द्विविस्थापन अभिक्रिया क्या है?

पिछले अनुभाग में हमने देखा कि विस्थापन में एक तत्व, दूसरे को बाहर कर देता हैद्विविस्थापन (Double Displacement) उससे थोड़ा अलग है — दो यौगिक मिलकर अपने आयन (परमाणुओं के समूह) आपस में बदल लेते हैं

परिभाषा: वह अभिक्रिया जिसमें दो अभिकारकों के आयन आपस में स्थान बदलते हैं और दो नए यौगिक बनते हैं, द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction) कहलाती है।

सामान्य रूप

AB+CDAD+CBAB + CD \rightarrow AD + CB

व्याख्या:

  • अभिकारक 1 — A और B साथ हैं
  • अभिकारक 2 — C और D साथ हैं
  • अभिक्रिया के बाद — A का साथी अब D है, और C का साथी अब B है
  • आयनों ने 'जोड़ी' बदली है

क्रियाकलाप 1.10 — एक प्रसिद्ध NCERT प्रयोग

विधि:

  1. एक परखनली में 3 mL सोडियम सल्फ़ेट का विलयन (Na2SO4Na_2SO_4) लीजिए।
  2. दूसरी परखनली में 3 mL बेरियम क्लोराइड का विलयन (BaCl2BaCl_2) लीजिए।
  3. दोनों विलयनों को मिलाइए।

प्रेक्षण:

  • तुरंत एक श्वेत रंग का अवक्षेप बनता है।
  • यह अवक्षेप जल में अघुलनशील है।

अभिक्रिया:

Na2SO4(aq)+BaCl2(aq)BaSO4(s)+2NaCl(aq)Na_2SO_4(aq) + BaCl_2(aq) \rightarrow BaSO_4(s)\downarrow + 2NaCl(aq)

विश्लेषण:

  • Na+Na^+ और Ba2+Ba^{2+} आयनों ने जोड़ी बदली।
  • Ba2+Ba^{2+} अब SO42SO_4^{2-} के साथ जुड़कर BaSO4BaSO_4 (अघुलनशील = श्वेत अवक्षेप) बनाता है।
  • Na+Na^+ अब ClCl^- के साथ जुड़कर NaClNaCl (विलयन में रहता है) बनाता है।

दृष्टिगत सूत्र: द्विविस्थापन में हमेशा दो अभिकारक → दो उत्पाद बनते हैं।

द्विविस्थापन अभिक्रिया से बनता श्वेत बेरियम सल्फेट अवक्षेप

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Sodium sulphate solution सोडियम सल्फेट विलयन
Barium chloride solution बेरियम क्लोराइड विलयन
White precipitate (Barium sulphate) श्वेत अवक्षेप (बेरियम सल्फेट)

अवक्षेप क्या है?

जब दो विलयनों को मिलाने पर एक अघुलनशील ठोस बनता है जो विलयन में नीचे बैठ जाता है, उसे अवक्षेप (Precipitate) कहते हैं। और जिस अभिक्रिया में अवक्षेप बनता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction) कहते हैं।

अवक्षेपण कैसे होता है?

जब विलयन में आयन एक-दूसरे से मिलते हैं —

  • यदि नया युग्म विलेय है → अवक्षेप नहीं बनता।
  • यदि नया युग्म अविलेय है → अवक्षेप बनता है (नीचे बैठ जाता है)।

उदाहरण से समझें:

Ba2+(aq)+SO42(aq)अलग-अलग आयनBaSO4(s)अघुलनशील अवक्षेप\underbrace{Ba^{2+}(aq) + SO_4^{2-}(aq)}_{\text{अलग-अलग आयन}} \rightarrow \underbrace{BaSO_4(s)\downarrow}_{\text{अघुलनशील अवक्षेप}}

सभी द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ अवक्षेपण नहीं होतीं

यह बहुत महत्वपूर्ण बात है।

  • द्विविस्थापन + अवक्षेप बना = अवक्षेपण अभिक्रिया
  • द्विविस्थापन + दोनों उत्पाद घुलनशील = सिर्फ़ द्विविस्थापन (कोई अवक्षेप नहीं)

अवक्षेप के रंग — बोर्ड के लिए ज़रूरी सूची

अवक्षेप रंग कैसे बनता है
BaSO4BaSO_4 श्वेत BaCl2+Na2SO4BaCl_2 + Na_2SO_4
AgClAgCl श्वेत AgNO3+NaClAgNO_3 + NaCl
AgBrAgBr हल्का पीला AgNO3+KBrAgNO_3 + KBr
AgIAgI पीला AgNO3+KIAgNO_3 + KI
PbI2PbI_2 चमकीला पीला Pb(NO3)2+KIPb(NO_3)_2 + KI
PbCl2PbCl_2 श्वेत (गर्म जल में घुलनशील) Pb(NO3)2+NaClPb(NO_3)_2 + NaCl
Cu(OH)2Cu(OH)_2 नीला CuSO4+NaOHCuSO_4 + NaOH
Fe(OH)3Fe(OH)_3 भूरा FeCl3+NaOHFeCl_3 + NaOH
CaCO3CaCO_3 श्वेत Ca(OH)2+CO2Ca(OH)_2 + CO_2

[बोर्ड महत्वपूर्ण] अवक्षेपों के रंग याद रखें — परीक्षा में "… का अवक्षेप किस रंग का है?" जैसे प्रश्न आम हैं।

