धातुओं की प्राकृतिक प्राप्ति
धातुएँ — पृथ्वी की पपड़ी में पाई जाती हैं। कुछ शुद्ध रूप में, अधिकांश यौगिक के रूप में।
मूल पदार्थ — एक नज़र में
1. खनिज (Minerals):
- भूमि से प्राप्त सब प्राकृतिक यौगिक।
- धातुयुक्त भी हो सकते हैं, अधातुयुक्त भी।
- उदाहरण: चूना-पत्थर (CaCO₃), कोयला (कार्बन), सेंधा नमक (NaCl)।
2. अयस्क (Ores):
- वे खनिज जिनमें धातु पर्याप्त मात्रा में हो — जिसे लाभकारी रूप से निकाला जा सके।
- (हर खनिज अयस्क नहीं — पर हर अयस्क खनिज है।)
भेद — अयस्क बनाम खनिज
'खनिज' एक व्यापक शब्द है। 'अयस्क' एक संकीर्ण शब्द।
सब अयस्क → खनिज, परंतु सब खनिज → अयस्क नहीं।
कुछ प्रसिद्ध अयस्क
सोडियम (Na):
- Sodium chloride (समुद्री नमक): NaCl
- सोडियम कार्बोनेट: Na₂CO₃
पोटैशियम (K):
- Potassium chloride: KCl
मैग्नीशियम (Mg):
- Magnesite: MgCO₃
- Dolomite: CaCO₃·MgCO₃
कैल्शियम (Ca):
- Limestone (चूना-पत्थर): CaCO₃
- Marble: CaCO₃
एल्यूमिनियम (Al):
- Bauxite (बॉक्साइट): Al₂O₃·2H₂O ← मुख्य अयस्क!
लोहा (Fe):
- Hematite (हेमेटाइट): Fe₂O₃ ← लाल-भूरा, मुख्य अयस्क!
- Magnetite (मैग्नेटाइट): Fe₃O₄ ← चुम्बकीय!
ज़िंक (Zn):
- Zinc blende: ZnS
- Calamine: ZnCO₃
तांबा (Cu):
- Copper pyrites: CuFeS₂
- Native copper (शुद्ध रूप)
चाँदी (Ag):
- Native silver (शुद्ध रूप)
- Argentite: Ag₂S
सोना (Au):
- Native gold (शुद्ध रूप — नदी रेत, चट्टानों में)
पारा (Hg):
- Cinnabar: HgS

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Powdered sulphide ore | चूर्णित सल्फाइड अयस्क |
| Water + oil | जल + तेल |
| Air blown in | वायु प्रवाहित |
| Froth with ore particles | अयस्क कणों युक्त झाग |
| Gangue settles down | गैंग नीचे बैठ जाता है |
पृथ्वी पर धातुओं की उपलब्धता
सोना और प्लेटिनम — मुक्त रूप में
Au, Pt — कम क्रियाशील। वायु, पानी से प्रभावित नहीं। इसलिए — शुद्ध रूप में पाए जाते हैं।
हजारों साल पहले से लोग जानते थे:
- सोने के टुकड़े सीधे नदी रेत से।
- प्राचीन सभ्यताएँ — सोने का उपयोग आभूषणों में।
चाँदी और तांबा — आंशिक रूप से
Ag, Cu — कुछ शुद्ध रूप में, कुछ यौगिक में।
Ag: Native silver, Argentite (Ag₂S) Cu: Native copper, Copper pyrites (CuFeS₂)
लोहा, मैग्नीशियम, सोडियम — केवल यौगिक
ये अधिक क्रियाशील — वायु/पानी/अन्य से तुरंत क्रिया। प्राकृतिक रूप से — हमेशा यौगिकों में।
Fe: Fe₂O₃, Fe₃O₄ (कभी शुद्ध नहीं) Mg: MgCO₃, MgCl₂ (कभी शुद्ध नहीं) Na: NaCl, Na₂CO₃ (कभी शुद्ध नहीं)
क्रियाशीलता और प्राप्ति का सम्बन्ध
| क्रियाशीलता | प्राप्ति | उदाहरण |
|---|---|---|
| अति-कम | मुक्त रूप | Au, Pt |
| कम | आंशिक मुक्त | Ag, Cu, Hg |
| मध्यम | केवल यौगिक | Pb, Zn, Fe |
| उच्च | केवल यौगिक | Mg, Al, Ca |
| अति-उच्च | केवल यौगिक | Na, K |
सिद्धांत: जितनी अधिक क्रियाशीलता — उतनी अधिक संभावना यौगिक रूप में।
मुख्य प्रकार के अयस्क
1. सल्फाइड अयस्क (Sulphide ores):
- ZnS (zinc blende)
- CuFeS₂ (copper pyrites)
- HgS (cinnabar)
- PbS (galena)
सामान्यतः कम क्रियाशील धातुओं के।
2. ऑक्साइड अयस्क (Oxide ores):
- Al₂O₃·2H₂O (bauxite)
- Fe₂O₃ (hematite)
- Fe₃O₄ (magnetite)
- MnO₂ (pyrolusite)
मध्यम क्रियाशील धातुओं के।
3. कार्बोनेट अयस्क (Carbonate ores):
- ZnCO₃ (calamine)
- MgCO₃ (magnesite)
- CaCO₃ (limestone)
- FeCO₃ (siderite)
कई धातुओं के।
4. हैलाइड अयस्क (Halide ores):
- NaCl (rock salt)
- KCl
- CaF₂ (fluorspar)
अति-क्रियाशील धातुओं के।
निष्कर्षण के मूल चरण
धातु निष्कर्षण = अयस्क से शुद्ध धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया।
तीन प्रमुख चरण
1. अयस्क का सांद्रण (Concentration of ore):
- अयस्क से गैंग (अशुद्धियाँ) निकालना।
- यह वर्तमान अनुभाग का विषय।
2. अयस्क का अपचयन (Reduction of ore):
- सान्द्रित अयस्क से धातु प्राप्त करना।
- अनुभाग 7 का विषय।
3. धातु का परिष्करण (Refining):
- अशुद्ध धातु को शुद्ध करना।
- अनुभाग 8 का विषय।
प्रवाह-आरेख
खनन (Mining)
↓
अयस्क प्राप्ति
↓
सांद्रण (अशुद्धियाँ हटाना) ← अनुभाग 6
↓
अपचयन (धातु प्राप्ति) ← अनुभाग 7
↓
परिष्करण (शुद्ध धातु) ← अनुभाग 8
↓
शुद्ध धातु — उपयोग के लिए
गैंग — क्या है?
अयस्क के साथ मिले हुए — अनुपयोगी पदार्थ = गैंग (Gangue)।
उदाहरण:
- मिट्टी (Clay)
- रेत (Sand)
- पत्थर के टुकड़े
- अन्य खनिज (अनुपयोगी)
सांद्रण का उद्देश्य: गैंग हटाकर शुद्ध अयस्क प्राप्त करना।
सांद्रण की मूल विधियाँ
अयस्क और गैंग के भौतिक/रासायनिक अंतर के आधार पर:
- हस्त-चयन (Hand picking): दृश्य अंतर।
- गुरुत्वीय पृथक्करण (Gravity separation): घनत्व का अंतर।
- चुंबकीय पृथक्करण (Magnetic separation): चुंबकीय अंतर।
- फेन-प्लवन (Froth flotation): सतही गुणधर्म का अंतर।
- निक्षालन (Leaching): रासायनिक अंतर।
हम मुख्यतः पहली चार विधियाँ देखेंगे।
सांद्रण की चार मुख्य विधियाँ
1. हस्त-चयन (Hand Picking)
'दिखने में अंतर' से चुनना।
कब उपयोग?
