प्रमेय 10.1 — कथन
भूमि पर लुढ़कते एक पहिये को फिर से देखिए: वह आरा (त्रिज्या) जो सड़क को स्पर्श करने वाले बिंदु तक पहुँचता है, सदैव सीधा ऊपर, सड़क के समकोण पर खड़ा रहता है। यही रोज़मर्रा का प्रेक्षण ठीक हमारा पहला प्रमेय है।
प्रमेय 10.1: किसी वृत्त के किसी भी बिंदु पर स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु से होकर जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है।
प्रतीकों में: यदि केंद्र वाले किसी वृत्त के बिंदु पर स्पर्श रेखा है, तो
यह पूरे अध्याय में सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला तथ्य है। लगभग हर वृत्त संबंधी प्रश्न इन शब्दों से आरंभ होता है: "त्रिज्या ⊥ स्पर्श रेखा।
प्रमेय 10.1 की उपपत्ति
दिया है: केंद्र वाला एक वृत्त और एक स्पर्श रेखा जो वृत्त को बिंदु पर स्पर्श करती है। सिद्ध करना है: ।
उपपत्ति। स्पर्श रेखा पर के अतिरिक्त कोई बिंदु लीजिए, और को मिलाइए।
चूँकि एक स्पर्श रेखा है, यह वृत्त को केवल पर मिलती है। अतः का हर अन्य बिंदु — सहित — वृत्त के बाहर स्थित होता है। (यदि अंदर होता, तो रेखा एक छेदक रेखा होती, स्पर्श रेखा नहीं।)
चूँकि वृत्त के बाहर है,
यह पर को छोड़कर हर बिंदु के लिए सत्य है। अतः से रेखा के बिंदुओं तक के सभी रेखाखंडों में, रेखाखंड सबसे छोटा है।
किंतु किसी बिंदु से किसी रेखा तक का सबसे छोटा रेखाखंड उस बिंदु से रेखा पर लंब होता है। अतः
मुख्य बिंदु: उपपत्ति का विचार यह है कि " केंद्र से रेखा तक की सबसे छोटी दूरी है, और सबसे छोटी दूरी लंब होती है।"

दो परिणाम जिनका आप निरंतर प्रयोग करेंगे
1. किसी बिंदु पर ठीक एक स्पर्श रेखा। चूँकि पर स्पर्श रेखा को पर लंब होना चाहिए, और से होकर पर केवल एक ही रेखा लंब होती है, अतः किसी वृत्त के उस पर स्थित किसी भी बिंदु पर केवल और केवल एक स्पर्श रेखा होती है।
2. अभिलंब केंद्र से होकर जाता है। स्पर्श बिंदु से होकर स्पर्श रेखा पर लंब खींची गई रेखा को अभिलंब कहते हैं। चूँकि त्रिज्या वहाँ पहले से ही स्पर्श रेखा पर लंब है, अभिलंब ठीक रेखा है — अतः अभिलंब सदैव केंद्र से होकर जाता है।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] "सिद्ध कीजिए कि स्पर्श रेखा के स्पर्श बिंदु पर खींचा गया लंब केंद्र से होकर जाता है" एक मानक 2-अंक का प्रश्न है — यह तो परिणाम 2 को उलटे रूप में कहना ही है।
स्पर्श रेखा की लंबाई — सूत्र
यह अध्याय का सबसे उपयोगी सूत्र है। मान लीजिए केंद्र और त्रिज्या वाले किसी वृत्त के बाहर एक बिंदु है, और , से खींची गई एक स्पर्श रेखा है जो वृत्त को पर स्पर्श करती है।
प्रमेय 10.1 के अनुसार, , अतः त्रिभुज पर समकोण है। मान लीजिए बाह्य बिंदु की केंद्र से दूरी है। पाइथागोरस प्रमेय से:
अतः स्पर्श रेखा की लंबाई है
जहाँ = बाह्य बिंदु की केंद्र से दूरी और = त्रिज्या।
मुख्य बिंदु: त्रिज्या, स्पर्श रेखा की लंबाई और केंद्र-दूरी एक समकोण त्रिभुज बनाती हैं जिसमें त्रिज्या और स्पर्श रेखा भुजाएँ हैं और केंद्र-से-बिंदु दूरी कर्ण है। अतः सदैव तीनों में सबसे बड़ी होती है।
[बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण] जब भी कोई प्रश्न {त्रिज्या, स्पर्श रेखा की लंबाई, केंद्र से दूरी} में से दो दे, तो तीसरी ज्ञात करने के लिए का प्रयोग कीजिए।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात करना
5 सेमी त्रिज्या वाले किसी वृत्त के बिंदु पर एक स्पर्श रेखा , केंद्र से होकर जाने वाली एक रेखा को बिंदु पर इस प्रकार मिलती है कि सेमी। लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल:
- एक स्पर्श रेखा है और स्पर्श बिंदु तक की त्रिज्या है, अतः और त्रिभुज , पर समकोण है।
- पाइथागोरस से: , अर्थात् ।
- , अतः सेमी।
अंतिम उत्तर: सेमी।
सार: केंद्र से दूरी कर्ण है; स्पर्श रेखा की लंबाई ।
उदाहरण 2: त्रिज्या ज्ञात करना
एक बिंदु से किसी वृत्त की स्पर्श रेखा की लंबाई 24 सेमी है और की केंद्र से दूरी 25 सेमी है। त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल:
- स्पर्श रेखा त्रिज्या, अतः , स्पर्श रेखा के साथ ।
- ।
- सेमी।
अंतिम उत्तर: त्रिज्या सेमी।
सार: एक पाइथागोरियन त्रिक है — इस अध्याय में बहुत सामान्य।
उदाहरण 3: केंद्र से दूरी
3 सेमी त्रिज्या वाले किसी वृत्त पर एक बिंदु से स्पर्श रेखा की लंबाई 4 सेमी है। केंद्र से कितनी दूर है?
हल:
- ।
- सेमी।
अंतिम उत्तर: केंद्र से 5 सेमी दूर है।
सार: पुनः त्रिक — त्रिज्या और स्पर्श रेखा भुजाएँ हैं, केंद्र-दूरी कर्ण।
उदाहरण 4: केंद्र से होकर जाने वाला अभिलंब
एक स्पर्श रेखा किसी वृत्त को पर स्पर्श करती है। एक विद्यार्थी पर स्पर्श रेखा पर लंब खींचता है। यह लंब किस बिंदु से होकर अवश्य जाना चाहिए?
हल:
- प्रमेय 10.1 के अनुसार त्रिज्या , पर स्पर्श रेखा पर लंब है।
- से होकर स्पर्श रेखा पर केवल एक ही रेखा लंब होती है, और वह है।
- अतः लंब केंद्र से होकर जाता है।
अंतिम उत्तर: केंद्र से होकर।
सार: स्पर्श बिंदु पर अभिलंब सदैव केंद्र से होकर जाता है।