इस खंड के बारे में

यह खंड अध्याय 4 से पिछले वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्नों (CBSE और राज्य बोर्ड) को आदर्श उत्तरों सहित एकत्र करता है, ताकि परीक्षा में अपेक्षित पैटर्न और गहराई को दर्शाया जा सके।

बोर्ड PYQ — अति लघु उत्तर (1 अंक)

प्र1. 'सुनहरा रेशा' के नाम से जानी जाने वाली फसल का नाम बताइए। उत्तर: जूट (jute)।

प्र2. अधिकांश भारतीयों की मुख्य खाद्य फसल कौन-सी है? उत्तर: चावल।

प्र3. विनोबा भावे द्वारा शुरू किए गए आंदोलन का नाम बताइए। उत्तर: भूदान-ग्रामदान आंदोलन (रक्तहीन क्रांति)।

बोर्ड PYQ — लघु उत्तर (3 अंक)

प्र4. किसी एक महत्वपूर्ण पेय फसल का नाम बताइए और उसकी वृद्धि के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियाँ बताइए। उत्तर: चाय (tea) एक महत्वपूर्ण पेय फसल है। इसे उष्णकटिबंधीय/उपोष्णकटिबंधीय जलवायु, गहरी, उर्वर, सुनिकासित ह्यूमस-समृद्ध मिट्टी, और बार-बार, समान रूप से वितरित वर्षा वाली गर्म, नम, पालारहित जलवायु की आवश्यकता होती है। यह श्रम-प्रधान है।

प्र5. हरित क्रांति और श्वेत क्रांति में अंतर बताइए। उत्तर: हरित क्रांति (Green Revolution) ने खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए पैकेज तकनीक (HYV बीज, उर्वरक, सिंचाई) का उपयोग किया। श्वेत क्रांति (White Revolution / Operation Flood) ने दूध उत्पादन में भारी वृद्धि की। एक फसलों से संबंधित थी, दूसरी दुग्ध से।

बोर्ड PYQ — लघु उत्तर (3 अंक)

प्र6. दालें अन्य फसलों के साथ फसल-चक्र में क्यों उगाई जाती हैं? उत्तर: दालें फलीदार (leguminous) फसलें हैं जो (अरहर को छोड़कर) वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती हैं और मिट्टी की उर्वरता पुनर्स्थापित करती हैं। इन्हें गेहूँ या चावल जैसे अनाजों के साथ फसल-चक्र में उगाने से वह नाइट्रोजन पुनः भर जाती है जिसे वे फसलें खपत करती हैं, जिससे मिट्टी उर्वर बनी रहती है।

प्र7. कपास उगाने के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियाँ बताइए। उत्तर: कपास दक्कन की सूखी काली-कपास मिट्टी पर उगती है, जिसे उच्च तापमान, हल्की वर्षा या सिंचाई, 210 पालारहित दिन और तेज़ धूप की आवश्यकता होती है। यह एक खरीफ़ फसल है जिसे पकने में 6-8 महीने लगते हैं।

बोर्ड PYQ — दीर्घ उत्तर (5 अंक)

प्र8. कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का वर्णन कीजिए। उत्तर: सरकार ने हरित क्रांति (HYV बीज, उर्वरक, सिंचाई) और श्वेत क्रांति चलाई; भूमि सुधार लागू किए; सस्ते ऋण के लिए ग्रामीण बैंक और सहकारी समितियाँ स्थापित कीं; फसल बीमा, KCC और PAIS शुरू किए; मौसम बुलेटिन प्रसारित किए; और किसानों की रक्षा तथा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खरीद मूल्य घोषित किए।

प्र9. वैश्वीकरण ने भारतीय कृषि को किस प्रकार प्रभावित किया है, समझाइए। उत्तर: औपनिवेशिक शासन में भी किसान निर्यात फसलें (कपास, नील, जूट) उगाते थे और उनका शोषण होता था। 1991 के बाद, वैश्वीकरण (globalisation) ने भारतीय किसानों को विकसित देशों की अत्यधिक सब्सिडीयुक्त कृषि से प्रतिस्पर्धा में ला खड़ा किया, जिससे छोटे किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो गया। आगे का रास्ता है जीन क्रांति (gene revolution), जैविक खेती, बेहतर ऋण, भंडारण और उचित मूल्य, साथ ही खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना।