नई कार्तीय चिह्न परिपाटी

गोलीय दर्पणों के लिए नई कार्तीय चिह्न परिपाटी

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Pole P (origin) ध्रुव P (मूल बिंदु)
Object on left वस्तु बाईं ओर
Positive (+) धनात्मक (+)
Negative (-) ऋणात्मक (-)
Principal axis मुख्य अक्ष

किसी सूत्र का उपयोग करने से पहले हम नई कार्तीय चिह्न परिपाटी से चिह्न तय करते हैं:

  1. वस्तु सदैव दर्पण के बाईं ओर रखी जाती है (प्रकाश बाएँ से दाएँ चलता है)।
  2. सभी दूरियाँ ध्रुव (P) से मापी जाती हैं, जिसे मूल बिंदु लेते हैं।
  3. आपतित प्रकाश की दिशा में (बाईं ओर, x-x) मापी दूरियाँ ऋणात्मक; इसके विपरीत (दाईं ओर, दर्पण के पीछे) धनात्मक होती हैं।
  4. मुख्य अक्ष के ऊपर (+y+y) की ऊँचाइयाँ धनात्मक; नीचे (y-y) की ऋणात्मक

याद रखने योग्य परिणाम:

  • वस्तु दूरी uu सदैव ऋणात्मक (वस्तु बाईं ओर)।
  • अवतल दर्पण ff ऋणात्मक; उत्तल दर्पण ff धनात्मक
  • वास्तविक प्रतिबिंब में vv ऋणात्मक (वस्तु की ओर); आभासी प्रतिबिंब में vv धनात्मक (दर्पण के पीछे)।

दर्पण सूत्र

गोलीय दर्पण की वस्तु दूरी (uu), प्रतिबिंब दूरी (vv) एवं फोकस दूरी (ff) दर्पण सूत्र से संबंधित हैं: 1v+1u=1f\frac{1}{v} + \frac{1}{u} = \frac{1}{f}

यह एक सूत्र सभी गोलीय दर्पणों (अवतल एवं उत्तल) एवं सभी वस्तु स्थितियों के लिए काम करता है — बशर्ते आप मानों को सही चिह्नों के साथ रखें।

साथ ही f=R2f = \dfrac{R}{2} याद रखें, जिससे वक्रता त्रिज्या एवं फोकस दूरी में रूपांतरण किया जा सके।

[NEET महत्वपूर्ण] दर्पण सूत्र एवं लेंस सूत्र लगभग समान दिखते हैं — दर्पण सूत्र में जोड़ (1v+1u\frac{1}{v}+\frac{1}{u}), लेंस सूत्र में घटाव (1v1u\frac{1}{v}-\frac{1}{u})। इन्हें न मिलाएँ।

आवर्धन

आवर्धन (m) बताता है कि प्रतिबिंब वस्तु की तुलना में कितना बड़ा है। यह प्रतिबिंब ऊँचाई (hh') एवं वस्तु ऊँचाई (hh) का अनुपात है, तथा vvuu से भी संबंधित है: m=hh=vum = \frac{h'}{h} = -\frac{v}{u}

mm का चिह्न एवं आकार पढ़ना:

  • mm ऋणात्मक → प्रतिबिंब वास्तविक एवं उल्टा
  • mm धनात्मक → प्रतिबिंब आभासी एवं सीधा
  • m>1|m| > 1 → बड़ा; m<1|m| < 1 → छोटा; m=1|m| = 1 → बराबर आकार।

मुख्य बिंदु: दर्पण के लिए m=vum = -\dfrac{v}{u}ऋण चिह्न सूत्र का भाग है — इसे कभी न छोड़ें।

स्मृति कैप्सूल — खंड 3

त्वरित पुनरावृत्ति: चिह्न परिपाटी, दर्पण सूत्र, आवर्धन।

1. चिह्न नियम: वस्तु बाईं ओर; P से मापें; दाईं = +, बाईं = -; ऊपर = +, नीचे = -। 2. uu सदैव ऋणात्मक; अवतल ff ऋणात्मक, उत्तल ff धनात्मक 3. दर्पण सूत्र: 1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f} (जोड़ पर ध्यान)। *4. f=R/2f = R/2 *5. आवर्धन: m=hh=vum = \frac{h'}{h} = -\frac{v}{u}m<0m<0 वास्तविक/उल्टा; m>0m>0 आभासी/सीधा; m>1|m|>1 बड़ा।*

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — उत्तल पश्च-दृश्य दर्पण (उदाहरण 9.1)

पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में प्रयुक्त उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 3.00 m है। एक बस दर्पण से 5.00 m पर है। प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति एवं आकार ज्ञात कीजिए।

हल: दिया: R=+3.00R = +3.00 m (उत्तल), u=5.00u = -5.00 m। फोकस दूरी f=R/2=+1.50f = R/2 = +1.50 m।

दर्पण सूत्र: 1v=1f1u=11.50+15.00\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{f} - \dfrac{1}{u} = \dfrac{1}{1.50} + \dfrac{1}{5.00}

1v=5.00+1.507.50=6.507.50v=+1.15 m\frac{1}{v} = \frac{5.00 + 1.50}{7.50} = \frac{6.50}{7.50} \Rightarrow v = +1.15\ \text{m}

