धातु और अधातु — परिचय

हमारे चारों ओर दो मुख्य प्रकार के तत्व हैं — धातुएँ (Metals) और अधातुएँ (Non-metals)

क्या आप पहचान सकते हैं?

  • लोहा, ताँबा, सोना, चाँदी — धातुएँ
  • कोयला (कार्बन), गंधक (सल्फ़र), फ़ॉस्फ़ोरस — अधातुएँ
  • हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, क्लोरीन — गैसीय अधातुएँ

आवर्त सारणी में स्थिति

  • बायीं ओर: अधिकांश तत्व धातुएँ हैं।
  • दायीं ओर: अधिकांश तत्व अधातुएँ हैं।
  • बीच में: कुछ उपधातु (Metalloids) — जैसे Si,Ge,As,Sb,TeSi, Ge, As, Sb, Te

कुल तत्वों का वितरण

  • कुल ज्ञात तत्व ~ 118
  • धातुएँ ~ 78%
  • अधातुएँ ~ 22%

धातुएँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?

  1. निर्माण कार्य: लोहा, स्टील, एल्यूमिनियम।
  2. दैनिक जीवन: बर्तन, औज़ार, गहने।
  3. यातायात: कार, रेल, हवाई जहाज़।
  4. विद्युत: ताँबे/एल्यूमिनियम के तार।
  5. उद्योग: मशीनें, संरचनाएँ।

अधातुएँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?

  1. जीवन के लिए: ऑक्सीजन (साँस), कार्बन (कार्बनिक यौगिक)।
  2. खाद्य: आयोडीन (नमक में), फ़ॉस्फ़ोरस (हड्डी)।
  3. रसायन उद्योग: सल्फ़र, क्लोरीन।
  4. हीरा: दुनिया का सबसे कठोर पदार्थ।
  5. उर्वरक: नाइट्रोजन।

[बोर्ड टिप] धातु और अधातु में मूल अंतर — भौतिक गुण से ही पहचानें।

धातुओं के भौतिक गुण: आघातवर्ध्यता, तन्यता, चमक और चालकता

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Malleable (sheets) आघातवर्ध्य (चादरें)
Ductile (wires) तन्य (तार)
Metallic lustre धात्विक चमक
Good conductor of heat and electricity ऊष्मा और विद्युत का सुचालक

धातुओं के भौतिक गुण

1. धात्विक चमक (Metallic Lustre)

धातुओं की सतह चमकदार होती है — यदि नई कटी हो।

उदाहरण:

  • सोना (Au) — पीली चमक
  • चाँदी (Ag) — श्वेत चमक
  • कॉपर (Cu) — लाल-भूरी चमक

2. कठोरता (Hardness)

अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं।

अपवाद: सोडियम (Na), पोटैशियम (K) — चाकू से काटे जा सकते हैं (मुलायम)।

3. आघातवर्धनीयता (Malleability)

धातुओं को पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है।

उदाहरण:

  • सोने की पतली चादर — चाँदी पन्नी
  • एल्यूमिनियम पन्नी — खाद्य पैकिंग।
  • 1 ग्राम सोने से लगभग 100 sq cm पतली चादर बनाई जा सकती है।

4. तन्यता (Ductility)

धातुओं को खींचकर पतले तारों में बदला जा सकता है।

उदाहरण:

  • कॉपर — विद्युत के तार।
  • एल्यूमिनियम — हाई-टेंशन तार।
  • सोना सबसे अधिक तन्य है — 1 ग्राम से 2 km लंबा तार बन सकता है।

5. चालकता (Conductivity)

धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की अच्छी सुचालक हैं।

सबसे अच्छे चालक (घटते क्रम में):

  • विद्युत: Ag>Cu>Au>AlAg > Cu > Au > Al
  • ऊष्मा: Ag>Cu>Au>AlAg > Cu > Au > Al

अपवाद: लेड (Pb) और पारा (Hg) — खराब चालक हैं।

6. ध्वनियता (Sonorousness)

धातुओं को पीटने पर मधुर ध्वनि निकलती है।

उदाहरण:

  • मंदिरों के घंटे (काँसा, पीतल)
  • स्कूल का घंटा

7. उच्च गलनांक/क्वथनांक

  • अधिकांश धातुएँ ठोस अवस्था में।
  • उच्च गलनांक — टंगस्टन (W) का गलनांक ~ 3422°C
  • अपवाद: पारा (Hg) — द्रव (गलनांक −39°C)।

8. घनत्व

  • अधिकांश धातुएँ भारी।
  • अपवाद: सोडियम और पोटैशियम — हल्के (पानी से कम घने)।

[बोर्ड महत्वपूर्ण] धातुओं के 6 भौतिक गुण और अपवाद।

अधातुओं के भौतिक गुण

अधातुओं के गुण धातुओं से विपरीत होते हैं (अधिकांशतः)।

1. चमक का अभाव

अधातुएँ प्रायः चमकदार नहीं होतीं — वे फीकी (dull) होती हैं।

अपवाद: आयोडीन (I₂) — चमकदार धात्विक रूप में दिखता है।

2. कठोरता

अधिकांश अधातुएँ नर्म होती हैं।

अपवाद: हीरा (carbon) — सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ।

3. भंगुरता (Brittleness)

