धातु और अधातु — परिचय
हमारे चारों ओर दो मुख्य प्रकार के तत्व हैं — धातुएँ (Metals) और अधातुएँ (Non-metals)।
क्या आप पहचान सकते हैं?
- लोहा, ताँबा, सोना, चाँदी — धातुएँ
- कोयला (कार्बन), गंधक (सल्फ़र), फ़ॉस्फ़ोरस — अधातुएँ
- हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, क्लोरीन — गैसीय अधातुएँ
आवर्त सारणी में स्थिति
- बायीं ओर: अधिकांश तत्व धातुएँ हैं।
- दायीं ओर: अधिकांश तत्व अधातुएँ हैं।
- बीच में: कुछ उपधातु (Metalloids) — जैसे ।
कुल तत्वों का वितरण
- कुल ज्ञात तत्व ~ 118
- धातुएँ ~ 78%
- अधातुएँ ~ 22%
धातुएँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- निर्माण कार्य: लोहा, स्टील, एल्यूमिनियम।
- दैनिक जीवन: बर्तन, औज़ार, गहने।
- यातायात: कार, रेल, हवाई जहाज़।
- विद्युत: ताँबे/एल्यूमिनियम के तार।
- उद्योग: मशीनें, संरचनाएँ।
अधातुएँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- जीवन के लिए: ऑक्सीजन (साँस), कार्बन (कार्बनिक यौगिक)।
- खाद्य: आयोडीन (नमक में), फ़ॉस्फ़ोरस (हड्डी)।
- रसायन उद्योग: सल्फ़र, क्लोरीन।
- हीरा: दुनिया का सबसे कठोर पदार्थ।
- उर्वरक: नाइट्रोजन।
[बोर्ड टिप] धातु और अधातु में मूल अंतर — भौतिक गुण से ही पहचानें।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Malleable (sheets) | आघातवर्ध्य (चादरें) |
| Ductile (wires) | तन्य (तार) |
| Metallic lustre | धात्विक चमक |
| Good conductor of heat and electricity | ऊष्मा और विद्युत का सुचालक |
धातुओं के भौतिक गुण
1. धात्विक चमक (Metallic Lustre)
धातुओं की सतह चमकदार होती है — यदि नई कटी हो।
उदाहरण:
- सोना (Au) — पीली चमक
- चाँदी (Ag) — श्वेत चमक
- कॉपर (Cu) — लाल-भूरी चमक
2. कठोरता (Hardness)
अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं।
अपवाद: सोडियम (Na), पोटैशियम (K) — चाकू से काटे जा सकते हैं (मुलायम)।
3. आघातवर्धनीयता (Malleability)
धातुओं को पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है।
उदाहरण:
- सोने की पतली चादर — चाँदी पन्नी।
- एल्यूमिनियम पन्नी — खाद्य पैकिंग।
- 1 ग्राम सोने से लगभग 100 sq cm पतली चादर बनाई जा सकती है।
4. तन्यता (Ductility)
धातुओं को खींचकर पतले तारों में बदला जा सकता है।
उदाहरण:
- कॉपर — विद्युत के तार।
- एल्यूमिनियम — हाई-टेंशन तार।
- सोना सबसे अधिक तन्य है — 1 ग्राम से 2 km लंबा तार बन सकता है।
5. चालकता (Conductivity)
धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की अच्छी सुचालक हैं।
सबसे अच्छे चालक (घटते क्रम में):
- विद्युत:
- ऊष्मा:
अपवाद: लेड (Pb) और पारा (Hg) — खराब चालक हैं।
6. ध्वनियता (Sonorousness)
धातुओं को पीटने पर मधुर ध्वनि निकलती है।
उदाहरण:
- मंदिरों के घंटे (काँसा, पीतल)
- स्कूल का घंटा
7. उच्च गलनांक/क्वथनांक
- अधिकांश धातुएँ ठोस अवस्था में।
- उच्च गलनांक — टंगस्टन (W) का गलनांक ~ 3422°C
- अपवाद: पारा (Hg) — द्रव (गलनांक −39°C)।
8. घनत्व
- अधिकांश धातुएँ भारी।
- अपवाद: सोडियम और पोटैशियम — हल्के (पानी से कम घने)।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] धातुओं के 6 भौतिक गुण और अपवाद।
अधातुओं के भौतिक गुण
अधातुओं के गुण धातुओं से विपरीत होते हैं (अधिकांशतः)।
1. चमक का अभाव
