उपचयन (Oxidation) क्या है?
रसायन में 'उपचयन' और 'अपचयन' दो अति-महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। ये एक-दूसरे की विपरीत हैं और लगभग हर रासायनिक अभिक्रिया में कहीं न कहीं छिपी होती हैं।
क्रियाकलाप 1.11 — कॉपर का उपचयन
एक चायना डिश में 1 g कॉपर चूर्ण लेकर बर्नर पर गर्म कीजिए।
प्रेक्षण: चमकीले भूरे रंग के कॉपर चूर्ण की सतह पर काली परत चढ़ जाती है।
यह काली परत क्या है?
यह कॉपर ऑक्साइड () है — काले रंग का। कॉपर ने ऑक्सीजन के साथ संयोग किया।
उपचयन (Oxidation) — परिभाषा 1: जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है, तो उसका उपचयन हो रहा है।
यहाँ Cu में O जुड़ा → Cu का उपचयन हुआ।
एक और परिभाषा
उपचयन — परिभाषा 2: जब किसी पदार्थ में हाइड्रोजन का ह्रास हो, तो उसका उपचयन हो रहा है।
इसका उदाहरण आगे देखेंगे।
उपचयन के अन्य उदाहरण
(i) मैग्नीशियम का दहन — Mg का उपचयन: (Mg में O जुड़ा)
(ii) कोयले का दहन — C का उपचयन: (C में O जुड़ा)
(iii) हाइड्रोजन से जल बनना — H₂ का उपचयन: (H₂ में O जुड़ा)
[बोर्ड टिप] याद रखें — उपचयन में O जुड़ता है या H घटता है।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Copper(II) oxide (black) | कॉपर ऑक्साइड (काला) |
| Hydrogen gas | हाइड्रोजन गैस |
| Copper (reddish-brown) | कॉपर (लाल-भूरा) |
| Water | जल |
| Oxidation (gains oxygen) | उपचयन (ऑक्सीजन ग्रहण) |
| Reduction (loses oxygen) | अपचयन (ऑक्सीजन ह्रास) |
अपचयन (Reduction) क्या है?
अपचयन उपचयन का बिल्कुल उल्टा है।
एक स्पष्ट उदाहरण — कॉपर ऑक्साइड + हाइड्रोजन
यदि गर्म कॉपर ऑक्साइड के ऊपर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित की जाए, तो काली परत भूरी हो जाती है — कॉपर वापस मिलता है।
विश्लेषण:
- में से O निकल गया → का अपचयन हुआ।
- में O जुड़ा → का उपचयन हुआ।
- (दोनों एक साथ हो रहे हैं!)
अपचयन (Reduction) — परिभाषा 1: जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास हो, तो उसका अपचयन हो रहा है।
अपचयन — परिभाषा 2: जब किसी पदार्थ में हाइड्रोजन की वृद्धि हो, तो उसका अपचयन हो रहा है।
अपचयन के अन्य उदाहरण
(i) क्लोरीन का अपचयन — हाइड्रोजन से: (Cl₂ में H जुड़ा → Cl₂ का अपचयन)
(ii) नाइट्रोजन का अपचयन — अमोनिया बनना: (N₂ में H जुड़ा → N₂ का अपचयन)
एक तालिका — आसान पहचान
| जब… | क्या हो रहा है? |
|---|---|
| O जुड़े | उपचयन |
| O घटे | अपचयन |
| H जुड़े | अपचयन |
| H घटे | उपचयन |
याद रखने की तरकीब: "OilRig" (अंग्रेज़ी पाठ्यक्रम के लिए — Oxidation Is Loss, Reduction Is Gain — परंतु यहाँ इसे ऑक्सीजन/हाइड्रोजन पर लागू करना है)।
रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction) क्या है?
