पाठक के रूप में बच्चे
उन्नीसवीं शताब्दी में यूरोप में जन-साक्षरता में विशाल छलाँगें देखी गईं, जिससे बच्चों, महिलाओं और मज़दूरों के बीच नए पाठक सामने आए।
जैसे-जैसे उन्नीसवीं शताब्दी के अंत से प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य होती गई, बच्चे पाठकों की एक महत्वपूर्ण श्रेणी बन गए, और स्कूली पाठ्यपुस्तकें प्रकाशन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गईं। केवल बच्चों के लिए साहित्य को समर्पित एक बाल प्रेस (children's press) की स्थापना 1857 में फ़्रांस में हुई। जर्मनी में ग्रिम बंधुओं (Grimm Brothers) ने किसानों से पारंपरिक लोककथाएँ संकलित करने में वर्षों बिताए, अनुपयुक्त समझी जाने वाली किसी भी बात को हटाते हुए, और 1812 में एक संग्रह प्रकाशित किया — इस प्रकार छपाई ने पुरानी कहानियों को दर्ज भी किया और उन्हें बदला भी।
पाठक के रूप में महिलाएँ और मज़दूर
महिलाएँ पाठक और लेखक के रूप में महत्वपूर्ण बन गईं। पेनी पत्रिकाएँ (penny magazines) और गृह-प्रबंधन पर पुस्तिकाएँ उनके लिए बनाई गईं, और जब उपन्यास लिखे जाने लगे, तो महिलाओं को महत्वपूर्ण पाठक के रूप में देखा गया। कुछ सबसे प्रसिद्ध उपन्यासकार महिलाएँ थीं — जेन ऑस्टेन (Jane Austen), ब्रॉन्टे बहनें (Bronte sisters) और जॉर्ज एलियट (George Eliot) — जिनके लेखन ने इच्छाशक्ति और सशक्त व्यक्तित्व वाली एक नए प्रकार की महिला को परिभाषित किया।
वाचनालय (लेंडिंग लाइब्रेरी / lending libraries) (जो सत्रहवीं शताब्दी से मौजूद थे) उन्नीसवीं शताब्दी में सफेदपोश कर्मचारियों, कारीगरों और निम्न-मध्यम वर्ग को शिक्षित करने के साधन बन गए। जैसे-जैसे कार्य-दिवस छोटा हुआ, मज़दूरों के पास स्व-शिक्षा और आत्म-अभिव्यक्ति का समय आया, और वे राजनीतिक पर्चे और आत्मकथाएँ लिखने लगे (रूसी लेखक मैक्सिम गोर्की (Maxim Gorky) की 'मेरा बचपन' (My Childhood) ऐसे संघर्षों की एक झलक देती है)।
छपाई में और नवाचार
उन्नीसवीं शताब्दी के दौरान छपाई तकनीक में नवाचारों की एक शृंखला हुई:
- अठारहवीं शताब्दी के अंत तक छापाखाना धातु का बना था।
- उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य तक, न्यूयॉर्क के रिचर्ड एम. हो (Richard M. Hoe) ने शक्ति-चालित बेलनाकार छापाखाने को उत्तम बना दिया, जो प्रति घंटे 8,000 शीट छापता था — जो विशेष रूप से समाचारपत्रों के लिए उपयोगी था।
- ऑफसेट प्रेस (offset press) एक बार में छह रंगों तक छाप सकता था।
- बीसवीं शताब्दी के आरंभ से, बिजली से चलने वाले छापाखानों ने छपाई को तेज़ कर दिया।
