धातु और अधातु क्यों मिलते हैं?

प्रकृति की पहली खोज: धातु और अधातु एक-दूसरे से क्यों आकर्षित होते हैं?

मूल सिद्धांत — स्थायित्व की चाह

हर परमाणु अपनी उत्तम गैस (noble gas) की तरह स्थिर इलेक्ट्रॉनी विन्यास पाना चाहता है — पूर्ण बाह्य कोश।

क्या है पूर्ण बाह्य कोश?

  • 2 इलेक्ट्रॉन (हीलियम जैसा), या
  • 8 इलेक्ट्रॉन (नियॉन/आर्गन जैसा) — अष्टक नियम

धातुओं का व्यवहार

धातुओं के बाह्य कोश में 1, 2, या 3 इलेक्ट्रॉन — कम।

पूर्ण कोश पाने के लिए — इलेक्ट्रॉन देना आसान।

उदाहरण:

  • Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) [नियॉन की तरह]
  • Mg (2,8,2) → Mg²⁺ (2,8) [नियॉन की तरह]
  • Al (2,8,3) → Al³⁺ (2,8) [नियॉन की तरह]

अधातुओं का व्यवहार

अधातुओं के बाह्य कोश में 5, 6, या 7 इलेक्ट्रॉन — बहुत।

पूर्ण कोश पाने के लिए — इलेक्ट्रॉन लेना आसान।

उदाहरण:

  • Cl (2,8,7) → Cl⁻ (2,8,8) [आर्गन की तरह]
  • O (2,6) → O²⁻ (2,8) [नियॉन की तरह]
  • N (2,5) → N³⁻ (2,8) [नियॉन की तरह]

इसी से बनता है — आयनिक बंध

धातु → इलेक्ट्रॉन देता है (cation बनता है) अधातु → इलेक्ट्रॉन लेता है (anion बनता है)

दोनों आयन विपरीत आवेश से विद्युत-स्थैतिक आकर्षण से बंधे रहते हैं।

यह बंध — आयनिक बंध या विद्युत-संयोजी बंध

इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा NaCl में आयनिक बंध का बनना

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Sodium atom (Na) सोडियम परमाणु (Na)
Chlorine atom (Cl) क्लोरीन परमाणु (Cl)
Electron transfer इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण
Sodium ion (Na+) सोडियम आयन (Na+)
Chloride ion (Cl-) क्लोराइड आयन (Cl-)

इलेक्ट्रॉनी विन्यास और आयन निर्माण

महत्वपूर्ण तत्वों का विन्यास

मुख्य धातुएँ:

तत्व परमाणु क्रमांक विन्यास संयोजी इलेक्ट्रॉन आयन
Li 3 2, 1 1 Li⁺
Na 11 2, 8, 1 1 Na⁺
K 19 2, 8, 8, 1 1 K⁺
Mg 12 2, 8, 2 2 Mg²⁺
Ca 20 2, 8, 8, 2 2 Ca²⁺
Al 13 2, 8, 3 3 Al³⁺

मुख्य अधातुएँ:

तत्व परमाणु क्रमांक विन्यास संयोजी इलेक्ट्रॉन आयन
H 1 1 1 H⁻ या H⁺
F 9 2, 7 7 F⁻
Cl 17 2, 8, 7 7 Cl⁻
O 8 2, 6 6 O²⁻
S 16 2, 8, 6 6 S²⁻
N 7 2, 5 5 N³⁻

धातुओं के आवेश का तर्क

धातु जितने इलेक्ट्रॉन देता है, उतना ही धनात्मक आवेश

  • Na (1 इलेक्ट्रॉन देता) → Na⁺ (+1)
  • Mg (2 इलेक्ट्रॉन देता) → Mg²⁺ (+2)
  • Al (3 इलेक्ट्रॉन देता) → Al³⁺ (+3)

अधातुओं के आवेश का तर्क

अधातु जितने इलेक्ट्रॉन लेता है, उतना ही ऋणात्मक आवेश

  • Cl (1 इलेक्ट्रॉन लेता) → Cl⁻ (-1)
  • O (2 इलेक्ट्रॉन लेता) → O²⁻ (-2)
  • N (3 इलेक्ट्रॉन लेता) → N³⁻ (-3)

एक रोचक तथ्य

धातु अपने प्रत्येक एक इलेक्ट्रॉन के लिए — एक अधातु से जुड़ता है, जो उतना इलेक्ट्रॉन ले सकती हो।

इसीलिए:

  • NaClNaCl: 1 Na देता, 1 Cl लेता।
  • MgCl2MgCl_2: 1 Mg देता 2; 2 Cl लेता एक-एक।
  • CaOCaO: 1 Ca देता 2; 1 O लेता 2।
  • AlCl3AlCl_3: 1 Al देता 3; 3 Cl लेता एक-एक।

आयनिक यौगिकों का निर्माण — विस्तृत

1. सोडियम क्लोराइड (NaClNaCl)

मूल अभिक्रिया:

2Na(s)+Cl2(g)2NaCl(s)2Na(s) + Cl_2(g) \rightarrow 2NaCl(s)

इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण:

Na का परमाणु: 2, 8, 1 — एक बाह्य इलेक्ट्रॉन। Cl का परमाणु: 2, 8, 7 — सात बाह्य इलेक्ट्रॉन।

चरण-दर-चरण:

1. Na ने अपना 1 बाह्य इलेक्ट्रॉन छोड़ा: NaNa++eNa \rightarrow Na^+ + e^- अब Na⁺ का विन्यास: 2, 8 (नियॉन जैसा — स्थिर!)

2. Cl ने इसी 1 इलेक्ट्रॉन को ग्रहण किया: Cl+eClCl + e^- \rightarrow Cl^- अब Cl⁻ का विन्यास: 2, 8, 8 (आर्गन जैसा — स्थिर!)

