धातुओं की अम्लों से अभिक्रिया
जब धातुएँ तनु अम्लों से क्रिया करती हैं, तो वे लवण और हाइड्रोजन गैस देती हैं।
सामान्य अभिक्रिया
(अध्याय 2 - अम्ल, क्षार और लवण - का संदर्भ)
मुख्य उदाहरण
सोडियम के साथ (बहुत खतरनाक — विस्फोटक):
मैग्नीशियम के साथ (कक्षा में सामान्य प्रदर्शन):
ज़िंक के साथ (बहुत बार पूछा जाता):
आयरन के साथ:
एल्यूमिनियम के साथ:
अभिक्रिया की तीव्रता
अधिक क्रियाशील धातु = अधिक तेज़ अभिक्रिया।
तीव्रता का क्रम (दृष्टिगत):
- Na/K — विस्फोटक (कभी कक्षा में नहीं!)
- Mg — तेज़ बुलबुले, बहुत ऊष्मा
- Zn — मध्यम बुलबुले
- Fe — धीमी अभिक्रिया
- Cu, Au — कोई अभिक्रिया नहीं!

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Reactivity series | सक्रियता श्रेणी |
| Most reactive | सर्वाधिक क्रियाशील |
| Least reactive | सबसे कम क्रियाशील |
| Decreasing reactivity | घटती सक्रियता |
| Hydrogen | हाइड्रोजन |
अम्लों से क्रिया न करने वाली धातुएँ
Cu, Ag, Au का व्यवहार
Cu, Ag, Au — तनु या से कोई अभिक्रिया नहीं।
क्यों? — क्रियाशीलता श्रेणी में ये हाइड्रोजन से नीचे हैं।
मुख्य नियम
केवल वे धातुएँ अम्ल से निकालती हैं जो हाइड्रोजन से ऊपर हैं।
सान्द्र अम्लों के साथ कुछ अपवाद
हालाँकि Cu तनु अम्ल से क्रिया नहीं करता, परंतु सान्द्र या सान्द्र से क्रिया करता है।
Cu + सान्द्र :
Cu + सान्द्र :
(यह अभिक्रिया विस्थापन नहीं — उपचयन-अपचयन है। यहाँ Cu उपचयित होता है, नहीं निकलता।)
सोने के साथ — एक्वा रेजिया
सोना — सब अम्लों से अप्रभावित।
अपवाद — एक्वा रेजिया (Royal Water):
सान्द्र + सान्द्र (1:3 अनुपात में मिश्रण)
केवल यह सोने को घुला सकता है।
नाम का अर्थ:
- Aqua = जल
- Regia = राजा का
- 'राजा का जल' — क्योंकि यह 'धातुओं के राजा' (सोने) को घुला सकता है।
क्यों धातु से नहीं देती?
एक प्रबल उपचयक है। यह निकले को तुरंत में बदल देता है। इसलिए से धातुएँ नहीं देतीं — बल्कि या देती हैं।
अपवाद: Mg और Mn — बहुत तनु से देते हैं।
विस्थापन अभिक्रियाएँ — धातु लवण विलयन से
सिद्धांत
अधिक क्रियाशील धातु अपने से कम क्रियाशील धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित कर देती है।
सामान्य रूप
(जहाँ A, B धातुएँ हैं और A अधिक क्रियाशील है)
प्रसिद्ध उदाहरण
Zn + CuSO₄ (नीला) → ZnSO₄ (रंगहीन) + Cu (लाल):
दृष्टिगत प्रेक्षण:
- नीला का रंग हल्का होता जाता है।
- की पट्टी पर लाल/भूरी Cu की परत चढ़ती है।
- धीरे-धीरे घुलता है।
यहाँ Zn ने Cu को विस्थापित किया — क्योंकि Zn अधिक क्रियाशील है।
अन्य उदाहरण
1. Fe + CuSO₄: (हल्का हरा FeSO₄ बनता है; लोहे पर तांबे की परत)
2. Cu + AgNO₃: (रंगहीन AgNO₃ नीला Cu(NO₃)₂ बनता है; तांबे पर चांदी की परत)
3. Mg + CuSO₄: (रंगहीन MgSO₄; Mg पर Cu की परत)
कब विस्थापन नहीं होगा
कम क्रियाशील धातु → अधिक क्रियाशील धातु के लवण से कोई क्रिया नहीं।
उदाहरण (कोई अभिक्रिया नहीं):
Cu + ZnSO₄ → कोई अभिक्रिया
(क्योंकि Cu, Zn से कम क्रियाशील है)
Ag + CuSO₄ → कोई अभिक्रिया
(क्योंकि Ag, Cu से कम क्रियाशील है)
एक प्रयोग — सक्रिय श्रेणी की पुष्टि
4 परखनलियाँ:
- A: + टुकड़ा → Fe जमा हो
- B: + टुकड़ा → कोई क्रिया नहीं
- C: + टुकड़ा → कोई क्रिया नहीं
- D: + टुकड़ा → Ag जमा हो
निष्कर्ष:
क्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series)
क्या है यह?
