धातु और अधातु क्यों मिलते हैं?
प्रकृति की पहली खोज: धातु और अधातु एक-दूसरे से क्यों आकर्षित होते हैं?
मूल सिद्धांत — स्थायित्व की चाह
हर परमाणु अपनी उत्तम गैस (noble gas) की तरह स्थिर इलेक्ट्रॉनी विन्यास पाना चाहता है — पूर्ण बाह्य कोश।
क्या है पूर्ण बाह्य कोश?
- 2 इलेक्ट्रॉन (हीलियम जैसा), या
- 8 इलेक्ट्रॉन (नियॉन/आर्गन जैसा) — अष्टक नियम
धातुओं का व्यवहार
धातुओं के बाह्य कोश में 1, 2, या 3 इलेक्ट्रॉन — कम।
पूर्ण कोश पाने के लिए — इलेक्ट्रॉन देना आसान।
उदाहरण:
- Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) [नियॉन की तरह]
- Mg (2,8,2) → Mg²⁺ (2,8) [नियॉन की तरह]
- Al (2,8,3) → Al³⁺ (2,8) [नियॉन की तरह]
अधातुओं का व्यवहार
अधातुओं के बाह्य कोश में 5, 6, या 7 इलेक्ट्रॉन — बहुत।
पूर्ण कोश पाने के लिए — इलेक्ट्रॉन लेना आसान।
उदाहरण:
- Cl (2,8,7) → Cl⁻ (2,8,8) [आर्गन की तरह]
- O (2,6) → O²⁻ (2,8) [नियॉन की तरह]
- N (2,5) → N³⁻ (2,8) [नियॉन की तरह]
इसी से बनता है — आयनिक बंध
धातु → इलेक्ट्रॉन देता है (cation बनता है) अधातु → इलेक्ट्रॉन लेता है (anion बनता है)
दोनों आयन विपरीत आवेश से विद्युत-स्थैतिक आकर्षण से बंधे रहते हैं।
यह बंध — आयनिक बंध या विद्युत-संयोजी बंध।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Sodium atom (Na) | सोडियम परमाणु (Na) |
| Chlorine atom (Cl) | क्लोरीन परमाणु (Cl) |
| Electron transfer | इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण |
| Sodium ion (Na+) | सोडियम आयन (Na+) |
| Chloride ion (Cl-) | क्लोराइड आयन (Cl-) |
इलेक्ट्रॉनी विन्यास और आयन निर्माण
महत्वपूर्ण तत्वों का विन्यास
मुख्य धातुएँ:
| तत्व | परमाणु क्रमांक | विन्यास | संयोजी इलेक्ट्रॉन | आयन |
|---|---|---|---|---|
| Li | 3 | 2, 1 | 1 | Li⁺ |
| Na | 11 | 2, 8, 1 | 1 | Na⁺ |
| K | 19 | 2, 8, 8, 1 | 1 | K⁺ |
| Mg | 12 | 2, 8, 2 | 2 | Mg²⁺ |
| Ca | 20 | 2, 8, 8, 2 | 2 | Ca²⁺ |
| Al | 13 | 2, 8, 3 | 3 | Al³⁺ |
मुख्य अधातुएँ:
| तत्व | परमाणु क्रमांक | विन्यास | संयोजी इलेक्ट्रॉन | आयन |
|---|---|---|---|---|
| H | 1 | 1 | 1 | H⁻ या H⁺ |
| F | 9 | 2, 7 | 7 | F⁻ |
| Cl | 17 | 2, 8, 7 | 7 | Cl⁻ |
| O | 8 | 2, 6 | 6 | O²⁻ |
| S | 16 | 2, 8, 6 | 6 | S²⁻ |
| N | 7 | 2, 5 | 5 | N³⁻ |
धातुओं के आवेश का तर्क
धातु जितने इलेक्ट्रॉन देता है, उतना ही धनात्मक आवेश।
- Na (1 इलेक्ट्रॉन देता) → Na⁺ (+1)
- Mg (2 इलेक्ट्रॉन देता) → Mg²⁺ (+2)
- Al (3 इलेक्ट्रॉन देता) → Al³⁺ (+3)
अधातुओं के आवेश का तर्क
अधातु जितने इलेक्ट्रॉन लेता है, उतना ही ऋणात्मक आवेश।
- Cl (1 इलेक्ट्रॉन लेता) → Cl⁻ (-1)
- O (2 इलेक्ट्रॉन लेता) → O²⁻ (-2)
- N (3 इलेक्ट्रॉन लेता) → N³⁻ (-3)
एक रोचक तथ्य
धातु अपने प्रत्येक एक इलेक्ट्रॉन के लिए — एक अधातु से जुड़ता है, जो उतना इलेक्ट्रॉन ले सकती हो।
इसीलिए:
- : 1 Na देता, 1 Cl लेता।
- : 1 Mg देता 2; 2 Cl लेता एक-एक।
- : 1 Ca देता 2; 1 O लेता 2।
- : 1 Al देता 3; 3 Cl लेता एक-एक।
आयनिक यौगिकों का निर्माण — विस्तृत
1. सोडियम क्लोराइड ()
मूल अभिक्रिया:
इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण:
Na का परमाणु: 2, 8, 1 — एक बाह्य इलेक्ट्रॉन। Cl का परमाणु: 2, 8, 7 — सात बाह्य इलेक्ट्रॉन।
चरण-दर-चरण:
1. Na ने अपना 1 बाह्य इलेक्ट्रॉन छोड़ा: अब Na⁺ का विन्यास: 2, 8 (नियॉन जैसा — स्थिर!)
2. Cl ने इसी 1 इलेक्ट्रॉन को ग्रहण किया: अब Cl⁻ का विन्यास: 2, 8, 8 (आर्गन जैसा — स्थिर!)
3. Na⁺ और Cl⁻ — विपरीत आवेश से एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं:
दिखावट:
- Na: चमकीला, मुलायम, क्रियाशील धातु।
- Cl₂: पीली-हरी, विषाक्त गैस।
- : श्वेत, स्थिर ठोस — साधारण नमक!
यह आश्चर्य: दो खतरनाक तत्वों से — रोज़मर्रा का जीवन-यापक नमक!
2. मैग्नीशियम क्लोराइड ()
अभिक्रिया:
विवरण:
- Mg (2,8,2) → Mg²⁺ (2,8) + 2e⁻
- Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8) — दो Cl परमाणु चाहिए।
1 Mg ने 2 Cl को 1-1 इलेक्ट्रॉन दिए।
आयनिक संरचना: Mg²⁺ + 2 Cl⁻ →
3. कैल्शियम ऑक्साइड () — चूना
अभिक्रिया:
विवरण:
- Ca (2,8,8,2) → Ca²⁺ (2,8,8) + 2e⁻
- O (2,6) + 2e⁻ → O²⁻ (2,8)
Ca के 2 इलेक्ट्रॉन — सीधे O को।
आयनिक संरचना: Ca²⁺ + O²⁻ →
यह 'चूना' (quicklime) — सीमेंट, चीनी-शोधन, जल-शोधन में उपयोगी।
4. एल्यूमिनियम ऑक्साइड ()
अभिक्रिया:
विवरण:
- 2 Al — दो Al³⁺ बने (कुल 6e⁻ छोड़े)।
- 3 O — तीन O²⁻ बने (कुल 6e⁻ ग्रहण किए)।
आयनिक संरचना: 2 Al³⁺ + 3 O²⁻ →
अनुपात संतुलन के लिए — गुणांक।
आयनिक बंध की प्रकृति
आयनिक बंध क्या है?
धातु और अधातु के बीच — विपरीत आयनों के विद्युत-स्थैतिक आकर्षण से बना बंध।
विद्युत-संयोजकता
धातु जितने इलेक्ट्रॉन देता है = उसकी विद्युत-धन-संयोजकता (Electrovalency)। अधातु जितने इलेक्ट्रॉन लेता है = उसकी विद्युत-ऋण-संयोजकता।
आयनिक बंध की विशेषताएँ
1. इलेक्ट्रॉन का पूर्ण स्थानांतरण:
- एक तरफ से पूरी तरह निकलकर, दूसरी ओर पूरी तरह जुड़ता।
- कोई 'बीच' की स्थिति नहीं।
2. विपरीत आवेशों का आकर्षण:
- कूलॉम का नियम:
- अधिक आवेश = अधिक आकर्षण।
3. क्रिस्टलीय जाली निर्माण:
- आयन एक-दूसरे को घेरकर त्रि-आयामी संरचना बनाते हैं।
- 'क्रिस्टल लैटिस' कहलाता है।
NaCl की क्रिस्टल संरचना
Na⁺ के चारों ओर 6 Cl⁻ — और Cl⁻ के चारों ओर 6 Na⁺। यह 'फेस-सेंटर्ड क्यूबिक' (FCC) संरचना।
आयनिक यौगिकों के सूत्र
धातु का आवेश और अधातु का आवेश — क्रॉस गुणन से सूत्र मिलता है।
नियम: क्रॉस-डाउन (Cross-down) नियम।
उदाहरण:
- Al³⁺ + O²⁻ → सूत्र: Al₂O₃ (3 ऊपर से 2 नीचे, 2 ऊपर से 3 नीचे)
- Ca²⁺ + N³⁻ → सूत्र: Ca₃N₂
- Mg²⁺ + Br⁻ → सूत्र: MgBr₂
- Na⁺ + S²⁻ → सूत्र: Na₂S
सहसंयोजी बंध से तुलना
अधातु-अधातु — सहसंयोजी बंध (इलेक्ट्रॉन साझा)। धातु-धातु — धात्विक बंध (इलेक्ट्रॉन समुद्र)। धातु-अधातु — आयनिक बंध (इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण)।
ऑक्सीकरण और अपचयन — एक नज़र में
सिद्धांत
आयनिक यौगिक निर्माण = एक प्रकार की रेडॉक्स अभिक्रिया।
ऑक्सीकरण (Oxidation): इलेक्ट्रॉन छोड़ना — धातु करता है। अपचयन (Reduction): इलेक्ट्रॉन लेना — अधातु करता है।
NaCl निर्माण में:
Na ने इलेक्ट्रॉन छोड़ा → Na का ऑक्सीकरण
Cl ने इलेक्ट्रॉन लिया → Cl का अपचयन
दोनों एक साथ — रेडॉक्स अभिक्रिया।
MgO में:
Mg ने 2 इलेक्ट्रॉन छोड़े → ऑक्सीकरण। O ने 2 इलेक्ट्रॉन लिए → अपचयन।
Mg ऑक्सीकारक नहीं — अपचायक है (दूसरे को अपचयित करता है)। O ऑक्सीकारक है (दूसरे को ऑक्सीकृत करता है)।
धातुओं की एक मूल भूमिका
धातुएँ — प्रबल अपचायक। अधातुएँ — प्रबल ऑक्सीकारक।
एक छोटा गणित
आयनिक यौगिक में आवेश संतुलन:
- कुल धन आवेश = कुल ऋण आवेश।
उदाहरण:
- : 2 × (+3) = +6, और 3 × (-2) = -6 ✓
- : 3 × (+2) = +6, और 2 × (-3) = -6 ✓
- : 2 × (+1) = +2, और 1 × (-2) = -2 ✓
सारांश तालिका
| धातु आयन | अधातु आयन | सूत्र |
|---|---|---|
| Na⁺ | Cl⁻ | NaCl |
| Mg²⁺ | Cl⁻ | MgCl₂ |
| Ca²⁺ | O²⁻ | CaO |
| Al³⁺ | O²⁻ | Al₂O₃ |
| K⁺ | F⁻ | KF |
| Mg²⁺ | N³⁻ | Mg₃N₂ |
| Al³⁺ | S²⁻ | Al₂S₃ |
| Na⁺ | O²⁻ | Na₂O |
[बोर्ड महत्वपूर्ण] सूत्र निर्माण और इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण — अनिवार्य!
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।
1. मूल सिद्धांत
स्थायित्व की चाह — पूर्ण बाह्य कोश (अष्टक)।
धातु → इलेक्ट्रॉन देता (cation, धन आयन)। अधातु → इलेक्ट्रॉन लेता (anion, ऋण आयन)। विपरीत आवेश आकर्षित → आयनिक बंध।
2. महत्वपूर्ण आयन
| धातु | विन्यास | आयन | आवेश |
|---|---|---|---|
| Na | 2,8,1 | Na⁺ | +1 |
| Mg | 2,8,2 | Mg²⁺ | +2 |
| Al | 2,8,3 | Al³⁺ | +3 |
| Ca | 2,8,8,2 | Ca²⁺ | +2 |
| अधातु | विन्यास | आयन | आवेश |
|---|---|---|---|
| Cl | 2,8,7 | Cl⁻ | -1 |
| O | 2,6 | O²⁻ | -2 |
| N | 2,5 | N³⁻ | -3 |
3. मुख्य उदाहरण
NaCl:
- Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) + e⁻
- Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8)
MgCl₂:
- Mg → Mg²⁺ + 2e⁻
- 2Cl + 2e⁻ → 2Cl⁻
CaO:
- Ca → Ca²⁺ + 2e⁻
- O + 2e⁻ → O²⁻
4. क्रॉस गुणन — सूत्र निकालने का
उदाहरण: Al³⁺ + O²⁻
- 3 ऊपर से 2 नीचे; 2 ऊपर से 3 नीचे
- सूत्र:
5. रेडॉक्स की भूमिका
धातु = अपचायक (इलेक्ट्रॉन देता) अधातु = ऑक्सीकारक (इलेक्ट्रॉन लेता)
6. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- NaCl निर्माण — इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण।
- MgCl₂ का निर्माण — विस्तृत।
- आयनिक बंध क्या है?
- Al³⁺ और O²⁻ का सूत्र।
- Ca + Cl₂ की अभिक्रिया।
अंतिम सूत्र: धातु — दाता (donor); अधातु — ग्राही (receiver); विपरीत आकर्षण — आयनिक यौगिक।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — NaCl का निर्माण
सोडियम क्लोराइड (NaCl) का निर्माण इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा समझाएँ।
हल:
1. आरंभिक विन्यास:
- Na: 2, 8, 1 (बाह्य कोश में 1 इलेक्ट्रॉन)
- Cl: 2, 8, 7 (बाह्य कोश में 7 इलेक्ट्रॉन)
2. स्थायित्व की चाह:
- Na: 1 इलेक्ट्रॉन अधिक — कठिन रखना। देना आसान।
- Cl: 8 तक 1 कम। लेना आसान।
3. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:
Na ने अपना 1 बाह्य इलेक्ट्रॉन Cl को दिया।
अब Na⁺ का विन्यास नियॉन की तरह — स्थिर!
अब Cl⁻ का विन्यास आर्गन की तरह — स्थिर!