द्विविस्थापन अभिक्रियाओं के प्रकार

द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ तीन उपप्रकारों में आती हैं —

1. अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation)

जब उत्पादों में से एक अघुलनशील (अवक्षेप) हो।

उदाहरण:

AgNO3(aq)+NaCl(aq)AgCl(s)+NaNO3(aq)AgNO_3(aq) + NaCl(aq) \rightarrow AgCl(s)\downarrow + NaNO_3(aq)

(श्वेत AgCl अवक्षेप)

Pb(NO3)2(aq)+2KI(aq)PbI2(s)+2KNO3(aq)Pb(NO_3)_2(aq) + 2KI(aq) \rightarrow PbI_2(s)\downarrow + 2KNO_3(aq)

(पीला PbI₂ अवक्षेप — 'सोने की वर्षा' प्रयोग)

2. उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation)

जब अम्ल और क्षार मिलकर लवण और जल बनाएँ।

सामान्य रूप: अम्ल+क्षारलवण+जल\text{अम्ल} + \text{क्षार} \rightarrow \text{लवण} + \text{जल}

उदाहरण:

HCl(aq)+NaOH(aq)NaCl(aq)+H2O(l)HCl(aq) + NaOH(aq) \rightarrow NaCl(aq) + H_2O(l)

2HNO3(aq)+Ca(OH)2(aq)Ca(NO3)2(aq)+2H2O(l)2HNO_3(aq) + Ca(OH)_2(aq) \rightarrow Ca(NO_3)_2(aq) + 2H_2O(l)

H2SO4(aq)+2KOH(aq)K2SO4(aq)+2H2O(l)H_2SO_4(aq) + 2KOH(aq) \rightarrow K_2SO_4(aq) + 2H_2O(l)

सभी उदासीनीकरण अभिक्रियाएँ द्विविस्थापन की विशेष श्रेणी हैं।

3. गैस-उत्सर्जन अभिक्रिया

जब उत्पादों में से एक गैस के रूप में निकल जाए।

उदाहरण:

CaCO3(s)+2HCl(aq)CaCl2(aq)+H2O(l)+CO2(g)CaCO_3(s) + 2HCl(aq) \rightarrow CaCl_2(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

Na2CO3(aq)+2HCl(aq)2NaCl(aq)+H2O(l)+CO2(g)Na_2CO_3(aq) + 2HCl(aq) \rightarrow 2NaCl(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

(यहाँ H2CO3H_2CO_3 बनकर तुरंत H2O+CO2H_2O + CO_2 में टूटता है — इसी कारण गैस उत्सर्जन।)

एक सारांश तालिका

उपप्रकार विशेषता संकेत
अवक्षेपण एक उत्पाद ठोस \downarrow
उदासीनीकरण अम्ल + क्षार → लवण + जल H++OHH2OH^+ + OH^- \rightarrow H_2O
गैस-उत्सर्जन एक उत्पाद गैस \uparrow

विस्थापन बनाम द्विविस्थापन — एक तुलना

यह अंतर बोर्ड परीक्षा में बहुत बार पूछा जाता है। इसे ध्यान से समझें।

आधार विस्थापन द्विविस्थापन
भागीदार एक तत्व + एक यौगिक दो यौगिक
क्या होता है? तत्व, दूसरे तत्व को विस्थापित करता है दो आयन-समूह आपस में जोड़ी बदलते हैं
सामान्य रूप A+BCAC+BA + BC \rightarrow AC + B AB+CDAD+CBAB + CD \rightarrow AD + CB
आधार क्रियाशीलता श्रेणी विलेयता / अवक्षेप / गैस / जल
उदाहरण Fe+CuSO4FeSO4+CuFe + CuSO_4 \rightarrow FeSO_4 + Cu BaCl2+Na2SO4BaSO4+2NaClBaCl_2 + Na_2SO_4 \rightarrow BaSO_4 + 2NaCl
दृष्टिगत संकेत धात्विक जमाव अवक्षेप / गैस / जल
उत्पाद एक तत्व मुक्त (Cu) दो यौगिक

एक सरल पहचान-नियम

यदि अभिक्रिया में एक भी मुक्त तत्व (free element) हो, तो वह विस्थापन है। यदि सभी अभिकारक और उत्पाद यौगिक हों, तो वह द्विविस्थापन है।

उदाहरण:

Zn+CuSO4ZnSO4+CuZn + CuSO_4 \rightarrow ZnSO_4 + Cu → Zn और Cu मुक्त हैं → विस्थापन

BaCl2+Na2SO4BaSO4+2NaClBaCl_2 + Na_2SO_4 \rightarrow BaSO_4 + 2NaCl → सभी यौगिक हैं → द्विविस्थापन

विशेष टिप्पणी

कभी-कभी द्विविस्थापन में अवक्षेप बनना वैसे ही 'चमत्कारी' होता है जैसे विस्थापन में रंग बदलना — दोनों ही दृष्टिगत प्रमाण देते हैं कि अभिक्रिया हुई है।

दैनिक जीवन में द्विविस्थापन एवं अवक्षेपण

1. प्रयोगशाला में आयन-पहचान

रसायन प्रयोगशाला में 'यह विलयन कौन-सा है?' जानने के लिए विशिष्ट अवक्षेपण-परीक्षण उपयोग होते हैं।

उदाहरण:

  • SO42SO_4^{2-} की पहचान — BaCl2BaCl_2 डालने पर श्वेत अवक्षेप बनना
  • ClCl^- की पहचान — AgNO3AgNO_3 डालने पर श्वेत अवक्षेप (AgClAgCl)
  • CO32CO_3^{2-} की पहचान — HClHCl डालने पर CO2CO_2 गैस का बुलबुलाहट

2. जल का शुद्धीकरण

पीने के जल में अशुद्धियाँ अवक्षेपण से हटाई जाती हैं —

  • फिटकरी (KAl(SO4)212H2OKAl(SO_4)_2 \cdot 12H_2O) मिलाने पर मिट्टी के बारीक कण अवक्षेपित होकर बैठ जाते हैं।
  • रसायन-शोधन उद्योग में यह तकनीक बहुत प्रयोग होती है।

3. पाचन (Digestion)

हमारे पेट में HClHCl होता है। जब हम भोजन के साथ NaHCO3NaHCO_3 (एंटैसिड) लेते हैं, तो उदासीनीकरण होता है —

NaHCO3+HClNaCl+H2O+CO2NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2\uparrow

यह अम्लता दूर करता है — डकार आना उसी CO2CO_2 का संकेत है।

4. मूत्र-पथरी (Kidney Stones)

कैल्शियम-ऑक्जलेट CaC2O4CaC_2O_4 का अवक्षेप गुर्दे में बनता है — यही पथरी है।

5. सीमेंट और संगमरमर

दीवार पर सफ़ेदी के बाद बनी पतली परत भी CaCO3CaCO_3 का अवक्षेपण है (अनुभाग 3 में देखा था)।

6. चूना-जल परीक्षण (CO2CO_2 का परीक्षण)

Ca(OH)2(aq)+CO2(g)CaCO3(s)+H2O(l)Ca(OH)_2(aq) + CO_2(g) \rightarrow CaCO_3(s)\downarrow + H_2O(l)

यदि किसी गैस को चूना-जल में डालने पर वह दूधिया हो जाए, तो वह CO2CO_2 है।

[बोर्ड में बार-बार] अवक्षेपण-आधारित प्रश्न प्रयोग, पहचान, या व्यावहारिक संदर्भ में बहुत आते हैं।

🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)

बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए — द्विविस्थापन एवं अवक्षेपण अभिक्रियाओं के सभी मुख्य बिंदु।

1. द्विविस्थापन का सूत्र

AB+CDAD+CBAB + CD \rightarrow AD + CB (दो यौगिक → दो यौगिक; आयन जोड़ी बदलते हैं)

2. अवक्षेप का सूत्र

जब दो आयन मिलकर अघुलनशील ठोस बनाएँ — Xn+(aq)+Ym(aq)XY(s)X^{n+}(aq) + Y^{m-}(aq) \rightarrow XY(s)\downarrow

3. अनिवार्य अभिक्रियाएँ

अभिक्रिया अवक्षेप रंग
BaCl2+Na2SO4BaSO4+2NaClBaCl_2 + Na_2SO_4 \rightarrow BaSO_4 + 2NaCl BaSO4BaSO_4 श्वेत
AgNO3+NaClAgCl+NaNO3AgNO_3 + NaCl \rightarrow AgCl + NaNO_3 AgClAgCl श्वेत
Pb(NO3)2+2KIPbI2+2KNO3Pb(NO_3)_2 + 2KI \rightarrow PbI_2 + 2KNO_3 PbI2PbI_2 पीला
CuSO4+2NaOHCu(OH)2+Na2SO4CuSO_4 + 2NaOH \rightarrow Cu(OH)_2 + Na_2SO_4 Cu(OH)2Cu(OH)_2 नीला
FeCl3+3NaOHFe(OH)3+3NaClFeCl_3 + 3NaOH \rightarrow Fe(OH)_3 + 3NaCl Fe(OH)3Fe(OH)_3 भूरा

4. द्विविस्थापन के तीन उपप्रकार

प्रकार विशेषता उदाहरण
अवक्षेपण अघुलनशील उत्पाद BaCl2+Na2SO4BaCl_2 + Na_2SO_4
उदासीनीकरण अम्ल + क्षार → लवण + जल HCl+NaOHHCl + NaOH
गैस-उत्सर्जन गैस उत्पाद CaCO3+HClCaCO_3 + HCl

5. विस्थापन vs द्विविस्थापन — एक झलक

  • विस्थापन: एक मुक्त तत्व आता है (Fe+CuSO4Fe + CuSO_4)
  • द्विविस्थापन: सभी यौगिक हैं (BaCl2+Na2SO4BaCl_2 + Na_2SO_4)

6. बोर्ड में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. द्विविस्थापन अभिक्रिया क्या है? क्रियाकलाप 1.10 से समझाइए।
  2. अवक्षेपण अभिक्रिया क्या है? उदाहरण दीजिए।
  3. विस्थापन और द्विविस्थापन में क्या अंतर है?
  4. लेड नाइट्रेट + पोटैशियम आयोडाइड की अभिक्रिया लिखिए। अवक्षेप का रंग और नाम बताइए।
  5. उदासीनीकरण अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।

7. एक तरकीब

  • जब प्रश्न में अवक्षेप का रंग पूछा जाए, तो ऊपर तालिका को मन में दोहराएँ — Ba/Ag/Pb-Cl श्वेत, Ag/PbI पीला, Cu(OH)2Cu(OH)_2 नीला, Fe(OH)3Fe(OH)_3 भूरा

