धातुओं की अम्लों से अभिक्रिया

जब धातुएँ तनु अम्लों से क्रिया करती हैं, तो वे लवण और हाइड्रोजन गैस देती हैं।

सामान्य अभिक्रिया

धातु+तनु अम्ललवण+H2\text{धातु} + \text{तनु अम्ल} \rightarrow \text{लवण} + H_2\uparrow

(अध्याय 2 - अम्ल, क्षार और लवण - का संदर्भ)

मुख्य उदाहरण

सोडियम के साथ (बहुत खतरनाक — विस्फोटक): 2Na+2HCl2NaCl+H22Na + 2HCl \rightarrow 2NaCl + H_2\uparrow

मैग्नीशियम के साथ (कक्षा में सामान्य प्रदर्शन): Mg+2HClMgCl2+H2Mg + 2HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2\uparrow

ज़िंक के साथ (बहुत बार पूछा जाता): Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2\uparrow

Zn+H2SO4ZnSO4+H2Zn + H_2SO_4 \rightarrow ZnSO_4 + H_2\uparrow

आयरन के साथ: Fe+2HClFeCl2+H2Fe + 2HCl \rightarrow FeCl_2 + H_2\uparrow

Fe+H2SO4FeSO4+H2Fe + H_2SO_4 \rightarrow FeSO_4 + H_2\uparrow

एल्यूमिनियम के साथ: 2Al+6HCl2AlCl3+3H22Al + 6HCl \rightarrow 2AlCl_3 + 3H_2\uparrow

अभिक्रिया की तीव्रता

अधिक क्रियाशील धातु = अधिक तेज़ अभिक्रिया।

तीव्रता का क्रम (दृष्टिगत):

  • Na/K — विस्फोटक (कभी कक्षा में नहीं!)
  • Mg — तेज़ बुलबुले, बहुत ऊष्मा
  • Zn — मध्यम बुलबुले
  • Fe — धीमी अभिक्रिया
  • Cu, Au — कोई अभिक्रिया नहीं!

धातुओं की अभिक्रियाशीलता श्रेणी: अधिक से कम अभिक्रियाशील

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Reactivity series सक्रियता श्रेणी
Most reactive सर्वाधिक क्रियाशील
Least reactive सबसे कम क्रियाशील
Decreasing reactivity घटती सक्रियता
Hydrogen हाइड्रोजन

अम्लों से क्रिया न करने वाली धातुएँ

Cu, Ag, Au का व्यवहार

Cu, Ag, Au — तनु HClHCl या H2SO4H_2SO_4 से कोई अभिक्रिया नहीं।

क्यों? — क्रियाशीलता श्रेणी में ये हाइड्रोजन से नीचे हैं।

मुख्य नियम

केवल वे धातुएँ अम्ल से H2H_2 निकालती हैं जो हाइड्रोजन से ऊपर हैं।

सान्द्र अम्लों के साथ कुछ अपवाद

हालाँकि Cu तनु अम्ल से क्रिया नहीं करता, परंतु सान्द्र H2SO4H_2SO_4 या सान्द्र HNO3HNO_3 से क्रिया करता है।

Cu + सान्द्र H2SO4H_2SO_4: Cu+2H2SO4ΔCuSO4+2H2O+SO2Cu + 2H_2SO_4 \xrightarrow{\Delta} CuSO_4 + 2H_2O + SO_2\uparrow

Cu + सान्द्र HNO3HNO_3: Cu+4HNO3Cu(NO3)2+2H2O+2NO2Cu + 4HNO_3 \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2H_2O + 2NO_2\uparrow

(यह अभिक्रिया विस्थापन नहींउपचयन-अपचयन है। यहाँ Cu उपचयित होता है, H2H_2 नहीं निकलता।)

सोने के साथ — एक्वा रेजिया

सोना — सब अम्लों से अप्रभावित।

अपवाद — एक्वा रेजिया (Royal Water):

सान्द्र HNO3HNO_3 + सान्द्र HClHCl (1:3 अनुपात में मिश्रण)

केवल यह सोने को घुला सकता है।

नाम का अर्थ:

  • Aqua = जल
  • Regia = राजा का
  • 'राजा का जल' — क्योंकि यह 'धातुओं के राजा' (सोने) को घुला सकता है।

क्यों धातु HNO3HNO_3 से H2H_2 नहीं देती?

HNO3HNO_3 एक प्रबल उपचयक है। यह निकले H2H_2 को तुरंत H2OH_2O में बदल देता है। इसलिए HNO3HNO_3 से धातुएँ H2H_2 नहीं देतीं — बल्कि NO2NO_2 या NONO देती हैं।

अपवाद: Mg और Mn — बहुत तनु HNO3HNO_3 से H2H_2 देते हैं।

Mg+2HNO3(अति-तनु)Mg(NO3)2+H2Mg + 2HNO_3(\text{अति-तनु}) \rightarrow Mg(NO_3)_2 + H_2\uparrow

विस्थापन अभिक्रियाएँ — धातु लवण विलयन से

सिद्धांत

अधिक क्रियाशील धातु अपने से कम क्रियाशील धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित कर देती है।

सामान्य रूप

A+BCAC+BA + BC \rightarrow AC + B

(जहाँ A, B धातुएँ हैं और A अधिक क्रियाशील है)

प्रसिद्ध उदाहरण

Zn + CuSO₄ (नीला) → ZnSO₄ (रंगहीन) + Cu (लाल):

Zn(s)+CuSO4(aq)ZnSO4(aq)+Cu(s)Zn(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + Cu(s)

दृष्टिगत प्रेक्षण:

  • नीला CuSO4CuSO_4 का रंग हल्का होता जाता है
  • ZnZn की पट्टी पर लाल/भूरी Cu की परत चढ़ती है।
  • ZnZn धीरे-धीरे घुलता है।

