ग्राफ पर शून्यक — मुख्य विचार

पिछले खंड में p(x)p(x) का शून्यक वह संख्या kk थी जिसके लिए p(k)=0p(k) = 0। अब आइए देखें कि ग्राफ पर इसका क्या अर्थ है।

जब हम y=p(x)y = p(x) आलेखित करते हैं, तो हमें एक वक्र मिलता है। p(x)p(x) के शून्यक ठीक उन बिंदुओं के x-निर्देशांक होते हैं जहाँ ग्राफ x-अक्ष को काटता (या स्पर्श करता) है। ऐसा इसलिए क्योंकि x-अक्ष पर y=0y = 0, और y=p(x)=0y = p(x) = 0 ही शून्यक की शर्त है।

मुख्य बिंदु: ज्यामितीय रूप से, बहुपद के शून्यक उसके ग्राफ के x-अंतःखंड होते हैं — वे बिंदु जहाँ y=0y = 0

ऐसे समझिए: p(x)=0p(x) = 0 को बीजगणितीय रूप से हल करना और यह ज्ञात करना कि ग्राफ x-अक्ष को कहाँ काटता है — एक ही बात के दो दृष्टिकोण हैं।

[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] एक सामान्य 1-अंक का प्रश्न एक ग्राफ दिखाकर शून्यकों की संख्या पूछता है। बस गिनें कि वक्र x-अक्ष को कितनी बार मिलता है।

y=p(x) का आलेख: ऊपर की ओर खुलता एक परवलय जो x-अक्ष को x=-2 और x=3 पर काटता है; ये दो x-अंतःखंड ही p(x) के शून्यक हैं।

रैखिक बहुपद — एक सरल रेखा

रैखिक बहुपद y=ax+by = ax + b का ग्राफ एक सरल रेखा होता है।

  • एक सरल रेखा (जो क्षैतिज न हो) x-अक्ष को ठीक एक बिंदु पर काटती है।
  • वह बिंदु (ba, 0)\left(-\dfrac{b}{a},\ 0\right) है, अतः रैखिक बहुपद का ठीक एक शून्यक होता है।

उदाहरण

y=2x4y = 2x - 4 के लिए, रेखा x-अक्ष को वहाँ मिलती है जहाँ 2x4=02x - 4 = 0, अर्थात् x=2x = 2 पर। अतः एकमात्र शून्यक 2 है, जो एक x-अंतःखंड से मेल खाता है।

मुख्य बिंदु: एक अचर-रहित रैखिक बहुपद का सदैव ठीक एक वास्तविक शून्यक होता है — उसका ग्राफ x-अक्ष को एक बार काटता है।

[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] y=3y = 3 (एक अशून्य अचर) जैसी क्षैतिज रेखा x-अक्ष को कभी नहीं मिलती, अतः उसका कोई शून्यक नहीं — घात-0 बहुपद से संगत।

रैखिक बहुपद y=2x-4 का आलेख: एक सरल रेखा जो x-अक्ष को केवल एक बार, बिंदु (2,0) पर काटती है, अतः इसका एकमात्र शून्यक 2 है।

द्विघात बहुपद — एक परवलय

द्विघात y=ax2+bx+cy = ax^2 + bx + c का ग्राफ एक U-आकार का वक्र होता है जिसे परवलय (parabola) कहते हैं।

  • यदि a>0a > 0, तो परवलय ऊपर की ओर खुलता है (∪)।
  • यदि a<0a < 0, तो यह नीचे की ओर खुलता है (∩)।

शून्यकों की संख्या इस पर निर्भर करती है कि परवलय x-अक्ष को कैसे मिलता है:

स्थिति शून्यक
x-अक्ष को दो भिन्न बिंदुओं पर काटता है 2 भिन्न शून्यक
x-अक्ष को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करता है 1 शून्यक (दोहराया/समान)
x-अक्ष को नहीं मिलता 0 वास्तविक शून्यक

मुख्य बिंदु: द्विघात के अधिक-से-अधिक 2 वास्तविक शून्यक होते हैं। अक्ष को 'स्पर्श' करने का अर्थ है दोनों शून्यक संपाती (समान मूल) हैं।