अंतिम सूत्र: दो जोड़ी, साथी बदले → द्विविस्थापन। ठोस गिरा → अवक्षेपण।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — क्रियाकलाप 1.10

जब सोडियम सल्फ़ेट का विलयन बेरियम क्लोराइड के विलयन में मिलाया जाता है, तो क्या प्रेक्षण होते हैं? संतुलित अभिक्रिया लिखिए।

हल:

प्रेक्षण:

  • तुरंत एक श्वेत रंग का अवक्षेप बनता है।
  • यह अवक्षेप जल में अघुलनशील है।

अभिक्रिया:

Na2SO4(aq)+BaCl2(aq)BaSO4(s)+2NaCl(aq)Na_2SO_4(aq) + BaCl_2(aq) \rightarrow BaSO_4(s)\downarrow + 2NaCl(aq)

व्याख्या:

  1. अभिक्रिया से पहले — विलयन में Na+,SO42,Ba2+,ClNa^+, SO_4^{2-}, Ba^{2+}, Cl^- आयन उपलब्ध थे।
  2. Ba2+Ba^{2+} और SO42SO_4^{2-} मिलकर अघुलनशील BaSO4BaSO_4 (श्वेत) बनाते हैं।
  3. Na+Na^+ और ClCl^- विलयन में NaClNaCl के रूप में रहते हैं (घुलनशील)।
  4. यह कौन-सी अभिक्रिया है?
  • द्विविस्थापन — आयन जोड़ी बदलते हैं।
  • अवक्षेपण — श्वेत BaSO4BaSO_4 बना।

अवक्षेप का नाम: बेरियम सल्फ़ेट (BaSO4BaSO_4)।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रयोग — बार-बार पूछा जाता है]

उदाहरण 2: NCERT — लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड

क्रियाकलाप 1.2 में आपने लेड (II) नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड के विलयन मिलाए थे। (i) अवक्षेप किस रंग का था? बने यौगिक का नाम बताइए। (ii) इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (iii) क्या यह द्विविस्थापन अभिक्रिया है?

हल:

(i) अवक्षेप का रंग — चमकीला पीला। बने यौगिक का नाम — लेड (II) आयोडाइड (PbI2PbI_2)

(ii) संतुलित अभिक्रिया:

Pb(NO3)2(aq)+2KI(aq)PbI2(s)+2KNO3(aq)Pb(NO_3)_2(aq) + 2KI(aq) \rightarrow PbI_2(s)\downarrow + 2KNO_3(aq)

(iii) क्या यह द्विविस्थापन है?

हाँ — यह स्पष्ट रूप से द्विविस्थापन अभिक्रिया है। क्योंकि —

  • Pb2+Pb^{2+} और K+K^+ आयन अपने 'साथी' (साथ-वाले आयन) बदलते हैं।
  • अंत में Pb2+Pb^{2+}, II^- के साथ; और K+K^+, NO3NO_3^- के साथ।
  • दोनों उत्पाद यौगिक हैं (कोई मुक्त तत्व नहीं) — यह विस्थापन नहीं, द्विविस्थापन है।

अतिरिक्त: PbI2PbI_2 का चमकीला पीला रंग प्रसिद्ध है — इसी कारण इस प्रयोग को 'सोने की वर्षा (Golden Rain)' कहते हैं।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक प्रश्न]

उदाहरण 3: अवक्षेपण अभिक्रिया की परिभाषा

अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

हल:

परिभाषा: वह अभिक्रिया जिसमें दो विलयन मिलाने पर एक अघुलनशील ठोस (अवक्षेप) बनता है, अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction) कहलाती है।

विशेषताएँ:

  1. यह सदैव द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक प्रकार है।
  2. एक उत्पाद अवश्य अघुलनशील ठोस होता है, जो विलयन के तल पर बैठ जाता है।
  3. अवक्षेप पर \downarrow का चिह्न लगाते हैं।

दो उदाहरण:

(1) BaSO₄ का बनना:

Na2SO4(aq)+BaCl2(aq)BaSO4(s)+2NaCl(aq)Na_2SO_4(aq) + BaCl_2(aq) \rightarrow BaSO_4(s)\downarrow + 2NaCl(aq)

(2) AgCl का बनना:

AgNO3(aq)+NaCl(aq)AgCl(s)+NaNO3(aq)AgNO_3(aq) + NaCl(aq) \rightarrow AgCl(s)\downarrow + NaNO_3(aq)

दैनिक जीवन में उपयोग:

  • प्रयोगशाला में आयन-पहचान।
  • जल के शुद्धीकरण में।
  • कुछ रोगों (जैसे पथरी) में।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक का प्रश्न]

उदाहरण 4: NCERT — सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

जल में सोडियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड और जल बनाते हैं। संतुलित समीकरण लिखें। यह कौन-सी अभिक्रिया है?

हल:

  1. अभिक्रिया:

NaOH(aq)+HCl(aq)NaCl(aq)+H2O(l)NaOH(aq) + HCl(aq) \rightarrow NaCl(aq) + H_2O(l)

  1. यह कौन-सी अभिक्रिया?
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation) — अम्ल और क्षार मिलकर लवण और जल बनाते हैं।
  • द्विविस्थापन का विशेष प्रकार — Na और H ने अपने 'साथी' बदले (Na ने Cl लिया, H ने OH लिया → H₂O)।
  1. आयनिक स्तर पर:

H+(aq)+OH(aq)H2O(l)H^+(aq) + OH^-(aq) \rightarrow H_2O(l)

यह उदासीनीकरण का मूल आयनिक रूप है।

  1. दृष्टिगत प्रेक्षण:
  • कोई अवक्षेप नहीं बनता (NaCl घुलनशील है)।
  • थोड़ा तापमान बढ़ता है (उदासीनीकरण ऊष्माक्षेपी है)।
  1. दैनिक जीवन में: एंटैसिड जैसे NaHCO3NaHCO_3 पेट के HClHCl को इसी तरह उदासीन करते हैं।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]

उदाहरण 5: कौन-सी अभिक्रिया द्विविस्थापन है?

