पानी भाप के रूप में उपयोग हो रहा है, द्रव के रूप में नहीं। यह बहुत महत्वपूर्ण विवरण है।
[बोर्ड टिप] अवस्था के संकेत — ठोस, द्रव, गैस, जलीय विलयन — इन्हें हमेशा स्मरण रखें।
उदाहरण 13: उत्क्रमणीय और अनुत्क्रमणीय परिवर्तन
निम्नलिखित परिवर्तनों को रासायनिक/भौतिक तथा उत्क्रमणीय/अनुत्क्रमणीय में वर्गीकृत कीजिए — (i) कागज़ का जलना (ii) पानी का जमना (iii) चीनी का जल में घुलना (iv) अंडे का उबलना
हल:
| परिवर्तन | प्रकार | उत्क्रमणीयता | कारण |
|---|---|---|---|
| (i) कागज़ का जलना | रासायनिक | अनुत्क्रमणीय | , राख, बनते हैं — वापस कागज़ नहीं बन सकता |
| (ii) पानी का जमना | भौतिक | उत्क्रमणीय | ही रहा, गर्म करने पर वापस द्रव |
| (iii) चीनी का घुलना | भौतिक | उत्क्रमणीय | वाष्पीकरण से चीनी पुनः प्राप्त हो सकती है |
| (iv) अंडे का उबलना | रासायनिक | अनुत्क्रमणीय | प्रोटीन में संरचनात्मक स्थायी परिवर्तन |
मुख्य सीख: सभी रासायनिक परिवर्तन अनुत्क्रमणीय नहीं होते, परंतु अधिकांश होते हैं। सभी भौतिक परिवर्तन प्रायः उत्क्रमणीय होते हैं।
उदाहरण 14: द्रव्यमान संरक्षण की पुष्टि
एक प्रयोग में 6 g कार्बन को पर्याप्त ऑक्सीजन में जलाने पर 22 g कार्बन डाइऑक्साइड प्राप्त हुई। उपयोग में आई ऑक्सीजन का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए तथा द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि कीजिए।
हल:
- अभिक्रिया:
- द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार:
- दिया है:
- कार्बन का द्रव्यमान = 6 g
- का द्रव्यमान = 22 g
- गणना:
- पुष्टि:
उत्तर: उपयोग में आई ऑक्सीजन का द्रव्यमान 16 g है, और द्रव्यमान संरक्षण का नियम सत्यापित होता है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] द्रव्यमान संरक्षण से जुड़े संख्यात्मक प्रश्न प्रत्येक वर्ष पूछे जाते हैं।
उदाहरण 15: सभी संकेतों का सम्मिलित प्रश्न
एक छात्र ने अज्ञात विलयन A में दूसरा अज्ञात विलयन B मिलाया और निम्न प्रेक्षण नोट किए — (i) तुरंत श्वेत अवक्षेप बना (ii) कोई गैस नहीं निकली (iii) तापमान में बहुत मामूली परिवर्तन (iv) रंग परिवर्तन नहीं हुआ। बताइए — क्या रासायनिक अभिक्रिया हुई है? यदि हाँ, तो किस प्रकार की?
हल:
- रासायनिक अभिक्रिया हुई या नहीं?
- अवक्षेप का बनना अपने आप में पर्याप्त संकेत है कि नया अघुलनशील पदार्थ बना — अर्थात हाँ, रासायनिक अभिक्रिया हुई।
- कौन-सी अभिक्रिया?
- यह द्विविस्थापन/अवक्षेपण अभिक्रिया है।
- संभावित उदाहरण:
या
- विश्लेषण:
- केवल एक संकेत ( या का श्वेत अवक्षेप) पर्याप्त है।
- यह आवश्यक नहीं कि सभी पाँचों संकेत प्रत्येक अभिक्रिया में दिखें।
उत्तर: हाँ, रासायनिक अभिक्रिया हुई है — यह एक अवक्षेपण (द्विविस्थापन) अभिक्रिया है।
उदाहरण 16: व्यावहारिक प्रश्न — रसोई से उदाहरण
रसोई में होने वाले तीन रासायनिक परिवर्तन और दो भौतिक परिवर्तनों के उदाहरण दीजिए।
हल:
तीन रासायनिक परिवर्तन (नया पदार्थ बनता है):
- रोटी का सिकना: आटे का प्रोटीन और स्टार्च गर्म होकर नए यौगिकों में बदल जाते हैं। इसी कारण रोटी का स्वाद और गंध बदल जाती है।
- दूध का दही जमना: लैक्टोबैसिलस जीवाणु लैक्टोज़ को लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित करते हैं।
- खाद्य पदार्थ का जलना/भूनना: शक्कर का कैरमलाइज़ होकर भूरा बनना — कैरमेल नया रासायनिक यौगिक है।
दो भौतिक परिवर्तन (पदार्थ वही रहता है):
- बर्फ़ का पिघलकर पानी बनना: ही रहा, केवल अवस्था बदली।
- नमक/चीनी का पानी में घुलना: वाष्पन पर वापस प्राप्त हो सकता है।
[बोर्ड टिप] दैनिक जीवन से उदाहरण लिखने वाले प्रश्नों में, 'क्यों रासायनिक है' — यह कारण भी अवश्य लिखें।