धातुओं की ऑक्सीजन से अभिक्रिया
जब धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करती हैं, तो वे धात्विक ऑक्साइड बनाती हैं।
सामान्य रूप
क्रियाशीलता के अनुसार अभिक्रिया
अति-क्रियाशील धातुएँ (Na, K):
- सामान्य ताप पर भी वायु में जल जाती हैं।
- इसी कारण इन्हें केरोसिन में रखा जाता है।
मध्यम-क्रियाशील धातुएँ (Mg, Al, Zn, Fe):
- ज्वाला में गर्म करने पर अभिक्रिया।
- मैग्नीशियम तेज़ चमकदार ज्वाला से जलता है।
अति-कम-क्रियाशील धातुएँ (Cu, Ag, Au):
- कॉपर सतह पर हरी परत बनाता है (वायु में)।
- सिल्वर पर काली परत।
- सोना अप्रभावित — 'नोबल मेटल'।
(काला रंग — अनुभाग 1 का संदर्भ)

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Sodium | सोडियम |
| Water | जल |
| Hydrogen gas (catches fire) | हाइड्रोजन गैस (आग पकड़ती है) |
| Sodium hydroxide solution | सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन |
| Heat released | ऊष्मा निकलती है |
धात्विक ऑक्साइडों की प्रकृति
धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं — वे अम्लों से क्रिया करते हैं और जल से देते हैं।
क्षारकीय ऑक्साइड
अधिकांश धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय हैं।
उदाहरण:
- (क्षारक बनाता है)
यानी ये जल में घुलकर क्षार (alkali) बनाते हैं।
अम्ल से क्रिया
धात्विक ऑक्साइड + अम्ल → लवण + जल
उदाहरण: (काला CuO हरा-नीला)
उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides)
कुछ धात्विक ऑक्साइड अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया करते हैं।
मुख्य उदाहरण: और
Al₂O₃ का व्यवहार:
अम्ल से (क्षारक की तरह व्यवहार):
क्षारक से (अम्ल की तरह व्यवहार):
(सोडियम एल्यूमिनेट)
ZnO भी इसी प्रकार:
एक रोचक प्रश्न
सभी धात्विक ऑक्साइड पानी में नहीं घुलते।
- — पानी में घुलते हैं → क्षार बनाते हैं।
- — पानी में अघुलनशील।
- — अघुलनशील; पर अम्ल/क्षारक से क्रिया।
धातुओं की जल से अभिक्रिया
धातुओं की जल से अभिक्रिया उनकी क्रियाशीलता पर निर्भर करती है।
सामान्य अभिक्रिया
या
अति-क्रियाशील धातुएँ (Na, K, Ca)
Na और K — ठंडे जल से तेज़ी से अभिक्रिया:
निकली अति-ऊष्मा से तुरंत आग पकड़ सकती है।
Ca — ठंडे जल से थोड़ा कम तीव्रता से:
Ca के दाने जल में डूबते-उतरते हैं — हाइड्रोजन के बुलबुले से।
मध्यम-क्रियाशील धातुएँ
Mg — गर्म जल से धीरे:
Mg/Al/Zn/Fe — भाप से अभिक्रिया (गर्म करके):
(अध्याय 1 का संदर्भ)
कम-क्रियाशील धातुएँ
Cu, Ag, Au — जल से कोई अभिक्रिया नहीं। (किसी भी ताप पर)
इसी कारण इनसे बने बर्तन/आभूषण लंबे समय तक टिकते हैं।
क्रियाशीलता तालिका — जल से अभिक्रिया
| धातु | ठंडा जल | गर्म जल | भाप |
|---|---|---|---|
| K | तीव्र (विस्फोट) | — | — |
| Na | तीव्र | — | — |
| Ca | अभिक्रिया | — | — |
| Mg | धीमी | अभिक्रिया | — |
| Al | नहीं | नहीं | अभिक्रिया |
| Zn | नहीं | नहीं | अभिक्रिया |
| Fe | नहीं | नहीं | अभिक्रिया (धीमी) |
| Pb, Cu | नहीं | नहीं | नहीं |
| Hg, Ag, Au | नहीं | नहीं | नहीं |
विशेष प्रकरण और अपवाद
मैग्नीशियम का दहन
यदि Mg को वायु में जलाया जाए, तो वह चमकदार श्वेत ज्वाला से जलता है।
विशेषताएँ:
- ज्वाला बहुत तेज़ — आँखों को नुकसान।
- जलते समय चश्मा पहनना ज़रूरी।
- फ़्लैश-बल्ब, आतिशबाज़ी में उपयोग।
(पहले अनुभाग 1 के अध्याय 1 में देखा था।)
एल्यूमिनियम पर 'सुरक्षा परत'
एल्यूमिनियम वायु में रखने पर तुरंत की पतली परत बनाता है — जो भीतर के Al को आगे संक्षारण से बचाती है।
यही कारण है कि एल्यूमिनियम के बर्तन सालों तक टिकते हैं — हालाँकि Al क्रियाशील है।
एनोडाइज़िंग (Anodising)
एल्यूमिनियम पर की मोटी परत बनाने की प्रक्रिया।
विधि:
- Al को विद्युत-अपघटनी सेल में एनोड बनाएँ।
- तनु का प्रयोग।
- एनोड पर निकलकर Al से मिलकर की परत मोटी करता है।
उपयोग:
- खिड़कियों के फ्रेम
- रसोई के बर्तन
- सजावटी उत्पाद
सोडियम के साथ खतरा
Na + H₂O — एक खतरनाक प्रदर्शन:
किसी छोटे टुकड़े को भी पानी में डालने पर:
- तेज़ बुलबुले (H₂)
- आग की ज्वाला (पीली, सोडियम के कारण)
- कभी-कभी विस्फोट
यही कारण है कि:
- Na को कक्षा में सावधानी से दिखाया जाता है।
- कभी हाथ से न पकड़ें।
- एक छोटे टुकड़े से भी प्रदर्शन काफी।
क्रियाशीलता का सिद्धांत
क्यों कुछ धातुएँ अधिक क्रियाशील?
सिद्धांत: जो धातु आसानी से इलेक्ट्रॉन छोड़ते हैं — वे अधिक क्रियाशील होते हैं।
अति-क्रियाशील (Na, K, Ca):
- 1-2 बाह्य इलेक्ट्रॉन।
- आसानी से दे देते हैं।
- अति-क्रियाशील।
मध्यम-क्रियाशील (Mg, Al, Zn, Fe):
- 2-3 बाह्य इलेक्ट्रॉन।
- मध्यम सहजता से देते हैं।
कम-क्रियाशील (Cu, Ag, Au):
- अधिक स्थिर बाह्य कोश।
- इलेक्ट्रॉन देने में कठिनाई।
- कम क्रियाशील।
क्रियाशीलता का व्यावहारिक उपयोग
1. भंडारण:
- Na, K → केरोसिन में।
- अन्य धातुएँ → खुले में रखी जा सकती हैं।
2. उपयोग:
- अति-क्रियाशील Na, K — खुले में नहीं।
- कम-क्रियाशील Au, Ag — आभूषणों में।
- मध्यम Fe, Al — संरचनाओं में।
3. निष्कर्षण विधि:
- अति-क्रियाशील — विद्युत-अपघटन से।
- मध्यम — कार्बन (कोयला) से अपचयन।
- कम-क्रियाशील — सीधे प्राप्त।
(विस्तार से अनुभाग 7 में।)
सारांश तालिका
| धातु | से क्रिया | जल से क्रिया | अम्ल से क्रिया |
|---|---|---|---|
| K, Na | तेज़ी से, सामान्य ताप | तेज़ी से (ठंडे जल से) | विस्फोटक |
| Ca | जलाने पर | ठंडे जल से | तेज़ |
| Mg | जलाने पर | गर्म जल से | अभिक्रिया |
| Al | जलाने पर | भाप से | अभिक्रिया |
| Zn | जलाने पर | भाप से | अभिक्रिया |
| Fe | जलाने पर | भाप से (धीमी) | अभिक्रिया |
| Cu | गर्म करने पर | नहीं | नहीं (तनु में) |
| Ag | नहीं | नहीं | नहीं |
| Au | नहीं | नहीं | नहीं |
[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह तालिका 5-अंक प्रश्न में अक्सर पूछी जाती है।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।
1. धातु + ऑक्सीजन
अनिवार्य अभिक्रियाएँ:
- (श्वेत ज्वाला)
- (काला)
2. धात्विक ऑक्साइडों की प्रकृति
- अधिकांश: क्षारकीय
- अपवाद (): उभयधर्मी (अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया)
3. धातु + जल
ठंडे जल से (Na, K, Ca):
गर्म जल/भाप से (Mg, Al, Zn, Fe):
नहीं (Cu, Ag, Au): जल से कोई अभिक्रिया नहीं।
4. एनोडाइज़िंग
Al पर की मोटी परत बनाने की प्रक्रिया।
- विधि: तनु में Al को एनोड बनाना।
- उपयोग: खिड़कियाँ, बर्तन।
5. क्रियाशीलता तालिका — जल से
| धातु | ठंडा जल | भाप |
|---|---|---|
| K, Na, Ca | हाँ (तीव्र) | — |
| Mg, Al, Zn, Fe | नहीं/धीमी | हाँ |
| Cu, Ag, Au | नहीं | नहीं |
6. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- क्षारकीय और उभयधर्मी ऑक्साइड में अंतर।
- Na का जल से अभिक्रिया लिखें — क्यों खतरनाक?
- एनोडाइज़िंग क्या है?
- Al की पतली परत क्या है? यह कैसे संरक्षित करती है?
- भाप से लोहे की अभिक्रिया।
अंतिम सूत्र: अधिक क्रियाशील धातु = आसानी से इलेक्ट्रॉन छोड़ती है = ऑक्सीजन/जल/अम्ल से तेज़ अभिक्रिया।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — मैग्नीशियम का दहन
मैग्नीशियम को वायु में जलाने पर क्या होता है? रासायनिक अभिक्रिया लिखें।
हल:
प्रेक्षण:
- मैग्नीशियम चमकदार श्वेत ज्वाला से जलता है।
- एक श्वेत चूर्ण () बनता है।
- अति-तेज़ ऊष्मा निकलती है।
अभिक्रिया:
यह अभिक्रिया:
- संयोजन (Combination)
- ऊष्माक्षेपी (Exothermic)
- उपचयन (Mg ने O ग्रहण किया)
MgO की प्रकृति: क्षारकीय। जल में थोड़ा घुलकर देता है।
सावधानी: आँखों को बचाने के लिए सुरक्षा-चश्मा (goggles) पहनें।
[NCERT — अध्याय 1 का संदर्भ]
उदाहरण 2: NCERT — सोडियम और जल
सोडियम जल से कैसे अभिक्रिया करता है? यह क्यों खतरनाक है?
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- Na का छोटा टुकड़ा जल में तैरता है (कम घनत्व)।
- तेज़ बुलबुले (हाइड्रोजन गैस)।
- पीली ज्वाला — कभी-कभी विस्फोट।
- विलयन क्षारकीय हो जाता है।
यह क्यों खतरनाक?
- अति-ऊष्माक्षेपी — बहुत-सी ऊष्मा निकलती है।
- हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ती है — विस्फोट का खतरा।
- उछलकर बाहर आ सकता है — त्वचा/आँखों पर खतरा।
- NaOH भी संक्षारक — त्वचा को जलाता है।
सावधानियाँ:
- कक्षा में बहुत छोटा टुकड़ा।
- सुरक्षा-चश्मा।
- कभी हाथ से न छुएँ।
- दूर से देखें।
यही कारण है कि Na/K को केरोसिन में रखते हैं।
[NCERT — बार-बार पूछा गया]
उदाहरण 3: NCERT — एल्यूमिनियम का संरक्षण
एल्यूमिनियम की वस्तुएँ लंबे समय तक क्यों चमकदार रहती हैं — हालाँकि Al क्रियाशील धातु है?
हल:
सिद्धांत: Al पर एक सुरक्षा परत बन जाती है।
तंत्र:
वायु के संपर्क में Al तुरंत O₂ से क्रिया करता है:
यह की पतली, घनी परत Al की सतह पर बनती है।
यह परत:
- बहुत पतली (कुछ माइक्रोमीटर)
- सघन और छिद्र-रहित
- पारदर्शी — Al की चमक दिखती है
- Al को आगे संक्षारण से बचाती है
- इस परत के नीचे का Al सुरक्षित है।
**यह *जंग जैसा क्यों नहीं?*
लोहे पर बनी परत ढीली और छिद्रपूर्ण है — आगे का लोहा भी जंग पकड़ता है।
**Al पर परत *सघन* है — आगे ऑक्सीजन को नहीं घुसने देती।*
अनुप्रयोग:
- खिड़कियों के फ्रेम।
- रसोई के बर्तन।
- खाद्य पैकेजिंग।
- विमान के पुर्ज़े।
एनोडाइज़िंग: इस परत को जानबूझकर मोटा बनाने की प्रक्रिया।
[बोर्ड में 3-अंक प्रश्न]
उदाहरण 4: NCERT — एनोडाइज़िंग
एनोडाइज़िंग क्या है? इसकी विधि और उपयोग बताएँ।
हल:
परिभाषा: एल्यूमिनियम पर की मोटी परत बनाने की विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया।
विधि:
- एल्यूमिनियम की वस्तु को एनोड (+) बनाएँ।
- तनु के विलयन में डुबोएँ।
- विद्युत प्रवाहित करें।
- एनोड पर ऑक्सीजन निकलती है — Al से क्रिया करके मोटी परत बनाती है।
अभिक्रिया:
यह सामान्य परत से भिन्न:
- सामान्य परत: कुछ माइक्रोमीटर।
- एनोडाइज़्ड परत: दसियों माइक्रोमीटर (बहुत मोटी)।
लाभ:
- बेहतर संक्षारण-रोधी।
- रंग जोड़ा जा सकता है — रंजक परत में फँस जाते हैं।
- टिकाऊ।
- खरोंच-रोधी।
उपयोग:
- खिड़कियों के फ्रेम (विभिन्न रंगों में)
- मोबाइल फोन के मामले
- रसोई के बर्तन
- सजावटी उत्पाद
- स्पेसक्राफ्ट के पुर्ज़े
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 5: NCERT — उभयधर्मी ऑक्साइड
उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? दो उदाहरण और उनकी अभिक्रियाएँ।
हल:
परिभाषा: वे धात्विक ऑक्साइड जो अम्ल और क्षारक — दोनों से क्रिया करके लवण और जल देते हैं — उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।
मुख्य उदाहरण: ,
एल्यूमिनियम ऑक्साइड ():
अम्ल से क्रिया (क्षारक की तरह व्यवहार):
क्षारक से क्रिया (अम्ल की तरह व्यवहार):
(सोडियम एल्यूमिनेट)
ज़िंक ऑक्साइड (ZnO):
अम्ल से क्रिया:
क्षारक से क्रिया:
(सोडियम ज़िंकेट)
अन्य ऑक्साइडों के साथ तुलना
| ऑक्साइड प्रकार | अम्ल से | क्षारक से |
|---|---|---|
| क्षारकीय (Na₂O) | हाँ | नहीं |
| उभयधर्मी (Al₂O₃) | हाँ | हाँ |
| अम्लीय (SO₃) | नहीं | हाँ |
| उदासीन (CO) | नहीं | नहीं |
सीख: उभयधर्मी ऑक्साइड एक प्रकार का 'पुल' हैं — दोनों प्रकार से क्रिया करने वाले।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 6: NCERT — Cu और Au का व्यवहार
कॉपर और सोना क्यों जल और तनु अम्लों से क्रिया नहीं करते?
हल:
सिद्धांत: Cu और Au क्रियाशीलता श्रेणी में H से नीचे हैं।
क्रियाशीलता श्रेणी:
नियम: केवल H से ऊपर की धातुएँ ही जल/अम्ल से क्रिया करके निकालती हैं।
Cu का व्यवहार:
जल से: कोई अभिक्रिया नहीं (किसी भी ताप पर)।
तनु / से: कोई अभिक्रिया नहीं।
अपवाद - सान्द्र या : (यह विस्थापन नहीं — उपचयन-अपचयन है)
Au का व्यवहार:
सब अम्लों से कोई अभिक्रिया नहीं।
अपवाद — एक्वा रेजिया (Aqua Regia): सान्द्र + सान्द्र (1:3) — सोने को घुला सकता है।
('एक्वा रेजिया' का अर्थ — 'राजा का जल' (Royal Water) — क्योंकि यह 'धातुओं के राजा' (सोने) को घुला सकता है।)
व्यावहारिक परिणाम
Cu के बर्तन: अम्लीय खाद्य पदार्थ रख सकते हैं — सीधी अभिक्रिया नहीं।
Au के आभूषण: हजारों वर्षों तक टिकते हैं — संक्षारण-रोधी।
Ag के आभूषण: भी कम क्रियाशील — पर से काले पड़ते हैं।
सीख: क्रियाशीलता श्रेणी — धातुओं के व्यवहार की गहरी समझ देती है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण]
उदाहरण 7: NCERT — कैल्शियम और जल
जब कैल्शियम के टुकड़े जल में डाले जाते हैं, तो वे डूबते-तैरते हैं। क्यों?
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- Ca का टुकड़ा जल में डूबता है (Ca का घनत्व जल से अधिक)।
- हाइड्रोजन गैस के बुलबुले बनते हैं।
- ये बुलबुले Ca के टुकड़े पर चिपक जाते हैं।
- बुलबुले Ca को ऊपर तैराते हैं।
- ऊपर पहुँचने पर बुलबुले फूटते हैं।
- Ca वापस नीचे डूबता है।
- यह चक्र चलता रहता है — डूबना, तैरना, डूबना।
यह क्यों Na से अलग?
- Na जल से अति-तीव्रता से क्रिया करता है — आग पकड़ सकता है।
- Ca थोड़ा कम क्रियाशील — विस्फोटक नहीं, बस तेज़ बुलबुले।
- Ca का घनत्व अधिक — डूबता है (Na तैरता है)।
अन्य प्रेक्षण:
- विलयन धीरे-धीरे दूधिया हो जाता है — की कम विलेयता।
- फिर भी विलयन क्षारकीय — pH बढ़ाता है।
तापमान का प्रभाव:
- Ca + ठंडा जल — धीमी पर निरंतर अभिक्रिया।
- Ca + गर्म जल — तेज़।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 8: NCERT — लोहा और भाप
लोहा भाप से कैसे अभिक्रिया करता है? रासायनिक अभिक्रिया लिखें।
हल:
अभिक्रिया:
(लोहा + भाप → फ़ेरोसो-फ़ेरिक ऑक्साइड + हाइड्रोजन)
विशेष टिप्पणी:
- के साथ (g) — अर्थात भाप।
- Fe ठंडे जल या गर्म जल से क्रिया नहीं करता।
- केवल भाप (अति-गर्म जलवाष्प) से।
यह कौन-सी अभिक्रिया?
- विस्थापन — Fe ने H को विस्थापित किया।
- रेडॉक्स — Fe उपचयित (), H अपचयित।
बना यौगिक:
- = आयरन (II, III) ऑक्साइड
- काला रंग
- 'मैग्नेटाइट' खनिज भी इसी से बना
अन्य धातु+भाप अभिक्रियाएँ
ज़िंक:
एल्यूमिनियम:
मैग्नीशियम:
(Mg गर्म जल से बनाता है, परंतु भाप से ।)
Fe + जल — विशेष कारण
Fe का सामान्य ताप पर जल से क्यों क्रिया नहीं?
- क्रियाशीलता श्रेणी में Fe मध्य में।
- Mg, Ca जैसी सक्रिय नहीं।
- भाप के उच्च तापमान/दाब पर ही पर्याप्त ऊर्जा।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक]
उदाहरण 9: एक तुलना — Na vs Ca
सोडियम और कैल्शियम — दोनों जल से अभिक्रिया करते हैं। दोनों के व्यवहार की तुलना करें।
हल:
अभिक्रियाएँ:
तुलनात्मक तालिका:
| आधार | Na | Ca |
|---|---|---|
| क्रियाशीलता | अति-उच्च | उच्च (पर Na से कम) |
| घनत्व | 0.97 g/cm³ (तैरता है) | 1.55 g/cm³ (डूबता है) |
| अभिक्रिया की तीव्रता | विस्फोटक | तेज़ बुलबुले |
| आग | पकड़ सकती है | प्रायः नहीं |
| उत्पाद | NaOH (विलेय) | Ca(OH)₂ (कम विलेय) |
| विलयन का रंग | रंगहीन | दूधिया (कम विलेयता से) |
| ऊष्मा | बहुत अधिक | कम |
दृष्टिगत प्रदर्शन:
- Na: तेज़ी, ज्वाला, उछलना।
- Ca: डूबना-तैरना (बुलबुलों के कारण)।
सीख: क्रियाशीलता श्रेणी में Na, Ca से ऊपर है — इसलिए तीव्र।
सावधानी: दोनों के साथ काम करते समय गॉगल्स, दस्ताने ज़रूरी।
[बोर्ड में 3-5 अंक]
उदाहरण 10: संख्यात्मक — Mg + O₂
12 g मैग्नीशियम को पूर्ण रूप से जलाने पर कितना बनेगा? (Mg=24, O=16)
हल:
अभिक्रिया:
अणुभार:
- g
- g (40 each)
अनुपात: 48 g Mg → 80 g MgO
12 g Mg से:
उत्तर: 20 g बनेगा।
सत्यापन (द्रव्यमान संरक्षण):
- Mg + O₂ → MgO
- 12 g + ? g → 20 g
- ऑक्सीजन = g (= 0.25 mol = 0.5 mol O₂)
- 12 g Mg = 0.5 mol; 0.25 mol O₂ — अनुपात सही ✓
[बोर्ड में 2-3 अंक]
उदाहरण 11: NCERT — पाँच धातुओं की क्रियाशीलता
निम्न धातुओं को बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में रखें: Cu, Mg, Na, Fe, Au
हल:
क्रियाशीलता श्रेणी (आवश्यक भाग):
बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में:
- Au (सोना) — सबसे कम क्रियाशील (नोबल मेटल)
- Cu (कॉपर)
- Fe (लोहा)
- Mg (मैग्नीशियम)
- Na (सोडियम) — सबसे अधिक क्रियाशील
अभिक्रिया दर्शाने वाली तुलना:
| धातु | जल से | अम्ल से | से |
|---|---|---|---|
| Na | ठंडे जल से तीव्र | विस्फोटक | सामान्य ताप पर |
| Mg | गर्म जल से धीमी | अभिक्रिया | जलाने पर |
| Fe | भाप से धीमी | अभिक्रिया | जलाने पर (जंग) |
| Cu | नहीं | केवल सान्द्र अम्ल से | गर्म करने पर |
| Au | नहीं | केवल एक्वा रेजिया | नहीं |
व्यावहारिक उपयोग:
- Na - केरोसिन में रखा।
- Mg - फ़्लैश-बल्ब, आतिशबाज़ी।
- Fe - निर्माण, मशीनें।
- Cu - तार, बर्तन।
- Au - आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स।
[बोर्ड महत्वपूर्ण]
उदाहरण 12: एक रोचक प्रश्न — खाद्य पदार्थ और बर्तन
क्यों अम्लीय खाद्य पदार्थों (नींबू, टमाटर) को एल्यूमिनियम के बर्तनों में नहीं रखना चाहिए?
हल:
सिद्धांत: एल्यूमिनियम क्रियाशील धातु है। अम्ल से क्रिया कर सकता है।
सतह की सुरक्षा परत:
- सामान्यतः Al पर की पतली सुरक्षा परत होती है।
- यह Al को क्षारक से बचाती है।
अम्ल का प्रभाव:
- अम्ल इस परत को घुला देता है।
- फिर अंदर का Al खुला हो जाता है।
- Al अम्ल से क्रिया करता है।
अभिक्रिया (Al + अम्ल):
या नींबू (साइट्रिक अम्ल) के साथ — समान क्रिया।
परिणाम:
- Al खाने में मिलता है (विषाक्त नहीं, परंतु अनुप्रयुक्त)।
- भोजन का स्वाद बदल सकता है।
- बर्तन की सतह खराब हो जाती है।
सही विकल्प:
- स्टेनलेस स्टील के बर्तन (निष्क्रिय)।
- काँच के बर्तन।
- मिट्टी के पारंपरिक बर्तन।
- तांबे/पीतल के बर्तन (कुछ खाद्य पदार्थों के लिए)।
हालाँकि: साधारण अम्लीय खाद्य पदार्थ (दही, छाछ, टमाटर) Al के बर्तनों में डालने पर बहुत हल्की क्रिया — चिंताजनक नहीं।
सर्वश्रेष्ठ अभ्यास: आधुनिक रसोई में स्टेनलेस स्टील ही श्रेष्ठ।
[बोर्ड + दैनिक जीवन]
उदाहरण 13: NCERT — एक मिश्र प्रश्न
निम्न अभिक्रियाएँ संतुलित करें: (a) (b) (c) (d)
हल:
(a) Mg + O₂:
जाँच: Mg=2=2, O=2=2 ✓
(b) Fe + H₂O (भाप):
जाँच: Fe=3=3, H=8=8, O=4=4 ✓
(c) Al + O₂:
जाँच: Al=4=4, O=6=6 ✓
(d) Ca + H₂O:
जाँच: Ca=1=1, H=4=4, O=2=2 ✓
सीख: अभिक्रिया संतुलित करते समय:
- सबसे जटिल यौगिक से शुरू करें।
- गुणांक बदलें, सूत्र नहीं।
- अंत में H और O संतुलित करें।
[बोर्ड में 3-अंक]
उदाहरण 14: NCERT — सोडियम और पोटैशियम का व्यवहार
सोडियम और पोटैशियम जल के साथ क्रिया करने पर तीव्र ऊष्मा निकालते हैं। इस ऊष्मा का क्या परिणाम होता है?
हल:
अभिक्रियाएँ:
ऊष्मा का परिणाम:
1. हाइड्रोजन गैस का तापमान बहुत बढ़ता है।
2. इतना तापमान कि H₂ + O₂ (वायु से) तुरंत जलते हैं:
3. ज्वाला दिखाई देती है:
- Na के साथ — पीली
- K के साथ — बैंगनी (अधिक प्रबल)
4. कभी-कभी विस्फोट — विशेष रूप से K के साथ।
Na vs K — तीव्रता का अंतर
| आधार | Na | K |
|---|---|---|
| क्रियाशीलता | उच्च | अति-उच्च (Na से अधिक) |
| ऊष्मा | अधिक | और अधिक |
| ज्वाला | पीली | बैंगनी |
| विस्फोट | कभी | अधिक संभावना |
सावधानियाँ:
- कक्षा में बहुत छोटे टुकड़े उपयोग।
- Na/K को कभी हाथ से न पकड़ें।
- सुरक्षा-चश्मा।
- दूर से देखें।
- दर्शाने वाला शिक्षक — पेशेवर।
यही कारण: Na और K को केरोसिन में रखा जाता है — वायु के संपर्क से बचाने।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — दैनिक जीवन सुरक्षा]
उदाहरण 15: एक रोचक तुलना — कौन-सा ऑक्साइड क्या है?
निम्न ऑक्साइडों को क्षारकीय, अम्लीय, या उभयधर्मी में वर्गीकृत करें —
हल:
नियम:
- धात्विक ऑक्साइड प्रायः क्षारकीय।
- अधात्विक ऑक्साइड प्रायः अम्लीय।
- कुछ धात्विक ऑक्साइड (Al₂O₃, ZnO) उभयधर्मी।
विश्लेषण:
| ऑक्साइड | धातु/अधातु? | प्रकार |
|---|---|---|
| धातु | क्षारकीय | |
| अधातु | अम्लीय | |
| धातु (पर) | उभयधर्मी | |
| अधातु | अम्लीय | |
| धातु (पर) | उभयधर्मी | |
| धातु | क्षारकीय | |
| अधातु | अम्लीय |
सत्यापन (जल से क्रिया):
क्षारकीय:
अम्लीय:
उभयधर्मी:
- (अम्ल से)
- (क्षारक से)
[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न
(a) क्षारकीय और उभयधर्मी ऑक्साइड में अंतर। (b) Mg और Fe — दोनों की O₂ और H₂O से अभिक्रिया। (c) Na को केरोसिन में क्यों रखते हैं? (d) एनोडाइज़िंग का उद्देश्य।
हल:
(a) क्षारकीय vs उभयधर्मी:
| गुण | क्षारकीय | उभयधर्मी |
|---|---|---|
| क्या क्रिया? | केवल अम्ल | अम्ल और क्षारक दोनों |
| उदाहरण | Na₂O, CaO | Al₂O₃, ZnO |
| जल से | क्षारक देते हैं | प्रायः अघुलनशील |
(b) Mg और Fe की अभिक्रियाएँ:
Mg + O₂:
Mg + H₂O (गर्म):
Fe + O₂ (गर्म):
Fe + H₂O (भाप):
(c) Na को केरोसिन में:
- Na अति-क्रियाशील।
- वायु के O₂ और नमी से तुरंत क्रिया।
- आग का खतरा।
- केरोसिन Na को और से अलग रखता है।
(d) एनोडाइज़िंग का उद्देश्य:
- Al पर की मोटी परत बनाना।
- संक्षारण-रोधी।
- रंग जोड़ने में सहायक।
- खिड़कियों, बर्तनों में उपयोग।
[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]