3. Na⁺ और Cl⁻ — विपरीत आवेश से एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं: Na++ClNa+ClNa^+ + Cl^- \rightarrow Na^+Cl^-

दिखावट:

  • Na: चमकीला, मुलायम, क्रियाशील धातु।
  • Cl₂: पीली-हरी, विषाक्त गैस।
  • NaClNaCl: श्वेत, स्थिर ठोस — साधारण नमक!

यह आश्चर्य: दो खतरनाक तत्वों से — रोज़मर्रा का जीवन-यापक नमक!

2. मैग्नीशियम क्लोराइड (MgCl2MgCl_2)

अभिक्रिया:

Mg(s)+Cl2(g)MgCl2(s)Mg(s) + Cl_2(g) \rightarrow MgCl_2(s)

विवरण:

  • Mg (2,8,2) → Mg²⁺ (2,8) + 2e⁻
  • Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8) — दो Cl परमाणु चाहिए।

1 Mg ने 2 Cl को 1-1 इलेक्ट्रॉन दिए।

आयनिक संरचना: Mg²⁺ + 2 Cl⁻ → MgCl2MgCl_2

3. कैल्शियम ऑक्साइड (CaOCaO) — चूना

अभिक्रिया:

2Ca(s)+O2(g)2CaO(s)2Ca(s) + O_2(g) \rightarrow 2CaO(s)

विवरण:

  • Ca (2,8,8,2) → Ca²⁺ (2,8,8) + 2e⁻
  • O (2,6) + 2e⁻ → O²⁻ (2,8)

Ca के 2 इलेक्ट्रॉन — सीधे O को।

आयनिक संरचना: Ca²⁺ + O²⁻ → CaOCaO

यह 'चूना' (quicklime) — सीमेंट, चीनी-शोधन, जल-शोधन में उपयोगी।

4. एल्यूमिनियम ऑक्साइड (Al2O3Al_2O_3)

अभिक्रिया:

4Al(s)+3O2(g)2Al2O3(s)4Al(s) + 3O_2(g) \rightarrow 2Al_2O_3(s)

विवरण:

  • 2 Al — दो Al³⁺ बने (कुल 6e⁻ छोड़े)।
  • 3 O — तीन O²⁻ बने (कुल 6e⁻ ग्रहण किए)।

आयनिक संरचना: 2 Al³⁺ + 3 O²⁻ → Al2O3Al_2O_3

अनुपात संतुलन के लिए — गुणांक।

आयनिक बंध की प्रकृति

आयनिक बंध क्या है?

धातु और अधातु के बीच — विपरीत आयनों के विद्युत-स्थैतिक आकर्षण से बना बंध।

विद्युत-संयोजकता

धातु जितने इलेक्ट्रॉन देता है = उसकी विद्युत-धन-संयोजकता (Electrovalency)। अधातु जितने इलेक्ट्रॉन लेता है = उसकी विद्युत-ऋण-संयोजकता

आयनिक बंध की विशेषताएँ

1. इलेक्ट्रॉन का पूर्ण स्थानांतरण:

  • एक तरफ से पूरी तरह निकलकर, दूसरी ओर पूरी तरह जुड़ता।
  • कोई 'बीच' की स्थिति नहीं।

2. विपरीत आवेशों का आकर्षण:

  • कूलॉम का नियम: F=kq1q2r2F = \frac{kq_1q_2}{r^2}
  • अधिक आवेश = अधिक आकर्षण।

3. क्रिस्टलीय जाली निर्माण:

  • आयन एक-दूसरे को घेरकर त्रि-आयामी संरचना बनाते हैं।
  • 'क्रिस्टल लैटिस' कहलाता है।

NaCl की क्रिस्टल संरचना

Na⁺ के चारों ओर 6 Cl⁻ — और Cl⁻ के चारों ओर 6 Na⁺। यह 'फेस-सेंटर्ड क्यूबिक' (FCC) संरचना।

आयनिक यौगिकों के सूत्र

धातु का आवेश और अधातु का आवेश — क्रॉस गुणन से सूत्र मिलता है।

नियम: क्रॉस-डाउन (Cross-down) नियम।

उदाहरण:

  • Al³⁺ + O²⁻ → सूत्र: Al₂O₃ (3 ऊपर से 2 नीचे, 2 ऊपर से 3 नीचे)
  • Ca²⁺ + N³⁻ → सूत्र: Ca₃N₂
  • Mg²⁺ + Br⁻ → सूत्र: MgBr₂
  • Na⁺ + S²⁻ → सूत्र: Na₂S

सहसंयोजी बंध से तुलना

अधातु-अधातु — सहसंयोजी बंध (इलेक्ट्रॉन साझा)। धातु-धातु — धात्विक बंध (इलेक्ट्रॉन समुद्र)। धातु-अधातु — आयनिक बंध (इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण)।

ऑक्सीकरण और अपचयन — एक नज़र में

सिद्धांत

आयनिक यौगिक निर्माण = एक प्रकार की रेडॉक्स अभिक्रिया

ऑक्सीकरण (Oxidation): इलेक्ट्रॉन छोड़ना — धातु करता है। अपचयन (Reduction): इलेक्ट्रॉन लेना — अधातु करता है।

NaCl निर्माण में:

Na ने इलेक्ट्रॉन छोड़ा → Na का ऑक्सीकरण NaNa++eNa \rightarrow Na^+ + e^-

Cl ने इलेक्ट्रॉन लिया → Cl का अपचयन Cl+eClCl + e^- \rightarrow Cl^-

दोनों एक साथ — रेडॉक्स अभिक्रिया

MgO में:

Mg ने 2 इलेक्ट्रॉन छोड़े → ऑक्सीकरण। O ने 2 इलेक्ट्रॉन लिए → अपचयन।

Mg ऑक्सीकारक नहीं — अपचायक है (दूसरे को अपचयित करता है)। O ऑक्सीकारक है (दूसरे को ऑक्सीकृत करता है)।

