अध्याय 3 के व्यापक हल किए गए उदाहरण
30+ बोर्ड-केंद्रित उदाहरण — सब विषयों को कवर करते हुए।
उदाहरण 1: NCERT — धातु और अधातु में अंतर
धातु और अधातु में 5 मुख्य भौतिक अंतर बताएँ।
हल:
| गुण | धातु | अधातु |
|---|---|---|
| भौतिक अवस्था | प्रायः ठोस | सब अवस्थाओं में |
| चमक | हाँ (धात्विक) | प्रायः नहीं |
| आघातवर्धनीयता | हाँ | नहीं (भंगुर) |
| तन्यता | हाँ | नहीं |
| विद्युत/ऊष्मा चालकता | अच्छी | खराब (कुछ अपवाद) |
| ध्वनि (Sonority) | हाँ | नहीं |
अपवाद:
- Hg — द्रव धातु।
- Br — द्रव अधातु।
- आयोडीन — चमकदार अधातु।
- ग्रेफाइट — विद्युत-चालक अधातु।
[NCERT — मूलभूत प्रश्न]
उदाहरण 2: NCERT — मैग्नीशियम का दहन
Mg को वायु में जलाने पर क्या होता है? रासायनिक अभिक्रिया, ऑक्साइड की प्रकृति, और सावधानियाँ।
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- चमकदार श्वेत ज्वाला।
- श्वेत MgO चूर्ण।
- अति-तेज़ ऊष्मा।
MgO की प्रकृति:
- क्षारकीय।
- ।
- क्षार बनाता।
सावधानियाँ:
- सुरक्षा-चश्मा (आँखों को बचाने)।
- दूर से देखें।
- अग्नि-शामक तैयार।
उपयोग: फ़्लैश-बल्ब, आतिशबाज़ी, सिग्नल फ़्लेयर्स।
[NCERT — हर साल]
उदाहरण 3: NCERT — Na का जल से अभिक्रिया
Na का जल से अभिक्रिया लिखें। यह क्यों खतरनाक? Na को कैसे संरक्षित करते?
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- Na तैरता (कम घनत्व)।
- तेज़ बुलबुले (H₂)।
- पीली ज्वाला (कभी-कभी)।
- विस्फोटक संभव।
खतरनाक क्यों?
- अति-ऊष्माक्षेपी।
- H₂ तुरंत आग पकड़ता।
- NaOH भी संक्षारक।
संरक्षण: केरोसिन में। केरोसिन — Na को O₂ और H₂O से बचाता।
[NCERT — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 4: NCERT — Al पर सुरक्षा परत
Al की वस्तुएँ क्यों लंबे समय तक चमकदार रहती हैं?
हल:
सिद्धांत: की सुरक्षा परत।
तंत्र:
Al पर पतली, सघन परत — अंदर के Al को आगे संक्षारण से बचाती।
विशेषताएँ:
- पतली (कुछ माइक्रोमीटर)।
- सघन, छिद्र-रहित।
- पारदर्शी (Al चमक दिखती)।
- अति-कठोर।
Fe जंग से अंतर: Fe₂O₃ ढीला, छिद्रपूर्ण → आगे का Fe भी जंग। Al₂O₃ सघन → आगे O₂ नहीं घुसती।
एनोडाइज़िंग — और मोटी परत बनाने की प्रक्रिया।
[बोर्ड में 3-अंक]
उदाहरण 5: NCERT — उभयधर्मी ऑक्साइड
उभयधर्मी ऑक्साइड क्या? दो उदाहरण और अभिक्रियाएँ।
हल:
परिभाषा: अम्ल और क्षारक — दोनों से क्रिया करने वाले धात्विक ऑक्साइड।
मुख्य उदाहरण: ,
Al₂O₃:
अम्ल से (क्षारक की तरह):
क्षारक से (अम्ल की तरह): (सोडियम एल्यूमिनेट)
ZnO:
अम्ल से:
क्षारक से:
[बोर्ड में 5-अंक]
उदाहरण 6: NCERT — लोहा और भाप
की भाप से अभिक्रिया लिखें। सामान्य ताप पर क्यों नहीं?
