धातुओं का परिष्करण (Refining)

अनुभाग 7 से प्राप्त धातुएँ — अभी भी अशुद्ध होती हैं। अंतिम चरण: परिष्करण — शुद्ध धातु बनाना।

क्यों परिष्करण?

Blast Furnace से Fe — 4% C + अन्य अशुद्धियाँ। Cu (Blister) — 99% शुद्ध, परंतु अशुद्धियाँ हैं। Al — Hall-Héroult से ~99% शुद्ध, और शुद्ध करना।

हर उपयोग के लिए — विशेष शुद्धता चाहिए।

परिष्करण की मुख्य विधियाँ

1. विद्युत-अपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining) — सबसे प्रचलित। 2. आसवन (Distillation) — Hg, Zn जैसे वाष्पशील धातुओं के लिए। 3. द्रवण (Liquation) — कम गलनांक धातुओं के लिए। 4. क्षेत्र परिष्करण (Zone refining) — अति-शुद्ध धातुओं के लिए।

हम मुख्यतः विद्युत-अपघटनी परिष्करण देखेंगे।

विद्युत-अपघटनी परिष्करण — सिद्धांत

अशुद्ध धातु को Anode बनाएँ। शुद्ध धातु की पतली पट्टी को Cathode बनाएँ। उसी धातु के लवण का विलयन — विद्युत-अपघट्य।

विद्युत प्रवाहित करें।

क्या होता:

  1. Anode (अशुद्ध) से धातु — आयन के रूप में विलयन में।
  2. विलयन से धातु आयन — Cathode पर शुद्ध रूप में जमा।
  3. अशुद्धियाँ — Anode के नीचे 'anode mud' के रूप में गिरतीं।

अंत में: Cathode पर शुद्ध धातु; Anode mud में Au, Ag, Pt जैसी मूल्यवान धातुएँ।

Cu का विद्युत-अपघटनी परिष्करण

व्यवस्था:

  • अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी = Anode (+)
  • शुद्ध Cu की पतली पट्टी = Cathode (-)
  • विद्युत-अपघट्य: CuSO4CuSO_4 + तनु H2SO4H_2SO_4

अभिक्रियाएँ:

At Anode: Cu(अशुद्ध)Cu2++2eCu(\text{अशुद्ध}) \rightarrow Cu^{2+} + 2e^-

At Cathode: Cu2++2eCu(शुद्ध)Cu^{2+} + 2e^- \rightarrow Cu(\text{शुद्ध})

अशुद्धियाँ (Au, Ag, Pt, Fe, Zn):

  • Au, Ag, Pt — anode के नीचे गिरतीं ('anode mud')।
  • Fe, Zn — विलयन में जातीं, परंतु Cathode पर नहीं जमतीं।

यानी: Cathode पर — शुद्ध Cu (99.99%)।

Al, Zn, Ni — समान विधि से

हर एक के लिए — उसी धातु का लवण विद्युत-अपघट्य।

  • Al: Al2(SO4)3Al_2(SO_4)_3
  • Zn: ZnSO4ZnSO_4
  • Ni: NiSO4NiSO_4

Anode Mud — एक रोचक प्राप्ति

Cu के परिष्करण से प्राप्त anode mud में:

  • सोना (Au)
  • चांदी (Ag)
  • प्लेटिनम (Pt)

यह 'अनचाहा अपशिष्ट' नहीं — मूल्यवान! Cu उद्योग का एक 'बोनस' उत्पाद।

कॉपर का वैद्युत अपघटनी परिष्करण: अशुद्ध एनोड और शुद्ध कैथोड

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Impure copper (anode +) अशुद्ध कॉपर (ऐनोड +)
Pure copper (cathode -) शुद्ध कॉपर (कैथोड -)
Copper sulphate solution कॉपर सल्फेट विलयन
Anode mud ऐनोड पंक
Battery बैटरी

संक्षारण (Corrosion) — परिचय

धातुओं का सबसे बड़ा शत्रु: संक्षारण।

परिभाषा

धातुओं का — वायु, जल, या अन्य रसायनों से धीरे-धीरे रासायनिक क्षरण = संक्षारण

उत्पाद: धातु के ऑक्साइड, हाइड्रॉक्साइड, सल्फाइड, कार्बोनेट।

विभिन्न धातुओं का संक्षारण

1. लोहा — जंग (Rust): Fe2O3xH2OFe_2O_3 \cdot xH_2O — हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड। भूरा-लाल रंग। ढीला, छिद्रपूर्ण — अंदर का Fe भी जंग पकड़ता।

2. तांबा — हरी परत (Patina): Cu(OH)₂·CuCO₃ या CuCO₃ — हरा रंग। प्राचीन तांब्र वस्तुओं पर — हरी परत।

3. चांदी — काली परत (Tarnish): Ag₂S — काला सल्फाइड। H2SH_2S (वायु से) से।

4. एल्यूमिनियम — चांदी जैसी परत: Al2O3Al_2O_3 — पतली, सघन परत। अंदर के Al को बचाती (अनुभाग 2 का संदर्भ)।

5. सोना — कोई संक्षारण नहीं! Au अति-कम क्रियाशील।

जंग — विस्तृत

आवश्यक तत्व:

  1. पानी (नमी)।
  2. ऑक्सीजन (हवा)।

दोनों होने पर ही जंग। केवल पानी या केवल हवा से नहीं।

अभिक्रिया (सरलीकृत):

4Fe+3O2+xH2O2Fe2O3xH2O4Fe + 3O_2 + xH_2O \rightarrow 2Fe_2O_3 \cdot xH_2O

Fe₂O₃·xH_2O = जंग।

प्रदर्शन — जंग पर प्रयोग

तीन परखनलियाँ:

A: Fe + पानी (वायु निकाली) → कोई जंग नहीं। B: Fe + सूखी हवा (कोई पानी नहीं) → कोई जंग नहीं। C: Fe + पानी + हवा → जंग!

निष्कर्ष: दोनों ज़रूरी।

जंग का तंत्र — विद्युत-रासायनिक

Fe सतह पर:

  • कुछ क्षेत्र — Anode (Fe → Fe²⁺ + 2e⁻)।
  • कुछ क्षेत्र — Cathode (O₂ + 2H₂O + 4e⁻ → 4OH⁻)।

Fe²⁺ और OH⁻ → Fe(OH)₂ → Fe(OH)₃ → Fe₂O₃·xH₂O।

यानी जंग = एक 'सूक्ष्म-विद्युत सेल'।

प्रभावित करने वाले कारक

1. नमी: अधिक → अधिक जंग। 2. प्रदूषण (SO2,NO2SO_2, NO_2): अम्लीय वर्षा → तेज़। 3. नमक (NaClNaCl): समुद्र-तट पर अधिक। 4. ताप: अधिक ताप → तेज़। 5. सतह की स्थिति: दरारें → तेज़।

व्यावहारिक प्रभाव

हर साल विश्व में — लाखों टन Fe जंग से नष्ट भारत: Fe उत्पादन का ~10% जंग में। आर्थिक हानि: करोड़ों रुपये।

संक्षारण से बचाव

जंग को रोकने के कई तरीक़े — आधुनिक उद्योग में।

1. पेंट करना (Painting)

Fe सतह पर — पेंट की परत। ऑक्सीजन और नमी दोनों से बचाव।

लाभ:

  • सस्ती।
  • आसान।
  • विभिन्न रंगों में।

हानि:

  • पेंट खरोंच जाए — जंग नीचे।
  • समय-समय पर बदलना।

उपयोग: कारें, खिड़कियाँ, बाग की लोहे की वस्तुएँ।

2. तेल/ग्रीस लगाना (Oiling/Greasing)

तेल की पतली परत।

लाभ:

  • तुरंत।
  • सरल।
  • आसानी से लगाई जाती।

हानि:

  • कुछ ही समय में सूख जाती।
  • पुनः लगाना।

उपयोग: मशीन के पुर्ज़े, ताले, औज़ार।

3. यशदलेपन / गैल्वनीकरण (Galvanisation)

Fe की सतह पर Zn की परत चढ़ाना।

Zn — Fe से अधिक क्रियाशील। यदि परत खरोंच जाए — Zn पहले संक्षारित होगा (Fe नहीं!)।

यह 'cathodic protection'

विधि: Fe को पिघले Zn में डुबाएँ — Zn की परत चढ़ती।

उपयोग:

  • नल
  • पाइप
  • बाल्टियाँ
  • छतें
  • बाड़े

'Galvanised iron' (GI) — आम बाज़ारी नाम।

4. क्रोमियम लेपन (Chromium Plating)

विद्युत-अपघटनी विधि से Cr की परत।

लाभ:

  • चमकदार।
  • टिकाऊ।
  • संक्षारण-रोधी।

उपयोग: नल, गाड़ी के पुर्ज़े।

5. विद्युत-लेपन (Electroplating)

विद्युत-अपघटनी विधि से एक धातु पर दूसरी की परत।

सामान्य उदाहरण:

  • Fe पर Ni
  • Fe पर Sn
  • Fe पर Cr

6. एनोडाइज़िंग (Anodising)

Al पर Al₂O₃ की मोटी परत बनाना। (अनुभाग 2 का संदर्भ।)

Al केवल Al — कोई बाह्य पदार्थ नहीं।

7. मिश्रधातुओं का उपयोग (Alloying)

शुद्ध धातु से बेहतर — मिश्रधातु। उदाहरण: स्टेनलेस स्टील — Fe + Cr + Ni।

Cr की एक परत — Fe को बचाती।

मिश्रधातुएँ — क्या और क्यों?