यहाँ Zn ने Cu को विस्थापित किया — क्योंकि Zn अधिक क्रियाशील है।

अन्य उदाहरण

1. Fe + CuSO₄: Fe+CuSO4FeSO4+CuFe + CuSO_4 \rightarrow FeSO_4 + Cu (हल्का हरा FeSO₄ बनता है; लोहे पर तांबे की परत)

2. Cu + AgNO₃: Cu+2AgNO3Cu(NO3)2+2AgCu + 2AgNO_3 \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2Ag (रंगहीन AgNO₃ नीला Cu(NO₃)₂ बनता है; तांबे पर चांदी की परत)

3. Mg + CuSO₄: Mg+CuSO4MgSO4+CuMg + CuSO_4 \rightarrow MgSO_4 + Cu (रंगहीन MgSO₄; Mg पर Cu की परत)

कब विस्थापन नहीं होगा

कम क्रियाशील धातु → अधिक क्रियाशील धातु के लवण से कोई क्रिया नहीं।

उदाहरण (कोई अभिक्रिया नहीं):

Cu + ZnSO₄ → कोई अभिक्रिया

(क्योंकि Cu, Zn से कम क्रियाशील है)

Ag + CuSO₄ → कोई अभिक्रिया

(क्योंकि Ag, Cu से कम क्रियाशील है)

एक प्रयोग — सक्रिय श्रेणी की पुष्टि

4 परखनलियाँ:

  • A: FeSO4FeSO_4 + ZnZn टुकड़ा → Fe जमा हो
  • B: ZnSO4ZnSO_4 + CuCu टुकड़ा → कोई क्रिया नहीं
  • C: CuSO4CuSO_4 + AgAg टुकड़ा → कोई क्रिया नहीं
  • D: AgNO3AgNO_3 + CuCu टुकड़ा → Ag जमा हो

निष्कर्ष: Zn>Fe>Cu>AgZn > Fe > Cu > Ag

क्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series)

क्या है यह?

अधिक क्रियाशील से कम क्रियाशील की ओर — धातुओं की एक क्रमबद्ध सूची।

पूरी क्रियाशीलता श्रेणी

(ऊपर = अधिक क्रियाशील, नीचे = कम क्रियाशील)

K     पोटैशियम    ↑ अति-क्रियाशील
Na    सोडियम
Ca    कैल्शियम
Mg    मैग्नीशियम
Al    एल्यूमिनियम   मध्यम क्रियाशील
Zn    ज़िंक
Fe    लोहा
Pb    सीसा (लेड)
H     हाइड्रोजन  ← ↓ संदर्भ रेखा
Cu    तांबा (कॉपर)
Hg    पारा (मरकरी)
Ag    चांदी (सिल्वर)
Au    सोना        ↓ कम क्रियाशील

याद रखने का तरीक़ा (Mnemonic)

हिंदी में: "पोटैशियम सोडियम कैसे मैग्नी जाएगा एलू ज़िंक से लोहे को परेशान करके — हम कौन हैं? आओ, गाय एक चलें।"

K Na Ca Mg Al Zn Fe Pb H Cu Hg Ag Au

अंग्रेज़ी में: "Please Stop Calling Me A Zebra Instead Try Learning How Copper Saves Gold"

(K Na Ca Mg Al Zn Fe Pb H Cu Hg Ag Au — समूह अनुसार समायोजित)

विभाजन

1. अति-क्रियाशील (K से Mg):

  • ठंडे/गर्म जल से क्रिया।
  • सब अम्लों से तीव्र क्रिया।
  • विद्युत-अपघटन से प्राप्त।

2. मध्यम-क्रियाशील (Al से Pb):

  • भाप से क्रिया।
  • तनु अम्ल से क्रिया।
  • कार्बन से अपचयन से प्राप्त।

3. कम-क्रियाशील (Cu से Au):

  • जल/अम्ल से कोई क्रिया नहीं।
  • मुक्त अवस्था में या ऊष्मा से प्राप्त।

हाइड्रोजन की भूमिका

H — एक संदर्भ बिंदु (हालाँकि अधातु है)।

केवल H से ऊपर की धातुएँ ही अम्ल से H2H_2 निकालती हैं।

H से नीचे की धातुएँ (Cu, Hg, Ag, Au):

  • तनु अम्ल से कोई क्रिया नहीं।
  • H2H_2 नहीं देतीं।

क्रियाशीलता श्रेणी के अनुप्रयोग

1. भंडारण

धातु भंडारण
Na, K केरोसिन में (वायु से बचाने)
P (फॉस्फोरस — अधातु) जल में
Mg, Al आदि खुले में (सुरक्षा परत)
Au, Ag जैसे भी (निष्क्रिय)

2. विस्थापन — व्यावहारिक उपयोग

(a) थर्माइट अभिक्रिया (Thermite Reaction):

Al का Fe2O3Fe_2O_3 से अपचयन — रेल पटरियाँ जोड़ने के लिए।

2Al+Fe2O3Al2O3+2Fe+बहुत-सी ऊष्मा2Al + Fe_2O_3 \rightarrow Al_2O_3 + 2Fe + \text{बहुत-सी ऊष्मा}

अति-तेज़ अभिक्रिया, बहुत ऊष्मा निकलती है। पिघला Fe टपकता है।

(b) सिल्वर मिरर (दर्पण) निर्माण:

Cu के पात्र पर AgNO3AgNO_3 का विलयन — Ag की चमकदार परत बनती है।

3. निष्कर्षण विधि

धातु की क्रियाशीलता उसके निष्कर्षण की विधि निर्धारित करती है।

श्रेणी धातु विधि
उच्च Na, K, Ca, Al विद्युत-अपघटन (ज्ञान सेक्शन 7)
मध्यम Zn, Fe, Pb कार्बन से अपचयन
निम्न Cu, Hg, Ag, Au प्रायः मुक्त रूप में मिलते हैं

(विस्तार से अनुभाग 7 में)

4. विद्युत-रासायनिक सेल

अधिक क्रियाशील धातु — सेल का ऋणात्मक सिरा (anode)। कम क्रियाशील — धनात्मक सिरा (cathode)।

उदाहरण: डेनियल सेल (Daniell cell)

  • Zn (अधिक क्रियाशील) — anode
  • Cu (कम क्रियाशील) — cathode

5. सबसे क्रियाशील (पाँच) — एक नज़र में

याद रखें: "K Na Ca Mg Al" ये धातुएँ क्रियाशीलता श्रेणी की 'टॉप 5' हैं।

6. कौन धातु किसके लवण को विस्थापित कर सकती है?

