CBSE और राज्य बोर्ड के विगत वर्षों के प्रश्न
अध्याय 3 — धातु और अधातु — के सबसे महत्वपूर्ण PYQ। हर प्रश्न के साथ — पूरा हल और बोर्ड टिप्स।
PYQ 1: CBSE 2023, 5 अंक
(a) Na को केरोसिन तेल में क्यों रखते? (b) Mg + O₂ की अभिक्रिया लिखें। MgO की प्रकृति। (c) क्यों Au, तनु अम्लों से क्रिया नहीं करता?
हल:
(a) Na को केरोसिन में
Na अति-क्रियाशील। वायु में O₂ और H₂O से तुरंत क्रिया। केरोसिन — वायु से बचाता।
अभिक्रियाएँ (अगर खुले में):
- (आग)
अतः केरोसिन में सुरक्षित।
(b) Mg + O₂
MgO की प्रकृति: क्षारकीय।
प्रमाण:
- (क्षार)
(c) Au + तनु अम्ल
Au — क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे। H से बहुत नीचे। तनु अम्ल से निकालने के लिए H से ऊपर होना चाहिए। Au — कोई क्रिया नहीं।
केवल एक्वा रेजिया ही Au को घुला सकता।
[CBSE 2023, अति-महत्वपूर्ण]
PYQ 2: CBSE 2022, 3 अंक
भर्जन और निस्तापन में अंतर बताएँ — रासायनिक अभिक्रिया के साथ।
हल:
अंतर
| गुण | भर्जन | निस्तापन |
|---|---|---|
| अयस्क | सल्फाइड | कार्बोनेट/हाइड्रॉक्साइड |
| वायु | हाँ (अधिक) | नहीं (या सीमित) |
| उत्पाद | ऑक्साइड + SO₂ | ऑक्साइड + CO₂ या H₂O |
भर्जन का उदाहरण (ZnS):
निस्तापन का उदाहरण (ZnCO₃):
अन्य उदाहरण
भर्जन:
निस्तापन:
[CBSE 2022, हर साल]
PYQ 3: CBSE 2021, 5 अंक
Fe निष्कर्षण की प्रक्रिया विस्तार से बताएँ — Blast Furnace की मुख्य अभिक्रियाएँ।
हल:
Blast Furnace
व्यवस्था: ऊँची, बेलनाकार भट्टी (~25-30 m)। ऊपर से चार्ज (अयस्क + कोयला + चूना-पत्थर)। नीचे से गर्म हवा।
चार्ज में:
- अयस्क: Fe₂O₃ (Hematite) — सान्द्रित।
- कोक: शुद्ध कार्बन — ईंधन और अपचायक।
- चूना-पत्थर: CaCO₃ — फ्लक्स।
तीन क्षेत्रों में अभिक्रियाएँ
1. निचला क्षेत्र (~1500-2000°C):
2. मध्य क्षेत्र (~1000°C) — मुख्य अभिक्रिया:
3. ऊपरी क्षेत्र (~500°C):
अंतिम उत्पाद
- नीचे: पिघला Fe (Pig iron, 4% C, 1500°C पर)।
- ऊपर: slag (CaSiO₃)।
दोनों — अलग-अलग छिद्रों से बाहर।
Pig Iron का आगे का उपयोग
Bessemer प्रक्रिया से स्टील।
[CBSE 2021 — हर साल का सवाल]
PYQ 4: CBSE 2020, 3 अंक
निम्न में किस-किस से Cu, AgNO₃ विलयन से Ag विस्थापित कर सकता है? कारण?
(a) Cu + AgNO₃ (b) Au + AgNO₃ (c) Mg + AgNO₃
हल:
श्रेणी:
(a) Cu + AgNO₃ → ?
Cu, Ag से अधिक क्रियाशील।
अभिक्रिया होगी:
Cu पर चमकदार Ag की परत।
(b) Au + AgNO₃ → ?
Au, Ag से कम क्रियाशील।
कोई अभिक्रिया नहीं।
(c) Mg + AgNO₃ → ?