धातुओं की एक मूल भूमिका

धातुएँ — प्रबल अपचायक अधातुएँ — प्रबल ऑक्सीकारक

एक छोटा गणित

आयनिक यौगिक में आवेश संतुलन:

  • कुल धन आवेश = कुल ऋण आवेश।

उदाहरण:

  • Al2O3Al_2O_3: 2 × (+3) = +6, और 3 × (-2) = -6 ✓
  • Mg3N2Mg_3N_2: 3 × (+2) = +6, और 2 × (-3) = -6 ✓
  • Na2SNa_2S: 2 × (+1) = +2, और 1 × (-2) = -2 ✓

सारांश तालिका

धातु आयन अधातु आयन सूत्र
Na⁺ Cl⁻ NaCl
Mg²⁺ Cl⁻ MgCl₂
Ca²⁺ O²⁻ CaO
Al³⁺ O²⁻ Al₂O₃
K⁺ F⁻ KF
Mg²⁺ N³⁻ Mg₃N₂
Al³⁺ S²⁻ Al₂S₃
Na⁺ O²⁻ Na₂O

[बोर्ड महत्वपूर्ण] सूत्र निर्माण और इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण — अनिवार्य!

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बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।

1. मूल सिद्धांत

स्थायित्व की चाह — पूर्ण बाह्य कोश (अष्टक)।

धातु → इलेक्ट्रॉन देता (cation, धन आयन)। अधातु → इलेक्ट्रॉन लेता (anion, ऋण आयन)। विपरीत आवेश आकर्षित → आयनिक बंध

2. महत्वपूर्ण आयन

धातु विन्यास आयन आवेश
Na 2,8,1 Na⁺ +1
Mg 2,8,2 Mg²⁺ +2
Al 2,8,3 Al³⁺ +3
Ca 2,8,8,2 Ca²⁺ +2
अधातु विन्यास आयन आवेश
Cl 2,8,7 Cl⁻ -1
O 2,6 O²⁻ -2
N 2,5 N³⁻ -3

3. मुख्य उदाहरण

NaCl:

  • Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) + e⁻
  • Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8)

MgCl₂:

  • Mg → Mg²⁺ + 2e⁻
  • 2Cl + 2e⁻ → 2Cl⁻

CaO:

  • Ca → Ca²⁺ + 2e⁻
  • O + 2e⁻ → O²⁻

4. क्रॉस गुणन — सूत्र निकालने का

उदाहरण: Al³⁺ + O²⁻

  • 3 ऊपर से 2 नीचे; 2 ऊपर से 3 नीचे
  • सूत्र: Al2O3Al_2O_3

5. रेडॉक्स की भूमिका

धातु = अपचायक (इलेक्ट्रॉन देता) अधातु = ऑक्सीकारक (इलेक्ट्रॉन लेता)

6. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न

  1. NaCl निर्माण — इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण।
  2. MgCl₂ का निर्माण — विस्तृत।
  3. आयनिक बंध क्या है?
  4. Al³⁺ और O²⁻ का सूत्र।
  5. Ca + Cl₂ की अभिक्रिया।

अंतिम सूत्र: धातु — दाता (donor); अधातु — ग्राही (receiver); विपरीत आकर्षण — आयनिक यौगिक।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — NaCl का निर्माण

सोडियम क्लोराइड (NaCl) का निर्माण इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा समझाएँ।

हल:

1. आरंभिक विन्यास:

  • Na: 2, 8, 1 (बाह्य कोश में 1 इलेक्ट्रॉन)
  • Cl: 2, 8, 7 (बाह्य कोश में 7 इलेक्ट्रॉन)

2. स्थायित्व की चाह:

  • Na: 1 इलेक्ट्रॉन अधिक — कठिन रखना। देना आसान।
  • Cl: 8 तक 1 कम। लेना आसान।

3. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:

Na ने अपना 1 बाह्य इलेक्ट्रॉन Cl को दिया।

Na(2,8,1)Na+(2,8)+eNa (2,8,1) \rightarrow Na^+ (2,8) + e^-

अब Na⁺ का विन्यास नियॉन की तरह — स्थिर!

Cl(2,8,7)+eCl(2,8,8)Cl (2,8,7) + e^- \rightarrow Cl^- (2,8,8)

अब Cl⁻ का विन्यास आर्गन की तरह — स्थिर!

4. आयनिक बंध:

Na⁺ और Cl⁻ विपरीत आवेश से एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।

Na++ClNa+ClNa^+ + Cl^- \rightarrow Na^+Cl^-

5. कुल अभिक्रिया:

2Na(s)+Cl2(g)2NaCl(s)2Na(s) + Cl_2(g) \rightarrow 2NaCl(s)

विशेष:

  • सिल्वर-धात्विक Na + पीली-हरी Cl₂ गैस।
  • → श्वेत NaCl ठोस — रोज़मर्रा का नमक।
  • ऊष्मा निकलती है (ऊष्माक्षेपी)।

[NCERT पाठ्यपुस्तक — हर साल बोर्ड में]

उदाहरण 2: NCERT — MgCl₂ का निर्माण

मैग्नीशियम क्लोराइड (MgCl₂) का निर्माण समझाएँ।

हल:

1. विन्यास:

  • Mg: 2, 8, 2 (बाह्य कोश में 2 इलेक्ट्रॉन)
  • Cl: 2, 8, 7 (बाह्य कोश में 7 इलेक्ट्रॉन)

2. आवश्यकताएँ:

  • Mg: 2 इलेक्ट्रॉन देने हैं।
  • Cl: 1 इलेक्ट्रॉन लेना है।

3. अनुपात: 1 Mg → 2 Cl (Mg के 2 इलेक्ट्रॉन — दो Cl को 1-1)

4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:

Mg(2,8,2)Mg2+(2,8)+2eMg (2,8,2) \rightarrow Mg^{2+} (2,8) + 2e^-

Mg²⁺ — नियॉन जैसा।

2×[Cl(2,8,7)+eCl(2,8,8)]2 \times [Cl (2,8,7) + e^- \rightarrow Cl^- (2,8,8)]

प्रत्येक Cl⁻ — आर्गन जैसा।

5. आयनिक बंध:

Mg²⁺ और 2 Cl⁻ → MgCl₂

6. कुल अभिक्रिया:

Mg(s)+Cl2(g)MgCl2(s)Mg(s) + Cl_2(g) \rightarrow MgCl_2(s)

विशेष:

  • MgCl₂ — श्वेत क्रिस्टलीय ठोस।
  • जल में अति-विलेय।
  • समुद्री जल में पाया जाता है।
  • एप्सम साल्ट के पास का यौगिक।
  • तरल बैटरी में उपयोगी।

विद्युत-संयोजकता

Mg की धन-संयोजकता = 2 Cl की ऋण-संयोजकता = 1

[NCERT — महत्वपूर्ण]

उदाहरण 3: NCERT — CaO का निर्माण

कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) का इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा निर्माण समझाएँ।

हल:

1. विन्यास:

  • Ca: 2, 8, 8, 2
  • O: 2, 6

2. आवश्यकताएँ:

  • Ca: 2 इलेक्ट्रॉन देने हैं (अष्टक के लिए)।
  • O: 2 इलेक्ट्रॉन लेने हैं (अष्टक के लिए)।

3. अनुपात: 1 Ca ↔ 1 O (Ca के 2 → सीधे O को)

4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:

Ca(2,8,8,2)Ca2+(2,8,8)+2eCa (2,8,8,2) \rightarrow Ca^{2+} (2,8,8) + 2e^-

Ca²⁺ — आर्गन जैसा।

O(2,6)+2eO2(2,8)O (2,6) + 2e^- \rightarrow O^{2-} (2,8)

O²⁻ — नियॉन जैसा।

5. आयनिक बंध:

Ca²⁺ और O²⁻ → CaO

6. अभिक्रिया:

2Ca(s)+O2(g)2CaO(s)2Ca(s) + O_2(g) \rightarrow 2CaO(s)

विशेष:

  • CaO = बुझा हुआ चूना नहीं! वह Ca(OH)2Ca(OH)_2 है।
  • CaO = अनबुझा चूना (quicklime)।
  • श्वेत, ठोस।
  • जल से तीव्र अभिक्रिया (ऊष्मा): CaO+H2OCa(OH)2+ऊष्माCaO + H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + \text{ऊष्मा}

व्यावहारिक उपयोग

  • सीमेंट निर्माण।
  • चीनी शोधन।
  • जल की कठोरता दूर करने।
  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने (अम्लीय मिट्टी में)।

[NCERT पाठ्यपुस्तक]

उदाहरण 4: NCERT — Al₂O₃ का निर्माण

एल्यूमिनियम ऑक्साइड का निर्माण और सूत्र निकालें।

हल:

1. विन्यास:

  • Al: 2, 8, 3
  • O: 2, 6

2. आवश्यकताएँ:

  • Al: 3 इलेक्ट्रॉन देने हैं।
  • O: 2 इलेक्ट्रॉन लेने हैं।

3. अनुपात निकालने के लिए — LCM:

3 और 2 का LCM = 6।

यानी कुल 6 इलेक्ट्रॉन का आदान-प्रदान।

2 Al × 3e⁻ = 6e⁻ देंगे। 3 O × 2e⁻ = 6e⁻ लेंगे।

4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:

2×[AlAl3++3e]2 \times [Al \rightarrow Al^{3+} + 3e^-]

यानी 2 Al → 2 Al³⁺ + 6e⁻

3×[O+2eO2]3 \times [O + 2e^- \rightarrow O^{2-}]

यानी 3 O + 6e⁻ → 3 O²⁻

5. आयनिक यौगिक:

2 Al³⁺ + 3 O²⁻ → Al₂O₃

6. क्रॉस-गुणन (शॉर्टकट):

Al3+crossO2Al2O3\text{Al}^{3+} \xrightarrow{\text{cross}} \text{O}^{2-} \Rightarrow Al_2O_3

(3 के नीचे O, 2 के नीचे Al)

7. कुल अभिक्रिया:

4Al+3O22Al2O34Al + 3O_2 \rightarrow 2Al_2O_3

विशेष:

  • Al2O3Al_2O_3 = एल्यूमिना
  • पारदर्शी ठोस।
  • उच्च गलनांक (~2050°C)।
  • रत्नों में: माणिक्य (Cr-दूषित), नीलमणि (Fe/Ti-दूषित)।

[बोर्ड में 3-5 अंक]

उदाहरण 5: एक रोचक — Na₂O का निर्माण

सोडियम और ऑक्सीजन से Na₂O का निर्माण समझाएँ।

हल:

1. विन्यास:

  • Na: 2, 8, 1
  • O: 2, 6

2. आवश्यकताएँ:

  • Na: 1 इलेक्ट्रॉन देगा।
  • O: 2 इलेक्ट्रॉन लेगा।

3. अनुपात: 2 Na : 1 O (2 Na ने 2 इलेक्ट्रॉन दिए, 1 O ने 2 लिए)

4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:

2 Na (2,8,1) → 2 Na⁺ (2,8) + 2e⁻

O (2,6) + 2e⁻ → O²⁻ (2,8)

5. यौगिक:

2Na++O2Na2O2Na^+ + O^{2-} \rightarrow Na_2O

6. कुल अभिक्रिया:

4Na(s)+O2(g)2Na2O(s)4Na(s) + O_2(g) \rightarrow 2Na_2O(s)

विशेष:

  • Na₂O — श्वेत ठोस।
  • जल से तीव्र — NaOH बनाता: Na2O+H2O2NaOHNa_2O + H_2O \rightarrow 2NaOH
  • अति-क्षारकीय।
  • Na को वायु में रखने पर — पहले Na₂O बनता है, फिर NaOH (नमी से)।