उदाहरण:

  • Zn → Cu, Hg, Ag, Au के लवणों को (हाँ)
  • Cu → Ag, Au के लवणों को (हाँ)
  • Cu → Zn, Fe के लवणों को (नहीं — कम क्रियाशील)
  • Au → किसी के लवण को (नहीं — सबसे कम)

7. एक रोचक पुष्टि — गर्मी से भी क्रियाशीलता दिखती है!

अधिक क्रियाशील धातुओं के ऑक्साइड गर्म करने पर भी अपघटित नहीं होते। कम क्रियाशील — सरलता से अपघटित।

उदाहरण:

  • 2HgOΔ2Hg+O22HgO \xrightarrow{\Delta} 2Hg + O_2 (आसानी से)
  • 2Ag2OΔ4Ag+O22Ag_2O \xrightarrow{\Delta} 4Ag + O_2 (आसानी से)
  • Na2ONa_2O — गर्म करने पर अपघटित नहीं! (बहुत स्थिर)

[बोर्ड महत्वपूर्ण] क्रियाशीलता श्रेणी हर वर्ष किसी न किसी रूप में पूछी जाती है।

🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)

बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।

1. धातु + अम्ल

धातु+तनु अम्ललवण+H2\text{धातु} + \text{तनु अम्ल} \rightarrow \text{लवण} + H_2\uparrow

अनिवार्य:

  • Mg+2HClMgCl2+H2Mg + 2HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2
  • Zn+H2SO4ZnSO4+H2Zn + H_2SO_4 \rightarrow ZnSO_4 + H_2
  • Fe+2HClFeCl2+H2Fe + 2HCl \rightarrow FeCl_2 + H_2
  • 2Al+6HCl2AlCl3+3H22Al + 6HCl \rightarrow 2AlCl_3 + 3H_2

2. कौन H2H_2 नहीं देता?

  • Cu, Hg, Ag, Au — H से नीचे।
  • HNO₃ — कोई धातु H2H_2 नहीं देती (उपचयक है)।
  • अपवाद: अति-तनु HNO3HNO_3 + Mg/Mn → H2H_2

3. एक्वा रेजिया

सान्द्र HNO3HNO_3 + सान्द्र HClHCl (1:3) — सोना घुलाता है।

4. विस्थापन अभिक्रिया

A + BC → AC + B (A अधिक क्रियाशील)

अनिवार्य:

  • Zn+CuSO4ZnSO4+CuZn + CuSO_4 \rightarrow ZnSO_4 + Cu (नीला → रंगहीन)
  • Fe+CuSO4FeSO4+CuFe + CuSO_4 \rightarrow FeSO_4 + Cu
  • Cu+2AgNO3Cu(NO3)2+2AgCu + 2AgNO_3 \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2Ag

5. क्रियाशीलता श्रेणी

ऊपर से नीचे — अति-क्रियाशील से कम-क्रियाशील:

K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au

(H — संदर्भ रेखा)

6. श्रेणी का व्यावहारिक उपयोग

श्रेणी विशेषता उदाहरण
उच्च जल/अम्ल से तीव्र Na, K, Ca
मध्यम भाप, अम्ल से धीमी Zn, Fe, Al
निम्न केवल मजबूत अम्ल Cu, Au

7. थर्माइट

2Al+Fe2O3Al2O3+2Fe+ऊष्मा2Al + Fe_2O_3 \rightarrow Al_2O_3 + 2Fe + \text{ऊष्मा} उपयोग: रेल पटरियाँ जोड़ना।

8. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न

  1. क्रियाशीलता श्रेणी क्या है? — पूरी सूची।
  2. Zn + CuSO₄ — रंग परिवर्तन के साथ।
  3. Cu तनु HClHCl से क्यों क्रिया नहीं करता?
  4. एक्वा रेजिया क्या है?
  5. थर्माइट अभिक्रिया का उपयोग।

अंतिम सूत्र: अधिक क्रियाशील धातु = श्रेणी में ऊपर = अम्ल/लवण से तेज़ क्रिया = आसानी से इलेक्ट्रॉन छोड़ती है।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — Zn + तनु H2SO4H_2SO_4

जब ज़िंक धातु को तनु H2SO4H_2SO_4 में डाला जाता है, तो क्या होता है?

हल:

अभिक्रिया:

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + H_2(g)\uparrow

प्रेक्षण:

  1. तेज़ बुलबुले बनते हैं — हाइड्रोजन गैस।
  2. Zn धीरे-धीरे घुलता है
  3. विलयन रंगहीन रहता है।
  4. परखनली थोड़ी गर्म हो जाती है (ऊष्माक्षेपी)।

हाइड्रोजन की पुष्टि: जलती हुई तीली (माचिस) पास लाने पर — 'पॉप' की आवाज़ के साथ जलती है।

बना उत्पाद:

  • ZnSO4ZnSO_4 = ज़िंक सल्फेट (रंगहीन)
  • H2H_2 = हाइड्रोजन गैस

यह कौन-सी अभिक्रिया?

  • विस्थापन (Zn ने H को विस्थापित किया)
  • रेडॉक्स

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न — बहुत बार पूछा गया]

उदाहरण 2: NCERT — Cu और तनु HClHCl

जब Cu की पट्टी को तनु HClHCl में डाला जाए, तो क्या होगा?

हल:

उत्तर: कोई अभिक्रिया नहीं होगी।

कारण:

क्रियाशीलता श्रेणी देखें:

...Pb>H>Cu>Hg>Ag>Au...Pb > **H** > Cu > Hg > Ag > Au

Cu, H से नीचे है।

नियम: केवल वे धातुएँ अम्ल से H2H_2 निकालती हैं जो हाइड्रोजन से ऊपर हों।

तनु अम्लों के साथ कौन क्रिया करते हैं?