परिभाषा: दो या अधिक धातुओं का — या एक धातु + एक अधातु — समांगी मिश्रण।

मुख्य उदाहरण:

मिश्रधातु संघटन उपयोग
स्टेनलेस स्टील Fe + Cr + Ni बर्तन, चाकू
पीतल (Brass) Cu + Zn सजावट, बर्तन
कांसा (Bronze) Cu + Sn मूर्तियाँ, मेडल
सोल्डर Pb + Sn वेल्डिंग
डुरालुमिन Al + Cu + Mg + Mn विमान
माग्नालियम Al + Mg प्रकाश-तंत्र

मिश्रधातु के लाभ:

  1. कठोरता बढ़ती।
  2. संक्षारण-प्रतिरोध।
  3. कम गलनांक (कुछ में)।
  4. अधिक उपयोगी।

उदाहरण: शुद्ध Au — मुलायम। 22-कैरट सोना (Au + Cu) — टिकाऊ।

विद्युत-लेपन (Electroplating) — विस्तृत

एक प्रसिद्ध परिष्करण-संरक्षण विधि।

सिद्धांत

विद्युत-अपघटनी विधि से — एक धातु पर दूसरी धातु की पतली, समान परत चढ़ाना।

मूल व्यवस्था

उदाहरण: Fe वस्तु पर Ag लेपन

  • Cathode (-): Fe वस्तु (जिस पर परत चढ़ानी)।
  • Anode (+): Ag की पट्टी।
  • विद्युत-अपघट्य: AgNO3AgNO_3 का विलयन।

अभिक्रियाएँ

At Anode: AgAg++eAg \rightarrow Ag^+ + e^-

Ag विलयन में।

At Cathode: Ag++eAg(s)Ag^+ + e^- \rightarrow Ag(s)

Ag — Fe वस्तु पर जमी।

यानी विद्युत-अपघट्य की सान्द्रता स्थिर रहती।

व्यावसायिक उपयोग

1. सोने का लेपन (Gold plating):

  • सस्ते आभूषणों पर सोना।
  • दिखने में महंगे, पर वजन कम।

2. चांदी का लेपन (Silver plating):

  • खाने के बर्तनों पर।
  • सजावटी वस्तुओं पर।

3. Cr का लेपन:

  • नल, बाथरूम-फिटिंग।
  • गाड़ी के पुर्ज़े (chrome trim)।

4. Ni का लेपन:

  • सिक्कों पर (कुछ देशों में)।
  • विद्युत-स्विच।

5. Sn का लेपन (Tin plating):

  • खाद्य डिब्बों के अंदर (Fe + Sn = 'tin can')।
  • Sn — खाद्य के साथ अप्रभावी।

विद्युत-लेपन के लाभ

  1. पतली, समान परत।
  2. सटीक नियंत्रण।
  3. विभिन्न धातुओं के लिए।
  4. जटिल आकारों पर भी।

व्यावहारिक उदाहरण — टिन की डिब्बी

Fe + Sn कोटिंग = खाने का डिब्बा।

क्यों Sn?

  • खाद्य से क्रिया नहीं।
  • आसानी से लेपन।
  • सस्ता।

Sn की परत खरोंच जाए → Fe जंग पकड़ता। अतः खुली डिब्बी जल्दी जंग।

एक तुलना — गैल्वनीकरण vs लेपन

गुण गैल्वनीकरण विद्युत-लेपन
सिद्धांत भौतिक विद्युत-रासायनिक
धातु Zn Cr, Ag, Au, Sn
उद्देश्य संरक्षण संरक्षण + सजावट
उदाहरण GI नल Cr चढ़ी टंकी
Fe खरोंच पर Zn पहले संक्षारित परत के नीचे Fe जंग

एक रोचक तथ्य

'गैल्वनीकरण' — Luigi Galvani के नाम पर। उन्होंने 1791 में 'जैव-विद्युत' का अध्ययन किया। उन्हीं के नाम पर — 'galvanometer' और 'galvanisation'।

संक्षारण-रोधी विधियों की तुलना

एक सारांश तालिका

विधि सिद्धांत लाभ सीमाएँ
पेंट भौतिक अवरोध सस्ती खरोंच पर खराब
तेल अवरोध तुरंत कम समय
गैल्वनीकरण (Zn) cathodic protection टिकाऊ महंगी
Cr लेपन विद्युत-लेपन चमकदार जटिल
एनोडाइज़िंग ऑक्साइड परत विशेष सिर्फ Al
मिश्रधातु संरचना स्थायी प्रारम्भिक खर्च

कब कौन-सी विधि?

1. घर में:

  • नल (GI)
  • दरवाज़े (पेंट)
  • खाद्य के बर्तन (स्टेनलेस स्टील)

2. उद्योग में:

  • पाइप (galvanised)
  • गाड़ियाँ (पेंट + Cr लेपन)
  • रेल पटरियाँ (विशेष मिश्रधातु)

3. विशेष:

  • विमान (Al + एनोडाइज़िंग)
  • जहाज़ (विशेष मिश्रधातु + पेंट)

Cathodic Protection — एक रोचक विधि

Fe को 'cathode' बनाकर — दूसरी धातु को 'sacrifice' करना।

सिद्धांत:

  • एक अधिक क्रियाशील धातु (Mg, Zn) — Fe से जुड़ी।
  • संक्षारण होने पर — पहले वह धातु (sacrificial)।
  • Fe सुरक्षित।

उदाहरण:

  • जहाज़ों के पतवार: Fe पर Mg/Zn की पट्टी।
  • भूमिगत पाइप: Mg-block जुड़ा।
  • जलीय भंडारण टैंक: Zn-anode।

यह 'sacrificial protection'।

Mg/Zn ख़त्म होती जाती — समय-समय पर बदली।

स्टेनलेस स्टील — एक 'चमत्कार'

संघटन: Fe + Cr (>10%) + Ni + अन्य

क्यों यह जंग नहीं पकड़ता?

Cr के कारण — सतह पर Cr2O3Cr_2O_3 की अति-पतली परत। यह परत — सघन, छिद्र-रहित। अंदर के Fe को बचाती।

अगर खरोंच भी जाए — Cr फिर से Cr2O3Cr_2O_3 बना देता (Cr वायु में स्वतः)।

यानी 'self-healing' संरक्षण।

मिश्रधातुएँ — विस्तार से

स्टेनलेस स्टील

  • 18% Cr + 8% Ni + 74% Fe।
  • रसोई के बर्तन, चाकू।
  • भारत: Tata, Jindal — प्रमुख।

पीतल (Brass)

  • Cu + Zn।
  • सजावट, बर्तन, संगीत-यंत्र।
  • पीला रंग।

कांसा (Bronze)

  • Cu + Sn।
  • मूर्तियाँ, मेडल, घंटे।
  • भूरा रंग।

सोल्डर

  • Pb + Sn (50:50)।
  • विद्युत वेल्डिंग।
  • कम गलनांक (~180°C)।

अमलगम

  • Hg + अन्य धातु।
  • दंत-चिकित्सा (Hg + Ag + Sn)।
  • सोने के निष्कर्षण में।

मिश्रधातुओं के गुण

शुद्ध धातु की तुलना में:

  • कठोरता ↑
  • संक्षारण-प्रतिरोध ↑
  • गलनांक प्रायः ↓
  • विद्युत-चालकता प्रायः ↓

एक रोचक तुलना

शुद्ध Au: बहुत मुलायम — आभूषण नहीं बनते। 22-कैरट Au (Au + Cu): कठोर — आभूषण बनते। 18-कैरट Au: और कठोर। 'White Gold' (Au + Pd/Ni): सफेद रंग, टिकाऊ।

यानी — मिश्रधातु से 'सोना' अधिक उपयोगी हो जाता।

[बोर्ड महत्वपूर्ण] मिश्रधातुओं के 4-5 उदाहरण याद रखें।

🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)

बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।

1. विद्युत-अपघटनी परिष्करण (Cu उदाहरण)

  • Anode: अशुद्ध Cu (मोटी पट्टी)।
  • Cathode: शुद्ध Cu (पतली पट्टी)।
  • विद्युत-अपघट्य: CuSO₄ + H₂SO₄।
  • At Anode: CuCu2++2eCu \rightarrow Cu^{2+} + 2e^-
  • At Cathode: Cu2++2eCuCu^{2+} + 2e^- \rightarrow Cu
  • अशुद्धियाँ: Anode mud (Au, Ag, Pt) + विलयन (Fe, Zn)।

2. संक्षारण के उत्पाद

धातु संक्षारण उत्पाद रंग
Fe Fe₂O₃·xH₂O (जंग) भूरा-लाल
Cu Cu(OH)₂·CuCO₃ हरा
Ag Ag₂S काला
Al Al₂O₃ (परत) चांदी