अधातुएँ प्रायः चमकदार नहीं होतीं — वे फीकी (dull) होती हैं।
अपवाद: आयोडीन (I₂) — चमकदार धात्विक रूप में दिखता है।
2. कठोरता
अधिकांश अधातुएँ नर्म होती हैं।
अपवाद: हीरा (carbon) — सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ।
3. भंगुरता (Brittleness)
अधातुएँ पीटने पर टूट जाती हैं — आघातवर्धनीय नहीं।
उदाहरण: सल्फ़र — पीटने पर बिखर जाता है।
4. खराब चालक
अधातुएँ ऊष्मा और विद्युत की खराब सुचालक हैं।
अपवाद:
- ग्रेफ़ाइट (carbon का अपरूप) — विद्युत का अच्छा चालक है।
- (यह कक्षा 10 का बहुत महत्वपूर्ण अपवाद है।)
5. कोई ध्वनियता नहीं
अधातुओं को पीटने पर ध्वनि नहीं आती (या टूट जाते हैं)।
6. अवस्थाओं की विविधता
- ठोस: कार्बन, सल्फ़र, फ़ॉस्फ़ोरस, आयोडीन
- द्रव: ब्रोमीन (Br₂) — सामान्य ताप पर एकमात्र द्रव अधातु
- गैस: ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन, हाइड्रोजन
7. कम गलनांक/क्वथनांक
धातुओं की तुलना में बहुत कम।
अपवाद: हीरा — अति-उच्च गलनांक (~ 3550°C — कुछ धातुओं से अधिक)।
8. कम घनत्व
अधिकांश अधातुएँ हल्की।
अधातुओं के अपवाद — एक तालिका
| गुण | सामान्य अधातु | अपवाद |
|---|---|---|
| चमक | फीका | आयोडीन — चमकदार |
| कठोरता | नर्म | हीरा — सबसे कठोर |
| विद्युत-चालकता | खराब | ग्रेफ़ाइट — अच्छा चालक |
| गलनांक | कम | हीरा — बहुत उच्च |
[बोर्ड महत्वपूर्ण] अधातुओं के अपवाद याद रखें — ये परीक्षा में अक्सर आते हैं।
धातु बनाम अधातु — भौतिक गुणों की तुलना
यह तालिका कक्षा 10 परीक्षा के लिए सबसे ज़रूरी सारांश है:
| गुण | धातुएँ | अधातुएँ |
|---|---|---|
| चमक | धात्विक चमक | फीका (अप. आयोडीन) |
| अवस्था | प्रायः ठोस | ठोस/द्रव/गैस |
| कठोरता | कठोर (अप. Na, K) | मुलायम (अप. हीरा) |
| आघातवर्धनीयता | हाँ | नहीं (भंगुर) |
| तन्यता | हाँ | नहीं |
| विद्युत-चालकता | अच्छी | खराब (अप. ग्रेफ़ाइट) |
| ऊष्मा-चालकता | अच्छी | खराब |
| ध्वनियता | हाँ | नहीं |
| गलनांक | उच्च (अप. Na, K, Hg) | कम (अप. हीरा) |
| घनत्व | अधिक (अप. Na, K) | कम |
मुख्य अपवाद — जो परीक्षा में आते हैं
धातुओं के अपवाद:
- पारा (Hg): सामान्य ताप पर द्रव (गलनांक −39°C)।
- सोडियम (Na), पोटैशियम (K): मुलायम — चाकू से काट सकते हैं।
- लीथियम (Li): सबसे कम घना धातु — पानी पर तैरता है।
- गैलियम (Ga), सीज़ियम (Cs): हाथ की गर्मी से पिघल जाते हैं।
अधातुओं के अपवाद:
- हीरा (carbon): सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ।
- ग्रेफ़ाइट (carbon): विद्युत का अच्छा चालक है।
- आयोडीन (I₂): चमकदार दिखता है।
- ब्रोमीन (Br₂): सामान्य ताप पर द्रव।
क्यों ये गुण?
धातुओं में 'मुक्त इलेक्ट्रॉन' होते हैं:
- ये इलेक्ट्रॉन धातु में स्वतंत्र रूप से चलते हैं।
- इसी कारण विद्युत और ऊष्मा का संचालन।
- और चमक भी (इलेक्ट्रॉनों के कारण प्रकाश का परावर्तन)।
अधातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं:
- सहसंयोजी आबंध — इलेक्ट्रॉन साझा होते हैं, मुक्त नहीं।
- अतः चालकता खराब।
- (ग्रेफ़ाइट में मुक्त इलेक्ट्रॉन हैं — इसी कारण अपवाद।)
[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह तालिका 5-अंक के प्रश्न में अक्सर पूछी जाती है।
उपधातुएँ (Metalloids) और कुछ रोचक तथ्य
उपधातुएँ क्या हैं?
