यह बहुपदों के लिए आपका अभ्यास-शक्तिगृह है। नीचे पूरे अध्याय को समेटते 30+ पूर्णतः हल किए गए प्रश्न हैं — बहुपद पहचानना, शून्यक ज्ञात करना, द्विघात व त्रिघात के शून्यक–गुणांक संबंध, बहुपद बनाना, और बहुपद विभाजन — मोटे तौर पर सरल से कठिन क्रम में।
कैसे पढ़ें: प्रत्येक प्रश्न को हल ढककर स्वयं हल करने का प्रयास करें, फिर चरण जाँचें। बोर्ड परीक्षा में अंक चरण-दर-चरण मिलते हैं, अतः पूर्ण हल लिखने का अभ्यास करें।
ये सूत्र साथ रखें:
द्विघात ax2+bx+c: शून्यकों का योग =−ab, गुणनफल =ac।
त्रिघात ax3+bx2+cx+d: ∑α=−ab, ∑αβ=ac, αβγ=−ad।
शून्यकों से द्विघात: x2−(योग)x+(गुणनफल)।
α2+β2=(α+β)2−2αβ।
विभाजन: p(x)=g(x)q(x)+r(x)।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: घात और प्रकार
p(x)=5−2x+3x2 की घात और प्रकार बताइए।
हल:
x की सबसे बड़ी घात x2 है, अतः घात =2।
घात 2 ⇒ द्विघात।
अंतिम उत्तर: घात 2, द्विघात।
सार: पहले सबसे बड़ी घात पहचानें।
उदाहरण 2: गुणनखंडन द्वारा शून्यक
p(x)=x2−2x−8 के शून्यक ज्ञात कीजिए।
हल:
गुणनखंडन: x2−4x+2x−8=x(x−4)+2(x−4)=(x+2)(x−4)।
शून्यक: x=−2 और x=4।
अंतिम उत्तर:−2 और 4।
सार: गुणनखंडन हेतु मध्य पद विभाजित करें।
उदाहरण 3: योग और गुणनफल जाँच
p(x)=x2−2x−8 के लिए शून्यक–गुणांक संबंध सत्यापित कीजिए।
हल:
शून्यक (उदाहरण 2 से): −2,4। योग =2, गुणनफल =−8।
−ab=−1−2=2। ✓
ac=1−8=−8। ✓
अंतिम उत्तर: दोनों संबंध सत्यापित।
सार: परिकलित योग/गुणनफल की −b/a और c/a से तुलना करें।
उदाहरण 4: 4x2−9 के शून्यक
p(x)=4x2−9 के शून्यक ज्ञात कीजिए।
हल:
यह वर्गों का अंतर है: 4x2−9=(2x−3)(2x+3)।
शून्यक: x=23 और x=−23।
अंतिम उत्तर:23 और −23।
सार:a2−b2=(a−b)(a+b) पहचानें।
उदाहरण 5: योग और गुणनफल से द्विघात
एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसके शून्यकों का योग 5 और गुणनफल 6 है।
हल:
p(x)=x2−(योग)x+(गुणनफल)।
=x2−5x+6।
अंतिम उत्तर:x2−5x+6।
सार: मानक टेम्पलेट सीधे उपयोग करें।
उदाहरण 6: α2+β2 ज्ञात करना
यदि α,β, x2−4x+3 के शून्यक हैं, तो α2+β2 ज्ञात कीजिए।
हल:
योग =4, गुणनफल =3।
α2+β2=(α+β)2−2αβ=16−6=10।
अंतिम उत्तर: 10।
सार: योग और गुणनफल में बदलें।
उदाहरण 7: दिए गए शून्यक से k ज्ञात करना
यदि x=2, p(x)=x2+kx−6 का शून्यक है, तो k ज्ञात कीजिए।
हल:
p(2)=0: 4+2k−6=0।
2k−2=0⇒k=1।
अंतिम उत्तर:k=1।
सार: शून्यक प्रतिस्थापित कर अज्ञात के लिए हल करें।
उदाहरण 8: अपरिमेय शून्यकों से द्विघात
एक द्विघात बनाइए जिसके शून्यक 3+5 और 3−5 हैं।
हल:
योग =6, गुणनफल =9−5=4।
p(x)=x2−6x+4।
अंतिम उत्तर:x2−6x+4।
सार: संयुग्मी करणियाँ परिमेय योग और गुणनफल देती हैं।
उदाहरण 9: α1+β1 ज्ञात करना
यदि α,β, 3x2−5x−2 के शून्यक हैं, तो α1+β1 ज्ञात कीजिए।
हल:
योग =35, गुणनफल =−32।