'क्यों Na को केरोसिन में रखा जाता?' का उत्तर:

  • क्योंकि Na वायु के O₂ और नमी से Na₂O और NaOH बना देता है।
  • केरोसिन Na को इन दोनों से बचाता है।

[बोर्ड में 3-अंक]

उदाहरण 6: Mg₃N₂ का निर्माण

मैग्नीशियम नाइट्राइड का निर्माण समझाएँ।

हल:

1. विन्यास:

  • Mg: 2, 8, 2
  • N: 2, 5

2. आवश्यकताएँ:

  • Mg: 2 इलेक्ट्रॉन देगा।
  • N: 3 इलेक्ट्रॉन लेगा।

3. अनुपात:

2 और 3 का LCM = 6।

3 Mg × 2 = 6e⁻ देंगे। 2 N × 3 = 6e⁻ लेंगे।

अनुपात: 3 Mg : 2 N

4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:

3 Mg → 3 Mg²⁺ + 6e⁻

2 N + 6e⁻ → 2 N³⁻

5. यौगिक:

3Mg2++2N3Mg3N23Mg^{2+} + 2N^{3-} \rightarrow Mg_3N_2

6. क्रॉस-गुणन से:

Mg2+crossN3Mg3N2\text{Mg}^{2+} \xrightarrow{\text{cross}} \text{N}^{3-} \Rightarrow Mg_3N_2

7. कुल अभिक्रिया:

3Mg(s)+N2(g)Mg3N2(s)3Mg(s) + N_2(g) \rightarrow Mg_3N_2(s)

विशेष:

  • Mg₃N₂ — हरा-पीला ठोस।
  • Mg को वायु में जलाने पर — कुछ Mg, N₂ से क्रिया कर के Mg₃N₂ देता है।
  • जल से क्रिया कर Mg(OH)₂ + NH₃ देता है: Mg3N2+6H2O3Mg(OH)2+2NH3Mg_3N_2 + 6H_2O \rightarrow 3Mg(OH)_2 + 2NH_3\uparrow

विशेष टिप्पणी: Mg वायु में जलाने पर — मुख्यतः MgO (श्वेत), लेकिन कुछ Mg₃N₂ (पीला)। यदि अवशेष पीला-हरा दिखे — N₂ के साथ क्रिया हुई।

[बोर्ड में 3-अंक]

उदाहरण 7: NCERT — सूत्र निकालें

निम्न के सूत्र निकालें (आयनों के आवेश दिए गए हैं):

(a) सोडियम सल्फाइड (Na⁺, S²⁻) (b) पोटैशियम ऑक्साइड (K⁺, O²⁻) (c) कैल्शियम क्लोराइड (Ca²⁺, Cl⁻) (d) एल्यूमिनियम सल्फाइड (Al³⁺, S²⁻) (e) आयरन (III) क्लोराइड (Fe³⁺, Cl⁻)

हल:

सिद्धांत: क्रॉस गुणन — आयन के आवेश को विपरीत आयन का सबस्क्रिप्ट बनाएँ।

(a) Na⁺ और S²⁻

1 ऊपर, 2 ऊपर → क्रॉस

Na2SNa_2S

जाँच: 2 × (+1) + 1 × (-2) = 0 ✓

(b) K⁺ और O²⁻

K2OK_2O

जाँच: 2 × (+1) + 1 × (-2) = 0 ✓

(c) Ca²⁺ और Cl⁻

CaCl2CaCl_2

जाँच: 1 × (+2) + 2 × (-1) = 0 ✓

(d) Al³⁺ और S²⁻

3 और 2 — सीधे क्रॉस।

Al2S3Al_2S_3

जाँच: 2 × (+3) + 3 × (-2) = 0 ✓

(e) Fe³⁺ और Cl⁻

FeCl3FeCl_3

जाँच: 1 × (+3) + 3 × (-1) = 0 ✓

सारांश तालिका

यौगिक आयन सूत्र
Na sulphide Na⁺, S²⁻ Na2SNa_2S
K oxide K⁺, O²⁻ K2OK_2O
Ca chloride Ca²⁺, Cl⁻ CaCl2CaCl_2
Al sulphide Al³⁺, S²⁻ Al2S3Al_2S_3
Fe(III) chloride Fe³⁺, Cl⁻ FeCl3FeCl_3

सीख: आवेश का LCM निकाले बिना — सिर्फ क्रॉस से सूत्र मिलता है।

[NCERT पाठ्यपुस्तक — मूलभूत]

उदाहरण 8: NCERT — रेडॉक्स की पहचान

निम्न अभिक्रियाओं में, ऑक्सीकरण और अपचयन की पहचान करें:

(a) 2Na+Cl22NaCl2Na + Cl_2 \rightarrow 2NaCl (b) 2Mg+O22MgO2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO (c) 4Al+3O22Al2O34Al + 3O_2 \rightarrow 2Al_2O_3

हल:

मूल नियम:

  • इलेक्ट्रॉन छोड़ना = ऑक्सीकरण।
  • इलेक्ट्रॉन लेना = अपचयन।

(a) 2Na + Cl₂ → 2NaCl

Na का परिवर्तन: Na → Na⁺ + e⁻ ऑक्सीकरण की संख्या: 0 → +1 Na का ऑक्सीकरण हुआ। Na — अपचायक है (दूसरे को अपचयित किया)।

Cl का परिवर्तन: Cl + e⁻ → Cl⁻ ऑक्सीकरण की संख्या: 0 → -1 Cl का अपचयन हुआ। Cl — ऑक्सीकारक है।