4. आयनिक बंध:
Na⁺ और Cl⁻ विपरीत आवेश से एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
5. कुल अभिक्रिया:
विशेष:
- सिल्वर-धात्विक Na + पीली-हरी Cl₂ गैस।
- → श्वेत NaCl ठोस — रोज़मर्रा का नमक।
- ऊष्मा निकलती है (ऊष्माक्षेपी)।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — हर साल बोर्ड में]
उदाहरण 2: NCERT — MgCl₂ का निर्माण
मैग्नीशियम क्लोराइड (MgCl₂) का निर्माण समझाएँ।
हल:
1. विन्यास:
- Mg: 2, 8, 2 (बाह्य कोश में 2 इलेक्ट्रॉन)
- Cl: 2, 8, 7 (बाह्य कोश में 7 इलेक्ट्रॉन)
2. आवश्यकताएँ:
- Mg: 2 इलेक्ट्रॉन देने हैं।
- Cl: 1 इलेक्ट्रॉन लेना है।
3. अनुपात: 1 Mg → 2 Cl (Mg के 2 इलेक्ट्रॉन — दो Cl को 1-1)
4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:
Mg²⁺ — नियॉन जैसा।
प्रत्येक Cl⁻ — आर्गन जैसा।
5. आयनिक बंध:
Mg²⁺ और 2 Cl⁻ → MgCl₂
6. कुल अभिक्रिया:
विशेष:
- MgCl₂ — श्वेत क्रिस्टलीय ठोस।
- जल में अति-विलेय।
- समुद्री जल में पाया जाता है।
- एप्सम साल्ट के पास का यौगिक।
- तरल बैटरी में उपयोगी।
विद्युत-संयोजकता
Mg की धन-संयोजकता = 2 Cl की ऋण-संयोजकता = 1
[NCERT — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 3: NCERT — CaO का निर्माण
कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) का इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा निर्माण समझाएँ।
हल:
1. विन्यास:
- Ca: 2, 8, 8, 2
- O: 2, 6
2. आवश्यकताएँ:
- Ca: 2 इलेक्ट्रॉन देने हैं (अष्टक के लिए)।
- O: 2 इलेक्ट्रॉन लेने हैं (अष्टक के लिए)।
3. अनुपात: 1 Ca ↔ 1 O (Ca के 2 → सीधे O को)
4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:
Ca²⁺ — आर्गन जैसा।
O²⁻ — नियॉन जैसा।
5. आयनिक बंध:
Ca²⁺ और O²⁻ → CaO
6. अभिक्रिया:
विशेष:
- CaO = बुझा हुआ चूना नहीं! वह है।
- CaO = अनबुझा चूना (quicklime)।
- श्वेत, ठोस।
- जल से तीव्र अभिक्रिया (ऊष्मा):
व्यावहारिक उपयोग
- सीमेंट निर्माण।
- चीनी शोधन।
- जल की कठोरता दूर करने।
- मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने (अम्लीय मिट्टी में)।
[NCERT पाठ्यपुस्तक]
उदाहरण 4: NCERT — Al₂O₃ का निर्माण
एल्यूमिनियम ऑक्साइड का निर्माण और सूत्र निकालें।
हल:
1. विन्यास:
- Al: 2, 8, 3
- O: 2, 6
2. आवश्यकताएँ:
- Al: 3 इलेक्ट्रॉन देने हैं।
- O: 2 इलेक्ट्रॉन लेने हैं।
3. अनुपात निकालने के लिए — LCM:
3 और 2 का LCM = 6।
यानी कुल 6 इलेक्ट्रॉन का आदान-प्रदान।
2 Al × 3e⁻ = 6e⁻ देंगे। 3 O × 2e⁻ = 6e⁻ लेंगे।
4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:
यानी 2 Al → 2 Al³⁺ + 6e⁻
यानी 3 O + 6e⁻ → 3 O²⁻
5. आयनिक यौगिक:
2 Al³⁺ + 3 O²⁻ → Al₂O₃
6. क्रॉस-गुणन (शॉर्टकट):
(3 के नीचे O, 2 के नीचे Al)
7. कुल अभिक्रिया:
विशेष:
- = एल्यूमिना
- पारदर्शी ठोस।
- उच्च गलनांक (~2050°C)।
- रत्नों में: माणिक्य (Cr-दूषित), नीलमणि (Fe/Ti-दूषित)।
[बोर्ड में 3-5 अंक]
उदाहरण 5: एक रोचक — Na₂O का निर्माण
सोडियम और ऑक्सीजन से Na₂O का निर्माण समझाएँ।
हल:
1. विन्यास:
- Na: 2, 8, 1
- O: 2, 6
2. आवश्यकताएँ:
- Na: 1 इलेक्ट्रॉन देगा।
- O: 2 इलेक्ट्रॉन लेगा।
3. अनुपात: 2 Na : 1 O (2 Na ने 2 इलेक्ट्रॉन दिए, 1 O ने 2 लिए)
4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:
2 Na (2,8,1) → 2 Na⁺ (2,8) + 2e⁻
O (2,6) + 2e⁻ → O²⁻ (2,8)
5. यौगिक:
6. कुल अभिक्रिया:
विशेष:
- Na₂O — श्वेत ठोस।
- जल से तीव्र — NaOH बनाता:
- अति-क्षारकीय।
- Na को वायु में रखने पर — पहले Na₂O बनता है, फिर NaOH (नमी से)।
