धातुओं की ऑक्सीजन से अभिक्रिया

जब धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करती हैं, तो वे धात्विक ऑक्साइड बनाती हैं।

सामान्य रूप

धातु+ऑक्सीजनधात्विक ऑक्साइड\text{धातु} + \text{ऑक्सीजन} \rightarrow \text{धात्विक ऑक्साइड}

क्रियाशीलता के अनुसार अभिक्रिया

अति-क्रियाशील धातुएँ (Na, K):

  • सामान्य ताप पर भी वायु में जल जाती हैं।
  • इसी कारण इन्हें केरोसिन में रखा जाता है।

4Na+O22Na2O4Na + O_2 \rightarrow 2Na_2O

4K+O22K2O4K + O_2 \rightarrow 2K_2O

मध्यम-क्रियाशील धातुएँ (Mg, Al, Zn, Fe):

  • ज्वाला में गर्म करने पर अभिक्रिया।
  • मैग्नीशियम तेज़ चमकदार ज्वाला से जलता है।

2Mg+O2Δ2MgO2Mg + O_2 \xrightarrow{\Delta} 2MgO

4Al+3O2Δ2Al2O34Al + 3O_2 \xrightarrow{\Delta} 2Al_2O_3

2Zn+O2Δ2ZnO2Zn + O_2 \xrightarrow{\Delta} 2ZnO

3Fe+2O2ΔFe3O43Fe + 2O_2 \xrightarrow{\Delta} Fe_3O_4

अति-कम-क्रियाशील धातुएँ (Cu, Ag, Au):

  • कॉपर सतह पर हरी परत बनाता है (वायु में)।
  • सिल्वर पर काली परत।
  • सोना अप्रभावित — 'नोबल मेटल'।

2Cu+O2Δ2CuO2Cu + O_2 \xrightarrow{\Delta} 2CuO

(काला रंग — अनुभाग 1 का संदर्भ)

सोडियम की जल से तीव्र अभिक्रिया: हाइड्रोजन गैस मुक्त

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Sodium सोडियम
Water जल
Hydrogen gas (catches fire) हाइड्रोजन गैस (आग पकड़ती है)
Sodium hydroxide solution सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन
Heat released ऊष्मा निकलती है

धात्विक ऑक्साइडों की प्रकृति

धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं — वे अम्लों से क्रिया करते हैं और जल से OHOH^- देते हैं।

क्षारकीय ऑक्साइड

अधिकांश धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय हैं।

उदाहरण:

  • Na2O+H2O2NaOHNa_2O + H_2O \rightarrow 2NaOH (क्षारक बनाता है)
  • CaO+H2OCa(OH)2CaO + H_2O \rightarrow Ca(OH)_2
  • K2O+H2O2KOHK_2O + H_2O \rightarrow 2KOH

यानी ये जल में घुलकर क्षार (alkali) बनाते हैं।

अम्ल से क्रिया

धात्विक ऑक्साइड + अम्ल → लवण + जल

उदाहरण: CuO+2HClCuCl2+H2OCuO + 2HCl \rightarrow CuCl_2 + H_2O (काला CuO हरा-नीला)

MgO+2HClMgCl2+H2OMgO + 2HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2O

उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides)

कुछ धात्विक ऑक्साइड अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया करते हैं।

मुख्य उदाहरण: Al2O3Al_2O_3 और ZnOZnO

Al₂O₃ का व्यवहार:

अम्ल से (क्षारक की तरह व्यवहार): Al2O3+6HCl2AlCl3+3H2OAl_2O_3 + 6HCl \rightarrow 2AlCl_3 + 3H_2O

क्षारक से (अम्ल की तरह व्यवहार): Al2O3+2NaOH2NaAlO2+H2OAl_2O_3 + 2NaOH \rightarrow 2NaAlO_2 + H_2O

(सोडियम एल्यूमिनेट)

ZnO भी इसी प्रकार: ZnO+2HClZnCl2+H2OZnO + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2O ZnO+2NaOHNa2ZnO2+H2OZnO + 2NaOH \rightarrow Na_2ZnO_2 + H_2O

एक रोचक प्रश्न

सभी धात्विक ऑक्साइड पानी में नहीं घुलते।

  • Na2O,K2ONa_2O, K_2O — पानी में घुलते हैं → क्षार बनाते हैं।
  • CuO,ZnO,Fe2O3CuO, ZnO, Fe_2O_3 — पानी में अघुलनशील।
  • Al2O3Al_2O_3 — अघुलनशील; पर अम्ल/क्षारक से क्रिया।

धातुओं की जल से अभिक्रिया

धातुओं की जल से अभिक्रिया उनकी क्रियाशीलता पर निर्भर करती है।

सामान्य अभिक्रिया

धातु+जलधातु हाइड्रॉक्साइड+H2\text{धातु} + \text{जल} \rightarrow \text{धातु हाइड्रॉक्साइड} + H_2

या

धातु+भापधातु ऑक्साइड+H2\text{धातु} + \text{भाप} \rightarrow \text{धातु ऑक्साइड} + H_2

अति-क्रियाशील धातुएँ (Na, K, Ca)

Na और K — ठंडे जल से तेज़ी से अभिक्रिया:

2Na+2H2O2NaOH+H2+ऊष्मा2Na + 2H_2O \rightarrow 2NaOH + H_2\uparrow + \text{ऊष्मा}

निकली H2H_2 अति-ऊष्मा से तुरंत आग पकड़ सकती है।

2K+2H2O2KOH+H2+अधिक ऊष्मा2K + 2H_2O \rightarrow 2KOH + H_2\uparrow + \text{अधिक ऊष्मा}

Ca — ठंडे जल से थोड़ा कम तीव्रता से:

Ca+2H2OCa(OH)2+H2Ca + 2H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + H_2\uparrow

Ca के दाने जल में डूबते-उतरते हैं — हाइड्रोजन के बुलबुले से।

मध्यम-क्रियाशील धातुएँ

Mg — गर्म जल से धीरे:

Mg+2H2Oगर्मMg(OH)2+H2Mg + 2H_2O \xrightarrow{\text{गर्म}} Mg(OH)_2 + H_2\uparrow

Mg/Al/Zn/Fe — भाप से अभिक्रिया (गर्म करके):

3Fe+4H2O(भाप)Fe3O4+4H23Fe + 4H_2O(\text{भाप}) \rightarrow Fe_3O_4 + 4H_2\uparrow

(अध्याय 1 का संदर्भ)

Zn+H2O(भाप)ZnO+H2Zn + H_2O(\text{भाप}) \rightarrow ZnO + H_2\uparrow

2Al+3H2O(भाप)Al2O3+3H22Al + 3H_2O(\text{भाप}) \rightarrow Al_2O_3 + 3H_2\uparrow

कम-क्रियाशील धातुएँ

Cu, Ag, Au — जल से कोई अभिक्रिया नहीं। (किसी भी ताप पर)

इसी कारण इनसे बने बर्तन/आभूषण लंबे समय तक टिकते हैं।

क्रियाशीलता तालिका — जल से अभिक्रिया

धातु ठंडा जल गर्म जल भाप
K तीव्र (विस्फोट)
Na तीव्र
Ca अभिक्रिया
Mg धीमी अभिक्रिया
Al नहीं नहीं अभिक्रिया
Zn नहीं नहीं अभिक्रिया
Fe नहीं नहीं अभिक्रिया (धीमी)
Pb, Cu नहीं नहीं नहीं
Hg, Ag, Au नहीं नहीं नहीं

विशेष प्रकरण और अपवाद

मैग्नीशियम का दहन

यदि Mg को वायु में जलाया जाए, तो वह चमकदार श्वेत ज्वाला से जलता है।

2Mg+O22MgO+ऊष्मा+प्रकाश2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO + \text{ऊष्मा} + \text{प्रकाश}

विशेषताएँ:

  • ज्वाला बहुत तेज़ — आँखों को नुकसान।
  • जलते समय चश्मा पहनना ज़रूरी।
  • फ़्लैश-बल्ब, आतिशबाज़ी में उपयोग।

(पहले अनुभाग 1 के अध्याय 1 में देखा था।)

एल्यूमिनियम पर 'सुरक्षा परत'

एल्यूमिनियम वायु में रखने पर तुरंत Al2O3Al_2O_3 की पतली परत बनाता है — जो भीतर के Al को आगे संक्षारण से बचाती है।

यही कारण है कि एल्यूमिनियम के बर्तन सालों तक टिकते हैं — हालाँकि Al क्रियाशील है।

एनोडाइज़िंग (Anodising)

एल्यूमिनियम पर Al2O3Al_2O_3 की मोटी परत बनाने की प्रक्रिया।

विधि:

  • Al को विद्युत-अपघटनी सेल में एनोड बनाएँ।
  • तनु H2SO4H_2SO_4 का प्रयोग।
  • एनोड पर OO निकलकर Al से मिलकर Al2O3Al_2O_3 की परत मोटी करता है।

उपयोग:

  • खिड़कियों के फ्रेम
  • रसोई के बर्तन
  • सजावटी उत्पाद

सोडियम के साथ खतरा

Na + H₂O — एक खतरनाक प्रदर्शन:

किसी छोटे टुकड़े को भी पानी में डालने पर:

  • तेज़ बुलबुले (H₂)
  • आग की ज्वाला (पीली, सोडियम के कारण)
  • कभी-कभी विस्फोट

यही कारण है कि:

  • Na को कक्षा में सावधानी से दिखाया जाता है।
  • कभी हाथ से न पकड़ें।
  • एक छोटे टुकड़े से भी प्रदर्शन काफी।

क्रियाशीलता का सिद्धांत

क्यों कुछ धातुएँ अधिक क्रियाशील?