3. जंग के लिए ज़रूरी

दोनों: पानी (नमी) + ऑक्सीजन (हवा)। केवल एक से नहीं।

मूल अभिक्रिया: 4Fe+3O2+xH2O2Fe2O3xH2O4Fe + 3O_2 + xH_2O \rightarrow 2Fe_2O_3 \cdot xH_2O

4. संक्षारण-रोधी विधियाँ

  1. पेंट (सस्ती)।
  2. तेल/ग्रीस (तुरंत)।
  3. गैल्वनीकरण (Zn कोटिंग — Cathodic protection)।
  4. Cr लेपन (चमकदार)।
  5. विद्युत-लेपन (पतली परत)।
  6. एनोडाइज़िंग (Al पर)।
  7. मिश्रधातु (स्टेनलेस स्टील)।

5. प्रसिद्ध मिश्रधातुएँ

मिश्रधातु संघटन
स्टेनलेस स्टील Fe + Cr + Ni
पीतल Cu + Zn
कांसा Cu + Sn
सोल्डर Pb + Sn
डुरालुमिन Al + Cu + Mg + Mn
अमलगम Hg + अन्य

6. गैल्वनीकरण (विशेष)

  • Fe पर Zn की परत।
  • Zn पहले संक्षारित (cathodic protection)।
  • नल, पाइप, बाल्टियाँ।

7. विद्युत-लेपन उदाहरण (Fe पर Ag)

  • Cathode: Fe वस्तु।
  • Anode: Ag पट्टी।
  • विद्युत-अपघट्य: AgNO₃।

8. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न

  1. विद्युत-अपघटनी परिष्करण — आरेख।
  2. जंग का तंत्र और रोकथाम।
  3. गैल्वनीकरण की विधि।
  4. 5 प्रसिद्ध मिश्रधातुओं के नाम और उपयोग।
  5. Anode mud क्या? कैसे मूल्यवान?

अंतिम सूत्र: 'परिष्करण = शुद्ध; संक्षारण = क्षरण; मिश्रधातु = बेहतर।'

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — विद्युत-अपघटनी परिष्करण (Cu)

Cu का विद्युत-अपघटनी परिष्करण विस्तार से समझाएँ।

हल:

व्यवस्था

आवश्यक चीज़ें:

  1. अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी — Anode (+)
  2. शुद्ध Cu की पतली पट्टी — Cathode (-)
  3. विद्युत-अपघट्य: तनु H2SO4H_2SO_4 + CuSO4CuSO_4 का विलयन।
  4. एक टैंक — विलयन रखने।
  5. DC विद्युत स्रोत।

विद्युत-अपघट्य

CuSO4CuSO_4 विलयन में: CuSO4Cu2++SO42CuSO_4 \rightarrow Cu^{2+} + SO_4^{2-}

Anode पर अभिक्रिया (+)

अशुद्ध Cu — आयन के रूप में विलयन में: Cu(अशुद्ध)Cu2++2eCu(\text{अशुद्ध}) \rightarrow Cu^{2+} + 2e^-

Cu²⁺ — विलयन में जाते।

अशुद्धियों का भाग्य:

  • Cu से कम क्रियाशील (Au, Ag, Pt) — Anode के नीचे 'anode mud' के रूप में जमतीं।
  • Cu से अधिक क्रियाशील (Fe, Zn, Ni) — आयन के रूप में विलयन में जातीं, परंतु Cathode पर नहीं जमतीं।

Cathode पर अभिक्रिया (-)

Cu²⁺ — विलयन से इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर के: Cu2++2eCu(शुद्ध)Cu^{2+} + 2e^- \rightarrow Cu(\text{शुद्ध})

शुद्ध Cu — Cathode पर जमता।

कुल परिणाम

  • Anode: घटता जाता (Cu → Cu²⁺ → विलयन)।
  • Cathode: बढ़ता जाता (Cu²⁺ → Cu → जमी)।
  • विलयन: Cu²⁺ की सान्द्रता स्थिर।
  • Anode mud: Au, Ag, Pt (मूल्यवान!)।

Anode Mud की भूमिका

'अनुपयोगी अपशिष्ट' नहीं — अति-मूल्यवान! Cu उद्योग के लिए — एक 'बोनस' उत्पाद।

हर साल भारत में — Cu परिष्करण से सोना/चांदी की अच्छी मात्रा प्राप्त।

चित्र (शब्दों में)

  | + | - |
  | A |   |   ← दो इलेक्ट्रोड
  |   |   |
  | अ | शु |   ← अशुद्ध Cu (Anode), शुद्ध Cu (Cathode)
  | द्ध| द्ध |
  | Cu | Cu |
  +---+---+
  CuSO₄ + H₂SO₄ विलयन

  Anode के नीचे — anode mud (Au, Ag)

शुद्धता

अंत में: Cathode पर Cu = 99.99% शुद्ध

यह — विद्युत के तार बनाने के लिए उपयुक्त।

अन्य धातुओं के लिए

Al, Zn, Ni — समान विधि से परिष्कृत। प्रत्येक के लिए — उसी धातु का लवण विलयन।

[NCERT पाठ्यपुस्तक — हर साल बोर्ड में]

उदाहरण 2: NCERT — जंग पर प्रयोग

जंग के लिए कौन-कौन से तत्व ज़रूरी हैं? एक प्रयोग से सिद्ध करें।

हल:

मूल प्रश्न

Fe पर जंग — पानी से, हवा से, या दोनों से?

प्रसिद्ध प्रयोग — तीन परखनलियाँ

व्यवस्था: तीन परखनलियाँ। प्रत्येक में एक Fe नाख़ून।

A परखनली:

  • Fe नाख़ून + उबला पानी (वायु निकाली)।
  • ऊपर तेल की परत (वायु प्रवेश रोकने)।

B परखनली:

  • Fe नाख़ून + सूखी हवा।
  • नीचे CaCl₂ (शुष्क रसायन — पानी सोखता)।

C परखनली:

  • Fe नाख़ून + पानी + हवा (दोनों उपलब्ध)।

कुछ दिन बाद देखें।

प्रेक्षण

परखनली शर्तें परिणाम
A पानी, बिना हवा कोई जंग नहीं
B हवा, बिना पानी कोई जंग नहीं
C पानी + हवा जंग!

निष्कर्ष

जंग के लिए ज़रूरी:

  1. पानी (नमी)।
  2. ऑक्सीजन (हवा)।

केवल एक से नहीं। दोनों चाहिए।

मूल अभिक्रिया

4Fe+3O2+xH2O2Fe2O3xH2O4Fe + 3O_2 + xH_2O \rightarrow 2Fe_2O_3 \cdot xH_2O

उत्पाद: Fe2O3xH2OFe_2O_3 \cdot xH_2O = जंग। भूरा-लाल रंग।

व्यावहारिक प्रभाव

यही कारण कि:

  • समुद्र-तट पर अधिक जंग (नमी अधिक)।
  • पानी की पाइपों के अंदर जंग (पानी + अल्प हवा)।
  • रेगिस्तान में कम जंग (कम नमी)।

तेज़ करने वाले कारक

1. नमक (NaCl):

  • विद्युत-अपघट्य के रूप में।
  • जंग 5-10 गुना तेज़।

2. प्रदूषण (SO2,NO2SO_2, NO_2):

  • अम्लीय वर्षा।

3. ताप:

  • अधिक ताप → अधिक तेज़।

एक रोचक तथ्य

Fe पर जंग — 'चक्रीय' भी हो सकता। जंग पकड़ी सतह — और अधिक जंग पकड़ती। यानी 'autocatalytic'।

यही कारण — एक छोटी जंग भी समय के साथ बहुत बढ़ जाती।

[NCERT पाठ्यपुस्तक — हर साल बोर्ड में]

उदाहरण 3: NCERT — गैल्वनीकरण

गैल्वनीकरण क्या है? इसकी प्रक्रिया और लाभ बताएँ।

हल:

परिभाषा

'गैल्वनीकरण (Galvanisation)' = Fe पर Zn की परत चढ़ाने की प्रक्रिया।

उद्देश्य: Fe को संक्षारण से बचाना।

विधि

1. Fe वस्तु की सफाई:

  • तनु अम्ल से धोना।
  • सतह की अशुद्धियाँ हटाना।

2. पिघले Zn में डुबाना:

  • Zn का पिघलाव बिंदु ~420°C।
  • Fe वस्तु को कुछ सेकंड के लिए डुबाएँ।

3. ठंडा होना:

  • बाहर निकालकर ठंडा।
  • Zn की पतली परत Fe पर जम जाती।

अंत में: Fe + Zn कोटिंग = Galvanised Iron (GI)

सिद्धांत — 'Cathodic Protection'

Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।

क्रियाशीलता: Zn>FeZn > Fe

यदि परत खरोंच जाए और जल/हवा अंदर पहुँचे:

  • Zn ही पहले संक्षारित होगा (Anode)।
  • Fe Cathode बनकर सुरक्षित रहता।

यानी Zn — 'sacrificial' (बलिदान) धातु

व्यावहारिक लाभ

1. खरोंच पर भी संरक्षण।

  • पेंट खरोंच जाए → जंग।
  • Zn खरोंच जाए → फिर भी Fe सुरक्षित (Zn पहले!)।

2. लंबे समय तक सुरक्षा।

  • 20-50 साल तक।

3. सरल विधि।

  • मास-स्केल पर संभव।

4. आर्थिक।

  • अन्य विधियों से सस्ती।

व्यावहारिक उदाहरण

'Galvanised Iron' (GI) के उदाहरण:

  1. पानी की पाइप (विशेष रूप से नल, टंकी)।
  2. छतें (एस्बेस्टस के साथ)।
  3. बाल्टियाँ, बाड़ी की चीजें।
  4. पुलों के तार।
  5. गाड़ियों के कुछ हिस्से।

एक तुलना — पेंट vs गैल्वनीकरण

गुण पेंट गैल्वनीकरण
सिद्धांत भौतिक अवरोध विद्युत-रासायनिक
टिकाऊपन कम अधिक
खरोंच पर जंग Zn पहले
लागत कम अधिक
उद्देश्य सजावट + सुरक्षा केवल सुरक्षा

एक रोचक प्रदर्शन

दो Fe के नाख़ून:

  • A: साधारण।
  • B: Zn कोटिंग।

दोनों को नमक के पानी में रखें। 1 हफ्ते बाद:

  • A: पूरा जंग।
  • B: कोई जंग नहीं (Zn कोटिंग अभी भी)।

तब उन्हें खरोंच कर के देखें:

  • A: और जंग।
  • B: फिर भी जंग नहीं! (Zn बचा)।

यानी 'sacrificial protection' — काम कर रहा।

[NCERT — महत्वपूर्ण]

उदाहरण 4: NCERT — मिश्रधातुएँ

मिश्रधातु क्या है? पाँच प्रसिद्ध मिश्रधातुओं के नाम, संघटन, और उपयोग बताएँ।

हल:

परिभाषा

'मिश्रधातु (Alloy)' = दो या अधिक धातुओं का — या एक धातु + एक अधातु — समांगी मिश्रण।

उद्देश्य: शुद्ध धातु से बेहतर गुण।

मिश्रधातु क्यों ज़रूरी?

शुद्ध धातु की कमज़ोरियाँ:

  • शुद्ध Fe जल्दी जंग।
  • शुद्ध Au अति-मुलायम।
  • शुद्ध Al नरम।

मिश्रधातु से सुधार:

  • कठोरता ↑
  • संक्षारण-रोधी ↑
  • कम गलनांक (कुछ में)
  • अधिक टिकाऊ

पाँच प्रसिद्ध मिश्रधातुएँ

1. स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel)

संघटन:

  • 74% Fe
  • 18% Cr (मुख्य)
  • 8% Ni

विशेषताएँ:

  • संक्षारण-रोधी (Cr से Cr2O3Cr_2O_3 परत)।
  • चमकदार।
  • मजबूत।

उपयोग:

  • रसोई के बर्तन, चाकू।
  • चिकित्सा उपकरण।
  • भवन निर्माण।

2. पीतल (Brass)

संघटन:

  • 70% Cu
  • 30% Zn

विशेषताएँ:

  • पीला रंग।
  • संक्षारण-रोधी।
  • सजावटी।

उपयोग:

  • सजावटी वस्तुएँ (मूर्तियाँ, थाली)।
  • संगीत-यंत्र (तुरही)।
  • नल, हैंडल।

3. कांसा (Bronze)

संघटन:

  • 88% Cu
  • 12% Sn

विशेषताएँ:

  • कठोर।
  • भूरा रंग।
  • ध्वनि-गुण अच्छा।

उपयोग:

  • मूर्तियाँ (प्राचीन)।
  • मेडल (ओलंपिक्स)।
  • घंटे, घड़ियाँ।

'Bronze Age' — मानव इतिहास का एक युग।

4. सोल्डर (Solder)

संघटन:

  • 50% Pb
  • 50% Sn

विशेषताएँ:

  • कम गलनांक (~180°C)।
  • मजबूत बंध।

उपयोग:

  • विद्युत वेल्डिंग।
  • तार-मिलान।
  • सर्किट बोर्ड।

5. डुरालुमिन (Duralumin)

संघटन:

  • 95% Al
  • 4% Cu
  • 0.5% Mg
  • 0.5% Mn

विशेषताएँ:

  • हल्का (Al की तरह)।
  • मजबूत (स्टील की तरह)।
  • संक्षारण-रोधी।

उपयोग:

  • विमान।
  • रॉकेट।
  • गाड़ियाँ।

अन्य महत्वपूर्ण मिश्रधातुएँ

6. अमलगम (Amalgam)

संघटन: Hg + अन्य धातु

उपयोग:

  • दंत-चिकित्सा (Hg + Ag + Sn + Cu)।
  • सोने का परिष्करण।

7. माग्नालियम (Magnalium)

संघटन: Al + 5-30% Mg

उपयोग: हल्के विमान-पुर्ज़े।

8. 22-कैरट सोना

संघटन: 91.7% Au + 8.3% Cu

विशेषताएँ: शुद्ध Au से कठोर।

उपयोग: आभूषण।

सारांश तालिका

मिश्रधातु संघटन मुख्य उपयोग
स्टेनलेस स्टील Fe + Cr + Ni बर्तन, चाकू
पीतल Cu + Zn सजावट
कांसा Cu + Sn मूर्तियाँ, मेडल
सोल्डर Pb + Sn वेल्डिंग
डुरालुमिन Al + Cu + Mg + Mn विमान

[NCERT पाठ्यपुस्तक — हर साल बोर्ड में]

उदाहरण 5: NCERT — विद्युत-लेपन

Fe वस्तु पर Ag लेपन की प्रक्रिया वर्णन करें।

हल:

व्यवस्था

आवश्यक:

  • Fe वस्तु (जिस पर Ag लेपन करना)।
  • Ag की पट्टी।
  • AgNO3AgNO_3 का विलयन।
  • DC विद्युत स्रोत।
  • टैंक।

जुड़ाव:

  • Fe वस्तु = Cathode (-)।
  • Ag पट्टी = Anode (+)।
  • विलयन: AgNO₃।

अभिक्रियाएँ

AgNO3AgNO_3 का आयनन: AgNO3Ag++NO3AgNO_3 \rightarrow Ag^+ + NO_3^-

At Anode (+): Ag पट्टी से Ag — आयन के रूप में: Ag(s)Ag++eAg(s) \rightarrow Ag^+ + e^-

Ag विलयन में।

At Cathode (-): Ag⁺ — Fe वस्तु पर पहुँचकर: Ag++eAg(s)Ag^+ + e^- \rightarrow Ag(s)

Ag — Fe वस्तु पर पतली परत के रूप में।

कुल प्रक्रिया

Anode से Ag — विलयन के माध्यम से — Cathode तक।

विलयन की सान्द्रता स्थिर रहती।

Ag पट्टी (Anode) — धीरे-धीरे घुलती। Fe वस्तु (Cathode) — Ag से ढकती।

व्यावहारिक नियंत्रण

विद्युत धारा:

  • अधिक धारा → मोटी परत, परंतु अनियमित।
  • कम धारा → पतली, समान परत।

समय:

  • अधिक समय → मोटी परत।

विलयन की सान्द्रता:

  • सटीक होनी चाहिए।

अन्य उदाहरण

Fe पर Cr लेपन

विलयन: CrO3CrO_3 + H2SO4H_2SO_4 Anode: Pb (Cr की मांग पूर्ति विलयन से)। Cathode: Fe वस्तु।

उपयोग: नल, बाथरूम, गाड़ी के पुर्ज़े।

Fe पर Sn लेपन (Tin Plating)

विलयन: SnSO4SnSO_4

उपयोग: खाद्य के डिब्बे।

Sn — खाद्य से क्रिया नहीं। Fe — सस्ता और मजबूत।

विद्युत-लेपन के लाभ

  1. पतली, समान परत।
  2. जटिल आकारों पर भी।
  3. विभिन्न धातुओं के लिए।
  4. विद्युत के नियंत्रण से सटीक।

व्यावसायिक उपयोग

भारत में बड़े स्तर पर:

  • आभूषण उद्योग (सोना/चांदी लेपन)।
  • गाड़ी उद्योग (Cr, Ni)।
  • खाद्य उद्योग (Sn)।
  • घरेलू बर्तन (Cr, Ni)।

एक रोचक तथ्य

'Imitation jewellery' = सस्ती धातु पर सोने का लेपन। दिखने में महंगे, परंतु लागत 1/100। इस तरह — विद्युत-लेपन ने सजावट की दुनिया बदल दी।

[NCERT — महत्वपूर्ण]

उदाहरण 6: NCERT — संक्षारण की रोकथाम

धातुओं को संक्षारण से बचाने की 5 विधियाँ बताएँ।

हल:

1. पेंट करना (Painting)

सिद्धांत: Fe सतह पर पेंट की परत।

लाभ:

  • सस्ती।
  • सरल।
  • विभिन्न रंगों में।

हानि:

  • खरोंच पर जंग।
  • समय-समय पर बदलना।

उपयोग:

  • गाड़ियाँ।
  • खिड़कियाँ, दरवाज़े।
  • घर की लोहे की वस्तुएँ।

2. तेल/ग्रीस लगाना (Oiling/Greasing)

सिद्धांत: तेल की पतली परत।

लाभ:

  • तुरंत।
  • सरल।
  • दैनिक उपयोग।

हानि:

  • जल्दी सूख जाती।
  • पुनः लगाना।

उपयोग:

  • मशीन के पुर्ज़े।
  • ताले।
  • औज़ार।

3. गैल्वनीकरण (Galvanisation)

सिद्धांत: Fe पर Zn की परत।

Zn — Fe से अधिक क्रियाशील। यदि परत खरोंच — Zn पहले संक्षारित। 'Cathodic protection'।

लाभ:

  • टिकाऊ।
  • खरोंच पर भी सुरक्षा।

विधि:

  • Fe को पिघले Zn में डुबाना।
  • (Hot dipping)।

उपयोग:

  • नल, पाइप, बाल्टियाँ।
  • छतें, बाड़े।
  • 'GI sheet' — आम बाज़ारी नाम।

4. क्रोमियम लेपन (Chromium Plating)

सिद्धांत: विद्युत-अपघटनी विधि से Cr की परत।

लाभ:

  • चमकदार।
  • टिकाऊ।
  • संक्षारण-रोधी।

उपयोग:

  • नल, बाथरूम-फिटिंग।
  • गाड़ी के बम्पर।
  • मोटरसाइकिल के पुर्ज़े।

5. मिश्रधातुओं का उपयोग (Alloying)

सिद्धांत: शुद्ध धातु में अन्य मिलाना।

उदाहरण: स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr + Ni)।

लाभ:

  • अंतर्निहित संरक्षण (intrinsic)।
  • खरोंच पर भी सुरक्षा।
  • स्थायी।
  • कोई बाह्य परत नहीं।

उपयोग:

  • रसोई के बर्तन।
  • चिकित्सा उपकरण।
  • भवन निर्माण।

अतिरिक्त: एनोडाइज़िंग

सिद्धांत: Al पर मोटी Al2O3Al_2O_3 परत।

केवल Al के लिए। उपयोग: खिड़कियों के फ्रेम, बर्तन।

सारांश तालिका

विधि किसके लिए टिकाऊपन
पेंट सब कम
तेल सब बहुत कम
गैल्वनीकरण Fe अधिक
Cr लेपन Fe अधिक
मिश्रधातु विशेष अति-अधिक
एनोडाइज़िंग Al अधिक

चुनाव — कौन-सी विधि?

'सबसे टिकाऊ — मिश्रधातु।' हालाँकि प्रारम्भिक खर्च अधिक।

'सबसे सस्ती — पेंट।' पर समय-समय पर बदलना।

'सबसे लोकप्रिय — गैल्वनीकरण।' Fe के लिए।

[NCERT — हर साल बोर्ड में 5-अंक]

उदाहरण 7: NCERT — एक मिश्र प्रश्न

(a) जंग का सूत्र क्या है? (b) Cu पर हरी परत क्या? (c) Ag पर काली परत क्या? (d) Al पर परत क्या और क्यों रक्षक?

हल:

(a) जंग का सूत्र

जंग = Fe₂O₃·xH₂O

यानी: हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड। 'x' = परिवर्तनशील जल अणुओं की संख्या।

अभिक्रिया: 4Fe+3O2+xH2O2Fe2O3xH2O4Fe + 3O_2 + xH_2O \rightarrow 2Fe_2O_3 \cdot xH_2O

लक्षण:

  • भूरा-लाल रंग।
  • ढीला, छिद्रपूर्ण।
  • अंदर के Fe को नहीं बचाता (परत के नीचे और जंग)।

यह 'autocatalytic' — खुद को बढ़ावा देती।

(b) Cu पर हरी परत

Cu पर लंबे समय में बनी हरी परत = 'पैटिना (Patina)'

सूत्र: कई संभव:

  • Cu(OH)2CuCO3Cu(OH)_2 \cdot CuCO_3 (बेसिक Cu कार्बोनेट)
  • Cu(NO3)2Cu(OH)2Cu(NO_3)_2 \cdot Cu(OH)_2 (शहरी प्रदूषण में)
  • CuSO4Cu(OH)2CuSO_4 \cdot Cu(OH)_2 (अम्लीय वर्षा से)

अभिक्रिया (मुख्य): 2Cu+O2+CO2+H2OCu(OH)2CuCO32Cu + O_2 + CO_2 + H_2O \rightarrow Cu(OH)_2 \cdot CuCO_3

विशेष: जंग के विपरीत — पैटिना रक्षक होती! अंदर के Cu को आगे संक्षारण से बचाती।

प्रसिद्ध उदाहरण: Statue of Liberty (USA) — Cu की मूर्ति, हरी पैटिना से ढकी।

(c) Ag पर काली परत

Ag पर समय के साथ बनी काली परत = 'टार्निश (Tarnish)'

सूत्र: Ag2SAg_2S (सिल्वर सल्फाइड)

अभिक्रिया: Ag + वायु में H2SH_2S (अल्प मात्रा): 2Ag+H2SAg2S+H22Ag + H_2S \rightarrow Ag_2S + H_2

या: 4Ag+2H2S+O22Ag2S+2H2O4Ag + 2H_2S + O_2 \rightarrow 2Ag_2S + 2H_2O

H2SH_2S का स्रोत:

  • सड़े अंडे, प्याज़।
  • कुछ खाद्य पदार्थ।
  • सल्फर युक्त वायु प्रदूषण।

हटाने का तरीक़ा:

  • टूथपेस्ट से पॉलिश।
  • एल्यूमिनियम पन्नी + सोडा + गर्म पानी (विद्युत-रासायनिक)।

(d) Al पर परत

Al पर तुरंत बनी परत = Al2O3Al_2O_3

अभिक्रिया: 4Al+3O22Al2O34Al + 3O_2 \rightarrow 2Al_2O_3

लक्षण:

  • पतली (कुछ माइक्रोमीटर)।
  • सघन (छिद्र-रहित)।
  • पारदर्शी (Al की चमक दिखती)।
  • कठोर

क्यों रक्षक?

तीन कारण:

1. सघन, छिद्र-रहित।

  • Fe₂O₃ ढीला — हवा अंदर।
  • Al₂O₃ सघन — हवा नहीं घुसती।

2. अंदर के Al से कस के जुड़ी।

  • आसानी से नहीं उतरती।

3. खरोंच पर 'self-healing'।

  • वायु में Al तुरंत फिर Al2O3Al_2O_3 बनाता।
  • दरार स्वतः भरती।

यही कारण: Al चमकदार और टिकाऊ।

सारांश

धातु परत सूत्र प्रकृति
Fe जंग Fe₂O₃·xH₂O हानिकारक
Cu पैटिना Cu(OH)₂·CuCO₃ रक्षक
Ag टार्निश Ag₂S केवल सतह
Al ऑक्साइड Al₂O₃ रक्षक

Al, Cu — रक्षक परत। Fe — हानिकारक परत। Ag — केवल सतही।

[बोर्ड में 5-अंक]

उदाहरण 8: एक रोचक — स्टेनलेस स्टील

स्टेनलेस स्टील क्या है? क्यों यह जंग नहीं पकड़ता?

हल:

परिभाषा

'स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel)' = Fe + Cr (कम से कम 10%) + Ni की मिश्रधातु।

Stain = धब्बा, less = बिना — यानी 'धब्बा-रहित स्टील'।

मानक संघटन

सबसे आम (304 grade):

  • 70-72% Fe
  • 18% Cr
  • 8% Ni
  • 0.08% C
  • अन्य अल्प मात्रा में

अन्य ग्रेड:

  • 316 — चिकित्सा उपकरण (Mo भी)।
  • 410 — चाकू।

क्यों जंग नहीं?

