त्रिभुज
त्रिभुज अध्याय हर बोर्ड प्रश्न पत्र में 8 अंक का होता है: 2026-27 के सैंपल पेपर और 2025 तथा 2026 के दोनों प्रश्न पत्रों में इसे ठीक 8 अंक मिले।
प्रायः इसमें 1 अंक के एक या दो बहुविकल्पीय प्रश्न (DE∥BC से अनुपात, समरूप त्रिभुज, परिमाप), एक 2 अंक का प्रश्न और एक 5 अंक का प्रश्न होता है। 5 अंक का प्रश्न प्रायः आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (कथन, उपपत्ति और उसका छोटा प्रयोग) या समरूपता की कोई उपपत्ति होता है। समरूपता केस आधारित प्रश्नों में भी आती है, जैसे कैरम बोर्ड पर परावर्तन।
अंक प्रायः यहाँ कटते हैं:
- समरूप त्रिभुजों के शीर्ष गलत क्रम में लिखना, जिससे गलत भुजाओं का मिलान हो जाता है;
- DBAD=BCDE लिख देना; सही युग्म BCDE=ABAD है;
- BPT की उपपत्ति में रचना या बराबर क्षेत्रफल वाला चरण छोड़ देना;
- कसौटी (AA, SAS, SSS) या हर बराबर कोण का कारण न लिखना।
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समरूप आकृतियाँ
- आकार एक जैसा, माप एक जैसा होना आवश्यक नहीं। सभी वर्ग और सभी समबाहु त्रिभुज समरूप होते हैं।
- समान संख्या में भुजाओं वाले दो बहुभुज तब समरूप होते हैं जब (i) संगत कोण बराबर हों और (ii) संगत भुजाएँ एक ही अनुपात में हों। बहुभुजों के लिए कोई एक शर्त अकेले पर्याप्त नहीं (वर्ग और आयत; वर्ग और समचतुर्भुज)।
आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT) (केवल इसी की उपपत्ति पूछी जाती है)
- यदि △ABC में DE∥BC (D, AB पर; E, AC पर), तो DBAD=ECAE। साथ ही ABAD=ACAE।
- उपपत्ति के चरण: BE, CD मिलाइए; EN⊥AB, DM⊥AC खींचिए; ar(BDE)ar(ADE)=DBAD, ar(DEC)ar(ADE)=ECAE; ar(BDE)=ar(DEC) (एक ही आधार, समान समांतर रेखाएँ)।
- विलोम: यदि DBAD=ECAE, तो DE∥BC।
त्रिभुजों की समरूपता की कसौटियाँ
| कसौटी |
क्या दिखाना है |
| AA (AAA) |
कोणों के दो युग्म बराबर |
| SSS |
भुजाओं के तीनों युग्म एक ही अनुपात में |
| SAS |
भुजाओं के दो युग्म एक ही अनुपात में और उनके बीच के कोण बराबर |
समरूपता का प्रयोग
- यदि △ABC∼△PQR, तो क्रम से ही मिलान मिलता है: A↔P, B↔Q, C↔R, और PQAB=QRBC=RPCA।
- परिमापों का अनुपात संगत भुजाओं के अनुपात के बराबर होता है।
- कर्ण पर शीर्षलंब: यदि ∠C=90∘ और CD⊥AB, तो △ADC∼△ACB∼△CDB, अतः AC2=AB×AD, BC2=AB×BD और CD2=AD×DB।
- सामान्य स्थितियाँ: DE∥BC से △ADE∼△ABC; समलंब के विकर्णों से △AOB∼△COD।
सावधानियाँ
- BCDE=ABAD होता है, DBAD कभी नहीं।
- SAS में बराबर कोण दोनों भुजाओं के बीच का ही होना चाहिए।
- हर बराबर कोण का कारण लिखिए: उभयनिष्ठ, शीर्षाभिमुख, एकांतर, संगत या 90∘।
- समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों वाली प्रमेय और पाइथागोरस प्रमेय (विलोम सहित) 2026-27 में इस अध्याय के पाठ्यक्रम में नहीं हैं; किसी प्रश्न में क्षेत्रफल का अनुपात चाहिए हो तो वह दिया जाता है।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-तर्क प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (2 अंक)
△ABC में D और E क्रमशः AB और AC पर ऐसे बिंदु हैं कि DE∥BC है। यदि AD=(x+1) cm, AB=3x cm, AE=4 cm और AC=10 cm है, तो x और DB की लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर।
- DE∥BC से ABAD=ACAE: 3xx+1=104 — 1 अंक
- 10x+10=12x, अतः x=5; AD=6 cm, AB=15 cm, अतः DB=9 cm — 1 अंक
प्रश्न 2 (2 अंक)
पेड़ AB की ऊँचाई ज्ञात करने के लिए काव्या एक छोटा दर्पण C पेड़ के पाद B से 8 m दूर समतल भूमि पर लिटाकर रखती है। फिर वह पेड़ से दूर की ओर चलकर दर्पण से 2 m दूर बिंदु D पर रुकती है, जहाँ से उसे दर्पण में पेड़ का शिखर A दिखाई देता है। उसकी आँखें E भूमि से 1.5 m ऊपर हैं। परावर्तन के नियम से ∠ACB=∠ECD (आकृति देखिए)। पेड़ की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर।
- ∠ABC=∠EDC=90∘ और ∠ACB=∠ECD, अतः △ABC∼△EDC (AA) — 1 अंक
- EDAB=DCBC, अतः AB=21.5×8=6 m — 1 अंक
प्रश्न 3 (2 अंक)
उदाहरण देकर दिखाइए कि (i) जिन दो चतुर्भुजों के संगत कोण बराबर हों, वे समरूप हों यह आवश्यक नहीं, और (ii) जिन दो चतुर्भुजों की संगत भुजाएँ एक ही अनुपात में हों, वे समरूप हों यह आवश्यक नहीं।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
समान संख्या में भुजाओं वाले दो बहुभुज तभी समरूप होते हैं जब दोनों शर्तें पूरी हों: उनके संगत कोण बराबर हों और उनकी संगत भुजाएँ एक ही अनुपात में हों।
(i) 2 cm भुजा वाला एक वर्ग और 2 cm लंबा तथा 4 cm चौड़ा एक आयत लीजिए। दोनों का हर कोण 90∘ है, अतः संगत कोण बराबर हैं। परंतु संगत भुजाओं के अनुपात 22=1 और 42=21 हैं, जो बराबर नहीं। अतः ये समरूप नहीं हैं।
(ii) 3 cm भुजा वाला एक वर्ग और 3 cm भुजा वाला एक समचतुर्भुज लीजिए जिसके कोण 60∘, 120∘, 60∘, 120∘ हैं। सभी संगत भुजाएँ 1 : 1 के अनुपात में हैं। परंतु वर्ग के कोण 90∘ हैं, अतः संगत कोण बराबर नहीं। अतः ये समरूप नहीं हैं।
(केवल त्रिभुजों के लिए इनमें से कोई एक शर्त पर्याप्त है; इसीलिए AA और SSS कसौटियाँ केवल त्रिभुजों पर लागू होती हैं।)
अंक योजना:
- (i) 2 cm भुजा वाला वर्ग और 2 cm × 4 cm का आयत: सभी कोण 90∘, पर 22=42, अतः समरूप नहीं — 1 अंक
- (ii) 3 cm भुजा वाला वर्ग और 60∘ तथा 120∘ कोणों वाला 3 cm भुजा का समचतुर्भुज: भुजाओं का अनुपात 1 : 1, पर कोण बराबर नहीं, अतः समरूप नहीं — 1 अंक
प्रश्न 4 (3 अंक)
△ABC में AD⊥BC है, जहाँ D, BC पर है। यदि BD=2 cm, AD=4 cm और DC=8 cm है, तो सिद्ध कीजिए कि △BDA∼△ADC, और इसकी सहायता से ∠BAC=90∘।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
△BDA और △ADC में:
ADBD=42=21 और DCDA=84=21, अतः ADBD=DCDA।