सिद्धांत: जो धातु आसानी से इलेक्ट्रॉन छोड़ते हैं — वे अधिक क्रियाशील होते हैं।

अति-क्रियाशील (Na, K, Ca):

  • 1-2 बाह्य इलेक्ट्रॉन।
  • आसानी से दे देते हैं।
  • अति-क्रियाशील।

मध्यम-क्रियाशील (Mg, Al, Zn, Fe):

  • 2-3 बाह्य इलेक्ट्रॉन।
  • मध्यम सहजता से देते हैं।

कम-क्रियाशील (Cu, Ag, Au):

  • अधिक स्थिर बाह्य कोश।
  • इलेक्ट्रॉन देने में कठिनाई।
  • कम क्रियाशील।

क्रियाशीलता का व्यावहारिक उपयोग

1. भंडारण:

  • Na, K → केरोसिन में।
  • अन्य धातुएँ → खुले में रखी जा सकती हैं।

2. उपयोग:

  • अति-क्रियाशील Na, K — खुले में नहीं।
  • कम-क्रियाशील Au, Ag — आभूषणों में।
  • मध्यम Fe, Al — संरचनाओं में।

3. निष्कर्षण विधि:

  • अति-क्रियाशील — विद्युत-अपघटन से।
  • मध्यम — कार्बन (कोयला) से अपचयन।
  • कम-क्रियाशील — सीधे प्राप्त।

(विस्तार से अनुभाग 7 में।)

सारांश तालिका

धातु O2O_2 से क्रिया जल से क्रिया अम्ल से क्रिया
K, Na तेज़ी से, सामान्य ताप तेज़ी से (ठंडे जल से) विस्फोटक
Ca जलाने पर ठंडे जल से तेज़
Mg जलाने पर गर्म जल से अभिक्रिया
Al जलाने पर भाप से अभिक्रिया
Zn जलाने पर भाप से अभिक्रिया
Fe जलाने पर भाप से (धीमी) अभिक्रिया
Cu गर्म करने पर नहीं नहीं (तनु में)
Ag नहीं नहीं नहीं
Au नहीं नहीं नहीं

[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह तालिका 5-अंक प्रश्न में अक्सर पूछी जाती है।

🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)

बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।

1. धातु + ऑक्सीजन

धातु+O2धात्विक ऑक्साइड\text{धातु} + O_2 \rightarrow \text{धात्विक ऑक्साइड}

अनिवार्य अभिक्रियाएँ:

  • 4Na+O22Na2O4Na + O_2 \rightarrow 2Na_2O
  • 2Mg+O22MgO2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO (श्वेत ज्वाला)
  • 4Al+3O22Al2O34Al + 3O_2 \rightarrow 2Al_2O_3
  • 3Fe+2O2Fe3O43Fe + 2O_2 \rightarrow Fe_3O_4
  • 2Cu+O22CuO2Cu + O_2 \rightarrow 2CuO (काला)

2. धात्विक ऑक्साइडों की प्रकृति

  • अधिकांश: क्षारकीय
  • अपवाद (Al2O3,ZnOAl_2O_3, ZnO): उभयधर्मी (अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया)

3. धातु + जल

धातु+H2Oहाइड्रॉक्साइड/ऑक्साइड+H2\text{धातु} + H_2O \rightarrow \text{हाइड्रॉक्साइड/ऑक्साइड} + H_2

ठंडे जल से (Na, K, Ca):

  • 2Na+2H2O2NaOH+H22Na + 2H_2O \rightarrow 2NaOH + H_2\uparrow
  • Ca+2H2OCa(OH)2+H2Ca + 2H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + H_2\uparrow

गर्म जल/भाप से (Mg, Al, Zn, Fe):

  • 3Fe+4H2O(भाप)Fe3O4+4H23Fe + 4H_2O(\text{भाप}) \rightarrow Fe_3O_4 + 4H_2
  • Zn+H2O(भाप)ZnO+H2Zn + H_2O(\text{भाप}) \rightarrow ZnO + H_2

नहीं (Cu, Ag, Au): जल से कोई अभिक्रिया नहीं।

4. एनोडाइज़िंग

Al पर Al2O3Al_2O_3 की मोटी परत बनाने की प्रक्रिया।

  • विधि: तनु H2SO4H_2SO_4 में Al को एनोड बनाना।
  • उपयोग: खिड़कियाँ, बर्तन।

5. क्रियाशीलता तालिका — जल से

धातु ठंडा जल भाप
K, Na, Ca हाँ (तीव्र)
Mg, Al, Zn, Fe नहीं/धीमी हाँ
Cu, Ag, Au नहीं नहीं

6. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न

  1. क्षारकीय और उभयधर्मी ऑक्साइड में अंतर।
  2. Na का जल से अभिक्रिया लिखें — क्यों खतरनाक?
  3. एनोडाइज़िंग क्या है?
  4. Al की पतली परत क्या है? यह कैसे संरक्षित करती है?
  5. भाप से लोहे की अभिक्रिया।

अंतिम सूत्र: अधिक क्रियाशील धातु = आसानी से इलेक्ट्रॉन छोड़ती है = ऑक्सीजन/जल/अम्ल से तेज़ अभिक्रिया।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — मैग्नीशियम का दहन

मैग्नीशियम को वायु में जलाने पर क्या होता है? रासायनिक अभिक्रिया लिखें।

हल:

प्रेक्षण:

  • मैग्नीशियम चमकदार श्वेत ज्वाला से जलता है।
  • एक श्वेत चूर्ण (MgOMgO) बनता है।
  • अति-तेज़ ऊष्मा निकलती है।

अभिक्रिया:

2Mg(s)+O2(g)Δ2MgO(s)+ऊष्मा+प्रकाश2Mg(s) + O_2(g) \xrightarrow{\Delta} 2MgO(s) + \text{ऊष्मा} + \text{प्रकाश}

यह अभिक्रिया:

  • संयोजन (Combination)
  • ऊष्माक्षेपी (Exothermic)
  • उपचयन (Mg ने O ग्रहण किया)

MgO की प्रकृति: क्षारकीय। जल में थोड़ा घुलकर Mg(OH)2Mg(OH)_2 देता है।

सावधानी: आँखों को बचाने के लिए सुरक्षा-चश्मा (goggles) पहनें।

[NCERT — अध्याय 1 का संदर्भ]

उदाहरण 2: NCERT — सोडियम और जल

सोडियम जल से कैसे अभिक्रिया करता है? यह क्यों खतरनाक है?

