त्रिघात के शून्यक और गुणांक
पिछले खंड का विचार त्रिघात तक सुंदर ढंग से विस्तृत होता है। एक त्रिघात बहुपद
p(x)=ax3+bx2+cx+d,a=0
के शून्यक α, β, γ (गामा) होने पर, तीन संबंध हैं:
α+β+γ=−ab
αβ+βγ+γα=ac
αβγ=−ad
मुख्य बिंदु: शून्यकों का योग =−b/a, दो-दो के गुणनफलों का योग =+c/a, तीनों का गुणनफल =−d/a। चिह्नों पर ध्यान दें — वे −,+,− क्रम में बदलते हैं।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] मध्य संबंध (जोड़ों में गुणनफलों का योग) वही है जिसे विद्यार्थी भूल जाते हैं। प्रतिस्थापन से पहले तीनों लिख लें।
त्रिघात संबंध कहाँ से आते हैं
द्विघात स्थिति की तरह ही, त्रिघात को गुणनखंड रूप में लिखें:
ax3+bx2+cx+d=a(x−α)(x−β)(x−γ)
(x−α)(x−β)(x−γ) प्रसारित करने पर मिलता है
x3−(α+β+γ)x2+(αβ+βγ+γα)x−αβγ.
a से गुणा कर ax3+bx2+cx+d से तुलना करने पर:
- x2 गुणांक: −a(α+β+γ)=b⇒α+β+γ=−ab।
- x गुणांक: a(αβ+βγ+γα)=c⇒αβ+βγ+γα=ac।
- अचर: −aαβγ=d⇒αβγ=−ad।
मुख्य बिंदु: द्विघात जैसी ही विधि — गुणनखंड रूप प्रसारित करें, गुणांक मिलाएँ। (x−शून्यक) गुणनखंडों के कारण चिह्न बदलते हैं।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] व्युत्पत्ति जानने से परीक्षा में चिह्न भूल जाने पर उन्हें पुनः बनाने में मदद मिलती है।
शून्यकों से द्विघात बनाना
यह विपरीत समस्या है, और एक निश्चित परीक्षा पसंद। यदि किसी द्विघात के शून्यकों का योग S और गुणनफल P है, तो एक ऐसा बहुपद है:
p(x)=x2−Sx+P
या अधिक सामान्यतः किसी अशून्य अचर k के लिए k(x2−Sx+P)।
हल किया गया उदाहरण
एक द्विघात ज्ञात कीजिए जिसके शून्यकों का योग −3 और गुणनफल 2 है।
- p(x)=x2−(योग)x+(गुणनफल)=x2−(−3)x+2=x2+3x+2।
मुख्य बिंदु: टेम्पलेट है x2−(योग)x+(गुणनफल)। सावधान: योग के आगे ऋण चिह्न आता है।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] यदि शून्यक सीधे दिए हों (माना α और β), तो पहले S=α+β और P=αβ ज्ञात करें, फिर टेम्पलेट में रखें।
शून्यकों से त्रिघात बनाना
यही पैटर्न त्रिघात तक विस्तृत होता है। यदि किसी त्रिघात के शून्यकों के लिए:
- योग =S1=α+β+γ,
- जोड़ों में गुणनफलों का योग =S2=αβ+βγ+γα,
- गुणनफल =S3=αβγ,
तो इन शून्यकों वाला त्रिघात है:
p(x)=x3−S1x2+S2x−S3
हल किया गया उदाहरण
1, 2, 3 शून्यकों वाला त्रिघात बनाइए।
- S1=1+2+3=6; S2=(1)(2)+(2)(3)+(3)(1)=2+6+3=11; S3=1⋅2⋅3=6।
- p(x)=x3−6x2+11x−6।
मुख्य बिंदु: त्रिघात टेम्पलेट है x3−S1x2+S2x−S3 — चिह्न −,+,− क्रम में बदलते हैं।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] S1, S2, S3 सावधानी से परिकलित कर सही चिह्नों के साथ प्रतिस्थापित करें। यहाँ चिह्न की चूक आसान अंक गँवा देती है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: योग और गुणनफल से द्विघात बनाना
एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसके शून्यकों का योग 41 और गुणनफल −1 है।
हल:
- p(x)=x2−(योग)x+(गुणनफल) का उपयोग करें।
- p(x)=x2−41x+(−1)=x2−41x−1।
- भिन्न हटाने के लिए 4 से गुणा करें: 4x2−x−4।