इन भुजाओं के बीच के कोण ∠BDA=∠ADC=90∘ हैं, क्योंकि AD⊥BC।
अतः SAS से △BDA∼△ADC, जहाँ B↔A, D↔D और A↔C। इसलिए ∠BAD=∠ACD।
अब ∠BAC=∠BAD+∠DAC=∠ACD+∠DAC। △ADC में ∠ACD+∠DAC=180∘−∠ADC=90∘।
अतः ∠BAC=90∘। (यहाँ AD2=16=BD×DC है; AD⊥BC के साथ जब भी ऐसा हो, A पर कोण समकोण होता है।)
अंक योजना:
- ADBD=42=21 और DCDA=84=21 — 1 अंक
- ∠BDA=∠ADC=90∘ (बीच के कोण), अतः △BDA∼△ADC (SAS) और ∠BAD=∠ACD — 1 अंक
- ∠BAC=∠BAD+∠DAC=∠ACD+∠DAC=180∘−90∘=90∘ (△ADC का कोण योग) — 1 अंक
प्रश्न 5 (3 अंक)
आकृति में D और E क्रमशः △ABC की भुजाओं AB और AC पर ऐसे बिंदु हैं कि ∠ADE=∠ACB है। सिद्ध कीजिए कि AD×AB=AE×AC। यदि AD=4 cm, AB=9 cm और AE=3 cm है, तो AC ज्ञात कीजिए।

उत्तर।
आदर्श उत्तर:
△ADE और △ACB में:
∠DAE=∠CAB (A पर एक ही कोण), और ∠ADE=∠ACB (दिया है)।
अतः AA कसौटी से △ADE∼△ACB। क्रम पर ध्यान दीजिए: D का संगत C है और E का संगत B है।
इसलिए ACAD=ABAE=CBDE। पहले दो अनुपातों से AD×AB=AE×AC।
मान रखने पर: 4×9=3×AC, अतः AC=12 cm।
(यहाँ DE, BC के समांतर नहीं है, इसलिए BPT का प्रयोग नहीं किया जा सकता।)
अंक योजना:
- ∠DAE=∠CAB (उभयनिष्ठ) और ∠ADE=∠ACB (दिया है), अतः △ADE∼△ACB (AA) — 1 अंक
- ACAD=ABAE, अतः AD×AB=AE×AC — 1 अंक
- 4×9=3×AC, अतः AC=12 cm — 1 अंक
प्रश्न 6 (3 अंक)
एक दुकान के बाहर समतल भूमि से 4.5 m ऊँचे खंभे के शिखर पर एक लैंप लटका है। 1.5 m लंबी पल्लवी भूमि पर खंभे से सीधे दूर चलती है। (i) जब वह खंभे के पाद से 4 m दूर है, तब उसकी छाया कितनी लंबी है? (ii) किसी अन्य क्षण उसकी छाया 3.5 m लंबी है। तब वह खंभे से कितनी दूर है?
उत्तर।
- पल्लवी और उसकी छाया से बना त्रिभुज, खंभे तथा उसके पाद से छाया के सिरे तक की रेखा से बने त्रिभुज के समरूप है (AA: समकोण और छाया के सिरे पर उभयनिष्ठ कोण) — 1 अंक
- (i) s+4s=4.51.5=31 से 3s=s+4, अतः s=2 m — 1 अंक
- (ii) 3.5+x3.5=31 से 3.5+x=10.5, अतः x=7 m — 1 अंक
प्रश्न 7 (3 अंक)
आकृति में D और E क्रमशः △ABC की भुजाओं AB और AC पर ऐसे बिंदु हैं कि DE∥BC है, और F, BC पर ऐसा बिंदु है कि EF∥AB है। सिद्ध कीजिए कि DBAD=FCBF। यदि AD=3 cm, DB=4.5 cm और BC=7.5 cm है, तो BF ज्ञात कीजिए।

उत्तर।
- △ABC में DE∥BC, अतः DBAD=ECAE (BPT) — 1 अंक
- △CAB में EF∥AB, अतः EACE=FBCF, अर्थात् ECAE=FCBF; अतः DBAD=FCBF — 1 अंक
- FCBF=4.53=32, अतः BF=52×7.5=3 cm — 1 अंक
प्रश्न 8 (3 अंक)
△ABC में D और E क्रमशः AB और AC पर ऐसे बिंदु हैं कि DE∥BC है। AD=3 cm, DB=2 cm और DE=4.5 cm है। मोहित ने BC इस प्रकार ज्ञात किया: “BPT से DBAD=BCDE, अतः 23=BC4.5 और BC=3 cm।” उसकी गलती बताइए और BC की सही लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर।