Mg, Ag से अधिक क्रियाशील।
अभिक्रिया होगी:
Mg पर Ag की परत।
सारांश
| धातु | विस्थापन? |
|---|---|
| Cu | हाँ |
| Au | नहीं |
| Mg | हाँ |
सीख: केवल Ag से अधिक क्रियाशील धातु ही विस्थापन कर सकती।
[CBSE 2020]
PYQ 5: CBSE 2019, 5 अंक
(a) आयनिक यौगिक क्या? निर्माण की प्रक्रिया। (b) NaCl और MgCl₂ का निर्माण इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से। (c) आयनिक यौगिकों के 3 गुण।
हल:
(a) आयनिक यौगिक
धातु और अधातु के बीच — विपरीत आयनों के विद्युत-स्थैतिक आकर्षण से बना यौगिक।
प्रक्रिया:
- धातु इलेक्ट्रॉन छोड़े (cation)।
- अधातु इलेक्ट्रॉन ले (anion)।
- विपरीत आवेश आकर्षित।
- क्रिस्टल जाली बनती।
(b) निर्माण
NaCl:
- Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) + e⁻
- Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8)
MgCl₂:
- Mg (2,8,2) → Mg²⁺ (2,8) + 2e⁻
- 2 × [Cl + e⁻ → Cl⁻]
(c) 3 गुण
- उच्च गलनांक/क्वथनांक (NaCl - 801°C, MgO - 2852°C)।
- जल में विलेय (अधिकांश)। कारण: जल ध्रुवीय।
- विद्युत-चालकता:
- ठोस — नहीं।
- पिघला/जलीय — हाँ।
[CBSE 2019]
PYQ 6: CBSE 2019, 3 अंक
जंग के लिए ज़रूरी तत्व बताएँ। तीन परखनलियाँ प्रयोग से सिद्ध करें।
हल:
ज़रूरी तत्व
दो तत्व ज़रूरी:
- पानी (H₂O / नमी)।
- ऑक्सीजन (O₂ / हवा)।
दोनों ज़रूरी — किसी एक से नहीं।
तीन परखनलियाँ प्रयोग
व्यवस्था: तीन परखनलियाँ। प्रत्येक में एक Fe नाख़ून।
A परखनली:
- Fe + उबला पानी (वायु निकाली)।
- ऊपर तेल की परत।
B परखनली:
- Fe + सूखी हवा।
- नीचे CaCl₂ (पानी सोखता)।
C परखनली:
- Fe + पानी + हवा (दोनों)।
प्रेक्षण (कुछ दिन बाद)
| परखनली | परिणाम |
|---|---|
| A | कोई जंग नहीं |
| B | कोई जंग नहीं |
| C | जंग! |
निष्कर्ष
केवल A — पानी, हवा नहीं → कोई जंग। केवल B — हवा, पानी नहीं → कोई जंग। केवल C — दोनों → जंग।
अतः दोनों ज़रूरी।
मूल अभिक्रिया
[CBSE 2019 — हर साल]
PYQ 7: CBSE 2018, 5 अंक
धातुओं के निष्कर्षण को क्रियाशीलता के अनुसार बाँटें — हर श्रेणी का उदाहरण।
हल:
तीन श्रेणियाँ
1. उच्च क्रियाशीलता (K, Na, Ca, Mg, Al)
विधि: विद्युत-अपघटन।
उदाहरण: Al का Hall-Héroult:
- Cathode:
- Anode:
उदाहरण: Na का Down's cell:
- पिघले NaCl का विद्युत-अपघटन।
2. मध्यम क्रियाशीलता (Zn, Fe, Pb)
विधि: भर्जन/निस्तापन + कार्बन से अपचयन।
उदाहरण: Zn:
- (भर्जन)
- (अपचयन)
उदाहरण: Fe:
- (Blast Furnace)
3. कम क्रियाशीलता (Hg, Cu, Ag)
विधि: सीधे गर्म करके।
उदाहरण: Hg:
उदाहरण: Cu (स्व-अपचयन):
सारांश
| क्रियाशीलता | विधि |
|---|---|
| उच्च | विद्युत-अपघटन |
| मध्यम | C से अपचयन |
| कम | सीधे गर्म |
[CBSE 2018]
PYQ 8: CBSE 2017, 3 अंक
गैल्वनीकरण क्या? क्यों Zn ही Fe पर?
हल:
गैल्वनीकरण
Fe वस्तु पर Zn की परत चढ़ाने की प्रक्रिया।
विधि: Fe को पिघले Zn (~420°C) में डुबाना। ठंडा करना। अब Fe पर Zn की पतली परत।
क्यों Zn?