मुद्रकों ने नई बिक्री की रणनीतियाँ भी विकसित कीं: उन्नीसवीं शताब्दी की पत्रिकाओं ने उपन्यासों को धारावाहिक रूप में छापा; 1920 के दशक में इंग्लैंड में सस्ती 'शिलिंग सीरीज़' (Shilling Series) आई; धूल-आवरण (डस्ट कवर / book jacket) बीसवीं शताब्दी का एक नवाचार था; और 1930 के दशक की महामंदी (Great Depression) के साथ, प्रकाशकों ने बिक्री बनाए रखने के लिए सस्ते पेपरबैक (paperback) संस्करण निकाले।
प्रश्न और उत्तर
Q1. उन्नीसवीं शताब्दी में बच्चे पाठकों की एक महत्वपूर्ण श्रेणी कैसे बन गए? उत्तर. जैसे-जैसे उन्नीसवीं शताब्दी के अंत से प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य होती गई, बच्चे महत्वपूर्ण पाठक बन गए, और स्कूली पाठ्यपुस्तकें प्रकाशकों के लिए अत्यंत आवश्यक हो गईं। 1857 में फ़्रांस में एक बाल प्रेस (children's press) की स्थापना हुई, और ग्रिम बंधुओं (Grimm Brothers) ने 1812 में संपादित लोककथाओं का एक संग्रह प्रकाशित किया।
Q2. उन्नीसवीं शताब्दी की छपाई संस्कृति में महिलाओं ने क्या भूमिका निभाई? उत्तर. महिलाएँ पाठक और लेखक के रूप में महत्वपूर्ण थीं। पेनी पत्रिकाएँ (penny magazines) और गृह-प्रबंधन की पुस्तिकाएँ उनके लिए बनाई गईं, और जेन ऑस्टेन (Jane Austen) और ब्रॉन्टे बहनों (Bronte sisters) जैसी प्रसिद्ध उपन्यासकार महिलाएँ थीं, जिनके लेखन ने इच्छाशक्ति और सशक्त व्यक्तित्व वाली एक नए प्रकार की महिला को परिभाषित किया।
प्रश्न और उत्तर (जारी)
Q3. उन्नीसवीं शताब्दी में छपाई संस्कृति मज़दूरों तक कैसे पहुँची? उत्तर. वाचनालय (लेंडिंग लाइब्रेरी) सफेदपोश कर्मचारियों, कारीगरों और निम्न-मध्यम वर्ग को शिक्षित करने के साधन बन गए। जैसे-जैसे कार्य-दिवस छोटा हुआ, मज़दूरों को स्व-शिक्षा का समय मिला और उन्होंने राजनीतिक पर्चे और आत्मकथाएँ लिखीं — जैसा मैक्सिम गोर्की (Maxim Gorky) की 'मेरा बचपन' (My Childhood) में झलकता है।
Q4. उन्नीसवीं शताब्दी में छपाई तकनीक में दो महत्वपूर्ण नवाचारों का वर्णन कीजिए। उत्तर. (1) रिचर्ड एम. हो (Richard M. Hoe) ने शक्ति-चालित बेलनाकार छापाखाने (लगभग 8,000 शीट प्रति घंटे) को उत्तम बनाया, जो समाचारपत्रों के लिए उपयोगी था; और (2) ऑफसेट प्रेस (offset press) एक बार में छह रंगों तक छाप सकता था। (बीसवीं शताब्दी के आरंभ से बिजली के छापाखाने आए।)
प्रश्न और उत्तर (जारी)
Q5. प्रकाशकों ने कौन-सी बिक्री की रणनीतियाँ विकसित कीं, और महामंदी (Great Depression) ने उन्हें कैसे प्रभावित किया? उत्तर. प्रकाशकों ने पत्रिकाओं में उपन्यासों को धारावाहिक रूप में छापा, सस्ती 'शिलिंग सीरीज़' (Shilling Series) (1920 के दशक) बेची, और धूल-आवरण (डस्ट कवर) की शुरुआत की। 1930 के दशक की महामंदी (Great Depression) के साथ, बिक्री में गिरावट के डर से, उन्होंने खरीदारी बनाए रखने के लिए सस्ते पेपरबैक (paperback) संस्करण निकाले।