अध्याय सारांश
यह खंड पूरे अध्याय 5 — छापाखाना संस्कृति और आधुनिक विश्व — का संक्षिप्त पुनरावलोकन है। बोर्ड परीक्षा से पहले अंतिम समय की पुनरावृत्ति के लिए इसका उपयोग करें।
छपाई का एक लंबा इतिहास है जिसने आधुनिक विश्व को आकार दिया। सबसे पहली हस्त-छपाई चीन, जापान और कोरिया से आई (काष्ठ-खंड 594 ई. से; डायमंड सूत्र, 868 ई.)। छपाई चीनी कागज़ और मार्को पोलो (1295) के ज़रिए यूरोप पहुँची, और योहान गुटेनबर्ग के छापाखाने (1430 का दशक) ने — चल धातु टाइप और पहली पुस्तक के रूप में बाइबिल के साथ — छपाई क्रांति को जन्म दिया।
यूरोप में छपाई का प्रभाव
- नया पाठक वर्ग: पुस्तकें सस्ती और प्रचुर हुईं; मौखिक और पाठक संस्कृतियाँ आपस में घुल-मिल गईं।
- धार्मिक बहस और छपाई का भय: मार्टिन लूथर की पंचानबे स्थापनाएँ (1517) → धर्मसुधार; मेनोकियो; प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची (1558)।
- पढ़ने का उन्माद (17वीं-18वीं सदी): साक्षरता बढ़ी (60-80%); चैपबुक, बिब्लियोथेक ब्लू, पत्रिकाएँ; मर्सिए (Mercier) — 'काँपो, दुनिया के तानाशाहो!'
- फ्रांसीसी क्रांति: छपाई ने प्रबोधन के विचारों (वॉल्तेयर, रूसो) को लोकप्रिय बनाया, बहस की संस्कृति बनाई, और राजपरिवार का मज़ाक उड़ाने वाला साहित्य फैलाया — पर छपाई ने मनों को निर्देशित करने के बजाय संभावनाएँ खोलीं।
- उन्नीसवीं सदी: नए पाठक — बच्चे (ग्रिम; बाल प्रेस 1857), महिलाएँ (ऑस्टेन, ब्रॉन्टे), मज़दूर (उधार पुस्तकालय); हो का बेलनाकार प्रेस, ऑफ़सेट, सस्ती पेपरबैक।
भारत और छपाई की दुनिया
- पांडुलिपियाँ: समृद्ध परंपरा (संस्कृत, अरबी, फ़ारसी, देशी भाषाएँ) पर महँगी, नाज़ुक, कम उपयोग में।
- छपाई भारत में आती है: गोवा में पुर्तगाली; पहली तमिल पुस्तक 1579; हिकी का बंगाल गजट (1780); पहला भारतीय संपादक गंगाधर भट्टाचार्य।
- धार्मिक सुधार और बहस: राममोहन राय — संबाद कौमुदी (1821); देवबंद मदरसा (1867) के फतवे; रामचरितमानस 1810 में छपी; समाचारपत्रों ने अखिल भारतीय पहचानें बनाईं।
नए रूप, समूह और सेंसरशिप
- नए रूप: उपन्यास, लघुकथाएँ, निबंध; दृश्य संस्कृति — राजा रवि वर्मा; व्यंग्यचित्र/कार्टून (1870 के दशक से)।
- महिलाएँ: पढ़ना बढ़ा; महिला विद्यालय; राससुंदरी देवी — आमार जीबोन (1876); ताराबाई शिंदे, पंडिता रमाबाई।
- गरीब और निचली जातियाँ: ज्योतिबा फुले — गुलामगिरी (1871); अंबेडकर, पेरियार; मज़दूरों के पुस्तकालय।
- सेंसरशिप: 1857 से पहले ढील (बेंटिंक/मैकॉले ने स्वतंत्रताएँ बहाल कीं, 1835); 1857 के बाद वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878); तिलक की केसरी → 1908 में जेल; गांधी — स्वराज का अर्थ है प्रेस की स्वतंत्रता।
त्वरित पुनरावृत्ति — अवश्य जानने योग्य तथ्य
- सबसे पहली छपाई: चीन, जापान, कोरिया (काष्ठ-खंड 594 ई. से); डायमंड सूत्र 868 ई.।
- मार्को पोलो 1295 में यूरोप में काष्ठ-खंड छपाई लाया।
- गुटेनबर्ग का छापाखाना (1430 का दशक); पहली पुस्तक = बाइबिल; चल धातु टाइप = छपाई क्रांति।
- मार्टिन लूथर की पंचानबे स्थापनाएँ (1517) → धर्मसुधार; प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची 1558।
- छपाई गोवा में पुर्तगालियों के ज़रिए भारत आई; हिकी का बंगाल गजट 1780।
- राममोहन राय — संबाद कौमुदी (1821); देवबंद मदरसा 1867; रामचरितमानस 1810 में छपी।
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट 1878; फुले की गुलामगिरी 1871; राससुंदरी देवी की आमार जीबोन 1876।
त्वरित पुनरावृत्ति — अक्सर भ्रमित करने वाले बिंदु
- काष्ठ-खंड छपाई (चीन) बनाम चल धातु टाइप (गुटेनबर्ग / जिकजी)।
- डायमंड सूत्र (सबसे पुरानी छपी पुस्तक) बनाम गुटेनबर्ग की बाइबिल (यूरोप की पहली छपी पुस्तक)।
- संबाद कौमुदी (राममोहन राय) बनाम समाचार चंद्रिका (हिंदू रूढ़िवादी)।
- चैपबुक (इंग्लैंड) बनाम बिब्लियोथेक ब्लू (फ्रांस)।
- श्रोता वर्ग (मौखिक संस्कृति) बनाम पाठक वर्ग (छपाई)।
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट 1878 (सेंसरशिप) बनाम बेंटिंक/मैकॉले 1835 (बहाल स्वतंत्रताएँ)।