धातुओं का परिष्करण (Refining)
अनुभाग 7 से प्राप्त धातुएँ — अभी भी अशुद्ध होती हैं। अंतिम चरण: परिष्करण — शुद्ध धातु बनाना।
क्यों परिष्करण?
Blast Furnace से Fe — 4% C + अन्य अशुद्धियाँ। Cu (Blister) — 99% शुद्ध, परंतु अशुद्धियाँ हैं। Al — Hall-Héroult से ~99% शुद्ध, और शुद्ध करना।
हर उपयोग के लिए — विशेष शुद्धता चाहिए।
परिष्करण की मुख्य विधियाँ
1. विद्युत-अपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining) — सबसे प्रचलित। 2. आसवन (Distillation) — Hg, Zn जैसे वाष्पशील धातुओं के लिए। 3. द्रवण (Liquation) — कम गलनांक धातुओं के लिए। 4. क्षेत्र परिष्करण (Zone refining) — अति-शुद्ध धातुओं के लिए।
हम मुख्यतः विद्युत-अपघटनी परिष्करण देखेंगे।
विद्युत-अपघटनी परिष्करण — सिद्धांत
अशुद्ध धातु को Anode बनाएँ। शुद्ध धातु की पतली पट्टी को Cathode बनाएँ। उसी धातु के लवण का विलयन — विद्युत-अपघट्य।
विद्युत प्रवाहित करें।
क्या होता:
- Anode (अशुद्ध) से धातु — आयन के रूप में विलयन में।
- विलयन से धातु आयन — Cathode पर शुद्ध रूप में जमा।
- अशुद्धियाँ — Anode के नीचे 'anode mud' के रूप में गिरतीं।
अंत में: Cathode पर शुद्ध धातु; Anode mud में Au, Ag, Pt जैसी मूल्यवान धातुएँ।
Cu का विद्युत-अपघटनी परिष्करण
व्यवस्था:
- अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी = Anode (+)
- शुद्ध Cu की पतली पट्टी = Cathode (-)
- विद्युत-अपघट्य: + तनु ।
अभिक्रियाएँ:
At Anode:
At Cathode:
अशुद्धियाँ (Au, Ag, Pt, Fe, Zn):
- Au, Ag, Pt — anode के नीचे गिरतीं ('anode mud')।
- Fe, Zn — विलयन में जातीं, परंतु Cathode पर नहीं जमतीं।
यानी: Cathode पर — शुद्ध Cu (99.99%)।
Al, Zn, Ni — समान विधि से
हर एक के लिए — उसी धातु का लवण विद्युत-अपघट्य।
- Al:
- Zn:
- Ni:
Anode Mud — एक रोचक प्राप्ति
Cu के परिष्करण से प्राप्त anode mud में:
- सोना (Au)
- चांदी (Ag)
- प्लेटिनम (Pt)
यह 'अनचाहा अपशिष्ट' नहीं — मूल्यवान! Cu उद्योग का एक 'बोनस' उत्पाद।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Impure copper (anode +) | अशुद्ध कॉपर (ऐनोड +) |
| Pure copper (cathode -) | शुद्ध कॉपर (कैथोड -) |
| Copper sulphate solution | कॉपर सल्फेट विलयन |
| Anode mud | ऐनोड पंक |
| Battery | बैटरी |
संक्षारण (Corrosion) — परिचय
धातुओं का सबसे बड़ा शत्रु: संक्षारण।
परिभाषा
धातुओं का — वायु, जल, या अन्य रसायनों से धीरे-धीरे रासायनिक क्षरण = संक्षारण।
उत्पाद: धातु के ऑक्साइड, हाइड्रॉक्साइड, सल्फाइड, कार्बोनेट।
विभिन्न धातुओं का संक्षारण
1. लोहा — जंग (Rust): — हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड। भूरा-लाल रंग। ढीला, छिद्रपूर्ण — अंदर का Fe भी जंग पकड़ता।
2. तांबा — हरी परत (Patina): Cu(OH)₂·CuCO₃ या CuCO₃ — हरा रंग। प्राचीन तांब्र वस्तुओं पर — हरी परत।
3. चांदी — काली परत (Tarnish): Ag₂S — काला सल्फाइड। (वायु से) से।
4. एल्यूमिनियम — चांदी जैसी परत: — पतली, सघन परत। अंदर के Al को बचाती (अनुभाग 2 का संदर्भ)।
5. सोना — कोई संक्षारण नहीं! Au अति-कम क्रियाशील।
जंग — विस्तृत
आवश्यक तत्व:
- पानी (नमी)।
- ऑक्सीजन (हवा)।
दोनों होने पर ही जंग। केवल पानी या केवल हवा से नहीं।
अभिक्रिया (सरलीकृत):
Fe₂O₃·xH_2O = जंग।
प्रदर्शन — जंग पर प्रयोग
तीन परखनलियाँ:
A: Fe + पानी (वायु निकाली) → कोई जंग नहीं। B: Fe + सूखी हवा (कोई पानी नहीं) → कोई जंग नहीं। C: Fe + पानी + हवा → जंग!
निष्कर्ष: दोनों ज़रूरी।
जंग का तंत्र — विद्युत-रासायनिक
Fe सतह पर:
- कुछ क्षेत्र — Anode (Fe → Fe²⁺ + 2e⁻)।
- कुछ क्षेत्र — Cathode (O₂ + 2H₂O + 4e⁻ → 4OH⁻)।
Fe²⁺ और OH⁻ → Fe(OH)₂ → Fe(OH)₃ → Fe₂O₃·xH₂O।
यानी जंग = एक 'सूक्ष्म-विद्युत सेल'।
प्रभावित करने वाले कारक
1. नमी: अधिक → अधिक जंग। 2. प्रदूषण (): अम्लीय वर्षा → तेज़। 3. नमक (): समुद्र-तट पर अधिक। 4. ताप: अधिक ताप → तेज़। 5. सतह की स्थिति: दरारें → तेज़।
व्यावहारिक प्रभाव
हर साल विश्व में — लाखों टन Fe जंग से नष्ट। भारत: Fe उत्पादन का ~10% जंग में। आर्थिक हानि: करोड़ों रुपये।
संक्षारण से बचाव
जंग को रोकने के कई तरीक़े — आधुनिक उद्योग में।
1. पेंट करना (Painting)
Fe सतह पर — पेंट की परत। ऑक्सीजन और नमी दोनों से बचाव।
लाभ:
- सस्ती।
- आसान।
- विभिन्न रंगों में।
हानि:
- पेंट खरोंच जाए — जंग नीचे।
- समय-समय पर बदलना।
उपयोग: कारें, खिड़कियाँ, बाग की लोहे की वस्तुएँ।
2. तेल/ग्रीस लगाना (Oiling/Greasing)
तेल की पतली परत।
लाभ:
- तुरंत।
- सरल।
- आसानी से लगाई जाती।
हानि:
- कुछ ही समय में सूख जाती।
- पुनः लगाना।
उपयोग: मशीन के पुर्ज़े, ताले, औज़ार।
3. यशदलेपन / गैल्वनीकरण (Galvanisation)
Fe की सतह पर Zn की परत चढ़ाना।
Zn — Fe से अधिक क्रियाशील। यदि परत खरोंच जाए — Zn पहले संक्षारित होगा (Fe नहीं!)।
यह 'cathodic protection'।
विधि: Fe को पिघले Zn में डुबाएँ — Zn की परत चढ़ती।
उपयोग:
- नल
- पाइप
- बाल्टियाँ
- छतें
- बाड़े
'Galvanised iron' (GI) — आम बाज़ारी नाम।
4. क्रोमियम लेपन (Chromium Plating)
विद्युत-अपघटनी विधि से Cr की परत।
लाभ:
- चमकदार।
- टिकाऊ।
- संक्षारण-रोधी।
उपयोग: नल, गाड़ी के पुर्ज़े।
5. विद्युत-लेपन (Electroplating)
विद्युत-अपघटनी विधि से एक धातु पर दूसरी की परत।
सामान्य उदाहरण:
- Fe पर Ni
- Fe पर Sn
- Fe पर Cr
6. एनोडाइज़िंग (Anodising)
Al पर Al₂O₃ की मोटी परत बनाना। (अनुभाग 2 का संदर्भ।)
Al केवल Al — कोई बाह्य पदार्थ नहीं।
7. मिश्रधातुओं का उपयोग (Alloying)
शुद्ध धातु से बेहतर — मिश्रधातु। उदाहरण: स्टेनलेस स्टील — Fe + Cr + Ni।
Cr की एक परत — Fe को बचाती।
मिश्रधातुएँ — क्या और क्यों?