यहाँ एक बहुत ज़रूरी बात — उपचयन और अपचयन हमेशा एक साथ होते हैं। यदि कोई पदार्थ ऑक्सीजन ले रहा है, तो दूसरे पदार्थ ने ज़रूर खोई होगी।
रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction): वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक का उपचयन और दूसरे का अपचयन साथ-साथ होता है, रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है।
'रेडॉक्स' शब्द Reduction + Oxidation का संक्षिप्त रूप है।
चित्रात्मक रूप
विश्लेषण उदाहरण — 1
- CuO का अपचयन हुआ (O निकल गया → Cu बना)
- H₂ का उपचयन हुआ (O जुड़ा → H₂O बना)
- यह रेडॉक्स अभिक्रिया है।
विश्लेषण उदाहरण — 2
- ZnO का अपचयन हुआ (O निकल गया → Zn बना)
- C का उपचयन हुआ (O जुड़ा → CO बना)
- यह रेडॉक्स अभिक्रिया है।
विश्लेषण उदाहरण — 3 (बोर्ड में लोकप्रिय)
- HCl का उपचयन हुआ (H घटा → Cl₂ बना)
- MnO₂ का अपचयन हुआ (O घटा → MnCl₂ बना)
- यह रेडॉक्स अभिक्रिया है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] हर रेडॉक्स अभिक्रिया में स्पष्ट रूप से बताएँ कि किसका उपचयन और किसका अपचयन हुआ — यह सबसे ज़रूरी कौशल है।
ऑक्सीकारक एवं अपचायक (Oxidising and Reducing Agents)
रेडॉक्स अभिक्रियाओं में दो विशेष भूमिकाएँ होती हैं —
ऑक्सीकारक (Oxidising Agent / Oxidant)
वह पदार्थ जो किसी और का उपचयन करवाता है — परंतु स्वयं अपचयित होता है।
व्यवहार: ऑक्सीकारक ऑक्सीजन देता है (या हाइड्रोजन ले लेता है)।
अपचायक (Reducing Agent / Reductant)
वह पदार्थ जो किसी और का अपचयन करवाता है — परंतु स्वयं उपचयित होता है।
व्यवहार: अपचायक ऑक्सीजन ले लेता है (या हाइड्रोजन देता है)।
एक उदाहरण से स्पष्ट करें
- CuO ने H₂ को O दे दिया → CuO ने H₂ का उपचयन करवाया → CuO ऑक्सीकारक है
- CuO ने स्वयं O खोया → CuO अपचयित हुआ
- H₂ ने CuO से O ले लिया → H₂ ने CuO का अपचयन करवाया → H₂ अपचायक है
- H₂ ने स्वयं O ले लिया → H₂ उपचयित हुआ
एक तालिका — सब कुछ एक नज़र में
| भूमिका | क्या करता है? | स्वयं क्या होता है? |
|---|---|---|
| ऑक्सीकारक | O देता है (या H लेता है) | अपचयित (खुद घटता है) |
| अपचायक | O लेता है (या H देता है) | उपचयित (खुद बढ़ता है) |
कुछ प्रसिद्ध ऑक्सीकारक और अपचायक
ऑक्सीकारक: (सान्द्र),
अपचायक:
एक रोचक प्रश्न — एक ही पदार्थ दोनों भूमिकाओं में?
