संयोजन अभिक्रिया क्या है?
रासायनिक अभिक्रिया का सबसे सीधा-सादा प्रकार — जब दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाएँ, तो उसे संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction) कहते हैं।
सामान्य रूप
यानी जोड़े जा रहे हैं, बँट नहीं रहे — combination शब्द से ही 'मिलना' का बोध हो जाता है।
क्रियाकलाप 1.4 — कैल्शियम ऑक्साइड + जल
एक बीकर में थोड़ा कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना, ) लीजिए और उसमें धीरे-धीरे जल मिलाइए।
प्रेक्षण:
- बीकर बहुत गर्म हो जाता है (हाथ से छूने पर महसूस होगा)।
- का सफ़ेद चूर्ण मिलकर एक गाढ़ा घोल बनाता है।
अभिक्रिया:
यहाँ दो पदार्थ ( और ) मिलकर एकल उत्पाद (बुझा हुआ चूना / स्लेक्ड लाइम) बनाते हैं — यह संयोजन अभिक्रिया है।
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का दीवारों की सफ़ेदी में उपयोग
बुझे चूने का घोल दीवारों पर पुताई के लिए उपयोग होता है। पुताई के 2–3 दिन बाद दीवार पर चमक आ जाती है — क्यों?
वायु में उपस्थित से धीरे-धीरे अभिक्रिया करके (कैल्शियम कार्बोनेट) बनाता है, जो चमकदार सफ़ेद परत है।
रोचक तथ्य: संगमरमर का रासायनिक सूत्र भी ही है — इसीलिए सफ़ेदी की हुई दीवार पर भी एक हल्की चमक आती है।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Calcium oxide (quick lime) | कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) |
| Water | जल |
| Heat released | ऊष्मा निकलती है |
| Calcium hydroxide (slaked lime) | कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा चूना) |
संयोजन अभिक्रिया के अन्य उदाहरण
संयोजन अभिक्रियाएँ तीन तरह से हो सकती हैं —
1. तत्व + तत्व → यौगिक
(i) कोयले का दहन:
(ii) हाइड्रोजन से जल का बनना:
(iii) मैग्नीशियम का दहन:
(iv) नाइट्रोजन से अमोनिया का बनना:
2. यौगिक + यौगिक → यौगिक
(i) चूने पर का प्रभाव (दीवार की चमक):
3. तत्व + यौगिक → यौगिक
(i) सल्फ़र डाइऑक्साइड का सल्फ़र ट्राइऑक्साइड में परिवर्तन:
सरल पहचान
यदि अभिक्रिया में एक से अधिक अभिकारक हों परंतु केवल एक उत्पाद बने — तो यह संयोजन अभिक्रिया है। गणित में याद रखें:
[बोर्ड टिप] "दो जुड़कर एक बने" — यही संयोजन का सरल नियम है।
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction)
क्रियाकलाप 1.4 में आपने देखा कि की अभिक्रिया से बीकर गर्म हो गया। ऊष्मा बाहर निकली। ऐसी अभिक्रियाओं को ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहते हैं।
परिभाषा: वे अभिक्रियाएँ जिनमें उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्सर्जित होती है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
प्रतीकात्मक रूप
('+ ऊष्मा' का अर्थ है कि ऊष्मा एक 'उत्पाद' की तरह बाहर आ रही है)
ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं के प्रमुख उदाहरण
(i) प्राकृतिक गैस (मीथेन) का दहन — रसोई में LPG:
(ii) श्वसन — हमारे शरीर में:
हम जो भोजन खाते हैं उससे प्राप्त ग्लूकोज़ कोशिकाओं में ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके हमें ऊर्जा देता है।
(iii) शाक-सब्ज़ियों का विघटन — कंपोस्ट का बनना:
वनस्पति-पदार्थ धीरे-धीरे विघटित होकर खाद बनाते हैं — इस प्रक्रिया में भी ऊष्मा निकलती है। बड़े कंपोस्ट के ढेर के अंदर का तापमान कई बार 60–70°C तक पहुँच जाता है।
(iv) चूना भिगोना (slaking of lime):
[NEET/JEE के लिए संकेत] ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में ऋणात्मक होता है () — यह अवधारणा कक्षा 11 में पढ़ोगे।
संयोजन और ऊष्माक्षेपी का संबंध
यह बात बहुत महत्वपूर्ण है — हर संयोजन अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी हो, यह ज़रूरी नहीं; परंतु अधिकांश संयोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी होती हैं।
क्यों? — आबंध-ऊर्जा का दृष्टिकोण
जब परमाणु आपस में आबंध बनाते हैं, तो ऊर्जा निकलती है। संयोजन में नए और स्थिर आबंध बनते हैं — इसलिए ऊर्जा बाहर निकलती है।
क्रियाकलाप 1.1 का वर्गीकरण
मैग्नीशियम का दहन —
- संयोजन? हाँ — दो अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं।
- ऊष्माक्षेपी? हाँ — चमकदार ज्वाला उत्पन्न होती है।
दोनों एक साथ — एक ही अभिक्रिया दो वर्गों में आ सकती है।
भौतिक प्रक्रियाएँ बनाम रासायनिक अभिक्रियाएँ
कुछ ऊष्माक्षेपी प्रक्रियाएँ रासायनिक नहीं भी होतीं —
- जल का जमना ऊष्माक्षेपी भौतिक परिवर्तन है (अव्यक्त ऊष्मा निकलती है) — पर इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता।
- अतः ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहने के लिए नया पदार्थ बनना और साथ में ऊष्मा निकलना — दोनों ज़रूरी हैं।
एक तालिका — आसान पहचान
| उदाहरण | संयोजन? | ऊष्माक्षेपी? |
|---|---|---|
| हाँ | हाँ | |
| हाँ | हाँ | |
| नहीं (एकाधिक उत्पाद) | हाँ | |
| श्वसन | नहीं | हाँ |
| बर्फ़ का जमना | — (भौतिक) | हाँ (अव्यक्त ऊष्मा) |
बोर्ड में सावधान! हर ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया अभिक्रिया नहीं होती। नया पदार्थ बना, तभी रासायनिक।
दैनिक जीवन में संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं का महत्व
घर में
- खाना पकाना: LPG (मुख्यतः ) के दहन से ऊष्मा मिलती है।
- शरीर का तापमान बनाए रखना: भोजन से ऊर्जा श्वसन द्वारा निकलती है।
- दीवार की पुताई: + वायु → — चमकदार सफ़ेद परत।
उद्योगों में
- सीमेंट उद्योग: का उपयोग।
- हेबर प्रक्रिया: — उर्वरकों के लिए अमोनिया बनाना। यह औद्योगिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ऊष्माक्षेपी संयोजन अभिक्रिया है।
- धातु निष्कर्षण: — भट्टी में ऊष्मा।
- सल्फ़्यूरिक अम्ल बनाना: (संपर्क प्रक्रिया का हिस्सा)।
प्रकृति में
- दहन (आग): ईंधनों का दहन।
- जैविक प्रक्रियाएँ: शाक-सब्ज़ियों का विघटन = कंपोस्ट = कृषि के लिए खाद।
- जंतुओं में चयापचय: सभी जीवों की ऊर्जा का स्रोत।
एक रोचक प्रश्न — हम क्यों गर्म रहते हैं?