हल:
भाप से:
उत्पाद: Fe₃O₄ (काला), H₂।
सामान्य ताप पर क्यों नहीं?
- Fe मध्यम क्रियाशील।
- ठंडे/गर्म जल — पर्याप्त ऊर्जा नहीं।
- भाप = अधिक ताप, अधिक ऊर्जा।
- अब अभिक्रिया।
अन्य भाप अभिक्रियाएँ:
[बोर्ड में 3-अंक]
उदाहरण 7: NCERT — Zn + तनु अम्ल
Zn + तनु से अभिक्रिया, प्रेक्षण, और H₂ की पुष्टि।
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- तेज़ बुलबुले (H₂)।
- Zn घुलता।
- ZnSO₄ रंगहीन।
- परखनली गर्म (ऊष्माक्षेपी)।
H₂ की पुष्टि: 'पॉप' टेस्ट:
- गैस को परखनली में।
- जलती तीली पास।
- 'पॉप' की आवाज़ → H₂।
अभिक्रिया: ।
[NCERT — हर साल]
उदाहरण 8: NCERT — Cu और तनु
Cu, तनु से क्यों क्रिया नहीं करता?
हल:
उत्तर: Cu — H से नीचे (क्रियाशीलता श्रेणी में)।
श्रेणी:
नियम: H से ऊपर की धातुएँ ही निकालतीं।
Cu, H से नीचे → कोई अभिक्रिया।
अपवाद — सान्द्र अम्ल:
यह विस्थापन नहीं — रेडॉक्स।
व्यावहारिक: Cu के बर्तन में अम्लीय खाद्य रख सकते हैं — सीधी क्रिया नहीं।
[NCERT — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 9: NCERT — Zn + CuSO₄ (विस्थापन)
अभिक्रिया लिखें। प्रेक्षण और सिद्धांत।
हल:
अभिक्रिया:
प्रेक्षण:
- नीला CuSO₄ → रंगहीन ZnSO₄।
- Zn पट्टी पर लाल-भूरी Cu परत।
- Zn धीरे-धीरे घुलता।
सिद्धांत: क्रियाशीलता: Zn > Cu। Zn ने Cu को विस्थापित।
विपरीत प्रयोग: Cu + ZnSO₄ → कोई अभिक्रिया। (क्योंकि Cu, Zn से कम क्रियाशील।)
विद्युत-रासायनिक:
- (ऑक्सीकरण)
- (अपचयन)
[बोर्ड — हर साल]
उदाहरण 10: NCERT — क्रियाशीलता श्रेणी
पूरी क्रियाशीलता श्रेणी लिखें। प्रत्येक श्रेणी की 2 विशेषताएँ।
हल:
पूरी श्रेणी (अधिक से कम):
तीन श्रेणियाँ:
1. उच्च (K से Mg/Al):
- ठंडे जल से क्रिया।
- अम्ल से विस्फोटक।
- विद्युत-अपघटन से निष्कर्षण।
2. मध्यम (Zn से Pb):
- भाप से क्रिया।
- तनु अम्ल से अभिक्रिया।
- कार्बन से अपचयन।
3. निम्न (Cu से Au):
- जल/अम्ल से कोई क्रिया नहीं।
- सीधे गर्म करके निष्कर्षण।
- मुक्त रूप में पाए (Au, Pt)।
याद: "Please Stop Calling Me A Zebra…" mnemonic।
[बोर्ड — हर साल]