  • K, Na, Ca → हाँ (विस्फोटक)
  • Mg, Al, Zn, Fe → हाँ (सामान्य अभिक्रिया)
  • Pb → हाँ (धीमी)
  • Cu, Hg, Ag, Au → नहीं

अपवाद:

  • सान्द्र H2SO4H_2SO_4 या HNO3HNO_3 से Cu क्रिया करता है — पर यह विस्थापन नहीं, उपचयन-अपचयन है। Cu+2H2SO4ΔCuSO4+2H2O+SO2Cu + 2H_2SO_4 \xrightarrow{\Delta} CuSO_4 + 2H_2O + SO_2\uparrow

(यहाँ H2H_2 नहीं — बल्कि SO2SO_2 निकलता है।)

व्यावहारिक:

  • तांबे के बर्तनों में अम्लीय खाद्य पदार्थ रख सकते हैं।
  • तांबे की पाइपें अम्लीय जल में टिकती हैं।

[NCERT — महत्वपूर्ण व्याख्या]

उदाहरण 3: NCERT — Zn + CuSO4CuSO_4 (रंग परिवर्तन)

जब Zn की पट्टी को नीले CuSO4CuSO_4 विलयन में डाला जाए, तो क्या होगा?

हल:

अभिक्रिया:

Zn(s)+CuSO4(aq)ZnSO4(aq)+Cu(s)Zn(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + Cu(s)

प्रेक्षण:

  1. नीले CuSO4CuSO_4 विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे फीका होता जाता है।
  2. Zn की पट्टी पर लाल/भूरी परत चढ़ती है (Cu की)।
  3. कुछ ही समय में विलयन रंगहीन हो जाता है।
  4. Zn की पट्टी हल्की होती जाती है।

विश्लेषण:

यहाँ क्या हुआ?

  • क्रियाशीलता श्रेणी: Zn>CuZn > Cu
  • Zn ने CuSO4CuSO_4 से Cu को विस्थापित किया।
  • ZnZnZn2+Zn^{2+} बना (विलयन में गया)।
  • Cu2+Cu^{2+}CuCu बना (पट्टी पर जमा)।

यह विस्थापन (displacement) अभिक्रिया है।

नीले रंग की वजह:

  • CuSO4CuSO_4 विलयन — नीला (Cu²⁺ आयन के कारण)।
  • ZnSO4ZnSO_4 विलयन — रंगहीन (Zn²⁺ आयन रंगहीन)।

यह क्यों संभव? Zn अधिक क्रियाशील — आसानी से इलेक्ट्रॉन देता है। Cu²⁺ इलेक्ट्रॉन लेकर Cu बनता है।

विपरीत प्रयोग: Cu पट्टी को ZnSO4ZnSO_4 विलयन में डालें — कोई अभिक्रिया नहीं।

(क्योंकि Cu, Zn से कम क्रियाशील है।)

[NCERT — हर साल बोर्ड में]

उदाहरण 4: NCERT — सक्रिय श्रेणी पुष्टि प्रयोग

4 परखनलियाँ ली गईं — A, B, C, D। हर एक में Fe, Cu, Zn, Ag के लवण विलयन हैं। एक धातु को सब में बारी-बारी डाला गया। निम्न परिणामों से क्रियाशीलता का क्रम बताएँ।

परखनली विलयन धातु डाली परिणाम
A FeSO4FeSO_4 Cu कोई क्रिया नहीं
B CuSO4CuSO_4 Zn भूरी परत, रंग गायब
C ZnSO4ZnSO_4 Ag कोई क्रिया नहीं
D AgNO3AgNO_3 Cu चमकदार परत, नीला विलयन

हल:

विश्लेषण:

(B): Zn+CuSO4ZnSO4+CuZn + CuSO_4 \rightarrow ZnSO_4 + Cu यानी Zn > Cu (Zn अधिक क्रियाशील)

(D): Cu+2AgNO3Cu(NO3)2+2AgCu + 2AgNO_3 \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2Ag यानी Cu > Ag (Cu अधिक क्रियाशील)

(A): Cu + FeSO₄ → कोई क्रिया नहीं यानी Fe > Cu (Fe अधिक क्रियाशील)

(C): Ag + ZnSO₄ → कोई क्रिया नहीं यानी Zn > Ag (Zn अधिक क्रियाशील; पुष्टि)

इन सब को मिलाकर:

Zn>Fe>Cu>Ag\boxed{Zn > Fe > Cu > Ag}

यह वही क्रम है जो क्रियाशीलता श्रेणी में है!

सीख: लवण-विलयन प्रयोग से ही क्रियाशीलता श्रेणी निर्धारित की जाती है।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रयोग — बहुत बार पूछा]

उदाहरण 5: NCERT — एक्वा रेजिया

एक्वा रेजिया क्या है? यह क्या काम करता है?

हल:

परिभाषा: एक्वा रेजिया (Aqua Regia) = सान्द्र HNO3HNO_3 + सान्द्र HClHCl, 1:3 के अनुपात में।

नाम का अर्थ:

  • 'Aqua' = जल (लैटिन)
  • 'Regia' = राजा का (Royal)
  • 'राजा का जल' — क्योंकि यह 'धातुओं के राजा' सोने को घुला सकता है।

सोने के साथ अभिक्रिया:

Au+3HCl+HNO3AuCl3+NO+2H2OAu + 3HCl + HNO_3 \rightarrow AuCl_3 + NO\uparrow + 2H_2O

(सरल रूप)

सब अम्ल अप्रभावी क्यों, परंतु एक्वा रेजिया प्रभावी?