अधातुएँ पीटने पर टूट जाती हैं — आघातवर्धनीय नहीं।

उदाहरण: सल्फ़र — पीटने पर बिखर जाता है।

4. खराब चालक

अधातुएँ ऊष्मा और विद्युत की खराब सुचालक हैं।

अपवाद:

  • ग्रेफ़ाइट (carbon का अपरूप) — विद्युत का अच्छा चालक है।
  • (यह कक्षा 10 का बहुत महत्वपूर्ण अपवाद है।)

5. कोई ध्वनियता नहीं

अधातुओं को पीटने पर ध्वनि नहीं आती (या टूट जाते हैं)।

6. अवस्थाओं की विविधता

  • ठोस: कार्बन, सल्फ़र, फ़ॉस्फ़ोरस, आयोडीन
  • द्रव: ब्रोमीन (Br₂) — सामान्य ताप पर एकमात्र द्रव अधातु
  • गैस: ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन, हाइड्रोजन

7. कम गलनांक/क्वथनांक

धातुओं की तुलना में बहुत कम।

अपवाद: हीरा — अति-उच्च गलनांक (~ 3550°C — कुछ धातुओं से अधिक)।

8. कम घनत्व

अधिकांश अधातुएँ हल्की।

अधातुओं के अपवाद — एक तालिका

गुण सामान्य अधातु अपवाद
चमक फीका आयोडीन — चमकदार
कठोरता नर्म हीरा — सबसे कठोर
विद्युत-चालकता खराब ग्रेफ़ाइट — अच्छा चालक
गलनांक कम हीरा — बहुत उच्च

[बोर्ड महत्वपूर्ण] अधातुओं के अपवाद याद रखें — ये परीक्षा में अक्सर आते हैं।

धातु बनाम अधातु — भौतिक गुणों की तुलना

यह तालिका कक्षा 10 परीक्षा के लिए सबसे ज़रूरी सारांश है:

गुण धातुएँ अधातुएँ
चमक धात्विक चमक फीका (अप. आयोडीन)
अवस्था प्रायः ठोस ठोस/द्रव/गैस
कठोरता कठोर (अप. Na, K) मुलायम (अप. हीरा)
आघातवर्धनीयता हाँ नहीं (भंगुर)
तन्यता हाँ नहीं
विद्युत-चालकता अच्छी खराब (अप. ग्रेफ़ाइट)
ऊष्मा-चालकता अच्छी खराब
ध्वनियता हाँ नहीं
गलनांक उच्च (अप. Na, K, Hg) कम (अप. हीरा)
घनत्व अधिक (अप. Na, K) कम

मुख्य अपवाद — जो परीक्षा में आते हैं

धातुओं के अपवाद:

  • पारा (Hg): सामान्य ताप पर द्रव (गलनांक −39°C)।
  • सोडियम (Na), पोटैशियम (K): मुलायम — चाकू से काट सकते हैं।
  • लीथियम (Li): सबसे कम घना धातु — पानी पर तैरता है।
  • गैलियम (Ga), सीज़ियम (Cs): हाथ की गर्मी से पिघल जाते हैं।

अधातुओं के अपवाद:

  • हीरा (carbon): सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ।
  • ग्रेफ़ाइट (carbon): विद्युत का अच्छा चालक है।
  • आयोडीन (I₂): चमकदार दिखता है।
  • ब्रोमीन (Br₂): सामान्य ताप पर द्रव

क्यों ये गुण?

धातुओं में 'मुक्त इलेक्ट्रॉन' होते हैं:

  • ये इलेक्ट्रॉन धातु में स्वतंत्र रूप से चलते हैं।
  • इसी कारण विद्युत और ऊष्मा का संचालन।
  • और चमक भी (इलेक्ट्रॉनों के कारण प्रकाश का परावर्तन)।

अधातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं:

  • सहसंयोजी आबंध — इलेक्ट्रॉन साझा होते हैं, मुक्त नहीं।
  • अतः चालकता खराब।
  • (ग्रेफ़ाइट में मुक्त इलेक्ट्रॉन हैं — इसी कारण अपवाद।)

[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह तालिका 5-अंक के प्रश्न में अक्सर पूछी जाती है।

उपधातुएँ (Metalloids) और कुछ रोचक तथ्य

उपधातुएँ क्या हैं?

