विस्थापन अभिक्रिया क्या है?

एक रोचक स्थिति की कल्पना कीजिए — आप एक बस में बैठे हैं और अचानक एक 'अधिक प्रभावशाली' व्यक्ति आता है, और आपको खड़ा होना पड़ता है। बिल्कुल यही रसायन में होता है — एक अधिक क्रियाशील तत्व दूसरे कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से बाहर कर देता है। इसी को विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) कहते हैं।

परिभाषा: वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अधिक क्रियाशील तत्व दूसरे कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित (replace) कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

सामान्य रूप

A+BCAC+BA + BC \rightarrow AC + B

जहाँ — A अधिक क्रियाशील है (अंदर आया), और B कम क्रियाशील (बाहर निकला)।

क्रियाकलाप 1.9 — लोहे की कील और कॉपर सल्फ़ेट

यह NCERT का सबसे प्रसिद्ध विस्थापन प्रयोग है।

विधि:

  1. तीन लोहे की कीलें लीजिए और रेगमाल से रगड़कर साफ़ कीजिए।
  2. परखनली A और B में 10 mL कॉपर सल्फ़ेट का नीला घोल भरें।
  3. दो कीलों को धागे से बाँधकर परखनली B में डाल दें (20 मिनट के लिए)।
  4. एक कील अलग रख दें (तुलना के लिए)।

प्रेक्षण (20 मिनट बाद):

  • परखनली B के विलयन का नीला रंग फीका हो गया है (हल्का हरा)।
  • कीलों पर भूरे रंग की पतली परत चढ़ गई है (कॉपर का जमाव)।
  • परखनली A में रंग वैसा ही है (कोई परिवर्तन नहीं)।

अभिक्रिया:

Fe(s)+CuSO4(aq)FeSO4(aq)+Cu(s)Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)

व्याख्या:

  • लोहा (Fe) कॉपर (Cu) से अधिक क्रियाशील है।
  • अतः लोहा कॉपर को CuSO4CuSO_4 से बाहर निकालकर खुद FeSO4FeSO_4 बना लेता है।
  • कॉपर धात्विक रूप में कील की सतह पर जम जाता है।

रंग परिवर्तन का कारण: CuSO4CuSO_4 (नीला) → FeSO4FeSO_4 (हल्का हरा); और भूरा कॉपर कील पर।

विस्थापन अभिक्रिया: कॉपर सल्फेट में लोहे की कील पर कॉपर का जमाव

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Iron nail लोहे की कील
Copper sulphate solution (blue) कॉपर सल्फेट विलयन (नीला)
Copper deposit on nail कील पर कॉपर की परत
Iron sulphate solution (pale green) आयरन सल्फेट विलयन (हल्का हरा)
Before पहले
After बाद में

क्रियाशीलता श्रेणी (Activity Series)

कौन-सा तत्व कितना क्रियाशील है — यह जानने के लिए वैज्ञानिकों ने धातुओं को क्रियाशीलता के क्रम में सजाया है। इसे क्रियाशीलता श्रेणी कहते हैं।

क्रियाशीलता श्रेणी (अधिक क्रियाशील से कम तक)

K>Na>Ca>Mg>Al>Zn>Fe>Pb>H>Cu>Hg>Ag>Au\text{K} > \text{Na} > \text{Ca} > \text{Mg} > \text{Al} > \text{Zn} > \text{Fe} > \text{Pb} > \text{H} > \text{Cu} > \text{Hg} > \text{Ag} > \text{Au}

मनोरंजक नियम (मनेमॉनिक): "Krishan Not Cal Mg Al, Zn Fe Pb Have Cu Hg Ag Au"

या Hindi में — "क ना का म ए ज लो सी ह ता पा चा सो" (पोटैशियम-सोडियम-कैल्शियम-मैग्नीशियम-एल्यूमिनियम-ज़िंक-लोहा-सीसा-हाइड्रोजन-ताँबा-पारा-चाँदी-सोना)

मुख्य नियम

ऊपर वाला नीचे वाले को विस्थापित कर सकता है, परंतु नीचे वाला ऊपर वाले को नहीं।

उदाहरण:

  • Zn (ऊपर) Cu (नीचे) को विस्थापित कर सकता है ✓
  • Cu (नीचे) Zn (ऊपर) को विस्थापित नहीं कर सकता ✗

विस्थापन अभिक्रिया के और उदाहरण

(i) ज़िंक + कॉपर सल्फ़ेट:

Zn(s)+CuSO4(aq)ZnSO4(aq)+Cu(s)Zn(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + Cu(s)

(Zn, Cu से ऊपर है)

(ii) लेड + कॉपर क्लोराइड:

Pb(s)+CuCl2(aq)PbCl2(aq)+Cu(s)Pb(s) + CuCl_2(aq) \rightarrow PbCl_2(aq) + Cu(s)

(Pb, Cu से ऊपर है)

(iii) लोहा + कॉपर सल्फ़ेट:

Fe(s)+CuSO4(aq)FeSO4(aq)+Cu(s)Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)

(Fe, Cu से ऊपर है)

(iv) सिल्वर के परिशोधन में — कॉपर का उपयोग:

Cu(s)+2AgNO3(aq)Cu(NO3)2(aq)+2Ag(s)Cu(s) + 2AgNO_3(aq) \rightarrow Cu(NO_3)_2(aq) + 2Ag(s)

(Cu, Ag से ऊपर है)

[बोर्ड टिप] विस्थापन हुआ या नहीं — हमेशा क्रियाशीलता श्रेणी देखकर तय करें।

एक प्रश्न — कौन-सी विस्थापन नहीं होगी?