अधिक क्रियाशील से कम क्रियाशील की ओर — धातुओं की एक क्रमबद्ध सूची।
पूरी क्रियाशीलता श्रेणी
(ऊपर = अधिक क्रियाशील, नीचे = कम क्रियाशील)
K पोटैशियम ↑ अति-क्रियाशील
Na सोडियम
Ca कैल्शियम
Mg मैग्नीशियम
Al एल्यूमिनियम मध्यम क्रियाशील
Zn ज़िंक
Fe लोहा
Pb सीसा (लेड)
H हाइड्रोजन ← ↓ संदर्भ रेखा
Cu तांबा (कॉपर)
Hg पारा (मरकरी)
Ag चांदी (सिल्वर)
Au सोना ↓ कम क्रियाशील
याद रखने का तरीक़ा (Mnemonic)
हिंदी में: "पोटैशियम सोडियम कैसे मैग्नी जाएगा एलू ज़िंक से लोहे को परेशान करके — हम कौन हैं? आओ, गाय एक चलें।"
K Na Ca Mg Al Zn Fe Pb H Cu Hg Ag Au
अंग्रेज़ी में: "Please Stop Calling Me A Zebra Instead Try Learning How Copper Saves Gold"
(K Na Ca Mg Al Zn Fe Pb H Cu Hg Ag Au — समूह अनुसार समायोजित)
विभाजन
1. अति-क्रियाशील (K से Mg):
- ठंडे/गर्म जल से क्रिया।
- सब अम्लों से तीव्र क्रिया।
- विद्युत-अपघटन से प्राप्त।
2. मध्यम-क्रियाशील (Al से Pb):
- भाप से क्रिया।
- तनु अम्ल से क्रिया।
- कार्बन से अपचयन से प्राप्त।
3. कम-क्रियाशील (Cu से Au):
- जल/अम्ल से कोई क्रिया नहीं।
- मुक्त अवस्था में या ऊष्मा से प्राप्त।
हाइड्रोजन की भूमिका
H — एक संदर्भ बिंदु (हालाँकि अधातु है)।
केवल H से ऊपर की धातुएँ ही अम्ल से निकालती हैं।
H से नीचे की धातुएँ (Cu, Hg, Ag, Au):
- तनु अम्ल से कोई क्रिया नहीं।
- नहीं देतीं।
क्रियाशीलता श्रेणी के अनुप्रयोग
1. भंडारण
| धातु | भंडारण |
|---|---|
| Na, K | केरोसिन में (वायु से बचाने) |
| P (फॉस्फोरस — अधातु) | जल में |
| Mg, Al आदि | खुले में (सुरक्षा परत) |
| Au, Ag | जैसे भी (निष्क्रिय) |
2. विस्थापन — व्यावहारिक उपयोग
(a) थर्माइट अभिक्रिया (Thermite Reaction):
Al का से अपचयन — रेल पटरियाँ जोड़ने के लिए।
अति-तेज़ अभिक्रिया, बहुत ऊष्मा निकलती है। पिघला Fe टपकता है।
(b) सिल्वर मिरर (दर्पण) निर्माण:
Cu के पात्र पर का विलयन — Ag की चमकदार परत बनती है।
3. निष्कर्षण विधि
धातु की क्रियाशीलता उसके निष्कर्षण की विधि निर्धारित करती है।
| श्रेणी | धातु | विधि |
|---|---|---|
| उच्च | Na, K, Ca, Al | विद्युत-अपघटन (ज्ञान सेक्शन 7) |
| मध्यम | Zn, Fe, Pb | कार्बन से अपचयन |
| निम्न | Cu, Hg, Ag, Au | प्रायः मुक्त रूप में मिलते हैं |
(विस्तार से अनुभाग 7 में)
4. विद्युत-रासायनिक सेल
अधिक क्रियाशील धातु — सेल का ऋणात्मक सिरा (anode)। कम क्रियाशील — धनात्मक सिरा (cathode)।
उदाहरण: डेनियल सेल (Daniell cell)
- Zn (अधिक क्रियाशील) — anode
- Cu (कम क्रियाशील) — cathode
5. सबसे क्रियाशील (पाँच) — एक नज़र में
याद रखें: "K Na Ca Mg Al" ये धातुएँ क्रियाशीलता श्रेणी की 'टॉप 5' हैं।
6. कौन धातु किसके लवण को विस्थापित कर सकती है?
