इस खंड के बारे में

यह अध्याय 9 के हर विषय को समेटते हुए 30+ हल किए गए उदाहरणों का संग्रह है — गोलीय दर्पण, दर्पण सूत्र एवं आवर्धन, अपवर्तन एवं अपवर्तनांक, लेंस, लेंस सूत्र, तथा लेंस की क्षमता। सभी NCERT प्रश्न पूर्ण चिह्न-परिपाटी सहित यहाँ हल हैं।

बोर्ड तैयारी सुझाव:

  1. सदैव दिए आँकड़े सही चिह्नों सहित पहले लिखें।
  2. याद रखें: दर्पण सूत्र में जोड़; लेंस सूत्र में घटाव
  3. हर संख्यात्मक के अंत में प्रकृति (वास्तविक/आभासी, सीधा/उल्टा, बड़ा/छोटा) बताएँ।
  4. सभी NCERT अभ्यास हल करें।

आरंभ करें!

उदाहरण 1: NCERT — त्रिज्या से फोकस दूरी

किसी गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है। फोकस दूरी क्या है?

हल: f=R2=202=10f = \dfrac{R}{2} = \dfrac{20}{2} = 10 cm।

उदाहरण 2: NCERT — उत्तल दर्पण की फोकस दूरी

32 cm वक्रता त्रिज्या के उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।

हल: f=R2=322=16f = \dfrac{R}{2} = \dfrac{32}{2} = 16 cm (उत्तल दर्पण हेतु धनात्मक)।

उदाहरण 3: NCERT — 3× बड़ा वास्तविक प्रतिबिंब

अवतल दर्पण 10 cm पर रखी वस्तु का 3× बड़ा वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब कहाँ है?

हल: वास्तविक प्रतिबिंब ⇒ m=3=vum = -3 = -\dfrac{v}{u}, u=10u = -10 cm। अतः v=30v = -30 cm — प्रतिबिंब दर्पण के 30 cm सामने

उदाहरण 4: NCERT — उत्तल पश्च-दृश्य दर्पण

R = 3.00 m के उत्तल दर्पण से बस 5.00 m पर है। प्रतिबिंब ज्ञात कीजिए।

हल: f=+1.50f = +1.50 m, u=5.00u = -5.00 m। 1v=11.50+15.00=6.57.5\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{1.50} + \dfrac{1}{5.00} = \dfrac{6.5}{7.5}, अतः v=+1.15v = +1.15 m। m=vu=+0.23m = -\dfrac{v}{u} = +0.23। प्रतिबिंब आभासी, सीधा, छोटा, दर्पण के 1.15 m पीछे।

उदाहरण 5: NCERT — अवतल दर्पण, परदा स्थिति

4.0 cm वस्तु अवतल दर्पण (f = 15.0 cm) के सामने 25.0 cm पर। v, प्रकृति व आकार ज्ञात कीजिए।

हल: u=25u=-25, f=15f=-151v=115+125=275\dfrac{1}{v} = -\dfrac{1}{15}+\dfrac{1}{25} = \dfrac{-2}{75}, अतः v=37.5v=-37.5 cm (वास्तविक)। h=vuh=6.0h' = -\dfrac{v}{u}h = -6.0 cm। वास्तविक, उल्टा, बड़ा, 6.0 cm, परदा 37.5 cm पर।

उदाहरण 6: NCERT अभ्यास — उत्तल दर्पण, वस्तु 10 cm पर

उत्तल दर्पण (f = 15 cm) से 10 cm पर वस्तु। स्थिति व प्रकृति ज्ञात कीजिए।

हल: u=10u=-10, f=+15f=+151v=115+110=530\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{15}+\dfrac{1}{10} = \dfrac{5}{30}, अतः v=+6v = +6 cm। प्रतिबिंब आभासी, सीधा, छोटा, दर्पण के 6 cm पीछे।

उदाहरण 7: NCERT अभ्यास — उत्तल दर्पण, 5 cm वस्तु

5.0 cm वस्तु उत्तल दर्पण (R = 30 cm) के सामने 20 cm पर। स्थिति, प्रकृति, आकार ज्ञात कीजिए।

