संतति में विविधता क्यों?
पिछले अध्याय में हमने देखा कि जनन ऐसी नई संतति बनाता है जो समान, परंतु सूक्ष्म रूप से भिन्न होती है। अलैंगिक जनन में भी थोड़ी विविधता आती है (क्योंकि डी.एन.ए. प्रतिलिपि कभी पूर्ण सटीक नहीं होती), और लैंगिक जनन सफल विविधताओं की संख्या को अधिकतम करता है।
गन्ने के खेत को देखिए — पौधों (कायिक प्रवर्धन से बने) में बहुत कम विविधता होती है। परंतु मनुष्यों या अन्य लैंगिक जनन करने वाले जंतुओं में व्यक्तियों के बीच अनेक स्पष्ट विविधताएँ दिखती हैं। इस अध्याय में हम पढ़ेंगे कि ये विविधताएँ कैसे बनती एवं वंशागत होती हैं — यही आनुवंशिकता है।
मुख्य बिंदु: कम विविधता → अलैंगिक; अधिक विविधता → लैंगिक जनन।
पीढ़ियों में विविधता का संचय

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Original | मूल जीव |
| Generation I | पीढ़ी I |
| Generation II | पीढ़ी II |
| variation | विविधता |
पिछली पीढ़ी से वंशागति अगली पीढ़ी को एक समान आधारभूत शरीर-रूपरेखा एवं उसमें छोटे परिवर्तन — दोनों देती है। पीढ़ियाँ बीतने पर:
- एक जीव से दो व्यक्ति बनते हैं — समान, पर सूक्ष्म अंतर सहित।
- उनमें से प्रत्येक से दो और बनते हैं।
- अंतिम पंक्ति के चार व्यक्ति एक-दूसरे से भिन्न होते हैं।
अतः विविधता पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचित होती है। अलैंगिक जनन में अंतर केवल डी.एन.ए.-प्रतिलिपि की छोटी त्रुटियों से होते हैं; लैंगिक जनन में कहीं अधिक विविधता बनती है।
पर्यावरण द्वारा विभिन्नताओं का चयन
क्या किसी स्पीशीज़ की सभी विविधताओं की जीवित रहने की समान संभावना होती है? नहीं। विविधता के स्वरूप के अनुसार विभिन्न व्यक्तियों को भिन्न लाभ मिलते हैं।
उदाहरण — ऊष्मा सहने वाले जीवाणु ऊष्मा-तरंग में बेहतर जीवित रहते हैं। इस प्रकार पर्यावरण कुछ विभिन्नताओं का "चयन" कर लेता है। पर्यावरणीय कारकों द्वारा विभिन्नताओं का यह चयन ही विकास का आधार है।
[NEET महत्वपूर्ण] दो जुड़े विचार — (1) जनन विविधता उत्पन्न करता है; (2) पर्यावरण उनमें से चयन करता है। दोनों मिलकर विकास चलाते हैं।
स्मृति कैप्सूल — खंड 1
त्वरित पुनरावृत्ति: विविधता एवं इसका संचय।
1. जनन संतति को समान पर सूक्ष्म रूप से भिन्न बनाता है। 2. अलैंगिक → कम विविधता (केवल डी.एन.ए.-त्रुटियाँ); लैंगिक → अधिक। 3. विविधता पीढ़ियों में संचित होती है। 4. सभी विविधताओं की जीवित रहने की संभावना समान नहीं; पर्यावरण चयन करता है (जैसे ऊष्मा-सहिष्णु जीवाणु)। 5. विविधता का निर्माण + चयन = विकास का आधार।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — कौन-सा लक्षण पहले उत्पन्न हुआ?
किसी अलैंगिक जनन करने वाली समष्टि में लक्षण A 10% में तथा लक्षण B 60% में है। कौन-सा पहले उत्पन्न हुआ होगा?
हल: लक्षण B पहले उत्पन्न हुआ होगा। अलैंगिक जनन में लक्षण पीढ़ियों में फैलते हैं; अधिक समय से उपस्थित लक्षण अधिक फैलता है। B (60%) अधिक व्यापक है, अतः वह पहले उत्पन्न हुआ होगा।
उदाहरण 2: NCERT — विविधता एवं उत्तरजीविता
किसी स्पीशीज़ में विविधता का निर्माण उत्तरजीविता को कैसे बढ़ावा देता है?
हल: विविधता विभिन्न व्यक्तियों को भिन्न लाभ देती है। पर्यावरण बदलने (ताप वृद्धि, नया रोग, भोजन की कमी) पर कुछ विभिन्नताएँ नई परिस्थितियों के अनुकूल होती हैं और जीवित रहती हैं। अतः विविधता यह सुनिश्चित करती है कि स्पीशीज़ के कम-से-कम कुछ सदस्य जीवित रहें।
उदाहरण 3: अलैंगिक बनाम लैंगिक विविधता
लैंगिक जनन अलैंगिक की तुलना में अधिक विविधता क्यों देता है?
हल:
- अलैंगिक जनन में एक ही जनक होता है, अतः अंतर केवल डी.एन.ए.-प्रतिलिपि की छोटी त्रुटियों से होते हैं।
- लैंगिक जनन में संतति को दो भिन्न जनकों का डी.एन.ए. मिलता है, जिनके संयोग से नए संयोजन बनते हैं — कहीं अधिक विविधता।