यदि आप ताँबे की कील को FeSO4FeSO_4 के विलयन में डालें, तो क्या होगा?

अभिक्रिया (हो सकती है?):

Cu(s)+FeSO4(aq)?CuSO4(aq)+Fe(s)Cu(s) + FeSO_4(aq) \xrightarrow{\text{?}} CuSO_4(aq) + Fe(s)

विश्लेषण: क्रियाशीलता श्रेणी देखें — Fe ऊपर है, Cu नीचे। अतः Cu (नीचे), Fe (ऊपर) को विस्थापित नहीं कर सकता।

निष्कर्ष: यह अभिक्रिया नहीं होगी। ताँबे की कील FeSO4FeSO_4 में रखने पर कोई परिवर्तन नहीं होगा।

एक और महत्वपूर्ण प्रश्न — सिल्वर का परिशोधन (Refining of Silver)

कच्चे सिल्वर में अक्सर AgNO3AgNO_3 की अशुद्धियाँ होती हैं। शुद्ध सिल्वर निकालने के लिए कॉपर का उपयोग करते हैं —

Cu(s)+2AgNO3(aq)Cu(NO3)2(aq)+2Ag(s)Cu(s) + 2AgNO_3(aq) \rightarrow Cu(NO_3)_2(aq) + 2Ag(s)

यह बहुत महत्वपूर्ण औद्योगिक अभिक्रिया है। NCERT में इसका विशेष उल्लेख है।

सक्रिय धातुओं द्वारा H₂ का विस्थापन

हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ अम्ल से H2H_2 गैस विस्थापित कर सकती हैं —

(i) ज़िंक + अम्ल:

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + H_2(g)\uparrow

(ii) मैग्नीशियम + अम्ल:

Mg(s)+2HCl(aq)MgCl2(aq)+H2(g)Mg(s) + 2HCl(aq) \rightarrow MgCl_2(aq) + H_2(g)\uparrow

(iii) लोहा + तनु अम्ल:

Fe(s)+2HCl(aq)FeCl2(aq)+H2(g)Fe(s) + 2HCl(aq) \rightarrow FeCl_2(aq) + H_2(g)\uparrow

परंतु — कॉपर अम्ल से H₂ विस्थापित नहीं करता, क्योंकि Cu, H से नीचे है।

[बोर्ड महत्वपूर्ण] H की क्रियाशीलता श्रेणी में स्थिति याद रखें — Pb के नीचे, Cu के ऊपर।

विस्थापन के प्रकार (Sub-types)

विस्थापन अभिक्रियाएँ दो मुख्य प्रकार की होती हैं —

प्रकार 1 — धातु द्वारा धातु का विस्थापन

जब एक धातु, दूसरी धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित करती है।

उदाहरण: Fe+CuSO4FeSO4+CuFe + CuSO_4 \rightarrow FeSO_4 + Cu

प्रकार 2 — धातु द्वारा हाइड्रोजन का विस्थापन

जब एक धातु, अम्ल से H2H_2 गैस विस्थापित करती है।

उदाहरण: Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2

प्रकार 3 — अधातुओं में विस्थापन (हैलोजन)

हैलोजन (Cl, Br, I, F) में भी क्रियाशीलता क्रम होता है: F>Cl>Br>IF > Cl > Br > I

(i) क्लोरीन, ब्रोमाइड को विस्थापित करता है:

Cl2(g)+2NaBr(aq)2NaCl(aq)+Br2(l)Cl_2(g) + 2NaBr(aq) \rightarrow 2NaCl(aq) + Br_2(l)

(ii) क्लोरीन, आयोडाइड को विस्थापित करता है:

Cl2(g)+2KI(aq)2KCl(aq)+I2(s)Cl_2(g) + 2KI(aq) \rightarrow 2KCl(aq) + I_2(s)

(आयोडीन का बैंगनी-काला रंग दिखाई देता है — यह एक प्रसिद्ध परीक्षण है।)

विस्थापन का व्यापक नियम

स्थिति क्या होगा?
अधिक क्रियाशील + (कम क्रियाशील का यौगिक) विस्थापन होगा
कम क्रियाशील + (अधिक क्रियाशील का यौगिक) विस्थापन नहीं होगा
दोनों समान क्रियाशीलता वाले अभिक्रिया धीमी या नगण्य

दैनिक जीवन और उद्योग में विस्थापन अभिक्रियाएँ

1. धातु निष्कर्षण (Metal Extraction)