हल: f=R/2=+15f = R/2 = +15 cm, u=20u=-201v=115+120=760\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{15}+\dfrac{1}{20} = \dfrac{7}{60}, अतः v=+8.57v = +8.57 cm। m=vu=+0.43m = -\dfrac{v}{u} = +0.43, h=+2.15h' = +2.15 cm। आभासी, सीधा, छोटा, ~2.2 cm, 8.6 cm पीछे।

उदाहरण 8: NCERT अभ्यास — अवतल दर्पण, 7 cm वस्तु

7.0 cm वस्तु अवतल दर्पण (f = 18 cm) के सामने 27 cm पर। परदा दूरी, आकार व प्रकृति ज्ञात कीजिए।

हल: u=27u=-27, f=18f=-181v=118+127=154\dfrac{1}{v} = -\dfrac{1}{18}+\dfrac{1}{27}=\dfrac{-1}{54}, अतः v=54v=-54 cm (वास्तविक)। h=vuh=14h' = -\dfrac{v}{u}h = -14 cm। वास्तविक, उल्टा, बड़ा, 14 cm, परदा 54 cm पर।

उदाहरण 9: NCERT — मुख्य फोकस परिभाषित कीजिए (अवतल दर्पण)

अवतल दर्पण का मुख्य फोकस परिभाषित कीजिए।

हल: यह मुख्य अक्ष पर वह बिंदु है जहाँ मुख्य अक्ष के समांतर किरणें अवतल दर्पण से परावर्तन के बाद अभिसरित होती हैं।

उदाहरण 10: NCERT — सीधा, बड़ा प्रतिबिंब देने वाला दर्पण

सीधा, बड़ा प्रतिबिंब देने वाले दर्पण का नाम लिखिए।

हल: अवतल दर्पण, वस्तु ध्रुव व फोकस के बीच रखने पर (शेविंग/दंत-चिकित्सक दर्पण के रूप में उपयोग)।

उदाहरण 11: NCERT — पश्च-दृश्य के रूप में उत्तल दर्पण

पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण क्यों पसंद?

हल: यह सदैव सीधा, छोटा प्रतिबिंब एवं चौड़ा दृष्टि-क्षेत्र देता है, अतः चालक पीछे का बड़ा क्षेत्र देखता है।

उदाहरण 12: NCERT अभ्यास — अवतल दर्पण प्रतिबिंब (आभासी, सीधा, बड़ा)

अवतल दर्पण आभासी, सीधा, बड़ा प्रतिबिंब देता है। वस्तु कहाँ है? (a) F व C के बीच (b) C पर (c) C के परे (d) P व F के बीच।

हल: (d) ध्रुव P व फोकस F के बीच — यही एकमात्र स्थिति जो आभासी, सीधा, बड़ा प्रतिबिंब देती है।

उदाहरण 13: NCERT अभ्यास — -15 cm फोकस दूरी दर्पण एवं लेंस

एक गोलीय दर्पण एवं एक पतले लेंस की फोकस दूरी -15 cm है। वे संभवतः हैं — ?

हल: दोनों अवतल। ऋणात्मक फोकस दूरी का अर्थ है अवतल दर्पण एवं अवतल लेंस (चिह्न परिपाटी से)।

उदाहरण 14: NCERT अभ्यास — सदैव-सीधा प्रतिबिंब दर्पण

चाहे कितनी भी दूर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब सीधा है। दर्पण है —?

हल: या तो समतल या उत्तल — दोनों सदैव सीधा प्रतिबिंब देते हैं (अवतल दर्पण सीधा प्रतिबिंब केवल F के भीतर वस्तु के लिए देता है)।

उदाहरण 15: NCERT अभ्यास — समतल दर्पण का आवर्धन

समतल दर्पण का आवर्धन +1 है। इसका क्या अर्थ है?