मूल कारण: Cr की परत।

Cr — Fe से अधिक क्रियाशील। स्टेनलेस स्टील की सतह पर — Cr तुरंत वायु से क्रिया।

अभिक्रिया: 4Cr+3O22Cr2O34Cr + 3O_2 \rightarrow 2Cr_2O_3

Cr2O3Cr_2O_3 — एक अति-पतली परत (कुछ नैनोमीटर!)।

इस परत के विशेष गुण

1. सघन।

  • छिद्र-रहित।
  • O₂, H₂O — अंदर नहीं घुसते।

2. कठोर।

  • आसानी से नहीं उतरती।

3. पारदर्शी।

  • Fe-Cr चमक दिखती।

4. 'Self-healing' (स्व-चिकित्सा)।

  • अगर खरोंच जाए → Cr फिर से Cr2O3Cr_2O_3 बना देता।
  • दरार स्वतः भरती।

यानी स्टेनलेस स्टील — 'self-protecting'

Ni की भूमिका

Ni — और मजबूती और सघनता। Cr-Ni संयोजन — सबसे सुरक्षित।

Ni के बिना — सिर्फ 'martensitic' स्टील।

स्टेनलेस स्टील के प्रकार

1. ऑस्टेनिटिक (Austenitic):

  • 304, 316
  • अधिकांश रसोई के बर्तन।
  • अति-संक्षारण-रोधी।

2. मार्टेन्सिटिक (Martensitic):

  • 410, 420
  • कठोर, चाकू।
  • मध्यम संक्षारण-रोधी।

3. फेरिटिक (Ferritic):

  • 430
  • गाड़ियों के निकास।
  • मध्यम।

व्यावहारिक उपयोग

सर्वव्यापी:

  • रसोई के बर्तन (थाली, कटोरा, चम्मच)।
  • चिकित्सा उपकरण।
  • भवन निर्माण।
  • खाद्य उद्योग।
  • रासायनिक उद्योग।
  • गहने (modern)।

भारत में स्टेनलेस स्टील

प्रमुख कंपनियाँ:

  • TATA Steel
  • Jindal Stainless
  • Hindustan Stainless Steel

भारत — विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक।

एक रोचक तुलना

साधारण Fe vs स्टेनलेस स्टील:

गुण Fe स्टेनलेस
जंग जल्दी कभी नहीं (आम परिस्थितियों में)
चमक जल्दी जाती टिकाऊ
रख-रखाव अधिक कम
लागत कम अधिक
उपयुक्तता भारी काम खाद्य, चिकित्सा

एक प्रसिद्ध उदाहरण

Qutub Minar के पास का लोहे का स्तंभ (Iron Pillar of Delhi):

1600 साल पुराना। अब तक कोई जंग नहीं! क्यों? — विशेष P (फॉस्फोरस) युक्त मिश्रधातु।

यह — स्टेनलेस स्टील से पहले की 'भारतीय' तकनीक। हमारे पूर्वज — मिश्रधातुओं के रहस्य जानते थे।

[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]

उदाहरण 9: NCERT — Fe और Cu के परिष्करण की तुलना

Fe और Cu के परिष्करण की विधियों में अंतर बताएँ।

हल:

Fe का परिष्करण

Blast Furnace से प्राप्त 'Pig Iron' (4% C, अशुद्धियाँ)।

मुख्य विधियाँ:

1. Bessemer प्रक्रिया

अंडे के आकार के 'converter' में। पिघले pig iron में हवा की धारा।

अशुद्धियाँ हट: C+O2CO2C + O_2 \rightarrow CO_2 \uparrow Si+O2SiO2Si + O_2 \rightarrow SiO_2 Mn+O2MnO2Mn + O_2 \rightarrow MnO_2 P+O2P2O5P + O_2 \rightarrow P_2O_5

अशुद्धियाँ — स्लैग के रूप में।

2. Open-hearth प्रक्रिया

बड़ी खुली भट्टी में। Fe ऑक्साइड + अशुद्धियाँ। अधिक नियंत्रित।

3. विद्युत-स्टील भट्टी

अति-शुद्ध स्टील के लिए। विशेष मिश्रधातुओं में।

अंत में: नियंत्रित C वाला स्टील।

Cu का परिष्करण

Cu पाइराइट्स से प्राप्त 'Blister Copper' (~99%, परंतु अशुद्धियाँ)।

विधि: विद्युत-अपघटनी परिष्करण।

व्यवस्था:

  • Anode: अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी।
  • Cathode: शुद्ध Cu की पतली पट्टी।
  • विद्युत-अपघट्य: CuSO4CuSO_4 + तनु H2SO4H_2SO_4

अभिक्रियाएँ: Anode: CuCu2++2eCu \rightarrow Cu^{2+} + 2e^- Cathode: Cu2++2eCuCu^{2+} + 2e^- \rightarrow Cu (शुद्ध)

अशुद्धियाँ:

  • Au, Ag, Pt: anode mud।
  • Fe, Zn: विलयन में।

अंत में: 99.99% शुद्ध Cu।

तुलनात्मक तालिका

गुण Fe Cu
आरम्भिक Pig Iron (4% C) Blister Cu (99%)
मुख्य अशुद्धि C, S, P, Si Fe, Zn, Au, Ag
विधि Bessemer / Open-hearth विद्युत-अपघटनी
अंतिम स्टील शुद्ध Cu
शुद्धता नियंत्रित C 99.99%
उत्पाद की अशुद्धि थोड़ी (नियंत्रित) अति-कम

क्यों अंतर?

Fe:

  • अधिक उत्पादन (हर साल लाखों टन)।
  • विद्युत-अपघटनी अव्यावहारिक (बहुत महंगी)।
  • 'Bessemer' — सस्ता।
  • स्टील में नियंत्रित C चाहिए।

Cu:

  • कम उत्पादन (हजारों टन)।
  • विद्युत-अपघटनी से 99.99% शुद्धता।
  • विद्युत के तार के लिए ज़रूरी।
  • Anode mud से सोना बोनस।

एक रोचक बात

यानी — परिष्करण विधि उत्पाद के अंतिम उपयोग पर निर्भर।

Fe → स्टील (नियंत्रित C — Bessemer)। Cu → तार (अति-शुद्ध — विद्युत-अपघटनी)।

[NCERT — महत्वपूर्ण]

उदाहरण 10: एक संख्यात्मक — विद्युत-अपघटनी परिष्करण

10 g Cu²⁺ आयन के अपचयन के लिए कितना विद्युत आवेश चाहिए? (Cu = 63.5)

हल:

अभिक्रिया (Cathode पर): Cu2++2eCuCu^{2+} + 2e^- \rightarrow Cu

मूल सिद्धांत: 1 mol Cu = 63.5 g। 1 mol Cu के लिए 2 mol इलेक्ट्रॉन। 1 mol e⁻ का आवेश = 1 Faraday = 96500 C।

गणना:

10 g Cu में मोल: mol Cu=1063.5=0.157 mol\text{mol Cu} = \frac{10}{63.5} = 0.157 \text{ mol}

इलेक्ट्रॉन की मात्रा: mol e=2×0.157=0.314 mol\text{mol e}^- = 2 \times 0.157 = 0.314 \text{ mol}

कुल आवेश: Q=0.314×96500=30301 CQ = 0.314 \times 96500 = 30301 \text{ C}

30,300 C (कूलॉम)

उत्तर: लगभग 30,300 C आवेश चाहिए।

अतिरिक्त गणना

यदि धारा 5 A हो — समय कितना?

t=QI=303005=6060 s=101 मिनटt = \frac{Q}{I} = \frac{30300}{5} = 6060 \text{ s} = 101 \text{ मिनट}

यानी ~1 घंटा 41 मिनट।

व्यावहारिक प्रासंगिकता

Cu उद्योग में:

  • एक टैंक में सैकड़ों Cu पट्टियाँ।
  • हजारों ampere की धारा।
  • कई दिनों तक चलती।
  • दिन-रात सक्रिय।

ऊर्जा उपयोग:

  • 1 kg Cu परिष्करण ≈ 200-300 kWh।
  • Al से कम (Al — 14000 kWh/ton)।
  • Cu — अपेक्षाकृत 'सस्ता'।

Faraday का नियम

यह Faraday का प्रथम नियम:

'जमा धातु की मात्रा प्रवाहित आवेश के समानुपाती।'

m=ZIt1m = \frac{ZIt}{1}

जहाँ Z = विद्युत-रासायनिक तुल्यांक।

सीख

विद्युत-अपघटनी परिष्करण = सटीक नियंत्रण। धारा, समय → शुद्ध धातु की मात्रा।

[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]

उदाहरण 11: एक रोचक प्रश्न — Anode Mud

Cu के विद्युत-अपघटनी परिष्करण में Anode mud में क्या है? यह 'अपशिष्ट' है या 'मूल्यवान'?

हल:

Anode Mud में क्या?

Cu की मोटी पट्टी (Anode) में अशुद्धियाँ:

  • Cu (मुख्य)
  • कम क्रियाशील धातुएँ:
  • सोना (Au)
  • चांदी (Ag)
  • प्लेटिनम (Pt)
  • इरीडियम (Ir)
  • अधिक क्रियाशील धातुएँ:
  • Fe, Zn, Ni

क्या होता विद्युत-अपघटन में?

Anode पर:

  • Cu — आयन के रूप में विलयन में।
  • Fe, Zn, Ni — भी विलयन में (अधिक क्रियाशील)।
  • Au, Ag, Pt — विलयन में नहीं! (कम क्रियाशील — आयन नहीं बनते)।
  • ये Anode के नीचे गिरते

Cathode पर:

  • Cu²⁺ — Cu के रूप में जमा।
  • Fe²⁺, Zn²⁺ — आयनिक श्रेणी में Cu से ऊपर — जमा नहीं होते।
  • विलयन में रहती।

Anode Mud — विश्लेषण

टैंक के अंत में Anode के नीचे मटमैला कीचड़ — 'anode mud'।

विशिष्ट संरचना (~%):

  • Au: 0.5-2%
  • Ag: 5-15%
  • Pt, Pd: 0.1-1%
  • Cu (अल्प): कुछ%
  • अन्य: सेलेनियम, टेल्यूरियम

मूल्यवान!

यह 'अपशिष्ट' नहीं — अति-मूल्यवान!

