वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया क्या है?
पिछले अनुभाग में हमने देखा कि संयोजन में दो जुड़कर एक बनते हैं। वियोजन (Decomposition) बिल्कुल इसका उल्टा है — एक पदार्थ टूटकर दो या अधिक पदार्थ बनाता है।
परिभाषा: वह अभिक्रिया जिसमें एक एकल अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद देता है, वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया कहलाती है।
सामान्य रूप
यह संयोजन () का बिल्कुल उल्टा है — इसी कारण इन्हें कभी-कभी 'विपरीत अभिक्रियाएँ' भी कहते हैं।
अभिकारक को तोड़ने के लिए ऊर्जा कहाँ से?
एक स्थिर पदार्थ को आसानी से नहीं तोड़ा जा सकता — उसे तोड़ने के लिए बाहर से ऊर्जा देनी पड़ती है। यह ऊर्जा तीन प्रमुख रूपों में दी जाती है —
- ऊष्मा (Heat) → ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition)
- विद्युत (Electricity) → विद्युत-वियोजन (Electrolytic Decomposition)
- प्रकाश (Light) → प्रकाशीय वियोजन (Photochemical Decomposition)
इन तीनों को आगे विस्तार से देखते हैं।
[बोर्ड टिप] अधिकांश वियोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माशोषी (endothermic) होती हैं — क्योंकि टूटने के लिए ऊर्जा देनी पड़ती है।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Cathode (-) | कैथोड (-) |
| Anode (+) | ऐनोड (+) |
| Hydrogen gas (double volume) | हाइड्रोजन गैस (दोगुना आयतन) |
| Oxygen gas | ऑक्सीजन गैस |
| Acidified water | अम्लीकृत जल |
| Battery | बैटरी |
ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition)
जब अभिक्रिया ऊष्मा द्वारा कराई जाए, उसे ऊष्मीय वियोजन कहते हैं। तीर के ऊपर या 'तापन/heat' लिखा जाता है।
क्रियाकलाप 1.5 — फ़ेरस सल्फ़ेट का वियोजन
एक शुष्क क्वथन-नली में 2 g फ़ेरस सल्फ़ेट क्रिस्टल () लीजिए — ये हरे रंग के होते हैं। इन्हें बर्नर पर गर्म कीजिए।
प्रेक्षण:
- हरे रंग के क्रिस्टल का रंग भूरा हो जाता है।
- सल्फ़र की तीखी, घुटन-भरी गंध आती है।
अभिक्रिया:
(पहले क्रिस्टल जल छोड़ता है: , फिर ऊपर का वियोजन।)
क्रियाकलाप — चूना पत्थर का वियोजन
सीमेंट उद्योग में सबसे महत्वपूर्ण अभिक्रिया —
(बिना बुझा चूना) का उपयोग सीमेंट बनाने में होता है। यह अभिक्रिया अनुभाग 3 में देखी संयोजन-अभिक्रिया की उल्टी दिशा का प्रारंभिक पदार्थ देती है।
क्रियाकलाप 1.6 — लेड नाइट्रेट का वियोजन
एक क्वथन-नली में 2 g लेड नाइट्रेट चूर्ण लेकर ज्वाला पर गर्म करें।
प्रेक्षण:
- क्वथन-नली से भूरे रंग का धुआँ ( — नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) निकलता है।
- थोड़ी देर में लेड ऑक्साइड (पीला) और ऑक्सीजन भी बनती है।
अभिक्रिया:
सावधानी: ज़हरीली गैस है — इस प्रयोग में क्वथन-नली का खुला सिरा अपने या साथी की दिशा में नहीं होना चाहिए।
विद्युत-वियोजन (Electrolytic Decomposition)
जब वियोजन को विद्युत धारा प्रवाहित करके कराया जाए, उसे विद्युत-अपघटन कहते हैं।
क्रियाकलाप 1.7 — जल का विद्युत-अपघटन
विधि:
- एक प्लास्टिक मग के तले में दो छेद करके रबर डाट लगा दें।
- इन छेदों में कार्बन इलेक्ट्रोड डालें।
- इलेक्ट्रोडों को 6V बैटरी से जोड़ें।
- मग में जल भरें (इलेक्ट्रोड डूबने तक) और कुछ बूँदें तनु डालें (विद्युत प्रवाह के लिए)।
- दो अंशांकित परखनलियों को इलेक्ट्रोडों के ऊपर उल्टा रखकर पानी से भरें।
- कुछ देर के लिए बैटरी से धारा प्रवाहित करें।
प्रेक्षण:
- दोनों इलेक्ट्रोडों पर बुलबुले (गैसें) बनते हैं।
- एक परखनली में गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी होती है।
- कैथोड पर बननेवाली गैस = हाइड्रोजन (), अधिक मात्रा।
- एनोड पर बननेवाली गैस = ऑक्सीजन (), कम मात्रा।
अभिक्रिया:
हाइड्रोजन की मात्रा दोगुनी क्यों?
