यह पूरे अध्याय के सबसे उपयोगी परिणामों में से एक है। एक द्विघात बहुपद
p(x)=ax2+bx+c,a=0
के लिए, माना इसके दो शून्यक α (अल्फा) और β (बीटा) हैं। तब:
शून्यकोंकायोग=α+β=−ab=−x2कागुणांकxकागुणांक
शून्यकोंकागुणनफल=αβ=ac=x2कागुणांकअचरपद
मुख्य बिंदु: आप शून्यकों का योग और गुणनफल बहुपद को हल किए बिना ज्ञात कर सकते हैं — बस a, b, c पढ़ लें। यह परीक्षा में बहुत समय बचाता है।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] चिह्न याद रखें: योग −b/a है (ऋण चिह्न पर ध्यान दें), गुणनफल +c/a है। योग के चिह्न में गड़बड़ी सबसे सामान्य त्रुटि है।
यह संबंध क्यों काम करता है
आइए देखें कि यह क्यों सत्य है — इसे समझने से याद रखने में मदद मिलती है।
यदि α और β, ax2+bx+c के शून्यक हैं, तो हम बहुपद को गुणनखंड रूप में लिख सकते हैं:
ax2+bx+c=a(x−α)(x−β)
दायाँ पक्ष प्रसारित करने पर:
a(x−α)(x−β)=a[x2−(α+β)x+αβ]=ax2−a(α+β)x+aαβ
अब ax2+bx+c से गुणांकों की तुलना करें:
x का गुणांक: −a(α+β)=b⇒α+β=−ab।
अचर पद: aαβ=c⇒αβ=ac।
मुख्य बिंदु: संबंध सीधे गुणनखंड रूप के प्रसार और गुणांकों के मिलान से आते हैं। यही विचार आगे त्रिघात के लिए भी प्रयुक्त होता है।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] कभी-कभी 2–3 अंक का प्रश्न इन संबंधों को व्युत्पन्न करने को कहता है। यह प्रसार दिखाने से पूरे अंक मिलते हैं।
संबंध का उपयोग — सत्यापन
एक बहुत सामान्य परीक्षा कार्य: किसी द्विघात के शून्यक ज्ञात करें, फिर योग और गुणनफल संबंधों को सत्यापित करें।
हल किया गया उदाहरण: p(x)=x2+7x+10
गुणनखंडन से शून्यक:x2+7x+10=(x+2)(x+5), अतः α=−2, β=−5।
योग जाँच:α+β=−2+(−5)=−7। और −ab=−17=−7। ✓
गुणनफल जाँच:αβ=(−2)(−5)=10। और ac=110=10। ✓
मुख्य बिंदु: सदैव परिकलित मान (वास्तविक शून्यकों से) और सूत्र मान (अa, b, c से) दोनों प्रस्तुत करें, और दिखाएँ कि वे मेल खाते हैं।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] यदि गुणनखंडन में छोटी चूक भी हो जाए, तो सत्यापन संरचना (सूत्र लिखें, परिकलित करें, तुलना करें) विधि के अंक दिला देती है।
α और β के साथ उपयोगी सर्वसमिकाएँ
अनेक प्रश्न एक बहुपद देकर उसके शून्यकों में एक व्यंजक माँगते हैं बिना उन्हें अलग-अलग ज्ञात किए। ये सर्वसमिकाएँ प्रश्न को 'योग' और 'गुणनफल' में बदल देती हैं जिन्हें आप पहले से जानते हैं।
α2+β2=(α+β)2−2αβ
α1+β1=αβα+β
(α−β)2=(α+β)2−4αβ
α3+β3=(α+β)3−3αβ(α+β)
मुख्य बिंदु: अभीष्ट राशि को (α+β) और αβ के पदों में व्यक्त करें, फिर −b/a और c/a प्रतिस्थापित करें। आपको प्रायः वास्तविक शून्यकों की आवश्यकता नहीं होती।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण]α2+β2=(α+β)2−2αβ बहुत बार पूछी जाती है। इसे याद रखें — यह इस खंड की प्रमुख सर्वसमिका है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: हल किए बिना योग और गुणनफल
p(x)=2x2−8x+6 के लिए, शून्यकों का योग और गुणनफल ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ a=2, b=−8, c=6।