- गलती: BPT से DBAD=ECAE मिलता है; यह BCDE के बारे में कुछ नहीं कहता (और BC=3 cm, DE से छोटा है, जो असंभव है) — 1 अंक
- DE∥BC से △ADE∼△ABC (AA), अतः BCDE=ABAD — 1 अंक
- BC4.5=53, अतः BC=7.5 cm — 1 अंक
प्रश्न 9 (3 अंक)
आकृति में ABCD एक समांतर चतुर्भुज है और P भुजा DC पर ऐसा बिंदु है कि CP=31CD। रेखाखंड BP विकर्ण AC को O पर मिलता है। सिद्ध कीजिए कि △AOB∼△COP। यदि AC=12 cm है, तो OC ज्ञात कीजिए।

उत्तर।
- ∠OAB=∠OCP (एकांतर कोण, AB∥DC) और ∠AOB=∠COP (शीर्षाभिमुख), अतः △AOB∼△COP (AA) — 1 अंक
- OCOA=CPAB=31CDCD=3, क्योंकि AB=CD — 1 अंक
- OA=3×OC और OA+OC=12, अतः OC=3 cm — 1 अंक
प्रश्न 10 (3 अंक)
आकृति में AC, चतुर्भुज ABCD का एक ऐसा विकर्ण है कि ∠BAC=∠CAD है। AB=4 cm, AC=6 cm और AD=9 cm है। सिद्ध कीजिए कि △ABC∼△ACD। यदि BC=5 cm है, तो CD ज्ञात कीजिए।

उत्तर।
- ACAB=64=32 और ADAC=96=32 — 1 अंक
- बीच के कोण ∠BAC=∠CAD, अतः △ABC∼△ACD (SAS) — 1 अंक
- CDBC=ACAB=32, अतः CD=23×5=7.5 cm — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और केस आधारित प्रश्न
प्रश्न 11 (5 अंक)
आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय का कथन लिखिए और इसे सिद्ध कीजिए। इसका प्रयोग करके निम्नलिखित सिद्ध कीजिए: △ABC में D और E क्रमशः AB और AC पर ऐसे बिंदु हैं कि DE∥BC है। यदि BD=CE है, तो △ABC समद्विबाहु है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
कथन। यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर एक रेखा खींची जाए जो अन्य दो भुजाओं को भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करे, तो वे अन्य दो भुजाएँ एक ही अनुपात में विभाजित हो जाती हैं।
दिया है: △ABC में BC के समांतर एक रेखा AB को D पर और AC को E पर मिलती है, अर्थात् DE∥BC।
सिद्ध करना है: DBAD=ECAE।
रचना: BE और CD को मिलाइए। EN⊥AB और DM⊥AC खींचिए (उत्तर के साथ दी गई आकृति देखिए)।
उपपत्ति: AD और DB को आधार मानने पर △ADE और △BDE की ऊँचाई एक ही, EN, है। अतः
ar(△BDE)ar(△ADE)=21×DB×EN21×AD×EN=DBAD …(1)
AE और EC को आधार मानने पर △ADE और △DEC की ऊँचाई एक ही, DM, है। अतः
ar(△DEC)ar(△ADE)=21×EC×DM21×AE×DM=ECAE …(2)
△BDE और △DEC एक ही आधार DE पर और समांतर रेखाओं DE और BC के बीच स्थित हैं, अतः ar(△BDE)=ar(△DEC) …(3)
(1), (2) और (3) से DBAD=ECAE। इति सिद्धम्।
अनुप्रयोग। DE∥BC है, इसलिए प्रमेय से DBAD=ECAE। दिया है BD=CE, अर्थात् दोनों हर बराबर हैं, इसलिए AD=AE।
बराबर लंबाइयों में बराबर लंबाइयाँ जोड़ने पर: AD+DB=AE+EC, अर्थात् AB=AC। अतः △ABC समद्विबाहु है।
अंक योजना:
- सही कथन, दिया है, सिद्ध करना है और आकृति — 1 अंक
- रचना: BE, CD मिलाइए; EN⊥AB, DM⊥AC खींचिए — 1 अंक
- ar(△BDE)ar(△ADE)=DBAD और ar(△DEC)ar(△ADE)=ECAE — 1 अंक