हमारे शरीर में लगातार श्वसन (ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया) चलती रहती है। प्रति घंटा एक स्वस्थ व्यक्ति लगभग 80 कैलोरी ऊष्मा उत्पन्न करता है — यही हमें ठंडे वातावरण में भी 37°C बनाए रखती है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? — यह प्रश्न हर वर्ष पूछा जाता है। उत्तर का सूत्र:
- श्वसन में ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन → CO₂ + H₂O (नया पदार्थ — रासायनिक)
- साथ में ऊर्जा निकलती है (ऊष्माक्षेपी)
- यही ऊर्जा हमें जीवित रखती है।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए — संयोजन अभिक्रिया एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं के सभी मुख्य बिंदु।
1. संयोजन अभिक्रिया का सूत्र
2. ऊष्माक्षेपी का सूत्र
3. अनिवार्य रूप से याद रखने योग्य अभिक्रियाएँ
| अभिक्रिया | प्रकार |
|---|---|
| संयोजन + ऊष्माक्षेपी | |
| संयोजन + ऊष्माक्षेपी | |
| संयोजन + ऊष्माक्षेपी | |
| संयोजन + ऊष्माक्षेपी | |
| संयोजन (दीवार की चमक) | |
| ऊष्माक्षेपी (पर संयोजन नहीं) | |
| श्वसन: | ऊष्माक्षेपी |
4. प्रमुख तथ्य — एक पंक्ति में
- = बिना बुझा चूना (Quick lime)
- = बुझा हुआ चूना (Slaked lime) — दीवार की पुताई में
- = कैल्शियम कार्बोनेट = चूना पत्थर / संगमरमर
- दीवार की चमक का कारण = वायु के से का बनना
5. बोर्ड के लिए पाँच निश्चित प्रश्न
- संयोजन अभिक्रिया क्या है? उदाहरण दीजिए।
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्या है? तीन उदाहरण।
- बुझे चूने पर पुताई से दीवार चमकदार कैसे बनती है?
- श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहा जाता है?
- क्रियाकलाप 1.4 में जो अभिक्रिया हुई, वह किस प्रकार की है?
6. सावधानी
- हर संयोजन ऊष्माक्षेपी नहीं — पर अधिकांश हैं।
- हर ऊष्माक्षेपी संयोजन नहीं — दहन, श्वसन ऊष्माक्षेपी हैं पर संयोजन नहीं (एकाधिक उत्पाद)।
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में नया पदार्थ बनना ज़रूरी है — केवल ऊष्मा निकलना पर्याप्त नहीं।
अंतिम सूत्र: दो जुड़े, एक बने → संयोजन। ऊष्मा निकले → ऊष्माक्षेपी।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: संयोजन अभिक्रिया की पहचान
निम्नलिखित में से कौन-कौन संयोजन अभिक्रियाएँ हैं?
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v)
हल:
- पहचान का नियम: एक से अधिक अभिकारक → एकल उत्पाद।
- विश्लेषण:
- (i) Mg + O₂ → MgO — दो अभिकारक, एक उत्पाद → हाँ, संयोजन ✓
- (ii) एक अभिकारक, दो उत्पाद → वियोजन (decomposition) ✗
- (iii) एक अभिकारक, दो उत्पाद → वियोजन ✗
- (iv) N₂ + H₂ → NH₃ — दो अभिकारक, एक उत्पाद → हाँ, संयोजन ✓
- (v) दो अभिकारक, परंतु दो उत्पाद → विस्थापन ✗
- उत्तर: (i) और (iv) संयोजन अभिक्रियाएँ हैं।
उदाहरण 2: NCERT प्रश्न — दीवार की पुताई का रहस्य
एक पदार्थ 'X' का विलयन सफ़ेदी करने में उपयोग होता है। (i) पदार्थ 'X' का नाम और सूत्र लिखिए। (ii) X की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए। (iii) पुताई के 2-3 दिन बाद दीवार पर चमक कैसे आती है?
हल:
(i) पदार्थ 'X' है — कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना), सूत्र = .