उदाहरण 11: NCERT — आयनिक यौगिक
(a) NaCl, MgCl₂, CaO के निर्माण में इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण। (b) इन यौगिकों का व्यवहार।
हल:
NaCl:
- Na (2,8,1) → Na⁺ + e⁻
- Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻
MgCl₂:
- Mg (2,8,2) → Mg²⁺ + 2e⁻
- 2 × [Cl + e⁻ → Cl⁻]
CaO:
- Ca (2,8,8,2) → Ca²⁺ + 2e⁻
- O (2,6) + 2e⁻ → O²⁻
व्यवहार
तीनों आयनिक यौगिक:
- ठोस, क्रिस्टलीय, उच्च गलनांक।
- जल में विलेय।
- पिघले/जलीय में विद्युत-चालक।
- भंगुर।
[NCERT — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 12: एक संख्यात्मक — Mg + O₂
6 g Mg को पूर्ण जलाने पर कितना MgO? (Mg=24, O=16)
हल:
अभिक्रिया:
अनुपात: 48 g Mg → 80 g MgO (या 1:1.67)।
6 g Mg से:
उत्तर: 10 g MgO।
सत्यापन (द्रव्यमान संरक्षण):
- O₂ = 10 - 6 = 4 g।
- मोल Mg = 6/24 = 0.25।
- मोल O₂ = 4/32 = 0.125।
- अनुपात Mg:O₂ = 2:1 ✓
[बोर्ड — 2-3 अंक]
उदाहरण 13: NCERT — आयनिक यौगिकों के गुण
आयनिक यौगिकों के 5 भौतिक गुण और एक रासायनिक गुण।
हल:
5 भौतिक गुण:
- ठोस अवस्था: कठोर, क्रिस्टलीय, भंगुर।
- उच्च गलनांक/क्वथनांक: NaCl - 801°C; MgO - 2852°C।
- जल में विलेय: अधिकांश।
- अध्रुवीय में अविलेय: केरोसिन, बेंज़ीन।
- विद्युत-चालकता: ठोस — नहीं; पिघले/जलीय — हाँ।
1 रासायनिक गुण:
धातु ऑक्साइड क्षारकीय:
अपवाद: , — उभयधर्मी।
[बोर्ड — हर साल]
उदाहरण 14: NCERT — खनिज और अयस्क
खनिज और अयस्क में अंतर। 5 प्रसिद्ध अयस्कों के नाम और सूत्र।
हल:
अंतर: अयस्क = खनिज जिसमें धातु लाभकारी रूप से निकाली जा सके। हर अयस्क खनिज है, पर हर खनिज अयस्क नहीं।
5 प्रसिद्ध अयस्क:
| धातु | अयस्क | सूत्र |
|---|---|---|
| Al | Bauxite | Al₂O₃·2H₂O |
| Fe | Hematite | Fe₂O₃ |
| Fe | Magnetite | Fe₃O₄ |
| Cu | Copper pyrites | CuFeS₂ |
| Zn | Zinc blende | ZnS |
| Hg | Cinnabar | HgS |
| Pb | Galena | PbS |
[NCERT — मूलभूत]
उदाहरण 15: NCERT — फेन-प्लवन विधि
फेन-प्लवन विधि का वर्णन। यह किस प्रकार के अयस्कों के लिए?