परिभाषा: दो या अधिक धातुओं का — या एक धातु + एक अधातु — समांगी मिश्रण।
मुख्य उदाहरण:
| मिश्रधातु | संघटन | उपयोग |
|---|---|---|
| स्टेनलेस स्टील | Fe + Cr + Ni | बर्तन, चाकू |
| पीतल (Brass) | Cu + Zn | सजावट, बर्तन |
| कांसा (Bronze) | Cu + Sn | मूर्तियाँ, मेडल |
| सोल्डर | Pb + Sn | वेल्डिंग |
| डुरालुमिन | Al + Cu + Mg + Mn | विमान |
| माग्नालियम | Al + Mg | प्रकाश-तंत्र |
मिश्रधातु के लाभ:
- कठोरता बढ़ती।
- संक्षारण-प्रतिरोध।
- कम गलनांक (कुछ में)।
- अधिक उपयोगी।
उदाहरण: शुद्ध Au — मुलायम। 22-कैरट सोना (Au + Cu) — टिकाऊ।
विद्युत-लेपन (Electroplating) — विस्तृत
एक प्रसिद्ध परिष्करण-संरक्षण विधि।
सिद्धांत
विद्युत-अपघटनी विधि से — एक धातु पर दूसरी धातु की पतली, समान परत चढ़ाना।
मूल व्यवस्था
उदाहरण: Fe वस्तु पर Ag लेपन
- Cathode (-): Fe वस्तु (जिस पर परत चढ़ानी)।
- Anode (+): Ag की पट्टी।
- विद्युत-अपघट्य: का विलयन।
अभिक्रियाएँ
At Anode:
Ag विलयन में।
At Cathode:
Ag — Fe वस्तु पर जमी।
यानी विद्युत-अपघट्य की सान्द्रता स्थिर रहती।
व्यावसायिक उपयोग
1. सोने का लेपन (Gold plating):
- सस्ते आभूषणों पर सोना।
- दिखने में महंगे, पर वजन कम।
2. चांदी का लेपन (Silver plating):
- खाने के बर्तनों पर।
- सजावटी वस्तुओं पर।
3. Cr का लेपन:
- नल, बाथरूम-फिटिंग।
- गाड़ी के पुर्ज़े (chrome trim)।
4. Ni का लेपन:
- सिक्कों पर (कुछ देशों में)।
- विद्युत-स्विच।
5. Sn का लेपन (Tin plating):
- खाद्य डिब्बों के अंदर (Fe + Sn = 'tin can')।
- Sn — खाद्य के साथ अप्रभावी।
विद्युत-लेपन के लाभ
- पतली, समान परत।
- सटीक नियंत्रण।
- विभिन्न धातुओं के लिए।
- जटिल आकारों पर भी।
व्यावहारिक उदाहरण — टिन की डिब्बी
Fe + Sn कोटिंग = खाने का डिब्बा।
क्यों Sn?
- खाद्य से क्रिया नहीं।
- आसानी से लेपन।
- सस्ता।
Sn की परत खरोंच जाए → Fe जंग पकड़ता। अतः खुली डिब्बी जल्दी जंग।
एक तुलना — गैल्वनीकरण vs लेपन
| गुण | गैल्वनीकरण | विद्युत-लेपन |
|---|---|---|
| सिद्धांत | भौतिक | विद्युत-रासायनिक |
| धातु | Zn | Cr, Ag, Au, Sn |
| उद्देश्य | संरक्षण | संरक्षण + सजावट |
| उदाहरण | GI नल | Cr चढ़ी टंकी |
| Fe खरोंच पर | Zn पहले संक्षारित | परत के नीचे Fe जंग |
एक रोचक तथ्य
'गैल्वनीकरण' — Luigi Galvani के नाम पर। उन्होंने 1791 में 'जैव-विद्युत' का अध्ययन किया। उन्हीं के नाम पर — 'galvanometer' और 'galvanisation'।
संक्षारण-रोधी विधियों की तुलना
एक सारांश तालिका
| विधि | सिद्धांत | लाभ | सीमाएँ |
|---|---|---|---|
| पेंट | भौतिक अवरोध | सस्ती | खरोंच पर खराब |
| तेल | अवरोध | तुरंत | कम समय |
| गैल्वनीकरण (Zn) | cathodic protection | टिकाऊ | महंगी |
| Cr लेपन | विद्युत-लेपन | चमकदार | जटिल |
| एनोडाइज़िंग | ऑक्साइड परत | विशेष | सिर्फ Al |
| मिश्रधातु | संरचना | स्थायी | प्रारम्भिक खर्च |
कब कौन-सी विधि?
1. घर में:
- नल (GI)
- दरवाज़े (पेंट)
- खाद्य के बर्तन (स्टेनलेस स्टील)
2. उद्योग में:
- पाइप (galvanised)
- गाड़ियाँ (पेंट + Cr लेपन)
- रेल पटरियाँ (विशेष मिश्रधातु)
3. विशेष:
- विमान (Al + एनोडाइज़िंग)
- जहाज़ (विशेष मिश्रधातु + पेंट)
Cathodic Protection — एक रोचक विधि
Fe को 'cathode' बनाकर — दूसरी धातु को 'sacrifice' करना।
सिद्धांत:
- एक अधिक क्रियाशील धातु (Mg, Zn) — Fe से जुड़ी।
- संक्षारण होने पर — पहले वह धातु (sacrificial)।
- Fe सुरक्षित।
उदाहरण:
- जहाज़ों के पतवार: Fe पर Mg/Zn की पट्टी।
- भूमिगत पाइप: Mg-block जुड़ा।
- जलीय भंडारण टैंक: Zn-anode।
यह 'sacrificial protection'।
Mg/Zn ख़त्म होती जाती — समय-समय पर बदली।
स्टेनलेस स्टील — एक 'चमत्कार'
संघटन: Fe + Cr (>10%) + Ni + अन्य
क्यों यह जंग नहीं पकड़ता?