निम्न में से कौन-सी अभिक्रियाएँ द्विविस्थापन हैं? (i) Zn+CuSO4ZnSO4+CuZn + CuSO_4 \rightarrow ZnSO_4 + Cu (ii) AgNO3+KIAgI+KNO3AgNO_3 + KI \rightarrow AgI + KNO_3 (iii) 2Mg+O22MgO2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO (iv) H2SO4+2KOHK2SO4+2H2OH_2SO_4 + 2KOH \rightarrow K_2SO_4 + 2H_2O (v) Pb(NO3)2+2NaClPbCl2+2NaNO3Pb(NO_3)_2 + 2NaCl \rightarrow PbCl_2 + 2NaNO_3

हल:

सरल पहचान-नियम: यदि अभिक्रिया में मुक्त तत्व है (एक तरफ़ या दोनों) → विस्थापन या संयोजन। यदि सब यौगिक हैं → द्विविस्थापन।

क्रम अभिक्रिया प्रकार कारण
(i) Zn+CuSO4Zn + CuSO_4 विस्थापन Zn मुक्त तत्व
(ii) AgNO3+KIAgNO_3 + KI द्विविस्थापन सभी यौगिक; आयन-विनिमय
(iii) Mg+O2Mg + O_2 संयोजन मुक्त तत्व, एक उत्पाद
(iv) H2SO4+KOHH_2SO_4 + KOH द्विविस्थापन (उदासीनीकरण) अम्ल + क्षार
(v) Pb(NO3)2+NaClPb(NO_3)_2 + NaCl द्विविस्थापन (अवक्षेपण) PbCl2PbCl_2 अवक्षेप

उत्तर: (ii), (iv), और (v) द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ हैं।

उदाहरण 6: सिल्वर क्लोराइड की पहचान

एक छात्र ने AgNO3AgNO_3 के विलयन में NaClNaCl का विलयन मिलाया। क्या प्रेक्षण होंगे? अभिक्रिया लिखें।

हल:

  1. अभिक्रिया:

AgNO3(aq)+NaCl(aq)AgCl(s)+NaNO3(aq)AgNO_3(aq) + NaCl(aq) \rightarrow AgCl(s)\downarrow + NaNO_3(aq)

  1. प्रेक्षण:
  • तुरंत एक श्वेत दूधिया अवक्षेप बनता है — सिल्वर क्लोराइड (AgClAgCl)।
  • यह विलयन में नीचे बैठ जाता है।
  1. विशेष परीक्षण:
  • यदि इस श्वेत अवक्षेप को सूर्य-प्रकाश में रखें, तो यह धूसर/काला हो जाएगा (प्रकाशीय वियोजन — अनुभाग 4 में देखा था):

2AgCl(s)सूर्य-प्रकाश2Ag(s)+Cl2(g)2AgCl(s) \xrightarrow{\text{सूर्य-प्रकाश}} 2Ag(s) + Cl_2(g)

  1. यह कौन-सी अभिक्रिया है?
  • द्विविस्थापन (Ag और Na ने जोड़ी बदली)
  • अवक्षेपण (श्वेत AgClAgCl अवक्षेप)
  1. उपयोग: यह ClCl^- आयन की पहचान का सबसे आसान परीक्षण है।

सीख: एक प्रसिद्ध विशेष-परीक्षण — अज्ञात विलयन में AgNO3AgNO_3 डालकर देखें कि श्वेत अवक्षेप बनता है या नहीं।

उदाहरण 7: संख्यात्मक — अवक्षेप का द्रव्यमान

BaCl2BaCl_2 और Na2SO4Na_2SO_4 की पूर्ण अभिक्रिया से 23.3 g BaSO4BaSO_4 अवक्षेप बना। उपयोग में आए BaCl2BaCl_2 का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (BaCl2=208BaCl_2 = 208, BaSO4=233BaSO_4 = 233)

हल:

  1. अभिक्रिया:

BaCl2(aq)+Na2SO4(aq)BaSO4(s)+2NaCl(aq)BaCl_2(aq) + Na_2SO_4(aq) \rightarrow BaSO_4(s)\downarrow + 2NaCl(aq)

  1. मोल-अनुपात: 1 mol BaCl2BaCl_2 → 1 mol BaSO4BaSO_4
  2. द्रव्यमान-अनुपात: 208 g BaCl2BaCl_2 → 233 g BaSO4BaSO_4
  3. दिया है: BaSO4=23.3BaSO_4 = 23.3 g।
  4. गणना:

BaCl2 का द्रव्यमान=208233×23.3=20.8 g\text{BaCl}_2 \text{ का द्रव्यमान} = \frac{208}{233} \times 23.3 = 20.8 \text{ g}