हल:

अभिक्रिया:

2Na(s)+2H2O(l)2NaOH(aq)+H2(g)+ऊष्मा2Na(s) + 2H_2O(l) \rightarrow 2NaOH(aq) + H_2(g)\uparrow + \text{ऊष्मा}

प्रेक्षण:

  1. Na का छोटा टुकड़ा जल में तैरता है (कम घनत्व)।
  2. तेज़ बुलबुले (हाइड्रोजन गैस)।
  3. पीली ज्वाला — कभी-कभी विस्फोट।
  4. विलयन क्षारकीय हो जाता है।

यह क्यों खतरनाक?

  1. अति-ऊष्माक्षेपी — बहुत-सी ऊष्मा निकलती है।
  2. हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ती है — विस्फोट का खतरा।
  3. उछलकर बाहर आ सकता है — त्वचा/आँखों पर खतरा।
  4. NaOH भी संक्षारक — त्वचा को जलाता है।

सावधानियाँ:

  • कक्षा में बहुत छोटा टुकड़ा।
  • सुरक्षा-चश्मा।
  • कभी हाथ से न छुएँ।
  • दूर से देखें।

यही कारण है कि Na/K को केरोसिन में रखते हैं।

[NCERT — बार-बार पूछा गया]

उदाहरण 3: NCERT — एल्यूमिनियम का संरक्षण

एल्यूमिनियम की वस्तुएँ लंबे समय तक क्यों चमकदार रहती हैं — हालाँकि Al क्रियाशील धातु है?

हल:

सिद्धांत: Al पर एक सुरक्षा परत बन जाती है।

तंत्र:

  1. वायु के संपर्क में Al तुरंत O₂ से क्रिया करता है: 4Al+3O22Al2O34Al + 3O_2 \rightarrow 2Al_2O_3

  2. यह Al2O3Al_2O_3 की पतली, घनी परत Al की सतह पर बनती है।

  3. यह परत:

  • बहुत पतली (कुछ माइक्रोमीटर)
  • सघन और छिद्र-रहित
  • पारदर्शी — Al की चमक दिखती है
  • Al को आगे संक्षारण से बचाती है
  1. इस परत के नीचे का Al सुरक्षित है।

**यह *जंग जैसा क्यों नहीं?*

लोहे पर बनी Fe2O3Fe_2O_3 परत ढीली और छिद्रपूर्ण है — आगे का लोहा भी जंग पकड़ता है।

**Al पर परत *सघन* है — आगे ऑक्सीजन को नहीं घुसने देती।*

अनुप्रयोग:

  • खिड़कियों के फ्रेम।
  • रसोई के बर्तन।
  • खाद्य पैकेजिंग।
  • विमान के पुर्ज़े।

एनोडाइज़िंग: इस परत को जानबूझकर मोटा बनाने की प्रक्रिया।

[बोर्ड में 3-अंक प्रश्न]

उदाहरण 4: NCERT — एनोडाइज़िंग

एनोडाइज़िंग क्या है? इसकी विधि और उपयोग बताएँ।

हल:

परिभाषा: एल्यूमिनियम पर Al2O3Al_2O_3 की मोटी परत बनाने की विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया।

विधि:

  1. एल्यूमिनियम की वस्तु को एनोड (+) बनाएँ।
  2. तनु H2SO4H_2SO_4 के विलयन में डुबोएँ।
  3. विद्युत प्रवाहित करें।
  4. एनोड पर ऑक्सीजन निकलती है — Al से क्रिया करके मोटी Al2O3Al_2O_3 परत बनाती है।

अभिक्रिया:

4Al+3O22Al2O34Al + 3O_2 \rightarrow 2Al_2O_3

यह सामान्य परत से भिन्न:

  • सामान्य परत: कुछ माइक्रोमीटर।
  • एनोडाइज़्ड परत: दसियों माइक्रोमीटर (बहुत मोटी)।

लाभ:

  1. बेहतर संक्षारण-रोधी।
  2. रंग जोड़ा जा सकता है — रंजक परत में फँस जाते हैं।
  3. टिकाऊ।
  4. खरोंच-रोधी।

उपयोग:

  • खिड़कियों के फ्रेम (विभिन्न रंगों में)
  • मोबाइल फोन के मामले
  • रसोई के बर्तन
  • सजावटी उत्पाद
  • स्पेसक्राफ्ट के पुर्ज़े

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]

उदाहरण 5: NCERT — उभयधर्मी ऑक्साइड

उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? दो उदाहरण और उनकी अभिक्रियाएँ।

हल:

परिभाषा: वे धात्विक ऑक्साइड जो अम्ल और क्षारक — दोनों से क्रिया करके लवण और जल देते हैं — उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।