(ii) X की जल के साथ अभिक्रिया:
यह एक ऊष्माक्षेपी संयोजन अभिक्रिया है। बना हुआ (बुझा चूना) ही दीवार पर लगाया जाता है।
(iii) चमक का कारण:
धीरे-धीरे वायु में उपस्थित से अभिक्रिया करता है —
यह (कैल्शियम कार्बोनेट) की पतली सफ़ेद परत दीवार पर 2–3 दिन में जम जाती है, जो चमकदार होती है। संगमरमर का सूत्र भी है — इसी कारण दीवार पर एक हल्की संगमरमर-जैसी चमक आ जाती है।
[बोर्ड में बार-बार पूछा गया — 3 अंक]
उदाहरण 3: ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया की परिभाषा
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को परिभाषित कीजिए। तीन उदाहरण दीजिए।
हल:
परिभाषा: वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्सर्जित होती है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
तीन उदाहरण:
(i) प्राकृतिक गैस (मीथेन) का दहन:
(ii) श्वसन:
(iii) चूना भिगोना:
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3 अंक का प्रश्न]
उदाहरण 4: श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं?
श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहा जाता है? वर्णन कीजिए।
हल:
श्वसन की अभिक्रिया:
यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है, क्योंकि —
- यह एक रासायनिक अभिक्रिया है: ग्लूकोज़ और ऑक्सीजन मिलकर नए पदार्थ ( और ) बनाते हैं।
- ऊर्जा का उत्सर्जन: अभिक्रिया से ऊर्जा निकलती है, जो ATP के रूप में संचित होकर शरीर के विभिन्न कार्यों में काम आती है।
- शारीरिक प्रमाण: दौड़ने या व्यायाम करने पर शरीर गर्म महसूस होता है — यह श्वसन की दर बढ़ने के कारण निकली ऊष्मा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
- यही ऊर्जा हमें जीवित रखती है — शरीर का तापमान 37°C बनाए रखती है, माँसपेशियों को चलाती है, मस्तिष्क को सक्रिय रखती है।
निष्कर्ष: श्वसन में नए पदार्थ बनते हैं और ऊर्जा निकलती है — दोनों शर्तें पूरी होती हैं, अतः यह ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया है।
[बोर्ड बार-बार पूछा गया — हर वर्ष लगभग — 3 अंक]
उदाहरण 5: संयोजन और ऊष्माक्षेपी का तुलनात्मक प्रश्न
निम्न अभिक्रिया पर विचार कीजिए —
(a) यह किस प्रकार की अभिक्रिया है? (b) क्या यह ऊष्माक्षेपी है? कारण बताइए। (c) इस उत्पाद का दैनिक जीवन में एक उपयोग बताइए।
हल:
(a) प्रकार: यह एक संयोजन अभिक्रिया है, क्योंकि दो अभिकारक ( और ) मिलकर एकल उत्पाद बनाते हैं।
(b) ऊष्माक्षेपी? हाँ, यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है, क्योंकि अभिक्रिया के साथ-साथ ऊष्मा भी निकलती है — बीकर को छूने पर वह गर्म महसूस होता है।
(c) उपयोग: बना हुआ (बुझा चूना) दीवारों की पुताई में उपयोग होता है। पुताई के 2–3 दिन बाद वायु के से अभिक्रिया करके यह की चमकदार सफ़ेद परत बनाता है।
सीख: एक ही अभिक्रिया एक से अधिक प्रकार की हो सकती है — संयोजन भी और ऊष्माक्षेपी भी।
उदाहरण 6: कंपोस्ट का बनना — रासायनिक विश्लेषण
शाक-सब्ज़ियों के विघटन से कंपोस्ट का बनना किस प्रकार की अभिक्रिया है? व्याख्या कीजिए।
हल:
- प्रक्रिया: शाक-सब्ज़ियाँ (जिनमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन आदि कार्बनिक पदार्थ होते हैं) सूक्ष्मजीवों द्वारा धीरे-धीरे विघटित होकर ह्यूमस (खाद) में बदल जाती हैं।
- रासायनिक प्रकृति:
- यह एक रासायनिक अभिक्रिया है — नए पदार्थ बनते हैं।
- यह ऊष्माक्षेपी है — कंपोस्ट के ढेर के अंदर तापमान 60–70°C तक पहुँच जाता है, जो स्पष्ट ऊष्मा-उत्सर्जन का प्रमाण है।
- कुल मिलाकर: यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है (वियोजन का प्रकार), जिसमें कार्बनिक पदार्थ छोटे अणुओं और खनिजों में टूट जाते हैं।
- दैनिक जीवन में महत्व:
- कंपोस्ट कृषि के लिए प्राकृतिक खाद है।
- कचरा-प्रबंधन का पर्यावरण-अनुकूल तरीका।
- यदि कंपोस्ट का ढेर बहुत बड़ा हो, तो अंदरूनी ऊष्मा से कभी-कभी आग भी लग सकती है।
उत्तर: कंपोस्ट का बनना एक ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया है।
उदाहरण 7: अमोनिया का संश्लेषण — हेबर प्रक्रिया
नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से अमोनिया का बनना किस प्रकार की अभिक्रिया है? बैलेंस्ड समीकरण लिखिए तथा बताइए कि यह कौन-कौन से वर्गों में आती है।
हल:
बैलेंस्ड समीकरण:
वर्गीकरण:
- संयोजन अभिक्रिया? हाँ — दो अभिकारक ( और ) मिलकर एक उत्पाद () बनाते हैं।
- ऊष्माक्षेपी? हाँ — ऊष्मा निकलती है (यह एक रोचक तथ्य है क्योंकि उद्योग में फिर भी उच्च तापमान पर अभिक्रिया करते हैं — कारण यह कि ऊष्मा कम तेज़ी से बनती है)।
हेबर प्रक्रिया का महत्व:
- यह अमोनिया (NH₃) उद्योग का आधार है।
- अमोनिया से उर्वरक (यूरिया, अमोनियम सल्फ़ेट) बनते हैं।
- कृषि में अत्यंत महत्वपूर्ण — संसार की लगभग आधी जनसंख्या इन्हीं उर्वरकों पर निर्भर है।
[NEET / JEE संकेत] हेबर प्रक्रिया कक्षा 12 में रासायनिक संतुलन के संदर्भ में फिर पढ़ोगे।
उदाहरण 8: NCERT — मैग्नीशियम का दहन
क्रियाकलाप 1.1 में दी गई अभिक्रिया का प्रकार पहचानिए, जिसमें एकल उत्पाद के निर्माण के साथ ऊष्मा उत्पन्न होती है।
हल:
अभिक्रिया:
विश्लेषण:
- अभिकारक: Mg (दो परमाणु एकत्र) और (एक अणु) — दो अभिकारक।
- उत्पाद: केवल — एकल उत्पाद।
- साथ में: ऊष्मा और प्रकाश का उत्सर्जन।
वर्गीकरण:
- संयोजन अभिक्रिया — दो अभिकारक → एक उत्पाद ✓
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया — ऊष्मा निकल रही है ✓
उत्तर: यह एक संयोजन तथा ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया है।
विशेष टिप्पणी: मैग्नीशियम के दहन में इतना तेज प्रकाश निकलता है कि पहले इसे फ्लैश-फ़ोटोग्राफ़ी में उपयोग करते थे। आज भी आतिशबाज़ी और कुछ ज्वलनशील ज्योति-बल्बों में उपयोग होता है।
उदाहरण 9: कोयले का दहन
कोयले के दहन का संतुलित समीकरण लिखिए और बताइए कि यह कौन-कौन से प्रकार की अभिक्रिया है।
हल:
- अभिक्रिया:
- परमाणु जाँच: C=1=1 ✓, O=2=2 ✓ — पहले से संतुलित।
- वर्गीकरण:
- संयोजन? हाँ — दो अभिकारक (C और ) → एक उत्पाद ()।
- ऊष्माक्षेपी? हाँ — दहन में अत्यधिक ऊर्जा निकलती है।
- दैनिक जीवन में: कोयले से ही भारत में अधिकांश विद्युत उत्पादन (ताप-विद्युत संयंत्र) होता है।
- पर्यावरण-संबंधी टिप्पणी: ग्रीन-हाउस गैस है, अतः कोयले के दहन से वैश्विक तापमान-वृद्धि (global warming) की समस्या होती है।
उत्तर: कोयले का दहन एक संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
उदाहरण 10: हाइड्रोजन से जल का बनना
हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से जल बनने का संतुलित समीकरण लिखिए। यह किस प्रकार की अभिक्रिया है?