अंतिम उत्तर: 4x2−x−4 (या x2−41x−1)।
सार: टेम्पलेट का उपयोग करें, फिर चाहें तो भिन्न हटाने हेतु गुणा करें।
उदाहरण 2: दिए गए शून्यकों से द्विघात
एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसके शून्यक 3 और −2 हैं।
हल:
- योग S=3+(−2)=1; गुणनफल P=3×(−2)=−6।
- p(x)=x2−Sx+P=x2−x−6।
अंतिम उत्तर: x2−x−6।
सार: पहले योग और गुणनफल ज्ञात करें, फिर टेम्पलेट लगाएँ।
उदाहरण 3: अपरिमेय शून्यकों वाला द्विघात
एक द्विघात बनाइए जिसके शून्यक 2+3 और 2−3 हैं।
हल:
- योग =(2+3)+(2−3)=4।
- गुणनफल =(2+3)(2−3)=4−3=1।
- p(x)=x2−4x+1।
अंतिम उत्तर: x2−4x+1।
सार: संयुग्मी करणियाँ जुड़कर परिमेय देती हैं और a2−b2 से गुणा होती हैं।
उदाहरण 4: त्रिघात संबंध सत्यापित करना
p(x)=x3−6x2+11x−6 के लिए शून्यकों और गुणांकों के बीच संबंध सत्यापित कीजिए, यह दिया है कि इसके शून्यक 1, 2, 3 हैं।
हल:
- यहाँ a=1,b=−6,c=11,d=−6।
- α+β+γ=1+2+3=6=−1−6=−ab। ✓
- αβ+βγ+γα=2+6+3=11=111=ac। ✓
- αβγ=6=−1−6=−ad। ✓
अंतिम उत्तर: तीनों संबंध सत्यापित।
सार: प्रत्येक परिकलित मान को संगत −b/a, c/a, −d/a से मिलाएँ।
उदाहरण 5: शून्यकों से त्रिघात बनाना
एक त्रिघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसके शून्यक −2, 1 और 3 हैं।
हल:
- S1=−2+1+3=2।
- S2=(−2)(1)+(1)(3)+(3)(−2)=−2+3−6=−5।
- S3=(−2)(1)(3)=−6।
- p(x)=x3−S1x2+S2x−S3=x3−2x2−5x+6।
अंतिम उत्तर: x3−2x2−5x+6।
सार: S1,S2,S3 ज्ञात कर x3−S1x2+S2x−S3 में रखें।
उदाहरण 6: त्रिघात का तीसरा शून्यक ज्ञात करना
x3−4x2+x+6 के दो शून्यक −1 और 2 हैं। तीसरा शून्यक ज्ञात कीजिए।
हल:
- शून्यकों का योग =−ab=−1−4=4।
- यदि दो शून्यक −1 और 2 हैं, तो उनका योग 1 है।
- तीसरा शून्यक =4−1=3।
अंतिम उत्तर: तीसरा शून्यक 3 है।
सार: लुप्त शून्यक पुनः प्राप्त करने हेतु शून्यकों-के-योग संबंध का उपयोग करें।
उदाहरण 7: त्रिघात के सभी शून्यकों का गुणनफल
2x3−5x2−14x+8 के शून्यकों का गुणनफल ज्ञात कीजिए।
हल:
- यहाँ a=2, d=8।
- शून्यकों का गुणनफल =−ad=−28=−4।
अंतिम उत्तर: गुणनफल =−4।
सार: त्रिघात के तीनों शून्यकों का गुणनफल =−d/a।
उदाहरण 8: जोड़ों में गुणनफलों का योग
त्रिघात x3+2x2−7x−4 के लिए, αβ+βγ+γα ज्ञात कीजिए।
हल:
- यहाँ a=1, c=−7।
- αβ+βγ+γα=ac=1−7=−7।
अंतिम उत्तर: −7।
सार: जोड़ों में गुणनफलों का योग =c/a।
उदाहरण 9: व्युत्क्रम शून्यकों से द्विघात
यदि α,β, x2−5x+6 के शून्यक हैं, तो एक द्विघात बनाइए जिसके शून्यक α1 और β1 हों।
हल:
- मूल के लिए: योग =5, गुणनफल =6।
- नया योग =α1+β1=αβα+β=65।
- नया गुणनफल =α1⋅β1=αβ1=61।
- बहुपद: x2−65x+61, या 6x2−5x+1।
अंतिम उत्तर: 6x2−5x+1।
सार: नया योग और गुणनफल ज्ञात कर बहुपद बनाएँ।
उदाहरण 10: S1,S2,S3 से त्रिघात बनाना
एक त्रिघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसमें α+β+γ=2, αβ+βγ+γα=−7, और αβγ=−14 हो।
हल:
- p(x)=x3−S1x2+S2x−S3 का उपयोग करें।
- p(x)=x3−2x2+(−7)x−(−14)।
- =x3−2x2−7x+14।
अंतिम उत्तर: x3−2x2−7x+14।
सार: तीनों सममित योगों को बदलते चिह्नों के साथ प्रतिस्थापित करें।