जल में अनुपात देखें: 2 अणु → 2 अणु + 1 अणु — अर्थात हाइड्रोजन : ऑक्सीजन = 2 : 1। यही अनुपात गैसों के आयतन में भी रहता है।
गैसों की पहचान
- हाइड्रोजन की पहचान: एक जलती तीली नज़दीक लाएँ — गैस 'पॉप' की ध्वनि के साथ जलती है।
- ऑक्सीजन की पहचान: एक धीमी सुलगती तीली नज़दीक लाएँ — चमकीली ज्वाला से जलने लगती है।
एक और महत्वपूर्ण उदाहरण
सोडियम क्लोराइड का विद्युत-अपघटन (पिघली अवस्था में):
यह सोडियम धातु तथा क्लोरीन गैस उत्पादन की औद्योगिक विधि है (Down's Process)।
प्रकाशीय वियोजन (Photochemical Decomposition)
जब अभिक्रिया सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में हो, उसे प्रकाशीय वियोजन कहते हैं।
क्रियाकलाप 1.8 — सिल्वर क्लोराइड का वियोजन
चाइना डिश में 2 g सिल्वर क्लोराइड (श्वेत) लीजिए और कुछ देर के लिए सूर्य-प्रकाश में रखिए।
प्रेक्षण:
- श्वेत का रंग धूसर (Grey) हो जाता है।
- कारण — प्रकाश की उपस्थिति में का (धात्विक चाँदी, धूसर) और में वियोजन।
अभिक्रिया:
इसी प्रकार सिल्वर ब्रोमाइड भी —
श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफ़ी का सिद्धांत
पहले की श्याम-श्वेत फ़िल्म पर की पतली परत होती थी। जब प्रकाश पड़ता, तो जिन हिस्सों पर अधिक प्रकाश पड़ा वहाँ टूटकर धात्विक चाँदी (काली) बनता — यही चित्र की 'गहरी' छाया देता था। यही प्रकाशीय वियोजन का प्रत्यक्ष औद्योगिक उपयोग है।
आज डिजिटल कैमरे होने के कारण फ़िल्म-फ़ोटोग्राफ़ी कम होती है, परंतु सिद्धांत ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध है।
तीनों प्रकार के वियोजन — एक तालिका
| ऊर्जा का स्रोत | अभिक्रिया का नाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| ऊष्मा | ऊष्मीय वियोजन | |
| विद्युत | विद्युत-अपघटन | |
| प्रकाश | प्रकाशीय वियोजन |
[बोर्ड महत्वपूर्ण] तीनों के एक-एक उदाहरण याद रखें — यह बहुत सामान्य प्रश्न है।
ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction)
पिछले अनुभाग में हमने ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया देखी जिसमें ऊष्मा निकलती थी। ऊष्माशोषी इसका उल्टा है।
परिभाषा: वे अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा/ऊर्जा अवशोषित होती है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
प्रतीकात्मक रूप
ऊर्जा बायीं ओर लिखी जाती है क्योंकि वह 'अभिकारक' की तरह काम कर रही है — अंदर ली जा रही है।
एक प्रमुख प्रयोग
एक परखनली में 2 g बेरियम हाइड्रॉक्साइड लीजिए। इसमें 1 g अमोनियम क्लोराइड डालिए और काँच की छड़ से मिलाइए।
प्रेक्षण: परखनली का निचला हिस्सा हथेली से छूने पर ठंडा महसूस होता है।
अभिक्रिया:
यह एक अद्भुत प्रयोग है — दो ठोस पदार्थ मिलाने पर तापमान इतना गिरता है कि कभी-कभी परखनली के बाहर पानी की बूँदें (ओस) जम जाती हैं।
ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के अन्य उदाहरण
| अभिक्रिया | प्रकार |
|---|---|
| वियोजन + ऊष्माशोषी | |
| वियोजन + ऊष्माशोषी | |
| वियोजन + ऊष्माशोषी | |