α1+β1=αβα+β=−2/35/3=−25।
अंतिम उत्तर:−25।
सार:गुणनफलयोग व्युत्क्रमों का योग देता है।
उदाहरण 10: 6x2−x−2 के शून्यक
p(x)=6x2−x−2 के शून्यक ज्ञात कीजिए।
हल:
विभाजित करें: 6x2−4x+3x−2=2x(3x−2)+1(3x−2)=(2x+1)(3x−2)।
शून्यक: x=−21 और x=32।
अंतिम उत्तर:−21 और 32।
सार:a⋅c=−12, −1 को −4+3 में विभाजित करें।
उदाहरण 11: दिए गए शून्यकों से द्विघात
−3 और 5 शून्यकों वाला द्विघात बनाइए।
हल:
योग =2, गुणनफल =−15।
p(x)=x2−2x−15।
अंतिम उत्तर:x2−2x−15।
सार: टेम्पलेट x2−(योग)x+(गुणनफल)।
उदाहरण 12: त्रिघात संबंध — शून्यकों का योग
p(x)=2x3−6x2+3x−1 के शून्यकों का योग ज्ञात कीजिए।
हल:
योग =−ab=−2−6=3।
अंतिम उत्तर: 3।
सार: त्रिघात के शून्यकों का योग =−b/a।
उदाहरण 13: त्रिघात — शून्यकों का गुणनफल
p(x)=x3−4x2+5x−2 के शून्यकों का गुणनफल ज्ञात कीजिए।
हल:
गुणनफल =−ad=−1−2=2।
अंतिम उत्तर: 2।
सार: त्रिघात के शून्यकों का गुणनफल =−d/a।
उदाहरण 14: शून्यकों से त्रिघात बनाना
एक त्रिघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसके शून्यक 0, 2, और −3 हैं।
हल:
S1=0+2+(−3)=−1।
S2=(0)(2)+(2)(−3)+(−3)(0)=−6।
S3=0⋅2⋅(−3)=0।
p(x)=x3−(−1)x2+(−6)x−0=x3+x2−6x।
अंतिम उत्तर:x3+x2−6x।
सार: 0 शून्यक होने पर अचर पद 0 हो जाता है।
उदाहरण 15: तीसरा शून्यक ज्ञात करना
यदि x3−6x2+11x−6 के दो शून्यक 1 और 2 हैं, तो तीसरा ज्ञात कीजिए।
हल:
शून्यकों का योग =−1−6=6।
तीसरा शून्यक =6−(1+2)=3।
अंतिम उत्तर: 3।
सार: लुप्त शून्यक पुनः प्राप्त करने हेतु योग संबंध का उपयोग करें।
उदाहरण 16: बहुपद विभाजन (रैखिक भाजक)
p(x)=x2+4x+4 को x+2 से भाग दीजिए।
हल:
x2+4x+4=(x+2)2=(x+2)(x+2)।
भागफल x+2, शेषफल 0।
अंतिम उत्तर: भागफल x+2, शेषफल 0।
सार: एक पूर्ण वर्ग त्रिपद पूर्णतः विभाजित होता है।
उदाहरण 17: शेषफल सहित विभाजन
p(x)=2x3+3x2−x+1 को x+1 से भाग देने पर शेषफल शेषफल प्रमेय से ज्ञात कीजिए।
हल:
शेषफल =p(−1)=2(−1)3+3(−1)2−(−1)+1।
=−2+3+1+1=3।
अंतिम उत्तर: शेषफल =3।
सार:(x−a) से भाग देने पर शेषफल p(a) होता है; यहाँ a=−1।
उदाहरण 18: दो शून्यक दिए होने पर सभी ज्ञात करना
p(x)=x4−x3−7x2+x+6 के सभी शून्यक ज्ञात कीजिए, यह दिया है कि 1 और −1 शून्यक हैं।
हल:
(x−1)(x+1)=x2−1 एक गुणनखंड है।
भाग देने पर भागफल x2−x−6=(x−3)(x+2)।
अतः शेष शून्यक 3 और −2 हैं।
अंतिम उत्तर:1,−1,3,−2।
सार: ज्ञात गुणनखंड से भाग दें, फिर भागफल का गुणनखंडन करें।
उदाहरण 19: k ज्ञात करना ताकि कोई संख्या शून्यक हो
k ज्ञात कीजिए यदि −2, p(x)=2x3+x2+kx+2 का शून्यक है।
हल:
p(−2)=0: 2(−8)+4−2k+2=0।
−16+4−2k+2=0⇒−10−2k=0⇒k=−5।
अंतिम उत्तर:k=−5।
सार: शून्यक प्रतिस्थापित कर प्राचल के लिए हल करें।
उदाहरण 20: α3+β3
यदि α,β, x2−3x+1 के शून्यक हैं, तो α3+β3 ज्ञात कीजिए।