  • सान्द्र HNO3HNO_3 अकेले — Au को नहीं घुलाता।
  • सान्द्र HClHCl अकेले — Au को नहीं घुलाता।
  • दोनों मिलकर — Au को घुलाते हैं! (तालमेल का प्रभाव)

HNO3HNO_3 से HClHCl का Cl2Cl_2 निकलता है — जो Au के साथ क्रिया करके AuCl3AuCl_3 बनाता है।

विशेषताएँ:

  • अति-संक्षारक तरल।
  • पीला-नारंगी रंग।
  • तीखी, चुभन-दार गंध।
  • काँच के पात्र में रखा जाता है।

उपयोग:

  1. सोने का परिष्करण।
  2. प्लेटिनम का घोलना।
  3. प्रयोगशाला परीक्षण।

'एक्वा रेजिया' सोने और प्लेटिनम के लिए — और कौन-सी धातुएँ अप्रभावी?

केवल कुछ — जैसे रोडियम (Rh), टैंटलम (Ta) — एक्वा रेजिया से भी अप्रभावित।

[NCERT — रोचक तथ्य]

उदाहरण 6: NCERT — थर्माइट अभिक्रिया

थर्माइट अभिक्रिया क्या है? इसका उपयोग बताइए।

हल:

परिभाषा: एल्यूमिनियम चूर्ण के द्वारा Fe2O3Fe_2O_3 का अति-तेज़ अपचयन — जिसमें इतनी ऊष्मा निकलती है कि बना Fe पिघल जाता है।

अभिक्रिया:

2Al(s)+Fe2O3(s)ऊष्मा2Fe(l)+Al2O3(s)+बहुत-सी ऊष्मा2Al(s) + Fe_2O_3(s) \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} 2Fe(l) + Al_2O_3(s) + \text{बहुत-सी ऊष्मा}

विशेषताएँ:

  1. अति-ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया।
  2. तापमान 3000°C तक पहुँचता है।
  3. बना Fe पिघला हुआ होता है।
  4. ज्वाला, चिंगारियाँ — दूर से दिखती हैं।

यह क्यों संभव?

  • Al, Fe से अधिक क्रियाशील।
  • Al ने Fe को Fe2O3Fe_2O_3 से विस्थापित किया।
  • अति-तेज़ अभिक्रिया = बहुत ऊष्मा।

व्यावहारिक उपयोग

1. रेल पटरियाँ जोड़ना (Welding):

  • टूटी पटरियाँ जोड़ने के लिए।
  • पिघला Fe दरार में जाकर ठंडा होकर जुड़ जाता है।
  • 'थर्माइट वेल्डिंग' कहलाता है।

2. मशीन के पुर्ज़े जोड़ना:

  • भारी पुर्ज़ों में दरारें भरने।

3. आपातकालीन फ़्यूज़:

  • सेना में।

अन्य धातुओं का अपचयन

थर्माइट का सिद्धांत Mn, Cr आदि के निष्कर्षण में भी:

8Al+3Mn3O44Al2O3+9Mn8Al + 3Mn_3O_4 \rightarrow 4Al_2O_3 + 9Mn

2Al+Cr2O3Al2O3+2Cr2Al + Cr_2O_3 \rightarrow Al_2O_3 + 2Cr

सावधानियाँ:

  • सुरक्षा-चश्मा।
  • अग्नि-शामक उपकरण।
  • खुले स्थान पर।
  • दूर से शुरू।

[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]

उदाहरण 7: NCERT — सक्रिय श्रेणी से तीन प्रश्न

(a) क्या Cu, FeSO4FeSO_4 विलयन से Fe विस्थापित कर सकता है? (b) क्या Zn, MgSO4MgSO_4 विलयन से Mg विस्थापित कर सकता है? (c) क्या Fe, CuSO4CuSO_4 विलयन से Cu विस्थापित कर सकता है?

हल:

नियम: केवल अधिक क्रियाशील धातु ही विस्थापन कर सकती है।

क्रियाशीलता श्रेणी: Mg>Zn>Fe>CuMg > Zn > Fe > Cu

(a) Cu + FeSO₄ → ?

तुलना: Cu vs Fe

  • Fe अधिक क्रियाशील (Fe > Cu)।
  • Cu, Fe से कम क्रियाशील।

उत्तर: नहीं। Cu, Fe को विस्थापित नहीं कर सकता।

अभिक्रिया: Cu + FeSO₄ → कोई अभिक्रिया नहीं।

(b) Zn + MgSO₄ → ?

तुलना: Zn vs Mg

  • Mg अधिक क्रियाशील (Mg > Zn)।
  • Zn, Mg से कम क्रियाशील।

उत्तर: नहीं। Zn, Mg को विस्थापित नहीं कर सकता।

अभिक्रिया: Zn + MgSO₄ → कोई अभिक्रिया नहीं।

(c) Fe + CuSO₄ → ?

तुलना: Fe vs Cu

  • Fe अधिक क्रियाशील (Fe > Cu)।
  • Cu, Fe से कम क्रियाशील।

उत्तर: हाँ! Fe, Cu को विस्थापित कर सकता है।

अभिक्रिया: Fe(s)+CuSO4(aq)FeSO4(aq)+Cu(s)Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)

प्रेक्षण:

  • नीला विलयन हल्का हरा हो जाता है (FeSO₄ हल्का हरा)।
  • Fe पर लाल-भूरी Cu की परत।

सीख: किसी भी धातु-लवण-विलयन प्रयोग में पहले श्रेणी देखें — फिर अभिक्रिया।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]

उदाहरण 8: NCERT — Hg और सान्द्र अम्ल

पारा (Hg) तनु HClHCl से क्रिया नहीं करता। फिर भी पारा का व्यापारिक उपयोग कैसे संभव है?