कई धातुओं को उनके अयस्क से निकालने के लिए विस्थापन का उपयोग होता है।

(i) Thermite Reaction (थर्माइट अभिक्रिया):

Fe2O3(s)+2Al(s)2Fe(l)+Al2O3(s)+ऊष्माFe_2O_3(s) + 2Al(s) \rightarrow 2Fe(l) + Al_2O_3(s) + \text{ऊष्मा}

  • एल्यूमिनियम लोहे को विस्थापित करता है।
  • इतनी अधिक ऊष्मा निकलती है कि लोहा पिघल जाता है।
  • उपयोग: रेल की पटरियों और मशीन के टूटे हुए लोहे को जोड़ने में।

2. विद्युत-वियोजन के लिए सक्रिय धातुएँ

Na,K,CaNa, K, Ca जैसी अति-सक्रिय धातुएँ अन्य धातुओं को उनके यौगिकों से विस्थापित कर सकती हैं — परंतु इनसे अभिक्रिया खतरनाक है।

3. सिल्वर का परिशोधन

जैसा देखा — कॉपर के उपयोग से शुद्ध सिल्वर प्राप्त की जाती है।

4. क्षरण-संरक्षण (Cathodic Protection)

लोहे के पाइप को जंग से बचाने के लिए ज़िंक की परत चढ़ाते हैं — क्योंकि Zn पहले ख़त्म होता है (अधिक क्रियाशील), और Fe सुरक्षित रहता है।

एक रोचक उदाहरण — व्यावहारिक प्रश्न

कॉपर के बर्तन में दूध रखने पर क्या होता है?

  • Cu, H+H^+ से अभिक्रिया नहीं करता (दूध में लैक्टिक अम्ल है)। तो आम तौर पर कॉपर पात्र दूध के साथ ठीक है।
  • परंतु जब दूध खट्टा हो जाए (अधिक अम्लीय), तो कॉपर थोड़ा घुल सकता है — इसी कारण लंबे समय तक खट्टा दूध कॉपर के बर्तन में नहीं रखना चाहिए।
  • आयरन के बर्तन में अम्लीय भोजन रखने पर लोहा घुलने लगता है — यही पुराने ज़माने में 'आयरन से समृद्ध भोजन' का तरीका था।

[बोर्ड महत्वपूर्ण] क्रियाशीलता-श्रेणी पर आधारित प्रश्न लगभग हर वर्ष होते हैं।

🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)

बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए — विस्थापन अभिक्रिया के सभी मुख्य बिंदु।

1. विस्थापन का सूत्र

A+BCAC+BA + BC \rightarrow AC + B (A अधिक क्रियाशील, B कम क्रियाशील)

2. क्रियाशीलता श्रेणी — क्रम याद रखें

K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au\text{K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au}

ऊपर वाला अधिक क्रियाशील — नीचे वाले को विस्थापित कर सकता है।

3. अनिवार्य रूप से याद रखने योग्य अभिक्रियाएँ

अभिक्रिया टिप्पणी
Fe+CuSO4FeSO4+CuFe + CuSO_4 \rightarrow FeSO_4 + Cu NCERT क्रियाकलाप 1.9
Zn+CuSO4ZnSO4+CuZn + CuSO_4 \rightarrow ZnSO_4 + Cu Zn > Cu
Pb+CuCl2PbCl2+CuPb + CuCl_2 \rightarrow PbCl_2 + Cu Pb > Cu
Cu+2AgNO3Cu(NO3)2+2AgCu + 2AgNO_3 \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2Ag सिल्वर परिशोधन
Zn+H2SO4ZnSO4+H2Zn + H_2SO_4 \rightarrow ZnSO_4 + H_2 अम्ल से H₂ का विस्थापन
Fe2O3+2Al2Fe+Al2O3Fe_2O_3 + 2Al \rightarrow 2Fe + Al_2O_3 थर्माइट — रेल पटरी जोड़ना

4. दृष्टिगत संकेत — विस्थापन कैसे पहचानें

  • रंग परिवर्तन: नीला CuSO4CuSO_4 → हल्का हरा FeSO4FeSO_4
  • धात्विक जमाव: कील पर भूरा कॉपर
  • गैस का उत्सर्जन: अम्ल + सक्रिय धातु → H2H_2 बुलबुले

5. विस्थापन नहीं होने के उदाहरण

  • Cu+FeSO4Cu + FeSO_4 → कुछ नहीं (Cu, Fe से कम क्रियाशील)
  • Cu+HClCu + HCl → कुछ नहीं (Cu, H से कम क्रियाशील)
  • Ag+ZnSO4Ag + ZnSO_4 → कुछ नहीं

6. बोर्ड में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. विस्थापन अभिक्रिया क्या है? क्रियाकलाप 1.9 से उदाहरण दें।
  2. लोहे की कील को CuSO4CuSO_4 में डालने पर क्या होता है? रंग परिवर्तन समझाइए।
  3. क्या Cu, FeSO4FeSO_4 से Fe को विस्थापित कर सकता है? क्यों?
  4. सिल्वर के परिशोधन में कॉपर का उपयोग कैसे होता है?
  5. थर्माइट अभिक्रिया क्या है? इसका उपयोग बताइए।