कुछ तत्व ऐसे हैं जिनमें धातु और अधातु दोनों के गुण हैं — इन्हें उपधातु (Metalloids) कहते हैं।

मुख्य उपधातुएँ: B, Si, Ge, As, Sb, Te, Po

उपधातुओं के गुण

  • थोड़ी चमकदार
  • मध्यम कठोरता
  • मध्यम विद्युत-चालकता
  • अर्धचालक (Semiconductor) — इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोगी

उपयोग

सिलिकॉन (Si):

  • कंप्यूटर चिप्स
  • सोलर पैनल
  • 'सिलिकॉन वैली' का आधार

जर्मेनियम (Ge):

  • ट्रांज़िस्टर
  • अर्धचालक

कुछ रोचक तथ्य

1. सबसे अधिक प्रयुक्त धातु: लोहा (Fe) — 90% से अधिक धातु-उत्पादन।

2. सबसे महंगा धातु: रोडियम (Rh) — सोने से अधिक महंगा।

3. सबसे हल्का धातु: लीथियम (Li)।

4. सबसे भारी धातु (आम): ओसमियम (Os) — सोने से दोगुना भारी।

5. एकमात्र द्रव धातु (सामान्य ताप पर): पारा (Hg)।

6. एकमात्र द्रव अधातु (सामान्य ताप पर): ब्रोमीन (Br₂)।

7. सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ: हीरा (carbon)।

8. सबसे अच्छा विद्युत चालक: चाँदी (Ag)।

9. सबसे तन्य धातु: सोना (Au)।

10. सबसे आघातवर्धनीय: सोना और चाँदी।

एक रोचक प्रयोग

सोडियम (Na) को पानी में फेंकने पर:

  • तेज़ अभिक्रिया।
  • गैस (H2H_2) निकलती है।
  • अति-ऊष्माक्षेपी — आग भी लग सकती है।
  • यही कारण है कि Na को केरोसिन में रखते हैं।

(अनुभाग 2 में विस्तार से।)

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बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।

1. धातु बनाम अधातु — मुख्य गुण

गुण धातु अधातु
चमक धात्विक फीका
आघातवर्धनीयता हाँ नहीं
तन्यता हाँ नहीं
चालकता अच्छी खराब
ध्वनियता हाँ नहीं
गलनांक उच्च कम

2. महत्वपूर्ण अपवाद

धातुओं के अपवाद:

  • Hg — द्रव
  • Na, K — मुलायम
  • Li — हल्का (पानी पर तैरता)

अधातुओं के अपवाद:

  • हीरा — कठोर, उच्च गलनांक
  • ग्रेफ़ाइट — विद्युत का अच्छा चालक
  • आयोडीन — चमकदार
  • Br₂ — द्रव

3. मुख्य चालक धातुएँ

  • विद्युत: Ag>Cu>Au>AlAg > Cu > Au > Al
  • ऊष्मा: Ag>Cu>Au>AlAg > Cu > Au > Al

4. कुछ संख्यात्मक तथ्य

  • कुल तत्व: ~118
  • धातुएँ: ~78%
  • अधातुएँ: ~22%

5. उपधातुएँ

  • B, Si, Ge, As, Sb, Te, Po
  • अर्धचालक — इलेक्ट्रॉनिक्स में।

6. रोचक तथ्य

  • सबसे तन्य: सोना
  • सबसे अच्छा चालक: चाँदी
  • सबसे कठोर: हीरा
  • एकमात्र द्रव धातु: पारा
  • एकमात्र द्रव अधातु: ब्रोमीन

7. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न

  1. धातुओं और अधातुओं के 5-5 भौतिक गुणों की तुलना।
  2. पारा एकमात्र द्रव धातु क्यों है?
  3. ग्रेफ़ाइट विद्युत का चालक कैसे है? व्याख्या।
  4. उपधातु क्या हैं? उदाहरण।
  5. Na/K को केरोसिन में क्यों रखते हैं?

अंतिम सूत्र: धातु = चमक, चालकता, आघातवर्धनीयता; अधातु = फीका, खराब चालक, भंगुर। अपवाद याद रखें।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — धातुओं के 5 भौतिक गुण

धातुओं के पाँच भौतिक गुणों की चर्चा कीजिए। प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।

हल:

1. धात्विक चमक: सोना, चाँदी, कॉपर — सब चमकदार। ताज़ी सतह विशेष रूप से चमकती है।

2. आघातवर्धनीयता: पीटकर पतली चादर बनाना। उदाहरण — सोने की पन्नी, एल्यूमिनियम पन्नी।

3. तन्यता: खींचकर पतले तार बनाना। उदाहरण — कॉपर के तार। 1 g सोने से 2 km लंबा तार।

4. विद्युत-चालकता: विद्युत का अच्छा संचालन। उदाहरण — Ag > Cu > Au > Al।

5. ध्वनियता: पीटने पर मधुर ध्वनि। उदाहरण — मंदिर के घंटे (काँसा, पीतल)।

अन्य गुण:

  • ऊष्मा-चालकता
  • उच्च गलनांक/क्वथनांक
  • कठोरता
  • उच्च घनत्व

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]

उदाहरण 2: NCERT — पारा एकमात्र द्रव धातु

पारा (Hg) सामान्य तापमान पर एकमात्र द्रव धातु है। यह क्यों संभव है?