'क्यों Na को केरोसिन में रखा जाता?' का उत्तर:
- क्योंकि Na वायु के O₂ और नमी से Na₂O और NaOH बना देता है।
- केरोसिन Na को इन दोनों से बचाता है।
[बोर्ड में 3-अंक]
उदाहरण 6: Mg₃N₂ का निर्माण
मैग्नीशियम नाइट्राइड का निर्माण समझाएँ।
हल:
1. विन्यास:
- Mg: 2, 8, 2
- N: 2, 5
2. आवश्यकताएँ:
- Mg: 2 इलेक्ट्रॉन देगा।
- N: 3 इलेक्ट्रॉन लेगा।
3. अनुपात:
2 और 3 का LCM = 6।
3 Mg × 2 = 6e⁻ देंगे। 2 N × 3 = 6e⁻ लेंगे।
अनुपात: 3 Mg : 2 N
4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:
3 Mg → 3 Mg²⁺ + 6e⁻
2 N + 6e⁻ → 2 N³⁻
5. यौगिक:
6. क्रॉस-गुणन से:
7. कुल अभिक्रिया:
विशेष:
- Mg₃N₂ — हरा-पीला ठोस।
- Mg को वायु में जलाने पर — कुछ Mg, N₂ से क्रिया कर के Mg₃N₂ देता है।
- जल से क्रिया कर Mg(OH)₂ + NH₃ देता है:
विशेष टिप्पणी: Mg वायु में जलाने पर — मुख्यतः MgO (श्वेत), लेकिन कुछ Mg₃N₂ (पीला)। यदि अवशेष पीला-हरा दिखे — N₂ के साथ क्रिया हुई।
[बोर्ड में 3-अंक]
उदाहरण 7: NCERT — सूत्र निकालें
निम्न के सूत्र निकालें (आयनों के आवेश दिए गए हैं):
(a) सोडियम सल्फाइड (Na⁺, S²⁻) (b) पोटैशियम ऑक्साइड (K⁺, O²⁻) (c) कैल्शियम क्लोराइड (Ca²⁺, Cl⁻) (d) एल्यूमिनियम सल्फाइड (Al³⁺, S²⁻) (e) आयरन (III) क्लोराइड (Fe³⁺, Cl⁻)
हल:
सिद्धांत: क्रॉस गुणन — आयन के आवेश को विपरीत आयन का सबस्क्रिप्ट बनाएँ।
(a) Na⁺ और S²⁻
1 ऊपर, 2 ऊपर → क्रॉस
जाँच: 2 × (+1) + 1 × (-2) = 0 ✓
(b) K⁺ और O²⁻
जाँच: 2 × (+1) + 1 × (-2) = 0 ✓
(c) Ca²⁺ और Cl⁻
जाँच: 1 × (+2) + 2 × (-1) = 0 ✓
(d) Al³⁺ और S²⁻
3 और 2 — सीधे क्रॉस।
जाँच: 2 × (+3) + 3 × (-2) = 0 ✓
(e) Fe³⁺ और Cl⁻
जाँच: 1 × (+3) + 3 × (-1) = 0 ✓
सारांश तालिका
| यौगिक | आयन | सूत्र |
|---|---|---|
| Na sulphide | Na⁺, S²⁻ | |
| K oxide | K⁺, O²⁻ | |
| Ca chloride | Ca²⁺, Cl⁻ | |
| Al sulphide | Al³⁺, S²⁻ | |
| Fe(III) chloride | Fe³⁺, Cl⁻ |
सीख: आवेश का LCM निकाले बिना — सिर्फ क्रॉस से सूत्र मिलता है।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — मूलभूत]
उदाहरण 8: NCERT — रेडॉक्स की पहचान
निम्न अभिक्रियाओं में, ऑक्सीकरण और अपचयन की पहचान करें:
(a) (b) (c)
हल:
मूल नियम:
- इलेक्ट्रॉन छोड़ना = ऑक्सीकरण।
- इलेक्ट्रॉन लेना = अपचयन।
(a) 2Na + Cl₂ → 2NaCl
Na का परिवर्तन: Na → Na⁺ + e⁻ ऑक्सीकरण की संख्या: 0 → +1 Na का ऑक्सीकरण हुआ। Na — अपचायक है (दूसरे को अपचयित किया)।
Cl का परिवर्तन: Cl + e⁻ → Cl⁻ ऑक्सीकरण की संख्या: 0 → -1 Cl का अपचयन हुआ। Cl — ऑक्सीकारक है।
(b) 2Mg + O₂ → 2MgO
Mg → Mg²⁺ + 2e⁻ → ऑक्सीकरण। Mg — अपचायक।
O + 2e⁻ → O²⁻ → अपचयन। O₂ — ऑक्सीकारक।
(c) 4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃
Al → Al³⁺ + 3e⁻ → ऑक्सीकरण। Al — अपचायक।
O + 2e⁻ → O²⁻ → अपचयन। O₂ — ऑक्सीकारक।
सामान्य पैटर्न
आयनिक यौगिक निर्माण = रेडॉक्स अभिक्रिया
हमेशा:
- धातु → ऑक्सीकरण (इलेक्ट्रॉन देता)
- अधातु → अपचयन (इलेक्ट्रॉन लेता)
- धातु = अपचायक
- अधातु = ऑक्सीकारक
याद रखें: OIL RIG
- O = Oxidation
- I = Is
- L = Loss (इलेक्ट्रॉन की हानि)
- R = Reduction
- I = Is
- G = Gain (इलेक्ट्रॉन का लाभ)
[बोर्ड में 5-अंक]
उदाहरण 9: NCERT — आयनिक बंध की पहचान
निम्न में आयनिक बंध को पहचानें:
(a) (b) (c) (d) (e) (f)
हल:
नियम: आयनिक बंध = धातु + अधातु। सहसंयोजी बंध = अधातु + अधातु।
विश्लेषण
(a) — H + O दोनों अधातु → सहसंयोजी।
(b) — Na (धातु) + Cl (अधातु) ✓ आयनिक!