- ar(△BDE)=ar(△DEC) (एक ही आधार DE, समान समांतर रेखाओं के बीच), अतः DBAD=ECAE — 1 अंक
- अनुप्रयोग: DBAD=ECAE और DB=EC से AD=AE, अतः AB=AC और △ABC समद्विबाहु है — 1 अंक

अथवा
आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय का कथन लिखिए और इसे सिद्ध कीजिए। इसका प्रयोग करके निम्नलिखित सिद्ध कीजिए: ABCD एक समलंब है जिसमें AB∥DC है, और E तथा F क्रमशः AD और BC पर ऐसे बिंदु हैं कि EF∥AB है। तब EDAE=FCBF।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
कथन। यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर एक रेखा खींची जाए जो अन्य दो भुजाओं को भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करे, तो वे अन्य दो भुजाएँ एक ही अनुपात में विभाजित हो जाती हैं।
दिया है: △ABC में BC के समांतर एक रेखा AB को D पर और AC को E पर मिलती है, अर्थात् DE∥BC।
सिद्ध करना है: DBAD=ECAE।
रचना: BE और CD को मिलाइए। EN⊥AB और DM⊥AC खींचिए (उत्तर के साथ दी गई आकृति देखिए)।
उपपत्ति: AD और DB को आधार मानने पर △ADE और △BDE की ऊँचाई एक ही, EN, है। अतः
ar(△BDE)ar(△ADE)=21×DB×EN21×AD×EN=DBAD …(1)
AE और EC को आधार मानने पर △ADE और △DEC की ऊँचाई एक ही, DM, है। अतः
ar(△DEC)ar(△ADE)=21×EC×DM21×AE×DM=ECAE …(2)
△BDE और △DEC एक ही आधार DE पर और समांतर रेखाओं DE और BC के बीच स्थित हैं, अतः ar(△BDE)=ar(△DEC) …(3)
(1), (2) और (3) से DBAD=ECAE। इति सिद्धम्।
अनुप्रयोग। AC मिलाइए, और माना यह EF को G पर मिलता है।
△ADC में EG∥DC (क्योंकि EF∥AB∥DC), अतः प्रमेय से EDAE=GCAG …(4)
△CAB में GF∥AB, अतः प्रमेय से GACG=FBCF, अर्थात् GCAG=FCBF …(5)
(4) और (5) से EDAE=FCBF।
अंक योजना:
- सही कथन, दिया है, सिद्ध करना है और आकृति — 1 अंक
- रचना: BE, CD मिलाइए; EN⊥AB, DM⊥AC खींचिए — 1 अंक
- ar(△BDE)ar(△ADE)=DBAD और ar(△DEC)ar(△ADE)=ECAE — 1 अंक
- ar(△BDE)=ar(△DEC) (एक ही आधार DE, समान समांतर रेखाओं के बीच), अतः DBAD=ECAE — 1 अंक
- अनुप्रयोग: AC मिलाइए जो EF को G पर मिले; △ADC और △CAB में BPT से EDAE=GCAG=FCBF — 1 अंक

प्रश्न 12 (5 अंक)
आकृति में △PQR, R पर समकोण है, और RS⊥PQ है जहाँ S, PQ पर है।

(i) सिद्ध कीजिए कि △PSR∼△PRQ, और इसकी सहायता से PR2=PQ×PS। (2 अंक)
उत्तर।
- ∠P उभयनिष्ठ है और ∠PSR=∠PRQ=90∘, अतः △PSR∼△PRQ (AA) — 1 अंक
- PRPS=PQPR, अतः PR2=PQ×PS — 1 अंक
(ii) सिद्ध कीजिए कि △RSQ∼△PRQ, और इसकी सहायता से QR2=PQ×QS। (1 अंक)
उत्तर।
- ∠Q उभयनिष्ठ, ∠RSQ=∠PRQ=90∘, अतः △RSQ∼△PRQ (AA); QRQS=PQQR, अतः QR2=PQ×QS — 1 अंक
(iii) यदि PS=3.2 cm और SQ=1.8 cm है, तो PR, QR और RS ज्ञात कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
PQ=PS+SQ=3.2+1.8=5 cm।
(i) से: PR2=PQ×PS=5×3.2=16, अतः PR=4 cm।
(ii) से: QR2=PQ×QS=5×1.8=9, अतः QR=3 cm।