हल: प्रतिबिंब वस्तु के बराबर आकार (m=1|m|=1) एवं आभासी व सीधा (धनात्मक चिह्न) है। समतल दर्पण न बड़ा करता है, न उल्टा।

उदाहरण 16: NCERT — वायु से जल में झुकाव

किरण वायु से तिरछे जल में जाती है। किस ओर झुकती है? क्यों?

हल: अभिलंब की ओर, क्योंकि जल वायु से प्रकाशिक रूप से सघन है, अतः प्रकाश धीमा हो जाता है (विरल → सघन)।

उदाहरण 17: NCERT — काँच में प्रकाश की चाल

काँच का अपवर्तनांक 1.50 है। उसमें प्रकाश की चाल ज्ञात कीजिए (c=3×108c = 3\times10^8 m/s)।

हल: v=cn=3×1081.50=2×108v = \dfrac{c}{n} = \dfrac{3\times10^8}{1.50} = 2\times10^8 m/s।

उदाहरण 18: NCERT — n = 2.42 (हीरा) का अर्थ

'हीरे का अपवर्तनांक = 2.42' का क्या अर्थ है?

हल: प्रकाश निर्वात/वायु में हीरे की अपेक्षा 2.42 गुना तेज़ चलता है (हीरा सामान्य माध्यमों में प्रकाशिक रूप से सबसे सघन है)।

उदाहरण 19: NCERT — सबसे तेज़ माध्यम

केरोसीन (1.44), तारपीन (1.47) या जल (1.33) में प्रकाश सबसे तेज़ कहाँ?

हल: जल में, क्योंकि इसका अपवर्तनांक सबसे कम है (v=c/nv = c/n; सबसे कम n ⇒ सबसे अधिक चाल)।

उदाहरण 20: NCERT — सर्वाधिक एवं न्यूनतम प्रकाशिक घनत्व

सारणी से किस माध्यम का प्रकाशिक घनत्व सर्वाधिक एवं किसका न्यूनतम है?

हल: हीरा (n = 2.42) का सर्वाधिक; वायु (n = 1.0003) का न्यूनतम।

उदाहरण 21: चालों से अपवर्तनांक

माध्यम 1 में चाल 2.4×1082.4\times10^8 m/s एवं माध्यम 2 में 2.0×1082.0\times10^8 m/s। n21n_{21} ज्ञात कीजिए।

हल: n21=v1v2=2.4×1082.0×108=1.2n_{21} = \dfrac{v_1}{v_2} = \dfrac{2.4\times10^8}{2.0\times10^8} = 1.2

उदाहरण 22: काँच स्लैब से निर्गत किरण

काँच स्लैब से निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर क्यों?

हल: पहली सतह पर अभिलंब की ओर एवं दूसरी (समांतर) सतह पर अभिलंब से दूर झुकाव बराबर एवं विपरीत होते हैं, अतः निर्गत किरण आपतित के समांतर, केवल पार्श्व-खिसकी।

उदाहरण 23: NCERT — अवतल लेंस संख्यात्मक

अवतल लेंस f = 15 cm 10 cm पर प्रतिबिंब बनाता है। वस्तु दूरी व आवर्धन ज्ञात कीजिए।

हल: v=10v=-10, f=15f=-151u=110+115=130\dfrac{1}{u} = -\dfrac{1}{10}+\dfrac{1}{15} = -\dfrac{1}{30}, अतः u=30u=-30 cm। m=vu=+0.33m = \dfrac{v}{u} = +0.33 (आभासी, सीधा, छोटा)।

उदाहरण 24: NCERT — उत्तल लेंस संख्यात्मक

2.0 cm वस्तु उत्तल लेंस (f = 10 cm) से 15 cm पर। v, m, आकार, प्रकृति ज्ञात कीजिए।

हल: u=15u=-15, f=+10f=+101v=110115=130\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{10}-\dfrac{1}{15}=\dfrac{1}{30}, अतः v=+30v=+30 cm। m=vu=2m = \dfrac{v}{u} = -2, h=4.0h' = -4.0 cm। वास्तविक, उल्टा, बड़ा (2×), 4 cm, 30 cm दूसरी ओर।