कुछ तत्व ऐसे हैं जिनमें धातु और अधातु दोनों के गुण हैं — इन्हें उपधातु (Metalloids) कहते हैं।
मुख्य उपधातुएँ: B, Si, Ge, As, Sb, Te, Po
उपधातुओं के गुण
- थोड़ी चमकदार
- मध्यम कठोरता
- मध्यम विद्युत-चालकता
- अर्धचालक (Semiconductor) — इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोगी
उपयोग
सिलिकॉन (Si):
- कंप्यूटर चिप्स
- सोलर पैनल
- 'सिलिकॉन वैली' का आधार
जर्मेनियम (Ge):
- ट्रांज़िस्टर
- अर्धचालक
कुछ रोचक तथ्य
1. सबसे अधिक प्रयुक्त धातु: लोहा (Fe) — 90% से अधिक धातु-उत्पादन।
2. सबसे महंगा धातु: रोडियम (Rh) — सोने से अधिक महंगा।
3. सबसे हल्का धातु: लीथियम (Li)।
4. सबसे भारी धातु (आम): ओसमियम (Os) — सोने से दोगुना भारी।
5. एकमात्र द्रव धातु (सामान्य ताप पर): पारा (Hg)।
6. एकमात्र द्रव अधातु (सामान्य ताप पर): ब्रोमीन (Br₂)।
7. सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ: हीरा (carbon)।
8. सबसे अच्छा विद्युत चालक: चाँदी (Ag)।
9. सबसे तन्य धातु: सोना (Au)।
10. सबसे आघातवर्धनीय: सोना और चाँदी।
एक रोचक प्रयोग
सोडियम (Na) को पानी में फेंकने पर:
- तेज़ अभिक्रिया।
- गैस () निकलती है।
- अति-ऊष्माक्षेपी — आग भी लग सकती है।
- यही कारण है कि Na को केरोसिन में रखते हैं।
(अनुभाग 2 में विस्तार से।)
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।
1. धातु बनाम अधातु — मुख्य गुण
| गुण | धातु | अधातु |
|---|---|---|
| चमक | धात्विक | फीका |
| आघातवर्धनीयता | हाँ | नहीं |
| तन्यता | हाँ | नहीं |
| चालकता | अच्छी | खराब |
| ध्वनियता | हाँ | नहीं |
| गलनांक | उच्च | कम |
2. महत्वपूर्ण अपवाद
धातुओं के अपवाद:
- Hg — द्रव
- Na, K — मुलायम
- Li — हल्का (पानी पर तैरता)
अधातुओं के अपवाद:
- हीरा — कठोर, उच्च गलनांक
- ग्रेफ़ाइट — विद्युत का अच्छा चालक
- आयोडीन — चमकदार
- Br₂ — द्रव
3. मुख्य चालक धातुएँ
- विद्युत:
- ऊष्मा:
4. कुछ संख्यात्मक तथ्य
- कुल तत्व: ~118
- धातुएँ: ~78%
- अधातुएँ: ~22%
5. उपधातुएँ
- B, Si, Ge, As, Sb, Te, Po
- अर्धचालक — इलेक्ट्रॉनिक्स में।
6. रोचक तथ्य
- सबसे तन्य: सोना
- सबसे अच्छा चालक: चाँदी
- सबसे कठोर: हीरा
- एकमात्र द्रव धातु: पारा
- एकमात्र द्रव अधातु: ब्रोमीन
7. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- धातुओं और अधातुओं के 5-5 भौतिक गुणों की तुलना।
- पारा एकमात्र द्रव धातु क्यों है?
- ग्रेफ़ाइट विद्युत का चालक कैसे है? व्याख्या।
- उपधातु क्या हैं? उदाहरण।
- Na/K को केरोसिन में क्यों रखते हैं?
अंतिम सूत्र: धातु = चमक, चालकता, आघातवर्धनीयता; अधातु = फीका, खराब चालक, भंगुर। अपवाद याद रखें।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — धातुओं के 5 भौतिक गुण
धातुओं के पाँच भौतिक गुणों की चर्चा कीजिए। प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
हल:
1. धात्विक चमक: सोना, चाँदी, कॉपर — सब चमकदार। ताज़ी सतह विशेष रूप से चमकती है।
2. आघातवर्धनीयता: पीटकर पतली चादर बनाना। उदाहरण — सोने की पन्नी, एल्यूमिनियम पन्नी।
3. तन्यता: खींचकर पतले तार बनाना। उदाहरण — कॉपर के तार। 1 g सोने से 2 km लंबा तार।
4. विद्युत-चालकता: विद्युत का अच्छा संचालन। उदाहरण — Ag > Cu > Au > Al।
5. ध्वनियता: पीटने पर मधुर ध्वनि। उदाहरण — मंदिर के घंटे (काँसा, पीतल)।
अन्य गुण:
- ऊष्मा-चालकता
- उच्च गलनांक/क्वथनांक
- कठोरता
- उच्च घनत्व
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 2: NCERT — पारा एकमात्र द्रव धातु
पारा (Hg) सामान्य तापमान पर एकमात्र द्रव धातु है। यह क्यों संभव है?