- जब अयस्क और गैंग दिखने में स्पष्ट भिन्न।
- जैसे: रंग, आकार, चमक का अंतर।
विधि:
- मज़दूर हाथ से चुनते हैं।
- मशीन से भी (आधुनिक)।
उदाहरण:
- सोने के टुकड़े पहचानना।
- लाल हेमेटाइट को मिट्टी से अलग करना।
सीमाएँ:
- धीमी।
- महंगी (श्रम)।
- छोटी मात्रा के लिए।
2. गुरुत्वीय पृथक्करण (Gravity Separation)
घनत्व के अंतर से।
सिद्धांत: भारी अयस्क — नीचे, हल्की गैंग — पानी के साथ बहती।
विधि (Hydraulic Washing — जल-धारा सिद्धांत):
- अयस्क को बारीक चूर्ण करें।
- ढलान वाले झुकाव पर डालें।
- पानी की धारा डालें।
- हल्का गैंग — पानी के साथ बह जाए।
- भारी अयस्क — रुक जाए।
उपयोग:
- ऑक्साइड अयस्क — हेमेटाइट (Fe₂O₃) — गैंग से भारी।
- सोने के अयस्क।
'चलनी' पैन (Sieve) से:
- नदी की रेत में सोने के टुकड़े पकड़ने का प्राचीन तरीक़ा।
- आज भी कुछ जगहों पर।
3. चुंबकीय पृथक्करण (Magnetic Separation)
अयस्क या गैंग — एक चुंबकीय हो।
सिद्धांत:
- चुंबकीय भाग — चुंबक की ओर।
- अचुंबकीय भाग — दूर रहता।
विधि:
- अयस्क को बारीक चूर्ण करें।
- एक घूर्णनशील कन्वेयर बेल्ट पर डालें।
- बेल्ट के अंत में एक विद्युत-चुंबक।
- चुंबकीय भाग — चुंबक के पास, दूसरे ढेर में।
- अचुंबकीय भाग — दूर ढेर में।
मुख्य उदाहरण:
Magnetite (Fe₃O₄):
- स्वयं चुंबकीय।
- गैंग (मिट्टी, पत्थर) — अचुंबकीय।
- विद्युत-चुंबक से अलग होता।
Tinstone (SnO₂) से अशुद्ध Fe निकालना:
- Fe — चुंबकीय।
- SnO₂ — नहीं।
- विद्युत-चुंबक से Fe खींचा जाता।
Pyrolusite (MnO₂):
- Mn चुंबकीय।
लाभ:
- तेज़।
- स्वचालित।
- सटीक।
4. फेन-प्लवन विधि (Froth Flotation Method)
सतही गुणधर्म के अंतर से।
यह विधि — सल्फाइड अयस्कों के लिए।
मुख्य उदाहरण:
- ZnS (zinc blende)
- PbS (galena)
- CuFeS₂ (copper pyrites)
सिद्धांत: सल्फाइड अयस्क — तेल से गीले होते हैं। गैंग — पानी से गीली होती।
विधि (विस्तृत):
- अयस्क का बारीक चूर्ण।
- एक बड़े टैंक में जल डालें।
- थोड़ा सा तेल (पाइन तेल — pine oil) डालें।
- हवा की तेज़ धारा टैंक में डालें।
- क्या होता:
- तेल अयस्क के कणों को घेरता।
- हवा फेन (झाग) बनाती।
- फेन के बुलबुले — अयस्क के कण ले कर ऊपर आते।
- गैंग — पानी में नीचे रह जाती।
- फेन को अलग करें — सूखाएँ — सान्द्रित अयस्क।
सहायक रसायन:
- संग्राहक (Collector): पाइन तेल, फैटी एसिड — अयस्क को 'गीला' करता।
- फोम-स्थायीकारी (Frother): हवा को फेन बनाता।
- अवरोधक (Depressant): अनचाहे अयस्क को नीचे रखता।
उदाहरण: Zinc Blende (ZnS) का सांद्रण
- ZnS कण — फेन के साथ ऊपर।
- मिट्टी, पत्थर — पानी में नीचे।
विधियों की तुलना और चुनाव
कब कौन-सी विधि?
| विधि | कब उपयोग? | उदाहरण |
|---|---|---|
| हस्त-चयन | दृश्य अंतर | सोने के टुकड़े |
| गुरुत्वीय | घनत्व अंतर | हेमेटाइट (Fe₂O₃) |
| चुंबकीय | चुंबकीय अंतर | मैग्नेटाइट (Fe₃O₄) |
| फेन-प्लवन | सल्फाइड अयस्क | ZnS, CuFeS₂, PbS |
एक रोचक तुलना
Fe के दो अयस्क — दो अलग विधियों से!
हेमेटाइट (Fe₂O₃):
- अचुंबकीय।
- भारी।
- → गुरुत्वीय पृथक्करण।
मैग्नेटाइट (Fe₃O₄):
- चुंबकीय।
- → चुंबकीय पृथक्करण।
यानी — एक ही धातु के अलग अयस्क — अलग विधि!
निक्षालन (Leaching) — 5वीं विधि
रासायनिक विधि से सांद्रण।
सिद्धांत: अयस्क को रासायनिक विलयन में घुलाकर — गैंग पीछे छोड़ देना।
उदाहरण: बॉक्साइट का निक्षालन (Bayer प्रक्रिया):
Al₂O₃·2H₂O के साथ अशुद्धि — Fe₂O₃, SiO₂।
1. बॉक्साइट को NaOH (सान्द्र) में डालें:
Al घुल गया (NaAlO₂ — सोडियम एल्यूमिनेट)। Fe₂O₃, SiO₂ — नहीं घुले।
2. छानें:
- तरल: NaAlO₂
- ठोस: Fe₂O₃, SiO₂ (फेंका)
3. NaAlO₂ से Al(OH)₃ अलग करें:
4. Al(OH)₃ को गर्म करें:
अब शुद्ध Al₂O₃ — विद्युत-अपघटन के लिए तैयार।
सांद्रण के बाद
सान्द्रित अयस्क — अब अगला चरण: अपचयन के लिए तैयार। यह अनुभाग 7 का विषय।
एक मूल नियम
'सांद्रण विधि' अयस्क के गुण से तय। कोई एक 'सर्वोत्तम' विधि नहीं — हर अयस्क के लिए अलग।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] चार मुख्य विधियाँ + एक सरल उदाहरण = बोर्ड में 5-अंक प्रश्न।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।
1. खनिज vs अयस्क
खनिज: सब प्राकृतिक यौगिक। अयस्क: वे खनिज जिनसे लाभकारी रूप से धातु प्राप्त की जा सके।
2. महत्वपूर्ण अयस्क
| धातु | अयस्क | सूत्र |
|---|---|---|
| Al | Bauxite | Al₂O₃·2H₂O |
| Fe | Hematite | Fe₂O₃ |
| Fe | Magnetite | Fe₃O₄ |
| Cu | Copper pyrites | CuFeS₂ |
| Zn | Zinc blende | ZnS |
| Hg | Cinnabar | HgS |
| Pb | Galena | PbS |
| Na | Rock salt | NaCl |
3. प्राप्ति की तालिका
| क्रियाशीलता | रूप |
|---|---|
| अति-कम (Au, Pt) | मुक्त |
| कम (Cu, Ag) | आंशिक |
| मध्यम (Fe, Zn) | यौगिक |
| उच्च (Mg, Na) | केवल यौगिक |
4. निष्कर्षण के 3 चरण
- सांद्रण (अनुभाग 6) — गैंग हटाना
- अपचयन (अनुभाग 7) — धातु प्राप्ति
- परिष्करण (अनुभाग 8) — शुद्धीकरण
5. सांद्रण की 4 विधियाँ
हस्त-चयन: दृश्य अंतर (सोना)। गुरुत्वीय: घनत्व अंतर (हेमेटाइट)। चुंबकीय: चुंबकीय गुण (मैग्नेटाइट)। फेन-प्लवन: सतही गुण (सल्फाइड अयस्क — ZnS, PbS, CuFeS₂)।
6. फेन-प्लवन के पदार्थ
- संग्राहक: पाइन तेल
- अयस्क ऊपर (फेन में)
- गैंग नीचे (पानी में)
7. बायर (Bayer) प्रक्रिया
बॉक्साइट के निक्षालन के लिए:
- Al₂O₃ + 2NaOH → 2NaAlO₂ + H₂O
- फिर Al(OH)₃ → Al₂O₃ + H₂O
8. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- खनिज और अयस्क में अंतर।
- फेन-प्लवन विधि का वर्णन।
- चुंबकीय पृथक्करण कब उपयोगी?