आर्थिक मूल्य:

  • 1 ton anode mud में ~5-10 kg Au, 50-150 kg Ag।
  • मूल्य: लाखों रुपये

Cu उद्योग में:

  • Cu बेचने का लाभ।
  • Anode mud बेचने का अतिरिक्त लाभ।
  • 'दोहरा मुनाफा'।

Anode Mud से धातुएँ कैसे निकालते?

विधि:

  1. Anode mud इकट्ठा।
  2. गलाना (smelting):
  • उच्च ताप पर पिघलाना।
  • Cu और अन्य प्रथम चरण में अलग।
  1. रासायनिक उपचार:
  • Au, Ag — साइनाइड लीचिंग।
  • Pt — विशिष्ट विलायक।
  1. विद्युत-अपघटनी परिष्करण फिर:
  • शुद्ध Au, Ag, Pt।

व्यावसायिक महत्व

दुनिया भर में:

  • Cu उद्योग का ~20% लाभ — anode mud से।
  • भारत: Hindustan Copper Limited — anode mud का व्यापारिक उत्पादन।

'सोने की खानें' — पुरानी। अब Au का बड़ा हिस्सा — Cu परिष्करण से!

एक रोचक तथ्य

Cu के परिष्करण से एक साल में निकले Au की मात्रा — कई 'सोने की खानों' से अधिक!

यानी — Cu उद्योग = परोक्ष रूप से Au उद्योग।

सीख

'अपशिष्ट' और 'मूल्यवान' — दृष्टिकोण की बात। Anode mud एक प्रसिद्ध उदाहरण। यह — आधुनिक 'circular economy' का सिद्धांत।

[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]

उदाहरण 12: NCERT — एक तुलनात्मक प्रश्न

(a) पैटिना (हरी परत) क्या है? यह क्यों रक्षक? (b) टार्निश (काली परत) क्या? कैसे हटाएँ?

हल:

(a) पैटिना (Patina)

परिभाषा: Cu पर समय के साथ बनी हरी परत।

सूत्र (मुख्य): Cu(OH)2CuCO3Cu(OH)_2 \cdot CuCO_3

यानी: बेसिक कॉपर कार्बोनेट।

अभिक्रिया: 2Cu+O2+CO2+H2OCu(OH)2CuCO32Cu + O_2 + CO_2 + H_2O \rightarrow Cu(OH)_2 \cdot CuCO_3

यह धीमी अभिक्रिया — कई वर्षों में दिखती।

क्यों रक्षक?

तीन कारण:

1. सघन परत।

  • O₂, CO₂ अंदर नहीं घुसते।

2. अंदर के Cu को कस के पकड़े।

  • आसानी से नहीं उतरती।

3. पीढ़ियों तक टिकती।

  • 100+ साल भी।

यह — Fe पर जंग के विपरीत। जंग ढीली, अंदर भी जंग; पैटिना सघन, रक्षक।

प्रसिद्ध उदाहरण

Statue of Liberty (USA):

  • Cu की मूर्ति, 1886 में स्थापित।
  • शुरू में चमकदार लाल-भूरी।
  • ~30 साल बाद — पूरी हरी पैटिना से ढकी।
  • अंदर का Cu आज भी सुरक्षित!

अन्य:

  • पुराने मंदिरों के Cu के द्वार।
  • तांब्र मूर्तियाँ (प्राचीन)।
  • कुछ छतों के Cu पतरे।

(b) टार्निश (Tarnish)

परिभाषा: Ag पर समय के साथ बनी काली परत।

सूत्र: Ag2SAg_2S (सिल्वर सल्फाइड)

अभिक्रिया: 2Ag+H2SAg2S+H22Ag + H_2S \rightarrow Ag_2S + H_2

या (वायु में H₂S के साथ O₂): 4Ag+2H2S+O22Ag2S+2H2O4Ag + 2H_2S + O_2 \rightarrow 2Ag_2S + 2H_2O

H2SH_2S के स्रोत:

  • सड़े अंडे, प्याज़, लहसुन।
  • कुछ खाद्य पदार्थ।
  • सल्फर युक्त वायु प्रदूषण।
  • कुछ रबर वस्तुएँ।

कैसे हटाएँ?

विधि 1: यांत्रिक (पॉलिश)

  • टूथपेस्ट + मुलायम कपड़ा।
  • सिल्वर पॉलिश।
  • सरल, परंतु थोड़ी Ag भी हटती।

विधि 2: रासायनिक — Aluminium पन्नी विधि

यह विद्युत-रासायनिक विधि।

सामग्री:

  • Al पन्नी (एक टुकड़ा)।
  • गर्म पानी।
  • सोडा (NaHCO₃ या Na₂CO₃)।

विधि:

  1. एक बर्तन की सतह पर Al पन्नी।
  2. टार्निश Ag को Al पन्नी पर रखें।
  3. सोडा + गर्म पानी डालें।
  4. कुछ मिनट प्रतीक्षा।

अभिक्रिया: 3Ag2S+2Al6Ag+Al2S33Ag_2S + 2Al \rightarrow 6Ag + Al_2S_3

यानी:

  • Al ने Ag को विस्थापित किया (Al > Ag in reactivity)।
  • Ag मुक्त — चमकदार वापस।
  • Al — Al₂S₃ बनकर पन्नी पर।

यह विस्थापन अभिक्रिया

क्यों Al?

Al — Ag से अधिक क्रियाशील। Al₂S₃ बनाना — आसान। Ag मुक्त।

यह 'sacrificial' विधि — Al कुर्बान, Ag बच।

तुलना — पैटिना vs टार्निश

गुण पैटिना टार्निश
धातु Cu Ag
सूत्र Cu(OH)₂·CuCO₃ Ag₂S
रंग हरा काला
प्रकृति रक्षक केवल सतही
हटाना अनावश्यक टूथपेस्ट / Al पन्नी

सीख

हर धातु पर बनी 'परत' — अलग व्यवहार। कुछ रक्षक (Cu, Al), कुछ हानिकारक (Fe), कुछ सतही (Ag)।

[बोर्ड + व्यावहारिक]

उदाहरण 13: NCERT — एक चुनौती

निम्न कथनों को सही/गलत बताएँ — कारण के साथ:

(a) मिश्रधातुएँ शुद्ध धातुओं से कमज़ोर हैं। (b) गैल्वनीकरण में Fe को Cu की परत चढ़ाते। (c) जंग के लिए केवल पानी ज़रूरी। (d) Anode mud Cu उद्योग का अपशिष्ट।

हल:

(a) मिश्रधातुएँ कमज़ोर — गलत ✗

सच: मिश्रधातुएँ अधिकांशतः शुद्ध धातुओं से मजबूत

कारण:

  • कठोरता बढ़ती (अन्य परमाणुओं से 'crystal lattice' में रुकावट)।
  • संक्षारण-रोधी।
  • टिकाऊपन।

उदाहरण:

  • स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr + Ni) — Fe से बहुत मजबूत।
  • डुरालुमिन (Al मिश्रधातु) — Al से 4 गुना मजबूत।
  • 22-कैरट Au — शुद्ध Au से कठोर।

अपवाद: कुछ मिश्रधातुएँ — विद्युत-चालकता में कम। उदाहरण: स्टील Cu की तुलना में।

(b) Fe पर Cu — गलत ✗

सच: गैल्वनीकरण में Fe पर Zn की परत।

क्यों Zn, न कि Cu?

क्रियाशीलता: Zn>Fe>CuZn > Fe > Cu

  • Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।
  • खरोंच पर Zn पहले संक्षारित।
  • Fe सुरक्षित ('cathodic protection')।

यदि Cu की परत:

  • Cu, Fe से कम क्रियाशील।
  • खरोंच पर — Fe ही पहले संक्षारित!
  • उल्टा — Fe की रक्षा नहीं, अधिक नुकसान।

अतः Cu की परत — हानिकारक।

(c) जंग के लिए केवल पानी — गलत ✗

सच: जंग के लिए पानी और हवा (O₂) दोनों ज़रूरी।

सबूत — तीन परखनलियाँ प्रयोग:

  • A: पानी + बिना हवा → कोई जंग।
  • B: हवा + बिना पानी → कोई जंग।
  • C: पानी + हवा → जंग!

मूल अभिक्रिया: 4Fe+3O2+xH2O2Fe2O3xH2O4Fe + 3O_2 + xH_2O \rightarrow 2Fe_2O_3 \cdot xH_2O

अभिक्रिया में दोनों — Fe, O₂, H₂O।

केवल पानी से नहीं। केवल हवा से भी नहीं।

(d) Anode mud अपशिष्ट — गलत ✗

सच: Anode mud — अति-मूल्यवान

क्यों? Anode mud में:

  • सोना (Au)
  • चांदी (Ag)
  • प्लेटिनम (Pt)

ये धातुएँ Cu से कम क्रियाशील — विद्युत-अपघटन में आयन नहीं बनतीं — Anode के नीचे गिरतीं।

आर्थिक मूल्य:

  • 1 ton anode mud में 5-10 kg Au + 50-150 kg Ag।
  • कीमत: लाखों रुपये।

व्यावसायिक उपयोग:

  • Cu उद्योग का ~20% लाभ — anode mud से।
  • अलग कंपनियाँ — सिर्फ anode mud से धातु निकालने।

यानी 'अपशिष्ट' — एक 'खजाना'!