(b) 2Mg + O₂ → 2MgO

Mg → Mg²⁺ + 2e⁻ → ऑक्सीकरण। Mg — अपचायक।

O + 2e⁻ → O²⁻ → अपचयन। O₂ — ऑक्सीकारक।

(c) 4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃

Al → Al³⁺ + 3e⁻ → ऑक्सीकरण। Al — अपचायक।

O + 2e⁻ → O²⁻ → अपचयन। O₂ — ऑक्सीकारक।

सामान्य पैटर्न

आयनिक यौगिक निर्माण = रेडॉक्स अभिक्रिया

हमेशा:

  • धातु → ऑक्सीकरण (इलेक्ट्रॉन देता)
  • अधातु → अपचयन (इलेक्ट्रॉन लेता)
  • धातु = अपचायक
  • अधातु = ऑक्सीकारक

याद रखें: OIL RIG

  • O = Oxidation
  • I = Is
  • L = Loss (इलेक्ट्रॉन की हानि)
  • R = Reduction
  • I = Is
  • G = Gain (इलेक्ट्रॉन का लाभ)

[बोर्ड में 5-अंक]

उदाहरण 9: NCERT — आयनिक बंध की पहचान

निम्न में आयनिक बंध को पहचानें:

(a) H2OH_2O (b) NaClNaCl (c) CO2CO_2 (d) MgOMgO (e) CH4CH_4 (f) K2SK_2S

हल:

नियम: आयनिक बंध = धातु + अधातु। सहसंयोजी बंध = अधातु + अधातु।

विश्लेषण

(a) H2OH_2O — H + O दोनों अधातु → सहसंयोजी।

(b) NaClNaCl — Na (धातु) + Cl (अधातु) ✓ आयनिक!

(c) CO2CO_2 — C + O दोनों अधातु → सहसंयोजी।

(d) MgOMgO — Mg (धातु) + O (अधातु) ✓ आयनिक!

(e) CH4CH_4 — C + H दोनों अधातु → सहसंयोजी।

(f) K2SK_2S — K (धातु) + S (अधातु) ✓ आयनिक!

सारांश

यौगिक प्रकार
H2OH_2O सहसंयोजी
NaCl आयनिक
CO2CO_2 सहसंयोजी
MgO आयनिक
CH4CH_4 सहसंयोजी
K₂S आयनिक

अंतर्दृष्टि

आवर्त सारणी में:

  • वाम भाग के तत्व (धातुएँ): Na, K, Mg, Ca, Al आदि
  • दायाँ भाग (अधातुएँ): O, N, F, Cl, S आदि
  • जब बायें का तत्व + दायें का तत्व → आयनिक।
  • जब दायें का दायें से + दायें → सहसंयोजी।

[NCERT पाठ्यपुस्तक]

उदाहरण 10: एक रोचक — Mg और S

मैग्नीशियम सल्फाइड का निर्माण। सूत्र क्या होगा? कैसे बनेगा?

हल:

1. विन्यास:

  • Mg: 2, 8, 2
  • S: 2, 8, 6

2. आवश्यकताएँ:

  • Mg: 2 इलेक्ट्रॉन देगा (अष्टक के लिए)।
  • S: 2 इलेक्ट्रॉन लेगा (अष्टक के लिए)।

3. अनुपात: 1 Mg : 1 S (Mg के 2 → सीधे S को)

4. इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण:

Mg(2,8,2)Mg2+(2,8)+2eMg (2,8,2) \rightarrow Mg^{2+} (2,8) + 2e^-

S(2,8,6)+2eS2(2,8,8)S (2,8,6) + 2e^- \rightarrow S^{2-} (2,8,8)

5. आयनिक यौगिक:

Mg2++S2MgSMg^{2+} + S^{2-} \rightarrow MgS

दोनों के आवेश समान (2) — इसलिए 1:1।

6. कुल अभिक्रिया:

Mg(s)+S(s)ΔMgS(s)Mg(s) + S(s) \xrightarrow{\Delta} MgS(s)

विशेष:

  • MgSMgS — गुलाबी-भूरा ठोस।
  • जल से क्रिया कर के Mg(OH)₂ + H₂S गैस: MgS+2H2OMg(OH)2+H2SMgS + 2H_2O \rightarrow Mg(OH)_2 + H_2S\uparrow

(H₂S — सड़े अंडे की गंध।)

तुलना

Mg और O से MgO — आवेश 2:2 → 1:1 → MgO Mg और S से MgS — आवेश 2:2 → 1:1 → MgS Mg और Cl से MgCl₂ — आवेश 2:1 → 1:2 → MgCl₂ Mg और N से Mg₃N₂ — आवेश 2:3 → 3:2 → Mg₃N₂

सीख

आवेश का LCM ही अनुपात तय करता है।

[बोर्ड में 3-अंक]

उदाहरण 11: एक संख्यात्मक — कितने आयन?

5.85 g NaClNaCl में कितने Na⁺ और Cl⁻ आयन हैं? (Na=23, Cl=35.5)

हल:

अणुभार NaClNaCl = 23 + 35.5 = 58.5 g/mol

मोल की संख्या: n=5.8558.5=0.1 moln = \frac{5.85}{58.5} = 0.1 \text{ mol}

आयनों की संख्या:

1 NaCl में: 1 Na⁺ + 1 Cl⁻

1 mol NaCl में: 6.022×10236.022 \times 10^{23} Na⁺ + 6.022×10236.022 \times 10^{23} Cl⁻

0.1 mol में:

Na⁺ की संख्या: 0.1×6.022×1023=6.022×10220.1 \times 6.022 \times 10^{23} = 6.022 \times 10^{22}

Cl⁻ की संख्या: 0.1×6.022×1023=6.022×10220.1 \times 6.022 \times 10^{23} = 6.022 \times 10^{22}

कुल आयन: 2×6.022×1022=1.2×10232 \times 6.022 \times 10^{22} = 1.2 \times 10^{23}

उत्तर:

  • Na⁺ आयन: 6.022×10226.022 \times 10^{22}
  • Cl⁻ आयन: 6.022×10226.022 \times 10^{22}

सीख: आयनिक यौगिकों में — एकल अणु नहीं — आयनों की जाली। पर मोल की गणना सूत्र-इकाई से।

अतिरिक्त — आयतन

यदि NaCl को पानी में घोलें (0.1 mol × 6.022 × 10²³ आयन प्रति L यानी ~0.6 × 10²³ प्रति L):

यह विद्युत-चालक होगा — आयनिक यौगिक होने के कारण।

[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]

उदाहरण 12: एक तुलना — आयनिक बनाम सहसंयोजी

NaClNaCl और CCl4CCl_4 — दोनों में Cl है। पर एक आयनिक, दूसरा सहसंयोजी। क्यों?