- Al का प्रमुख अयस्क और सूत्र।
- सान्द्रण के 4 विधियाँ।
अंतिम सूत्र: 'सांद्रण = गैंग को हटाना — अयस्क के गुण के आधार पर विधि चुनना।'
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — खनिज और अयस्क
खनिज और अयस्क में क्या अंतर है? उदाहरण से समझाएँ।
हल:
परिभाषाएँ
खनिज (Mineral): पृथ्वी की पपड़ी में पाए जाने वाले सब प्राकृतिक यौगिक — चाहे धातु निकाली जाए या नहीं।
अयस्क (Ore): वह खनिज जिसमें धातु इतनी पर्याप्त मात्रा में हो — कि उसे लाभकारी रूप से निकाला जा सके।
मुख्य अंतर
| आधार | खनिज | अयस्क |
|---|---|---|
| व्यापकता | व्यापक | संकीर्ण |
| धातु की मात्रा | कम भी हो सकती | पर्याप्त |
| आर्थिक लाभ | जरूरी नहीं | होना ज़रूरी |
| उदाहरण | सब चट्टानें, मिट्टी | केवल चुनिंदा |
महत्वपूर्ण नियम
हर अयस्क → खनिज है। हर खनिज → अयस्क नहीं।
एक रोचक उदाहरण
Al — दो खनिजों में पाया जाता:
1. Bauxite (Al₂O₃·2H₂O):
- Al की मात्रा: 50-60%
- आर्थिक रूप से लाभकारी।
- यह अयस्क है।
2. Clay (साधारण मिट्टी):
- Al की मात्रा: 5-10% (अल्युमीनो-सिलिकेट)
- निकालना बहुत महंगा।
- यह अयस्क नहीं, केवल खनिज।
यानी — दोनों में Al है, परंतु केवल बॉक्साइट अयस्क कहलाता।
अन्य उदाहरण
अयस्क और खनिज:
- Hematite (Fe₂O₃) — अयस्क [Fe निष्कर्षण के लिए]
- Magnetite (Fe₃O₄) — अयस्क
- कोयला (Coal) — खनिज, अयस्क नहीं (इससे Fe नहीं निकलता)
- सेंधा नमक (NaCl) — दोनों (Na का अयस्क)
अंतिम परिभाषा
'अयस्क' = आर्थिक रूप से उपयोगी खनिज।
यह आर्थिक मानदंड समय के साथ बदलते — कम Al वाली मिट्टी भी 'अयस्क' हो सकती है यदि भविष्य में बेहतर तकनीक मिले।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — मूलभूत]
उदाहरण 2: NCERT — मुख्य अयस्क
निम्न धातुओं के मुख्य अयस्क और उनके रासायनिक सूत्र लिखें:
(a) Al, (b) Fe, (c) Cu, (d) Zn, (e) Hg
हल:
(a) Aluminium (Al)
मुख्य अयस्क: Bauxite (बॉक्साइट)
सूत्र: (हाइड्रेटेड एल्यूमिनियम ऑक्साइड)
Al — पृथ्वी की पपड़ी की सबसे प्रचुर धातु (~8%)। भारत में: ओडिशा, झारखंड, गुजरात।
(b) Iron (Fe)
मुख्य अयस्क:
1. Hematite (हेमेटाइट):
- लाल-भूरा रंग।
- सबसे महत्वपूर्ण।
2. Magnetite (मैग्नेटाइट):
- काला रंग।
- स्वयं चुंबकीय।
3. Siderite:
4. Iron pyrites: (इसका नाम 'मूर्ख का सोना' — चमकदार पीला, परंतु लोहे का अयस्क।)
भारत में: ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक।
(c) Copper (Cu)
मुख्य अयस्क:
1. Copper pyrites: — सबसे प्रचुर। 2. Cuprite: 3. Malachite: — हरा। 4. Native copper — शुद्ध रूप, दुर्लभ।
(d) Zinc (Zn)
मुख्य अयस्क:
1. Zinc blende: — सबसे प्रमुख। 2. Calamine: 3. Zincite:
भारत में: राजस्थान (Zawar Mines)।
(e) Mercury (Hg)
मुख्य अयस्क: Cinnabar (सिंदूर)
सूत्र: (चमकदार लाल)
स्पेन (Almaden Mines) — विश्व में सबसे प्रसिद्ध।
सारांश तालिका
| धातु | अयस्क | सूत्र | प्रकार |
|---|---|---|---|
| Al | Bauxite | Al₂O₃·2H₂O | ऑक्साइड (हाइड्रेटेड) |
| Fe | Hematite | Fe₂O₃ | ऑक्साइड |
| Fe | Magnetite | Fe₃O₄ | ऑक्साइड |
| Cu | Copper pyrites | CuFeS₂ | सल्फाइड |
| Zn | Zinc blende | ZnS | सल्फाइड |
| Hg | Cinnabar | HgS | सल्फाइड |
ध्यान दें: सल्फाइड अयस्क — कम क्रियाशील धातुओं के।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 3: NCERT — हस्त-चयन और गुरुत्वीय पृथक्करण
हस्त-चयन और गुरुत्वीय पृथक्करण विधियाँ कब उपयोगी हैं? उदाहरण से समझाएँ।
हल:
हस्त-चयन (Hand Picking)
सिद्धांत: दृश्य अंतर — रंग, आकार, चमक।
कब उपयोगी? जब अयस्क और गैंग में स्पष्ट दृश्य अंतर हो।
विधि:
- खनिज को छोटे टुकड़ों में तोड़ें।
- हाथ से (या मशीन से) चुनें।
- अयस्क के टुकड़े अलग, गैंग अलग।
उदाहरण:
- सोने के नदी रेत से टुकड़े (दृश्य पीली चमक)।
- हेमेटाइट (लाल) को मिट्टी (भूरी) से अलग।
- कुछ रंगीन अयस्क।
लाभ: सरल, सस्ती। हानि: धीमी, छोटी मात्रा।
गुरुत्वीय पृथक्करण (Gravity Separation / Hydraulic Washing)
सिद्धांत: घनत्व अंतर। भारी अयस्क — हल्की गैंग।
कब उपयोगी? जब अयस्क घनत्व गैंग से अधिक।
विधि (विस्तृत):
- अयस्क बारीक चूर्ण (powdered)।
- एक झुकी हुई धातु प्लेट / जल-धारा कक्ष में डालें।