उदाहरण:
- Zn → Cu, Hg, Ag, Au के लवणों को (हाँ)
- Cu → Ag, Au के लवणों को (हाँ)
- Cu → Zn, Fe के लवणों को (नहीं — कम क्रियाशील)
- Au → किसी के लवण को (नहीं — सबसे कम)
7. एक रोचक पुष्टि — गर्मी से भी क्रियाशीलता दिखती है!
अधिक क्रियाशील धातुओं के ऑक्साइड गर्म करने पर भी अपघटित नहीं होते। कम क्रियाशील — सरलता से अपघटित।
उदाहरण:
- (आसानी से)
- (आसानी से)
- — गर्म करने पर अपघटित नहीं! (बहुत स्थिर)
[बोर्ड महत्वपूर्ण] क्रियाशीलता श्रेणी हर वर्ष किसी न किसी रूप में पूछी जाती है।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।
1. धातु + अम्ल
अनिवार्य:
2. कौन नहीं देता?
- Cu, Hg, Ag, Au — H से नीचे।
- HNO₃ — कोई धातु नहीं देती (उपचयक है)।
- अपवाद: अति-तनु + Mg/Mn → ।
3. एक्वा रेजिया
सान्द्र + सान्द्र (1:3) — सोना घुलाता है।
4. विस्थापन अभिक्रिया
A + BC → AC + B (A अधिक क्रियाशील)
अनिवार्य:
- (नीला → रंगहीन)
5. क्रियाशीलता श्रेणी
ऊपर से नीचे — अति-क्रियाशील से कम-क्रियाशील:
K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
(H — संदर्भ रेखा)
6. श्रेणी का व्यावहारिक उपयोग
| श्रेणी | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| उच्च | जल/अम्ल से तीव्र | Na, K, Ca |
| मध्यम | भाप, अम्ल से धीमी | Zn, Fe, Al |
| निम्न | केवल मजबूत अम्ल | Cu, Au |
7. थर्माइट
उपयोग: रेल पटरियाँ जोड़ना।
8. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- क्रियाशीलता श्रेणी क्या है? — पूरी सूची।
- Zn + CuSO₄ — रंग परिवर्तन के साथ।
- Cu तनु से क्यों क्रिया नहीं करता?
- एक्वा रेजिया क्या है?
- थर्माइट अभिक्रिया का उपयोग।
अंतिम सूत्र: अधिक क्रियाशील धातु = श्रेणी में ऊपर = अम्ल/लवण से तेज़ क्रिया = आसानी से इलेक्ट्रॉन छोड़ती है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — Zn + तनु
जब ज़िंक धातु को तनु में डाला जाता है, तो क्या होता है?
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- तेज़ बुलबुले बनते हैं — हाइड्रोजन गैस।
- Zn धीरे-धीरे घुलता है।
- विलयन रंगहीन रहता है।
- परखनली थोड़ी गर्म हो जाती है (ऊष्माक्षेपी)।
हाइड्रोजन की पुष्टि: जलती हुई तीली (माचिस) पास लाने पर — 'पॉप' की आवाज़ के साथ जलती है।
बना उत्पाद:
- = ज़िंक सल्फेट (रंगहीन)
- = हाइड्रोजन गैस
यह कौन-सी अभिक्रिया?
- विस्थापन (Zn ने H को विस्थापित किया)
- रेडॉक्स
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न — बहुत बार पूछा गया]
उदाहरण 2: NCERT — Cu और तनु
जब Cu की पट्टी को तनु में डाला जाए, तो क्या होगा?
हल:
उत्तर: कोई अभिक्रिया नहीं होगी।
कारण:
क्रियाशीलता श्रेणी देखें:
Cu, H से नीचे है।
नियम: केवल वे धातुएँ अम्ल से निकालती हैं जो हाइड्रोजन से ऊपर हों।
तनु अम्लों के साथ कौन क्रिया करते हैं?