[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] जब परवलय x-अक्ष को केवल स्पर्श करता है, तो बहुपद के दो समान शून्यक होते हैं — परीक्षक इसे एक भिन्न शून्यक परंतु दो संपाती मूल गिनते हैं। प्रश्न की भाषा ध्यान से पढ़ें।

द्विघात बहुपद y=ax^2+bx+c के छह परवलय आलेख: ऊपरी पंक्ति ऊपर की ओर खुलती है (a धनात्मक), निचली पंक्ति नीचे की ओर (a ऋणात्मक); प्रत्येक पंक्ति में परवलय या तो x-अक्ष को दो बिंदुओं पर काटता है (2 शून्यक), एक बिंदु पर स्पर्श करता है (1 शून्यक), या उससे नहीं मिलता (0 शून्यक)।

त्रिघात बहुपद और सामान्य नियम

त्रिघात y=ax3+bx2+cx+dy = ax^3 + bx^2 + cx + d का ग्राफ एक चिकना वक्र होता है जो दो बार मुड़ सकता है।

  • एक त्रिघात x-अक्ष को 3, 2, या 1 बिंदु(ओं) पर मिल सकता है, अतः इसके अधिक-से-अधिक 3 वास्तविक शून्यक होते हैं।
  • यह सदैव x-अक्ष को कम-से-कम एक बार मिलता है (अतः त्रिघात का सदैव कम-से-कम एक वास्तविक शून्यक होता है)।

सामान्य सिद्धांत

किसी भी बहुपद के लिए: वास्तविक शून्यकों की संख्या अधिक-से-अधिक उसकी घात के बराबर होती है, क्योंकि उतनी ही अधिकतम बार उसका ग्राफ x-अक्ष को काट सकता है।

मुख्य बिंदु: घात nn ⇒ अधिक-से-अधिक nn वास्तविक शून्यक ⇒ ग्राफ x-अक्ष को अधिक-से-अधिक nn बार मिलता है।

[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] यदि कोई ग्राफ x-अक्ष को 3 बिंदुओं पर काटता दिखाया जाए, तो बहुपद की न्यूनतम संभव घात 3 है। 'x-अंतःखंडों की संख्या ≤ घात' मुख्य तर्क है।

त्रिघात बहुपद y=x^3-4x का आलेख जो x-अक्ष को तीन बिंदुओं x=-2, 0 और 2 पर मिलता है, दर्शाता है कि एक त्रिघात बहुपद के अधिकतम तीन वास्तविक शून्यक होते हैं।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: ग्राफ से शून्यक (गिनती)

एक ग्राफ x-अक्ष को ठीक 2 बिंदुओं पर काटता है। बहुपद के कितने शून्यक हैं?

हल:

  1. प्रत्येक x-अंतःखंड एक शून्यक से मेल खाता है।
  2. दो अंतःखंड ⇒ दो शून्यक।

अंतिम उत्तर: 2 शून्यक।

सार: शून्यकों की संख्या = ग्राफ के x-अक्ष को मिलने की संख्या।

उदाहरण 2: रैखिक ग्राफ का शून्यक

y=2x4y = 2x - 4 का ग्राफ x-अक्ष को कहाँ काटता है, और शून्यक क्या है?

हल:

  1. x-अक्ष पर y=0y = 0: 2x4=02x - 4 = 0
  2. x=2x = 2, अतः ग्राफ (2,0)(2, 0) पर काटता है।

अंतिम उत्तर: (2,0)(2,0) पर काटता है; शून्यक 2 है।

सार: x-अंतःखंड = शून्यक ज्ञात करने के लिए y=0y = 0 रखें।

उदाहरण 3: परवलय के खुलने की दिशा

क्या y=3x2+x+1y = -3x^2 + x + 1 का ग्राफ ऊपर या नीचे की ओर खुलता है?

हल:

  1. x2x^2 का गुणांक a=3a = -3 है।
  2. चूँकि a<0a < 0, परवलय नीचे की ओर खुलता है।

अंतिम उत्तर: नीचे की ओर (∩)।

सार: aa का चिह्न दिशा तय करता है: a>0a>0 ऊपर, a<0a<0 नीचे।

उदाहरण 4: जब परवलय अक्ष को स्पर्श करे तो शून्यकों की संख्या

एक परवलय x-अक्ष को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करता है। द्विघात के कितने शून्यक हैं?