योग =−ab=−2−8=4।
गुणनफल =ac=26=3।
अंतिम उत्तर: योग =4, गुणनफल =3।
सार:a, b, c पढ़ें और सूत्र लगाएँ — हल करने की आवश्यकता नहीं।
उदाहरण 2: शून्यक ज्ञात कर सत्यापित करें
p(x)=x2+7x+10 के शून्यक ज्ञात कर गुणांकों के साथ संबंध सत्यापित कीजिए।
हल:
गुणनखंडन: (x+2)(x+5)=0⇒x=−2,−5।
योग: −2+(−5)=−7=−17=−ab। ✓
गुणनफल: (−2)(−5)=10=110=ac। ✓
अंतिम उत्तर: शून्यक −2,−5; संबंध सत्यापित।
सार: परिकलित योग/गुणनफल की −b/a और c/a से तुलना करें।
उदाहरण 3: x2−3 के शून्यक
p(x)=x2−3 के शून्यक ज्ञात कर संबंध सत्यापित कीजिए।
हल:
x2−3=0⇒x2=3⇒x=3,−3।
यहाँ a=1, b=0, c=−3।
योग: 3+(−3)=0=−10। ✓
गुणनफल: 3×(−3)=−3=1−3। ✓
अंतिम उत्तर: शून्यक 3,−3; सत्यापित।
सार: जब b=0, शून्यक समान परिमाण और विपरीत चिह्न के होते हैं, अतः उनका योग 0 होता है।
उदाहरण 4: 6x2−7x−3 के शून्यक
p(x)=6x2−7x−3 के शून्यक ज्ञात कर संबंध सत्यापित कीजिए।
हल:
मध्य पद को विभाजित करें: 6x2−9x+2x−3=3x(2x−3)+1(2x−3)=(3x+1)(2x−3)।
शून्यक: x=−31 और x=23।
योग =−31+23=6−2+9=67=−6−7=−ab। ✓
गुणनफल =−31×23=−21=6−3=ac। ✓
अंतिम उत्तर: शून्यक −31,23; सत्यापित।
सार: मध्य पद विभाजन a=1 वाले द्विघात का गुणनखंडन करता है।
उदाहरण 5: α2+β2 ज्ञात करना
यदि α और β, x2−5x+6 के शून्यक हैं, तो α2+β2 ज्ञात कीजिए।
हल:
योग =5, गुणनफल =6 (−b/a और c/a से)।
α2+β2=(α+β)2−2αβ का उपयोग करें।
=52−2(6)=25−12=13।
अंतिम उत्तर:α2+β2=13।
सार: योग और गुणनफल में बदलें, फिर प्रतिस्थापित करें — α, β ज्ञात करने की आवश्यकता नहीं।
उदाहरण 6: α1+β1 ज्ञात करना
यदि α,β, 2x2−4x+1 के शून्यक हैं, तो α1+β1 ज्ञात कीजिए।
हल:
योग =−2−4=2; गुणनफल =21।
α1+β1=αβα+β=1/22=4।
अंतिम उत्तर:α1+β1=4।
सार:α1+β1=गुणनफलयोग।
उदाहरण 7: एक शून्यक से गुणांक ज्ञात करना
यदि x2−kx+6 का एक शून्यक 2 है, तो k और दूसरा शून्यक ज्ञात कीजिए।
हल:
शून्यकों का गुणनफल =ac=16=6। यदि एक शून्यक 2 है, तो दूसरा 6/2=3।
शून्यकों का योग =2+3=5=−1−k=k।
अंतिम उत्तर:k=5, दूसरा शून्यक =3।
सार: गुणनफल से लुप्त शून्यक ज्ञात करें, फिर योग से k।
उदाहरण 8: (α−β)2 ज्ञात करना
यदि α,β, x2−6x+8 के शून्यक हैं, तो (α−β)2 ज्ञात कीजिए।
हल:
योग =6, गुणनफल =8।
(α−β)2=(α+β)2−4αβ=62−4(8)=36−32=4।
अंतिम उत्तर:(α−β)2=4।
सार:(α−β)2=(α+β)2−4αβ।
उदाहरण 9: व्युत्क्रमों के वर्गों का योग
यदि α,β, x2−5x+6 के शून्यक हैं, तो α21+β21 ज्ञात कीजिए।
हल:
योग =5, गुणनफल =6।
α21+β21=(αβ)2α2+β2।
α2+β2=25−12=13; (αβ)2=36।
अतः मान =3613।
अंतिम उत्तर:3613।
सार: व्यंजक को योग और गुणनफल से चरण-दर-चरण बनाएँ।
उदाहरण 10: शून्यकों के योग से प्राचल ज्ञात करना
यदि 3x2+(2k+1)x−5 के शून्यकों का योग 1 है, तो k ज्ञात कीजिए।
हल:
शून्यकों का योग =−ab=−32k+1।
1 के बराबर रखें: −32k+1=1⇒2k+1=−3।
2k=−4⇒k=−2।
अंतिम उत्तर:k=−2।
सार: योग के सूत्र को दिए मान के बराबर रखकर अज्ञात के लिए हल करें।
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