- पानी की धारा डालें।
- क्या होता:
- हल्की गैंग — पानी के साथ बह जाती।
- भारी अयस्क — रुका रहता।
- अयस्क को इकट्ठा करें।
उदाहरण:
Hematite (Fe₂O₃) से Fe निष्कर्षण:
- Hematite का घनत्व ~5.3 g/cm³
- गैंग (मिट्टी, रेत): ~2.5 g/cm³
- पानी से ज़्यादा घनत्व वाला Fe₂O₃ — रुक जाता है।
Tinstone (SnO₂):
- घनत्व ~7 g/cm³
- गैंग कम घनत्व।
- गुरुत्वीय आसानी से।
तुलना
| गुण | हस्त-चयन | गुरुत्वीय |
|---|---|---|
| आधार | दृश्य | घनत्व |
| गति | धीमी | मध्यम |
| उपयोग | छोटा पैमाना | बड़ा पैमाना |
| लागत | अधिक (श्रम) | मध्यम |
| उदाहरण | सोना | हेमेटाइट |
सीख
दोनों — पुरानी, पारंपरिक विधियाँ। आधुनिक उद्योग में भी प्रथम चरण के रूप में उपयोग।
[बोर्ड में 3-5 अंक]
उदाहरण 4: NCERT — चुंबकीय पृथक्करण
चुंबकीय पृथक्करण की विधि और एक उदाहरण।
हल:
सिद्धांत
अयस्क या गैंग में से कोई एक — चुंबकीय हो।
तब विद्युत-चुंबक से उन्हें अलग किया जाए।
विधि
व्यवस्था:
- एक कन्वेयर बेल्ट (घूमता हुआ चलित बेल्ट)।
- बेल्ट के एक छोर पर अयस्क का बारीक चूर्ण डालें।
- बेल्ट के दूसरे छोर पर एक विद्युत-चुंबक लगा।
- नीचे दो ढेर बनेंगे।
क्या होता:
- कन्वेयर अयस्क को चुंबक तक ले जाता।
- चुंबकीय भाग — चुंबक की ओर खिंचता — पास के ढेर में गिरता।
- अचुंबकीय भाग — कन्वेयर के अंत में गिरता — दूर ढेर में।
आरेख (शब्दों में):
अयस्क डालें
↓
बेल्ट चलती →→→→→→→
[चुंबक]
|
|
अचुंबकीय चुंबकीय
(दूर ढेर) (पास ढेर)
प्रमुख उदाहरण
Magnetite (Fe₃O₄):
Fe₃O₄ — स्वयं चुंबकीय। गैंग (मिट्टी, रेत) — अचुंबकीय।
प्रक्रिया:
- अयस्क + गैंग का चूर्ण कन्वेयर पर।
- Fe₃O₄ — चुंबक की ओर खिंचा → सान्द्रित अयस्क।
- गैंग — दूर रहा → अनुपयोगी।
अन्य उदाहरण
Tinstone (SnO₂) से Fe निकालना:
- SnO₂ अचुंबकीय (मुख्य अयस्क)।
- Fe (अशुद्धि) चुंबकीय।
- Fe को चुंबक से खींच लें — शुद्ध SnO₂ बच जाए।
Pyrolusite (MnO₂):
- MnO₂ कमज़ोर चुंबकीय।
- अधिक प्रबल चुंबक से अलग।
Wolframite (टंगस्टन अयस्क):
- W थोड़ा चुंबकीय।
- अलग किया जा सकता।
कब उपयोग न करें?
यदि अयस्क और गैंग — दोनों अचुंबकीय। तब चुंबकीय विधि बेकार।
उदाहरण: Bauxite (Al₂O₃·2H₂O) — अचुंबकीय। यहाँ निक्षालन (Bayer) उपयोगी।
लाभ
- तेज़।
- स्वचालित।
- कम श्रम।
- सटीक।
- बड़े पैमाने पर।
[बोर्ड में 5-अंक — आरेख के साथ]
उदाहरण 5: NCERT — फेन-प्लवन विधि
फेन-प्लवन विधि का विस्तृत वर्णन। यह किस प्रकार के अयस्कों के लिए?
हल:
किसके लिए?
यह विधि — सल्फाइड अयस्कों के लिए।
मुख्य उदाहरण:
- ZnS (zinc blende)
- PbS (galena)
- CuFeS₂ (copper pyrites)
- HgS (cinnabar)
मूल सिद्धांत
दो प्रकार के पदार्थ:
- सल्फाइड अयस्क — तेल से गीले होते हैं (हाइड्रोफोबिक — पानी से न गीले)।
- गैंग (मिट्टी, पत्थर) — पानी से गीली होती (हाइड्रोफिलिक)।
विधि (विस्तृत)
व्यवस्था:
- एक बड़ा पानी से भरा टैंक।
- नीचे एक हवा का परिचालन।
- बाहर एक उत्तेजक (agitator)।
चरण:
1. अयस्क को बारीक चूर्ण करें।
2. टैंक में डालें — पानी और कुछ रसायन के साथ:
- पाइन तेल (Pine Oil) — संग्राहक (Collector)। अयस्क को 'गीला' करता।
- फोम-स्थायीकारी (Frother) — फेन को टिकाऊ बनाता।
- अवरोधक (Depressant) — अनचाहे अयस्क को नीचे रखता।
3. हवा की तेज़ धारा टैंक में।
4. क्या होता:
- तेल अयस्क के कणों को घेरता।
- हवा फेन बनाती।
- फेन के बुलबुले — अयस्क के कण लेकर ऊपर तैरते।
- गैंग — पानी में नीचे रह जाती।
*5. *फेन को सतह से इकट्ठा करें।*
*6. *फेन को सूखाएँ — सान्द्रित अयस्क मिल जाए।*
विशिष्ट उदाहरण: ZnS का सांद्रण
अयस्क: ZnS + मिट्टी + रेत + अन्य अशुद्धियाँ
प्रक्रिया:
- चूर्ण → टैंक।
- पाइन तेल + पानी + हवा।
- ZnS कण फेन के साथ ऊपर।
- मिट्टी, रेत — पानी में नीचे।
- ऊपर के फेन से ZnS निकाला।
प्रमुख रसायन (विस्तृत)
1. संग्राहक (Collector):
- पाइन तेल (paine oil)
- सोडियम एथिल जैन्थेट (Sodium ethyl xanthate)
- फैटी एसिड्स
2. फोम-स्थायीकारी (Frothers):
- पाइन तेल
- क्रेसीलिक एसिड
3. अवरोधक (Depressant):
- NaCN (Sodium cyanide) — कुछ अयस्क को नीचे रखता।
4. सक्रियक (Activator):
- CuSO₄ — कुछ निष्क्रिय अयस्क को सक्रिय करता।
एक रोचक तथ्य
PbS और ZnS दोनों एक जगह मिलें — कैसे अलग?