हल:
किसके लिए? सल्फाइड अयस्कों के लिए (ZnS, PbS, CuFeS₂)।
सिद्धांत:
- सल्फाइड अयस्क — तेल से 'गीला' (हाइड्रोफोबिक)।
- गैंग — पानी से (हाइड्रोफिलिक)।
विधि:
- अयस्क का चूर्ण।
- टैंक: पानी + पाइन तेल।
- हवा की धारा।
- क्या होता:
- अयस्क + तेल → फेन में ऊपर।
- गैंग → पानी में नीचे।
- ऊपर के फेन इकट्ठा।
- सूखाएँ → सान्द्रित अयस्क।
रसायन:
- संग्राहक: पाइन तेल।
- फोम-स्थायीकारी।
- अवरोधक: NaCN।
[NCERT — हर साल]
उदाहरण 16: NCERT — Fe निष्कर्षण (Blast Furnace)
Blast Furnace में Fe निष्कर्षण की मुख्य अभिक्रियाएँ।
हल:
व्यवस्था: ऊँची, बेलनाकार भट्टी। ऊपर: चार्ज (अयस्क + कोयला + चूना-पत्थर)। नीचे: गर्म हवा।
तीन क्षेत्रों में:
1. निचला क्षेत्र (~1500°C):
2. मध्य क्षेत्र (~1000°C) — मुख्य अभिक्रिया:
3. ऊपरी क्षेत्र (~500°C):
अंतिम उत्पाद:
- नीचे: पिघला Fe (pig iron, 4% C)।
- ऊपर: slag।
[बोर्ड — हर साल 5-अंक]
उदाहरण 17: NCERT — Al निष्कर्षण (Hall-Héroult)
Al का निष्कर्षण विस्तार से।
हल:
अयस्क: Bauxite (Al₂O₃·2H₂O)
चरण 1: सान्द्रण (Bayer Process):
चरण 2: विद्युत-अपघटन (Hall-Héroult):
Al₂O₃ को क्रायोलाइट (Na₃AlF₆) में घोलें — गलनांक 950°C।
व्यवस्था:
- स्टील बक्सा + कार्बन लाइनिंग = Cathode।
- कार्बन छड़ें = Anode।
अभिक्रियाएँ:
- Cathode:
- Anode:
कुल:
[बोर्ड — 5-अंक]
उदाहरण 18: NCERT — Hg निष्कर्षण
Hg का निष्कर्षण कैसे? क्यों कार्बन से अपचयन ज़रूरी नहीं?
हल:
अयस्क: Cinnabar (HgS)
चरण 1: भर्जन
चरण 2: HgO का अपघटन
यानी HgO स्वयं अपघटित होता — कोई बाहरी अपचायक की ज़रूरत नहीं।
क्यों कार्बन ज़रूरी नहीं? Hg कम क्रियाशील — HgO अस्थिर। केवल गर्म करना — पर्याप्त।
यह — कम क्रियाशील धातुओं के निष्कर्षण का उदाहरण।
[बोर्ड — 3-अंक]
उदाहरण 19: NCERT — Zn का निष्कर्षण
Zinc blende (ZnS) से Zn का निष्कर्षण।
हल:
अयस्क: ZnS (Zinc blende) या ZnCO₃ (Calamine)
चरण 1: सान्द्रण फेन-प्लवन।
चरण 2: भर्जन (ZnS के लिए)
या निस्तापन (ZnCO₃ के लिए):
चरण 3: कार्बन से अपचयन
चरण 4: परिष्करण विद्युत-अपघटनी विधि से।
सीख: Zn मध्यम क्रियाशील — कार्बन काफ़ी।
[बोर्ड — 3-अंक]
उदाहरण 20: NCERT — विद्युत-अपघटनी परिष्करण
Cu का विद्युत-अपघटनी परिष्करण।
हल:
व्यवस्था:
- Anode: अशुद्ध Cu।
- Cathode: शुद्ध Cu।
- विद्युत-अपघट्य: CuSO₄ + H₂SO₄।
अभिक्रियाएँ:
- Anode:
- Cathode:
अशुद्धियाँ:
- Au, Ag, Pt → anode mud (मूल्यवान)।
- Fe, Zn → विलयन में।
Cathode पर 99.99% शुद्ध Cu।
Anode mud का महत्व: Cu उद्योग का बोनस — सोना, चांदी।
[बोर्ड — हर साल 5-अंक]
उदाहरण 21: NCERT — जंग
जंग के लिए ज़रूरी तत्व। तीन परखनलियाँ प्रयोग।