- K, Na, Ca → हाँ (विस्फोटक)
- Mg, Al, Zn, Fe → हाँ (सामान्य अभिक्रिया)
- Pb → हाँ (धीमी)
- Cu, Hg, Ag, Au → नहीं
अपवाद:
- सान्द्र या से Cu क्रिया करता है — पर यह विस्थापन नहीं, उपचयन-अपचयन है।
(यहाँ नहीं — बल्कि निकलता है।)
व्यावहारिक:
- तांबे के बर्तनों में अम्लीय खाद्य पदार्थ रख सकते हैं।
- तांबे की पाइपें अम्लीय जल में टिकती हैं।
[NCERT — महत्वपूर्ण व्याख्या]
उदाहरण 3: NCERT — Zn + (रंग परिवर्तन)
जब Zn की पट्टी को नीले विलयन में डाला जाए, तो क्या होगा?
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- नीले विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे फीका होता जाता है।
- Zn की पट्टी पर लाल/भूरी परत चढ़ती है (Cu की)।
- कुछ ही समय में विलयन रंगहीन हो जाता है।
- Zn की पट्टी हल्की होती जाती है।
विश्लेषण:
यहाँ क्या हुआ?
- क्रियाशीलता श्रेणी: ।
- Zn ने से Cu को विस्थापित किया।
- → बना (विलयन में गया)।
- → बना (पट्टी पर जमा)।
यह विस्थापन (displacement) अभिक्रिया है।
नीले रंग की वजह:
- विलयन — नीला (Cu²⁺ आयन के कारण)।
- विलयन — रंगहीन (Zn²⁺ आयन रंगहीन)।
यह क्यों संभव? Zn अधिक क्रियाशील — आसानी से इलेक्ट्रॉन देता है। Cu²⁺ इलेक्ट्रॉन लेकर Cu बनता है।
विपरीत प्रयोग: Cu पट्टी को विलयन में डालें — कोई अभिक्रिया नहीं।
(क्योंकि Cu, Zn से कम क्रियाशील है।)
[NCERT — हर साल बोर्ड में]
उदाहरण 4: NCERT — सक्रिय श्रेणी पुष्टि प्रयोग
4 परखनलियाँ ली गईं — A, B, C, D। हर एक में Fe, Cu, Zn, Ag के लवण विलयन हैं। एक धातु को सब में बारी-बारी डाला गया। निम्न परिणामों से क्रियाशीलता का क्रम बताएँ।
| परखनली | विलयन | धातु डाली | परिणाम |
|---|---|---|---|
| A | Cu | कोई क्रिया नहीं | |
| B | Zn | भूरी परत, रंग गायब | |
| C | Ag | कोई क्रिया नहीं | |
| D | Cu | चमकदार परत, नीला विलयन |
हल:
विश्लेषण:
(B): यानी Zn > Cu (Zn अधिक क्रियाशील)
(D): यानी Cu > Ag (Cu अधिक क्रियाशील)
(A): Cu + FeSO₄ → कोई क्रिया नहीं यानी Fe > Cu (Fe अधिक क्रियाशील)
(C): Ag + ZnSO₄ → कोई क्रिया नहीं यानी Zn > Ag (Zn अधिक क्रियाशील; पुष्टि)
इन सब को मिलाकर:
यह वही क्रम है जो क्रियाशीलता श्रेणी में है!
सीख: लवण-विलयन प्रयोग से ही क्रियाशीलता श्रेणी निर्धारित की जाती है।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रयोग — बहुत बार पूछा]
उदाहरण 5: NCERT — एक्वा रेजिया
एक्वा रेजिया क्या है? यह क्या काम करता है?
हल:
परिभाषा: एक्वा रेजिया (Aqua Regia) = सान्द्र + सान्द्र , 1:3 के अनुपात में।
नाम का अर्थ:
- 'Aqua' = जल (लैटिन)
- 'Regia' = राजा का (Royal)
- 'राजा का जल' — क्योंकि यह 'धातुओं के राजा' सोने को घुला सकता है।
सोने के साथ अभिक्रिया:
(सरल रूप)
सब अम्ल अप्रभावी क्यों, परंतु एक्वा रेजिया प्रभावी?
- सान्द्र अकेले — Au को नहीं घुलाता।
- सान्द्र अकेले — Au को नहीं घुलाता।
- दोनों मिलकर — Au को घुलाते हैं! (तालमेल का प्रभाव)
से का निकलता है — जो Au के साथ क्रिया करके बनाता है।
विशेषताएँ:
- अति-संक्षारक तरल।
- पीला-नारंगी रंग।
- तीखी, चुभन-दार गंध।
- काँच के पात्र में रखा जाता है।
उपयोग:
- सोने का परिष्करण।
- प्लेटिनम का घोलना।
- प्रयोगशाला परीक्षण।
'एक्वा रेजिया' सोने और प्लेटिनम के लिए — और कौन-सी धातुएँ अप्रभावी?