उत्तर: विभेदात्मक फेन प्लवन। NaCN डालें → ZnS नीचे रहे, PbS ऊपर तैरे। यानी एक ही प्रक्रिया से चयन।
सारांश
फेन-प्लवन — सबसे प्रचलित आधुनिक विधि। दुनिया भर के सल्फाइड अयस्क — इसी विधि से।
[NCERT — हर साल बोर्ड में]
उदाहरण 6: NCERT — अयस्क के प्रकार
अयस्क मुख्यतः कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक के लिए दो उदाहरण।
हल:
अयस्क के मुख्य प्रकार (4)
1. ऑक्साइड अयस्क (Oxide Ores)
सूत्र:
उदाहरण:
- Hematite () — Fe का अयस्क
- Bauxite () — Al का
- Magnetite ()
- Cuprite ()
- Zincite ()
- Pyrolusite ()
अधिकांश मध्यम क्रियाशील धातुओं के लिए।
2. सल्फाइड अयस्क (Sulphide Ores)
सूत्र:
उदाहरण:
- Zinc blende ()
- Galena ()
- Copper pyrites ()
- Cinnabar ()
- Argentite ()
- Iron pyrites ()
अधिकांश कम क्रियाशील धातुओं के लिए।
3. कार्बोनेट अयस्क (Carbonate Ores)
सूत्र:
उदाहरण:
- Limestone ()
- Magnesite ()
- Calamine ()
- Dolomite ()
- Siderite ()
- Malachite ()
4. हैलाइड अयस्क (Halide Ores)
सूत्र: (X = F, Cl, Br, I)
उदाहरण:
- Rock salt ()
- Sylvite ()
- Carnalite ()
- Fluorspar ()
- Cryolite ()
अधिकांश अति-क्रियाशील धातुओं के लिए।
सारांश तालिका
| प्रकार | सूत्र | प्रसिद्ध उदाहरण |
|---|---|---|
| ऑक्साइड | M_xO_y | Hematite, Bauxite |
| सल्फाइड | M_xS_y | Zinc blende, Galena |
| कार्बोनेट | MCO₃ | Limestone, Magnesite |
| हैलाइड | MX | Rock salt, Cryolite |
क्रियाशीलता और अयस्क प्रकार के सम्बन्ध
यह 5-अंक का प्रश्न:
| क्रियाशीलता | प्रिय यौगिक प्रकार |
|---|---|
| उच्च (Na, K, Ca) | हैलाइड, कार्बोनेट |
| मध्यम (Al, Zn, Fe) | ऑक्साइड, कार्बोनेट |
| कम (Cu, Hg, Pb) | सल्फाइड |
| अति-कम (Au, Ag, Pt) | मुक्त रूप |
यह विज्ञान का एक रोचक नियम — क्रियाशीलता और अयस्क प्रकार में सम्बन्ध।
[बोर्ड में 5-अंक — संरचनात्मक]
उदाहरण 7: NCERT — बायर प्रक्रिया
बॉक्साइट से Al₂O₃ शुद्ध रूप में कैसे निकालते हैं? रासायनिक अभिक्रियाओं के साथ बताएँ।
हल:
मूल समस्या
Bauxite () के साथ अशुद्धियाँ:
- Fe₂O₃ (आयरन ऑक्साइड)
- SiO₂ (सिलिका)
- TiO₂ (टाइटेनियम ऑक्साइड)
ये अशुद्धियाँ — Al निष्कर्षण से पहले निकालनी चाहिए।
बायर प्रक्रिया (Bayer Process) — चरण
यह निक्षालन (leaching) की एक विधि।
चरण 1: NaOH के साथ अभिक्रिया
बारीक चूर्ण बॉक्साइट को सान्द्र NaOH में 150°C पर उच्च दाब पर डालें।
Al₂O₃ — NaOH में घुलता:
(NaAlO₂ — सोडियम एल्यूमिनेट; जल में विलेय।)
अशुद्धियाँ — नहीं घुलतीं:
- Fe₂O₃, TiO₂ — NaOH में अविलेय।
- SiO₂ — कुछ घुलकर Na₂SiO₃, परंतु बाद में अलग होता।
चरण 2: छानना (Filtration)
तरल NaAlO₂ — एक तरफ। ठोस अशुद्धियाँ (Fe₂O₃, TiO₂, SiO₂) — दूसरी तरफ।
ठोस — फेंक दिया जाता।
चरण 3: Al(OH)₃ का अवक्षेपण
तरल NaAlO₂ में Al(OH)₃ का छोटा बीज क्रिस्टल डालें।
ठंडा करें और हिलाएँ।
(Al(OH)₃ — श्वेत अवक्षेप; NaOH — विलयन में।)
चरण 4: कैल्सिनेशन (गर्म करना)
Al(OH)₃ को छानें, धोएँ, फिर 1100°C पर गर्म करें।
अब शुद्ध Al₂O₃ (एल्यूमिना)।
चरण 5: विद्युत-अपघटन (अनुभाग 7)
अब Al₂O₃ → Al निष्कर्षण के लिए तैयार।
यह 'हॉल-हीरॉल्ट' (Hall-Héroult) प्रक्रिया।
सारांश आरेख
Bauxite (अशुद्ध Al₂O₃)
↓ + NaOH (सान्द्र, गर्म)
NaAlO₂ + अघुलनशील अशुद्धियाँ
↓ छानें
NaAlO₂ विलयन
↓ + Al(OH)₃ बीज क्रिस्टल
Al(OH)₃ (अवक्षेप)
↓ गर्म करें (1100°C)
Al₂O₃ (शुद्ध)
↓ विद्युत-अपघटन
Al (शुद्ध धातु)
महत्व
बायर प्रक्रिया = आधुनिक Al उद्योग की रीढ़।
हर साल लाखों टन Al₂O₃ — इसी प्रक्रिया से।
[बोर्ड में 5-अंक]
उदाहरण 8: एक मिश्र — सही विधि चुनें
निम्न अयस्कों के लिए सबसे उपयुक्त सांद्रण विधि बताएँ:
(a) Fe₃O₄ (Magnetite) (b) Fe₂O₃ (Hematite) (c) ZnS (Zinc Blende) (d) Native Au (शुद्ध सोना) (e) Bauxite (Al₂O₃·2H₂O)
हल:
(a) Fe₃O₄ (Magnetite)
विधि: चुंबकीय पृथक्करण।
कारण: Fe₃O₄ स्वयं चुंबकीय। गैंग (मिट्टी, पत्थर) अचुंबकीय।
प्रक्रिया: कन्वेयर बेल्ट + विद्युत-चुंबक।
(b) Fe₂O₃ (Hematite)
विधि: गुरुत्वीय पृथक्करण।
कारण: Fe₂O₃ अचुंबकीय (Fe₃O₄ के विपरीत)। पर भारी (~5.3 g/cm³)।
प्रक्रिया: जल-धारा / Hydraulic washing।
Fe₂O₃ नीचे रहे, हल्की मिट्टी पानी से बहे।
(c) ZnS (Zinc Blende)
विधि: फेन-प्लवन।
कारण: ZnS एक सल्फाइड अयस्क। तेल से 'गीला' होता।
प्रक्रिया: पानी + पाइन तेल + हवा। ZnS फेन के साथ ऊपर।
(d) Native Au (शुद्ध सोना)
विधि: हस्त-चयन / गुरुत्वीय।
कारण: Au स्वयं शुद्ध रूप में। पीली चमक से पहचाना जाए।
प्राचीन: नदी रेत में चलनी से सोना पकड़ा जाता। आधुनिक: साइनाइड लीचिंग भी।
(e) Bauxite (Al₂O₃·2H₂O)
विधि: रासायनिक निक्षालन (Bayer प्रक्रिया)।
कारण: Al₂O₃ — NaOH में घुलता। अशुद्धियाँ (Fe₂O₃, SiO₂) — नहीं।
प्रक्रिया: सान्द्र NaOH के साथ → NaAlO₂ → Al(OH)₃ → Al₂O₃।
सारांश तालिका
| अयस्क | विधि | सिद्धांत |
|---|---|---|
| Fe₃O₄ | चुंबकीय | चुंबकीय गुण |
| Fe₂O₃ | गुरुत्वीय | घनत्व अंतर |
| ZnS | फेन-प्लवन | सतही गुण |
| Native Au | हस्त-चयन | दृश्य अंतर |
| Bauxite | निक्षालन | रासायनिक घुलनशीलता |
सिद्धांत
'सांद्रण विधि' अयस्क के विशिष्ट गुण से तय।
भौतिक गुण → भौतिक विधि। रासायनिक गुण → रासायनिक विधि।
[बोर्ड में 5-अंक — आवेदन]
उदाहरण 9: NCERT — फेन-प्लवन में रसायन
फेन-प्लवन विधि में कौन-कौन से रसायन उपयोग होते? प्रत्येक का काम बताएँ।
हल:
चार प्रमुख रसायन
1. संग्राहक (Collector)
काम: अयस्क के कणों को 'गीला' करना (अर्थात — तेल से गीला, पानी से नहीं)।
उदाहरण:
- पाइन तेल (सबसे सामान्य)
- सोडियम एथिल जैन्थेट ()
- फैटी एसिड्स
कैसे काम? अयस्क के कणों के चारों ओर एक तेल की पतली परत चढ़ती। यह परत — पानी से अप्रिय, हवा से प्रिय। अतः अयस्क हवा के बुलबुलों से चिपकता।
2. फोम-स्थायीकारी (Frother)
काम: हवा के बुलबुलों को टिकाऊ बनाना।
उदाहरण:
- पाइन तेल (दोहरा काम)
- क्रेसीलिक एसिड (cresylic acid)
- मेथिल आइसोब्यूटिल कार्बिनोल (MIBC)
कैसे काम? बुलबुलों की सतह पर एक स्थिर फिल्म बनाते। बुलबुले जल्दी न फूटें — फेन टिके।
3. अवरोधक (Depressant)
काम: अनचाहे अयस्क को नीचे रखना (फेन में न आने देना)।
उदाहरण:
- NaCN (Sodium cyanide) — सबसे सामान्य
कैसे काम? उदाहरण: PbS और ZnS एक साथ — दोनों सल्फाइड।
- PbS को अलग करना है।
- NaCN, ZnS के कणों को 'पानी से प्रिय' बनाता।
- ZnS नीचे रहे, PbS फेन में ऊपर।
यह विभेदात्मक प्लवन (Differential Flotation)।
4. सक्रियक (Activator)
काम: कुछ निष्क्रिय अयस्क को सक्रिय करना (फेन में आने को)।
उदाहरण:
- (कॉपर सल्फेट)
कैसे काम? उदाहरण: यदि ZnS को सक्रिय करना — CuSO₄ डालें। Cu²⁺ ZnS की सतह पर चढ़ता। अब वह तेल से गीला हो — फेन में ऊपर।
प्रक्रिया का संक्षेप
अनचाहा अयस्क + अवरोधक → नीचे। चाहा अयस्क + संग्राहक + सक्रियक (यदि आवश्यक) → फेन में। हवा के बुलबुले + फेन-स्थायीकारी → स्थिर फेन।
एक उदाहरण — Cu और Zn अलग करना
अयस्क मिश्रित: CuFeS₂ + ZnS + गैंग
चरण 1: NaCN (अवरोधक) → ZnS नीचे; CuFeS₂ ऊपर। चरण 2: ZnS को अलग टैंक में → CuSO₄ (सक्रियक) → ZnS ऊपर।
यानी एक ही प्रक्रिया से दोनों अयस्क अलग।
सीख
फेन-प्लवन — एक 'सरल' विधि नहीं। कई रसायनों का सटीक उपयोग। आधुनिक रसायन इंजीनियरिंग।
[बोर्ड में 5-अंक]
उदाहरण 10: संख्यात्मक — अयस्क में धातु
एक अयस्क में 80% Fe₂O₃ है। 1000 kg अयस्क में कितना Fe? (Fe=56, O=16)
हल:
चरण 1: Fe₂O₃ की मात्रा
1000 kg अयस्क में 80% = 800 kg Fe₂O₃।
चरण 2: Fe₂O₃ का अणुभार
g/mol।
Fe₂O₃ में Fe का प्रतिशत:
चरण 3: Fe की मात्रा
800 kg Fe₂O₃ में Fe = 70% का 800 = 560 kg।
यानी:
उत्तर: 1000 kg अयस्क में 560 kg Fe होगा।
अतिरिक्त गणना
अयस्क में Fe का कुल प्रतिशत:
यानी अयस्क में 56% Fe।
(80% Fe₂O₃ × 70% Fe in Fe₂O₃ = 56%)
व्यावहारिक सीख
अयस्क की 'धातु क्षमता' (Metal capacity) — अयस्क के मूल्य की मूल मापदंड।
उच्च-क्षमता अयस्क — अधिक मूल्यवान। निम्न-क्षमता अयस्क — कभी-कभी आर्थिक रूप से अव्यवहारिक।
एक तुलना
Fe अयस्कों में Fe %:
- Hematite (Fe₂O₃) — 70% (शुद्ध)
- Magnetite (Fe₃O₄) — 72% (शुद्ध)
- Siderite (FeCO₃) — 48% (शुद्ध)
- Iron pyrites (FeS₂) — 47% (शुद्ध)
उद्योग में अधिक Fe% वाले — पसंदीदा।
[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]
उदाहरण 11: एक रोचक — सोना कैसे प्राप्त?
प्राचीन और आधुनिक — दोनों विधियों में।
हल:
सोना — एक विशेष धातु
विशेषताएँ:
- अति-कम क्रियाशील।
- अधिकतर मुक्त रूप में — नदी रेत, चट्टान दरारों में।
- कुछ सल्फाइड अयस्क के साथ भी।
प्राचीन विधियाँ
1. गुरुत्वीय (Panning)
नदी की रेत में सोने के टुकड़े पकड़ने का प्राचीन तरीक़ा:
विधि:
- नदी की रेत एक चलनी पैन (sieve pan) में।
- पानी से धोएँ।
- सोना भारी — नीचे रहे।
- हल्की रेत — पानी से बह जाए।
- पैन में रह गया सोना।
यह विधि — आज भी कुछ जगहों पर 'सोना धोना'।
2. हस्त-चयन
चमकदार पीले टुकड़ों को सीधे चुनना।
आधुनिक विधि — साइनाइड लीचिंग
यह सोने के अति-कम क्रियाशीलता का लाभ उठाती।
सिद्धांत: सोना — साइनाइड के साथ एक विलेय यौगिक बनाता।
चरण 1: सोने का यौगिक बनाना
(सोडियम डाइसायनोऑरेट — विलेय।)
चरण 2: छानना तरल — सोना (विलेय)। ठोस — पत्थर (फेंका)।
चरण 3: Zn से Au का विस्थापन
Au अवक्षेप — शुद्ध रूप में।
यह 'McArthur-Forrest' प्रक्रिया।
तुलना
| विधि | प्रकार | समय | लागत |
|---|---|---|---|
| Panning | भौतिक | धीमी | कम |
| हस्त-चयन | भौतिक | धीमी | अधिक (श्रम) |
| साइनाइड | रासायनिक | तेज़ | मध्यम (पर्यावरण-नुकसान) |
चेतावनी
NaCN — अति-विषाक्त। स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए ख़तरनाक।
आधुनिक प्रयासों में — हरित विकल्प (थायोसल्फेट लीचिंग) पर शोध।
एक रोचक तथ्य
'मूर्ख का सोना' — Iron Pyrites (FeS₂)। असली सोने की तरह दिखता — पर बहुत हल्का। असली सोना — 19.3 g/cm³ (बहुत भारी)। FeS₂ — ~5 g/cm³ (कम भारी)।
धोखाधड़ी के विरुद्ध — पैनिंग बहुत महत्वपूर्ण!