| प्रकाश-संश्लेषण: | ऊष्माशोषी |
वियोजन और ऊष्माशोषी का संबंध
अधिकांश वियोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माशोषी होती हैं। कारण — आबंध तोड़ने के लिए ऊर्जा देनी पड़ती है। यही कारण है कि वियोजन के लिए हमें ऊष्मा, विद्युत, या प्रकाश की आवश्यकता होती है।
[NEET/JEE संकेत] ऊष्माशोषी अभिक्रिया में धनात्मक होता है () — कक्षा 11 में।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए — वियोजन एवं ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के सभी मुख्य बिंदु।
1. वियोजन का सूत्र
2. ऊष्माशोषी का सूत्र
3. तीनों प्रकार के वियोजन — अनिवार्य तालिका
| ऊर्जा | प्रकार | प्रसिद्ध उदाहरण |
|---|---|---|
| ऊष्मा () | ऊष्मीय | |
| विद्युत | विद्युत-अपघटन | |
| प्रकाश | प्रकाशीय |
4. NCERT के तीन प्रसिद्ध प्रयोग
- क्रियाकलाप 1.5: (हरा → भूरा)
- क्रियाकलाप 1.6: (भूरा धुआँ)
- क्रियाकलाप 1.7: (H₂ : O₂ = 2 : 1)
- क्रियाकलाप 1.8: (श्वेत → धूसर)
5. ऊष्माक्षेपी बनाम ऊष्माशोषी
| पहलू | ऊष्माक्षेपी | ऊष्माशोषी |
|---|---|---|
| ऊष्मा | निकलती है | अवशोषित होती है |
| तापमान | बढ़ता है | घटता है |
| उदाहरण | ||
| संबंध | अधिकांश संयोजन | अधिकांश वियोजन |
| (कक्षा 11) |
6. बोर्ड में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न
- वियोजन अभिक्रिया क्या है? तीन प्रकार के साथ उदाहरण दीजिए।
- जल के विद्युत-अपघटन में हाइड्रोजन की मात्रा दोगुनी क्यों होती है?
- क्यों कहा जाता है कि वियोजन संयोजन की उल्टी अभिक्रिया है?
- सूर्य-प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड का रंग क्यों बदलता है?
- ऊष्माशोषी अभिक्रिया का एक उदाहरण दें।
7. एक पंक्ति में याद रखें
- वियोजन = तोड़ना
- ऊष्माशोषी = ऊर्जा अंदर
- अधिकांश वियोजन ऊष्माशोषी होते हैं
- तीन प्रकार: ऊष्मा/विद्युत/प्रकाश
अंतिम सूत्र: एक टूटे, अनेक बने → वियोजन। ऊर्जा खाए → ऊष्माशोषी।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: वियोजन अभिक्रिया की पहचान
निम्नलिखित में से वियोजन अभिक्रियाएँ चुनिए — (i) (ii) (iii) (iv) (v)
हल:
- पहचान: एकल अभिकारक → अनेक उत्पाद
- विश्लेषण:
- (i) NaCl → Na + Cl₂ — एक अभिकारक, दो उत्पाद → वियोजन ✓
- (ii) दो अभिकारक → एक उत्पाद → संयोजन ✗
- (iii) CaCO₃ → CaO + CO₂ → वियोजन ✓
- (iv) दो अभिकारक → दो उत्पाद → विस्थापन ✗
- (v) H₂O₂ → H₂O + O₂ → वियोजन ✓
- उत्तर: (i), (iii) और (v) वियोजन अभिक्रियाएँ हैं।
उदाहरण 2: NCERT — फ़ेरस सल्फ़ेट के वियोजन की व्याख्या
फ़ेरस सल्फ़ेट क्रिस्टल को गर्म करने पर क्या प्रेक्षण होते हैं? संतुलित अभिक्रिया लिखिए।
हल:
प्रेक्षण:
- हरे रंग के क्रिस्टल का रंग भूरा हो जाता है।
- एक तीखी गंध आती है (सल्फ़र के ऑक्साइड)।
- क्रिस्टल पहले अपना जल त्यागते हैं — फिर वियोजन होता है।
अभिक्रियाएँ — चरण-दर-चरण:
चरण 1 — जल का त्याग:
चरण 2 — वियोजन:
जहाँ — (फ़ेरिक ऑक्साइड, भूरा), (तीखी गंध), (तीखी गंध)।
यह कौन-सी अभिक्रिया है?