हल:
- असंतुलित:
- संतुलन:
- O संतुलित: का गुणांक 2 → RHS में O=2
- H संतुलित: का गुणांक 2 → LHS में H=4
- जाँच: H=4=4 ✓, O=2=2 ✓
- वर्गीकरण:
- दो अभिकारक → एक उत्पाद = संयोजन
- ऊष्मा निकलती है = ऊष्माक्षेपी
- एक रोचक तथ्य: हाइड्रोजन-ऑक्सीजन का मिश्रण विस्फोटक होता है — इसी से 'हाइड्रोजन बम' का नाम बदनाम हुआ है। हालाँकि नियंत्रित दहन में यही रॉकेट के ईंधन के रूप में उपयोग होता है।
उत्तर: यह संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
उदाहरण 11: सही/ग़लत
निम्न कथनों को सही या ग़लत बताइए तथा कारण दीजिए — (a) सभी संयोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी होती हैं। (b) सभी ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ संयोजन अभिक्रियाएँ होती हैं। (c) श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। (d) चूने का जल से अभिक्रिया करना ऊष्माशोषी है।
हल:
(a) ग़लत — अधिकांश संयोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी होती हैं, परंतु सभी नहीं। कुछ संयोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माशोषी भी हो सकती हैं, जैसे (यह अभिक्रिया ऊष्मा अवशोषित करती है)।
(b) ग़लत — श्वसन और मीथेन का दहन ऊष्माक्षेपी हैं, परंतु संयोजन नहीं हैं (इनमें एकाधिक उत्पाद बनते हैं)।
(c) सही — श्वसन में , ऊर्जा निकलती है।
(d) ग़लत — चूने का जल से अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है (), क्योंकि बीकर गर्म हो जाता है।
उदाहरण 12: तापमान-परिवर्तन से पहचान
एक छात्र दो प्रयोग करता है — (A) एक बीकर में में जल मिलाता है। (B) दूसरे बीकर में सोडियम क्लोराइड को जल में घोलता है। दोनों ही प्रकरणों में बीकर का तापमान-परिवर्तन देखकर बताइए कि कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया है।
हल:
(A) :
- तापमान बहुत बढ़ जाता है (बीकर बहुत गर्म)।
- नया पदार्थ बना।
- यह रासायनिक अभिक्रिया है — विशेष रूप से ऊष्माक्षेपी संयोजन अभिक्रिया।
(B) NaCl + जल (विलयन):
- तापमान में अति सूक्ष्म परिवर्तन (व्यावहारिक रूप से नगण्य)।
- कोई नया पदार्थ नहीं — NaCl वैसे का वैसा ही है, बस घुल गया।
- यह केवल भौतिक परिवर्तन है, कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं।
निष्कर्ष:
- (A) रासायनिक अभिक्रिया (ऊष्माक्षेपी संयोजन)।
- (B) केवल भौतिक परिवर्तन (विलयन)।
सीख: तापमान में बड़ा परिवर्तन रासायनिक अभिक्रिया का संकेत है, परंतु अकेला तापमान निर्णायक नहीं — हमेशा देखें कि नया पदार्थ बना है या नहीं।
उदाहरण 13: ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के अनुप्रयोग
हमारे दैनिक जीवन में ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं के तीन प्रमुख अनुप्रयोग बताइए।
हल:
1. खाना पकाना (LPG/प्राकृतिक गैस का दहन):
निकली ऊष्मा से भोजन पकता है।
2. परिवहन (वाहनों में ईंधन का दहन):
(पेट्रोल मुख्यतः ऑक्टेन का मिश्रण)। निकली ऊर्जा से इंजन चलते हैं।
3. विद्युत-उत्पादन (कोयले या प्राकृतिक गैस से):
भारत के अधिकांश ताप-विद्युत संयंत्र इसी पर आधारित हैं।
अन्य अनुप्रयोग:
- शरीर में श्वसन से ऊर्जा।
- सीमेंट-निर्माण की भट्टियों में।
- कंपोस्ट-निर्माण से कृषि के लिए खाद।
- रॉकेट-ईंधन का दहन।
[बोर्ड 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 14: संयोजन अभिक्रियाओं के उपवर्ग
निम्नलिखित को संयोजन अभिक्रियाओं के तीन उपवर्गों में बाँटिए — तत्व+तत्व, यौगिक+यौगिक, तत्व+यौगिक:
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v)
हल:
| अभिक्रिया | अभिकारकों का प्रकार | उपवर्ग |
|---|---|---|
| (i) | तत्व + तत्व | तत्व + तत्व |
| (ii) | यौगिक + यौगिक | यौगिक + यौगिक |
| (iii) | यौगिक + तत्व | तत्व + यौगिक |
| (iv) | तत्व + तत्व | तत्व + तत्व |
| (v) | यौगिक + यौगिक | यौगिक + यौगिक |
टिप्पणी: उत्पाद की संख्या (एकल) की पहचान संयोजन को निर्धारित करती है, जबकि अभिकारक की प्रकृति उपवर्ग को।
उदाहरण 15: संख्यात्मक — ऊष्मा का परिमाण
यदि 1 mol और 1 mol की अभिक्रिया से 65 kJ ऊष्मा निकलती है, तो 5.6 g की पूर्ण अभिक्रिया से कितनी ऊष्मा निकलेगी? (Ca = 40, O = 16)
हल:
- अभिक्रिया:
- अनुपात: 1 mol = g — 65 kJ ऊष्मा।
- दिया है: 5.6 g ।
- गणना:
- उत्तर: 5.6 g की पूर्ण अभिक्रिया से 6.5 kJ ऊष्मा निकलेगी।
सीख: यह संख्यात्मक प्रश्न द्रव्यमान, मोल-संकल्पना और ऊष्मागतिकी (thermodynamics) की प्रारंभिक झलक देता है — जो आप कक्षा 11 में विस्तार से पढ़ोगे।
उदाहरण 16: अनुप्रयोग — रसोई का प्रश्न
रसोई में LPG जलाने पर कौन-सी अभिक्रिया होती है? यह कितने वर्गों में आती है? बताइए — गैस के पूरे दहन के लिए आवश्यक है।
हल:
LPG मुख्यतः ब्यूटेन () और प्रोपेन () का मिश्रण है। यहाँ ब्यूटेन के दहन का उदाहरण लेते हैं —
- असंतुलित:
- संतुलन:
- C: का गुणांक 4 (4 C परमाणु)
- H: का गुणांक 5 (10 H परमाणु)
- O: RHS में → का गुणांक 13/2
- पूरे को 2 से गुणा करें (विषम-सम तरकीब):
- वर्गीकरण:
- दहन (combustion) — हाँ
- ऊष्माक्षेपी — हाँ (ज्वाला से रसोई की गर्मी मिलती है)
- संयोजन — नहीं (एकाधिक उत्पाद हैं)
- उपचयन (oxidation) — हाँ ( में O जुड़ रहा है)
- पूरे दहन के लिए आवश्यक:
- पर्याप्त ऑक्सीजन — कम ऑक्सीजन पर अधूरा दहन होकर CO (ज़हरीला) और कार्बन कण (कालिख) बनते हैं।
- इसी कारण रसोई में हमेशा हवादार वातावरण होना चाहिए — बंद कमरे में LPG जलाने से CO ज़हरीली गैस बनकर मृत्यु तक हो सकती है।
[बोर्ड + दैनिक जीवन] यह प्रश्न पर्यावरण-शिक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।