[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]
उदाहरण 12: NCERT — अयस्क में अशुद्धियाँ
खनिज में पाई जाने वाली अनुपयोगी अशुद्धियों को क्या कहते हैं? उनके दो उदाहरण।
हल:
परिभाषा
अयस्क के साथ पाई जाने वाली अनुपयोगी अशुद्धियाँ — गैंग (Gangue)।
यह अंग्रेज़ी शब्द 'Gangue' — जर्मन से।
गैंग के मुख्य उदाहरण
1. मिट्टी (Clay):
- Al-सिलिकेट यौगिक।
- अधिकांश अयस्कों के साथ।
2. रेत (Sand) / सिलिका (SiO₂):
- सब प्रकार के अयस्कों में।
- Fe, Cu, Au अयस्कों में आम।
अन्य गैंग के उदाहरण:
- पत्थर के टुकड़े
- अन्य खनिज (अनुपयोगी)
- कार्बनिक पदार्थ
- कैल्शियम के यौगिक
क्यों गैंग हटाना?
1. आर्थिक:
- गैंग का परिवहन — महंगा (बेकार वजन)।
- अपचयन में अधिक ऊर्जा।
2. प्रक्रिया:
- गैंग — अपचयन में बाधा।
- शुद्धता पर प्रभाव।
3. गुणवत्ता:
- अंतिम धातु में अशुद्धि।
- कमजोर धातु।
गैंग बनाम मेट्रिक्स (Matrix)
'गैंग' और 'मैट्रिक्स' — कभी-कभी पर्यायवाची। दोनों = अयस्क के साथ की अनुपयोगी सामग्री।
गैंग को हटाना — सांद्रण
यह सांद्रण (concentration) का मुख्य उद्देश्य।
चार विधियाँ (पहले सीखी):
- हस्त-चयन
- गुरुत्वीय
- चुंबकीय
- फेन-प्लवन
5वीं — रासायनिक (निक्षालन)।
एक उदाहरण — Bauxite
अयस्क: Al₂O₃·2H₂O
गैंग:
- Fe₂O₃ (हेमेटाइट)
- SiO₂ (सिलिका)
- TiO₂
ये अशुद्धियाँ — Bayer प्रक्रिया से हटाई जातीं।
फ्लक्स (Flux) — एक रोचक तत्व
अपचयन के दौरान — गैंग को हटाने के लिए डाला गया रसायन।
उदाहरण:
- अम्लीय गैंग (SiO₂) → क्षारकीय फ्लक्स (CaCO₃)।
- क्षारकीय गैंग (CaO) → अम्लीय फ्लक्स (SiO₂)।
फ्लक्स + गैंग = स्लैग (Slag)।
यह अपचयन के दौरान होता — इसलिए अनुभाग 7 में विस्तार से।
सीख
'गैंग' = अयस्क की अनुपयोगी सामग्री। हटाना = सांद्रण। अपचयन के दौरान शेष = फ्लक्स से स्लैग।
[NCERT — मूलभूत प्रश्न]
उदाहरण 13: एक तार्किक — अनुपयुक्त विधि की पहचान
निम्न में कौन-सी सांद्रण विधि — दिए गए अयस्क के लिए अनुपयुक्त है? कारण भी:
(a) Bauxite + चुंबकीय पृथक्करण (b) ZnS + गुरुत्वीय पृथक्करण (c) Magnetite + फेन-प्लवन (d) Native Gold + निक्षालन (साइनाइड)
हल:
(a) Bauxite + चुंबकीय पृथक्करण — अनुपयुक्त ✗
कारण:
- Bauxite (Al₂O₃·2H₂O) — अचुंबकीय।
- Fe₂O₃ अशुद्धि भी कमज़ोर चुंबकीय।
- कोई स्पष्ट अंतर नहीं।
उपयुक्त विधि: रासायनिक निक्षालन (Bayer)।
(b) ZnS + गुरुत्वीय पृथक्करण — अनुपयुक्त ✗
कारण:
- ZnS का घनत्व ~4 g/cm³।
- गैंग (मिट्टी, रेत) — समान या निकट घनत्व।
- अंतर अपर्याप्त।
उपयुक्त विधि: फेन-प्लवन।
(c) Magnetite + फेन-प्लवन — अनुपयुक्त ✗
कारण:
- Fe₃O₄ — ऑक्साइड अयस्क, सल्फाइड नहीं।
- फेन-प्लवन सल्फाइड के लिए।
- Fe₃O₄ तेल से 'गीला' नहीं — पानी से गीला।
उपयुक्त विधि: चुंबकीय पृथक्करण (क्योंकि स्वयं चुंबकीय)।
(d) Native Gold + निक्षालन (साइनाइड) — उपयुक्त ✓
यह उपयुक्त है।
कारण:
- Native Au — चट्टान में फँसा शुद्ध सोना।
- NaCN — Au को घुलाता:
- फिर Zn से Au अवक्षेपित।
यह आधुनिक उद्योग की मानक विधि।
सारांश
| अयस्क + विधि | उपयुक्त? | सही विधि |
|---|---|---|
| Bauxite + चुंबकीय | ✗ | Bayer |
| ZnS + गुरुत्वीय | ✗ | फेन-प्लवन |
| Magnetite + फेन | ✗ | चुंबकीय |
| Au + साइनाइड | ✓ | वही |
सीख
सांद्रण विधि का चुनाव — अयस्क के विशिष्ट गुण से।
तीन गलत संयोजन — सब पहचान सकते हैं!