हल:

सामान्य ताप पर:

  • अधिकांश धातुएँ ठोस।
  • सोडियम/पोटैशियम — मुलायम पर ठोस।
  • गैलियम (Ga) — हाथ की गर्मी (~30°C) से पिघलता है।

पारा का गलनांक: −39°C (बहुत कम!)

इसलिए सामान्य कमरे के तापमान (~25°C) पर — पारा द्रव अवस्था में।

कारण (कक्षा 10 स्तर पर सरलीकृत):

  • पारे के परमाणुओं के बीच कमज़ोर धात्विक आबंध।
  • इलेक्ट्रॉन-व्यवस्था ऐसी कि साझा करने में कमज़ोरी।
  • (कक्षा 11-12 में 'इनर्ट इलेक्ट्रॉन पेयर इफ़ेक्ट' से समझाया जाता है।)

पारा के उपयोग:

  • थर्मामीटर (तापमान-मापी)
  • बैरोमीटर
  • फ़्लोरोसेंट लैंप

सावधानी: पारा विषाक्त है — टूटे थर्मामीटर से सावधानी।

[बोर्ड में 2-3 अंक]

उदाहरण 3: NCERT — ग्रेफ़ाइट का अपवाद

ग्रेफ़ाइट एक अधातु है, परंतु विद्युत का अच्छा चालक है। क्यों?

हल:

सामान्य नियम: अधातुएँ विद्युत की खराब चालक हैं। ग्रेफ़ाइट इस नियम का अपवाद है।

व्याख्या (ग्रेफ़ाइट की संरचना):

  1. कार्बन के परमाणुओं की व्यवस्था:
  • ग्रेफ़ाइट में कार्बन परमाणु षट्कोणीय परतों में व्यवस्थित।
  • प्रत्येक कार्बन तीन अन्य से जुड़ा है (तीन सहसंयोजी आबंध)।
  • कार्बन के 4 बाह्य इलेक्ट्रॉन में से 3 आबंध में, 1 मुक्त बचता है।
  1. मुक्त इलेक्ट्रॉनों की भूमिका:
  • ये मुक्त इलेक्ट्रॉन परतों के बीच चल सकते हैं।
  • विद्युत का संचालन — इन्हीं मुक्त इलेक्ट्रॉनों से।
  • यानी ग्रेफ़ाइट में 'धातु जैसा' विद्युत संचालन।

अन्य रोचक गुण:

  • ग्रेफ़ाइट मुलायम — पेंसिल का सीस।
  • चिकना — सूखा स्नेहक (lubricant)।
  • उच्च गलनांक — विद्युत-भट्टियों में उपयोग।

हीरा vs ग्रेफ़ाइट — दोनों कार्बन के अपरूप:

गुण हीरा ग्रेफ़ाइट
संरचना त्रिविमीय (3D) परतीय (2D)
आबंध 4 आबंध (no free electron) 3 आबंध (1 free electron)
चालकता खराब अच्छी
कठोरता अति-कठोर मुलायम

[बोर्ड में 3-अंक का प्रश्न]

उदाहरण 4: NCERT — Na/K को केरोसिन में क्यों?

सोडियम और पोटैशियम जैसी सक्रिय धातुओं को केरोसिन में क्यों रखा जाता है?

हल:

Na और K की प्रकृति:

  • अति-सक्रिय धातुएँ।
  • वायु के संपर्क में तेज़ी से अभिक्रिया करती हैं।
  • नमी से तो विस्फोट जैसी अभिक्रिया।

वायु के संपर्क में क्या होता है?

(1) ऑक्सीजन से: 4Na+O22Na2O4Na + O_2 \rightarrow 2Na_2O (सतह जल्दी ख़राब)

(2) जल/नमी से: 2Na+2H2O2NaOH+H2+ऊष्मा2Na + 2H_2O \rightarrow 2NaOH + H_2\uparrow + \text{ऊष्मा} (निकली H2H_2 गैस तुरंत आग पकड़ सकती है — अति-ऊष्माक्षेपी)

केरोसिन में क्यों?