केवल कुछ — जैसे रोडियम (Rh), टैंटलम (Ta) — एक्वा रेजिया से भी अप्रभावित।
[NCERT — रोचक तथ्य]
उदाहरण 6: NCERT — थर्माइट अभिक्रिया
थर्माइट अभिक्रिया क्या है? इसका उपयोग बताइए।
हल:
परिभाषा: एल्यूमिनियम चूर्ण के द्वारा का अति-तेज़ अपचयन — जिसमें इतनी ऊष्मा निकलती है कि बना Fe पिघल जाता है।
अभिक्रिया:
विशेषताएँ:
- अति-ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया।
- तापमान 3000°C तक पहुँचता है।
- बना Fe पिघला हुआ होता है।
- ज्वाला, चिंगारियाँ — दूर से दिखती हैं।
यह क्यों संभव?
- Al, Fe से अधिक क्रियाशील।
- Al ने Fe को से विस्थापित किया।
- अति-तेज़ अभिक्रिया = बहुत ऊष्मा।
व्यावहारिक उपयोग
1. रेल पटरियाँ जोड़ना (Welding):
- टूटी पटरियाँ जोड़ने के लिए।
- पिघला Fe दरार में जाकर ठंडा होकर जुड़ जाता है।
- 'थर्माइट वेल्डिंग' कहलाता है।
2. मशीन के पुर्ज़े जोड़ना:
- भारी पुर्ज़ों में दरारें भरने।
3. आपातकालीन फ़्यूज़:
- सेना में।
अन्य धातुओं का अपचयन
थर्माइट का सिद्धांत Mn, Cr आदि के निष्कर्षण में भी:
सावधानियाँ:
- सुरक्षा-चश्मा।
- अग्नि-शामक उपकरण।
- खुले स्थान पर।
- दूर से शुरू।
[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 7: NCERT — सक्रिय श्रेणी से तीन प्रश्न
(a) क्या Cu, विलयन से Fe विस्थापित कर सकता है? (b) क्या Zn, विलयन से Mg विस्थापित कर सकता है? (c) क्या Fe, विलयन से Cu विस्थापित कर सकता है?
हल:
नियम: केवल अधिक क्रियाशील धातु ही विस्थापन कर सकती है।
क्रियाशीलता श्रेणी:
(a) Cu + FeSO₄ → ?
तुलना: Cu vs Fe
- Fe अधिक क्रियाशील (Fe > Cu)।
- Cu, Fe से कम क्रियाशील।
उत्तर: नहीं। Cu, Fe को विस्थापित नहीं कर सकता।
अभिक्रिया: Cu + FeSO₄ → कोई अभिक्रिया नहीं।
(b) Zn + MgSO₄ → ?
तुलना: Zn vs Mg
- Mg अधिक क्रियाशील (Mg > Zn)।
- Zn, Mg से कम क्रियाशील।
उत्तर: नहीं। Zn, Mg को विस्थापित नहीं कर सकता।
अभिक्रिया: Zn + MgSO₄ → कोई अभिक्रिया नहीं।
(c) Fe + CuSO₄ → ?
तुलना: Fe vs Cu
- Fe अधिक क्रियाशील (Fe > Cu)।
- Cu, Fe से कम क्रियाशील।
उत्तर: हाँ! Fe, Cu को विस्थापित कर सकता है।
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- नीला विलयन हल्का हरा हो जाता है (FeSO₄ हल्का हरा)।
- Fe पर लाल-भूरी Cu की परत।
सीख: किसी भी धातु-लवण-विलयन प्रयोग में पहले श्रेणी देखें — फिर अभिक्रिया।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 8: NCERT — Hg और सान्द्र अम्ल
पारा (Hg) तनु से क्रिया नहीं करता। फिर भी पारा का व्यापारिक उपयोग कैसे संभव है?