Cr के कारण — सतह पर की अति-पतली परत। यह परत — सघन, छिद्र-रहित। अंदर के Fe को बचाती।
अगर खरोंच भी जाए — Cr फिर से बना देता (Cr वायु में स्वतः)।
यानी 'self-healing' संरक्षण।
मिश्रधातुएँ — विस्तार से
स्टेनलेस स्टील
- 18% Cr + 8% Ni + 74% Fe।
- रसोई के बर्तन, चाकू।
- भारत: Tata, Jindal — प्रमुख।
पीतल (Brass)
- Cu + Zn।
- सजावट, बर्तन, संगीत-यंत्र।
- पीला रंग।
कांसा (Bronze)
- Cu + Sn।
- मूर्तियाँ, मेडल, घंटे।
- भूरा रंग।
सोल्डर
- Pb + Sn (50:50)।
- विद्युत वेल्डिंग।
- कम गलनांक (~180°C)।
अमलगम
- Hg + अन्य धातु।
- दंत-चिकित्सा (Hg + Ag + Sn)।
- सोने के निष्कर्षण में।
मिश्रधातुओं के गुण
शुद्ध धातु की तुलना में:
- कठोरता ↑
- संक्षारण-प्रतिरोध ↑
- गलनांक प्रायः ↓
- विद्युत-चालकता प्रायः ↓
एक रोचक तुलना
शुद्ध Au: बहुत मुलायम — आभूषण नहीं बनते। 22-कैरट Au (Au + Cu): कठोर — आभूषण बनते। 18-कैरट Au: और कठोर। 'White Gold' (Au + Pd/Ni): सफेद रंग, टिकाऊ।
यानी — मिश्रधातु से 'सोना' अधिक उपयोगी हो जाता।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] मिश्रधातुओं के 4-5 उदाहरण याद रखें।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।
1. विद्युत-अपघटनी परिष्करण (Cu उदाहरण)
- Anode: अशुद्ध Cu (मोटी पट्टी)।
- Cathode: शुद्ध Cu (पतली पट्टी)।
- विद्युत-अपघट्य: CuSO₄ + H₂SO₄।
- At Anode: ।
- At Cathode: ।
- अशुद्धियाँ: Anode mud (Au, Ag, Pt) + विलयन (Fe, Zn)।
2. संक्षारण के उत्पाद
| धातु | संक्षारण उत्पाद | रंग |
|---|---|---|
| Fe | Fe₂O₃·xH₂O (जंग) | भूरा-लाल |
| Cu | Cu(OH)₂·CuCO₃ | हरा |
| Ag | Ag₂S | काला |
| Al | Al₂O₃ (परत) | चांदी |
3. जंग के लिए ज़रूरी
दोनों: पानी (नमी) + ऑक्सीजन (हवा)। केवल एक से नहीं।
मूल अभिक्रिया:
4. संक्षारण-रोधी विधियाँ
- पेंट (सस्ती)।
- तेल/ग्रीस (तुरंत)।
- गैल्वनीकरण (Zn कोटिंग — Cathodic protection)।
- Cr लेपन (चमकदार)।
- विद्युत-लेपन (पतली परत)।
- एनोडाइज़िंग (Al पर)।
- मिश्रधातु (स्टेनलेस स्टील)।
5. प्रसिद्ध मिश्रधातुएँ
| मिश्रधातु | संघटन |
|---|---|
| स्टेनलेस स्टील | Fe + Cr + Ni |
| पीतल | Cu + Zn |
| कांसा | Cu + Sn |
| सोल्डर | Pb + Sn |
| डुरालुमिन | Al + Cu + Mg + Mn |
| अमलगम | Hg + अन्य |
6. गैल्वनीकरण (विशेष)
- Fe पर Zn की परत।
- Zn पहले संक्षारित (cathodic protection)।
- नल, पाइप, बाल्टियाँ।
7. विद्युत-लेपन उदाहरण (Fe पर Ag)
- Cathode: Fe वस्तु।
- Anode: Ag पट्टी।
- विद्युत-अपघट्य: AgNO₃।
8. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- विद्युत-अपघटनी परिष्करण — आरेख।
- जंग का तंत्र और रोकथाम।
- गैल्वनीकरण की विधि।
- 5 प्रसिद्ध मिश्रधातुओं के नाम और उपयोग।
- Anode mud क्या? कैसे मूल्यवान?
अंतिम सूत्र: 'परिष्करण = शुद्ध; संक्षारण = क्षरण; मिश्रधातु = बेहतर।'
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — विद्युत-अपघटनी परिष्करण (Cu)
Cu का विद्युत-अपघटनी परिष्करण विस्तार से समझाएँ।
हल:
व्यवस्था
आवश्यक चीज़ें:
- अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी — Anode (+)।
- शुद्ध Cu की पतली पट्टी — Cathode (-)।
- विद्युत-अपघट्य: तनु + का विलयन।
- एक टैंक — विलयन रखने।
- DC विद्युत स्रोत।
विद्युत-अपघट्य
विलयन में:
Anode पर अभिक्रिया (+)
अशुद्ध Cu — आयन के रूप में विलयन में:
Cu²⁺ — विलयन में जाते।
अशुद्धियों का भाग्य:
- Cu से कम क्रियाशील (Au, Ag, Pt) — Anode के नीचे 'anode mud' के रूप में जमतीं।
- Cu से अधिक क्रियाशील (Fe, Zn, Ni) — आयन के रूप में विलयन में जातीं, परंतु Cathode पर नहीं जमतीं।
Cathode पर अभिक्रिया (-)
Cu²⁺ — विलयन से इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर के:
शुद्ध Cu — Cathode पर जमता।
कुल परिणाम
- Anode: घटता जाता (Cu → Cu²⁺ → विलयन)।
- Cathode: बढ़ता जाता (Cu²⁺ → Cu → जमी)।
- विलयन: Cu²⁺ की सान्द्रता स्थिर।
- Anode mud: Au, Ag, Pt (मूल्यवान!)।
Anode Mud की भूमिका
'अनुपयोगी अपशिष्ट' नहीं — अति-मूल्यवान! Cu उद्योग के लिए — एक 'बोनस' उत्पाद।
हर साल भारत में — Cu परिष्करण से सोना/चांदी की अच्छी मात्रा प्राप्त।
चित्र (शब्दों में)
| + | - |
| A | | ← दो इलेक्ट्रोड
| | |
| अ | शु | ← अशुद्ध Cu (Anode), शुद्ध Cu (Cathode)
| द्ध| द्ध |
| Cu | Cu |
+---+---+
CuSO₄ + H₂SO₄ विलयन
Anode के नीचे — anode mud (Au, Ag)
शुद्धता
अंत में: Cathode पर Cu = 99.99% शुद्ध।
यह — विद्युत के तार बनाने के लिए उपयुक्त।
अन्य धातुओं के लिए
Al, Zn, Ni — समान विधि से परिष्कृत। प्रत्येक के लिए — उसी धातु का लवण विलयन।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — हर साल बोर्ड में]
उदाहरण 2: NCERT — जंग पर प्रयोग
जंग के लिए कौन-कौन से तत्व ज़रूरी हैं? एक प्रयोग से सिद्ध करें।
हल:
मूल प्रश्न
Fe पर जंग — पानी से, हवा से, या दोनों से?
प्रसिद्ध प्रयोग — तीन परखनलियाँ
व्यवस्था: तीन परखनलियाँ। प्रत्येक में एक Fe नाख़ून।
A परखनली:
- Fe नाख़ून + उबला पानी (वायु निकाली)।
- ऊपर तेल की परत (वायु प्रवेश रोकने)।
B परखनली:
- Fe नाख़ून + सूखी हवा।
- नीचे CaCl₂ (शुष्क रसायन — पानी सोखता)।
C परखनली:
- Fe नाख़ून + पानी + हवा (दोनों उपलब्ध)।
कुछ दिन बाद देखें।
प्रेक्षण
| परखनली | शर्तें | परिणाम |
|---|---|---|
| A | पानी, बिना हवा | कोई जंग नहीं |
| B | हवा, बिना पानी | कोई जंग नहीं |
| C | पानी + हवा | जंग! |
निष्कर्ष
जंग के लिए ज़रूरी:
- पानी (नमी)।
- ऑक्सीजन (हवा)।
केवल एक से नहीं। दोनों चाहिए।
मूल अभिक्रिया
उत्पाद: = जंग। भूरा-लाल रंग।
व्यावहारिक प्रभाव
यही कारण कि:
- समुद्र-तट पर अधिक जंग (नमी अधिक)।
- पानी की पाइपों के अंदर जंग (पानी + अल्प हवा)।
- रेगिस्तान में कम जंग (कम नमी)।
तेज़ करने वाले कारक
1. नमक (NaCl):
- विद्युत-अपघट्य के रूप में।
- जंग 5-10 गुना तेज़।
2. प्रदूषण ():
- अम्लीय वर्षा।
3. ताप:
- अधिक ताप → अधिक तेज़।
एक रोचक तथ्य
Fe पर जंग — 'चक्रीय' भी हो सकता। जंग पकड़ी सतह — और अधिक जंग पकड़ती। यानी 'autocatalytic'।
यही कारण — एक छोटी जंग भी समय के साथ बहुत बढ़ जाती।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — हर साल बोर्ड में]
उदाहरण 3: NCERT — गैल्वनीकरण
गैल्वनीकरण क्या है? इसकी प्रक्रिया और लाभ बताएँ।
हल:
परिभाषा
'गैल्वनीकरण (Galvanisation)' = Fe पर Zn की परत चढ़ाने की प्रक्रिया।
उद्देश्य: Fe को संक्षारण से बचाना।
विधि
1. Fe वस्तु की सफाई:
- तनु अम्ल से धोना।
- सतह की अशुद्धियाँ हटाना।
2. पिघले Zn में डुबाना:
- Zn का पिघलाव बिंदु ~420°C।
- Fe वस्तु को कुछ सेकंड के लिए डुबाएँ।
3. ठंडा होना:
- बाहर निकालकर ठंडा।
- Zn की पतली परत Fe पर जम जाती।
अंत में: Fe + Zn कोटिंग = Galvanised Iron (GI)।
सिद्धांत — 'Cathodic Protection'
Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।
क्रियाशीलता:
यदि परत खरोंच जाए और जल/हवा अंदर पहुँचे:
- Zn ही पहले संक्षारित होगा (Anode)।
- Fe Cathode बनकर सुरक्षित रहता।
यानी Zn — 'sacrificial' (बलिदान) धातु।
व्यावहारिक लाभ
1. खरोंच पर भी संरक्षण।
- पेंट खरोंच जाए → जंग।
- Zn खरोंच जाए → फिर भी Fe सुरक्षित (Zn पहले!)।
2. लंबे समय तक सुरक्षा।
- 20-50 साल तक।
3. सरल विधि।
- मास-स्केल पर संभव।
4. आर्थिक।
- अन्य विधियों से सस्ती।
व्यावहारिक उदाहरण
'Galvanised Iron' (GI) के उदाहरण:
- पानी की पाइप (विशेष रूप से नल, टंकी)।
- छतें (एस्बेस्टस के साथ)।
- बाल्टियाँ, बाड़ी की चीजें।
- पुलों के तार।
- गाड़ियों के कुछ हिस्से।
एक तुलना — पेंट vs गैल्वनीकरण
| गुण | पेंट | गैल्वनीकरण |
|---|---|---|
| सिद्धांत | भौतिक अवरोध | विद्युत-रासायनिक |
| टिकाऊपन | कम | अधिक |
| खरोंच पर | जंग | Zn पहले |
| लागत | कम | अधिक |
| उद्देश्य | सजावट + सुरक्षा | केवल सुरक्षा |
एक रोचक प्रदर्शन
दो Fe के नाख़ून:
- A: साधारण।
- B: Zn कोटिंग।
दोनों को नमक के पानी में रखें। 1 हफ्ते बाद:
- A: पूरा जंग।
- B: कोई जंग नहीं (Zn कोटिंग अभी भी)।
तब उन्हें खरोंच कर के देखें:
- A: और जंग।
- B: फिर भी जंग नहीं! (Zn बचा)।
यानी 'sacrificial protection' — काम कर रहा।
[NCERT — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 4: NCERT — मिश्रधातुएँ
मिश्रधातु क्या है? पाँच प्रसिद्ध मिश्रधातुओं के नाम, संघटन, और उपयोग बताएँ।
हल:
परिभाषा
'मिश्रधातु (Alloy)' = दो या अधिक धातुओं का — या एक धातु + एक अधातु — समांगी मिश्रण।
उद्देश्य: शुद्ध धातु से बेहतर गुण।
मिश्रधातु क्यों ज़रूरी?