  1. उत्तर: उपयोग में आया BaCl2BaCl_2 का द्रव्यमान = 20.8 g

सीख: स्तोइकियोमेट्री में अवक्षेप का द्रव्यमान सीधे मोल-अनुपात से जुड़ता है।

उदाहरण 8: NCERT — एक प्रश्न और तीन अभिक्रियाएँ

निम्न के लिए संतुलित समीकरण लिखें और प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए। (a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s) (b) ज़िंक कार्बोनेट (s) → ज़िंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g) (c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g) (d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)

हल:

(a): 2KBr(aq)+BaI2(aq)2KI(aq)+BaBr2(s)\quad 2KBr(aq) + BaI_2(aq) \rightarrow 2KI(aq) + BaBr_2(s)

  • प्रकार: द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया।

(b): ZnCO3(s)ΔZnO(s)+CO2(g)\quad ZnCO_3(s) \xrightarrow{\Delta} ZnO(s) + CO_2(g)

  • प्रकार: वियोजन (ऊष्मीय) अभिक्रिया।

(c): H2(g)+Cl2(g)2HCl(g)\quad H_2(g) + Cl_2(g) \rightarrow 2HCl(g)

  • प्रकार: संयोजन अभिक्रिया।

(d): Mg(s)+2HCl(aq)MgCl2(aq)+H2(g)\quad Mg(s) + 2HCl(aq) \rightarrow MgCl_2(aq) + H_2(g)\uparrow

  • प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया (Mg ने H को विस्थापित किया)।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न — बोर्ड में बार-बार]

उदाहरण 9: कॉपर सल्फ़ेट और सोडियम हाइड्रॉक्साइड

कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में सोडियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन मिलाने पर क्या होता है? अभिक्रिया लिखिए।

हल:

  1. अभिक्रिया:

CuSO4(aq)+2NaOH(aq)Cu(OH)2(s)+Na2SO4(aq)CuSO_4(aq) + 2NaOH(aq) \rightarrow Cu(OH)_2(s)\downarrow + Na_2SO_4(aq)

  1. प्रेक्षण:
  • नीले रंग का अवक्षेप बनता है — कॉपर हाइड्रॉक्साइड।
  1. यह कौन-सी अभिक्रिया है?
  • द्विविस्थापन — Cu और Na ने जोड़ी बदली।
  • अवक्षेपणCu(OH)2Cu(OH)_2 का नीला अवक्षेप।
  1. विश्लेषण:
  • प्रारंभिक विलयन में Cu2+,SO42,Na+,OHCu^{2+}, SO_4^{2-}, Na^+, OH^- आयन।
  • Cu2+Cu^{2+} और OHOH^- मिलकर अघुलनशील Cu(OH)2Cu(OH)_2 बनाते हैं।
  • Na+Na^+ और SO42SO_4^{2-} विलयन में Na2SO4Na_2SO_4 के रूप में रहते हैं।
  1. विशेष टिप्पणी: यह क्षारक के परीक्षण की एक विधि है — Cu2+Cu^{2+} आयन की पहचान NaOHNaOH से की जाती है (नीला अवक्षेप)।

उदाहरण 10: चूने के जल का परीक्षण

चूने का जल किसी गैस को पास करने पर दूधिया हो जाता है। वह गैस कौन-सी है? अभिक्रिया लिखिए।

हल:

  1. गैस की पहचान: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2CO_2)
  2. अभिक्रिया:

Ca(OH)2(aq)+CO2(g)CaCO3(s)+H2O(l)Ca(OH)_2(aq) + CO_2(g) \rightarrow CaCO_3(s)\downarrow + H_2O(l)

  1. यह कौन-सी अभिक्रिया?
  • द्विविस्थापन (अवक्षेपण)CaCO3CaCO_3 का श्वेत अवक्षेप।
  1. दूधिया रंग का कारण: CaCO3CaCO_3 अघुलनशील है — यह विलयन में बारीक कणों के रूप में बिखरकर 'दूधिया' (turbid) रूप दिखाता है।
  2. रोचक तथ्य — आगे CO2CO_2 डालने पर:
  • यदि अधिक CO2CO_2 डालें, तो अवक्षेप घुलने लगता है — वह Ca(HCO3)2Ca(HCO_3)_2 (कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, जो विलेय है) बनाता है:

CaCO3(s)+CO2(g)+H2O(l)Ca(HCO3)2(aq)CaCO_3(s) + CO_2(g) + H_2O(l) \rightarrow Ca(HCO_3)_2(aq)

(यह अभिक्रिया गुफाओं में स्तंभ-निर्माण की कहानी समझाती है — कक्षा 11 स्तर का संदर्भ।)

  1. उपयोग: यह CO2CO_2 की पहचान का सबसे प्रसिद्ध परीक्षण है — श्वसन में निकली गैस की जाँच के लिए।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक प्रश्न]

उदाहरण 11: एक उदासीनीकरण उदाहरण

दाँत के डॉक्टर पेट के अम्ल को कम करने के लिए मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया) देते हैं। इसकी अभिक्रिया HClHCl से लिखें।

हल:

  1. अभिक्रिया:

Mg(OH)2(s)+2HCl(aq)MgCl2(aq)+2H2O(l)Mg(OH)_2(s) + 2HCl(aq) \rightarrow MgCl_2(aq) + 2H_2O(l)