हल:
Hg का व्यवहार:
क्रियाशीलता श्रेणी:
Hg, H से नीचे है।
तनु : कोई अभिक्रिया नहीं।
सान्द्र :
वायु से (गर्म करने पर):
HgO के अपघटन से Hg वापस:
(यह 'सर्कुलर' अभिक्रिया।)
व्यापारिक उपयोग
Hg की कम क्रियाशीलता ही लाभदायक:
1. थर्मामीटर:
- Hg अप्रभावित रहता है — काँच, वायु, साधारण ताप पर।
- तापमान के साथ रैखिक प्रसार।
2. बैरोमीटर:
- सही दाब मापन।
- Hg वाष्प नगण्य।
3. विद्युत स्विच:
- Hg बहता है — सटीक संपर्क।
4. फ्लोरोसेंट लैम्प:
- Hg वाष्प पराबैंगनी प्रकाश।
5. मिश्रधातु (अमलगम):
- Hg + अन्य धातु = अमलगम (दंत-चिकित्सा, स्वर्ण-निष्कर्षण)।
खतरे
Hg अति-विषाक्त (बायोलॉजिकल):
- वाष्प साँस लेने पर खतरनाक।
- शरीर में जमा होकर तंत्रिका-नुकसान।
- 'मीनामाटा रोग' (जापान, 1956) — Hg प्रदूषण से।
आधुनिक उपयोग में कमी:
- Hg-थर्मामीटर — डिजिटल से बदले गए।
- LED — Hg-लैम्प से बेहतर।
[बोर्ड में 3-अंक]
उदाहरण 9: संख्यात्मक — Zn + HCl
13 g Zn को तनु में डालने पर कितने ग्राम गैस निकलेगी? (Zn=65, H=1)
हल:
अभिक्रिया:
अणुभार:
- 1 mol Zn = 65 g
- 1 mol H₂ = 2 g
अनुपात: 65 g Zn → 2 g H₂
13 g Zn से:
उत्तर: 0.4 g निकलेगी।
आयतन भी (NTP पर):
- 1 mol = 22.4 L
- 0.4 g H₂ = 0.2 mol
- आयतन = 0.2 × 22.4 = 4.48 L
[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]
उदाहरण 10: एक रोचक प्रश्न — Cu की पट्टी और AgNO₃
Cu की पट्टी को विलयन में डालने पर क्या होता है?
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- Cu की पट्टी पर चांदी की चमकदार परत (या रोयेंदार Ag के क्रिस्टल)।
- विलयन का रंग रंगहीन से नीला हो जाता है।
- विलयन में आयन — नीले।
- धातु — चांदी जैसी सतह।
विश्लेषण:
क्रियाशीलता: Cu > Ag।
Cu ने Ag को विस्थापित किया:
यह विस्थापन — रेडॉक्स अभिक्रिया भी।
विपरीत प्रयोग: Ag पट्टी को विलयन में → कोई क्रिया नहीं।
(क्योंकि Ag, Cu से कम क्रियाशील।)
सजावटी उपयोग — सिल्वर मिरर
इस सिद्धांत से:
- Cu पात्र पर हल्के AgNO₃ विलयन से कोटिंग।
- सुंदर 'सिल्वर मिरर' दर्पण निर्माण।
- भोजन परोसने वाले प्लेटों में।
विद्युत-लेपन (Electroplating):
- विद्युत धारा से अधिक नियंत्रित परत।
- (अनुभाग 8 में विस्तार से।)
[बोर्ड + व्यावहारिक]
उदाहरण 11: NCERT — एक मिश्र अभिक्रिया
निम्न में से कौन-कौन क्रिया करेंगी? सम्भव अभिक्रिया लिखें।
(a) Mg + Zn (NO₃)₂ (b) Pb + CuSO₄ (c) Ag + Pb(NO₃)₂ (d) Fe + ZnSO₄
हल:
क्रियाशीलता श्रेणी (इस प्रश्न के लिए):
(a) Mg + Zn(NO₃)₂
- Mg > Zn? हाँ! (Mg अधिक क्रियाशील)
अभिक्रिया होगी:
(b) Pb + CuSO₄
- Pb > Cu? हाँ! (Pb अधिक क्रियाशील)
अभिक्रिया होगी:
(PbSO₄ अल्प-विलेय — श्वेत अवक्षेप)
(c) Ag + Pb(NO₃)₂
- Ag > Pb? नहीं! (Ag, Pb से कम क्रियाशील)
कोई अभिक्रिया नहीं।
(d) Fe + ZnSO₄
- Fe > Zn? नहीं! (Fe, Zn से कम क्रियाशील)
कोई अभिक्रिया नहीं।
सारांश तालिका
| युग्म | अधिक क्रियाशील | अभिक्रिया |
|---|---|---|
| Mg + Zn(NO₃)₂ | Mg | हाँ |
| Pb + CuSO₄ | Pb | हाँ |
| Ag + Pb(NO₃)₂ | Pb (पर लवण में) | नहीं |
| Fe + ZnSO₄ | Zn (पर लवण में) | नहीं |
सीख: विस्थापन के लिए — पट्टी की धातु, लवण की धातु से अधिक क्रियाशील होनी चाहिए।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 12: एक रोचक प्रदर्शन — Fe नाख़ून और CuSO₄
5 लोहे के नाख़ून लो। उन्हें विलयन में डाल दो। एक दिन बाद क्या दिखेगा?