मुख्य उदाहरण: Al2O3Al_2O_3, ZnOZnO

एल्यूमिनियम ऑक्साइड (Al2O3Al_2O_3):

अम्ल से क्रिया (क्षारक की तरह व्यवहार):

Al2O3+6HCl2AlCl3+3H2OAl_2O_3 + 6HCl \rightarrow 2AlCl_3 + 3H_2O

क्षारक से क्रिया (अम्ल की तरह व्यवहार):

Al2O3+2NaOH2NaAlO2+H2OAl_2O_3 + 2NaOH \rightarrow 2NaAlO_2 + H_2O

(सोडियम एल्यूमिनेट)

ज़िंक ऑक्साइड (ZnO):

अम्ल से क्रिया:

ZnO+2HClZnCl2+H2OZnO + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2O

क्षारक से क्रिया:

ZnO+2NaOHNa2ZnO2+H2OZnO + 2NaOH \rightarrow Na_2ZnO_2 + H_2O

(सोडियम ज़िंकेट)

अन्य ऑक्साइडों के साथ तुलना

ऑक्साइड प्रकार अम्ल से क्षारक से
क्षारकीय (Na₂O) हाँ नहीं
उभयधर्मी (Al₂O₃) हाँ हाँ
अम्लीय (SO₃) नहीं हाँ
उदासीन (CO) नहीं नहीं

सीख: उभयधर्मी ऑक्साइड एक प्रकार का 'पुल' हैं — दोनों प्रकार से क्रिया करने वाले।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 5-अंक प्रश्न]

उदाहरण 6: NCERT — Cu और Au का व्यवहार

कॉपर और सोना क्यों जल और तनु अम्लों से क्रिया नहीं करते?

हल:

सिद्धांत: Cu और Au क्रियाशीलता श्रेणी में H से नीचे हैं।

क्रियाशीलता श्रेणी: ...Pb>H>Cu>Hg>Ag>Au...Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au

नियम: केवल H से ऊपर की धातुएँ ही जल/अम्ल से क्रिया करके H2H_2 निकालती हैं।

Cu का व्यवहार:

जल से: कोई अभिक्रिया नहीं (किसी भी ताप पर)।

तनु HClHCl/H2SO4H_2SO_4 से: कोई अभिक्रिया नहीं।

अपवाद - सान्द्र H2SO4H_2SO_4 या HNO3HNO_3: Cu+2H2SO4(सान्द्र)CuSO4+2H2O+SO2Cu + 2H_2SO_4(\text{सान्द्र}) \rightarrow CuSO_4 + 2H_2O + SO_2 (यह विस्थापन नहीं — उपचयन-अपचयन है)

Au का व्यवहार:

सब अम्लों से कोई अभिक्रिया नहीं।

अपवाद — एक्वा रेजिया (Aqua Regia): सान्द्र HNO3HNO_3 + सान्द्र HClHCl (1:3) — सोने को घुला सकता है।

('एक्वा रेजिया' का अर्थ — 'राजा का जल' (Royal Water) — क्योंकि यह 'धातुओं के राजा' (सोने) को घुला सकता है।)

व्यावहारिक परिणाम

  1. Cu के बर्तन: अम्लीय खाद्य पदार्थ रख सकते हैं — सीधी अभिक्रिया नहीं।

  2. Au के आभूषण: हजारों वर्षों तक टिकते हैं — संक्षारण-रोधी।

  3. Ag के आभूषण: भी कम क्रियाशील — पर H2SH_2S से काले पड़ते हैं।

सीख: क्रियाशीलता श्रेणी — धातुओं के व्यवहार की गहरी समझ देती है।

[बोर्ड महत्वपूर्ण]

उदाहरण 7: NCERT — कैल्शियम और जल

जब कैल्शियम के टुकड़े जल में डाले जाते हैं, तो वे डूबते-तैरते हैं। क्यों?

हल:

अभिक्रिया:

Ca+2H2OCa(OH)2+H2Ca + 2H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + H_2\uparrow

प्रेक्षण:

  1. Ca का टुकड़ा जल में डूबता है (Ca का घनत्व जल से अधिक)।
  2. हाइड्रोजन गैस के बुलबुले बनते हैं।
  3. ये बुलबुले Ca के टुकड़े पर चिपक जाते हैं
  4. बुलबुले Ca को ऊपर तैराते हैं
  5. ऊपर पहुँचने पर बुलबुले फूटते हैं।
  6. Ca वापस नीचे डूबता है।
  7. यह चक्र चलता रहता है — डूबना, तैरना, डूबना।

यह क्यों Na से अलग?