हल:
ज़रूरी तत्व:
- पानी (नमी)।
- ऑक्सीजन (हवा)।
तीन परखनलियाँ प्रयोग:
| परखनली | शर्तें | परिणाम |
|---|---|---|
| A | पानी, बिना हवा | कोई जंग |
| B | हवा, बिना पानी | कोई जंग |
| C | पानी + हवा | जंग! |
अभिक्रिया:
Fe₂O₃·xH₂O = जंग (भूरा-लाल)।
तेज़ करने वाले:
- नमक (NaCl)।
- अम्लीय वर्षा।
- नमी।
[बोर्ड — हर साल]
उदाहरण 22: NCERT — गैल्वनीकरण
गैल्वनीकरण क्या? सिद्धांत और लाभ।
हल:
परिभाषा: Fe पर Zn की परत।
सिद्धांत — Cathodic Protection:
- Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।
- खरोंच पर — Zn पहले संक्षारित।
- Fe सुरक्षित।
विधि: Fe को पिघले Zn में डुबाएँ।
लाभ:
- खरोंच पर भी सुरक्षा।
- लंबा टिकाऊपन (20-50 साल)।
- आर्थिक।
उपयोग:
- नल, पाइप, बाल्टियाँ।
- छतें, बाड़े।
- 'GI sheet'।
[बोर्ड — 3-5 अंक]
उदाहरण 23: NCERT — मिश्रधातुएँ
5 प्रसिद्ध मिश्रधातुओं के नाम, संघटन, उपयोग।
हल:
| मिश्रधातु | संघटन | उपयोग |
|---|---|---|
| स्टेनलेस स्टील | Fe + Cr + Ni | बर्तन, चाकू |
| पीतल | Cu + Zn (70:30) | सजावट, बर्तन |
| कांसा | Cu + Sn (88:12) | मूर्तियाँ, मेडल |
| सोल्डर | Pb + Sn (50:50) | वेल्डिंग |
| डुरालुमिन | Al + Cu + Mg + Mn | विमान |
| अमलगम | Hg + अन्य | दंत-चिकित्सा |
मिश्रधातुओं के लाभ:
- कठोरता ↑।
- संक्षारण-रोधी।
- विशिष्ट गुण।
स्टेनलेस स्टील — Cr से परत — 'self-healing'।
[बोर्ड — हर साल]
उदाहरण 24: NCERT — एनोडाइज़िंग
एनोडाइज़िंग क्या? विधि और उपयोग।
हल:
परिभाषा: Al पर की मोटी परत बनाने की विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया।
विधि:
- Al को Anode बनाएँ।
- तनु में डुबाएँ।
- विद्युत प्रवाहित।
- Anode पर O₂ — Al से क्रिया।
अभिक्रिया:
Al₂O₃ की मोटी परत (दसियों μm)।
लाभ:
- बेहतर संक्षारण-रोधी।
- रंग जोड़ा जा सकता।
- खरोंच-रोधी।
- टिकाऊ।
उपयोग:
- खिड़कियों के फ्रेम।
- रसोई के बर्तन।
- मोबाइल केस।
- सजावटी वस्तुएँ।
[NCERT — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 25: एक संख्यात्मक — Zn + HCl
13 g Zn से कितना H₂ निकलेगा? आयतन भी (NTP)। (Zn=65)
हल:
अभिक्रिया:
अनुपात: 65 g Zn → 2 g H₂।
13 g Zn से:
मोल H₂: mol
आयतन (NTP पर):
उत्तर:
- H₂ का द्रव्यमान: 0.4 g
- H₂ का आयतन: 4.48 L (NTP पर)
[बोर्ड — 3-अंक]
उदाहरण 26: NCERT — एक्वा रेजिया
एक्वा रेजिया क्या? सूत्र और उपयोग।
हल:
परिभाषा: Aqua Regia = सान्द्र HNO₃ + सान्द्र HCl (1:3 अनुपात में)।
नाम का अर्थ:
- 'Aqua' = जल (लैटिन)।
- 'Regia' = राजा का।
- 'राजा का जल' — 'धातुओं के राजा' (सोने) को घुलाता।
सोने से अभिक्रिया:
क्यों दोनों मिलकर?