सारांश

कथन सही/गलत वास्तविकता
मिश्रधातु कमज़ोर मजबूत होती
Fe पर Cu Zn चढ़ता
केवल पानी जंग पानी + O₂
Anode mud अपशिष्ट मूल्यवान

सब चार कथन गलत — सही उत्तर सीखे।

[बोर्ड में 5-अंक तार्किक]

उदाहरण 14: एक संख्यात्मक — पीतल का संघटन

50 g पीतल (Cu + Zn) में 70% Cu है। प्रत्येक धातु की मात्रा?

हल:

दिया गया:

  • कुल पीतल = 50 g
  • Cu की मात्रा = 70%
  • Zn की मात्रा = 30% (शेष)

Cu की मात्रा: Cu=70%×50=0.70×50=35 g\text{Cu} = 70\% \times 50 = 0.70 \times 50 = 35 \text{ g}

Zn की मात्रा: Zn=30%×50=0.30×50=15 g\text{Zn} = 30\% \times 50 = 0.30 \times 50 = 15 \text{ g}

सत्यापन: 35 + 15 = 50 g ✓

उत्तर:

  • Cu = 35 g
  • Zn = 15 g

अतिरिक्त गणना

मोल की मात्रा:

  • Cu: 3563.5=0.551\frac{35}{63.5} = 0.551 mol
  • Zn: 1565.4=0.229\frac{15}{65.4} = 0.229 mol

मोल अनुपात: Cu : Zn = 0.551 : 0.229 = 2.4 : 1

यानी हर 1 परमाणु Zn पर ~2.4 परमाणु Cu।

प्रकार के पीतल

70:30 — आम पीतल (Brass 70/30)। उपयोग: कारतूस, गहने।

अन्य प्रकार:

संघटन प्रकार उपयोग
95% Cu, 5% Zn Gilding metal सजावट
70% Cu, 30% Zn Cartridge brass गोली
60% Cu, 40% Zn Muntz metal भवन
90% Cu, 10% Zn Commercial bronze बर्तन

क्यों इस अनुपात से?

अधिक Cu → मुलायम, कम संक्षारण। अधिक Zn → कठोर, परंतु भंगुर। 70:30 — संतुलन।

एक रोचक प्रदर्शन

यदि 30% Cu और 70% Zn हो:

  • रंग: चांदी जैसा
  • गुण: Zn की तरह।
  • अब यह 'पीतल' नहीं — कोई और नाम।

यानी — Cu की प्रधानता ही पीतल बनाती।

व्यावहारिक उपयोग

70:30 पीतल:

  • सजावटी मूर्तियाँ।
  • थाली, कटोरी।
  • संगीत-यंत्र (तुरही, घंटी)।
  • नल, हैंडल।

अधिकांश 'पीतल के बर्तन' — इसी संघटन।

[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]

उदाहरण 15: एक मिश्र — एक रोचक प्रयोग

तीन Fe के नाख़ून:

  • A: साधारण।
  • B: Zn कोटिंग (galvanised)।
  • C: तेल लगा।

तीनों को नमक के पानी में रखा। 1 हफ्ते बाद क्या?

हल:

विश्लेषण

नाख़ून A — साधारण

परिणाम: पूरा जंग।

कारण:

  • नमक का पानी = विद्युत-अपघट्य।
  • O₂ + H₂O — दोनों उपलब्ध।
  • कोई संरक्षण नहीं।
  • Fe → Fe₂O₃·xH₂O (जंग)।

नमक की उपस्थिति में जंग 5-10 गुना तेज़

नाख़ून B — Galvanised

परिणाम: कोई जंग नहीं!

कारण:

  • Zn की परत — सक्रिय।
  • Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।
  • यदि कुछ संक्षारण — Zn पहले।
  • Fe सुरक्षित (Cathodic protection)।

हफ्ते के अंत में:

  • Zn की परत थोड़ी कम।
  • Fe — चमकदार, बिना जंग।

नाख़ून C — तेल लगा

परिणाम: कुछ जंग।

कारण:

  • तेल — भौतिक अवरोध।
  • O₂ और H₂O से अल्प सुरक्षा।
  • परंतु तेल जल में घुलता या वाष्पित नहीं।
  • समय के साथ तेल हटता।
  • कुछ Fe खुला होता।

हफ्ते के अंत में:

  • कुछ हिस्सा बेजंग।
  • कुछ हिस्सा जंग।
  • A से बेहतर, B से बुरा।

तुलनात्मक तालिका

नाख़ून संरक्षण परिणाम टिकाऊपन
A (साधारण) कोई नहीं पूरा जंग
B (Galvanised) Zn कोटिंग कोई जंग नहीं अति-अधिक
C (तेल) भौतिक कुछ जंग कम

निष्कर्ष

सबसे अच्छा संरक्षण: B (गैल्वनीकरण)।

Zn की परत — सबसे प्रभावी।

व्यावहारिक सीख

यदि हम Fe वस्तु को नमक के पानी (समुद्री) में लंबे समय तक रखना है:

1. सबसे अच्छा: Galvanised + अतिरिक्त पेंट। 2. मध्यम: Galvanised। 3. कम: तेल। 4. सबसे बुरा: बिना संरक्षण।

एक प्रश्न: क्यों समुद्र-तट पर वस्तुएँ जल्दी जंग?

उत्तर:

  • नमी अधिक।
  • NaCl (नमक) — विद्युत-अपघट्य।
  • Cl⁻ आयन — Fe सतह पर हमला।
  • जंग 5-10 गुना तेज़।

यही कारण कि — समुद्री जहाज़ों पर विशेष पेंट और मिश्रधातु। भारत के तटीय शहर — कोलकाता, मुंबई, चेन्नई — Fe वस्तुएँ जल्दी जंग।

अंतिम सूत्र

'समुद्र + Fe = जंग का आदर्श।' अतः समुद्री वातावरण में: गैल्वनीकरण + पेंट + विशेष मिश्रधातु

[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]

उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न

(a) विद्युत-अपघटनी परिष्करण की प्रक्रिया। (b) जंग के लिए ज़रूरी तत्व। (c) गैल्वनीकरण क्यों उपयोगी? (d) 5 प्रसिद्ध मिश्रधातुओं के नाम और संघटन।

हल:

(a) विद्युत-अपघटनी परिष्करण

व्यवस्था (Cu उदाहरण):

  • Anode (+): अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी।
  • Cathode (-): शुद्ध Cu की पतली पट्टी।
  • विद्युत-अपघट्य: CuSO4CuSO_4 + तनु H2SO4H_2SO_4

अभिक्रियाएँ: Anode पर: Cu(अशुद्ध)Cu2++2eCu(\text{अशुद्ध}) \rightarrow Cu^{2+} + 2e^- Cathode पर: Cu2++2eCu(शुद्ध)Cu^{2+} + 2e^- \rightarrow Cu(\text{शुद्ध})

अशुद्धियों का भाग्य:

  • Au, Ag, Pt → anode mud
  • Fe, Zn → विलयन में।

अंतिम: Cathode पर 99.99% शुद्ध Cu।

(b) जंग के लिए ज़रूरी तत्व

दो ज़रूरी तत्व:

  1. पानी (H₂O / नमी)।
  2. ऑक्सीजन (O₂)।

केवल एक से नहीं। दोनों चाहिए।

अभिक्रिया: 4Fe+3O2+xH2O2Fe2O3xH2O4Fe + 3O_2 + xH_2O \rightarrow 2Fe_2O_3 \cdot xH_2O

सबूत:

  • A परखनली: पानी (बिना हवा) — कोई जंग।
  • B परखनली: हवा (बिना पानी) — कोई जंग।
  • C परखनली: दोनों — जंग।

(c) गैल्वनीकरण क्यों उपयोगी?

1. Cathodic Protection:

  • Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।
  • खरोंच पर Zn पहले संक्षारित।
  • Fe सुरक्षित।

2. लंबा टिकाऊपन:

  • 20-50 साल।

3. खरोंच पर भी सुरक्षा:

  • अन्य विधियों के विपरीत।

4. आर्थिक:

  • मास-स्केल पर सस्ता।

उपयोग: नल, पाइप, बाल्टियाँ, छतें।

(d) 5 प्रसिद्ध मिश्रधातुएँ

1. स्टेनलेस स्टील

  • संघटन: 74% Fe + 18% Cr + 8% Ni
  • उपयोग: रसोई के बर्तन, चाकू।

2. पीतल (Brass)

  • संघटन: 70% Cu + 30% Zn
  • उपयोग: सजावट, बर्तन, संगीत-यंत्र।

3. कांसा (Bronze)

  • संघटन: 88% Cu + 12% Sn
  • उपयोग: मूर्तियाँ, मेडल।

4. सोल्डर

  • संघटन: 50% Pb + 50% Sn
  • उपयोग: विद्युत वेल्डिंग।

5. डुरालुमिन

  • संघटन: 95% Al + 4% Cu + 0.5% Mg + 0.5% Mn
  • उपयोग: विमान, गाड़ियाँ।

अंतिम सूत्र

'परिष्करण + संरक्षण + मिश्रधातु = आधुनिक धातु उद्योग।'

[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]