शुद्ध धातु की कमज़ोरियाँ:
- शुद्ध Fe जल्दी जंग।
- शुद्ध Au अति-मुलायम।
- शुद्ध Al नरम।
मिश्रधातु से सुधार:
- कठोरता ↑
- संक्षारण-रोधी ↑
- कम गलनांक (कुछ में)
- अधिक टिकाऊ
पाँच प्रसिद्ध मिश्रधातुएँ
1. स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel)
संघटन:
- 74% Fe
- 18% Cr (मुख्य)
- 8% Ni
विशेषताएँ:
- संक्षारण-रोधी (Cr से परत)।
- चमकदार।
- मजबूत।
उपयोग:
- रसोई के बर्तन, चाकू।
- चिकित्सा उपकरण।
- भवन निर्माण।
2. पीतल (Brass)
संघटन:
- 70% Cu
- 30% Zn
विशेषताएँ:
- पीला रंग।
- संक्षारण-रोधी।
- सजावटी।
उपयोग:
- सजावटी वस्तुएँ (मूर्तियाँ, थाली)।
- संगीत-यंत्र (तुरही)।
- नल, हैंडल।
3. कांसा (Bronze)
संघटन:
- 88% Cu
- 12% Sn
विशेषताएँ:
- कठोर।
- भूरा रंग।
- ध्वनि-गुण अच्छा।
उपयोग:
- मूर्तियाँ (प्राचीन)।
- मेडल (ओलंपिक्स)।
- घंटे, घड़ियाँ।
'Bronze Age' — मानव इतिहास का एक युग।
4. सोल्डर (Solder)
संघटन:
- 50% Pb
- 50% Sn
विशेषताएँ:
- कम गलनांक (~180°C)।
- मजबूत बंध।
उपयोग:
- विद्युत वेल्डिंग।
- तार-मिलान।
- सर्किट बोर्ड।
5. डुरालुमिन (Duralumin)
संघटन:
- 95% Al
- 4% Cu
- 0.5% Mg
- 0.5% Mn
विशेषताएँ:
- हल्का (Al की तरह)।
- मजबूत (स्टील की तरह)।
- संक्षारण-रोधी।
उपयोग:
- विमान।
- रॉकेट।
- गाड़ियाँ।
अन्य महत्वपूर्ण मिश्रधातुएँ
6. अमलगम (Amalgam)
संघटन: Hg + अन्य धातु
उपयोग:
- दंत-चिकित्सा (Hg + Ag + Sn + Cu)।
- सोने का परिष्करण।
7. माग्नालियम (Magnalium)
संघटन: Al + 5-30% Mg
उपयोग: हल्के विमान-पुर्ज़े।
8. 22-कैरट सोना
संघटन: 91.7% Au + 8.3% Cu
विशेषताएँ: शुद्ध Au से कठोर।
उपयोग: आभूषण।
सारांश तालिका
| मिश्रधातु | संघटन | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|
| स्टेनलेस स्टील | Fe + Cr + Ni | बर्तन, चाकू |
| पीतल | Cu + Zn | सजावट |
| कांसा | Cu + Sn | मूर्तियाँ, मेडल |
| सोल्डर | Pb + Sn | वेल्डिंग |
| डुरालुमिन | Al + Cu + Mg + Mn | विमान |
[NCERT पाठ्यपुस्तक — हर साल बोर्ड में]
उदाहरण 5: NCERT — विद्युत-लेपन
Fe वस्तु पर Ag लेपन की प्रक्रिया वर्णन करें।
हल:
व्यवस्था
आवश्यक:
- Fe वस्तु (जिस पर Ag लेपन करना)।
- Ag की पट्टी।
- का विलयन।
- DC विद्युत स्रोत।
- टैंक।
जुड़ाव:
- Fe वस्तु = Cathode (-)।
- Ag पट्टी = Anode (+)।
- विलयन: AgNO₃।
अभिक्रियाएँ
का आयनन:
At Anode (+): Ag पट्टी से Ag — आयन के रूप में:
Ag विलयन में।
At Cathode (-): Ag⁺ — Fe वस्तु पर पहुँचकर:
Ag — Fe वस्तु पर पतली परत के रूप में।
कुल प्रक्रिया
Anode से Ag — विलयन के माध्यम से — Cathode तक।
विलयन की सान्द्रता स्थिर रहती।
Ag पट्टी (Anode) — धीरे-धीरे घुलती। Fe वस्तु (Cathode) — Ag से ढकती।
व्यावहारिक नियंत्रण
विद्युत धारा:
- अधिक धारा → मोटी परत, परंतु अनियमित।
- कम धारा → पतली, समान परत।
समय:
- अधिक समय → मोटी परत।
विलयन की सान्द्रता:
- सटीक होनी चाहिए।
अन्य उदाहरण
Fe पर Cr लेपन
विलयन: + । Anode: Pb (Cr की मांग पूर्ति विलयन से)। Cathode: Fe वस्तु।
उपयोग: नल, बाथरूम, गाड़ी के पुर्ज़े।
Fe पर Sn लेपन (Tin Plating)
विलयन: ।
उपयोग: खाद्य के डिब्बे।
Sn — खाद्य से क्रिया नहीं। Fe — सस्ता और मजबूत।
विद्युत-लेपन के लाभ
- पतली, समान परत।
- जटिल आकारों पर भी।
- विभिन्न धातुओं के लिए।
- विद्युत के नियंत्रण से सटीक।
व्यावसायिक उपयोग
भारत में बड़े स्तर पर:
- आभूषण उद्योग (सोना/चांदी लेपन)।
- गाड़ी उद्योग (Cr, Ni)।
- खाद्य उद्योग (Sn)।
- घरेलू बर्तन (Cr, Ni)।
एक रोचक तथ्य
'Imitation jewellery' = सस्ती धातु पर सोने का लेपन। दिखने में महंगे, परंतु लागत 1/100। इस तरह — विद्युत-लेपन ने सजावट की दुनिया बदल दी।
[NCERT — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 6: NCERT — संक्षारण की रोकथाम
धातुओं को संक्षारण से बचाने की 5 विधियाँ बताएँ।
हल:
1. पेंट करना (Painting)
सिद्धांत: Fe सतह पर पेंट की परत।
लाभ:
- सस्ती।
- सरल।
- विभिन्न रंगों में।
हानि:
- खरोंच पर जंग।
- समय-समय पर बदलना।
उपयोग:
- गाड़ियाँ।
- खिड़कियाँ, दरवाज़े।
- घर की लोहे की वस्तुएँ।
2. तेल/ग्रीस लगाना (Oiling/Greasing)
सिद्धांत: तेल की पतली परत।
लाभ:
- तुरंत।
- सरल।