7. एक तरकीब

  • जब किसी प्रश्न में कोई विस्थापन पूछा जाए, हमेशा क्रियाशीलता श्रेणी का छोटा-सा संक्षिप्त रूप मन में रखें — K, Na, Ca, Mg, Al, Zn, Fe, Pb, H, Cu, Hg, Ag, Au

अंतिम सूत्र: क्रियाशीलता का दबंग — कमज़ोर को बाहर। दिशा हमेशा ऊपर से नीचे।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — कॉपर सल्फ़ेट में लोहे की कील

जब लोहे की कील को कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?

हल:

  1. अभिक्रिया:

Fe(s)+CuSO4(aq)FeSO4(aq)+Cu(s)Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)

  1. रंग परिवर्तन का कारण:
  • प्रारंभ में CuSO4CuSO_4 का विलयन नीला होता है (Cu²⁺ आयन के कारण)।
  • लोहा कॉपर से अधिक क्रियाशील है, अतः Fe विस्थापित करके FeSO4FeSO_4 बनाता है।
  • FeSO4FeSO_4 का विलयन हल्का हरा होता है (Fe²⁺ आयन के कारण)।
  • साथ ही धात्विक कॉपर (भूरा) कील की सतह पर जम जाता है।
  1. दृष्टिगत प्रेक्षण:
  • विलयन का रंग नीला से हल्का हरा।
  • कील पर भूरी परत।
  1. इस अभिक्रिया का प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया (Fe ने Cu को विस्थापित किया)।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न — बोर्ड परीक्षा में बार-बार]

उदाहरण 2: NCERT — सिल्वर परिशोधन

सिल्वर के शोधन में कॉपर धातु द्वारा सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।

हल:

  1. अभिक्रिया:

Cu(s)+2AgNO3(aq)Cu(NO3)2(aq)+2Ag(s)Cu(s) + 2AgNO_3(aq) \rightarrow Cu(NO_3)_2(aq) + 2Ag(s)

  1. विश्लेषण:
  • क्रियाशीलता श्रेणी में Cu, Ag से ऊपर है — अतः Cu, Ag को विस्थापित कर सकता है।
  • प्रक्रिया में कॉपर की पतली प्लेट AgNO3AgNO_3 के विलयन में डुबोते हैं।
  • शुद्ध धात्विक चाँदी (AgAg) कॉपर की प्लेट पर जम जाती है।
  1. विलयन में रंग:
  • प्रारंभ में — रंगहीन AgNO3AgNO_3 विलयन।
  • अंत में — हल्का नीला Cu(NO3)2Cu(NO_3)_2 विलयन।
  1. औद्योगिक महत्व: यह सिल्वर के परिशोधन (refining) की एक सरल विधि है।

यह कौन-सी अभिक्रिया है? विस्थापन अभिक्रिया।

उदाहरण 3: क्या Cu, FeSO₄ को विस्थापित कर सकता है?

यदि कॉपर की कील को FeSO4FeSO_4 के विलयन में डाला जाए, तो क्या होगा? क्रियाशीलता श्रेणी के आधार पर समझाइए।

हल:

  1. प्रश्न का सूत्र:

Cu(s)+FeSO4(aq)?CuSO4(aq)+Fe(s)Cu(s) + FeSO_4(aq) \xrightarrow{?} CuSO_4(aq) + Fe(s)

  1. क्रियाशीलता श्रेणी: ...Fe>Pb>H>Cu......Fe > Pb > H > Cu...
  2. विश्लेषण: Fe (ऊपर) है, Cu (नीचे) है।
  • नियम: नीचे वाला ऊपर वाले को विस्थापित नहीं कर सकता।
  • अतः Cu, Fe को FeSO4FeSO_4 से विस्थापित नहीं कर सकता।
  1. उत्तर: यह अभिक्रिया नहीं होगी। कॉपर की कील FeSO4FeSO_4 विलयन में डालने पर कोई परिवर्तन नहीं होगा।
  2. तुलनात्मक: बिल्कुल विपरीत — Fe+CuSO4Fe + CuSO_4 की अभिक्रिया तो होती है (क्योंकि Fe, Cu से ऊपर है)।

सीख: विस्थापन की दिशा हमेशा अधिक क्रियाशील → कम क्रियाशील की ओर होती है।

उदाहरण 4: ज़िंक और अम्ल की अभिक्रिया

ज़िंक के दानों पर तनु H2SO4H_2SO_4 डालने पर क्या होता है? यह कौन-सी अभिक्रिया है?