(हाइड्रोजन पेरॉक्साइड) दोनों का काम कर सकता है — कभी ऑक्सीकारक, कभी अपचायक — स्थिति के अनुसार। यह कक्षा 11 का गहरा विषय है।
रेडॉक्स अभिक्रियाओं की पहचान — एक चरणबद्ध विधि
जब कोई अभिक्रिया दी जाए और पूछा जाए कि यह रेडॉक्स है या नहीं, तो ये कदम उठाएँ —
चरण 1 — हर पदार्थ में ऑक्सीजन/हाइड्रोजन की संख्या देखें
LHS और RHS पर अलग-अलग सोचें।
चरण 2 — पहचानें किसमें O बढ़ा/घटा या H बढ़ा/घटा
- O बढ़ा → उपचयन हुआ
- O घटा → अपचयन हुआ
- H बढ़ा → अपचयन हुआ
- H घटा → उपचयन हुआ
चरण 3 — दोनों पाए तो रेडॉक्स
यदि एक पदार्थ का उपचयन और दूसरे का अपचयन — दोनों एक साथ हो रहे हैं — तो यह रेडॉक्स है।
एक पूर्ण उदाहरण
अभिक्रिया:
विश्लेषण:
- में O नहीं था; में O है → H₂ का उपचयन
- में H नहीं था; में H है → O₂ का अपचयन (O ने H को ग्रहण किया)
- दोनों एक साथ → यह रेडॉक्स अभिक्रिया है।
ऑक्सीकारक: (H₂ को उपचयित किया, स्वयं अपचयित हुआ) अपचायक: (O₂ को अपचयित किया, स्वयं उपचयित हुआ)
कुछ और महत्वपूर्ण रेडॉक्स अभिक्रियाएँ
(i) कोयले से धातु निष्कर्षण:
Zn का अपचयन, C का उपचयन।
(ii) मरकरी ऑक्साइड का अपघटन — एक रोचक मामला:
HgO का अपचयन (O निकला), O₂ — यहाँ अकेला O₂ बना।
(iii) सूर्य-प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड:
AgCl का अपचयन (Ag बना — आरोप कम हुआ); Cl का उपचयन (Cl₂ बना)।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह अनुभाग के सबसे ज़रूरी सवालों में से एक है — अभिक्रिया दी जाएगी, और आपको स्पष्ट रूप से बताना होगा किसका उपचयन/अपचयन हुआ।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए — उपचयन, अपचयन, और रेडॉक्स अभिक्रियाओं के सभी मुख्य बिंदु।
1. उपचयन एवं अपचयन — परिभाषाएँ एक साथ
| स्थिति | क्या हो रहा है? |
|---|---|
| O बढ़े | उपचयन |
| O घटे | अपचयन |
| H बढ़े | अपचयन |
| H घटे | उपचयन |
2. रेडॉक्स की परिभाषा
उपचयन और अपचयन साथ-साथ → रेडॉक्स अभिक्रिया।
3. ऑक्सीकारक vs अपचायक
| पदार्थ | भूमिका | स्वयं |
|---|---|---|
| O देने वाला | ऑक्सीकारक | अपचयित |
| O लेने वाला | अपचायक | उपचयित |
4. अनिवार्य रूप से याद रखने योग्य रेडॉक्स अभिक्रियाएँ
| अभिक्रिया | किसका उपचयन | किसका अपचयन |
|---|---|---|
| H₂ | CuO | |
| C | ZnO | |
| HCl | MnO₂ | |
| H₂ | O₂ | |
| C | O₂ |
5. प्रसिद्ध ऑक्सीकारक और अपचायक
- ऑक्सीकारक: (सान्द्र)
- अपचायक:
6. क्रियाकलाप 1.11 का याद रखने योग्य प्रयोग
- (काली परत)
- (काली से भूरी)
- दोनों रेडॉक्स अभिक्रियाएँ हैं।
7. बोर्ड में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न
- उपचयन एवं अपचयन को परिभाषित कीजिए।
- रेडॉक्स अभिक्रिया क्या है? उदाहरण दीजिए।
- निम्न अभिक्रिया में ऑक्सीकारक और अपचायक की पहचान कीजिए।
- क्रियाकलाप 1.11 में काली परत क्यों बनती है?
- ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर उपचयन एवं अपचयन की व्याख्या कीजिए।
8. एक तरकीब
- किसी अभिक्रिया में उपचयन/अपचयन पहचानने के लिए, हर पदार्थ में O और H गिनकर देखें कि किसमें बढ़ा/घटा।
अंतिम सूत्र: O बढ़े = उपचयन, घटे = अपचयन। दोनों साथ = रेडॉक्स।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — कॉपर के उपचयन की पहचान
निम्न अभिक्रिया में उपचयित और अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए —
हल:
- विश्लेषण:
Na में पहले O नहीं था; अब में O है → Na में O जुड़ा → Na का उपचयन
ने Na को O दे दिया → स्वयं अपचयित नहीं हुआ क्योंकि यहाँ केवल O₂ अणु ने रूप बदला।
(कक्षा 10 स्तर पर हम सरल भाषा में:)
O₂ ने H ग्रहण नहीं किया, परंतु यह कम ऑक्सीजन-योग वाली अवस्था से Na₂O में आ गया → O₂ का अपचयन।
- उत्तर:
- उपचयित पदार्थ: Na (सोडियम)
- अपचयित पदार्थ: (ऑक्सीजन)
- यह क्यों रेडॉक्स है? दोनों — उपचयन एवं अपचयन — एक साथ हो रहे हैं।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 2: NCERT — दूसरा उदाहरण
निम्न अभिक्रिया में उपचयित और अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए —
हल:
विश्लेषण:
| पदार्थ | प्रारंभ में | अंत में | परिवर्तन | निष्कर्ष |
|---|---|---|---|---|
| Cu | में, O के साथ | — O निकल गया | O घटा | अपचयन |
| H₂ | अकेला | में, O के साथ | O बढ़ा | उपचयन |
उत्तर:
- उपचयित पदार्थ: (हाइड्रोजन)
- अपचयित पदार्थ: (कॉपर ऑक्साइड)
ऑक्सीकारक एवं अपचायक:
- — ऑक्सीकारक ( का उपचयन किया)
- — अपचायक ( का अपचयन किया)
यह कौन-सी अभिक्रिया है? रेडॉक्स अभिक्रिया।
दृष्टिगत प्रेक्षण: काले की परत भूरे में बदल जाती है।
[बोर्ड में बार-बार पूछा गया]
उदाहरण 3: रेडॉक्स अभिक्रिया की परिभाषा
रेडॉक्स अभिक्रिया को परिभाषित कीजिए। दो उदाहरण दीजिए।
हल:
परिभाषा: वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक का उपचयन और दूसरे का अपचयन साथ-साथ होता है, रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction) कहलाती है।
'रेडॉक्स' शब्द = Reduction (अपचयन) + Oxidation (उपचयन) का संक्षिप्त रूप।
मुख्य लक्षण
- एक पदार्थ में O बढ़ता है (या H घटता है) — उपचयन।
- दूसरे पदार्थ में O घटता है (या H बढ़ता है) — अपचयन।
- ये दोनों परिवर्तन एक साथ होते हैं।
दो उदाहरण
(i) कॉपर ऑक्साइड + हाइड्रोजन:
- का उपचयन ( में O जुड़ा)
- का अपचयन (O निकला, बना)
(ii) ज़िंक ऑक्साइड का अपचयन:
- का उपचयन ( में O जुड़ा)
- का अपचयन (O निकला, बना)
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक प्रश्न]
उदाहरण 4: मरकरी ऑक्साइड का अपघटन