हल:
सामान्य ताप पर:
- अधिकांश धातुएँ ठोस।
- सोडियम/पोटैशियम — मुलायम पर ठोस।
- गैलियम (Ga) — हाथ की गर्मी (~30°C) से पिघलता है।
पारा का गलनांक: −39°C (बहुत कम!)
इसलिए सामान्य कमरे के तापमान (~25°C) पर — पारा द्रव अवस्था में।
कारण (कक्षा 10 स्तर पर सरलीकृत):
- पारे के परमाणुओं के बीच कमज़ोर धात्विक आबंध।
- इलेक्ट्रॉन-व्यवस्था ऐसी कि साझा करने में कमज़ोरी।
- (कक्षा 11-12 में 'इनर्ट इलेक्ट्रॉन पेयर इफ़ेक्ट' से समझाया जाता है।)
पारा के उपयोग:
- थर्मामीटर (तापमान-मापी)
- बैरोमीटर
- फ़्लोरोसेंट लैंप
सावधानी: पारा विषाक्त है — टूटे थर्मामीटर से सावधानी।
[बोर्ड में 2-3 अंक]
उदाहरण 3: NCERT — ग्रेफ़ाइट का अपवाद
ग्रेफ़ाइट एक अधातु है, परंतु विद्युत का अच्छा चालक है। क्यों?
हल:
सामान्य नियम: अधातुएँ विद्युत की खराब चालक हैं। ग्रेफ़ाइट इस नियम का अपवाद है।
व्याख्या (ग्रेफ़ाइट की संरचना):
- कार्बन के परमाणुओं की व्यवस्था:
- ग्रेफ़ाइट में कार्बन परमाणु षट्कोणीय परतों में व्यवस्थित।
- प्रत्येक कार्बन तीन अन्य से जुड़ा है (तीन सहसंयोजी आबंध)।
- कार्बन के 4 बाह्य इलेक्ट्रॉन में से 3 आबंध में, 1 मुक्त बचता है।
- मुक्त इलेक्ट्रॉनों की भूमिका:
- ये मुक्त इलेक्ट्रॉन परतों के बीच चल सकते हैं।
- विद्युत का संचालन — इन्हीं मुक्त इलेक्ट्रॉनों से।
- यानी ग्रेफ़ाइट में 'धातु जैसा' विद्युत संचालन।
अन्य रोचक गुण:
- ग्रेफ़ाइट मुलायम — पेंसिल का सीस।
- चिकना — सूखा स्नेहक (lubricant)।
- उच्च गलनांक — विद्युत-भट्टियों में उपयोग।
हीरा vs ग्रेफ़ाइट — दोनों कार्बन के अपरूप:
| गुण | हीरा | ग्रेफ़ाइट |
|---|---|---|
| संरचना | त्रिविमीय (3D) | परतीय (2D) |
| आबंध | 4 आबंध (no free electron) | 3 आबंध (1 free electron) |
| चालकता | खराब | अच्छी |
| कठोरता | अति-कठोर | मुलायम |
[बोर्ड में 3-अंक का प्रश्न]
उदाहरण 4: NCERT — Na/K को केरोसिन में क्यों?
सोडियम और पोटैशियम जैसी सक्रिय धातुओं को केरोसिन में क्यों रखा जाता है?
हल:
Na और K की प्रकृति:
- अति-सक्रिय धातुएँ।
- वायु के संपर्क में तेज़ी से अभिक्रिया करती हैं।
- नमी से तो विस्फोट जैसी अभिक्रिया।
वायु के संपर्क में क्या होता है?
(1) ऑक्सीजन से: (सतह जल्दी ख़राब)
(2) जल/नमी से: (निकली गैस तुरंत आग पकड़ सकती है — अति-ऊष्माक्षेपी)
केरोसिन में क्यों?
केरोसिन की विशेषताएँ:
- हाइड्रोकार्बन — कार्बनिक तेल।
- जल-रोधी — नमी नहीं पहुँचती।
- वायु-रोधी — Na/K को O₂ से अलग रखता है।
- रासायनिक रूप से अक्रिय — Na/K से क्रिया नहीं।
इस तरह केरोसिन Na/K को सुरक्षित रखता है।
सावधानियाँ:
- कभी हाथ से न छुएँ।
- आँखों में पानी की बूँदें भी न जाने दें (Na/K के साथ)।
- प्रयोगशाला में चिमटे से पकड़ें।
अन्य धातुएँ जो विशेष रूप से रखी जाती हैं:
- लीथियम (Li): भी केरोसिन में।
- पारा (Hg): बंद कांच पात्र (वाष्पीकरण रोकने)।
- सीज़ियम (Cs): अति-तेज़ अभिक्रिया — तेल या निर्वात में।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — बार-बार]
उदाहरण 5: सोने की तन्यता का संख्यात्मक प्रश्न
1 ग्राम सोने से कितना लंबा तार बनाया जा सकता है? क्यों यह संभव है?