- दैनिक उपयोग।
हानि:
- जल्दी सूख जाती।
- पुनः लगाना।
उपयोग:
- मशीन के पुर्ज़े।
- ताले।
- औज़ार।
3. गैल्वनीकरण (Galvanisation)
सिद्धांत: Fe पर Zn की परत।
Zn — Fe से अधिक क्रियाशील। यदि परत खरोंच — Zn पहले संक्षारित। 'Cathodic protection'।
लाभ:
- टिकाऊ।
- खरोंच पर भी सुरक्षा।
विधि:
- Fe को पिघले Zn में डुबाना।
- (Hot dipping)।
उपयोग:
- नल, पाइप, बाल्टियाँ।
- छतें, बाड़े।
- 'GI sheet' — आम बाज़ारी नाम।
4. क्रोमियम लेपन (Chromium Plating)
सिद्धांत: विद्युत-अपघटनी विधि से Cr की परत।
लाभ:
- चमकदार।
- टिकाऊ।
- संक्षारण-रोधी।
उपयोग:
- नल, बाथरूम-फिटिंग।
- गाड़ी के बम्पर।
- मोटरसाइकिल के पुर्ज़े।
5. मिश्रधातुओं का उपयोग (Alloying)
सिद्धांत: शुद्ध धातु में अन्य मिलाना।
उदाहरण: स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr + Ni)।
लाभ:
- अंतर्निहित संरक्षण (intrinsic)।
- खरोंच पर भी सुरक्षा।
- स्थायी।
- कोई बाह्य परत नहीं।
उपयोग:
- रसोई के बर्तन।
- चिकित्सा उपकरण।
- भवन निर्माण।
अतिरिक्त: एनोडाइज़िंग
सिद्धांत: Al पर मोटी परत।
केवल Al के लिए। उपयोग: खिड़कियों के फ्रेम, बर्तन।
सारांश तालिका
| विधि | किसके लिए | टिकाऊपन |
|---|---|---|
| पेंट | सब | कम |
| तेल | सब | बहुत कम |
| गैल्वनीकरण | Fe | अधिक |
| Cr लेपन | Fe | अधिक |
| मिश्रधातु | विशेष | अति-अधिक |
| एनोडाइज़िंग | Al | अधिक |
चुनाव — कौन-सी विधि?
'सबसे टिकाऊ — मिश्रधातु।' हालाँकि प्रारम्भिक खर्च अधिक।
'सबसे सस्ती — पेंट।' पर समय-समय पर बदलना।
'सबसे लोकप्रिय — गैल्वनीकरण।' Fe के लिए।
[NCERT — हर साल बोर्ड में 5-अंक]
उदाहरण 7: NCERT — एक मिश्र प्रश्न
(a) जंग का सूत्र क्या है? (b) Cu पर हरी परत क्या? (c) Ag पर काली परत क्या? (d) Al पर परत क्या और क्यों रक्षक?
हल:
(a) जंग का सूत्र
जंग = Fe₂O₃·xH₂O
यानी: हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड। 'x' = परिवर्तनशील जल अणुओं की संख्या।
अभिक्रिया:
लक्षण:
- भूरा-लाल रंग।
- ढीला, छिद्रपूर्ण।
- अंदर के Fe को नहीं बचाता (परत के नीचे और जंग)।
यह 'autocatalytic' — खुद को बढ़ावा देती।
(b) Cu पर हरी परत
Cu पर लंबे समय में बनी हरी परत = 'पैटिना (Patina)'।
सूत्र: कई संभव:
- (बेसिक Cu कार्बोनेट)
- (शहरी प्रदूषण में)
- (अम्लीय वर्षा से)
अभिक्रिया (मुख्य):
विशेष: जंग के विपरीत — पैटिना रक्षक होती! अंदर के Cu को आगे संक्षारण से बचाती।
प्रसिद्ध उदाहरण: Statue of Liberty (USA) — Cu की मूर्ति, हरी पैटिना से ढकी।
(c) Ag पर काली परत
Ag पर समय के साथ बनी काली परत = 'टार्निश (Tarnish)'।
सूत्र: (सिल्वर सल्फाइड)
अभिक्रिया: Ag + वायु में (अल्प मात्रा):
या:
का स्रोत:
- सड़े अंडे, प्याज़।
- कुछ खाद्य पदार्थ।
- सल्फर युक्त वायु प्रदूषण।
हटाने का तरीक़ा:
- टूथपेस्ट से पॉलिश।
- एल्यूमिनियम पन्नी + सोडा + गर्म पानी (विद्युत-रासायनिक)।
(d) Al पर परत
Al पर तुरंत बनी परत = ।
अभिक्रिया:
लक्षण:
- पतली (कुछ माइक्रोमीटर)।
- सघन (छिद्र-रहित)।
- पारदर्शी (Al की चमक दिखती)।
- कठोर।
क्यों रक्षक?
तीन कारण:
1. सघन, छिद्र-रहित।
- Fe₂O₃ ढीला — हवा अंदर।
- Al₂O₃ सघन — हवा नहीं घुसती।
2. अंदर के Al से कस के जुड़ी।
- आसानी से नहीं उतरती।
3. खरोंच पर 'self-healing'।
- वायु में Al तुरंत फिर बनाता।
- दरार स्वतः भरती।
यही कारण: Al चमकदार और टिकाऊ।
सारांश
| धातु | परत | सूत्र | प्रकृति |
|---|---|---|---|
| Fe | जंग | Fe₂O₃·xH₂O | हानिकारक |
| Cu | पैटिना | Cu(OH)₂·CuCO₃ | रक्षक |
| Ag | टार्निश | Ag₂S | केवल सतह |
| Al | ऑक्साइड | Al₂O₃ | रक्षक |
Al, Cu — रक्षक परत। Fe — हानिकारक परत। Ag — केवल सतही।
[बोर्ड में 5-अंक]
उदाहरण 8: एक रोचक — स्टेनलेस स्टील
स्टेनलेस स्टील क्या है? क्यों यह जंग नहीं पकड़ता?
हल:
परिभाषा
'स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel)' = Fe + Cr (कम से कम 10%) + Ni की मिश्रधातु।
Stain = धब्बा, less = बिना — यानी 'धब्बा-रहित स्टील'।
मानक संघटन
सबसे आम (304 grade):
- 70-72% Fe
- 18% Cr
- 8% Ni
- 0.08% C
- अन्य अल्प मात्रा में
अन्य ग्रेड:
- 316 — चिकित्सा उपकरण (Mo भी)।
- 410 — चाकू।
क्यों जंग नहीं?