यह बोर्ड में अक्सर पूछा जाता।
[बोर्ड में 5-अंक तार्किक]
उदाहरण 14: NCERT — अयस्क और भारत
भारत में पाए जाने वाले प्रमुख अयस्क और उनके भौगोलिक स्थान।
हल:
भारत — खनिजों में समृद्ध देश
दुनिया के 60+ धातुओं के लिए — भारत में पर्याप्त अयस्क।
प्रमुख Fe अयस्क
Hematite ():
- ओडिशा (बारबिल-कोएना क्षेत्र)
- झारखंड (नोआमुंडी, गुआ)
- छत्तीसगढ़ (बैलाडीला)
- कर्नाटक (बेल्लारी-होस्पेट)
Magnetite ():
- कर्नाटक (कुद्रेमुख)
- तमिलनाडु (सेलम)
- आंध्र प्रदेश
भारत — विश्व का चौथा सबसे बड़ा Fe उत्पादक।
Al — Bauxite
Bauxite ():
- ओडिशा (कोरापुट, रायगडा)
- झारखंड (लोहारदागा)
- गुजरात (जामनगर)
- महाराष्ट्र (कोल्हापुर)
- आंध्र प्रदेश
भारत — विश्व का पाँचवाँ सबसे बड़ा Al उत्पादक।
Cu — Copper Pyrites
Copper pyrites ():
- राजस्थान (खेतड़ी, अलवर)
- मध्य प्रदेश (मलंझकंड)
- झारखंड (मुसाबनी)
Zn — Zinc Blende
Zinc blende ():
- राजस्थान (Zawar Mines, Rampura-Agucha)
- आंध्र प्रदेश
भारत — एशिया का सबसे बड़ा Zn उत्पादक।
Pb — Galena
Galena ():
- राजस्थान (Zawar)
- आंध्र प्रदेश अक्सर Zn के साथ।
Au — सोना
सोने की खानें:
- कर्नाटक (कोलार गोल्ड फील्ड्स — KGF)
- कर्नाटक (हट्टी)
- आंध्र प्रदेश (रामगिरी)
KGF — कभी विश्व के सबसे गहरी खानों में से। अब बंद, परंतु ऐतिहासिक महत्व।
Ag — चांदी
Argentite ():
- राजस्थान (मुख्यतः जिंक खानों के साथ)
- कर्नाटक
Mn — Manganese
Pyrolusite ():
- ओडिशा
- कर्नाटक
- मध्य प्रदेश
भारत — विश्व का दूसरा सबसे बड़ा Mn उत्पादक।
Cr — Chromium
Chromite ():
- ओडिशा (सुकिंडा घाटी) — विश्व प्रसिद्ध।
सारांश तालिका
| अयस्क | राज्य |
|---|---|
| Hematite | ओडिशा, झारखंड |
| Bauxite | ओडिशा, गुजरात |
| Cu pyrites | राजस्थान, मध्य प्रदेश |
| Zinc blende | राजस्थान |
| Au | कर्नाटक |
| Mn | ओडिशा, कर्नाटक |
महत्व
भारत की आर्थिक नीति में — खनिज क्षेत्र महत्वपूर्ण। निर्यात + घरेलू उद्योग। 'मेक इन इंडिया' — खनिज से निर्माण तक।
[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]
उदाहरण 15: एक तुलनात्मक — दो अयस्क, एक धातु
Fe के दो अयस्क — Hematite और Magnetite। दोनों की तुलना और अलग-अलग सांद्रण विधियाँ।
हल:
दोनों का परिचय
Hematite:
- सूत्र:
- रंग: लाल-भूरा
- Fe%: ~70%
- घनत्व: ~5.3 g/cm³
- चुंबकीय: नहीं
Magnetite:
- सूत्र: (= )
- रंग: काला
- Fe%: ~72%
- घनत्व: ~5.2 g/cm³
- चुंबकीय: हाँ! (अति-प्रबल)
तुलनात्मक तालिका
| गुण | Hematite | Magnetite |
|---|---|---|
| सूत्र | Fe₂O₃ | Fe₃O₄ |
| रंग | लाल-भूरा | काला |
| ऑक्सीकरण अवस्था | +3 | +2 और +3 |
| Fe% | 70% | 72% |
| घनत्व | 5.3 g/cm³ | 5.2 g/cm³ |
| चुंबकीय? | अचुंबकीय | चुंबकीय |
| क्रिस्टल | त्रिकोणीय | क्यूबिक |
| सान्द्रण विधि | गुरुत्वीय | चुंबकीय |
सांद्रण विधियों का अंतर
Hematite — गुरुत्वीय पृथक्करण
कारण: अचुंबकीय। पर भारी (5.3 g/cm³)।
विधि:
- चूर्ण।
- जल-धारा (Hydraulic washing)।
- भारी Fe₂O₃ नीचे; हल्की मिट्टी पानी से बहे।
Magnetite — चुंबकीय पृथक्करण
कारण: स्वयं चुंबकीय।
विधि:
- चूर्ण।
- कन्वेयर बेल्ट + विद्युत-चुंबक।
- Fe₃O₄ — चुंबक की ओर खिंचा।
- गैंग — कन्वेयर के अंत में।
एक रोचक प्रश्न
Hematite के साथ चुंबकीय अलग कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं! Fe₂O₃ अचुंबकीय।
हाँ — यदि उसे पहले Fe₃O₄ में बदल दिया जाए:
यह 'मैग्नेटिक रोस्टिंग' — कुछ खानों में।
निष्कर्षण के बाद
दोनों के सान्द्रित अयस्क → blast furnace में। (अनुभाग 7)
दोनों से शुद्ध Fe।
सीख
'एक धातु — अनेक अयस्क — अनेक विधियाँ।' अयस्क के गुण = विधि का चुनाव।
यही 'धातुकर्म (Metallurgy)' की कला।
[बोर्ड में 5-अंक तुलनात्मक]
उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न
(a) खनिज और अयस्क में अंतर। (b) ZnS के सांद्रण की विधि। (c) चुंबकीय पृथक्करण के 2 उदाहरण। (d) निष्कर्षण के 3 चरण क्या हैं?
हल:
(a) खनिज vs अयस्क
| आधार | खनिज | अयस्क |
|---|---|---|
| व्यापकता | व्यापक | संकीर्ण |
| धातु | कम भी हो | पर्याप्त |
| आर्थिक | कोई भी | लाभकारी |
| उदाहरण | सब चट्टानें | केवल चुनिंदा |
नियम: हर अयस्क → खनिज, परंतु हर खनिज → अयस्क नहीं।
(b) ZnS के सांद्रण की विधि — फेन-प्लवन
सिद्धांत: ZnS तेल से 'गीला' होता; गैंग पानी से।
विधि:
- ZnS चूर्ण + पानी + पाइन तेल → टैंक।
- हवा की धारा डालें।
- ZnS तेल से ढका — फेन में ऊपर तैरता।
- गैंग — पानी में नीचे।
- ऊपर के फेन को इकट्ठा करें — सूखाएँ।
रसायन:
- संग्राहक: पाइन तेल
- अवरोधक (यदि अन्य अयस्क): NaCN
(c) चुंबकीय पृथक्करण के उदाहरण
1. Magnetite (Fe₃O₄):
- Fe₃O₄ चुंबकीय।
- मिट्टी, पत्थर अचुंबकीय।
- विद्युत-चुंबक से Fe₃O₄ खींचा जाए।
2. Tinstone (SnO₂) से Fe निकालना:
- SnO₂ अचुंबकीय (मुख्य अयस्क)।
- Fe (अशुद्धि) चुंबकीय।
- Fe को चुंबक से खींचें — शुद्ध SnO₂।
अन्य: Pyrolusite (MnO₂), Wolframite (W अयस्क)।
(d) निष्कर्षण के 3 चरण
चरण 1: सांद्रण (Concentration)
- अयस्क से गैंग हटाना।
- विधियाँ: हस्त-चयन, गुरुत्वीय, चुंबकीय, फेन-प्लवन, निक्षालन।
- यह अनुभाग 6 का विषय।
चरण 2: अपचयन (Reduction)
- सान्द्रित अयस्क से धातु प्राप्ति।
- विधियाँ: कार्बन से, विद्युत-अपघटन से, अल्युमिनो-थर्माइट से।
- यह अनुभाग 7 का विषय।
चरण 3: परिष्करण (Refining)
- अशुद्ध धातु को शुद्ध करना।
- मुख्य विधि: विद्युत-अपघटनी परिष्करण।
- यह अनुभाग 8 का विषय।
प्रवाह आरेख
खनन → सांद्रण → अपचयन → परिष्करण → शुद्ध धातु
[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]