केरोसिन की विशेषताएँ:

  1. हाइड्रोकार्बन — कार्बनिक तेल।
  2. जल-रोधी — नमी नहीं पहुँचती।
  3. वायु-रोधी — Na/K को O₂ से अलग रखता है।
  4. रासायनिक रूप से अक्रिय — Na/K से क्रिया नहीं।

इस तरह केरोसिन Na/K को सुरक्षित रखता है।

सावधानियाँ:

  • कभी हाथ से न छुएँ।
  • आँखों में पानी की बूँदें भी न जाने दें (Na/K के साथ)।
  • प्रयोगशाला में चिमटे से पकड़ें।

अन्य धातुएँ जो विशेष रूप से रखी जाती हैं:

  • लीथियम (Li): भी केरोसिन में।
  • पारा (Hg): बंद कांच पात्र (वाष्पीकरण रोकने)।
  • सीज़ियम (Cs): अति-तेज़ अभिक्रिया — तेल या निर्वात में।

[NCERT पाठ्यपुस्तक — बार-बार]

उदाहरण 5: सोने की तन्यता का संख्यात्मक प्रश्न

1 ग्राम सोने से कितना लंबा तार बनाया जा सकता है? क्यों यह संभव है?

हल:

तथ्य: 1 ग्राम सोने से लगभग 2 km लंबा अति-पतला तार बनाया जा सकता है!

यह कैसे संभव है?

तन्यता की वज़ह:

  1. सोने के परमाणु एक-दूसरे पर 'फिसल' सकते हैं।
  2. धात्विक आबंध बहुत मज़बूत हैं — अंदर रखते हैं।
  3. परंतु लचीले हैं — आकार बदलने देते हैं।
  4. इसी कारण लंबे तार में फैल जाता है।

सोना ही क्यों सबसे तन्य?

  • सोने का धात्विक आबंध अति-मज़बूत।
  • परमाणुओं की व्यवस्था एकसमान।
  • कोई 'दोष' (defect) नहीं — टूटता नहीं।

अन्य तन्य धातुएँ (घटते क्रम में): Au > Ag > Cu > Al > Fe

तन्य्ता का उपयोग:

  • विद्युत के तार
  • इलेक्ट्रॉनिक्स में
  • गहनों में

आघातवर्धनीयता बनाम तन्यता:

गुण अर्थ उदाहरण
आघातवर्धनीयता पीटकर चादर सोने की पन्नी
तन्यता खींचकर तार कॉपर के तार

अधिकांश धातुएँ दोनों गुण दिखाती हैं — परंतु डिग्री अलग।

उदाहरण 6: NCERT — चाँदी क्यों सबसे अच्छा चालक?

विद्युत का सबसे अच्छा चालक कौन-सा है? परंतु तारों में चाँदी का उपयोग क्यों नहीं होता?

हल:

विद्युत-चालकता का क्रम:

Ag>Cu>Au>Al>FeAg > Cu > Au > Al > Fe

सबसे अच्छा चालक: चाँदी (Ag) — सबसे अधिक मुक्त इलेक्ट्रॉन।

लेकिन तारों में चाँदी क्यों नहीं?

कारण:

  1. लागत: चाँदी बहुत महंगी — कॉपर सस्ती।
  2. उपलब्धता: चाँदी कम मात्रा में, कॉपर अधिक।
  3. टिकाऊपन: चाँदी पर कालिख जल्दी (Ag₂S) — संक्षारण।
  4. कॉपर पर्याप्त: Cu, Ag से थोड़ा कम चालक — परंतु इतना कम कि व्यावहारिक अंतर नहीं।

इसलिए वास्तविक उपयोग:

  • घरेलू वायरिंग: कॉपर (Cu)
  • हाई-टेंशन तार: एल्यूमिनियम (हल्का, सस्ता)
  • विशेष इलेक्ट्रॉनिक्स: सोना (Au) — संक्षारण-रोधी
  • लैब उपकरण: चाँदी (छोटी मात्रा)

सीख: सबसे अच्छा हमेशा 'सबसे प्रयुक्त' नहीं होता — व्यावहारिकता और लागत भी देखी जाती है।

[बोर्ड में 3-अंक का प्रश्न]

उदाहरण 7: हीरे का अपवाद

हीरा एक अधातु है, परंतु अति-कठोर है और बहुत उच्च गलनांक रखता है। क्यों?

हल:

हीरा = कार्बन का एक अपरूप (C) — तत्व कार्बन ही है।

विशेष गुण:

  • सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ
  • गलनांक ~ 3550°C
  • विद्युत का खराब चालक
  • अति पारदर्शी और चमकीला

ये गुण क्यों? — संरचना के कारण।

हीरे की संरचना:

  1. त्रिविमीय (3D) नेटवर्क:
  • प्रत्येक कार्बन अन्य 4 कार्बन से सहसंयोजी आबंध से जुड़ा।
  • टेट्राहेड्रल (चतुष्फलकीय) ज्यामिति।
  1. सभी 4 इलेक्ट्रॉन आबंध में: कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं।
  2. पूरा क्रिस्टल एक 'विशाल अणु': Giant covalent structure।

इस संरचना से क्या मिलता है?