- वियोजन अभिक्रिया (एक अभिकारक → तीन उत्पाद)
- ऊष्माशोषी (ऊष्मा अवशोषित होती है)
उदाहरण 3: NCERT — जल के विद्युत-अपघटन में दोगुनी मात्रा का कारण
क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों होती है? उस गैस का नाम बताइए।
हल:
अभिक्रिया:
विश्लेषण:
- अनुपात: 2 अणु बनते हैं और 1 अणु बनता है।
- आयतन-अनुपात: अवोगाद्रो के नियम के अनुसार समान दाब-तापमान पर अणुओं की संख्या आयतन के समानुपाती होती है — अतः ।
- दोगुनी मात्रा वाली गैस: हाइड्रोजन () — यह कैथोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड) पर बनती है।
- पहचान: जलती तीली नज़दीक लाने पर — गैस 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है।
उत्तर: दोगुनी मात्रा वाली गैस हाइड्रोजन है, क्योंकि अभिक्रिया में का अनुपात से 2 गुना अधिक है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — हर वर्ष पूछा जाता है]
उदाहरण 4: सिल्वर क्लोराइड का रंग परिवर्तन
सिल्वर क्लोराइड का रंग सूर्य-प्रकाश में सफ़ेद से धूसर क्यों हो जाता है? संतुलित अभिक्रिया लिखें।
हल:
- अभिक्रिया:
- रंग परिवर्तन का कारण:
- प्रारंभिक पदार्थ का रंग श्वेत है।
- प्रकाश की उपस्थिति में टूटकर धात्विक चाँदी () बनाता है, जिसका रंग धूसर/काला होता है।
- साथ ही गैस निकलती है (परंतु यह वायुमंडल में मिल जाती है)।
- यह कौन-सी अभिक्रिया है?
- प्रकाशीय वियोजन (Photochemical decomposition)
- ऊष्माशोषी — प्रकाश-ऊर्जा अवशोषित होती है।
- उपयोग: यह सिद्धांत श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफ़ी में उपयोग होता है। फ़िल्म पर की परत लगाई जाती है, जो प्रकाश से अधिक एक्सपोज़ हुए हिस्सों में टूटकर काली चाँदी बनाती है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक प्रश्न]
उदाहरण 5: ऊष्माशोषी अभिक्रिया का प्रयोग
एक छात्र ने 2 g और 1 g को परखनली में मिलाया। हथेली से परखनली का निचला सिरा छूने पर ठंडक महसूस होती है। यह कैसी अभिक्रिया है? वर्णन कीजिए।
हल:
- अभिक्रिया:
- यह अभिक्रिया कैसी है?