  • Na जल से अति-तीव्रता से क्रिया करता है — आग पकड़ सकता है।
  • Ca थोड़ा कम क्रियाशील — विस्फोटक नहीं, बस तेज़ बुलबुले।
  • Ca का घनत्व अधिक — डूबता है (Na तैरता है)।

अन्य प्रेक्षण:

  • विलयन धीरे-धीरे दूधिया हो जाता है — Ca(OH)2Ca(OH)_2 की कम विलेयता।
  • फिर भी विलयन क्षारकीय — pH बढ़ाता है।

तापमान का प्रभाव:

  • Ca + ठंडा जल — धीमी पर निरंतर अभिक्रिया।
  • Ca + गर्म जल — तेज़।

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]

उदाहरण 8: NCERT — लोहा और भाप

लोहा भाप से कैसे अभिक्रिया करता है? रासायनिक अभिक्रिया लिखें।

हल:

अभिक्रिया:

3Fe(s)+4H2O(g)ΔFe3O4(s)+4H2(g)3Fe(s) + 4H_2O(g) \xrightarrow{\Delta} Fe_3O_4(s) + 4H_2(g)\uparrow

(लोहा + भाप → फ़ेरोसो-फ़ेरिक ऑक्साइड + हाइड्रोजन)

विशेष टिप्पणी:

  • H2OH_2O के साथ (g) — अर्थात भाप।
  • Fe ठंडे जल या गर्म जल से क्रिया नहीं करता।
  • केवल भाप (अति-गर्म जलवाष्प) से।

यह कौन-सी अभिक्रिया?

  • विस्थापन — Fe ने H को विस्थापित किया।
  • रेडॉक्स — Fe उपचयित (FeFe3+Fe → Fe^{3+}), H अपचयित।

बना यौगिक:

  • Fe3O4Fe_3O_4 = आयरन (II, III) ऑक्साइड
  • काला रंग
  • 'मैग्नेटाइट' खनिज भी इसी से बना

अन्य धातु+भाप अभिक्रियाएँ

ज़िंक: Zn+H2O(भाप)ZnO+H2Zn + H_2O(\text{भाप}) \rightarrow ZnO + H_2

एल्यूमिनियम: 2Al+3H2O(भाप)Al2O3+3H22Al + 3H_2O(\text{भाप}) \rightarrow Al_2O_3 + 3H_2

मैग्नीशियम: Mg+H2O(भाप)MgO+H2Mg + H_2O(\text{भाप}) \rightarrow MgO + H_2

(Mg गर्म जल से Mg(OH)2Mg(OH)_2 बनाता है, परंतु भाप से MgOMgO।)

Fe + जल — विशेष कारण

Fe का सामान्य ताप पर जल से क्यों क्रिया नहीं?

  • क्रियाशीलता श्रेणी में Fe मध्य में।
  • Mg, Ca जैसी सक्रिय नहीं।
  • भाप के उच्च तापमान/दाब पर ही पर्याप्त ऊर्जा।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक]

उदाहरण 9: एक तुलना — Na vs Ca

सोडियम और कैल्शियम — दोनों जल से अभिक्रिया करते हैं। दोनों के व्यवहार की तुलना करें।

हल:

अभिक्रियाएँ:

2Na+2H2O2NaOH+H2+ऊष्मा2Na + 2H_2O \rightarrow 2NaOH + H_2\uparrow + \text{ऊष्मा}

Ca+2H2OCa(OH)2+H2+ऊष्माCa + 2H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + H_2\uparrow + \text{ऊष्मा}

तुलनात्मक तालिका:

आधार Na Ca
क्रियाशीलता अति-उच्च उच्च (पर Na से कम)
घनत्व 0.97 g/cm³ (तैरता है) 1.55 g/cm³ (डूबता है)
अभिक्रिया की तीव्रता विस्फोटक तेज़ बुलबुले
आग पकड़ सकती है प्रायः नहीं
उत्पाद NaOH (विलेय) Ca(OH)₂ (कम विलेय)
विलयन का रंग रंगहीन दूधिया (कम विलेयता से)
ऊष्मा बहुत अधिक कम

दृष्टिगत प्रदर्शन:

  • Na: तेज़ी, ज्वाला, उछलना।
  • Ca: डूबना-तैरना (बुलबुलों के कारण)।

सीख: क्रियाशीलता श्रेणी में Na, Ca से ऊपर है — इसलिए तीव्र।

सावधानी: दोनों के साथ काम करते समय गॉगल्स, दस्ताने ज़रूरी।

[बोर्ड में 3-5 अंक]

उदाहरण 10: संख्यात्मक — Mg + O₂

12 g मैग्नीशियम को पूर्ण रूप से जलाने पर कितना MgOMgO बनेगा? (Mg=24, O=16)

हल:

अभिक्रिया:

2Mg+O22MgO2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO

अणुभार:

  • 2Mg=482Mg = 48 g
  • 2MgO=802MgO = 80 g (40 each)

अनुपात: 48 g Mg → 80 g MgO

12 g Mg से:

MgO=8048×12=20 g\text{MgO} = \frac{80}{48} \times 12 = 20 \text{ g}

उत्तर: 20 g MgOMgO बनेगा।

सत्यापन (द्रव्यमान संरक्षण):

  • Mg + O₂ → MgO
  • 12 g + ? g → 20 g
  • ऑक्सीजन = 2012=820 - 12 = 8 g (= 0.25 mol = 0.5 mol O₂)
  • 12 g Mg = 0.5 mol; 0.25 mol O₂ — अनुपात सही ✓

[बोर्ड में 2-3 अंक]

उदाहरण 11: NCERT — पाँच धातुओं की क्रियाशीलता

निम्न धातुओं को बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में रखें: Cu, Mg, Na, Fe, Au

हल:

क्रियाशीलता श्रेणी (आवश्यक भाग):