(i) की समरूपता △PSR∼△PRQ से RQSR=PQPR। अतः RS=PQQR×PR=53×4=2.4 cm।
(जाँच: RS2=5.76=3.2×1.8=PS×SQ।)
अंक योजना:
- PQ=5 cm; PR2=5×3.2=16, अतः PR=4 cm; QR2=5×1.8=9, अतः QR=3 cm — 1 अंक
- (i) से RQSR=PQPR, अतः RS=53×4=2.4 cm — 1 अंक
प्रश्न 13 (4 अंक)
दो बिंदुओं A और B के बीच एक झील है, इसलिए दूरी AB सीधे नहीं मापी जा सकती। सर्वेक्षक सुनीता भूमि पर एक बिंदु O पर एक खूँटा गाड़ती है, जहाँ से A और B दोनों दिखाई देते हैं। वह AO को आगे बढ़ाकर उस पर एक खूँटा D और BO को आगे बढ़ाकर उस पर एक खूँटा C गाड़ती है, जहाँ OA=120 m, OD=30 m, OB=180 m और OC=45 m है (आकृति देखिए)। फिर वह DC=42 m मापती है।

(i) किस समरूपता कसौटी से △OAB∼△ODC है? (1 अंक)
उत्तर।
- SAS: ODOA=OCOB=4 और ∠AOB=∠DOC (शीर्षाभिमुख कोण) — 1 अंक
(ii) दिखाइए कि DC∥AB। (1 अंक)
उत्तर।
- समरूपता से ∠OAB=∠ODC; ये AD द्वारा AB और DC के साथ बने एकांतर कोण हैं, अतः DC∥AB — 1 अंक
(iii) झील की चौड़ाई AB ज्ञात कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- DCAB=ODOA=30120=4 — 1 अंक
- AB=4×42=168 m — 1 अंक
अथवा
(iii) उसका सहायक उसी बिंदु O से सर्वेक्षण दोहराता है और खूँटे इस प्रकार गाड़ता है कि OD=40 m और OC=60 m हो, और DC=56 m मापता है। सहायक के मापों से AB ज्ञात कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- ODOA=40120=3=60180=OCOB, अतः फिर से △OAB∼△ODC (SAS) — 1 अंक
- AB=3×56=168 m — 1 अंक
प्रश्न 14 (4 अंक)
नागपुर के एक रेलवे माल गोदाम में ट्रॉलियों को एक सीधे ढलवाँ तख़्ते AC पर ऊपर धकेला जाता है। यह भूमि पर A से शुरू होकर 0.5 m ऊँचे लदान मंच के किनारे C तक पहुँचता है, अर्थात् BC=0.5 m, जहाँ B, C के नीचे मंच की दीवार का पाद है। क्षैतिज दूरी AB, 6 m है। तख़्ते के नीचे PQ जैसे ऊर्ध्वाधर आधार लगाए गए हैं, जिनमें P तख़्ते पर और Q भूमि पर है (आकृति देखिए)।

(i) △AQP∼△ABC क्यों है? कसौटी का नाम बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
- ∠A उभयनिष्ठ है और ∠AQP=∠ABC=90∘, अतः AA से समरूप हैं — 1 अंक
(ii) A से 1.5 m दूर, अर्थात् AQ=1.5 m पर लगे आधार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- BCPQ=ABAQ, अतः PQ=0.5×61.5=0.125 m, अर्थात् 12.5 cm — 1 अंक
(iii) 30 cm ऊँचे एक आधार की आवश्यकता है। इसे A से कितनी दूर लगाना होगा, और यह दीवार से कितनी दूर होगा? (2 अंक)
उत्तर।
- 6AQ=0.50.3, अतः AQ=3.6 m — 1 अंक
- दीवार से दूरी =QB=6−3.6=2.4 m — 1 अंक
अथवा
(iii) गोदाम को इसी ढाल वाला एक दूसरा तख़्ता 0.75 m ऊँचे मंच तक चाहिए। इसके लिए कितनी क्षैतिज दूरी चाहिए, और यह पहले तख़्ते से कितनी अधिक है? (2 अंक)
उत्तर।
- एक ही ढाल से समरूप त्रिभुज बनते हैं: 6x=0.50.75, अतः x=9 m — 1 अंक
- यह 9−6=3 m अधिक है — 1 अंक