मूल कारण: Cr की परत।
Cr — Fe से अधिक क्रियाशील। स्टेनलेस स्टील की सतह पर — Cr तुरंत वायु से क्रिया।
अभिक्रिया:
— एक अति-पतली परत (कुछ नैनोमीटर!)।
इस परत के विशेष गुण
1. सघन।
- छिद्र-रहित।
- O₂, H₂O — अंदर नहीं घुसते।
2. कठोर।
- आसानी से नहीं उतरती।
3. पारदर्शी।
- Fe-Cr चमक दिखती।
4. 'Self-healing' (स्व-चिकित्सा)।
- अगर खरोंच जाए → Cr फिर से बना देता।
- दरार स्वतः भरती।
यानी स्टेनलेस स्टील — 'self-protecting'।
Ni की भूमिका
Ni — और मजबूती और सघनता। Cr-Ni संयोजन — सबसे सुरक्षित।
Ni के बिना — सिर्फ 'martensitic' स्टील।
स्टेनलेस स्टील के प्रकार
1. ऑस्टेनिटिक (Austenitic):
- 304, 316
- अधिकांश रसोई के बर्तन।
- अति-संक्षारण-रोधी।
2. मार्टेन्सिटिक (Martensitic):
- 410, 420
- कठोर, चाकू।
- मध्यम संक्षारण-रोधी।
3. फेरिटिक (Ferritic):
- 430
- गाड़ियों के निकास।
- मध्यम।
व्यावहारिक उपयोग
सर्वव्यापी:
- रसोई के बर्तन (थाली, कटोरा, चम्मच)।
- चिकित्सा उपकरण।
- भवन निर्माण।
- खाद्य उद्योग।
- रासायनिक उद्योग।
- गहने (modern)।
भारत में स्टेनलेस स्टील
प्रमुख कंपनियाँ:
- TATA Steel
- Jindal Stainless
- Hindustan Stainless Steel
भारत — विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक।
एक रोचक तुलना
साधारण Fe vs स्टेनलेस स्टील:
| गुण | Fe | स्टेनलेस |
|---|---|---|
| जंग | जल्दी | कभी नहीं (आम परिस्थितियों में) |
| चमक | जल्दी जाती | टिकाऊ |
| रख-रखाव | अधिक | कम |
| लागत | कम | अधिक |
| उपयुक्तता | भारी काम | खाद्य, चिकित्सा |
एक प्रसिद्ध उदाहरण
Qutub Minar के पास का लोहे का स्तंभ (Iron Pillar of Delhi):
1600 साल पुराना। अब तक कोई जंग नहीं! क्यों? — विशेष P (फॉस्फोरस) युक्त मिश्रधातु।
यह — स्टेनलेस स्टील से पहले की 'भारतीय' तकनीक। हमारे पूर्वज — मिश्रधातुओं के रहस्य जानते थे।
[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]
उदाहरण 9: NCERT — Fe और Cu के परिष्करण की तुलना
Fe और Cu के परिष्करण की विधियों में अंतर बताएँ।
हल:
Fe का परिष्करण
Blast Furnace से प्राप्त 'Pig Iron' (4% C, अशुद्धियाँ)।
मुख्य विधियाँ:
1. Bessemer प्रक्रिया
अंडे के आकार के 'converter' में। पिघले pig iron में हवा की धारा।
अशुद्धियाँ हट:
अशुद्धियाँ — स्लैग के रूप में।
2. Open-hearth प्रक्रिया
बड़ी खुली भट्टी में। Fe ऑक्साइड + अशुद्धियाँ। अधिक नियंत्रित।
3. विद्युत-स्टील भट्टी
अति-शुद्ध स्टील के लिए। विशेष मिश्रधातुओं में।
अंत में: नियंत्रित C वाला स्टील।
Cu का परिष्करण
Cu पाइराइट्स से प्राप्त 'Blister Copper' (~99%, परंतु अशुद्धियाँ)।
विधि: विद्युत-अपघटनी परिष्करण।
व्यवस्था:
- Anode: अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी।
- Cathode: शुद्ध Cu की पतली पट्टी।
- विद्युत-अपघट्य: + तनु ।
अभिक्रियाएँ: Anode: Cathode: (शुद्ध)
अशुद्धियाँ:
- Au, Ag, Pt: anode mud।
- Fe, Zn: विलयन में।
अंत में: 99.99% शुद्ध Cu।
तुलनात्मक तालिका
| गुण | Fe | Cu |
|---|---|---|
| आरम्भिक | Pig Iron (4% C) | Blister Cu (99%) |
| मुख्य अशुद्धि | C, S, P, Si | Fe, Zn, Au, Ag |
| विधि | Bessemer / Open-hearth | विद्युत-अपघटनी |
| अंतिम | स्टील | शुद्ध Cu |
| शुद्धता | नियंत्रित C | 99.99% |
| उत्पाद की अशुद्धि | थोड़ी (नियंत्रित) | अति-कम |
क्यों अंतर?
Fe:
- अधिक उत्पादन (हर साल लाखों टन)।
- विद्युत-अपघटनी अव्यावहारिक (बहुत महंगी)।
- 'Bessemer' — सस्ता।
- स्टील में नियंत्रित C चाहिए।
Cu:
- कम उत्पादन (हजारों टन)।
- विद्युत-अपघटनी से 99.99% शुद्धता।
- विद्युत के तार के लिए ज़रूरी।
- Anode mud से सोना बोनस।
एक रोचक बात
यानी — परिष्करण विधि उत्पाद के अंतिम उपयोग पर निर्भर।
Fe → स्टील (नियंत्रित C — Bessemer)। Cu → तार (अति-शुद्ध — विद्युत-अपघटनी)।
[NCERT — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 10: एक संख्यात्मक — विद्युत-अपघटनी परिष्करण
10 g Cu²⁺ आयन के अपचयन के लिए कितना विद्युत आवेश चाहिए? (Cu = 63.5)
हल:
अभिक्रिया (Cathode पर):
मूल सिद्धांत: 1 mol Cu = 63.5 g। 1 mol Cu के लिए 2 mol इलेक्ट्रॉन। 1 mol e⁻ का आवेश = 1 Faraday = 96500 C।
गणना:
10 g Cu में मोल:
इलेक्ट्रॉन की मात्रा:
कुल आवेश:
≈ 30,300 C (कूलॉम)।
उत्तर: लगभग 30,300 C आवेश चाहिए।
अतिरिक्त गणना
यदि धारा 5 A हो — समय कितना?
यानी ~1 घंटा 41 मिनट।
व्यावहारिक प्रासंगिकता
Cu उद्योग में:
- एक टैंक में सैकड़ों Cu पट्टियाँ।
- हजारों ampere की धारा।
- कई दिनों तक चलती।
- दिन-रात सक्रिय।
ऊर्जा उपयोग:
- 1 kg Cu परिष्करण ≈ 200-300 kWh।
- Al से कम (Al — 14000 kWh/ton)।
- Cu — अपेक्षाकृत 'सस्ता'।
Faraday का नियम
यह Faraday का प्रथम नियम:
'जमा धातु की मात्रा प्रवाहित आवेश के समानुपाती।'
जहाँ Z = विद्युत-रासायनिक तुल्यांक।
सीख
विद्युत-अपघटनी परिष्करण = सटीक नियंत्रण। धारा, समय → शुद्ध धातु की मात्रा।
[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]
उदाहरण 11: एक रोचक प्रश्न — Anode Mud
Cu के विद्युत-अपघटनी परिष्करण में Anode mud में क्या है? यह 'अपशिष्ट' है या 'मूल्यवान'?
हल:
Anode Mud में क्या?
Cu की मोटी पट्टी (Anode) में अशुद्धियाँ:
- Cu (मुख्य)
- कम क्रियाशील धातुएँ:
- सोना (Au)
- चांदी (Ag)
- प्लेटिनम (Pt)
- इरीडियम (Ir)
- अधिक क्रियाशील धातुएँ:
- Fe, Zn, Ni
क्या होता विद्युत-अपघटन में?
Anode पर:
- Cu — आयन के रूप में विलयन में।
- Fe, Zn, Ni — भी विलयन में (अधिक क्रियाशील)।
- Au, Ag, Pt — विलयन में नहीं! (कम क्रियाशील — आयन नहीं बनते)।
- ये Anode के नीचे गिरते।
Cathode पर:
- Cu²⁺ — Cu के रूप में जमा।
- Fe²⁺, Zn²⁺ — आयनिक श्रेणी में Cu से ऊपर — जमा नहीं होते।
- विलयन में रहती।
Anode Mud — विश्लेषण
टैंक के अंत में Anode के नीचे मटमैला कीचड़ — 'anode mud'।
विशिष्ट संरचना (~%):
- Au: 0.5-2%
- Ag: 5-15%
- Pt, Pd: 0.1-1%
- Cu (अल्प): कुछ%
- अन्य: सेलेनियम, टेल्यूरियम
मूल्यवान!
यह 'अपशिष्ट' नहीं — अति-मूल्यवान!
आर्थिक मूल्य:
- 1 ton anode mud में ~5-10 kg Au, 50-150 kg Ag।
- मूल्य: लाखों रुपये।
Cu उद्योग में:
- Cu बेचने का लाभ।
- Anode mud बेचने का अतिरिक्त लाभ।
- 'दोहरा मुनाफा'।
Anode Mud से धातुएँ कैसे निकालते?