हल:

Hg का व्यवहार:

क्रियाशीलता श्रेणी: ...Cu>Hg>Ag>Au...Cu > Hg > Ag > Au

Hg, H से नीचे है।

तनु HCl/H2SO4HCl/H_2SO_4: कोई अभिक्रिया नहीं।

सान्द्र HNO3HNO_3: Hg+4HNO3Hg(NO3)2+2H2O+2NO2Hg + 4HNO_3 \rightarrow Hg(NO_3)_2 + 2H_2O + 2NO_2\uparrow

वायु से (गर्म करने पर): 2Hg+O2Δ2HgO2Hg + O_2 \xrightarrow{\Delta} 2HgO

HgO के अपघटन से Hg वापस: 2HgOΔ2Hg+O22HgO \xrightarrow{\Delta} 2Hg + O_2

(यह 'सर्कुलर' अभिक्रिया।)

व्यापारिक उपयोग

Hg की कम क्रियाशीलता ही लाभदायक:

1. थर्मामीटर:

  • Hg अप्रभावित रहता है — काँच, वायु, साधारण ताप पर।
  • तापमान के साथ रैखिक प्रसार।

2. बैरोमीटर:

  • सही दाब मापन।
  • Hg वाष्प नगण्य।

3. विद्युत स्विच:

  • Hg बहता है — सटीक संपर्क।

4. फ्लोरोसेंट लैम्प:

  • Hg वाष्प पराबैंगनी प्रकाश।

5. मिश्रधातु (अमलगम):

  • Hg + अन्य धातु = अमलगम (दंत-चिकित्सा, स्वर्ण-निष्कर्षण)।

खतरे

Hg अति-विषाक्त (बायोलॉजिकल):

  • वाष्प साँस लेने पर खतरनाक।
  • शरीर में जमा होकर तंत्रिका-नुकसान।
  • 'मीनामाटा रोग' (जापान, 1956) — Hg प्रदूषण से।

आधुनिक उपयोग में कमी:

  • Hg-थर्मामीटर — डिजिटल से बदले गए।
  • LED — Hg-लैम्प से बेहतर।

[बोर्ड में 3-अंक]

उदाहरण 9: संख्यात्मक — Zn + HCl

13 g Zn को तनु HClHCl में डालने पर कितने ग्राम H2H_2 गैस निकलेगी? (Zn=65, H=1)

हल:

अभिक्रिया:

Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2\uparrow

अणुभार:

  • 1 mol Zn = 65 g
  • 1 mol H₂ = 2 g

अनुपात: 65 g Zn → 2 g H₂

13 g Zn से:

H2=265×13=2665=0.4 g\text{H}_2 = \frac{2}{65} \times 13 = \frac{26}{65} = 0.4 \text{ g}

उत्तर: 0.4 g H2H_2 निकलेगी।

आयतन भी (NTP पर):

  • 1 mol = 22.4 L
  • 0.4 g H₂ = 0.2 mol
  • आयतन = 0.2 × 22.4 = 4.48 L

[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]

उदाहरण 10: एक रोचक प्रश्न — Cu की पट्टी और AgNO₃

Cu की पट्टी को AgNO3AgNO_3 विलयन में डालने पर क्या होता है?

हल:

अभिक्रिया:

Cu(s)+2AgNO3(aq)Cu(NO3)2(aq)+2Ag(s)Cu(s) + 2AgNO_3(aq) \rightarrow Cu(NO_3)_2(aq) + 2Ag(s)

प्रेक्षण:

  1. Cu की पट्टी पर चांदी की चमकदार परत (या रोयेंदार Ag के क्रिस्टल)।
  2. विलयन का रंग रंगहीन से नीला हो जाता है।
  3. विलयन में Cu2+Cu^{2+} आयन — नीले।
  4. AgAg धातु — चांदी जैसी सतह।

विश्लेषण:

क्रियाशीलता: Cu > Ag।

Cu ने Ag को विस्थापित किया:

  • CuCu2++2eCu \rightarrow Cu^{2+} + 2e^-
  • 2Ag++2e2Ag2Ag^+ + 2e^- \rightarrow 2Ag

यह विस्थापन — रेडॉक्स अभिक्रिया भी।

विपरीत प्रयोग: Ag पट्टी को CuSO4CuSO_4 विलयन में → कोई क्रिया नहीं।

(क्योंकि Ag, Cu से कम क्रियाशील।)

सजावटी उपयोग — सिल्वर मिरर

इस सिद्धांत से:

  • Cu पात्र पर हल्के AgNO₃ विलयन से कोटिंग।
  • सुंदर 'सिल्वर मिरर' दर्पण निर्माण।
  • भोजन परोसने वाले प्लेटों में।

विद्युत-लेपन (Electroplating):

  • विद्युत धारा से अधिक नियंत्रित परत।
  • (अनुभाग 8 में विस्तार से।)

[बोर्ड + व्यावहारिक]

उदाहरण 11: NCERT — एक मिश्र अभिक्रिया

निम्न में से कौन-कौन क्रिया करेंगी? सम्भव अभिक्रिया लिखें।

(a) Mg + Zn (NO₃)₂ (b) Pb + CuSO₄ (c) Ag + Pb(NO₃)₂ (d) Fe + ZnSO₄

हल:

क्रियाशीलता श्रेणी (इस प्रश्न के लिए): Mg>Zn>Fe>Pb>Cu>AgMg > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag

(a) Mg + Zn(NO₃)₂

  • Mg > Zn? हाँ! (Mg अधिक क्रियाशील)

अभिक्रिया होगी: Mg(s)+Zn(NO3)2(aq)Mg(NO3)2(aq)+Zn(s)Mg(s) + Zn(NO_3)_2(aq) \rightarrow Mg(NO_3)_2(aq) + Zn(s)

(b) Pb + CuSO₄

  • Pb > Cu? हाँ! (Pb अधिक क्रियाशील)

अभिक्रिया होगी: Pb(s)+CuSO4(aq)PbSO4(s)+Cu(s)Pb(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow PbSO_4(s) + Cu(s)

(PbSO₄ अल्प-विलेय — श्वेत अवक्षेप)

(c) Ag + Pb(NO₃)₂

  • Ag > Pb? नहीं! (Ag, Pb से कम क्रियाशील)

कोई अभिक्रिया नहीं।

(d) Fe + ZnSO₄

  • Fe > Zn? नहीं! (Fe, Zn से कम क्रियाशील)

कोई अभिक्रिया नहीं।

सारांश तालिका

युग्म अधिक क्रियाशील अभिक्रिया
Mg + Zn(NO₃)₂ Mg हाँ
Pb + CuSO₄ Pb हाँ
Ag + Pb(NO₃)₂ Pb (पर लवण में) नहीं
Fe + ZnSO₄ Zn (पर लवण में) नहीं

सीख: विस्थापन के लिए — पट्टी की धातु, लवण की धातु से अधिक क्रियाशील होनी चाहिए।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]

उदाहरण 12: एक रोचक प्रदर्शन — Fe नाख़ून और CuSO₄

5 लोहे के नाख़ून लो। उन्हें CuSO4CuSO_4 विलयन में डाल दो। एक दिन बाद क्या दिखेगा?