हल:

  1. अभिक्रिया:

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + H_2(g)\uparrow

  1. प्रेक्षण:
  • बुलबुले निकलते हैं (हाइड्रोजन गैस)।
  • फ्लास्क गर्म हो जाता है (ऊष्माक्षेपी)।
  • ज़िंक धीरे-धीरे घुल जाता है।
  1. यह कौन-सी अभिक्रिया?
  • विस्थापन अभिक्रिया — Zn, H को H2SO4H_2SO_4 से विस्थापित करता है।
  • ऊष्माक्षेपी — ऊष्मा निकलती है।
  1. क्रियाशीलता श्रेणी का प्रमाण: Zn, H से ऊपर है, इसलिए विस्थापन संभव।
  2. हाइड्रोजन की पहचान: जलती तीली नज़दीक लाने पर 'पॉप' ध्वनि।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — बार-बार पूछा जाने वाला प्रश्न]

उदाहरण 5: थर्माइट अभिक्रिया

थर्माइट अभिक्रिया क्या है? इसका दैनिक जीवन में क्या उपयोग है?

हल:

  1. अभिक्रिया:

Fe2O3(s)+2Al(s)2Fe(l)+Al2O3(s)+अत्यधिक ऊष्माFe_2O_3(s) + 2Al(s) \rightarrow 2Fe(l) + Al_2O_3(s) + \text{अत्यधिक ऊष्मा}

  1. विशेषताएँ:
  • विस्थापन अभिक्रिया — Al, Fe को विस्थापित करता है (क्योंकि Al, Fe से ऊपर है)।
  • अत्यधिक ऊष्माक्षेपी — इतनी ऊष्मा निकलती है कि लोहा पिघलकर द्रव अवस्था में आ जाता है।
  1. दैनिक जीवन में उपयोग:
  • रेल की पटरियाँ जोड़ना: टूटी पटरियों पर थर्माइट चूर्ण डालकर अग्नि लगाते हैं — पिघला लोहा जोड़ देता है।
  • मशीनों के टूटे लोहे के टुकड़े जोड़ना।
  • रॉकेट में अंतर्गत मरम्मत।
  1. विशेष टिप्पणी: यह अभिक्रिया स्थानीय रूप से 2500°C तक तापमान पैदा करती है — इसी कारण इसे 'पटरी-वेल्डिंग' का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक प्रश्न]

उदाहरण 6: NCERT — विस्थापन के तीन उदाहरण

विस्थापन अभिक्रिया के तीन उदाहरण दीजिए तथा सिद्ध कीजिए कि अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील को विस्थापित करता है।

हल:

उदाहरण 1:

Fe(s)+CuSO4(aq)FeSO4(aq)+Cu(s)Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)

Fe, Cu से अधिक क्रियाशील (श्रेणी में ऊपर) — अतः Fe ने Cu को विस्थापित किया।

उदाहरण 2:

Zn(s)+CuSO4(aq)ZnSO4(aq)+Cu(s)Zn(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + Cu(s)

Zn, Cu से अधिक क्रियाशील — अतः Zn ने Cu को विस्थापित किया।

उदाहरण 3:

Pb(s)+CuCl2(aq)PbCl2(aq)+Cu(s)Pb(s) + CuCl_2(aq) \rightarrow PbCl_2(aq) + Cu(s)

Pb, Cu से अधिक क्रियाशील — अतः Pb ने Cu को विस्थापित किया।

सामान्य सिद्धांत: सभी तीनों अभिक्रियाओं में, क्रियाशीलता श्रेणी में ऊपर वाली धातु ने नीचे वाली धातु (कॉपर) को उसके लवण से विस्थापित किया।

विपरीत प्रमाण: Cu+FeSO4नहींCu + FeSO_4 \xrightarrow{\text{नहीं}} — Cu, Fe को विस्थापित नहीं कर सकता क्योंकि वह कम क्रियाशील है।

उदाहरण 7: हैलोजन में विस्थापन

निम्न अभिक्रिया का प्रकार पहचानिए और बताइए यह कैसे होती है — Cl2+2KI2KCl+I2\quad Cl_2 + 2KI \rightarrow 2KCl + I_2

हल:

  1. अभिक्रिया:

Cl2(g)+2KI(aq)2KCl(aq)+I2(s)Cl_2(g) + 2KI(aq) \rightarrow 2KCl(aq) + I_2(s)

  1. प्रेक्षण:
  • रंगहीन KIKI विलयन में Cl2Cl_2 डालने पर बैंगनी-काला रंग दिखाई देता है (आयोडीन का रंग)।
  1. यह कौन-सी अभिक्रिया?
  • विस्थापन अभिक्रिया — हैलोजन में।
  • ClCl, II को KIKI से विस्थापित कर रहा है।
  1. क्रियाशीलता का क्रम (हैलोजन): F>Cl>Br>IF > Cl > Br > I
  • ClCl ऊपर है, II नीचे है। अतः विस्थापन संभव।
  1. विपरीत प्रश्न: क्या I2+2KCl2KI+Cl2I_2 + 2KCl \rightarrow 2KI + Cl_2 हो सकता है?
  • नहीं — क्योंकि I, Cl से कम क्रियाशील है।
  1. उपयोग: यह अभिक्रिया प्रयोगशाला में आयोडीन की पहचान का एक तरीका है।

सीख: विस्थापन केवल धातुओं तक सीमित नहीं है — हैलोजन (अधातुएँ) में भी विस्थापन होता है।

उदाहरण 8: अनिवार्य प्रश्न — कॉपर अम्ल के साथ क्यों नहीं?