  1. यह कौन-सी अभिक्रिया है?
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation) — क्षार (Mg(OH)2Mg(OH)_2) + अम्ल (HClHCl) → लवण (MgCl2MgCl_2) + जल
  • द्विविस्थापन का विशेष प्रकार।
  1. दैनिक जीवन में उपयोग:
  • एसिडिटी का इलाज: मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया एक एंटैसिड है।
  • जब पेट में अधिक HClHCl बनता है (जलन/भारीपन), तो Mg(OH)2Mg(OH)_2 इसे उदासीन कर देता है।
  1. अन्य प्रसिद्ध एंटैसिड:
  • बेकिंग सोडा (NaHCO3NaHCO_3) — NaHCO3+HClNaCl+H2O+CO2NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2
  • कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3CaCO_3) — गोलियों में।
  1. विशेष टिप्पणी: यह कक्षा 10 अध्याय 2 (अम्ल, क्षार और लवण) का परिचय है।

[बोर्ड + दैनिक जीवन]

उदाहरण 12: एक चुनौतीपूर्ण प्रश्न — अवक्षेप के रंग पर आधारित पहचान

एक प्रयोगशाला में चार विलयन हैं — NaCl,Na2SO4,KI,KNO3NaCl, Na_2SO_4, KI, KNO_3. केवल अवक्षेप के रंग के आधार पर बताइए कि किस विलयन की पहचान कैसे की जाएगी।

हल:

अभिक्रियाएँ और अवक्षेप:

1. NaClNaCl की पहचान — AgNO3AgNO_3 डालें:

AgNO3+NaClAgCl(s)+NaNO3AgNO_3 + NaCl \rightarrow AgCl(s)\downarrow + NaNO_3

श्वेत दूधिया अवक्षेप।

2. Na2SO4Na_2SO_4 की पहचान — BaCl2BaCl_2 डालें:

BaCl2+Na2SO4BaSO4(s)+2NaClBaCl_2 + Na_2SO_4 \rightarrow BaSO_4(s)\downarrow + 2NaCl

श्वेत अवक्षेप (अम्ल में अघुलनशील — यह AgClAgCl से अलग है)।

3. KIKI की पहचान — Pb(NO3)2Pb(NO_3)_2 डालें:

Pb(NO3)2+2KIPbI2(s)+2KNO3Pb(NO_3)_2 + 2KI \rightarrow PbI_2(s)\downarrow + 2KNO_3

चमकीला पीला अवक्षेप — सबसे विशिष्ट।

4. KNO3KNO_3 की पहचान — किसी भी सामान्य अवक्षेपण-अभिकर्मक से अवक्षेप नहीं बनता। अतः 'अवक्षेप न बनना' ही KNO3KNO_3 की पहचान है।

तालिका सारांश:

विलयन परीक्षक अवक्षेप रंग
NaCl AgNO3AgNO_3 AgClAgCl श्वेत
Na2SO4Na_2SO_4 BaCl2BaCl_2 BaSO4BaSO_4 श्वेत
KI Pb(NO3)2Pb(NO_3)_2 PbI2PbI_2 पीला
KNO3KNO_3 (कोई नहीं)

[प्रयोगशाला आधारित प्रश्न — बोर्ड महत्वपूर्ण]

उदाहरण 13: NCERT — एक संक्षिप्त प्रश्न

क्रियाकलाप 1.10 से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।

हल:

क्रियाकलाप 1.10 में था: Na2SO4+BaCl2BaSO4+2NaClNa_2SO_4 + BaCl_2 \rightarrow BaSO_4\downarrow + 2NaCl

भिन्न उदाहरण:

(1) सिल्वर नाइट्रेट + सोडियम क्लोराइड:

AgNO3(aq)+NaCl(aq)AgCl(s)+NaNO3(aq)AgNO_3(aq) + NaCl(aq) \rightarrow AgCl(s)\downarrow + NaNO_3(aq)

श्वेत AgClAgCl अवक्षेप — ClCl^- आयन परीक्षण।

(2) लेड नाइट्रेट + पोटैशियम आयोडाइड:

Pb(NO3)2(aq)+2KI(aq)PbI2(s)+2KNO3(aq)Pb(NO_3)_2(aq) + 2KI(aq) \rightarrow PbI_2(s)\downarrow + 2KNO_3(aq)

चमकीला पीला PbI2PbI_2 अवक्षेप।

(3) कॉपर सल्फ़ेट + सोडियम हाइड्रॉक्साइड:

CuSO4(aq)+2NaOH(aq)Cu(OH)2(s)+Na2SO4(aq)CuSO_4(aq) + 2NaOH(aq) \rightarrow Cu(OH)_2(s)\downarrow + Na_2SO_4(aq)

नीला Cu(OH)2Cu(OH)_2 अवक्षेप।

(4) सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल:

NaOH(aq)+HCl(aq)NaCl(aq)+H2O(l)NaOH(aq) + HCl(aq) \rightarrow NaCl(aq) + H_2O(l)

उदासीनीकरण — कोई अवक्षेप नहीं, परंतु द्विविस्थापन है।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]

उदाहरण 14: संख्यात्मक — सिल्वर क्लोराइड का अवक्षेप

170 g AgNO3AgNO_3 को अधिक्य NaClNaCl विलयन के साथ क्रिया कराने पर कितना AgClAgCl बनेगा? (AgNO3=170AgNO_3 = 170, AgCl=143.5AgCl = 143.5)

हल:

  1. अभिक्रिया:

AgNO3+NaClAgCl+NaNO3AgNO_3 + NaCl \rightarrow AgCl + NaNO_3

  1. मोल-अनुपात: 1 mol AgNO3AgNO_3 → 1 mol AgClAgCl

  2. द्रव्यमान-अनुपात: 170 g AgNO3AgNO_3 → 143.5 g AgClAgCl

  3. दिया है: 170 g AgNO3AgNO_3

  4. गणना: सीधे अनुपात से — AgCl=143.5AgCl = 143.5 g

  5. पुष्टि: चूँकि 170 g = 1 mol AgNO₃, और प्रति मोल 143.5 g AgCl मिलेगा।

उत्तर: 143.5 g सिल्वर क्लोराइड का अवक्षेप बनेगा।

सीख: 1:1 स्तोइकियोमेट्री में, अनुपात सीधे अणुभार से ही निकलते हैं — कैलकुलेटर की भी ज़रूरत नहीं पड़ती।

उदाहरण 15: सोडियम कार्बोनेट और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

सोडियम कार्बोनेट के विलयन में HClHCl डालने पर क्या होता है? अभिक्रिया लिखें। यह कौन-सी अभिक्रिया है?

हल:

  1. अभिक्रिया:

Na2CO3(aq)+2HCl(aq)2NaCl(aq)+H2O(l)+CO2(g)Na_2CO_3(aq) + 2HCl(aq) \rightarrow 2NaCl(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

  1. प्रेक्षण:
  • तेज़ बुलबुले निकलते हैं (CO2CO_2 गैस)।
  • अंत में, यदि चूने के जल में CO2CO_2 पास करें, तो वह दूधिया हो जाएगा।
  1. यह कौन-सी अभिक्रिया है?
  • द्विविस्थापन — Na और H ने जोड़ी बदली।
  • गैस-उत्सर्जन — एक उत्पाद CO2CO_2 गैस के रूप में निकला।
  1. विश्लेषण:
  • पहले — Na2CO3+HClNaCl+NaHCO3Na_2CO_3 + HCl \rightarrow NaCl + NaHCO_3 (यदि HClHCl कम हो)।
  • फिर — NaHCO3+HClNaCl+H2O+CO2NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2
  • कुल मिलाकर — ऊपर का संयुक्त समीकरण।
  1. दैनिक जीवन में:
  • धोबी का सोडा: Na2CO3Na_2CO_3 कपड़े धोने में उपयोग होता है।
  • खाद्य उद्योग: बेकिंग सोडा/Na2CO3Na_2CO_3 का उपयोग।
  1. पहचान: यह अभिक्रिया कार्बोनेट आयन (CO32CO_3^{2-}) की पहचान का प्रसिद्ध परीक्षण है।

[बोर्ड महत्वपूर्ण]

उदाहरण 16: एक तालिकात्मक प्रश्न — सब प्रकार की अभिक्रियाओं की पहचान

निम्न समीकरणों को संयोजन, वियोजन, विस्थापन या द्विविस्थापन में वर्गीकृत कीजिए। प्रत्येक के लिए कारण लिखें —

(a) 4Na+O22Na2O4Na + O_2 \rightarrow 2Na_2O (b) 2KClO3Δ2KCl+3O22KClO_3 \xrightarrow{\Delta} 2KCl + 3O_2 (c) Mg+2HClMgCl2+H2Mg + 2HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2 (d) AgNO3+KIAgI+KNO3AgNO_3 + KI \rightarrow AgI + KNO_3 (e) CaO+H2OCa(OH)2CaO + H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 (f) 2HgOΔ2Hg+O22HgO \xrightarrow{\Delta} 2Hg + O_2

हल:

क्रम अभिक्रिया प्रकार कारण
(a) 4Na+O22Na2O4Na + O_2 \rightarrow 2Na_2O संयोजन दो अभिकारक → एक उत्पाद
(b) 2KClO32KCl+3O22KClO_3 \rightarrow 2KCl + 3O_2 वियोजन एक → दो उत्पाद
(c) Mg+HClMgCl2+H2Mg + HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2 विस्थापन Mg ने H को विस्थापित किया
(d) AgNO3+KIAgI+KNO3AgNO_3 + KI \rightarrow AgI + KNO_3 द्विविस्थापन (अवक्षेपण) आयन-विनिमय; पीला AgI अवक्षेप
(e) CaO+H2OCa(OH)2CaO + H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 संयोजन दो → एक
(f) 2HgO2Hg+O22HgO \rightarrow 2Hg + O_2 वियोजन (ऊष्मीय) एक → दो

सारांश तालिका — पाँच प्रकार की अभिक्रियाएँ अब तक:

प्रकार सूत्र प्रसिद्ध उदाहरण
संयोजन A+BABA + B \rightarrow AB CaO+H2OCa(OH)2CaO + H_2O \rightarrow Ca(OH)_2
वियोजन ABA+BAB \rightarrow A + B CaCO3CaO+CO2CaCO_3 \rightarrow CaO + CO_2
विस्थापन A+BCAC+BA + BC \rightarrow AC + B Fe+CuSO4FeSO4+CuFe + CuSO_4 \rightarrow FeSO_4 + Cu
द्विविस्थापन AB+CDAD+CBAB + CD \rightarrow AD + CB BaCl2+Na2SO4BaSO4+2NaClBaCl_2 + Na_2SO_4 \rightarrow BaSO_4 + 2NaCl
उदासीनीकरण अम्ल + क्षार → लवण + जल HCl+NaOHNaCl+H2OHCl + NaOH \rightarrow NaCl + H_2O

[बोर्ड परीक्षा का 5-अंक प्रश्न]