  • कठोरता: सभी आबंध मज़बूत — कुछ भी नहीं तोड़ सकता।
  • उच्च गलनांक: सभी आबंध तोड़ने के लिए बहुत ऊर्जा।
  • खराब विद्युत-चालन: कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं।
  • पारदर्शिता: प्रकाश कोई इलेक्ट्रॉन नहीं उत्तेजित करता।

हीरा के उपयोग:

  1. गहने — सबसे महंगा रत्न।
  2. औद्योगिक काटने वाले उपकरण — कठोरता।
  3. खराद-मशीन में
  4. ब्लेड्स — कांच काटने में।

हीरा बनाम ग्रेफ़ाइट (दोनों कार्बन):

गुण हीरा ग्रेफ़ाइट
संरचना 3D 2D परतीय
आबंध 4 3 (1 मुक्त)
चालक नहीं हाँ
कठोरता अति मुलायम
उपयोग गहने पेंसिल, स्नेहक

[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]

उदाहरण 8: NCERT — आयोडीन का अपवाद

आयोडीन एक अधातु है, परंतु इसकी सतह धात्विक चमक रखती है। क्यों?

हल:

सामान्य नियम: अधातुएँ चमकदार नहीं होतीं।

आयोडीन का अपवाद:

  • आयोडीन के क्रिस्टल गहरे बैंगनी-काले होते हैं।
  • सतह पर धात्विक चमक दिखाई देती है।

कारण (सरलीकृत):

  • आयोडीन के अणु (I2I_2) में परमाणु एक-दूसरे से बहुत कसकर जुड़े हैं।
  • क्रिस्टल जाली में नियमित व्यवस्था।
  • प्रकाश सतह से परावर्तित होता है — चमक देता है।
  • (पूर्ण व्याख्या कक्षा 11-12 में।)

अन्य गुण (आयोडीन):

  • ठोस अवस्था में (सामान्य ताप पर)।
  • उत्श्रावी (sublimes) — गर्म करने पर सीधे ठोस से गैस।
  • गैसीय आयोडीन का रंग बैंगनी
  • एंटीसेप्टिक के रूप में उपयोग (टिंक्चर ऑफ़ आयोडीन)।
  • स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण (आयोडीनयुक्त नमक — गलगंड रोग से बचाव)।

इस तरह के अन्य अपवाद:

  • ग्रेफ़ाइट — विद्युत चालक।
  • हीरा — सबसे कठोर।
  • सेलेनियम (Se): कुछ गुण धातु जैसे।

सीख: अधातुओं के सामान्य गुण सब पर लागू नहीं — कुछ अपवाद हैं जो परीक्षा में अक्सर आते हैं।

[बोर्ड में 2-अंक का प्रश्न]

उदाहरण 9: एक तुलनात्मक प्रश्न

एक तालिका बनाकर निम्न तत्वों के भौतिक गुण भरें — Cu, S, Hg, I₂, ग्रेफ़ाइट: (a) अवस्था (b) चमक (c) चालकता (d) कठोरता

हल:

तत्व अवस्था चमक विद्युत चालकता कठोरता
Cu (कॉपर) ठोस धात्विक अच्छी कठोर
S (सल्फ़र) ठोस फीका खराब मुलायम
Hg (पारा) द्रव (अप!) धात्विक अच्छी द्रव — N/A
I₂ (आयोडीन) ठोस धात्विक (अप!) खराब मुलायम
ग्रेफ़ाइट ठोस थोड़ा अच्छी (अप!) मुलायम

मुख्य अपवाद यहाँ:

  1. पारा — द्रव धातु।
  2. आयोडीन — चमकदार अधातु।
  3. ग्रेफ़ाइट — विद्युत चालक अधातु।

सीख: नियम और अपवाद — दोनों ज़रूरी हैं।

[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]

उदाहरण 10: एक रोचक तुलना — सोना बनाम लोहा

सोना (Au) और लोहा (Fe) — दोनों धातु हैं। तुलनात्मक गुण बताइए।

हल:

गुण सोना (Au) लोहा (Fe)
रंग सुनहरा-पीला भूरा-धूसर
चमक अति चमकदार मध्यम
गलनांक 1064°C 1538°C
कठोरता मुलायम कठोर
घनत्व 19.3 g/cm³ (अति-भारी) 7.87 g/cm³
संक्षारण नहीं (नोबल मेटल) जल्दी (जंग)
क्रियाशीलता अति-कम मध्यम
उपयोग गहने, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, मशीनें
कीमत अति-महंगा सस्ता

मुख्य रोचक तथ्य:

  1. सोना सबसे तन्य: 1 g से 2 km तार।

  2. सोना संक्षारण-रोधी: हजारों वर्षों तक जैसा का तैसा।

  3. लोहा सबसे अधिक उपयोग: दुनिया का 90% धातु-उत्पादन।

  4. दोनों के मिश्रधातु:

  • सोना: 24 कैरेट (शुद्ध) से 22/18/14 कैरेट (मिश्रधातु)।
  • लोहा: स्टील, स्टेनलेस स्टील, कास्ट आयरन।

सीख: एक ही श्रेणी (धातु) के होते हुए भी, गुणों में बहुत अंतर हो सकता है।

उदाहरण 11: NCERT — एल्यूमिनियम और सोडियम का अंतर

एल्यूमिनियम और सोडियम — दोनों धातु हैं, परंतु एल्यूमिनियम कठोर है जबकि सोडियम मुलायम है। क्यों?