हल:
योग =3, गुणनफल =1।
α3+β3=(α+β)3−3αβ(α+β)=27−3(1)(3)=27−9=18।
अंतिम उत्तर: 18।
सार:α3+β3=s3−3ps का उपयोग करें।
उदाहरण 21: योग और गुणनफल की वर्णित शर्त
x2−(k+6)x+2(2k−1) में k ज्ञात कीजिए यदि शून्यकों का योग गुणनफल का आधा हो।
हल:
योग =k+6; गुणनफल =2(2k−1)=4k−2।
शर्त: योग =21× गुणनफल ⇒ k+6=21(4k−2)=2k−1।
6+1=2k−k⇒k=7।
अंतिम उत्तर:k=7।
सार: वर्णित संबंध को योग और गुणनफल में एक समीकरण में बदलें।
उदाहरण 22: विभाजन एल्गोरिथ्म सत्यापित करना
p(x)=x3+x2+x+1 को x+1 से भाग देकर सत्यापित कीजिए।
हल:
समूहन: x2(x+1)+1(x+1)=(x+1)(x2+1)।
अतः भागफल =x2+1, शेषफल 0।
जाँच: (x+1)(x2+1)=x3+x2+x+1। ✓
अंतिम उत्तर: भागफल x2+1, शेषफल 0।
सार: संभव हो तो समूहन से गुणनखंडन करें, फिर सत्यापित करें।
उदाहरण 23: ग्राफ से शून्यकों की संख्या
एक द्विघात बहुपद का ग्राफ x-अक्ष को ठीक एक बिंदु पर स्पर्श करता है। इसके कितने भिन्न शून्यक हैं, और यह शून्यकों के बारे में क्या कहता है?
हल:
एक बिंदु पर स्पर्श ⇒ एक भिन्न शून्यक।
दोनों शून्यक समान हैं (एक दोहराया/द्विक मूल)।
अंतिम उत्तर: एक भिन्न शून्यक; शून्यक समान हैं।
सार: अक्ष को स्पर्श करना = समान शून्यक।
उदाहरण 24: समान शून्यकों वाला द्विघात — k ज्ञात करना
k के किस मान के लिए x2−kx+9 के समान शून्यक होते हैं (स्पर्श करता परवलय)?
हल:
समान शून्यक का अर्थ है दोनों शून्यक समान, माना α। तब गुणनफल =α2=9, अतः α=±3।
योग =2α=k। अतः k=6 (α=3 के लिए) या k=−6 (α=−3 के लिए)।
अंतिम उत्तर:k=6 या k=−6।
सार: समान शून्यक ⇒ गुणनफल दोहराए मूल का पूर्ण वर्ग; योग उसका दुगुना।
उदाहरण 25: शून्यकों को स्थानांतरित करना
यदि α,β, x2+5x+6 के शून्यक हैं, तो एक बहुपद बनाइए जिसके शून्यक α+1 और β+1 हों।
हल:
मूल योग =−5, गुणनफल =6।
नया योग =(α+1)+(β+1)=(α+β)+2=−5+2=−3।
नया गुणनफल =(α+1)(β+1)=αβ+(α+β)+1=6−5+1=2।
बहुपद: x2−(−3)x+2=x2+3x+2।
अंतिम उत्तर:x2+3x+2।
सार: नया योग और गुणनफल परिकलित कर शून्यकों को स्थानांतरित करें।
उदाहरण 26: निरीक्षण से त्रिघात का शून्यक
दिखाइए कि x=1, p(x)=x3−6x2+11x−6 का शून्यक है और शेष ज्ञात कीजिए।
हल:
p(1)=1−6+11−6=0, अतः 1 एक शून्यक है; (x−1) एक गुणनखंड है।
भाग दें: भागफल x2−5x+6=(x−2)(x−3)।
अन्य शून्यक: 2 और 3।
अंतिम उत्तर: शून्यक 1,2,3।
सार: पहला शून्यक खोजने हेतु छोटे पूर्णांक मान आज़माएँ, फिर गुणनखंडन करें।
उदाहरण 27: दूसरे के ऋणात्मक शून्यकों वाला द्विघात
यदि α,β, x2−7x+10 के शून्यक हैं, तो एक बहुपद बनाइए जिसके शून्यक −α और −β हों।
हल:
मूल योग =7, गुणनफल =10।
नया योग =−α−β=−(α+β)=−7।
नया गुणनफल =(−α)(−β)=αβ=10।
बहुपद: x2−(−7)x+10=x2+7x+10।
अंतिम उत्तर:x2+7x+10।
सार: शून्यकों को ऋणात्मक करने से मध्य पद का चिह्न बदल जाता है।