हल:

NaCl — आयनिक

तत्व: Na (धातु) + Cl (अधातु)

विद्युत-ऋणात्मकता:

  • Na: 0.93 (कम)
  • Cl: 3.16 (अधिक)
  • अंतर: 2.23 (बहुत अधिक!)

अंतर 1.7 से अधिक → आयनिक

इलेक्ट्रॉन का व्यवहार:

  • Cl, Na से इलेक्ट्रॉन छीन लेता है
  • पूर्ण स्थानांतरण।
  • Na⁺ Cl⁻ बनते हैं।

CCl₄ — सहसंयोजी

तत्व: C (अधातु) + Cl (अधातु)

विद्युत-ऋणात्मकता:

  • C: 2.55
  • Cl: 3.16
  • अंतर: 0.61 (कम!)

अंतर 0.5-1.7 → ध्रुवीय सहसंयोजी, यहाँ हल्का सहसंयोजी।

इलेक्ट्रॉन का व्यवहार:

  • C और Cl, इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं।
  • पूर्ण स्थानांतरण नहीं।
  • आयन नहीं बनते।

तुलनात्मक तालिका

गुण NaCl (आयनिक) CCl₄ (सहसंयोजी)
बंध प्रकार आयनिक सहसंयोजी
गलनांक उच्च (801°C) कम (-23°C)
क्वथनांक 1465°C 77°C
जल में विलेयता विलेय अविलेय
विद्युत चालकता (पिघले/विलेय) हाँ नहीं
संरचना क्रिस्टल जाली अलग-अलग अणु

मूल अंतर

आयनिक: पूर्ण स्थानांतरण → आयन। सहसंयोजी: साझा → अणु।

[बोर्ड में 5-अंक तुलनात्मक]

उदाहरण 13: NCERT — एक मिश्र प्रश्न

निम्न प्रश्नों के उत्तर दें:

(a) Na और Mg में कौन अधिक आसानी से इलेक्ट्रॉन देता है? (b) F और Cl में कौन अधिक आसानी से इलेक्ट्रॉन लेता है? (c) NaCl और MgO में कौन अधिक स्थिर है?

हल:

(a) Na और Mg में कौन?

विन्यास:

  • Na: 2, 8, 1 (1 इलेक्ट्रॉन)
  • Mg: 2, 8, 2 (2 इलेक्ट्रॉन)

तर्क:

  • Na को 1 इलेक्ट्रॉन देना है → आसान।
  • Mg को 2 इलेक्ट्रॉन देने हैं → कठिन (दूसरा अधिक मेहनत से)।

उत्तर: Na अधिक आसानी से इलेक्ट्रॉन देता है।

यानी Na, Mg से अधिक क्रियाशील है।

(b) F और Cl में कौन?

विन्यास:

  • F: 2, 7 (बाह्य कोश में 1 खाली स्थान)
  • Cl: 2, 8, 7 (बाह्य कोश में 1 खाली स्थान)

तर्क:

  • F का बाह्य कोश परमाणु के बहुत पास।
  • Cl का बाह्य कोश दूर (तीसरा कोश)।
  • F का नाभिक — आने वाले इलेक्ट्रॉन को अधिक प्रबलता से खींचता

उत्तर: F अधिक आसानी से इलेक्ट्रॉन लेता है।

यानी F, Cl से अधिक क्रियाशील अधातु है।

(c) NaCl और MgO में कौन अधिक स्थिर?

तुलना:

  • NaCl: Na⁺ (+1) और Cl⁻ (-1) — आकर्षण अपेक्षाकृत कम।
  • MgO: Mg²⁺ (+2) और O²⁻ (-2) — आकर्षण 4 गुना अधिक

कूलॉम का नियम: F=kq1q2r2F = \frac{kq_1q_2}{r^2}

  • आवेश गुणनफल अधिक → आकर्षण अधिक।

उत्तर: MgO अधिक स्थिर है।

सबूत:

  • NaCl का गलनांक: 801°C
  • MgO का गलनांक: 2852°C MgO का गलनांक बहुत अधिक — अधिक स्थिर बंध।

[NCERT — संयुक्त प्रश्न]

उदाहरण 14: एक चुनौती — आवेश और सूत्र

निम्न आयनिक यौगिकों के सूत्र निकालें:

(a) सोडियम नाइट्राइड (Na⁺, N³⁻) (b) कैल्शियम फॉस्फेट (Ca²⁺, PO₄³⁻) (c) अमोनियम सल्फेट (NH₄⁺, SO₄²⁻) (d) एल्यूमिनियम कार्बोनेट (Al³⁺, CO₃²⁻)

हल:

(a) Na⁺ और N³⁻

क्रॉस: 1 ↔ 3

Na3NNa_3N

जाँच: 3 × (+1) + 1 × (-3) = 0 ✓

(b) Ca²⁺ और PO₄³⁻

क्रॉस: 2 ↔ 3

ध्यान: PO₄³⁻ — एक 'पॉलीआटोमिक' (बहुपरमाणुक) आयन। बहुसंख्यक हो तो ब्रैकेट में।

Ca3(PO4)2Ca_3(PO_4)_2

जाँच: 3 × (+2) + 2 × (-3) = 0 ✓

(c) NH₄⁺ और SO₄²⁻

क्रॉस: 1 ↔ 2

दोनों ही पॉलीआटोमिक — दोनों ब्रैकेट में।

(NH4)2SO4(NH_4)_2 SO_4

जाँच: 2 × (+1) + 1 × (-2) = 0 ✓

(d) Al³⁺ और CO₃²⁻

क्रॉस: 3 ↔ 2

CO₃²⁻ बहुसंख्यक — ब्रैकेट में।

Al2(CO3)3Al_2(CO_3)_3

जाँच: 2 × (+3) + 3 × (-2) = 0 ✓

सीख

नियम:

  1. क्रॉस-गुणन से सूत्र।
  2. पॉलीआटोमिक आयन यदि एक से अधिक — ब्रैकेट में।
  3. आयन का सबस्क्रिप्ट = विपरीत आयन का आवेश।

अन्य महत्वपूर्ण पॉलीआटोमिक आयन

आयन आवेश
OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) -1
NO₃⁻ (नाइट्रेट) -1
HCO₃⁻ (बाइकार्बोनेट) -1
CO₃²⁻ (कार्बोनेट) -2
SO₄²⁻ (सल्फेट) -2
PO₄³⁻ (फॉस्फेट) -3
NH₄⁺ (अमोनियम) +1

[बोर्ड में 5-अंक]

उदाहरण 15: एक रोचक — Cl₂ और H₂ का उदाहरण

क्या Cl2Cl_2 अधातु और H2H_2 अधातु — मिलकर आयनिक यौगिक बनाते हैं?

हल:

अभिक्रिया:

H2+Cl22HClH_2 + Cl_2 \rightarrow 2HCl

उत्तर: नहीं! HCl सहसंयोजी है — आयनिक नहीं।

क्यों?

नियम: आयनिक बंध = धातु + अधातु। यहाँ — दोनों अधातु → सहसंयोजी।

इलेक्ट्रॉन का व्यवहार

HCl में:

  • H और Cl, इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं।
  • कोई पूर्ण स्थानांतरण नहीं।
  • अतः ध्रुवीय सहसंयोजी बंध।

हालाँकि — Cl, H से अधिक विद्युत-ऋणात्मक — अतः साझा इलेक्ट्रॉन Cl की ओर खिंचा रहता है। HCl एक ध्रुवीय अणु है।

एक दिलचस्प तथ्य

HCl गैस अवस्था में — सहसंयोजी। HCl जल में डालने पर — आयनित होता है:

HCl+H2OH3O++ClHCl + H_2O \rightarrow H_3O^+ + Cl^-

यानी जल में H⁺ (H₃O⁺) और Cl⁻ बनते हैं। तब यह आयनिक व्यवहार दिखाता है।

यही कारण कि — गैसीय HCl विद्युत-चालक नहीं, परंतु जलीय HCl (तनु अम्ल) विद्युत-चालक।

तुलना

गुण NaCl (आयनिक) HCl (सहसंयोजी)
बंध आयनिक सहसंयोजी (ध्रुवीय)
अवस्था ठोस गैस
गलनांक 801°C -114°C
जल में आयनित आयनित (अम्ल बनता)
शुद्ध रूप में चालकता नहीं नहीं
जल में चालकता हाँ हाँ (आयनित होने पर)

सीख: दो अधातु → हमेशा सहसंयोजी। पर जल में आयनिक हो सकते हैं।

[बोर्ड में 5-अंक]

उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न

(a) आयनिक बंध और सहसंयोजी बंध में अंतर। (b) NaCl, MgO, Al₂O₃ — इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण। (c) क्यों Mg2+Mg^{2+} का आवेश +2 ही है, +1 नहीं? (d) पॉलीआटोमिक आयन — 3 उदाहरण।

हल:

(a) आयनिक vs सहसंयोजी

गुण आयनिक सहसंयोजी
इलेक्ट्रॉन पूर्ण स्थानांतरण साझा
तत्व धातु + अधातु अधातु + अधातु
उदाहरण NaCl, MgO H₂O, CO₂
गलनांक उच्च कम
विद्युत चालकता जल में/पिघलने पर हाँ नहीं

(b) तीनों के निर्माण

NaCl:

  • Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) + e⁻
  • Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8)

MgO:

  • Mg (2,8,2) → Mg²⁺ (2,8) + 2e⁻
  • O (2,6) + 2e⁻ → O²⁻ (2,8)

Al₂O₃:

  • 2 Al (2,8,3) → 2 Al³⁺ (2,8) + 6e⁻
  • 3 O (2,6) + 6e⁻ → 3 O²⁻ (2,8)

(c) Mg²⁺ ही क्यों?

विन्यास: Mg = 2, 8, 2

यदि Mg, 1 इलेक्ट्रॉन छोड़े → Mg⁺ (2,8,1) — असंतुलित। यदि Mg, 2 इलेक्ट्रॉन छोड़े → Mg²⁺ (2,8) — नियॉन जैसा स्थिर

प्रकृति 'पूर्ण' अष्टक चाहती है। Mg²⁺ अधिक स्थिर — इसलिए यही बनता है।

(d) पॉलीआटोमिक आयन

1. हाइड्रॉक्साइड: OHOH^-

  • 1 O + 1 H, कुल आवेश -1
  • NaOH, KOH में।

2. नाइट्रेट: NO3NO_3^-

  • 1 N + 3 O, कुल आवेश -1
  • KNO₃, AgNO₃ में।

3. कार्बोनेट: CO32CO_3^{2-}

  • 1 C + 3 O, कुल आवेश -2
  • CaCO₃, Na₂CO₃ में।

अन्य:

  • SO42SO_4^{2-} (सल्फेट)
  • PO43PO_4^{3-} (फॉस्फेट)
  • NH4+NH_4^+ (अमोनियम — एक धन-आयन)

[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]