हल:

अभिक्रिया:

Fe(s)+CuSO4(aq)FeSO4(aq)+Cu(s)Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)

प्रेक्षण (समय के साथ):

तुरंत (0 मिनट):

  • नीला विलयन।
  • चमकदार Fe नाख़ून।

5 मिनट:

  • नाख़ून पर हल्की लाल-भूरी परत शुरू।
  • विलयन का रंग थोड़ा कम।

1 घंटे बाद:

  • नाख़ून पर मोटी Cu की परत।
  • विलयन हरा-नीला।

24 घंटे बाद (दिन भर):

  • नाख़ून पूरी तरह लाल-भूरी Cu से ढका।
  • विलयन हल्का हरा (FeSO₄ का रंग)।
  • विलयन का नीला रंग गायब

विश्लेषण

क्या हुआ?

  1. Fe → Fe²⁺ + 2e⁻ (इलेक्ट्रॉन छोड़े)।
  2. Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu (इलेक्ट्रॉन ग्रहण किए)।
  3. Fe ने Cu को विस्थापित किया।

यह क्यों संभव?

  • Fe, Cu से अधिक क्रियाशील।
  • Fe आसानी से इलेक्ट्रॉन देता है।

व्यावहारिक उपयोग

यह सिद्धांत — कई औद्योगिक प्रक्रियाओं में:

  1. Cu का निष्कर्षण:
  • कमज़ोर CuSO4CuSO_4 विलयन से Fe द्वारा।
  1. धातु लेपन:
  • कुछ प्रयोगों में।

सावधानी

Fe + CuSO₄ — एक रिवर्सिबल नहीं!

यानी एक बार Cu Fe पर जमा हो जाए — नीला रंग वापस नहीं आता।

[बोर्ड + प्रयोगशाला]

उदाहरण 13: एक चुनौती — पाँच धातुओं का क्रम

निम्न प्रयोगों के परिणामों से A, B, C, D, E धातुओं को बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में रखें:

  • A, B2SO4B_2SO_4 विलयन से B विस्थापित करता है।
  • B, D2SO4D_2SO_4 विलयन से D विस्थापित करता है।
  • C, A2SO4A_2SO_4 विलयन से A विस्थापित करता है।
  • E, ठंडे जल से क्रिया नहीं करता; पर D, E2SO4E_2SO_4 विलयन से E विस्थापित करता है।

हल:

विश्लेषण:

(1) A > B (A ने B को विस्थापित किया)

(2) B > D (B ने D को विस्थापित किया)

(3) C > A (C ने A को विस्थापित किया)

(4) D > E (D ने E को विस्थापित किया)

सब को मिलाकर:

(3) से: C > A (1) से: A > B (2) से: B > D (4) से: D > E

अंतिम क्रम (अधिक क्रियाशील से कम):

C>A>B>D>EC > A > B > D > E

बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में:

E<D<B<A<C\boxed{E < D < B < A < C}

व्याख्या

यह क्यों इस प्रकार?

  • E सबसे कम क्रियाशील — ठंडे जल से क्रिया नहीं।
  • C सबसे अधिक क्रियाशील — सब को विस्थापित कर सकता है।

अनुप्रयोग

इस तरह के प्रयोगों से ही — असली क्रियाशीलता श्रेणी तय की गई थी।

आप पहचान सकते हैं?

यदि C = Mg, A = Zn, B = Fe, D = Cu, E = Au — तो श्रेणी मिल जाती है!

[बोर्ड में 5-अंक तार्किक प्रश्न]

उदाहरण 14: NCERT — सान्द्र HNO₃ और धातुएँ

जब Mg, Cu, Zn को सान्द्र HNO3HNO_3 में डाला जाए, तो H2H_2 क्यों नहीं निकलती?

हल:

मूल नियम: धातु + तनु अम्ल → लवण + H2H_2

परंतु — सान्द्र HNO3HNO_3 में यह नियम विफल होता है।

क्यों?

HNO3HNO_3 एक प्रबल उपचयक है।

यानी — यदि कोई H2H_2 निकले भी, HNO3HNO_3 उसे तुरंत H2OH_2O में उपचयित कर देता है।

2H2+O2H2O2H_2 + O \rightarrow 2H_2O (तीव्रता से)

इसके स्थान पर — HNO3HNO_3 का N घटिया अवस्था में आता है।

वास्तविक अभिक्रियाएँ

Cu + सान्द्र HNO3HNO_3:

Cu+4HNO3Cu(NO3)2+2H2O+2NO2Cu + 4HNO_3 \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2H_2O + 2NO_2\uparrow

(भूरी-लाल NO2NO_2 गैस; H2H_2 नहीं!)

Cu + तनु HNO3HNO_3:

3Cu+8HNO33Cu(NO3)2+4H2O+2NO3Cu + 8HNO_3 \rightarrow 3Cu(NO_3)_2 + 4H_2O + 2NO\uparrow

(रंगहीन NONO गैस — वायु में NO2NO_2 बन जाती है।)

Zn + सान्द्र HNO3HNO_3:

Zn+4HNO3Zn(NO3)2+2H2O+2NO2Zn + 4HNO_3 \rightarrow Zn(NO_3)_2 + 2H_2O + 2NO_2\uparrow

अपवाद — Mg और Mn

अति-तनु HNO3HNO_3 + Mg:

Mg+2HNO3(अति-तनु)Mg(NO3)2+H2Mg + 2HNO_3(\text{अति-तनु}) \rightarrow Mg(NO_3)_2 + H_2\uparrow

यहाँ Mg अति-क्रियाशील — और HNO3HNO_3 इतना तनु कि उपचय करना कठिन।

Mn भी इसी प्रकार।

सारांश

स्थिति उत्पाद
Mg/Mn + अति-तनु HNO3HNO_3 H2H_2
धातु + तनु HNO3HNO_3 NONO + लवण
धातु + सान्द्र HNO3HNO_3 NO2NO_2 + लवण
Cu + तनु/सान्द्र H2SO4H_2SO_4 H2H_2 नहीं (Cu, H से नीचे)
Cu + सान्द्र H2SO4H_2SO_4 + ऊष्मा SO2SO_2 + लवण

सीख: उपचयक अम्ल — सामान्य नियम तोड़ते हैं।

[NCERT महत्वपूर्ण व्याख्या]

उदाहरण 15: एक मिश्र — Al, Zn, Fe — किसका अधिक क्रियाशील?