हल:
तथ्य: 1 ग्राम सोने से लगभग 2 km लंबा अति-पतला तार बनाया जा सकता है!
यह कैसे संभव है?
तन्यता की वज़ह:
- सोने के परमाणु एक-दूसरे पर 'फिसल' सकते हैं।
- धात्विक आबंध बहुत मज़बूत हैं — अंदर रखते हैं।
- परंतु लचीले हैं — आकार बदलने देते हैं।
- इसी कारण लंबे तार में फैल जाता है।
सोना ही क्यों सबसे तन्य?
- सोने का धात्विक आबंध अति-मज़बूत।
- परमाणुओं की व्यवस्था एकसमान।
- कोई 'दोष' (defect) नहीं — टूटता नहीं।
अन्य तन्य धातुएँ (घटते क्रम में): Au > Ag > Cu > Al > Fe
तन्य्ता का उपयोग:
- विद्युत के तार
- इलेक्ट्रॉनिक्स में
- गहनों में
आघातवर्धनीयता बनाम तन्यता:
| गुण | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| आघातवर्धनीयता | पीटकर चादर | सोने की पन्नी |
| तन्यता | खींचकर तार | कॉपर के तार |
अधिकांश धातुएँ दोनों गुण दिखाती हैं — परंतु डिग्री अलग।
उदाहरण 6: NCERT — चाँदी क्यों सबसे अच्छा चालक?
विद्युत का सबसे अच्छा चालक कौन-सा है? परंतु तारों में चाँदी का उपयोग क्यों नहीं होता?
हल:
विद्युत-चालकता का क्रम:
सबसे अच्छा चालक: चाँदी (Ag) — सबसे अधिक मुक्त इलेक्ट्रॉन।
लेकिन तारों में चाँदी क्यों नहीं?
कारण:
- लागत: चाँदी बहुत महंगी — कॉपर सस्ती।
- उपलब्धता: चाँदी कम मात्रा में, कॉपर अधिक।
- टिकाऊपन: चाँदी पर कालिख जल्दी (Ag₂S) — संक्षारण।
- कॉपर पर्याप्त: Cu, Ag से थोड़ा कम चालक — परंतु इतना कम कि व्यावहारिक अंतर नहीं।
इसलिए वास्तविक उपयोग:
- घरेलू वायरिंग: कॉपर (Cu)
- हाई-टेंशन तार: एल्यूमिनियम (हल्का, सस्ता)
- विशेष इलेक्ट्रॉनिक्स: सोना (Au) — संक्षारण-रोधी
- लैब उपकरण: चाँदी (छोटी मात्रा)
सीख: सबसे अच्छा हमेशा 'सबसे प्रयुक्त' नहीं होता — व्यावहारिकता और लागत भी देखी जाती है।
[बोर्ड में 3-अंक का प्रश्न]
उदाहरण 7: हीरे का अपवाद
हीरा एक अधातु है, परंतु अति-कठोर है और बहुत उच्च गलनांक रखता है। क्यों?
हल:
हीरा = कार्बन का एक अपरूप (C) — तत्व कार्बन ही है।
विशेष गुण:
- सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ
- गलनांक ~ 3550°C
- विद्युत का खराब चालक
- अति पारदर्शी और चमकीला
ये गुण क्यों? — संरचना के कारण।
हीरे की संरचना:
- त्रिविमीय (3D) नेटवर्क:
- प्रत्येक कार्बन अन्य 4 कार्बन से सहसंयोजी आबंध से जुड़ा।
- टेट्राहेड्रल (चतुष्फलकीय) ज्यामिति।
- सभी 4 इलेक्ट्रॉन आबंध में: कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं।
- पूरा क्रिस्टल एक 'विशाल अणु': Giant covalent structure।
इस संरचना से क्या मिलता है?