- ठंडक होने का अर्थ — परखनली ने आसपास से ऊष्मा अवशोषित की।
- अतः यह एक ऊष्माशोषी (Endothermic) अभिक्रिया है।
- प्रकार:
- द्विविस्थापन (Double Displacement) — Ba और NH₄ अपने स्थान बदलते हैं।
- ऊष्माशोषी — ऊष्मा अवशोषित होती है।
- विशेष टिप्पणी: यह अभिक्रिया इतनी ज़्यादा ऊष्मा अवशोषित करती है कि परखनली के बाहर वायुमंडलीय जल-वाष्प संघनित होकर बूँदों के रूप में जम जाती है — यह बहुत स्पष्ट प्रत्यक्ष प्रमाण है ऊष्माशोषी प्रकृति का।
उत्तर: यह ऊष्माशोषी रासायनिक अभिक्रिया है।
उदाहरण 6: NCERT — विद्युत-वियोजन के प्रकार
निम्न पदार्थों के वियोजन को क्रमशः ऊष्मा, प्रकाश, और विद्युत में किस-किस से किया जाता है? संतुलित अभिक्रियाएँ दें। (i) (ii) (iii)
हल:
(i) कैल्शियम कार्बोनेट — ऊष्मीय वियोजन:
यह सीमेंट उद्योग की प्रमुख अभिक्रिया है।
(ii) जल — विद्युत-वियोजन (Electrolysis):
जल में थोड़ा डालकर 6V बैटरी से विद्युत प्रवाहित की जाती है।
(iii) सिल्वर क्लोराइड — प्रकाशीय वियोजन:
श्वेत धूसर हो जाता है।
तीनों प्रकारों का सारांश:
| ऊर्जा | अभिक्रिया | परिणाम |
|---|---|---|
| ऊष्मा | बनना | |
| विद्युत | गैसें | |
| प्रकाश | रंग बदलना |
[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 7: एक रोचक प्रश्न — पटाखे की चमक
पोटैशियम क्लोरेट () को गर्म करने पर क्या होता है? पटाखों में इसका क्या उपयोग है?
हल:
- अभिक्रिया:
( उत्प्रेरक है, जो अभिक्रिया तेज करता है।)
- यह कौन-सी अभिक्रिया है?
- वियोजन — एक अभिकारक → दो उत्पाद
- ऊष्माशोषी — ऊष्मा अवशोषित
- पटाखों में उपयोग:
- गर्म करने पर ऑक्सीजन देता है।
- यह ऑक्सीजन पटाखे में मिले हुए धातु-चूर्ण (Al, Mg आदि) के दहन के लिए उपयोग होती है।
- इसी कारण पटाखे चमकीली ज्वाला और ध्वनि के साथ जलते हैं।
- एक रोचक तथ्य: प्रयोगशाला में ऑक्सीजन गैस तैयार करने का यह सबसे सरल तरीका है।
उत्तर: का वियोजन — एक ऊष्माशोषी वियोजन अभिक्रिया जो ऑक्सीजन देती है।
उदाहरण 8: संख्यात्मक — विद्युत-अपघटन से गैस उत्पादन
जल के विद्युत-अपघटन में 36 g जल का पूर्ण विद्युत-अपघटन हुआ। बने और का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (H=1, O=16)
हल:
- अभिक्रिया:
- अणुभार:
- g
- g
- g
- द्रव्यमान संरक्षण की पुष्टि: 36 = 4 + 32 ✓
- दिए गए जल से उत्पादन: चूँकि 36 g ही दिया गया है, अनुपात सीधा लागू होगा —
- का द्रव्यमान = 4 g
- का द्रव्यमान = 32 g
- पुष्टि: का अनुपात = (द्रव्यमान में), परंतु आयतन में (अणुओं की संख्या में)।
सीख: द्रव्यमान का अनुपात और आयतन का अनुपात अलग होते हैं। आयतन का अनुपात अणुओं की संख्या पर निर्भर करता है।
उदाहरण 9: NCERT — संयोजन एवं वियोजन में अंतर
वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया का विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।
हल:
दोनों के सामान्य रूप:
| अभिक्रिया | सामान्य रूप | प्रकृति |
|---|---|---|
| संयोजन | जोड़ना | |
| वियोजन | तोड़ना |
यह विपरीत क्यों?