(c) — C + O दोनों अधातु → सहसंयोजी।
(d) — Mg (धातु) + O (अधातु) ✓ आयनिक!
(e) — C + H दोनों अधातु → सहसंयोजी।
(f) — K (धातु) + S (अधातु) ✓ आयनिक!
सारांश
| यौगिक | प्रकार |
|---|---|
| सहसंयोजी | |
| NaCl | आयनिक |
| सहसंयोजी | |
| MgO | आयनिक |
| सहसंयोजी | |
| K₂S | आयनिक |
अंतर्दृष्टि
आवर्त सारणी में:
- वाम भाग के तत्व (धातुएँ): Na, K, Mg, Ca, Al आदि
- दायाँ भाग (अधातुएँ): O, N, F, Cl, S आदि
- जब बायें का तत्व + दायें का तत्व → आयनिक।
- जब दायें का दायें से + दायें → सहसंयोजी।
[NCERT पाठ्यपुस्तक]
उदाहरण 10: एक रोचक — Mg और S
मैग्नीशियम सल्फाइड का निर्माण। सूत्र क्या होगा? कैसे बनेगा?
हल:
1. विन्यास:
- Mg: 2, 8, 2
- S: 2, 8, 6
2. आवश्यकताएँ:
- Mg: 2 इलेक्ट्रॉन देगा (अष्टक के लिए)।
- S: 2 इलेक्ट्रॉन लेगा (अष्टक के लिए)।
3. अनुपात: 1 Mg : 1 S (Mg के 2 → सीधे S को)
4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:
5. आयनिक यौगिक:
दोनों के आवेश समान (2) — इसलिए 1:1।
6. कुल अभिक्रिया:
विशेष:
- — गुलाबी-भूरा ठोस।
- जल से क्रिया कर के Mg(OH)₂ + H₂S गैस:
(H₂S — सड़े अंडे की गंध।)
तुलना
Mg और O से MgO — आवेश 2:2 → 1:1 → MgO Mg और S से MgS — आवेश 2:2 → 1:1 → MgS Mg और Cl से MgCl₂ — आवेश 2:1 → 1:2 → MgCl₂ Mg और N से Mg₃N₂ — आवेश 2:3 → 3:2 → Mg₃N₂
सीख
आवेश का LCM ही अनुपात तय करता है।
[बोर्ड में 3-अंक]
उदाहरण 11: एक संख्यात्मक — कितने आयन?
5.85 g में कितने Na⁺ और Cl⁻ आयन हैं? (Na=23, Cl=35.5)
हल:
अणुभार = 23 + 35.5 = 58.5 g/mol
मोल की संख्या:
आयनों की संख्या:
1 NaCl में: 1 Na⁺ + 1 Cl⁻
1 mol NaCl में: Na⁺ + Cl⁻
0.1 mol में:
Na⁺ की संख्या:
Cl⁻ की संख्या:
कुल आयन:
उत्तर:
- Na⁺ आयन:
- Cl⁻ आयन:
सीख: आयनिक यौगिकों में — एकल अणु नहीं — आयनों की जाली। पर मोल की गणना सूत्र-इकाई से।
अतिरिक्त — आयतन
यदि NaCl को पानी में घोलें (0.1 mol × 6.022 × 10²³ आयन प्रति L यानी ~0.6 × 10²³ प्रति L):
यह विद्युत-चालक होगा — आयनिक यौगिक होने के कारण।
[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]
उदाहरण 12: एक तुलना — आयनिक बनाम सहसंयोजी
और — दोनों में Cl है। पर एक आयनिक, दूसरा सहसंयोजी। क्यों?
हल:
NaCl — आयनिक
तत्व: Na (धातु) + Cl (अधातु)
विद्युत-ऋणात्मकता:
- Na: 0.93 (कम)
- Cl: 3.16 (अधिक)
- अंतर: 2.23 (बहुत अधिक!)