निम्न अभिक्रिया का विश्लेषण कीजिए —
हल:
- विश्लेषण:
- में Hg ऑक्सीजन के साथ था; अंतिम उत्पाद शुद्ध धातु है (O नहीं) → HgO का अपचयन
- में से ऑक्सीजन निकलकर बनी → वह O के योग की अवस्था से शुद्ध O₂ बन रही है → यह सरल अर्थ में O₂ का उपचयन नहीं है (यह वियोजन का खास मामला है, जिसमें ऑक्सीजन निकलती है)
- एक विस्तृत दृष्टि:
- यह वियोजन अभिक्रिया है (एक → दो उत्पाद)।
- Hg² ⁺ का अपचयन हुआ — Hg⁰ हो गया।
- O²⁻ (ऑक्साइड में) का उपचयन हुआ — O⁰ ( में) हो गया।
- (यहाँ हमने ऑक्सीकरण-अंक की भाषा छुपी हुई उपयोग की — कक्षा 11 में स्पष्ट होगी।)
- कक्षा 10 स्तर का उत्तर:
- यह वियोजन अभिक्रिया है।
- मरकरी () का अपचयन हुआ है ( से )।
- तकनीकी रूप से यह रेडॉक्स वियोजन है।
- विशेष टिप्पणी: यह अभिक्रिया ऑक्सीजन की खोज (priestley द्वारा) से जुड़ी है।
सीख: सभी वियोजन रेडॉक्स नहीं होते (जैसे — यह रेडॉक्स नहीं है)। पर का वियोजन एक रेडॉक्स वियोजन है।
उदाहरण 5: कक्षा 10 NCERT — एक छोटा प्रश्न
निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए: (i) (ii)
हल:
(i) के लिए:
- Na में O जुड़ा (Na → Na₂O) → Na का उपचयन
- O₂ ने Na को O दिया, स्वयं घटा → O₂ का अपचयन
(ii) के लिए:
- CuO में से O निकला (CuO → Cu) → CuO का अपचयन
- H₂ में O जुड़ा (H₂ → H₂O) → H₂ का उपचयन
तालिका:
| अभिक्रिया | उपचयित पदार्थ | अपचयित पदार्थ |
|---|---|---|
| Na | ||
| CuO |
दोनों रेडॉक्स अभिक्रियाएँ हैं।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न — हल शब्दशः उत्तर]
उदाहरण 6: ऑक्सीकारक और अपचायक की पहचान
निम्न अभिक्रिया में ऑक्सीकारक और अपचायक की पहचान कीजिए —
हल:
- पदार्थों का विश्लेषण:
- में Mn ऑक्साइड के साथ था; में Mn को क्लोराइड मिल गया; O निकल गया → MnO₂ का अपचयन
- में H था; अंतिम शुद्ध क्लोरीन है, H अब में चला गया; HCl से H निकल गया → HCl का उपचयन
- भूमिकाएँ:
- ने का उपचयन किया → ऑक्सीकारक है
- ने का अपचयन किया → अपचायक है
- यह रेडॉक्स अभिक्रिया है क्योंकि उपचयन और अपचयन साथ-साथ हुए।
- दैनिक उपयोग: यह अभिक्रिया प्रयोगशाला में गैस बनाने की एक पुरानी विधि है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण]
उदाहरण 7: कोयले से ज़िंक का निष्कर्षण
ज़िंक ऑक्साइड को कार्बन से गर्म करने पर ज़िंक धातु प्राप्त होती है। संतुलित अभिक्रिया लिखें और ऑक्सीकारक/अपचायक की पहचान करें।
हल:
- अभिक्रिया:
- विश्लेषण:
- ZnO में से O निकला → ZnO का अपचयन → ZnO ऑक्सीकारक है (C को O दिया)
- C में O जुड़ा (CO बना) → C का उपचयन → C अपचायक है (ZnO को अपचयित किया)
- यह कौन-सी अभिक्रिया है?