Al, Zn, Fe — तीनों के सम्बन्ध के बारे में चर्चा करें। तनु अम्ल से अभिक्रिया लिखें।

हल:

क्रियाशीलता श्रेणी (इस भाग के लिए):

Al>Zn>FeAl > Zn > Fe

अभिक्रियाएँ — तनु HClHCl से

Al + तनु HCl: 2Al+6HCl2AlCl3+3H22Al + 6HCl \rightarrow 2AlCl_3 + 3H_2\uparrow

(अति-तेज़ अभिक्रिया, बहुत बुलबुले)

Zn + तनु HCl: Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2\uparrow

(मध्यम तेज़, अच्छे बुलबुले)

Fe + तनु HCl: Fe+2HClFeCl2+H2Fe + 2HCl \rightarrow FeCl_2 + H_2\uparrow

(धीमी, कम बुलबुले — विशेषकर ठंडे ताप पर)

तीव्रता का क्रम

अभिक्रिया की तीव्रता: Al > Zn > Fe

इसका कारण:

  • Al — 3 बाह्य इलेक्ट्रॉन, अधिक क्रियाशील।
  • Zn — 2 बाह्य इलेक्ट्रॉन।
  • Fe — d-ब्लॉक, मध्यम।

कुछ चौंकाने वाले तथ्य

Al कक्षा में 'सरसरी' नहीं — क्यों?

  • Al पर Al2O3Al_2O_3 की पतली परत।
  • शुरू में अम्ल — पहले परत को घुलाता है।
  • फिर असली अभिक्रिया।
  • यानी पहले देरी, फिर तेज़

Fe को धीमा कौन बनाता है?

  • Fe पर भी हल्की ऑक्साइड परत।
  • तनु अम्ल इसे आसानी से घुला देता है।
  • फिर भी अभिक्रिया मध्यम।

व्यावहारिक परिणाम

1. किस धातु के बर्तन सुरक्षित?

  • Al: अम्लीय खाने के लिए नहीं (पर Al2O3Al_2O_3 रक्षक)।
  • Fe: जंग का खतरा।
  • स्टेनलेस स्टील: सबसे सुरक्षित (Cr-कोटिंग)।

2. नल/पाइप:

  • ज़ंकित (galvanized) Fe — Zn कोटिंग।
  • Cu पाइप — सबसे टिकाऊ (पर महंगे)।

[बोर्ड में 3-5 अंक]

उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न — विस्तृत

(a) क्रियाशीलता श्रेणी की पूरी सूची बनाइए। (b) कौन-सी धातु — Cu, Zn, Mg — विस्थापन कर सकती है: AgNO₃ विलयन से? (c) तनु अम्ल से क्या निकलता है? पुष्टि कैसे? (d) एक्वा रेजिया का सूत्र और उपयोग।

हल:

(a) क्रियाशीलता श्रेणी

अधिक से कम क्रियाशील:

K>Na>Ca>Mg>Al>Zn>Fe>Pb>(H)>Cu>Hg>Ag>Au\text{K} > \text{Na} > \text{Ca} > \text{Mg} > \text{Al} > \text{Zn} > \text{Fe} > \text{Pb} > \text{(H)} > \text{Cu} > \text{Hg} > \text{Ag} > \text{Au}

हिंदी में याद: "पोटैशियम सोडियम कैसे मैग्नी जाएगा एलू ज़िंक से लोहे को परेशान — हम कौन हैं? आओ, गाय एक चलें।"

(b) किस-किस से Ag विस्थापन?

श्रेणी देखें: Mg, Zn, Cu — सब Ag से अधिक क्रियाशील!

तीनों ही AgNO3AgNO_3 से Ag विस्थापित कर सकती हैं।

अभिक्रियाएँ:

Cu+2AgNO3Cu(NO3)2+2AgCu + 2AgNO_3 \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2Ag Zn+2AgNO3Zn(NO3)2+2AgZn + 2AgNO_3 \rightarrow Zn(NO_3)_2 + 2Ag Mg+2AgNO3Mg(NO3)2+2AgMg + 2AgNO_3 \rightarrow Mg(NO_3)_2 + 2Ag

(c) तनु अम्ल + धातु → ?

उत्पाद: लवण + H2H_2 गैस।

H2H_2 की पुष्टि:

'पॉप' टेस्ट:

  • गैस को परखनली में एकत्र करें।
  • एक जलती तीली पास लाएँ।
  • यदि H2H_2 — 'पॉप' की तेज़ आवाज़ के साथ जलती है।

अभिक्रिया: 2H2+O22H2O2H_2 + O_2 \rightarrow 2H_2O

(शीत-जल वाष्प के रूप में।)

(d) एक्वा रेजिया

सूत्र: सान्द्र HNO3HNO_3 + सान्द्र HClHCl (1 : 3)

अर्थ: 'राजा का जल' — सोने को घुलाता है।

मुख्य उपयोग:

  1. सोने का परिष्करण।
  2. प्लेटिनम का घोलना।
  3. प्रयोगशाला परीक्षण।

विशेष: 'जादू' — दोनों अम्ल अकेले Au को नहीं घुलाते, पर मिलकर Cl2Cl_2 बनाते हैं — जो Au को घुला देता है।

[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]