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण (समय के साथ):
तुरंत (0 मिनट):
- नीला विलयन।
- चमकदार Fe नाख़ून।
5 मिनट:
- नाख़ून पर हल्की लाल-भूरी परत शुरू।
- विलयन का रंग थोड़ा कम।
1 घंटे बाद:
- नाख़ून पर मोटी Cu की परत।
- विलयन हरा-नीला।
24 घंटे बाद (दिन भर):
- नाख़ून पूरी तरह लाल-भूरी Cu से ढका।
- विलयन हल्का हरा (FeSO₄ का रंग)।
- विलयन का नीला रंग गायब।
विश्लेषण
क्या हुआ?
- Fe → Fe²⁺ + 2e⁻ (इलेक्ट्रॉन छोड़े)।
- Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu (इलेक्ट्रॉन ग्रहण किए)।
- Fe ने Cu को विस्थापित किया।
यह क्यों संभव?
- Fe, Cu से अधिक क्रियाशील।
- Fe आसानी से इलेक्ट्रॉन देता है।
व्यावहारिक उपयोग
यह सिद्धांत — कई औद्योगिक प्रक्रियाओं में:
- Cu का निष्कर्षण:
- कमज़ोर विलयन से Fe द्वारा।
- धातु लेपन:
- कुछ प्रयोगों में।
सावधानी
Fe + CuSO₄ — एक रिवर्सिबल नहीं!
यानी एक बार Cu Fe पर जमा हो जाए — नीला रंग वापस नहीं आता।
[बोर्ड + प्रयोगशाला]
उदाहरण 13: एक चुनौती — पाँच धातुओं का क्रम
निम्न प्रयोगों के परिणामों से A, B, C, D, E धातुओं को बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में रखें:
- A, विलयन से B विस्थापित करता है।
- B, विलयन से D विस्थापित करता है।
- C, विलयन से A विस्थापित करता है।
- E, ठंडे जल से क्रिया नहीं करता; पर D, विलयन से E विस्थापित करता है।
हल:
विश्लेषण:
(1) A > B (A ने B को विस्थापित किया)
(2) B > D (B ने D को विस्थापित किया)
(3) C > A (C ने A को विस्थापित किया)
(4) D > E (D ने E को विस्थापित किया)
सब को मिलाकर:
(3) से: C > A (1) से: A > B (2) से: B > D (4) से: D > E
अंतिम क्रम (अधिक क्रियाशील से कम):
बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में:
व्याख्या
यह क्यों इस प्रकार?
- E सबसे कम क्रियाशील — ठंडे जल से क्रिया नहीं।
- C सबसे अधिक क्रियाशील — सब को विस्थापित कर सकता है।
अनुप्रयोग
इस तरह के प्रयोगों से ही — असली क्रियाशीलता श्रेणी तय की गई थी।
आप पहचान सकते हैं?
यदि C = Mg, A = Zn, B = Fe, D = Cu, E = Au — तो श्रेणी मिल जाती है!
[बोर्ड में 5-अंक तार्किक प्रश्न]
उदाहरण 14: NCERT — सान्द्र HNO₃ और धातुएँ
जब Mg, Cu, Zn को सान्द्र में डाला जाए, तो क्यों नहीं निकलती?
हल:
मूल नियम: धातु + तनु अम्ल → लवण + ।
परंतु — सान्द्र में यह नियम विफल होता है।
क्यों?
एक प्रबल उपचयक है।
यानी — यदि कोई निकले भी, उसे तुरंत में उपचयित कर देता है।
(तीव्रता से)
इसके स्थान पर — का N घटिया अवस्था में आता है।
वास्तविक अभिक्रियाएँ
Cu + सान्द्र :
(भूरी-लाल गैस; नहीं!)