कॉपर तनु HClHCl या तनु H2SO4H_2SO_4 से अभिक्रिया क्यों नहीं करता? व्याख्या कीजिए।

हल:

  1. विश्लेषण: क्रियाशीलता श्रेणी में Cu, H से नीचे है। ...Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au\text{...Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au}
  2. नियम: एक धातु अम्ल से H2H_2 गैस तभी विस्थापित कर सकती है, जब वह क्रियाशीलता श्रेणी में HH से ऊपर हो।
  3. निष्कर्ष: Cu, H से नीचे है — अतः Cu अम्ल से H2H_2 नहीं निकाल सकता।
  4. प्रत्यक्ष प्रमाण: यदि आप कॉपर के टुकड़े को तनु HClHCl में डालें, तो कोई अभिक्रिया नहीं होगी, कोई बुलबुले नहीं उठेंगे।
  5. अपवाद: सान्द्र HNO3HNO_3 या सान्द्र H2SO4H_2SO_4 कॉपर से क्रिया कर सकते हैं — परंतु ये उपचयन-अपचयन अभिक्रियाएँ हैं, सरल विस्थापन नहीं। यहाँ अम्ल की भूमिका ऑक्सीकारक की है।
  6. दैनिक जीवन में परिणाम: यही कारण है कि कॉपर के बर्तन में अम्लीय खाद्य पदार्थ (नींबू, सिरका) रखने पर थोड़ा-बहुत असर हो सकता है — परंतु तीव्र अभिक्रिया नहीं होती।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक प्रश्न]

उदाहरण 9: संख्यात्मक — विस्थापन से कितना उत्पाद?

5.6 g Fe को CuSO4CuSO_4 के अधिक्य विलयन में मिलाया गया। प्राप्त कॉपर का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (Fe = 56, Cu = 63.5)

हल:

  1. अभिक्रिया:

Fe(s)+CuSO4(aq)FeSO4(aq)+Cu(s)Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)

  1. मोल अनुपात: 1 mol Fe से 1 mol Cu बनेगा।
  2. द्रव्यमान-अनुपात: 56 g Fe → 63.5 g Cu
  3. दिया है: 5.6 g Fe
  4. गणना:

Cu का द्रव्यमान=63.556×5.6=6.35 g\text{Cu का द्रव्यमान} = \frac{63.5}{56} \times 5.6 = 6.35 \text{ g}

  1. उत्तर: 6.35 g कॉपर प्राप्त होगा।

सीख: स्तोइकियोमेट्री (stoichiometry) — विस्थापन में पदार्थों के द्रव्यमान का अनुपात मोल-संख्या से निकाला जाता है।

उदाहरण 10: NCERT — विस्थापन एवं द्विविस्थापन में अंतर

विस्थापन और द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में अंतर बताइए। प्रत्येक का एक उदाहरण दें।

हल:

तुलनात्मक तालिका:

आधार विस्थापन द्विविस्थापन
सूत्र A+BCAC+BA + BC \rightarrow AC + B AB+CDAD+CBAB + CD \rightarrow AD + CB
भागीदार एक तत्व + एक यौगिक दो यौगिक
क्या होता है? एक तत्व दूसरे को विस्थापित करता है दो यौगिक आयन-विनिमय करते हैं
आयन शामिल धातु आयन (या H) का स्थान धनायन-धनायन के बीच परस्पर बदलाव
उदाहरण Fe+CuSO4FeSO4+CuFe + CuSO_4 \rightarrow FeSO_4 + Cu BaCl2+Na2SO4BaSO4+2NaClBaCl_2 + Na_2SO_4 \rightarrow BaSO_4 + 2NaCl

विस्तृत उदाहरण:

विस्थापन:

Zn(s)+CuSO4(aq)ZnSO4(aq)+Cu(s)Zn(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + Cu(s)

यहाँ — Zn ने Cu को विस्थापित किया (क्रियाशीलता पर निर्भर)।

द्विविस्थापन:

AgNO3(aq)+NaCl(aq)AgCl(s)+NaNO3(aq)AgNO_3(aq) + NaCl(aq) \rightarrow AgCl(s)\downarrow + NaNO_3(aq)

यहाँ — Ag और Na ने अपने 'साथी' बदले (Ag-Cl और Na-NO₃ के नए जोड़े)।

मुख्य अंतर: विस्थापन में क्रियाशीलता निर्णायक है; द्विविस्थापन में आयन-विनिमय और प्रायः अवक्षेप का बनना।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक प्रश्न]

उदाहरण 11: मैग्नीशियम और जल

मैग्नीशियम धातु ठंडे जल से धीरे-धीरे और गर्म जल से तेज़ी से अभिक्रिया करती है। इन अभिक्रियाओं को लिखिए और बताइए वे कौन-से प्रकार की हैं।