हल:

सामान्य अंतर:

गुण Al Na
क्रियाशीलता मध्यम अति-उच्च
कठोरता कठोर अति-मुलायम
आबंध की प्रकृति मज़बूत धात्विक कमज़ोर धात्विक
उपयोग निर्माण केरोसिन में रखा

Na मुलायम क्यों?

  1. सोडियम का धात्विक आबंध कमज़ोर है — परमाणुओं के बीच कम बंधन-शक्ति।
  2. 3 हर परमाणु में केवल 1 बाह्य इलेक्ट्रॉन — मुक्त इलेक्ट्रॉनों की 'समुद्र' कम घना।
  3. परमाणु बड़े — आबंध दूरी अधिक।

Al कठोर क्यों?

  1. एल्यूमिनियम के 3 बाह्य इलेक्ट्रॉन — अधिक मुक्त इलेक्ट्रॉन।
  2. धात्विक आबंध तीन गुना मज़बूत।
  3. छोटे परमाणु — कसकर पैक्ड।

दैनिक उदाहरण:

  • सोडियम — चाकू से काट सकते हैं (मक्खन की तरह)।
  • एल्यूमिनियम — चाकू से नहीं कटता।

इस्तेमाल:

  • Na — रासायनिक उद्योग, स्ट्रीट लाइट (सोडियम वेपर लैम्प)।
  • Al — हवाई जहाज़, बर्तन, खाद्य पैकिंग।

सीख: धात्विक आबंध की मज़बूती (बाह्य इलेक्ट्रॉनों की संख्या) कठोरता निर्धारित करती है।

उदाहरण 12: एक चुनौतीपूर्ण प्रश्न — उपधातुएँ

उपधातुएँ (metalloids) क्या हैं? चार उदाहरण और उनके उपयोग।

हल:

परिभाषा: वे तत्व जो धातु और अधातु — दोनों के गुण दिखाते हैं — उपधातुएँ कहलाती हैं।

आवर्त सारणी में: धातु और अधातु के बीच की 'सीढ़ीनुमा रेखा' पर।

मुख्य उपधातुएँ: B, Si, Ge, As, Sb, Te, Po

चार उदाहरण और उपयोग:

1. बोरॉन (B):

  • गुण: कठोर, थोड़ा चमकदार, खराब चालक।
  • उपयोग:
  • बोरोसिलिकेट कांच (पाइरेक्स) — गर्मी सहनशील।
  • साबुन, बोरेक्स।
  • न्यूक्लियर रिएक्टर में नियंत्रक रॉड।

2. सिलिकॉन (Si):

  • गुण: चमकदार, अर्धचालक।
  • उपयोग:
  • कंप्यूटर चिप्स (पूरे डिजिटल युग का आधार)।
  • सोलर पैनल।
  • कांच निर्माण।
  • 'सिलिकॉन वैली' का नाम इसी से।

3. जर्मेनियम (Ge):

  • गुण: अर्धचालक।
  • उपयोग:
  • प्रारंभिक ट्रांज़िस्टर।
  • फ़ाइबर ऑप्टिक्स।

4. आर्सेनिक (As):

  • गुण: विषाक्त, अर्धचालक।
  • उपयोग:
  • इलेक्ट्रॉनिक्स (GaAs)।
  • कीटनाशक (पुराने)।

उपधातुओं की विशेष भूमिका:

  • अर्धचालक उद्योग का आधार।
  • कंप्यूटर, मोबाइल, सोलर पैनल — सब इन पर निर्भर।
  • आधुनिक तकनीकी क्रांति का स्तंभ।

[बोर्ड में 3-5 अंक]

उदाहरण 13: संख्यात्मक — घनत्व

एक धातु का घनत्व 8.9 g/cm³ है। 100 cm³ इस धातु का द्रव्यमान क्या होगा?

हल:

सूत्र: घनत्व = द्रव्यमानआयतन\frac{\text{द्रव्यमान}}{\text{आयतन}}

यानी: द्रव्यमान=घनत्व×आयतन\text{द्रव्यमान} = \text{घनत्व} \times \text{आयतन}

दिया है:

  • घनत्व = 8.9 g/cm³
  • आयतन = 100 cm³

गणना:

द्रव्यमान=8.9×100=890 g\text{द्रव्यमान} = 8.9 \times 100 = 890 \text{ g}

उत्तर: 890 g द्रव्यमान।

विशेष टिप्पणी: घनत्व 8.9 g/cm³ — यह कॉपर (Cu) का घनत्व है।

अन्य धातुओं के घनत्व:

धातु घनत्व (g/cm³)
Li 0.53 (पानी पर तैरता)
Na 0.97
Mg 1.74
Al 2.70
Fe 7.87
Cu 8.96
Ag 10.49
Pb 11.34
Au 19.30 (अति-भारी)
Os 22.59 (सबसे भारी)

उदाहरण 14: एक सत्य/असत्य प्रश्न

निम्न कथनों को सही/ग़लत बताएँ: (a) सभी धातुएँ कठोर हैं। (b) ग्रेफ़ाइट विद्युत का चालक है। (c) पारा तरल अधातु है। (d) अधातुएँ आघातवर्धनीय नहीं हैं। (e) हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।

हल:

(a) ग़लत — Na, K मुलायम धातुएँ हैं — चाकू से कट जाती हैं।

(b) सही ✓ — ग्रेफ़ाइट में मुक्त इलेक्ट्रॉन हैं — विद्युत का अच्छा चालक।

(c) ग़लत — पारा एक तरल धातु है (अधातु नहीं)। ब्रोमीन एकमात्र तरल अधातु है।

(d) सही ✓ — अधातुएँ भंगुर हैं — पीटने पर टूट जाती हैं।

(e) सही ✓ — हीरा (कार्बन का अपरूप) सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।

अंतिम तालिका:

कथन सत्य/असत्य
(a) ग़लत
(b) सही
(c) ग़लत
(d) सही
(e) सही

उदाहरण 15: NCERT — चाँदी पर काली परत

चाँदी की वस्तुओं पर समय के साथ काली परत क्यों बनती है? यह कौन-सा यौगिक है?

हल:

कारण: वायुमंडल में बहुत कम मात्रा में हाइड्रोजन सल्फ़ाइड (H2SH_2S) गैस होती है। यह चाँदी से धीरे-धीरे क्रिया करती है।

अभिक्रिया:

4Ag(s)+2H2S(g)+O2(g)2Ag2S(s)+2H2O(l)4Ag(s) + 2H_2S(g) + O_2(g) \rightarrow 2Ag_2S(s) + 2H_2O(l)

बना यौगिक: सिल्वर सल्फ़ाइड (Ag2SAg_2S) — काली परत।

यह कौन-सी प्रक्रिया है?

  • संक्षारण (corrosion) — धातु का धीरे-धीरे रासायनिक नाश।
  • यह उपचयन (oxidation) अभिक्रिया भी है।

दैनिक जीवन में:

  • दूध, अंडे, प्याज़ के पास रखी चाँदी जल्दी काली होती है — क्योंकि इन पदार्थों में प्राकृतिक सल्फ़र-यौगिक हैं।

सफ़ाई के तरीके:

1. टूथपेस्ट से रगड़ना:

  • टूथपेस्ट में हल्का अपघर्षक — काली परत हटाता है।

2. एल्यूमिनियम पन्नी + बेकिंग सोडा:

  • गर्म पानी में बेकिंग सोडा (NaHCO₃) घोलें।
  • एल्यूमिनियम पन्नी पर चाँदी की वस्तु रखें।
  • आश्चर्य से एक रासायनिक अभिक्रिया होती है — Al, Ag2SAg_2S से Ag को विस्थापित करता है:

3Ag2S+2Al6Ag+Al2S33Ag_2S + 2Al \rightarrow 6Ag + Al_2S_3

*(अनुभाग 5 — संक्षारण से जुड़ा।)

[बोर्ड में 3-अंक प्रश्न]

उदाहरण 16: एक समापन बहु-विषय प्रश्न

(a) धातु और अधातु में पाँच मुख्य अंतर। (b) धातुओं के तीन प्रसिद्ध अपवाद। (c) अधातुओं के तीन प्रसिद्ध अपवाद। (d) सबसे अच्छा विद्युत चालक धातु।

हल:

(a) पाँच मुख्य अंतर:

गुण धातु अधातु
चमक धात्विक फीका
आघातवर्धनीयता हाँ नहीं
तन्यता हाँ नहीं
विद्युत-चालकता अच्छी खराब
गलनांक उच्च कम

(b) धातुओं के तीन अपवाद:

  1. पारा (Hg) — द्रव धातु (सामान्य ताप पर)।
  2. सोडियम (Na), पोटैशियम (K) — मुलायम धातुएँ (चाकू से कट सकती हैं)।
  3. लीथियम (Li) — सबसे हल्का धातु (पानी पर तैरता है)।

(c) अधातुओं के तीन अपवाद:

  1. हीरा — सबसे कठोर पदार्थ; उच्च गलनांक।
  2. ग्रेफ़ाइट — विद्युत का अच्छा चालक।
  3. आयोडीन — चमकदार ठोस।

(d) सबसे अच्छा विद्युत चालक: चाँदी (Ag) — सबसे अधिक मुक्त इलेक्ट्रॉन।

परंतु तारों में कॉपर का उपयोग — सस्ती और लगभग समान चालक।

[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]