- अकेले HCl या HNO₃ — Au को नहीं घुलाते।
- मिलकर — Cl₂ निकलती → Au के साथ क्रिया।
उपयोग:
- सोने का परिष्करण।
- प्लेटिनम का घोलना।
- प्रयोगशाला परीक्षण।
[NCERT — रोचक]
उदाहरण 27: NCERT — थर्माइट
थर्माइट अभिक्रिया और उपयोग।
हल:
अभिक्रिया:
विशेषताएँ:
- अति-ऊष्माक्षेपी।
- तापमान ~3000°C।
- पिघला Fe टपकता।
सिद्धांत: Al, Fe से अधिक क्रियाशील। Al ने Fe को विस्थापित।
उपयोग:
- रेल पटरियाँ जोड़ना (Welding):
- थर्माइट वेल्डिंग।
- दरार में पिघला Fe — ठंडा होकर जुड़ता।
- मशीन के पुर्ज़े जोड़ना।
- आपातकालीन फ़्यूज़।
अन्य धातुओं का अपचयन:
[बोर्ड — 5-अंक]
उदाहरण 28: NCERT — एक तुलनात्मक
धातु और अधातु की भौतिक विशेषताओं की तुलना।
हल:
| गुण | धातु | अधातु | अपवाद |
|---|---|---|---|
| अवस्था | प्रायः ठोस | सब | Hg द्रव; Br द्रव |
| चमक | धात्विक | प्रायः नहीं | I₂ चमकदार |
| आघातवर्धन | हाँ | नहीं | Hg N/A |
| तन्यता | हाँ | नहीं | — |
| चालकता | अच्छी | खराब | ग्रेफाइट, Si, Ge |
| ध्वनि | हाँ | नहीं | — |
| गलनांक | प्रायः उच्च | कम | C बहुत उच्च |
| घनत्व | अधिक | कम | Na, K हल्के |
मुख्य अपवाद:
- पारा (Hg): द्रव धातु।
- आयोडीन (I₂): चमकदार अधातु।
- ग्रेफाइट: चालक अधातु।
- कार्बन (हीरा): कठोर अधातु।
[बोर्ड — हर साल]
उदाहरण 29: NCERT — एक मिश्र प्रश्न
(a) Mg और Cu में कौन अधिक क्रियाशील? कैसे जानेंगे? (b) Na को केरोसिन में क्यों रखते? (c) क्यों Al पर परत रक्षक, पर Fe पर नहीं? (d) ZnS को सीधे अपचयन क्यों नहीं?
हल:
(a) Mg vs Cu
श्रेणी:
कैसे जानेंगे: प्रयोग: Mg + CuSO₄ → MgSO₄ + Cu (अभिक्रिया!) Mg ने Cu को विस्थापित किया → Mg अधिक क्रियाशील।
(b) Na को केरोसिन में
Na अति-क्रियाशील — वायु O₂ और H₂O से तुरंत क्रिया। केरोसिन — Na को इन दोनों से बचाता। आग और विस्फोट का खतरा टलता।
(c) Al परत रक्षक, Fe पर नहीं
Al पर — सघन, छिद्र-रहित। आगे O₂ नहीं घुसती। Fe पर Fe₂O₃·xH₂O — ढीला, छिद्रपूर्ण। आगे का Fe भी जंग।
(d) ZnS को सीधे अपचयन क्यों नहीं
सल्फाइड का सीधे कार्बन से अपचयन कठिन। पहले भर्जन (ZnS → ZnO) — फिर ZnO का C से अपचयन।
[बोर्ड — 5-अंक मिश्र]
उदाहरण 30: NCERT — संख्यात्मक — Al निष्कर्षण
100 g Al₂O₃ से कितना Al? (Al=27, O=16)
हल:
अभिक्रिया:
अणुभार:
- Al₂O₃ = 102 g/mol
- Al = 27 g/mol
अनुपात: 102 g Al₂O₃ → 54 g Al (= 2 × 27)
100 g से:
उत्तर: ~53 g Al।
अतिरिक्त: Al₂O₃ में Al का %:
ऊर्जा अनुमान: 53 g Al × 14 kWh/kg = ~750 kWh विद्युत।
यानी एक माह की घरेलू खपत के बराबर!