अंतर 1.7 से अधिक → आयनिक।
इलेक्ट्रॉन का व्यवहार:
- Cl, Na से इलेक्ट्रॉन छीन लेता है।
- पूर्ण स्थानांतरण।
- Na⁺ Cl⁻ बनते हैं।
CCl₄ — सहसंयोजी
तत्व: C (अधातु) + Cl (अधातु)
विद्युत-ऋणात्मकता:
- C: 2.55
- Cl: 3.16
- अंतर: 0.61 (कम!)
अंतर 0.5-1.7 → ध्रुवीय सहसंयोजी, यहाँ हल्का सहसंयोजी।
इलेक्ट्रॉन का व्यवहार:
- C और Cl, इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं।
- पूर्ण स्थानांतरण नहीं।
- आयन नहीं बनते।
तुलनात्मक तालिका
| गुण | NaCl (आयनिक) | CCl₄ (सहसंयोजी) |
|---|---|---|
| बंध प्रकार | आयनिक | सहसंयोजी |
| गलनांक | उच्च (801°C) | कम (-23°C) |
| क्वथनांक | 1465°C | 77°C |
| जल में विलेयता | विलेय | अविलेय |
| विद्युत चालकता (पिघले/विलेय) | हाँ | नहीं |
| संरचना | क्रिस्टल जाली | अलग-अलग अणु |
मूल अंतर
आयनिक: पूर्ण स्थानांतरण → आयन। सहसंयोजी: साझा → अणु।
[बोर्ड में 5-अंक तुलनात्मक]
उदाहरण 13: NCERT — एक मिश्र प्रश्न
निम्न प्रश्नों के उत्तर दें:
(a) Na और Mg में कौन अधिक आसानी से इलेक्ट्रॉन देता है? (b) F और Cl में कौन अधिक आसानी से इलेक्ट्रॉन लेता है? (c) NaCl और MgO में कौन अधिक स्थिर है?
हल:
(a) Na और Mg में कौन?
विन्यास:
- Na: 2, 8, 1 (1 इलेक्ट्रॉन)
- Mg: 2, 8, 2 (2 इलेक्ट्रॉन)
तर्क:
- Na को 1 इलेक्ट्रॉन देना है → आसान।
- Mg को 2 इलेक्ट्रॉन देने हैं → कठिन (दूसरा अधिक मेहनत से)।
उत्तर: Na अधिक आसानी से इलेक्ट्रॉन देता है।
यानी Na, Mg से अधिक क्रियाशील है।
(b) F और Cl में कौन?
विन्यास:
- F: 2, 7 (बाह्य कोश में 1 खाली स्थान)
- Cl: 2, 8, 7 (बाह्य कोश में 1 खाली स्थान)
तर्क:
- F का बाह्य कोश परमाणु के बहुत पास।
- Cl का बाह्य कोश दूर (तीसरा कोश)।
- F का नाभिक — आने वाले इलेक्ट्रॉन को अधिक प्रबलता से खींचता।
उत्तर: F अधिक आसानी से इलेक्ट्रॉन लेता है।
यानी F, Cl से अधिक क्रियाशील अधातु है।
(c) NaCl और MgO में कौन अधिक स्थिर?
तुलना:
- NaCl: Na⁺ (+1) और Cl⁻ (-1) — आकर्षण अपेक्षाकृत कम।
- MgO: Mg²⁺ (+2) और O²⁻ (-2) — आकर्षण 4 गुना अधिक।
कूलॉम का नियम:
- आवेश गुणनफल अधिक → आकर्षण अधिक।
उत्तर: MgO अधिक स्थिर है।
सबूत:
- NaCl का गलनांक: 801°C
- MgO का गलनांक: 2852°C MgO का गलनांक बहुत अधिक — अधिक स्थिर बंध।
[NCERT — संयुक्त प्रश्न]
उदाहरण 14: एक चुनौती — आवेश और सूत्र
निम्न आयनिक यौगिकों के सूत्र निकालें:
(a) सोडियम नाइट्राइड (Na⁺, N³⁻) (b) कैल्शियम फॉस्फेट (Ca²⁺, PO₄³⁻) (c) अमोनियम सल्फेट (NH₄⁺, SO₄²⁻) (d) एल्यूमिनियम कार्बोनेट (Al³⁺, CO₃²⁻)
हल:
(a) Na⁺ और N³⁻
क्रॉस: 1 ↔ 3
जाँच: 3 × (+1) + 1 × (-3) = 0 ✓
(b) Ca²⁺ और PO₄³⁻
क्रॉस: 2 ↔ 3
ध्यान: PO₄³⁻ — एक 'पॉलीआटोमिक' (बहुपरमाणुक) आयन। बहुसंख्यक हो तो ब्रैकेट में।
जाँच: 3 × (+2) + 2 × (-3) = 0 ✓
(c) NH₄⁺ और SO₄²⁻
क्रॉस: 1 ↔ 2
दोनों ही पॉलीआटोमिक — दोनों ब्रैकेट में।
जाँच: 2 × (+1) + 1 × (-2) = 0 ✓
(d) Al³⁺ और CO₃²⁻
क्रॉस: 3 ↔ 2
CO₃²⁻ बहुसंख्यक — ब्रैकेट में।
जाँच: 2 × (+3) + 3 × (-2) = 0 ✓
सीख
नियम:
- क्रॉस-गुणन से सूत्र।
- पॉलीआटोमिक आयन यदि एक से अधिक — ब्रैकेट में।
- आयन का सबस्क्रिप्ट = विपरीत आयन का आवेश।
अन्य महत्वपूर्ण पॉलीआटोमिक आयन
| आयन | आवेश |
|---|---|
| OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) | -1 |
| NO₃⁻ (नाइट्रेट) | -1 |
| HCO₃⁻ (बाइकार्बोनेट) | -1 |
| CO₃²⁻ (कार्बोनेट) | -2 |
| SO₄²⁻ (सल्फेट) | -2 |
| PO₄³⁻ (फॉस्फेट) | -3 |
| NH₄⁺ (अमोनियम) | +1 |
[बोर्ड में 5-अंक]
उदाहरण 15: एक रोचक — Cl₂ और H₂ का उदाहरण
क्या अधातु और अधातु — मिलकर आयनिक यौगिक बनाते हैं?