विधि:
- Anode mud इकट्ठा।
- गलाना (smelting):
- उच्च ताप पर पिघलाना।
- Cu और अन्य प्रथम चरण में अलग।
- रासायनिक उपचार:
- Au, Ag — साइनाइड लीचिंग।
- Pt — विशिष्ट विलायक।
- विद्युत-अपघटनी परिष्करण फिर:
- शुद्ध Au, Ag, Pt।
व्यावसायिक महत्व
दुनिया भर में:
- Cu उद्योग का ~20% लाभ — anode mud से।
- भारत: Hindustan Copper Limited — anode mud का व्यापारिक उत्पादन।
'सोने की खानें' — पुरानी। अब Au का बड़ा हिस्सा — Cu परिष्करण से!
एक रोचक तथ्य
Cu के परिष्करण से एक साल में निकले Au की मात्रा — कई 'सोने की खानों' से अधिक!
यानी — Cu उद्योग = परोक्ष रूप से Au उद्योग।
सीख
'अपशिष्ट' और 'मूल्यवान' — दृष्टिकोण की बात। Anode mud एक प्रसिद्ध उदाहरण। यह — आधुनिक 'circular economy' का सिद्धांत।
[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]
उदाहरण 12: NCERT — एक तुलनात्मक प्रश्न
(a) पैटिना (हरी परत) क्या है? यह क्यों रक्षक? (b) टार्निश (काली परत) क्या? कैसे हटाएँ?
हल:
(a) पैटिना (Patina)
परिभाषा: Cu पर समय के साथ बनी हरी परत।
सूत्र (मुख्य):
यानी: बेसिक कॉपर कार्बोनेट।
अभिक्रिया:
यह धीमी अभिक्रिया — कई वर्षों में दिखती।
क्यों रक्षक?
तीन कारण:
1. सघन परत।
- O₂, CO₂ अंदर नहीं घुसते।
2. अंदर के Cu को कस के पकड़े।
- आसानी से नहीं उतरती।
3. पीढ़ियों तक टिकती।
- 100+ साल भी।
यह — Fe पर जंग के विपरीत। जंग ढीली, अंदर भी जंग; पैटिना सघन, रक्षक।
प्रसिद्ध उदाहरण
Statue of Liberty (USA):
- Cu की मूर्ति, 1886 में स्थापित।
- शुरू में चमकदार लाल-भूरी।
- ~30 साल बाद — पूरी हरी पैटिना से ढकी।
- अंदर का Cu आज भी सुरक्षित!
अन्य:
- पुराने मंदिरों के Cu के द्वार।
- तांब्र मूर्तियाँ (प्राचीन)।
- कुछ छतों के Cu पतरे।
(b) टार्निश (Tarnish)
परिभाषा: Ag पर समय के साथ बनी काली परत।
सूत्र: (सिल्वर सल्फाइड)
अभिक्रिया:
या (वायु में H₂S के साथ O₂):
के स्रोत:
- सड़े अंडे, प्याज़, लहसुन।
- कुछ खाद्य पदार्थ।
- सल्फर युक्त वायु प्रदूषण।
- कुछ रबर वस्तुएँ।
कैसे हटाएँ?
विधि 1: यांत्रिक (पॉलिश)
- टूथपेस्ट + मुलायम कपड़ा।
- सिल्वर पॉलिश।
- सरल, परंतु थोड़ी Ag भी हटती।
विधि 2: रासायनिक — Aluminium पन्नी विधि
यह विद्युत-रासायनिक विधि।
सामग्री:
- Al पन्नी (एक टुकड़ा)।
- गर्म पानी।
- सोडा (NaHCO₃ या Na₂CO₃)।
विधि:
- एक बर्तन की सतह पर Al पन्नी।
- टार्निश Ag को Al पन्नी पर रखें।
- सोडा + गर्म पानी डालें।
- कुछ मिनट प्रतीक्षा।
अभिक्रिया:
यानी:
- Al ने Ag को विस्थापित किया (Al > Ag in reactivity)।
- Ag मुक्त — चमकदार वापस।
- Al — Al₂S₃ बनकर पन्नी पर।
यह विस्थापन अभिक्रिया।
क्यों Al?
Al — Ag से अधिक क्रियाशील। Al₂S₃ बनाना — आसान। Ag मुक्त।
यह 'sacrificial' विधि — Al कुर्बान, Ag बच।
तुलना — पैटिना vs टार्निश
| गुण | पैटिना | टार्निश |
|---|---|---|
| धातु | Cu | Ag |
| सूत्र | Cu(OH)₂·CuCO₃ | Ag₂S |
| रंग | हरा | काला |
| प्रकृति | रक्षक | केवल सतही |
| हटाना | अनावश्यक | टूथपेस्ट / Al पन्नी |
सीख
हर धातु पर बनी 'परत' — अलग व्यवहार। कुछ रक्षक (Cu, Al), कुछ हानिकारक (Fe), कुछ सतही (Ag)।
[बोर्ड + व्यावहारिक]
उदाहरण 13: NCERT — एक चुनौती
निम्न कथनों को सही/गलत बताएँ — कारण के साथ:
(a) मिश्रधातुएँ शुद्ध धातुओं से कमज़ोर हैं। (b) गैल्वनीकरण में Fe को Cu की परत चढ़ाते। (c) जंग के लिए केवल पानी ज़रूरी। (d) Anode mud Cu उद्योग का अपशिष्ट।
हल:
(a) मिश्रधातुएँ कमज़ोर — गलत ✗
सच: मिश्रधातुएँ अधिकांशतः शुद्ध धातुओं से मजबूत।
कारण:
- कठोरता बढ़ती (अन्य परमाणुओं से 'crystal lattice' में रुकावट)।
- संक्षारण-रोधी।
- टिकाऊपन।
उदाहरण:
- स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr + Ni) — Fe से बहुत मजबूत।
- डुरालुमिन (Al मिश्रधातु) — Al से 4 गुना मजबूत।
- 22-कैरट Au — शुद्ध Au से कठोर।
अपवाद: कुछ मिश्रधातुएँ — विद्युत-चालकता में कम। उदाहरण: स्टील Cu की तुलना में।
(b) Fe पर Cu — गलत ✗
सच: गैल्वनीकरण में Fe पर Zn की परत।
क्यों Zn, न कि Cu?
क्रियाशीलता:
- Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।
- खरोंच पर Zn पहले संक्षारित।
- Fe सुरक्षित ('cathodic protection')।
यदि Cu की परत:
- Cu, Fe से कम क्रियाशील।
- खरोंच पर — Fe ही पहले संक्षारित!
- उल्टा — Fe की रक्षा नहीं, अधिक नुकसान।
अतः Cu की परत — हानिकारक।
(c) जंग के लिए केवल पानी — गलत ✗
सच: जंग के लिए पानी और हवा (O₂) दोनों ज़रूरी।
सबूत — तीन परखनलियाँ प्रयोग:
- A: पानी + बिना हवा → कोई जंग।
- B: हवा + बिना पानी → कोई जंग।
- C: पानी + हवा → जंग!
मूल अभिक्रिया:
अभिक्रिया में दोनों — Fe, O₂, H₂O।
केवल पानी से नहीं। केवल हवा से भी नहीं।
(d) Anode mud अपशिष्ट — गलत ✗
सच: Anode mud — अति-मूल्यवान।
क्यों? Anode mud में:
- सोना (Au)
- चांदी (Ag)
- प्लेटिनम (Pt)
ये धातुएँ Cu से कम क्रियाशील — विद्युत-अपघटन में आयन नहीं बनतीं — Anode के नीचे गिरतीं।
आर्थिक मूल्य:
- 1 ton anode mud में 5-10 kg Au + 50-150 kg Ag।
- कीमत: लाखों रुपये।
व्यावसायिक उपयोग:
- Cu उद्योग का ~20% लाभ — anode mud से।
- अलग कंपनियाँ — सिर्फ anode mud से धातु निकालने।
यानी 'अपशिष्ट' — एक 'खजाना'!