आवर्धन: m=vu=1.155.00=+0.23m = -\dfrac{v}{u} = -\dfrac{1.15}{-5.00} = +0.23

प्रतिबिंब दर्पण के 1.15 m पीछे, आभासी, सीधा एवं छोटा (लगभग 0.23 गुना) है।

सार: धनात्मक v एवं धनात्मक m आभासी, सीधे प्रतिबिंब की पुष्टि करते हैं।

उदाहरण 2: NCERT — अवतल दर्पण, वास्तविक प्रतिबिंब (उदाहरण 9.2)

4.0 cm लंबी वस्तु अवतल दर्पण (फोकस दूरी 15.0 cm) के सामने 25.0 cm पर रखी है। प्रतिबिंब दूरी, प्रकृति एवं आकार ज्ञात कीजिए।

हल: दिया: h=+4.0h = +4.0 cm, u=25.0u = -25.0 cm, f=15.0f = -15.0 cm (अवतल)।

1v=1f1u=115.0+125.0\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{f} - \dfrac{1}{u} = -\dfrac{1}{15.0} + \dfrac{1}{25.0}

1v=5.0+3.075.0=2.075.0v=37.5 cm\frac{1}{v} = \frac{-5.0 + 3.0}{75.0} = \frac{-2.0}{75.0} \Rightarrow v = -37.5\ \text{cm}

अतः परदा दर्पण के 37.5 cm सामने रखें एवं प्रतिबिंब वास्तविक है।

ऊँचाई: h=vuh=(37.5)(25.0)(4.0)=6.0h' = -\dfrac{v}{u}\,h = -\dfrac{(-37.5)}{(-25.0)}(4.0) = -6.0 cm।

प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा एवं बड़ा, 6.0 cm लंबा है।

सार: ऋणात्मक v (वास्तविक) एवं ऋणात्मक h' (उल्टा) — अंत में प्रकृति व आकार अवश्य बताएँ।

उदाहरण 3: NCERT — उत्तल दर्पण की फोकस दूरी

उस उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी वक्रता त्रिज्या 32 cm है।

हल: f=R2=32 cm2=16 cmf = \frac{R}{2} = \frac{32\ \text{cm}}{2} = 16\ \text{cm}

(चिह्न परिपाटी से उत्तल दर्पण की फोकस दूरी +16 cm ली जाती है।)

सार: f = R/2 से 16 cm; उत्तल दर्पण के लिए चिह्न धनात्मक।

उदाहरण 4: NCERT — 3× बड़ा वास्तविक प्रतिबिंब का स्थान

अवतल दर्पण सामने 10 cm पर रखी वस्तु का तीन-गुना बड़ा वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब कहाँ है?

हल: वास्तविक प्रतिबिंब के लिए आवर्धन ऋणात्मक: m=3m = -3। साथ ही m=vum = -\dfrac{v}{u}, u=10u = -10 cm।

3=v10=v10v=30 cm-3 = -\frac{v}{-10} = \frac{v}{10} \Rightarrow v = -30\ \text{cm}

प्रतिबिंब दर्पण के 30 cm सामने है (वास्तविक, वस्तु की ओर)।

सार: वास्तविक प्रतिबिंब → m ऋणात्मक। यहाँ v = -30 cm वास्तविक प्रतिबिंब की पुष्टि करता है।

उदाहरण 5: NCERT अभ्यास — उत्तल दर्पण संख्यात्मक

उत्तल दर्पण (फोकस दूरी 15 cm) से 10 cm पर एक वस्तु रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति एवं प्रकृति ज्ञात कीजिए।

हल: दिया: u=10u = -10 cm, f=+15f = +15 cm (उत्तल)।

1v=1f1u=115+110=2+330=530\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{f} - \dfrac{1}{u} = \dfrac{1}{15} + \dfrac{1}{10} = \dfrac{2 + 3}{30} = \dfrac{5}{30}

v=+6 cmv = +6\ \text{cm}

प्रतिबिंब दर्पण के 6 cm पीछे है। vv धनात्मक होने से प्रतिबिंब आभासी एवं सीधा (एवं छोटा) है।

सार: उत्तल दर्पण सदैव धनात्मक v देता है → आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब।

उदाहरण 6: NCERT अभ्यास — अवतल दर्पण, परदा दूरी

7.0 cm लंबी वस्तु अवतल दर्पण (फोकस दूरी 18 cm) के सामने 27 cm पर रखी है। तीव्र प्रतिबिंब हेतु परदा कितनी दूरी पर रखें? आकार व प्रकृति ज्ञात कीजिए।

हल: दिया: h=+7.0h = +7.0 cm, u=27u = -27 cm, f=18f = -18 cm।

1v=118+127=3+254=154\dfrac{1}{v} = -\dfrac{1}{18} + \dfrac{1}{27} = \dfrac{-3 + 2}{54} = \dfrac{-1}{54}

v=54 cmv = -54\ \text{cm}

परदा दर्पण के 54 cm सामने रखें; प्रतिबिंब वास्तविक है।

ऊँचाई: h=vuh=(54)(27)(7.0)=14.0h' = -\dfrac{v}{u}\,h = -\dfrac{(-54)}{(-27)}(7.0) = -14.0 cm।

प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा एवं बड़ा, 14.0 cm लंबा है।

सार: हर चरण चिह्नों सहित दिखाएँ — ऋणात्मक v व h' वास्तविक, उल्टा, बड़ा प्रतिबिंब देते हैं।