सिद्धांत: Cathodic Protection।
क्रियाशीलता:
यदि परत खरोंच जाए:
- Zn (अधिक क्रियाशील) — पहले संक्षारित।
- Fe (कम क्रियाशील) — सुरक्षित।
यानी Zn — 'sacrificial' (बलिदान) धातु।
क्यों Cu नहीं?
Cu, Fe से कम क्रियाशील। यदि Cu की परत — खरोंच पर Fe ही पहले संक्षारित! उल्टा — हानिकारक।
व्यावहारिक उपयोग
'Galvanised Iron' (GI):
- नल, पाइप।
- बाल्टियाँ।
- छतें (एस्बेस्टस के साथ)।
- बाड़े।
[CBSE 2017]
PYQ 9: ICSE 2022, 5 अंक
(a) धातु ऑक्साइडों की प्रकृति। (b) उभयधर्मी ऑक्साइड क्या? 2 उदाहरण। (c) क्यों कुछ धातुएँ बहुत क्रियाशील?
हल:
(a) धातु ऑक्साइडों की प्रकृति
अधिकांश: क्षारकीय।
उदाहरण:
- (क्षार)
अपवाद: , — उभयधर्मी।
(b) उभयधर्मी ऑक्साइड
अम्ल और क्षारक — दोनों से क्रिया करने वाले।
1. Al₂O₃:
- अम्ल से:
- क्षारक से:
2. ZnO:
- अम्ल से:
- क्षारक से:
(c) क्यों कुछ धातुएँ क्रियाशील?
सिद्धांत: इलेक्ट्रॉन छोड़ने की प्रवृत्ति।
अति-क्रियाशील (Na, K, Ca):
- 1-2 बाह्य इलेक्ट्रॉन।
- आसानी से देते।
- अति-क्रियाशील।
कम-क्रियाशील (Cu, Au):
- स्थिर बाह्य कोश।
- इलेक्ट्रॉन देने में कठिनाई।
- कम क्रियाशील।
[ICSE 2022]
PYQ 10: CBSE 2017, 3 अंक
एक्वा रेजिया क्या? सूत्र, अनुपात, और उपयोग।
हल:
परिभाषा
Aqua Regia = सान्द्र HCl + सान्द्र HNO₃।
अनुपात: 3 : 1 (HCl : HNO₃)
अर्थ
'Aqua' = जल, 'Regia' = राजा का। 'राजा का जल' — 'धातुओं के राजा' (सोने) को घुलाता।
सोने से अभिक्रिया
क्यों दोनों मिलकर?
अकेले HCl या HNO₃ — Au को नहीं घुलाते। HNO₃, HCl से Cl₂ निकालता। Cl₂ Au से क्रिया करके AuCl₃ बनाता।
उपयोग
- सोने का परिष्करण।
- प्लेटिनम (Pt) का घोलना।
- प्रयोगशाला परीक्षण।
विशेषताएँ
- अति-संक्षारक।
- पीला-नारंगी रंग।
- तीखी गंध।
- काँच के पात्र में।
[CBSE 2017]
PYQ 11: Bihar Board 2022, 5 अंक
थर्माइट अभिक्रिया क्या है? रासायनिक अभिक्रिया, सिद्धांत, और 2 उपयोग।
हल:
परिभाषा
Al चूर्ण द्वारा Fe₂O₃ का अति-तेज़ अपचयन — जिसमें इतनी ऊष्मा निकलती कि Fe पिघल जाता।
अभिक्रिया
सिद्धांत
क्रियाशीलता: । Al, Fe से अधिक क्रियाशील — Fe को विस्थापित। अति-तेज़ अभिक्रिया = बहुत ऊष्मा।
तापमान: ~3000°C। Fe पिघला हुआ — ज्वालामुखी जैसा।
उपयोग
1. रेल पटरियाँ जोड़ना (Welding):
- टूटी पटरियाँ जोड़ने।
- पिघला Fe दरार में जाकर ठंडा होकर जुड़ता।
- 'थर्माइट वेल्डिंग'।
2. मशीन के पुर्ज़े जोड़ना:
- भारी पुर्ज़ों में दरारें भरने।
3. अन्य धातुओं का अपचयन:
- (Cr निष्कर्षण)
सावधानियाँ
- सुरक्षा-चश्मा।
- अग्नि-शामक तैयार।
- खुले स्थान पर।
- दूर से शुरू।
[Bihar Board 2022]
PYQ 12: UP Board 2021, 3 अंक
निम्न के उत्तर दें: (a) सबसे क्रियाशील धातु? (b) सबसे कम क्रियाशील धातु? (c) कौन-सी धातु तरल है? (d) Au को कैसे घुलाते?