सारांश
| कथन | सही/गलत | वास्तविकता |
|---|---|---|
| मिश्रधातु कमज़ोर | ✗ | मजबूत होती |
| Fe पर Cu | ✗ | Zn चढ़ता |
| केवल पानी जंग | ✗ | पानी + O₂ |
| Anode mud अपशिष्ट | ✗ | मूल्यवान |
सब चार कथन गलत — सही उत्तर सीखे।
[बोर्ड में 5-अंक तार्किक]
उदाहरण 14: एक संख्यात्मक — पीतल का संघटन
50 g पीतल (Cu + Zn) में 70% Cu है। प्रत्येक धातु की मात्रा?
हल:
दिया गया:
- कुल पीतल = 50 g
- Cu की मात्रा = 70%
- Zn की मात्रा = 30% (शेष)
Cu की मात्रा:
Zn की मात्रा:
सत्यापन: 35 + 15 = 50 g ✓
उत्तर:
- Cu = 35 g
- Zn = 15 g
अतिरिक्त गणना
मोल की मात्रा:
- Cu: mol
- Zn: mol
मोल अनुपात: Cu : Zn = 0.551 : 0.229 = 2.4 : 1
यानी हर 1 परमाणु Zn पर ~2.4 परमाणु Cu।
प्रकार के पीतल
70:30 — आम पीतल (Brass 70/30)। उपयोग: कारतूस, गहने।
अन्य प्रकार:
| संघटन | प्रकार | उपयोग |
|---|---|---|
| 95% Cu, 5% Zn | Gilding metal | सजावट |
| 70% Cu, 30% Zn | Cartridge brass | गोली |
| 60% Cu, 40% Zn | Muntz metal | भवन |
| 90% Cu, 10% Zn | Commercial bronze | बर्तन |
क्यों इस अनुपात से?
अधिक Cu → मुलायम, कम संक्षारण। अधिक Zn → कठोर, परंतु भंगुर। 70:30 — संतुलन।
एक रोचक प्रदर्शन
यदि 30% Cu और 70% Zn हो:
- रंग: चांदी जैसा
- गुण: Zn की तरह।
- अब यह 'पीतल' नहीं — कोई और नाम।
यानी — Cu की प्रधानता ही पीतल बनाती।
व्यावहारिक उपयोग
70:30 पीतल:
- सजावटी मूर्तियाँ।
- थाली, कटोरी।
- संगीत-यंत्र (तुरही, घंटी)।
- नल, हैंडल।
अधिकांश 'पीतल के बर्तन' — इसी संघटन।
[बोर्ड में 3-अंक संख्यात्मक]
उदाहरण 15: एक मिश्र — एक रोचक प्रयोग
तीन Fe के नाख़ून:
- A: साधारण।
- B: Zn कोटिंग (galvanised)।
- C: तेल लगा।
तीनों को नमक के पानी में रखा। 1 हफ्ते बाद क्या?
हल:
विश्लेषण
नाख़ून A — साधारण
परिणाम: पूरा जंग।
कारण:
- नमक का पानी = विद्युत-अपघट्य।
- O₂ + H₂O — दोनों उपलब्ध।
- कोई संरक्षण नहीं।
- Fe → Fe₂O₃·xH₂O (जंग)।
नमक की उपस्थिति में जंग 5-10 गुना तेज़।
नाख़ून B — Galvanised
परिणाम: कोई जंग नहीं!
कारण:
- Zn की परत — सक्रिय।
- Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।
- यदि कुछ संक्षारण — Zn पहले।
- Fe सुरक्षित (Cathodic protection)।
हफ्ते के अंत में:
- Zn की परत थोड़ी कम।
- Fe — चमकदार, बिना जंग।
नाख़ून C — तेल लगा
परिणाम: कुछ जंग।
कारण:
- तेल — भौतिक अवरोध।
- O₂ और H₂O से अल्प सुरक्षा।
- परंतु तेल जल में घुलता या वाष्पित नहीं।
- समय के साथ तेल हटता।
- कुछ Fe खुला होता।
हफ्ते के अंत में:
- कुछ हिस्सा बेजंग।
- कुछ हिस्सा जंग।
- A से बेहतर, B से बुरा।
तुलनात्मक तालिका
| नाख़ून | संरक्षण | परिणाम | टिकाऊपन |
|---|---|---|---|
| A (साधारण) | कोई नहीं | पूरा जंग | — |
| B (Galvanised) | Zn कोटिंग | कोई जंग नहीं | अति-अधिक |
| C (तेल) | भौतिक | कुछ जंग | कम |
निष्कर्ष
सबसे अच्छा संरक्षण: B (गैल्वनीकरण)।
Zn की परत — सबसे प्रभावी।
व्यावहारिक सीख
यदि हम Fe वस्तु को नमक के पानी (समुद्री) में लंबे समय तक रखना है:
1. सबसे अच्छा: Galvanised + अतिरिक्त पेंट। 2. मध्यम: Galvanised। 3. कम: तेल। 4. सबसे बुरा: बिना संरक्षण।
एक प्रश्न: क्यों समुद्र-तट पर वस्तुएँ जल्दी जंग?
उत्तर:
- नमी अधिक।
- NaCl (नमक) — विद्युत-अपघट्य।
- Cl⁻ आयन — Fe सतह पर हमला।
- जंग 5-10 गुना तेज़।
यही कारण कि — समुद्री जहाज़ों पर विशेष पेंट और मिश्रधातु। भारत के तटीय शहर — कोलकाता, मुंबई, चेन्नई — Fe वस्तुएँ जल्दी जंग।
अंतिम सूत्र
'समुद्र + Fe = जंग का आदर्श।' अतः समुद्री वातावरण में: गैल्वनीकरण + पेंट + विशेष मिश्रधातु।
[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]
उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न
(a) विद्युत-अपघटनी परिष्करण की प्रक्रिया। (b) जंग के लिए ज़रूरी तत्व। (c) गैल्वनीकरण क्यों उपयोगी? (d) 5 प्रसिद्ध मिश्रधातुओं के नाम और संघटन।
हल:
(a) विद्युत-अपघटनी परिष्करण
व्यवस्था (Cu उदाहरण):
- Anode (+): अशुद्ध Cu की मोटी पट्टी।
- Cathode (-): शुद्ध Cu की पतली पट्टी।
- विद्युत-अपघट्य: + तनु ।
अभिक्रियाएँ: Anode पर: Cathode पर:
अशुद्धियों का भाग्य:
- Au, Ag, Pt → anode mud।
- Fe, Zn → विलयन में।
अंतिम: Cathode पर 99.99% शुद्ध Cu।
(b) जंग के लिए ज़रूरी तत्व
दो ज़रूरी तत्व:
- पानी (H₂O / नमी)।
- ऑक्सीजन (O₂)।
केवल एक से नहीं। दोनों चाहिए।
अभिक्रिया:
सबूत:
- A परखनली: पानी (बिना हवा) — कोई जंग।
- B परखनली: हवा (बिना पानी) — कोई जंग।
- C परखनली: दोनों — जंग।
(c) गैल्वनीकरण क्यों उपयोगी?
1. Cathodic Protection:
- Zn — Fe से अधिक क्रियाशील।
- खरोंच पर Zn पहले संक्षारित।
- Fe सुरक्षित।
2. लंबा टिकाऊपन:
- 20-50 साल।
3. खरोंच पर भी सुरक्षा:
- अन्य विधियों के विपरीत।
4. आर्थिक:
- मास-स्केल पर सस्ता।
उपयोग: नल, पाइप, बाल्टियाँ, छतें।
(d) 5 प्रसिद्ध मिश्रधातुएँ
1. स्टेनलेस स्टील
- संघटन: 74% Fe + 18% Cr + 8% Ni
- उपयोग: रसोई के बर्तन, चाकू।
2. पीतल (Brass)
- संघटन: 70% Cu + 30% Zn
- उपयोग: सजावट, बर्तन, संगीत-यंत्र।
3. कांसा (Bronze)
- संघटन: 88% Cu + 12% Sn
- उपयोग: मूर्तियाँ, मेडल।
4. सोल्डर
- संघटन: 50% Pb + 50% Sn
- उपयोग: विद्युत वेल्डिंग।
5. डुरालुमिन
- संघटन: 95% Al + 4% Cu + 0.5% Mg + 0.5% Mn
- उपयोग: विमान, गाड़ियाँ।
अंतिम सूत्र
'परिष्करण + संरक्षण + मिश्रधातु = आधुनिक धातु उद्योग।'
[बोर्ड में 5-अंक मिश्र प्रश्न]