उदाहरण 25: NCERT अभ्यास — अभिसारी लेंस, वस्तु 25 cm पर

5 cm वस्तु अभिसारी लेंस (f = 10 cm) से 25 cm पर। प्रतिबिंब ज्ञात कीजिए।

हल: u=25u=-25, f=+10f=+101v=110125=350\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{10}-\dfrac{1}{25} = \dfrac{3}{50}, अतः v=+16.7v=+16.7 cm। m=0.67m = -0.67, h=3.3h' = -3.3 cm। वास्तविक, उल्टा, छोटा, ~3.3 cm।

उदाहरण 26: NCERT अभ्यास — अवतल लेंस, प्रतिबिंब 10 cm पर

अवतल लेंस f = 15 cm 10 cm पर प्रतिबिंब बनाता है। वस्तु दूरी ज्ञात कीजिए।

हल: v=10v=-10, f=15f=-151u=110+115=130\dfrac{1}{u} = -\dfrac{1}{10}+\dfrac{1}{15} = -\dfrac{1}{30}, अतः u=30u=-30 cm।

उदाहरण 27: NCERT — 1 डाइऑप्टर परिभाषित कीजिए

1 डाइऑप्टर परिभाषित कीजिए।

हल: एक डाइऑप्टर उस लेंस की क्षमता है जिसकी फोकस दूरी 1 मीटर हो; 1 D=1 m11\ \text{D} = 1\ \text{m}^{-1}

उदाहरण 28: NCERT — अवतल लेंस की क्षमता (f = 2 m)

2 m फोकस दूरी के अवतल लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए।

हल: f=2f = -2 m, अतः P=1f=12=0.5P = \dfrac{1}{f} = \dfrac{1}{-2} = -0.5 D।

उदाहरण 29: NCERT अभ्यास — -2.0 D से फोकस दूरी

-2.0 D क्षमता के लेंस की फोकस दूरी एवं प्रकार ज्ञात कीजिए।

हल: f=12.0=0.5f = \dfrac{1}{-2.0} = -0.5 m =50= -50 cm; यह अवतल लेंस है।

उदाहरण 30: NCERT अभ्यास — सुधार-लेंस +1.5 D

+1.5 D क्षमता का लेंस। फोकस दूरी एवं प्रकार ज्ञात कीजिए।

हल: f=11.5=+0.67f = \dfrac{1}{1.5} = +0.67 m +67\approx +67 cm; यह उत्तल (अभिसारी) लेंस है।

उदाहरण 31: NCERT — वास्तविक, बराबर-आकार प्रतिबिंब (उत्तल लेंस)

उत्तल लेंस से वस्तु के बराबर आकार का वास्तविक प्रतिबिंब पाने हेतु वस्तु कहाँ रखें?

हल: 2F₁ (फोकस दूरी की दुगुनी) पर। प्रतिबिंब 2F₂ पर, बराबर आकार, वास्तविक व उल्टा बनता है।

उदाहरण 32: लेंसों का संयोजन

+2.0 D एवं +0.25 D के दो लेंस संपर्क में हैं। कुल क्षमता व फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।

हल: P=2.0+0.25=+2.25P = 2.0 + 0.25 = +2.25 D; f=12.25+0.44f = \dfrac{1}{2.25} \approx +0.44 m (उत्तल संयोजन)।

उदाहरण 33: उत्तल लेंस, वस्तु 2F पर

f = 10 cm के उत्तल लेंस से 20 cm पर वस्तु। v एवं आवर्धन ज्ञात कीजिए।

हल: u=20u=-20, f=+10f=+101v=110120=120\dfrac{1}{v} = \dfrac{1}{10}-\dfrac{1}{20} = \dfrac{1}{20}, अतः v=+20v=+20 cm। m=vu=1m = \dfrac{v}{u} = -1 (वास्तविक, उल्टा, बराबर आकार — वस्तु 2F पर)।