- रेडॉक्स अभिक्रिया
- विस्थापन का प्रकार भी (C ने Zn को विस्थापित किया)
- औद्योगिक महत्व:
- यह ज़िंक के निष्कर्षण की प्रसिद्ध विधि है।
- कोयले को 'अपचायक' के रूप में उपयोग करना एक पुरानी और सस्ती तकनीक है।
- इसी सिद्धांत पर भट्टी में लोहे का निष्कर्षण भी होता है:
[बोर्ड + कक्षा 10 अध्याय 3 का परिचय]
उदाहरण 8: संख्यात्मक — रेडॉक्स में पदार्थों की मात्रा
8 g को गैस से अपचयित किया गया। बने Cu और का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (Cu=63.5, O=16, H=1)
हल:
- अभिक्रिया:
- अणुभार:
- g
- g
- g
- मोल-अनुपात: 1 mol → 1 mol Cu और 1 mol H₂O
- दिए में मोल:
- उत्पाद:
- Cu = g
- = g
- द्रव्यमान संरक्षण की पुष्टि: g; g ✓
उत्तर:
- Cu का द्रव्यमान ≈ 6.39 g
- का द्रव्यमान ≈ 1.81 g
सीख: रेडॉक्स अभिक्रियाओं में भी द्रव्यमान संरक्षण लागू होता है।
उदाहरण 9: एक प्रसिद्ध बोर्ड प्रश्न
एक भूरे रंग का चमकदार तत्व 'X' को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व 'X' एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।
हल:
यह क्रियाकलाप 1.11 का प्रसिद्ध संदर्भ है।
- तत्व 'X' की पहचान: भूरे रंग का चमकदार तत्व जो वायु में गर्म करने पर काला हो जाता है — यह कॉपर (Cu) है।
- काले यौगिक की पहचान: कॉपर ऑक्साइड (II) अर्थात — यह काले रंग का होता है।
- अभिक्रिया:
- अभिक्रिया का प्रकार:
- संयोजन अभिक्रिया (दो → एक)
- उपचयन / रेडॉक्स (Cu को O मिला)
- दृष्टिगत प्रेक्षण:
- प्रारंभ में — चमकदार भूरा कॉपर चूर्ण।
- अंत में — चूर्ण की सतह पर काली परत ()।
- परिचय: यह कॉपर के संक्षारण का सिद्धांत भी समझाता है — हालाँकि वायुमंडलीय परिस्थितियों में की जगह हरी की परत बनती है।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न संख्या 17 — बार-बार पूछा गया]
उदाहरण 10: रेडॉक्स की 'दोहरी' प्रकृति
रेडॉक्स अभिक्रिया में हमेशा एक पदार्थ का उपचयन और दूसरे का अपचयन साथ-साथ क्यों होता है?
हल:
सिद्धांत:
- ऑक्सीजन सिर्फ़ एक जगह से दूसरी जगह जा सकती है — गायब नहीं हो सकती।
- **जब एक पदार्थ ऑक्सीजन छोड़ता है (अपचयित), तो वह ऑक्सीजन *किसी और* पदार्थ को मिलनी ही चाहिए (उपचयित)।
- यही द्रव्यमान संरक्षण का परिणाम है।
उदाहरण से समझें:
- अगर का अपचयन हो रहा है, तो अपना O 'किसी और' को दे रहा है।
- वह 'कोई और' है — जो O लेकर बना।
- अतः का उपचयन ज़रूरी है।
अनुरूप — व्यावहारिक उदाहरण: जैसे एक खेल में — यदि एक टीम कोई गेंद देती है, तो किसी दूसरी टीम को वह लेनी पड़ेगी। उसी तरह — यदि एक पदार्थ ऑक्सीजन देता है, तो कोई और लेगा।
निष्कर्ष: यही कारण है कि उपचयन और अपचयन हमेशा साथ-साथ होते हैं — और इसी संयुक्त अभिक्रिया को हम रेडॉक्स कहते हैं।