- संयोजन में दो/अधिक मिलकर एक बनते हैं।
- वियोजन में एक टूटकर दो/अधिक बनते हैं।
- संयोजन प्रायः ऊष्माक्षेपी (ऊष्मा निकलती); वियोजन प्रायः ऊष्माशोषी (ऊष्मा अवशोषित)।
युग्म-उदाहरण:
(1) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड ↔ कैल्शियम ऑक्साइड:
संयोजन:
वियोजन (पुनः ऊष्मा देने पर):
(2) मरकरी ऑक्साइड ↔ मरकरी:
संयोजन:
वियोजन:
निष्कर्ष: संयोजन और वियोजन एक-दूसरे की विपरीत अभिक्रियाएँ हैं।
[बोर्ड में 3-अंक प्रश्न]
उदाहरण 10: NCERT — तीन प्रकार के वियोजन — ऊर्जा-स्रोत के अनुसार
उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए, जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।
हल:
(i) ऊष्मा द्वारा (ऊष्मीय वियोजन):
लेड नाइट्रेट को गर्म करने पर भूरे रंग का धुआँ निकलता है।
(ii) विद्युत द्वारा (विद्युत-वियोजन):
जल का विद्युत-अपघटन कक्षा प्रयोगशाला का प्रसिद्ध प्रयोग है।
(iii) प्रकाश द्वारा (प्रकाशीय वियोजन):
यह श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफ़ी का सिद्धांत है।
[बोर्ड में 3-5 अंक का प्रश्न]
उदाहरण 11: यथार्थ-जीवन प्रश्न — सीमेंट उद्योग
सीमेंट उद्योग की प्रमुख अभिक्रिया कौन-सी है? यह किस प्रकार की है?
हल:
अभिक्रिया (चूना पत्थर का वियोजन):
वर्गीकरण:
- वियोजन — एक अभिकारक → दो उत्पाद ✓
- ऊष्मीय वियोजन — ऊष्मा द्वारा ✓
- ऊष्माशोषी — ऊष्मा अवशोषित ✓
सीमेंट उद्योग में महत्व:
- (बिना बुझा चूना) = सीमेंट का मुख्य घटक।
- भट्टी में 1000–1400°C तापमान पर चूना पत्थर को गर्म करते हैं।
- मिट्टी, सिलिका, और एल्यूमिना मिलाकर अंतिम सीमेंट बनाते हैं।
दैनिक जीवन में महत्व:
- भवन-निर्माण।
- सड़क और पुल बनाना।
- भारतीय सीमेंट उद्योग विश्व का दूसरा सबसे बड़ा है।
पर्यावरण की चिंता: निकलने से वायुमंडलीय प्रदूषण और ग्रीन-हाउस प्रभाव बढ़ता है।
उदाहरण 12: ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी का तुलनात्मक प्रश्न
ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं में अंतर बताइए। प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
हल:
तुलनात्मक तालिका:
| आधार | ऊष्माक्षेपी | ऊष्माशोषी |
|---|---|---|
| ऊष्मा-प्रवाह | निकलती है | अवशोषित होती है |
| तापमान | परिवेश का बढ़ता है | परिवेश का घटता है |
| समीकरण रूप | अभिकारक → उत्पाद + ऊष्मा | अभिकारक + ऊर्जा → उत्पाद |
| आबंध-ऊर्जा | आबंध बनाने में निकली ऊर्जा > तोड़ने में लगी | तोड़ने में लगी > बनाने में निकली |
| (कक्षा 11) | ऋणात्मक () | धनात्मक () |
| संबंध | अधिकांश संयोजन | अधिकांश वियोजन |
उदाहरण:
ऊष्माक्षेपी:
ऊष्माशोषी:
ध्यान दें — दोनों ही से जुड़ी हैं, परंतु एक में बनता है (अंत में), दूसरी में अंतिम उत्पाद है।
[बोर्ड में 3-5 अंक का प्रश्न]
उदाहरण 13: एक तरकीब का प्रश्न — विशिष्ट गैसों की पहचान
निम्न प्रत्येक प्रकरण में निकलने वाली गैस का नाम बताइए तथा उसकी पहचान का परीक्षण लिखिए — (a) को गर्म करने पर (b) को गर्म करने पर (c) जल का विद्युत-अपघटन (कैथोड पर) (d) को सूर्य-प्रकाश में रखने पर
हल:
| (a) | | | चूने के जल को दूधिया करता है | | (b) | | (भूरा), | — भूरा रंग; — सुलगती तीली चमकीली जलती | | (c) | | (कैथोड पर) | जलती तीली नज़दीक — 'पॉप' ध्वनि | | (d) | | | तीखी गंध, हरी-पीली रंग |
सीख: परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है — "_ अभिक्रिया से कौन-सी गैस निकलती है और उसकी पहचान कैसे की जाती है?" — सभी चार उत्तरों को याद रखें।
उदाहरण 14: NCERT — हाइड्रोजन पेरोक्साइड का वियोजन
हाइड्रोजन पेरोक्साइड के वियोजन का संतुलित समीकरण लिखिए। यह किस प्रकार की अभिक्रिया है? इसका दैनिक उपयोग बताइए।
हल:
- अभिक्रिया:
- उत्प्रेरक: या इस अभिक्रिया को तेज़ करते हैं।
- वर्गीकरण:
- वियोजन — एक अभिकारक → दो उत्पाद
- ऊष्माक्षेपी — रोचक है कि यह वियोजन ऊष्माक्षेपी है (अधिकांश वियोजनों के विपरीत)।
- दैनिक उपयोग:
- एंटीसेप्टिक: घावों को साफ़ करने के लिए — कीटाणुओं को मारता है, ऑक्सीजन निकलने से जीवाणु मरते हैं।
- बालों को रंगना: ब्लीचिंग के लिए।
- रॉकेट ईंधन: उच्च-शुद्धता वाला ऑक्सीडाइज़र के रूप में।
- रोचक तथ्य: यह अभिक्रिया उत्प्रेरक के बिना धीमी होती है, और मानव शरीर में कैटेलेज़ (एंजाइम) इसे तेज़ करता है — इसी कारण घाव पर डालने पर बुलबुले उठते हैं।
उदाहरण 15: NCERT — सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का वियोजन
सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट को गर्म करने पर क्या होता है? संतुलित समीकरण लिखें। दैनिक जीवन में इसका उपयोग बताइए।
हल:
- अभिक्रिया:
- वर्गीकरण:
- वियोजन अभिक्रिया — एक अभिकारक → तीन उत्पाद
- ऊष्मीय वियोजन — ऊष्मा द्वारा
- ऊष्माशोषी — ऊष्मा अवशोषित
- दैनिक उपयोग — बेकिंग सोडा:
- = खाने का सोडा (बेकिंग सोडा)
- केक, बिस्कुट बनाने में — गर्म होने पर निकलकर आटा फूलाती है।
- इसी कारण केक स्पंजी और मुलायम हो जाता है।
- रोचक तथ्य: बेकिंग पाउडर में + एक हल्का अम्ल (जैसे टार्टरिक अम्ल) होता है, जो जल से क्रिया करके देता है।
- अग्निशमन में उपयोग: का उत्सर्जन आग बुझाने में सहायक।
[बोर्ड + दैनिक जीवन का प्रश्न]
उदाहरण 16: एक संक्षिप्त वर्गीकरण-सारांश
निम्न अभिक्रियाओं को (a) अभिक्रिया प्रकार (b) ऊर्जा प्रकार के आधार पर वर्गीकृत करें — (i) (ii) (iii) (iv) (श्वसन)
हल:
| क्रम | अभिक्रिया प्रकार | ऊर्जा प्रकार |
|---|---|---|
| (i) | वियोजन (ऊष्मीय) | ऊष्माशोषी |
| (ii) | संयोजन (दहन) | ऊष्माक्षेपी |
| (iii) | वियोजन (विद्युत) | ऊष्माशोषी |
| (iv) | — (बहुत बड़ी, कई बंधन टूटते-बनते हैं; तकनीकी रूप से दहन/उपचयन) | ऊष्माक्षेपी |
विस्तृत व्याख्या:
- (i) को 'मरकरी ऑक्साइड' कहते हैं — गर्म करने पर लाल चूर्ण से धात्विक पारा (Hg) और ऑक्सीजन में टूटता है।
- (ii) कोयले का दहन — दो अभिकारक एक उत्पाद, अतः संयोजन।
- (iii) NaCl पिघली हुई अवस्था में विद्युत प्रवाहित करने पर सोडियम धातु और क्लोरीन गैस देता है।
- (iv) श्वसन — हालाँकि एक से अधिक उत्पाद बनते हैं (तो संयोजन नहीं), यह उपचयन और ऊष्माक्षेपी है।
सीख: एक ही अभिक्रिया कई वर्गों में आ सकती है — अभिक्रिया-प्रकार (संयोजन/वियोजन/…) और ऊर्जा-प्रकार (ऊष्माक्षेपी/शोषी) — दोनों स्वतंत्र वर्गीकरण हैं।