हल:
(a) सबसे क्रियाशील धातु — K (पोटैशियम)
क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे ऊपर। ठंडे जल से विस्फोटक रूप से क्रिया। बैंगनी ज्वाला।
(b) सबसे कम क्रियाशील धातु — Au (सोना)
क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे। 'नोबल मेटल'। प्रकृति में मुक्त रूप में। हजारों वर्ष टिकता।
(c) तरल धातु — Hg (पारा)
एकमात्र धातु जो कमरे के ताप पर तरल। गलनांक: -39°C। उपयोग: थर्मामीटर, बैरोमीटर।
'Quick silver' — पुराना नाम।
(d) Au को कैसे घुलाते?
केवल एक्वा रेजिया से।
सान्द्र HNO₃ + सान्द्र HCl (1:3)।
अकेले कोई अम्ल — Au को नहीं घुलाता।
[UP Board 2021]
PYQ 13: CBSE 2016, 5 अंक
विद्युत-अपघटनी परिष्करण को विस्तार से समझाएँ — Cu उदाहरण के साथ।
हल:
सिद्धांत
अशुद्ध धातु — Anode। शुद्ध धातु की पतली पट्टी — Cathode। उसी धातु के लवण का विलयन। विद्युत प्रवाहित।
व्यवस्था (Cu उदाहरण)
- Anode (+): अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी।
- Cathode (-): शुद्ध Cu की पतली पट्टी।
- विद्युत-अपघट्य: + तनु ।
- विद्युत स्रोत: DC।
अभिक्रियाएँ
At Anode:
At Cathode:
अशुद्धियों का भाग्य
1. Cu से कम क्रियाशील (Au, Ag, Pt):
- Anode से नहीं निकलते।
- Anode के नीचे 'anode mud' के रूप में।
2. Cu से अधिक क्रियाशील (Fe, Zn):
- विलयन में जातीं।
- Cathode पर नहीं जमतीं।
अंतिम परिणाम
- Cathode: 99.99% शुद्ध Cu।
- Anode mud: Au, Ag, Pt (मूल्यवान!)।
Anode Mud का महत्व
'अनुपयोगी अपशिष्ट' नहीं — अति-मूल्यवान! Cu उद्योग का बोनस।
हर साल भारत में — Cu परिष्करण से अच्छी मात्रा में सोना/चांदी।
विभिन्न धातुओं के लिए
Al, Zn, Ni — समान विधि। प्रत्येक के लिए — उसी धातु का लवण।
[CBSE 2016 — हर साल]
PYQ 14: CBSE 2015, 3 अंक
निम्न को संतुलित करें: (a) Zn + HCl → (b) Mg + O₂ → (c) Al + O₂ → (d) Fe + H₂O (steam) →
हल:
(a) Zn + HCl
जाँच: Zn=1=1, H=2=2, Cl=2=2 ✓
(b) Mg + O₂
जाँच: Mg=2=2, O=2=2 ✓
(c) Al + O₂
जाँच: Al=4=4, O=6=6 ✓
(d) Fe + H₂O (steam)
जाँच: Fe=3=3, H=8=8, O=4=4 ✓
सीख
संतुलन के सूत्र:
- सबसे जटिल यौगिक से शुरू।
- गुणांक बदलें, सूत्र नहीं।
- अंत में H, O संतुलित।
[CBSE 2015]
PYQ 15: MP Board 2022, 5 अंक
धातुओं के 5 भौतिक गुण और 3 रासायनिक गुण उदाहरण के साथ।
हल:
5 भौतिक गुण
1. भौतिक अवस्था:
- प्रायः ठोस।
- अपवाद: Hg (तरल)।
2. धात्विक चमक (Lustre):
- सब चमकदार।
- Au, Ag — विशेष चमकदार।
- अपवाद: कुछ सतह पर परत।
3. आघातवर्धनीयता (Malleability):
- पतली चादरें (sheets) बन सकती।
- Au — सबसे अधिक (1 g से 1 m² चादर)।
4. तन्यता (Ductility):
- पतले तार बन सकते।
- Au — सबसे अधिक तन्य (1 g से 2 km तार)।
5. विद्युत/ऊष्मा चालकता:
- अच्छी।
- Ag > Cu > Au > Al।
- विद्युत के तार: Cu (सबसे आम)।
अन्य: कठोरता, ध्वनि (sonority), उच्च गलनांक।
3 रासायनिक गुण
1. ऑक्सीजन से क्रिया: धातु + O₂ → धातु ऑक्साइड (क्षारकीय)।
उदाहरण:
2. अम्ल से क्रिया: धातु + तनु अम्ल → लवण + H₂↑।
उदाहरण:
3. लवण विलयन से विस्थापन: अधिक क्रियाशील → कम क्रियाशील को विस्थापित।
उदाहरण:
[MP Board 2022]
PYQ 16: CBSE 2014, 3 अंक
(a) Cu की पट्टी + AgNO₃ विलयन में क्या? (b) Ag की पट्टी + CuSO₄ विलयन में क्या? (c) कारण क्रियाशीलता श्रेणी से।
हल:
(a) Cu + AgNO₃
श्रेणी: ।
Cu, Ag को विस्थापित करता।
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- विलयन रंगहीन से नीला हो जाता।
- Cu पट्टी पर चमकदार Ag की परत।
- Cu धीरे-धीरे घुलती।
(b) Ag + CuSO₄
श्रेणी: ।
Ag, Cu को विस्थापित नहीं कर सकता।
अभिक्रिया: कोई नहीं।
प्रेक्षण:
- नीला CuSO₄ — नीला रहता।
- Ag पट्टी — अप्रभावित।
(c) कारण
सिद्धांत: अधिक क्रियाशील धातु — कम क्रियाशील को विस्थापित।
केस (a): Cu (अधिक) → Ag को विस्थापित। ✓ केस (b): Ag (कम) → Cu को नहीं विस्थापित। ✗
यह — क्रियाशीलता श्रेणी का व्यावहारिक उपयोग।
[CBSE 2014]
PYQ 17: CBSE 2013, 5 अंक
संक्षारण से बचाव की 4 विधियाँ — विस्तार से।
हल:
1. पेंट करना
सिद्धांत: Fe सतह पर पेंट की परत।
हवा और नमी से अवरोध।
लाभ: सस्ती, सरल, विभिन्न रंगों में। हानि: खरोंच पर जंग।
उपयोग: कारें, खिड़कियाँ, बाग की वस्तुएँ।
2. तेल/ग्रीस लगाना
सिद्धांत: तेल की पतली परत।
लाभ: तुरंत, सरल। हानि: जल्दी सूख जाती।
उपयोग: मशीन के पुर्ज़े, ताले।
3. गैल्वनीकरण
सिद्धांत: Fe पर Zn की परत (Cathodic protection)।
Zn — Fe से अधिक क्रियाशील। खरोंच पर — Zn पहले संक्षारित। Fe सुरक्षित।
विधि: Fe को पिघले Zn में डुबाना।
उपयोग: नल, पाइप, बाल्टियाँ, छतें।
4. विद्युत-लेपन (Electroplating)
सिद्धांत: विद्युत-अपघटनी विधि से एक धातु पर दूसरी की परत।
उदाहरण: Cr लेपन।
- Cathode: Fe वस्तु।
- Anode: Cr (या निष्क्रिय)।
- विलयन: + ।
लाभ: चमकदार, टिकाऊ। उपयोग: नल, गाड़ी के पुर्ज़े।
अतिरिक्त — मिश्रधातुएँ
स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr + Ni) — स्थायी संरक्षण। Cr से परत — 'self-healing'।
[CBSE 2013 — हर साल]
PYQ 18: ICSE 2021, 3 अंक
मिश्रधातुएँ क्या? पाँच उदाहरण और उनके उपयोग।
हल:
परिभाषा
'मिश्रधातु' = दो या अधिक धातुओं का — या एक धातु + एक अधातु — समांगी मिश्रण।
उद्देश्य: शुद्ध धातु से बेहतर गुण।
5 उदाहरण
1. स्टेनलेस स्टील
संघटन: Fe (74%) + Cr (18%) + Ni (8%) उपयोग: रसोई के बर्तन, चाकू, चिकित्सा उपकरण। विशेष: संक्षारण-रोधी (Cr से परत)।
2. पीतल
संघटन: Cu (70%) + Zn (30%) उपयोग: सजावट, बर्तन, संगीत-यंत्र। रंग: पीला।
3. कांसा
संघटन: Cu (88%) + Sn (12%) उपयोग: मूर्तियाँ, मेडल, घंटे। 'Bronze Age'।
4. सोल्डर
संघटन: Pb (50%) + Sn (50%) उपयोग: विद्युत वेल्डिंग, सर्किट बोर्ड। कम गलनांक (~180°C)।
5. डुरालुमिन
संघटन: Al (95%) + Cu (4%) + Mg (0.5%) + Mn (0.5%) उपयोग: विमान, गाड़ियाँ। हल्का + मजबूत।
मिश्रधातुओं के लाभ
- कठोरता बढ़ती।
- संक्षारण-रोधी।
- विशिष्ट गुण।
- लंबी अवधि।
[ICSE 2021]
PYQ 19: CBSE 2012, 5 अंक
(a) क्यों Na को कार्बन से अपचयित नहीं किया जा सकता? (b) सही विधि क्या? (c) पिघले vs जलीय NaCl — विद्युत-अपघटन में अंतर।
हल:
(a) क्यों Na + C नहीं?