Cu + तनु :
(रंगहीन गैस — वायु में बन जाती है।)
Zn + सान्द्र :
अपवाद — Mg और Mn
अति-तनु + Mg:
यहाँ Mg अति-क्रियाशील — और इतना तनु कि उपचय करना कठिन।
Mn भी इसी प्रकार।
सारांश
| स्थिति | उत्पाद |
|---|---|
| Mg/Mn + अति-तनु | |
| धातु + तनु | + लवण |
| धातु + सान्द्र | + लवण |
| Cu + तनु/सान्द्र | नहीं (Cu, H से नीचे) |
| Cu + सान्द्र + ऊष्मा | + लवण |
सीख: उपचयक अम्ल — सामान्य नियम तोड़ते हैं।
[NCERT महत्वपूर्ण व्याख्या]
उदाहरण 15: एक मिश्र — Al, Zn, Fe — किसका अधिक क्रियाशील?
Al, Zn, Fe — तीनों के सम्बन्ध के बारे में चर्चा करें। तनु अम्ल से अभिक्रिया लिखें।
हल:
क्रियाशीलता श्रेणी (इस भाग के लिए):
अभिक्रियाएँ — तनु से
Al + तनु HCl:
(अति-तेज़ अभिक्रिया, बहुत बुलबुले)
Zn + तनु HCl:
(मध्यम तेज़, अच्छे बुलबुले)
Fe + तनु HCl:
(धीमी, कम बुलबुले — विशेषकर ठंडे ताप पर)
तीव्रता का क्रम
अभिक्रिया की तीव्रता: Al > Zn > Fe
इसका कारण:
- Al — 3 बाह्य इलेक्ट्रॉन, अधिक क्रियाशील।
- Zn — 2 बाह्य इलेक्ट्रॉन।
- Fe — d-ब्लॉक, मध्यम।
कुछ चौंकाने वाले तथ्य
Al कक्षा में 'सरसरी' नहीं — क्यों?
- Al पर की पतली परत।
- शुरू में अम्ल — पहले परत को घुलाता है।
- फिर असली अभिक्रिया।
- यानी पहले देरी, फिर तेज़।
Fe को धीमा कौन बनाता है?
- Fe पर भी हल्की ऑक्साइड परत।
- तनु अम्ल इसे आसानी से घुला देता है।
- फिर भी अभिक्रिया मध्यम।
व्यावहारिक परिणाम
1. किस धातु के बर्तन सुरक्षित?
- Al: अम्लीय खाने के लिए नहीं (पर रक्षक)।
- Fe: जंग का खतरा।
- स्टेनलेस स्टील: सबसे सुरक्षित (Cr-कोटिंग)।
2. नल/पाइप:
- ज़ंकित (galvanized) Fe — Zn कोटिंग।
- Cu पाइप — सबसे टिकाऊ (पर महंगे)।
[बोर्ड में 3-5 अंक]
उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न — विस्तृत
(a) क्रियाशीलता श्रेणी की पूरी सूची बनाइए। (b) कौन-सी धातु — Cu, Zn, Mg — विस्थापन कर सकती है: AgNO₃ विलयन से? (c) तनु अम्ल से क्या निकलता है? पुष्टि कैसे? (d) एक्वा रेजिया का सूत्र और उपयोग।
हल:
(a) क्रियाशीलता श्रेणी
अधिक से कम क्रियाशील:
हिंदी में याद: "पोटैशियम सोडियम कैसे मैग्नी जाएगा एलू ज़िंक से लोहे को परेशान — हम कौन हैं? आओ, गाय एक चलें।"
(b) किस-किस से Ag विस्थापन?
श्रेणी देखें: Mg, Zn, Cu — सब Ag से अधिक क्रियाशील!
तीनों ही से Ag विस्थापित कर सकती हैं।
अभिक्रियाएँ:
(c) तनु अम्ल + धातु → ?
उत्पाद: लवण + गैस।
की पुष्टि:
'पॉप' टेस्ट:
- गैस को परखनली में एकत्र करें।
- एक जलती तीली पास लाएँ।
- यदि — 'पॉप' की तेज़ आवाज़ के साथ जलती है।
अभिक्रिया:
(शीत-जल वाष्प के रूप में।)
(d) एक्वा रेजिया
सूत्र: सान्द्र + सान्द्र (1 : 3)
अर्थ: 'राजा का जल' — सोने को घुलाता है।
मुख्य उपयोग:
- सोने का परिष्करण।
- प्लेटिनम का घोलना।
- प्रयोगशाला परीक्षण।
विशेष: 'जादू' — दोनों अम्ल अकेले Au को नहीं घुलाते, पर मिलकर बनाते हैं — जो Au को घुला देता है।
[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]