इस खंड के बारे में
इस खंड में अध्याय 5 से बोर्ड परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्न (CBSE और राज्य बोर्ड) आदर्श उत्तरों सहित संकलित हैं, ताकि परीक्षा में अपेक्षित पैटर्न और गहराई को दिखाया जा सके।
बोर्ड PYQ — अति लघु उत्तर (1 अंक)
Q1. सुलेख (calligraphy) क्या है? उत्तर. सुंदर और शैलीबद्ध लेखन की कला।
Q2. काष्ठ-खंड छपाई का ज्ञान यूरोप में कौन लाया? उत्तर. मार्को पोलो।
Q3. बिब्लियोथेक ब्लू (Bibliotheque Bleue) क्या थी? उत्तर. फ्रांस में नीले आवरण में बँधी सस्ती, कम कीमत वाली छोटी पुस्तकें।
बोर्ड PYQ — लघु उत्तर (3 अंक)
Q4. छपाई क्रांति ने एक नया पाठक वर्ग क्यों बनाया? उत्तर. छपाई ने पुस्तकें बनाने की लागत और श्रम को घटा दिया, जिससे अनेक प्रतियाँ बन सकीं और पुस्तकें बाज़ार में भर गईं, जो कहीं अधिक लोगों तक पहुँचीं। पहले पढ़ना कुलीनों तक सीमित था; अब सस्ती, प्रचुर पुस्तकों — और ऊँचे स्वर में पढ़े जाने वाले सचित्र गीतों — ने एक नया और व्यापक पाठक वर्ग बनाया।
Q5. छपाई ने किस प्रकार समुदायों को जोड़ने और अखिल भारतीय पहचानें बनाने में मदद की? उत्तर. समाचारपत्र एक स्थान से दूसरे स्थान तक समाचार पहुँचाते थे, जिससे भारत के विभिन्न भागों के लोग साझा घटनाओं के बारे में जानते और विचारों को साझा करते थे। सूचना के इस प्रवाह ने समुदायों को जोड़ा और अखिल भारतीय पहचान की भावना बनाने में मदद की।
बोर्ड PYQ — लघु उत्तर (3 अंक)
Q6. उन्नीसवीं सदी के भारत में गरीब लोगों के लिए छापाखाना संस्कृति के क्या प्रभाव थे? उत्तर. बहुत सस्ती पुस्तकें बाज़ारों में गरीबों तक पहुँचीं (जैसे मद्रास में), और सार्वजनिक पुस्तकालयों ने पहुँच बढ़ाई। छपाई ने जाति की नाइंसाफी के विरुद्ध विरोध को आवाज़ दी — ज्योतिबा फुले की गुलामगिरी (1871), और बाद में अंबेडकर और पेरियार — तथा मिल मज़दूरों ने स्व-शिक्षा के लिए पुस्तकालय स्थापित किए।
Q7. गांधी ने क्यों कहा कि स्वराज की लड़ाई वाणी, प्रेस और संगठन की स्वतंत्रता की लड़ाई है? उत्तर. क्योंकि गांधी इन तीनों को जनमत को व्यक्त करने और विकसित करने के शक्तिशाली माध्यम मानते थे। औपनिवेशिक सरकार इन्हें कुचलने का प्रयास कर रही थी, इसलिए गांधी के लिए इस संकटग्रस्त स्वतंत्रता की रक्षा करना ही स्वराज की लड़ाई के लिए अनिवार्य था।
बोर्ड PYQ — दीर्घ उत्तर (5 अंक)
Q8. उन्नीसवीं सदी के भारत में धार्मिक सुधार आंदोलनों और सार्वजनिक बहसों को आकार देने में छपाई की भूमिका समझाइए। उत्तर. विधवा-दहन, मूर्तिपूजा और ब्राह्मणीय पुरोहितवाद जैसे मुद्दों पर बहसें सार्वजनिक रूप से और छपाई में चलाई गईं। राममोहन राय ने संबाद कौमुदी (1821) प्रकाशित की और रूढ़िवादियों ने समाचार चंद्रिका (Samachar Chandrika) से उत्तर दिया। उलमा ने लिथोग्राफिक प्रेस का उपयोग किया, और देवबंद मदरसा (1867) ने फतवे जारी किए; रामचरितमानस (1810 में छपी) जैसी हिंदू पुस्तकें सस्ते दामों पर बिकीं। इस प्रकार छपाई ने व्यापक जनता को बहसों में शामिल होने दिया, और नए धार्मिक विचारों को फैलाया और आकार दिया।
Q9. उन्नीसवीं और बीसवीं सदी के आरंभ में छपाई तकनीक के विकास को समझाइए। उत्तर. धातु के प्रेस ने लकड़ी के प्रेस की जगह ली; रिचर्ड एम. हो (Richard M. Hoe) ने शक्ति-चालित बेलनाकार प्रेस को उत्तम बनाया (8,000 शीट/घंटा, समाचारपत्रों के लिए उपयोगी); ऑफ़सेट प्रेस छह रंगों में छाप सकता था; और बीसवीं सदी के आरंभ से विद्युत प्रेस आए। प्रकाशकों ने उपन्यासों को धारावाहिक रूप में भी छापा, सस्ती 'शिलिंग सीरीज़' बेची और महामंदी के दौरान सस्ती पेपरबैक निकालीं।