हल:

  1. एक बिंदु पर स्पर्श करने का अर्थ है दोनों शून्यक समान (संपाती) हैं।
  2. अतः एक भिन्न शून्यक है (एक दोहराया मूल)।

अंतिम उत्तर: एक (दोहराया) शून्यक।

सार: अक्ष को स्पर्श करना = समान/संपाती शून्यक।

उदाहरण 5: कोई वास्तविक शून्यक नहीं

यदि कोई परवलय पूर्णतः x-अक्ष के ऊपर स्थित हो और उसे कभी न मिले, तो द्विघात के कितने वास्तविक शून्यक हैं?

हल:

  1. वास्तविक शून्यक x-अंतःखंडों से मेल खाते हैं।
  2. ग्राफ x-अक्ष को नहीं मिलता, अतः कोई x-अंतःखंड नहीं।

अंतिम उत्तर: शून्य वास्तविक शून्यक।

सार: कोई अंतःखंड नहीं ⇒ कोई वास्तविक शून्यक नहीं।

उदाहरण 6: ग्राफ से न्यूनतम घात

एक ग्राफ x-अक्ष को 3 भिन्न बिंदुओं पर काटता है। बहुपद की न्यूनतम संभव घात क्या है?

हल:

  1. वास्तविक शून्यकों (x-अंतःखंडों) की संख्या = 3।
  2. घात शून्यकों की संख्या से कम-से-कम उतनी होनी चाहिए।

अंतिम उत्तर: न्यूनतम घात 3 है।

सार: घात ≥ x-अंतःखंडों की संख्या।

उदाहरण 7: अंतःखंडों से शून्यक पढ़ना

एक द्विघात ग्राफ x-अक्ष को x=1x = -1 और x=4x = 4 पर काटता है। इसके शून्यक क्या हैं?

हल:

  1. शून्यक अंतःखंडों के x-निर्देशांक होते हैं।
  2. अतः शून्यक 1-1 और 44 हैं।

अंतिम उत्तर: 1-1 और 44

सार: शून्यकों को सीधे x-अक्ष के काटने वाले बिंदुओं से पढ़ें।

उदाहरण 8: y=x29y = x^2 - 9 के शून्यक ज्यामितीय रूप से

y=x29y = x^2 - 9 x-अक्ष को कहाँ मिलता है?

हल:

  1. y=0y = 0 रखें: x29=0x^2 - 9 = 0
  2. x2=9x=3x^2 = 9 \Rightarrow x = 3 या x=3x = -3
  3. अतः परवलय x-अक्ष को (3,0)(3,0) और (3,0)(-3,0) पर काटता है।

अंतिम उत्तर: x=3x = 3 और x=3x = -3 पर (दो शून्यक)।

सार: p(x)=0p(x)=0 हल करने से x-अंतःखंड मिलते हैं।

उदाहरण 9: रैखिक ग्राफ का आकार

y=5x+1y = 5x + 1 के ग्राफ का आकार क्या है, और यह x-अक्ष को कितनी बार काटता है?

हल:

  1. घात-1 (रैखिक) बहुपद एक सरल रेखा के रूप में आलेखित होता है।
  2. एक अक्षैतिज सरल रेखा x-अक्ष को ठीक एक बार काटती है।

अंतिम उत्तर: एक सरल रेखा; यह x-अक्ष को एक बार काटती है।

सार: रैखिक ⇒ सरल रेखा ⇒ ठीक एक शून्यक।

उदाहरण 10: त्रिघात के अधिकतम शून्यक

एक त्रिघात बहुपद का ग्राफ खींचा गया है। यह x-अक्ष को अधिकतम कितने बिंदुओं पर मिल सकता है?

हल:

  1. त्रिघात की घात 3 है।
  2. ग्राफ x-अक्ष को अधिक-से-अधिक 3 बार काट सकता है।

अंतिम उत्तर: अधिक-से-अधिक 3 बिंदु।

सार: अधिकतम x-अंतःखंड = घात = त्रिघात के लिए 3।