[बोर्ड अवधारणात्मक प्रश्न]
उदाहरण 11: H के योग/ह्रास से अपचयन/उपचयन
निम्न अभिक्रिया में किसका उपचयन/अपचयन हुआ? —
हल:
यहाँ ध्यान दें — कोई ऑक्सीजन नहीं है, परंतु अब हमें H की भाषा में सोचना है।
- का विश्लेषण:
- अकेला था; अब में H, Cl के साथ है।
- H खुद नहीं बदला (मात्रा वही), परंतु Cl में H जुड़ गया।
- दृष्टिकोण बदलें: → — H₂ ने 'पार्टनर' पाया (Cl के साथ)।
- दूसरा दृष्टिकोण: → — H का उपचयन हुआ (कक्षा 11 में स्पष्ट होगा — आरोप के आधार पर)।
- का विश्लेषण:
- में H नहीं था; में H जुड़ गया।
- में H जुड़ा → Cl₂ का अपचयन
- उत्तर (कक्षा 10 स्तर):
- का अपचयन हुआ (H जुड़ा)
- का उपचयन हुआ (तकनीकी — आरोप के अनुसार)
- यह रेडॉक्स अभिक्रिया है।
- विशेष टिप्पणी: O के बिना भी रेडॉक्स अभिक्रिया हो सकती है — H का योग/ह्रास भी पर्याप्त है।
सीख: उपचयन/अपचयन सिर्फ़ ऑक्सीजन तक सीमित नहीं — हाइड्रोजन का योग/ह्रास भी देखें।
उदाहरण 12: पाँच रेडॉक्स अभिक्रियाओं की पहचान
निम्न अभिक्रियाओं में किस-किस पदार्थ का उपचयन एवं अपचयन हुआ है, बताइए: (i) (ii) (iii) (iv) (v)
हल:
| क्रम | अभिक्रिया | उपचयित | अपचयित |
|---|---|---|---|
| (i) | (O जुड़ा) | ||
| (ii) | C (O जुड़ा) | ||
| (iii) | (O जुड़ा → CO₂) | (O निकला → Fe) | |
| (iv) | (KI में) → — (कक्षा 11 — आरोप परिवर्तन) | → | |
| (v) | Al (O जुड़ा) |
तीसरी अभिक्रिया का विशेष महत्व:
- यह लोहे की भट्टी (Blast Furnace) की अभिक्रिया है।
- अयस्क + अपचायक → शुद्ध Fe।
- यही औद्योगिक स्टील-निर्माण का आधार है।
[बोर्ड + JEE/NEET स्तर]
उदाहरण 13: ऑक्सीकारक और अपचायक — एक संक्षिप्त सूची
प्रसिद्ध ऑक्सीकारक और अपचायक के दो-दो उदाहरण लिखिए, और प्रत्येक का एक-एक उपयोग बताइए।
हल:
ऑक्सीकारक (दो उदाहरण):
(i) ऑक्सीजन ():
- सबसे आम ऑक्सीकारक।
- दहन का आधार।
- उपयोग: ईंधन-दहन (LPG, पेट्रोल), श्वसन (शरीर में), रॉकेट-इंजनों में।
(ii) पोटैशियम परमैंगनेट ():
- गहरा बैंगनी, मजबूत ऑक्सीकारक।
- उपयोग: अनुमापन (titration) में मानक विलयन के रूप में, जल-शोधन में, घावों के संक्रमण-निवारक के रूप में।
अपचायक (दो उदाहरण):
(i) हाइड्रोजन ():
- सबसे आम अपचायक।
- उपयोग: से Cu, धातु-निष्कर्षण में, अमोनिया बनाना ()।
(ii) कार्बन (कोयला, C):
- सस्ता, अति-शक्तिशाली।
- उपयोग: लोहा/ज़िंक/ताँबा निष्कर्षण (), थर्माइट जैसी अभिक्रियाओं में।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — व्यावहारिक संदर्भ]
उदाहरण 14: एक चुनौतीपूर्ण प्रश्न — श्वसन और दहन
श्वसन और दहन — दोनों रेडॉक्स अभिक्रियाएँ हैं। समझाइए।
हल:
(1) दहन (मीथेन का):
विश्लेषण:
- में C ने O ग्रहण किया (CO₂ बना) → C का उपचयन
- में H ने O ग्रहण किया (H₂O बना) → H का उपचयन
- ने इन्हें O दिया → O₂ का अपचयन
- यह रेडॉक्स + ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
(2) श्वसन (शरीर में):
विश्लेषण:
- ग्लूकोज़ में C ने O ग्रहण किया → C का उपचयन
- ने O दिया → O₂ का अपचयन
- यह भी रेडॉक्स + ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
दोनों के बीच समानता:
- दोनों ही उपचयन-अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रियाएँ हैं।
- दोनों में ऊर्जा निकलती है।
- दोनों में अंतिम उत्पाद और हैं।
अंतर:
- दहन — तेज़ होता है, अधिक तापमान पर।
- श्वसन — धीमा होता है, सामान्य तापमान पर, एंजाइमों की मदद से।
सीख: जीवन एक नियंत्रित दहन ही है — यही जीव-विज्ञान और रसायन का अद्भुत मेल है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — विज्ञान-दर्शन प्रश्न]
उदाहरण 15: ऑक्सीकारक की पहचान — एक चुनौतीपूर्ण प्रश्न
निम्न अभिक्रियाओं में ऑक्सीकारक की पहचान कीजिए: (i) (ii) (iii) (iv)
हल:
(i) :
- में से O निकलकर H के साथ बनी → अपचयित।
- का → हुआ (H छोड़ा) → HCl उपचयित।
- ऑक्सीकारक: (HCl का उपचयन किया)
(ii) :
- → (इलेक्ट्रॉन खोया) → Br का उपचयन।
- → (इलेक्ट्रॉन प्राप्त) → Cl का अपचयन।
- ऑक्सीकारक:
(iii) :
- Mg ने O ग्रहण किया → Mg उपचयित।
- O₂ ने Mg से इलेक्ट्रॉन लिए → O₂ अपचयित।
- ऑक्सीकारक:
(iv) :
- Fe → Fe²⁺ (इलेक्ट्रॉन खोया) → Fe उपचयित।
- Cu²⁺ → Cu (इलेक्ट्रॉन प्राप्त) → Cu²⁺ अपचयित।
- ऑक्सीकारक: (Cu²⁺ ने Fe से इलेक्ट्रॉन लिए)
[बोर्ड + प्रवेश परीक्षा]
टिप्पणी: आरोप परिवर्तन की भाषा कक्षा 11 में और स्पष्ट होगी, परंतु सरल ऑक्सीजन/हाइड्रोजन के योग-ह्रास से ही उत्तर निकल आते हैं।
उदाहरण 16: एक तालिकात्मक प्रश्न — सब अभिक्रियाओं की पहचान
निम्न अभिक्रियाओं को 'अभिक्रिया प्रकार' और 'क्या यह रेडॉक्स है' के आधार पर वर्गीकृत कीजिए:
(a) (b) (c) (d) (e) (f)
हल:
| क्रम | अभिक्रिया | प्रकार | रेडॉक्स? |
|---|---|---|---|
| (a) | संयोजन | नहीं (O केवल जुड़ा, परंतु CaO ने नहीं खोया) | |
| (b) | वियोजन | हाँ () | |
| (c) | द्विविस्थापन | नहीं | |
| (d) | विस्थापन | हाँ (Zn उपचयित, Cu अपचयित) | |
| (e) | संयोजन | हाँ (C उपचयित) | |
| (f) | द्विविस्थापन (उदासीनीकरण) | नहीं |
मुख्य निष्कर्ष:
- द्विविस्थापन और उदासीनीकरण अभिक्रियाएँ प्रायः रेडॉक्स नहीं होतीं (केवल आयन-विनिमय)।
- विस्थापन अभिक्रियाएँ हमेशा रेडॉक्स होती हैं।
- दहन और कई संयोजन/वियोजन रेडॉक्स होते हैं।
- कुछ संयोजन (जैसे ) रेडॉक्स नहीं — क्योंकि किसी की ऑक्सीजन-स्थिति नहीं बदली।
[बोर्ड के 5-अंक प्रश्न का संक्षिप्त रूप]