सिद्धांत: अधिक क्रियाशील धातु — कम क्रियाशील को विस्थापित।
क्रियाशीलता:
Na, C से अधिक प्रबलता से O से जुड़ा। C, Na₂O से Na को मुक्त नहीं कर सकता।
यदि कोशिश: — कोई अभिक्रिया नहीं।
(b) सही विधि — Down's Cell
पिघले NaCl का विद्युत-अपघटन।
व्यवस्था:
- एक स्टील का बक्सा।
- विलयन: पिघला NaCl + CaCl₂ (~600°C)।
- Cathode: स्टील वलय।
- Anode: कार्बन छड़।
अभिक्रियाएँ:
- Cathode:
- Anode:
कुल:
(c) पिघले vs जलीय
| गुण | पिघला NaCl | जलीय NaCl |
|---|---|---|
| Cathode पर | Na | H₂ (जल से) |
| Anode पर | Cl₂ | Cl₂ |
| उत्पाद | Na धातु | NaOH |
| उपयोग | Na निष्कर्षण | क्लोर-एल्कली |
क्यों जलीय में Na नहीं? Cathode पर:
- Na (अधिक क्रियाशील) vs H₂O (कम क्रियाशील)।
- कम क्रियाशील ही अपचयित होगा।
- अतः H₂O — Cathode पर अपचयित (H₂)।
- Na नहीं बनता।
[CBSE 2012]
PYQ 20: समापन प्रश्न — मिश्र
(a) सबसे महत्वपूर्ण अभिक्रियाएँ (5)। (b) क्रियाशीलता श्रेणी। (c) निष्कर्षण के 3 चरण। (d) रोकथाम के 3 तरीक़े।
हल:
(a) 5 सबसे महत्वपूर्ण अभिक्रियाएँ
Mg + O₂: (श्वेत ज्वाला)
Na + H₂O: (विस्फोटक)
Zn + HCl:
Zn + CuSO₄: (विस्थापन)
Fe + H₂O (भाप):
(b) क्रियाशीलता श्रेणी
याद: "Please Stop Calling Me A Zebra…"
(c) निष्कर्षण के 3 चरण
1. सान्द्रण: गैंग हटाना (हस्त-चयन, गुरुत्वीय, चुंबकीय, फेन-प्लवन)।
2. अपचयन: अयस्क → धातु (कार्बन से, विद्युत-अपघटन से, स्व-अपचयन)।
3. परिष्करण: शुद्धीकरण (विद्युत-अपघटनी)।
(d) रोकथाम के 3 तरीक़े
1. पेंट करना। 2. गैल्वनीकरण (Zn कोटिंग — Cathodic protection)। 3. मिश्रधातु (स्टेनलेस स्टील = Fe + Cr + Ni)।
अन्य: तेल, Cr लेपन, एनोडाइज़िंग।
अंतिम सूत्र
'क्रियाशीलता ↑ → निष्कर्षण कठिनाई ↑ → संक्षारण भी ↑।' धातु + अधातु = आयनिक यौगिक। धातु + धातु = मिश्रधातु।
[बोर्ड — पूरे अध्याय का सार]