[बोर्ड — 3-अंक संख्यात्मक]
उदाहरण 31: NCERT — कौन-सा अधिक क्रियाशील?
निम्न में कौन सही?
(a) Cu, Fe को CuSO₄ से विस्थापित कर सकता। (b) Pb, Cu को CuSO₄ से विस्थापित कर सकता। (c) Hg, Cu को CuSO₄ से विस्थापित कर सकता। (d) Au, Cu को CuSO₄ से विस्थापित कर सकता।
हल:
श्रेणी:
(a) Cu + FeSO₄ → ?
Cu, Fe से कम क्रियाशील। गलत। कोई अभिक्रिया।
(b) Pb + CuSO₄ → ?
Pb, Cu से अधिक क्रियाशील। सही!
(c) Hg + CuSO₄ → ?
Hg, Cu से कम क्रियाशील। गलत। कोई अभिक्रिया।
(d) Au + CuSO₄ → ?
Au, Cu से कम क्रियाशील। गलत। कोई अभिक्रिया।
सही उत्तर: (b)।
सीख: विस्थापन के लिए — पट्टी की धातु, लवण की धातु से अधिक क्रियाशील होनी चाहिए।
[बोर्ड — 3-अंक]
उदाहरण 32: NCERT — एक रोचक
Fe नाख़ून में चमक क्यों? जंग कैसे?
हल:
चमक का कारण
Fe — धात्विक चमक। स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन सतह पर। प्रकाश का प्रतिबिंब।
ठीक से पॉलिश Fe — चमकदार रहता।
जंग कैसे?
Fe + वायु + पानी:
चरण 1: Fe सतह पर सूक्ष्म-सेल।
- कुछ क्षेत्र Anode:
- कुछ Cathode:
चरण 2: Fe²⁺ + OH⁻ → Fe(OH)₂।
चरण 3: Fe(OH)₂ + O₂ → Fe(OH)₃।
चरण 4: Fe(OH)₃ → Fe₂O₃·xH₂O (जंग)।
कुल:
जंग = ढीली, छिद्रपूर्ण। अंदर का Fe भी जंग पकड़ता।
रोकथाम: पेंट, गैल्वनीकरण, मिश्रधातु।
[बोर्ड — मिश्र प्रश्न]
उदाहरण 33: NCERT — आयनिक यौगिक के सूत्र
निम्न के आयनिक सूत्र निकालें:
(a) सोडियम सल्फाइड (b) कैल्शियम क्लोराइड (c) एल्यूमिनियम ऑक्साइड (d) मैग्नीशियम नाइट्राइड (e) पोटैशियम सल्फेट
हल:
क्रॉस-गुणन से सूत्र।
(a) Na⁺ + S²⁻
1 ↔ 2 →
(b) Ca²⁺ + Cl⁻
2 ↔ 1 →
(c) Al³⁺ + O²⁻
3 ↔ 2 →
(d) Mg²⁺ + N³⁻
2 ↔ 3 →
(e) K⁺ + SO₄²⁻
1 ↔ 2 →
सारांश
| यौगिक | सूत्र |
|---|---|
| Na sulphide | Na₂S |
| Ca chloride | CaCl₂ |
| Al oxide | Al₂O₃ |
| Mg nitride | Mg₃N₂ |
| K sulphate | K₂SO₄ |
नियम: आवेश संतुलन के लिए — क्रॉस-गुणन।
[NCERT — मूलभूत]
उदाहरण 34: NCERT — एक तार्किक
निम्न कथनों में कौन सही? कारण के साथ:
(a) Au को आसानी से अपचयित किया जा सकता। (b) Na का जलीय विद्युत-अपघटन से Na मिलता। (c) फेन-प्लवन सल्फाइड अयस्कों के लिए। (d) पारा कमरे के ताप पर ठोस।
हल:
(a) Au आसानी से अपचयित — गलत ✗
Au अति-कम क्रियाशील। प्रकृति में मुक्त रूप में। 'अपचयन' की ज़रूरत नहीं — सीधे प्राप्त।