Au<Cu<Fe<Mg<Na\text{Au} < \text{Cu} < \text{Fe} < \text{Mg} < \text{Na}

बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में:

  1. Au (सोना) — सबसे कम क्रियाशील (नोबल मेटल)
  2. Cu (कॉपर)
  3. Fe (लोहा)
  4. Mg (मैग्नीशियम)
  5. Na (सोडियम) — सबसे अधिक क्रियाशील

अभिक्रिया दर्शाने वाली तुलना:

धातु जल से अम्ल से O2O_2 से
Na ठंडे जल से तीव्र विस्फोटक सामान्य ताप पर
Mg गर्म जल से धीमी अभिक्रिया जलाने पर
Fe भाप से धीमी अभिक्रिया जलाने पर (जंग)
Cu नहीं केवल सान्द्र अम्ल से गर्म करने पर
Au नहीं केवल एक्वा रेजिया नहीं

व्यावहारिक उपयोग:

  • Na - केरोसिन में रखा।
  • Mg - फ़्लैश-बल्ब, आतिशबाज़ी।
  • Fe - निर्माण, मशीनें।
  • Cu - तार, बर्तन।
  • Au - आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स।

[बोर्ड महत्वपूर्ण]

उदाहरण 12: एक रोचक प्रश्न — खाद्य पदार्थ और बर्तन

क्यों अम्लीय खाद्य पदार्थों (नींबू, टमाटर) को एल्यूमिनियम के बर्तनों में नहीं रखना चाहिए?

हल:

सिद्धांत: एल्यूमिनियम क्रियाशील धातु है। अम्ल से क्रिया कर सकता है।

सतह की सुरक्षा परत:

  • सामान्यतः Al पर Al2O3Al_2O_3 की पतली सुरक्षा परत होती है।
  • यह Al को क्षारक से बचाती है।

अम्ल का प्रभाव:

  • अम्ल इस Al2O3Al_2O_3 परत को घुला देता है।
  • फिर अंदर का Al खुला हो जाता है।
  • Al अम्ल से क्रिया करता है।

अभिक्रिया (Al + अम्ल):

2Al+6HCl2AlCl3+3H22Al + 6HCl \rightarrow 2AlCl_3 + 3H_2\uparrow

या नींबू (साइट्रिक अम्ल) के साथ — समान क्रिया।

परिणाम:

  1. Al खाने में मिलता है (विषाक्त नहीं, परंतु अनुप्रयुक्त)।
  2. भोजन का स्वाद बदल सकता है।
  3. बर्तन की सतह खराब हो जाती है।

सही विकल्प:

  • स्टेनलेस स्टील के बर्तन (निष्क्रिय)।
  • काँच के बर्तन।
  • मिट्टी के पारंपरिक बर्तन।
  • तांबे/पीतल के बर्तन (कुछ खाद्य पदार्थों के लिए)।

हालाँकि: साधारण अम्लीय खाद्य पदार्थ (दही, छाछ, टमाटर) Al के बर्तनों में डालने पर बहुत हल्की क्रिया — चिंताजनक नहीं।

सर्वश्रेष्ठ अभ्यास: आधुनिक रसोई में स्टेनलेस स्टील ही श्रेष्ठ।

[बोर्ड + दैनिक जीवन]

उदाहरण 13: NCERT — एक मिश्र प्रश्न

निम्न अभिक्रियाएँ संतुलित करें: (a) Mg+O2MgOMg + O_2 \rightarrow MgO (b) Fe+H2O(भाप)Fe3O4+H2Fe + H_2O(\text{भाप}) \rightarrow Fe_3O_4 + H_2 (c) Al+O2Al2O3Al + O_2 \rightarrow Al_2O_3 (d) Ca+H2OCa(OH)2+H2Ca + H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + H_2

हल:

(a) Mg + O₂: 2Mg+O22MgO2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO

जाँच: Mg=2=2, O=2=2 ✓

(b) Fe + H₂O (भाप): 3Fe+4H2OFe3O4+4H23Fe + 4H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + 4H_2

जाँच: Fe=3=3, H=8=8, O=4=4 ✓

(c) Al + O₂: 4Al+3O22Al2O34Al + 3O_2 \rightarrow 2Al_2O_3

जाँच: Al=4=4, O=6=6 ✓

(d) Ca + H₂O: Ca+2H2OCa(OH)2+H2Ca + 2H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + H_2

जाँच: Ca=1=1, H=4=4, O=2=2 ✓

सीख: अभिक्रिया संतुलित करते समय:

  • सबसे जटिल यौगिक से शुरू करें।
  • गुणांक बदलें, सूत्र नहीं।
  • अंत में H और O संतुलित करें।

[बोर्ड में 3-अंक]

उदाहरण 14: NCERT — सोडियम और पोटैशियम का व्यवहार

सोडियम और पोटैशियम जल के साथ क्रिया करने पर तीव्र ऊष्मा निकालते हैं। इस ऊष्मा का क्या परिणाम होता है?