हल:

ठंडे जल के साथ (धीमी):

Mg(s)+2H2O(l)Mg(OH)2(aq)+H2(g)Mg(s) + 2H_2O(l) \rightarrow Mg(OH)_2(aq) + H_2(g)\uparrow

गर्म जल के साथ (तेज़):

Mg(s)+H2O(g)ΔMgO(s)+H2(g)Mg(s) + H_2O(g) \xrightarrow{\Delta} MgO(s) + H_2(g)\uparrow

विश्लेषण:

  1. दोनों ही विस्थापन अभिक्रियाएँ हैं — Mg ने H₂O से H₂ को विस्थापित किया।
  2. Mg, H से ऊपर है क्रियाशीलता श्रेणी में, अतः विस्थापन संभव।
  3. तापमान का प्रभाव: अधिक तापमान पर अधिक तेज़ — यह सामान्य रासायनिक नियम है।
  4. उत्पाद का अंतर: ठंडे जल में Mg(OH)2Mg(OH)_2, परंतु गर्म जल/भाप में सीधे MgOMgO
  5. तुलना:
  • Na, K — ठंडे जल से भी विस्फोट करते हैं।
  • Ca, Mg — मध्यम क्रियाशील।
  • Fe — केवल भाप से अभिक्रिया करता है।
  • Cu, Ag, Au — जल से कोई अभिक्रिया नहीं।

[कक्षा 10 अध्याय 3 — धातु एवं अधातु — का परिचय]

उदाहरण 12: एक प्रश्न — चाँदी क्यों चमकती रहती है?

चाँदी (Ag) के आभूषण लम्बे समय बाद भी क्यों नहीं घुलते — जबकि लोहा (Fe) कुछ ही दिनों में जंग पकड़ लेता है? क्रियाशीलता श्रेणी से समझाइए।

हल:

  1. क्रियाशीलता श्रेणी: ...Pb>H>Cu>Hg>Ag>Au...Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
  2. विश्लेषण:
  • Fe श्रेणी में H से ऊपर है → वायुमंडलीय नमी और ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके आसानी से जंग पकड़ता है।
  • Ag, Au श्रेणी में बहुत नीचे (कम क्रियाशील) हैं → वायुमंडलीय कारकों से कठिनाई से अभिक्रिया करते हैं।
  1. विशेष टिप्पणी — चाँदी पर काली परत:
  • लम्बे समय में चाँदी पर कभी-कभी काली परत (Ag₂S, सिल्वर सल्फ़ाइड) चढ़ जाती है — यह वायुमंडलीय H2SH_2S (हाइड्रोजन सल्फ़ाइड, बहुत कम मात्रा में) के साथ क्रिया से बनती है।
  1. सोना (Au) की कहानी:
  • Au इतना कम क्रियाशील है कि उसे 'महान धातु' (noble metal) कहते हैं।
  • इसी कारण सोने के आभूषण हजारों वर्षों तक भी ख़राब नहीं होते।
  1. दैनिक जीवन में निष्कर्ष:
  • Au, Ag का उपयोग आभूषणों में।
  • Cu — कम तेज़ी से ख़राब होता है, इसलिए मूर्तियों में उपयोग।
  • Fe — सस्ता, परंतु जंग से बचाने के लिए पेंट, गैल्वनीकरण ज़रूरी।

[बोर्ड + दैनिक जीवन]

उदाहरण 13: एक चुनौतीपूर्ण प्रश्न — कौन-सी विस्थापन होगी?

निम्न मिश्रणों में से किनमें विस्थापन अभिक्रिया होगी? कारण भी बताइए — (i) Cu + AgNO₃ (ii) Ag + CuSO₄ (iii) Zn + FeSO₄ (iv) Fe + ZnSO₄ (v) Mg + AlCl₃

हल:

क्रियाशीलता श्रेणी (आवश्यक भाग): Mg>Al>Zn>Fe>Cu>AgMg > Al > Zn > Fe > Cu > Ag

क्रम मिश्रण अधिक क्रियाशील परिणाम
(i) Cu + AgNO₃ Cu (Ag से ऊपर) विस्थापन होगी
(ii) Ag + CuSO₄ Cu (Ag से ऊपर) विस्थापन नहीं
(iii) Zn + FeSO₄ Zn (Fe से ऊपर) विस्थापन होगी
(iv) Fe + ZnSO₄ Zn (Fe से ऊपर) विस्थापन नहीं
(v) Mg + AlCl₃ Mg (Al से ऊपर) विस्थापन होगी

अभिक्रियाएँ (जहाँ होगी):

Cu+2AgNO3Cu(NO3)2+2AgCu + 2AgNO_3 \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2Ag

Zn+FeSO4ZnSO4+FeZn + FeSO_4 \rightarrow ZnSO_4 + Fe

3Mg+2AlCl33MgCl2+2Al3Mg + 2AlCl_3 \rightarrow 3MgCl_2 + 2Al

नियम का सारांश: जब बायीं ओर का मुक्त तत्व, दायीं ओर के लवण में बँधे तत्व से अधिक क्रियाशील हो, तभी विस्थापन होगा।