- कठोरता: सभी आबंध मज़बूत — कुछ भी नहीं तोड़ सकता।
- उच्च गलनांक: सभी आबंध तोड़ने के लिए बहुत ऊर्जा।
- खराब विद्युत-चालन: कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं।
- पारदर्शिता: प्रकाश कोई इलेक्ट्रॉन नहीं उत्तेजित करता।
हीरा के उपयोग:
- गहने — सबसे महंगा रत्न।
- औद्योगिक काटने वाले उपकरण — कठोरता।
- खराद-मशीन में
- ब्लेड्स — कांच काटने में।
हीरा बनाम ग्रेफ़ाइट (दोनों कार्बन):
| गुण | हीरा | ग्रेफ़ाइट |
|---|---|---|
| संरचना | 3D | 2D परतीय |
| आबंध | 4 | 3 (1 मुक्त) |
| चालक | नहीं | हाँ |
| कठोरता | अति | मुलायम |
| उपयोग | गहने | पेंसिल, स्नेहक |
[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]
उदाहरण 8: NCERT — आयोडीन का अपवाद
आयोडीन एक अधातु है, परंतु इसकी सतह धात्विक चमक रखती है। क्यों?
हल:
सामान्य नियम: अधातुएँ चमकदार नहीं होतीं।
आयोडीन का अपवाद:
- आयोडीन के क्रिस्टल गहरे बैंगनी-काले होते हैं।
- सतह पर धात्विक चमक दिखाई देती है।
कारण (सरलीकृत):
- आयोडीन के अणु () में परमाणु एक-दूसरे से बहुत कसकर जुड़े हैं।
- क्रिस्टल जाली में नियमित व्यवस्था।
- प्रकाश सतह से परावर्तित होता है — चमक देता है।
- (पूर्ण व्याख्या कक्षा 11-12 में।)
अन्य गुण (आयोडीन):
- ठोस अवस्था में (सामान्य ताप पर)।
- उत्श्रावी (sublimes) — गर्म करने पर सीधे ठोस से गैस।
- गैसीय आयोडीन का रंग बैंगनी।
- एंटीसेप्टिक के रूप में उपयोग (टिंक्चर ऑफ़ आयोडीन)।
- स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण (आयोडीनयुक्त नमक — गलगंड रोग से बचाव)।
इस तरह के अन्य अपवाद:
- ग्रेफ़ाइट — विद्युत चालक।
- हीरा — सबसे कठोर।
- सेलेनियम (Se): कुछ गुण धातु जैसे।
सीख: अधातुओं के सामान्य गुण सब पर लागू नहीं — कुछ अपवाद हैं जो परीक्षा में अक्सर आते हैं।
[बोर्ड में 2-अंक का प्रश्न]
उदाहरण 9: एक तुलनात्मक प्रश्न
एक तालिका बनाकर निम्न तत्वों के भौतिक गुण भरें — Cu, S, Hg, I₂, ग्रेफ़ाइट: (a) अवस्था (b) चमक (c) चालकता (d) कठोरता
हल:
| तत्व | अवस्था | चमक | विद्युत चालकता | कठोरता |
|---|---|---|---|---|
| Cu (कॉपर) | ठोस | धात्विक | अच्छी | कठोर |
| S (सल्फ़र) | ठोस | फीका | खराब | मुलायम |
| Hg (पारा) | द्रव (अप!) | धात्विक | अच्छी | द्रव — N/A |
| I₂ (आयोडीन) | ठोस | धात्विक (अप!) | खराब | मुलायम |
| ग्रेफ़ाइट | ठोस | थोड़ा | अच्छी (अप!) | मुलायम |
मुख्य अपवाद यहाँ:
- पारा — द्रव धातु।
- आयोडीन — चमकदार अधातु।
- ग्रेफ़ाइट — विद्युत चालक अधातु।
सीख: नियम और अपवाद — दोनों ज़रूरी हैं।
[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 10: एक रोचक तुलना — सोना बनाम लोहा
सोना (Au) और लोहा (Fe) — दोनों धातु हैं। तुलनात्मक गुण बताइए।
हल:
| गुण | सोना (Au) | लोहा (Fe) |
|---|---|---|
| रंग | सुनहरा-पीला | भूरा-धूसर |
| चमक | अति चमकदार | मध्यम |
| गलनांक | 1064°C | 1538°C |
| कठोरता | मुलायम | कठोर |
| घनत्व | 19.3 g/cm³ (अति-भारी) | 7.87 g/cm³ |
| संक्षारण | नहीं (नोबल मेटल) | जल्दी (जंग) |
| क्रियाशीलता | अति-कम | मध्यम |
| उपयोग | गहने, इलेक्ट्रॉनिक्स | निर्माण, मशीनें |
| कीमत | अति-महंगा | सस्ता |
मुख्य रोचक तथ्य:
सोना सबसे तन्य: 1 g से 2 km तार।
सोना संक्षारण-रोधी: हजारों वर्षों तक जैसा का तैसा।
लोहा सबसे अधिक उपयोग: दुनिया का 90% धातु-उत्पादन।
दोनों के मिश्रधातु:
- सोना: 24 कैरेट (शुद्ध) से 22/18/14 कैरेट (मिश्रधातु)।
- लोहा: स्टील, स्टेनलेस स्टील, कास्ट आयरन।
सीख: एक ही श्रेणी (धातु) के होते हुए भी, गुणों में बहुत अंतर हो सकता है।
उदाहरण 11: NCERT — एल्यूमिनियम और सोडियम का अंतर
एल्यूमिनियम और सोडियम — दोनों धातु हैं, परंतु एल्यूमिनियम कठोर है जबकि सोडियम मुलायम है। क्यों?