हल:
अभिक्रिया:
उत्तर: नहीं! HCl सहसंयोजी है — आयनिक नहीं।
क्यों?
नियम: आयनिक बंध = धातु + अधातु। यहाँ — दोनों अधातु → सहसंयोजी।
इलेक्ट्रॉन का व्यवहार
HCl में:
- H और Cl, इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं।
- कोई पूर्ण स्थानांतरण नहीं।
- अतः ध्रुवीय सहसंयोजी बंध।
हालाँकि — Cl, H से अधिक विद्युत-ऋणात्मक — अतः साझा इलेक्ट्रॉन Cl की ओर खिंचा रहता है। HCl एक ध्रुवीय अणु है।
एक दिलचस्प तथ्य
HCl गैस अवस्था में — सहसंयोजी। HCl जल में डालने पर — आयनित होता है:
यानी जल में H⁺ (H₃O⁺) और Cl⁻ बनते हैं। तब यह आयनिक व्यवहार दिखाता है।
यही कारण कि — गैसीय HCl विद्युत-चालक नहीं, परंतु जलीय HCl (तनु अम्ल) विद्युत-चालक।
तुलना
| गुण | NaCl (आयनिक) | HCl (सहसंयोजी) |
|---|---|---|
| बंध | आयनिक | सहसंयोजी (ध्रुवीय) |
| अवस्था | ठोस | गैस |
| गलनांक | 801°C | -114°C |
| जल में | आयनित | आयनित (अम्ल बनता) |
| शुद्ध रूप में चालकता | नहीं | नहीं |
| जल में चालकता | हाँ | हाँ (आयनित होने पर) |
सीख: दो अधातु → हमेशा सहसंयोजी। पर जल में आयनिक हो सकते हैं।
[बोर्ड में 5-अंक]
उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न
(a) आयनिक बंध और सहसंयोजी बंध में अंतर। (b) NaCl, MgO, Al₂O₃ — इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण। (c) क्यों का आवेश +2 ही है, +1 नहीं? (d) पॉलीआटोमिक आयन — 3 उदाहरण।
हल:
(a) आयनिक vs सहसंयोजी
| गुण | आयनिक | सहसंयोजी |
|---|---|---|
| इलेक्ट्रॉन | पूर्ण स्थानांतरण | साझा |
| तत्व | धातु + अधातु | अधातु + अधातु |
| उदाहरण | NaCl, MgO | H₂O, CO₂ |
| गलनांक | उच्च | कम |
| विद्युत चालकता | जल में/पिघलने पर हाँ | नहीं |
(b) तीनों के निर्माण
NaCl:
- Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) + e⁻
- Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8)
MgO:
- Mg (2,8,2) → Mg²⁺ (2,8) + 2e⁻
- O (2,6) + 2e⁻ → O²⁻ (2,8)
Al₂O₃:
- 2 Al (2,8,3) → 2 Al³⁺ (2,8) + 6e⁻
- 3 O (2,6) + 6e⁻ → 3 O²⁻ (2,8)
(c) Mg²⁺ ही क्यों?
विन्यास: Mg = 2, 8, 2
यदि Mg, 1 इलेक्ट्रॉन छोड़े → Mg⁺ (2,8,1) — असंतुलित। यदि Mg, 2 इलेक्ट्रॉन छोड़े → Mg²⁺ (2,8) — नियॉन जैसा स्थिर।
प्रकृति 'पूर्ण' अष्टक चाहती है। Mg²⁺ अधिक स्थिर — इसलिए यही बनता है।
(d) पॉलीआटोमिक आयन
1. हाइड्रॉक्साइड:
- 1 O + 1 H, कुल आवेश -1
- NaOH, KOH में।
2. नाइट्रेट:
- 1 N + 3 O, कुल आवेश -1
- KNO₃, AgNO₃ में।
3. कार्बोनेट:
- 1 C + 3 O, कुल आवेश -2
- CaCO₃, Na₂CO₃ में।
अन्य:
- (सल्फेट)
- (फॉस्फेट)
- (अमोनियम — एक धन-आयन)
[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]