(b) Na जलीय से मिलता — गलत ✗
जलीय NaCl में:
- H₂O Na से कम क्रियाशील।
- H₂O ही Cathode पर अपचयित (H₂)।
- Na नहीं मिलता।
सही विधि: पिघले NaCl का विद्युत-अपघटन।
(c) फेन-प्लवन — सही ✓
ZnS, PbS, CuFeS₂ — सब सल्फाइड। सल्फाइड तेल से 'गीले' होते। फेन-प्लवन — सबसे उपयुक्त।
(d) Hg कमरे के ताप पर ठोस — गलत ✗
Hg — एकमात्र द्रव धातु कमरे के ताप पर। गलनांक: -39°C (ठंडे प्रदेशों में जम सकता)। क्वथनांक: 357°C।
उपयोग: थर्मामीटर, बैरोमीटर।
सारांश
| कथन | सही/गलत |
|---|---|
| (a) | ✗ |
| (b) | ✗ |
| (c) | ✓ |
| (d) | ✗ |
[बोर्ड — 5-अंक तार्किक]
उदाहरण 35: NCERT — एक प्रयोगात्मक
एक छात्र ने 5 परखनलियों में अलग-अलग धातुएँ + तनु डाला:
परखनली A: Mg परखनली B: Zn परखनली C: Fe परखनली D: Cu परखनली E: Ag
प्रत्येक में क्या होगा?
हल:
श्रेणी:
A: Mg + HCl → ?
अति-तेज़ अभिक्रिया!
तीव्र बुलबुले, बहुत ऊष्मा।
B: Zn + HCl → ?
तेज़ अभिक्रिया!
अच्छे बुलबुले।
C: Fe + HCl → ?
धीमी अभिक्रिया।
हल्के हरे रंग का FeCl₂।
D: Cu + HCl → ?
कोई अभिक्रिया नहीं। Cu, H से नीचे।
E: Ag + HCl → ?
कोई अभिक्रिया नहीं। Ag, H से नीचे।
तीव्रता का क्रम
यह क्रियाशीलता श्रेणी के अनुसार।
सीख: क्रियाशीलता तय करती है — अभिक्रिया की तीव्रता।
[बोर्ड — 5-अंक]
उदाहरण 36: एक समापन प्रश्न — मिश्र
(a) क्षारकीय और उभयधर्मी ऑक्साइड में अंतर। (b) क्रियाशीलता श्रेणी। (c) Al निष्कर्षण। (d) जंग और रोकथाम। (e) 5 मिश्रधातुएँ।
हल:
(a) क्षारकीय vs उभयधर्मी
| गुण | क्षारकीय | उभयधर्मी |
|---|---|---|
| क्या क्रिया? | केवल अम्ल से | अम्ल और क्षारक से |
| उदाहरण | Na₂O, CaO | Al₂O₃, ZnO |
(b) क्रियाशीलता श्रेणी
(c) Al निष्कर्षण
- Bayer: Al₂O₃ + NaOH → NaAlO₂
- Hall-Héroult: विद्युत-अपघटन (Al₂O₃ + क्रायोलाइट)।
- Cathode: Al³⁺ + 3e⁻ → Al
- Anode: 2O²⁻ → O₂ + 4e⁻
(d) जंग और रोकथाम
जंग:
ज़रूरी: पानी + हवा।
रोकथाम:
- पेंट।
- तेल।
- गैल्वनीकरण (Zn कोटिंग)।
- Cr लेपन।
- मिश्रधातु (स्टेनलेस स्टील)।
(e) 5 मिश्रधातुएँ
| नाम | संघटन |
|---|---|
| स्टेनलेस | Fe + Cr + Ni |
| पीतल | Cu + Zn |
| कांसा | Cu + Sn |
| सोल्डर | Pb + Sn |
| डुरालुमिन | Al + Cu + Mg + Mn |
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