हल:
सामान्य अंतर:
| गुण | Al | Na |
|---|---|---|
| क्रियाशीलता | मध्यम | अति-उच्च |
| कठोरता | कठोर | अति-मुलायम |
| आबंध की प्रकृति | मज़बूत धात्विक | कमज़ोर धात्विक |
| उपयोग | निर्माण | केरोसिन में रखा |
Na मुलायम क्यों?
- सोडियम का धात्विक आबंध कमज़ोर है — परमाणुओं के बीच कम बंधन-शक्ति।
- 3 हर परमाणु में केवल 1 बाह्य इलेक्ट्रॉन — मुक्त इलेक्ट्रॉनों की 'समुद्र' कम घना।
- परमाणु बड़े — आबंध दूरी अधिक।
Al कठोर क्यों?
- एल्यूमिनियम के 3 बाह्य इलेक्ट्रॉन — अधिक मुक्त इलेक्ट्रॉन।
- धात्विक आबंध तीन गुना मज़बूत।
- छोटे परमाणु — कसकर पैक्ड।
दैनिक उदाहरण:
- सोडियम — चाकू से काट सकते हैं (मक्खन की तरह)।
- एल्यूमिनियम — चाकू से नहीं कटता।
इस्तेमाल:
- Na — रासायनिक उद्योग, स्ट्रीट लाइट (सोडियम वेपर लैम्प)।
- Al — हवाई जहाज़, बर्तन, खाद्य पैकिंग।
सीख: धात्विक आबंध की मज़बूती (बाह्य इलेक्ट्रॉनों की संख्या) कठोरता निर्धारित करती है।
उदाहरण 12: एक चुनौतीपूर्ण प्रश्न — उपधातुएँ
उपधातुएँ (metalloids) क्या हैं? चार उदाहरण और उनके उपयोग।
हल:
परिभाषा: वे तत्व जो धातु और अधातु — दोनों के गुण दिखाते हैं — उपधातुएँ कहलाती हैं।
आवर्त सारणी में: धातु और अधातु के बीच की 'सीढ़ीनुमा रेखा' पर।
मुख्य उपधातुएँ: B, Si, Ge, As, Sb, Te, Po
चार उदाहरण और उपयोग:
1. बोरॉन (B):
- गुण: कठोर, थोड़ा चमकदार, खराब चालक।
- उपयोग:
- बोरोसिलिकेट कांच (पाइरेक्स) — गर्मी सहनशील।
- साबुन, बोरेक्स।
- न्यूक्लियर रिएक्टर में नियंत्रक रॉड।
2. सिलिकॉन (Si):
- गुण: चमकदार, अर्धचालक।
- उपयोग:
- कंप्यूटर चिप्स (पूरे डिजिटल युग का आधार)।
- सोलर पैनल।
- कांच निर्माण।
- 'सिलिकॉन वैली' का नाम इसी से।
3. जर्मेनियम (Ge):
- गुण: अर्धचालक।
- उपयोग:
- प्रारंभिक ट्रांज़िस्टर।
- फ़ाइबर ऑप्टिक्स।
4. आर्सेनिक (As):
- गुण: विषाक्त, अर्धचालक।
- उपयोग:
- इलेक्ट्रॉनिक्स (GaAs)।
- कीटनाशक (पुराने)।
उपधातुओं की विशेष भूमिका:
- अर्धचालक उद्योग का आधार।
- कंप्यूटर, मोबाइल, सोलर पैनल — सब इन पर निर्भर।
- आधुनिक तकनीकी क्रांति का स्तंभ।
[बोर्ड में 3-5 अंक]
उदाहरण 13: संख्यात्मक — घनत्व
एक धातु का घनत्व 8.9 g/cm³ है। 100 cm³ इस धातु का द्रव्यमान क्या होगा?