हल:

अभिक्रियाएँ:

2Na+2H2O2NaOH+H2+ऊष्मा2Na + 2H_2O \rightarrow 2NaOH + H_2 + \text{ऊष्मा}

2K+2H2O2KOH+H2+अधिक ऊष्मा2K + 2H_2O \rightarrow 2KOH + H_2 + \text{अधिक ऊष्मा}

ऊष्मा का परिणाम:

1. हाइड्रोजन गैस का तापमान बहुत बढ़ता है।

2. इतना तापमान कि H₂ + O₂ (वायु से) तुरंत जलते हैं:

2H2+O22H2O+अधिक ऊष्मा2H_2 + O_2 \rightarrow 2H_2O + \text{अधिक ऊष्मा}

3. ज्वाला दिखाई देती है:

  • Na के साथ — पीली
  • K के साथ — बैंगनी (अधिक प्रबल)

4. कभी-कभी विस्फोट — विशेष रूप से K के साथ।

आधार Na K
क्रियाशीलता उच्च अति-उच्च (Na से अधिक)
ऊष्मा अधिक और अधिक
ज्वाला पीली बैंगनी
विस्फोट कभी अधिक संभावना

सावधानियाँ:

  • कक्षा में बहुत छोटे टुकड़े उपयोग।
  • Na/K को कभी हाथ से न पकड़ें।
  • सुरक्षा-चश्मा।
  • दूर से देखें।
  • दर्शाने वाला शिक्षक — पेशेवर।

यही कारण: Na और K को केरोसिन में रखा जाता है — वायु के संपर्क से बचाने।

[NCERT पाठ्यपुस्तक — दैनिक जीवन सुरक्षा]

उदाहरण 15: एक रोचक तुलना — कौन-सा ऑक्साइड क्या है?

निम्न ऑक्साइडों को क्षारकीय, अम्लीय, या उभयधर्मी में वर्गीकृत करें — Na2O,SO2,Al2O3,CO2,ZnO,CaO,NO2Na_2O, SO_2, Al_2O_3, CO_2, ZnO, CaO, NO_2

हल:

नियम:

  • धात्विक ऑक्साइड प्रायः क्षारकीय।
  • अधात्विक ऑक्साइड प्रायः अम्लीय।
  • कुछ धात्विक ऑक्साइड (Al₂O₃, ZnO) उभयधर्मी।

विश्लेषण:

ऑक्साइड धातु/अधातु? प्रकार
Na2ONa_2O धातु क्षारकीय
SO2SO_2 अधातु अम्लीय
Al2O3Al_2O_3 धातु (पर) उभयधर्मी
CO2CO_2 अधातु अम्लीय
ZnOZnO धातु (पर) उभयधर्मी
CaOCaO धातु क्षारकीय
NO2NO_2 अधातु अम्लीय

सत्यापन (जल से क्रिया):

क्षारकीय:

  • Na2O+H2O2NaOHNa_2O + H_2O \rightarrow 2NaOH
  • CaO+H2OCa(OH)2CaO + H_2O \rightarrow Ca(OH)_2

अम्लीय:

  • SO2+H2OH2SO3SO_2 + H_2O \rightarrow H_2SO_3
  • CO2+H2OH2CO3CO_2 + H_2O \rightarrow H_2CO_3
  • 3NO2+H2O2HNO3+NO3NO_2 + H_2O \rightarrow 2HNO_3 + NO

उभयधर्मी:

  • Al2O3+6HCl2AlCl3+3H2OAl_2O_3 + 6HCl \rightarrow 2AlCl_3 + 3H_2O (अम्ल से)
  • Al2O3+2NaOH2NaAlO2+H2OAl_2O_3 + 2NaOH \rightarrow 2NaAlO_2 + H_2O (क्षारक से)

[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]

उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न

(a) क्षारकीय और उभयधर्मी ऑक्साइड में अंतर। (b) Mg और Fe — दोनों की O₂ और H₂O से अभिक्रिया। (c) Na को केरोसिन में क्यों रखते हैं? (d) एनोडाइज़िंग का उद्देश्य।

हल:

(a) क्षारकीय vs उभयधर्मी:

गुण क्षारकीय उभयधर्मी
क्या क्रिया? केवल अम्ल अम्ल और क्षारक दोनों
उदाहरण Na₂O, CaO Al₂O₃, ZnO
जल से क्षारक देते हैं प्रायः अघुलनशील

(b) Mg और Fe की अभिक्रियाएँ:

Mg + O₂: 2Mg+O2Δ2MgO2Mg + O_2 \xrightarrow{\Delta} 2MgO

Mg + H₂O (गर्म): Mg+2H2OMg(OH)2+H2Mg + 2H_2O \rightarrow Mg(OH)_2 + H_2

Fe + O₂ (गर्म): 3Fe+2O2Fe3O43Fe + 2O_2 \rightarrow Fe_3O_4

Fe + H₂O (भाप): 3Fe+4H2OFe3O4+4H23Fe + 4H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + 4H_2

(c) Na को केरोसिन में:

  • Na अति-क्रियाशील।
  • वायु के O₂ और नमी से तुरंत क्रिया।
  • आग का खतरा।
  • केरोसिन Na को O2O_2 और H2OH_2O से अलग रखता है।

(d) एनोडाइज़िंग का उद्देश्य:

  • Al पर Al2O3Al_2O_3 की मोटी परत बनाना।
  • संक्षारण-रोधी।
  • रंग जोड़ने में सहायक।
  • खिड़कियों, बर्तनों में उपयोग।

[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]