उदाहरण 14: NCERT — हाइड्रोजन के विस्थापन की संख्यात्मक

13 g ज़िंक तनु H2SO4H_2SO_4 के अधिक्य से अभिक्रिया करता है। STP पर निकली H2H_2 का आयतन ज्ञात कीजिए। (Zn = 65, मानक मोलर आयतन = 22.4 L)

हल:

  1. अभिक्रिया:

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + H_2(g)

  1. मोल-अनुपात: 1 mol Zn → 1 mol H₂
  2. दिए गए Zn के मोल:

nZn=1365=0.2 moln_{Zn} = \frac{13}{65} = 0.2 \text{ mol}

  1. उत्पन्न H2H_2: 0.2 mol
  2. STP पर आयतन:

VH2=0.2×22.4=4.48 LV_{H_2} = 0.2 \times 22.4 = 4.48 \text{ L}

  1. उत्तर: STP पर 4.48 लीटर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होगी।

सीख: स्टॉइकियोमेट्री में मोल-अनुपात ही गैसों के आयतन भी निर्धारित करता है (आदर्श गैस मानकर)।

[NEET/JEE दृष्टि — मोल-संकल्पना का परिचय]

उदाहरण 15: समीकरण लिखें एवं प्रकार बताएँ

निम्न प्रत्येक के लिए संतुलित समीकरण लिखिए और प्रकार बताइए — (a) ज़िंक धातु को सिल्वर नाइट्रेट के विलयन में डाला जाता है। (b) मैग्नीशियम का तार तनु HClHCl में डाला जाता है। (c) आयरन की कील को CuSO4CuSO_4 के विलयन में डाला जाता है।

हल:

(a) Zn + AgNO₃:

Zn(s)+2AgNO3(aq)Zn(NO3)2(aq)+2Ag(s)Zn(s) + 2AgNO_3(aq) \rightarrow Zn(NO_3)_2(aq) + 2Ag(s)

  • Zn, Ag से अधिक क्रियाशील — विस्थापन अभिक्रिया।
  • सिल्वर का धात्विक चूर्ण मिलता है।

(b) Mg + HCl:

Mg(s)+2HCl(aq)MgCl2(aq)+H2(g)Mg(s) + 2HCl(aq) \rightarrow MgCl_2(aq) + H_2(g)\uparrow

  • Mg, H से अधिक क्रियाशील — विस्थापन अभिक्रिया।
  • तेज़ बुलबुले निकलते हैं (H₂ गैस)।

(c) Fe + CuSO₄:

Fe(s)+CuSO4(aq)FeSO4(aq)+Cu(s)Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)

  • Fe, Cu से अधिक क्रियाशील — विस्थापन अभिक्रिया।
  • नीला विलयन हल्का हरा हो जाता है, कील पर भूरी परत।

सभी तीन: विस्थापन अभिक्रियाएँ।

उदाहरण 16: एक रोचक प्रश्न — क्रियाशीलता श्रेणी से व्यावहारिक निष्कर्ष

दी गई क्रियाशीलता श्रेणी पर विचार कीजिए — Mg>Zn>Fe>Cu>AgMg > Zn > Fe > Cu > Ag

(a) Mg और Zn में से कौन कॉपर सल्फ़ेट से कॉपर को अधिक तेज़ी से विस्थापित करेगा? (b) Cu और Ag में से कौन ZnSO4ZnSO_4 से Zn को विस्थापित कर सकता है? (c) यदि Fe को AgNO3AgNO_3 में डालें, तो क्या होगा?

हल:

(a) Mg vs Zn — कौन तेज़?

  • Mg, Zn से अधिक क्रियाशील है (श्रेणी में Mg ऊपर)।
  • अतः Mg अधिक तेज़ी से विस्थापन करेगा।
  • अभिक्रिया: Mg+CuSO4MgSO4+CuMg + CuSO_4 \rightarrow MgSO_4 + Cu

(b) क्या Cu या Ag, Zn को विस्थापित कर सकता है?

  • दोनों ही Zn से नीचे हैं श्रेणी में।
  • दोनों ही नहीं कर सकते।
  • कोई अभिक्रिया नहीं होगी।

(c) Fe + AgNO₃:

  • Fe, Ag से ऊपर है — विस्थापन होगी
  • अभिक्रिया:

Fe(s)+2AgNO3(aq)Fe(NO3)2(aq)+2Ag(s)Fe(s) + 2AgNO_3(aq) \rightarrow Fe(NO_3)_2(aq) + 2Ag(s)

  • सिल्वर के चमकीले क्रिस्टल लोहे की कील पर जम जाएँगे।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3 या 5 अंक का प्रश्न]

सीख: क्रियाशीलता श्रेणी का व्यावहारिक उपयोग — कई समस्याएँ बिना संतुलन गणित के, सिर्फ़ श्रेणी से हल हो जाती हैं।