हल:
सूत्र: घनत्व =
यानी:
दिया है:
- घनत्व = 8.9 g/cm³
- आयतन = 100 cm³
गणना:
उत्तर: 890 g द्रव्यमान।
विशेष टिप्पणी: घनत्व 8.9 g/cm³ — यह कॉपर (Cu) का घनत्व है।
अन्य धातुओं के घनत्व:
| धातु | घनत्व (g/cm³) |
|---|---|
| Li | 0.53 (पानी पर तैरता) |
| Na | 0.97 |
| Mg | 1.74 |
| Al | 2.70 |
| Fe | 7.87 |
| Cu | 8.96 |
| Ag | 10.49 |
| Pb | 11.34 |
| Au | 19.30 (अति-भारी) |
| Os | 22.59 (सबसे भारी) |
उदाहरण 14: एक सत्य/असत्य प्रश्न
निम्न कथनों को सही/ग़लत बताएँ: (a) सभी धातुएँ कठोर हैं। (b) ग्रेफ़ाइट विद्युत का चालक है। (c) पारा तरल अधातु है। (d) अधातुएँ आघातवर्धनीय नहीं हैं। (e) हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
हल:
(a) ग़लत — Na, K मुलायम धातुएँ हैं — चाकू से कट जाती हैं।
(b) सही ✓ — ग्रेफ़ाइट में मुक्त इलेक्ट्रॉन हैं — विद्युत का अच्छा चालक।
(c) ग़लत — पारा एक तरल धातु है (अधातु नहीं)। ब्रोमीन एकमात्र तरल अधातु है।
(d) सही ✓ — अधातुएँ भंगुर हैं — पीटने पर टूट जाती हैं।
(e) सही ✓ — हीरा (कार्बन का अपरूप) सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
अंतिम तालिका:
| कथन | सत्य/असत्य |
|---|---|
| (a) | ग़लत |
| (b) | सही |
| (c) | ग़लत |
| (d) | सही |
| (e) | सही |
उदाहरण 15: NCERT — चाँदी पर काली परत
चाँदी की वस्तुओं पर समय के साथ काली परत क्यों बनती है? यह कौन-सा यौगिक है?
हल:
कारण: वायुमंडल में बहुत कम मात्रा में हाइड्रोजन सल्फ़ाइड () गैस होती है। यह चाँदी से धीरे-धीरे क्रिया करती है।
अभिक्रिया:
बना यौगिक: सिल्वर सल्फ़ाइड () — काली परत।
यह कौन-सी प्रक्रिया है?
- संक्षारण (corrosion) — धातु का धीरे-धीरे रासायनिक नाश।
- यह उपचयन (oxidation) अभिक्रिया भी है।
दैनिक जीवन में:
- दूध, अंडे, प्याज़ के पास रखी चाँदी जल्दी काली होती है — क्योंकि इन पदार्थों में प्राकृतिक सल्फ़र-यौगिक हैं।
सफ़ाई के तरीके:
1. टूथपेस्ट से रगड़ना:
- टूथपेस्ट में हल्का अपघर्षक — काली परत हटाता है।
2. एल्यूमिनियम पन्नी + बेकिंग सोडा:
- गर्म पानी में बेकिंग सोडा (NaHCO₃) घोलें।
- एल्यूमिनियम पन्नी पर चाँदी की वस्तु रखें।
- आश्चर्य से एक रासायनिक अभिक्रिया होती है — Al, से Ag को विस्थापित करता है:
*(अनुभाग 5 — संक्षारण से जुड़ा।)
[बोर्ड में 3-अंक प्रश्न]
उदाहरण 16: एक समापन बहु-विषय प्रश्न
(a) धातु और अधातु में पाँच मुख्य अंतर। (b) धातुओं के तीन प्रसिद्ध अपवाद। (c) अधातुओं के तीन प्रसिद्ध अपवाद। (d) सबसे अच्छा विद्युत चालक धातु।
हल:
(a) पाँच मुख्य अंतर:
| गुण | धातु | अधातु |
|---|---|---|
| चमक | धात्विक | फीका |
| आघातवर्धनीयता | हाँ | नहीं |
| तन्यता | हाँ | नहीं |
| विद्युत-चालकता | अच्छी | खराब |
| गलनांक | उच्च | कम |
(b) धातुओं के तीन अपवाद:
- पारा (Hg) — द्रव धातु (सामान्य ताप पर)।
- सोडियम (Na), पोटैशियम (K) — मुलायम धातुएँ (चाकू से कट सकती हैं)।
- लीथियम (Li) — सबसे हल्का धातु (पानी पर तैरता है)।
(c) अधातुओं के तीन अपवाद:
- हीरा — सबसे कठोर पदार्थ; उच्च गलनांक।
- ग्रेफ़ाइट — विद्युत का अच्छा चालक।
- आयोडीन — चमकदार ठोस।
(d) सबसे अच्छा विद्युत चालक: चाँदी (Ag) — सबसे अधिक मुक्त इलेक्ट्रॉन।
परंतु तारों में कॉपर का उपयोग — सस्ती और लगभग समान चालक।
[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]